अध्यक्ष सुकदेई बघेल ने मिशन और नल जल योजना पर मांगी विस्तृत जानकारी
बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की सामान्य सभा बैठक 29 सितंबर को आहूत की गई है। बैठक में जल जीवन मिशन और नल जल योजना के कार्यों में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा हावी रहेगा। जनपद अध्यक्ष सुकदेई बघेल इस मसले पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की क्लास लेने वाली हैं।
जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी ने बैठक का सरकूलर जारी कर सभी विभागों के अधिकारियों को बैठक में पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है। उधर जनपद अध्यक्ष सुकदेई बघेल ने सीईओ को पत्र लिखकर जल जीवन मिशन और नल जल योजना के तहत जनपद की ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की जानकारी, समग्र शिक्षा मद, खेल एवं शारीरिक शिक्षा मद एवं छत्तीसगढ़िया ओलंपिक मद की विस्तृत जानकारी एवं सभी विभागों की आय व्यय की जानकारी बैठक में रखवाने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि बकावंड विकासखंड में जल जीवन मिशन और नल जल योजना के कार्यों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सब इंजीनियर आलोक मंडल ने जमकर गड़बड़ी की है। ग्राम पंचायत गुमडेल व कोहकापाल में मिशन के कार्यों में भारी अनियमितता बारती गई है। इन दोनों पंचायतों में घटिया स्तर के पाईप लगाए जाने, बोर की गहराई कम रखकर ज्यादा गहराई का बिल बनाने, घटिया केसिंग और मोटर लगाने, नल स्टैंड पोस्ट निर्माण की गुणवत्ता का जरा भी ध्यान न रखने, जनपद पंचायत द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से बनवाई गई सीमेंट कांक्रीट सड़कों को खोदकर तहस नहस कर देने, टंकी व प्लेटफार्म निर्माण में घटिया सीमेंट का उपयोग करने जैसी शिकायतें मिली हैं। दोनों ही ग्राम पंचायतों के सरपंचों और ग्रामीणों की शिकायतों को विभागीय अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। अब सरगीपाल ग्राम पंचायत से भी ऐसी ही शिकायत सामने आई है। सरगीपाल के कुछ पंचों और ग्रामीणों ने बताया है कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाईप लाईन में लोकल पाईप डाले गए हैं और मुख्य सड़क को खोद दिया गया है। पीएचई के अधिकारी और ठेकेदार विरोध करने वाले ग्रामीणों को आतंकित भी करते हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जनपद अध्यक्ष सुकदेई बघेल से मामले की शिकायत की है। इसके बाद श्रीमती बघेल ने बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से पूरी जानकारी मंगाई है। माना जा रहा है कि जनपद पंचायत की बैठक में पीएचई के एसडीओ और सब इंजीनियर की जमकर खिंचाई हो सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पदाधिरियों को दी जिम्मेदारी
प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने जारी की सूची
जगदलपुर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा के अनुमोदन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने राज्य के लोकसभा क्षेत्रों और जिलों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रभारियों की सूची प्रदेश महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू ने जारी की।
आसन्न चुनावों के मद्देनजर ये नियुक्तियां की गई हैं। प्रदेश महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू द्वारा मंगलवार की देर शाम जारी सूची के मुताबिक प्रदेश महासचिव नीना रावतिया को बस्तर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, चित्रकोट, जगदलपुर विधानसभा क्षेत्रों और प्रदेश महासचिव यशवर्धन राव को बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कोंडागांव, नारायणपुर और बीजापुर विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व दिया गया है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के रायपुर दक्षिण, रायपुर उत्तर, रायपुर पश्चिम एवं रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर को दिया गया है। वहीं रायपुर लोकसभा क्षेत्र के ही धरसींवा, अभनपुर, आरंग, भाटापारा और बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी प्रदेश महासचिव दीपक दुबे को दी गई है। प्रदेश महासचिव दीपक मिश्रा को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सराईपाली, बसना, खल्लारी और महासमुंद विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व मिला है। प्रदेश महासचिव सकलेन कामदार को इसी लोकसभा क्षेत्र के धमतरी, बिंद्रानवागढ़, कुरुद और राजिम विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा दिया गया है। प्रदेश महासचिव शाहिद खान को राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के कवर्धा, पंडरिया, मोहला मानपुर और खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व दिया गया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष पीआर खुंटे को राजनांदगांव के ही राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव और खुज्जी विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा मिला है। अभा कांग्रेस कमेटी के सदस्य गिरीश देवांगन को दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के भिलाई नगर, वैशालीनगर, दुर्ग ग्रामीण, पाटन, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश महासचिव जितेंद्र साहू को दुर्ग शहर, साजा, नवागढ़ और बेमेतरा विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा दिया गया है। प्रदेश महासचिव रवि घोष को कांकेर लोकसभा क्षेत्र के कांकेर, भानुप्रतापपुर, सिहावा और अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्रों के हिस्से का प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष बीरेश ठाकुर को कांकेर लोस क्षेत्र के ही केशकाल, संजारी बालोद, डोंडी लोहारा, गुंडरदेही का दायित्व मिला है। प्रदेश महासचिव प्रशांत मिश्रा को कोरबा लोकसभा क्षेत्र के मरवाही, मनेंद्रगढ़, भरतपुर सोनहत, बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व दिया गया है। प्रदेश महासचिव द्वितेंद्र मिश्रा को कोरबा, रामपुर, कटघोरा, पाली तनाखार विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा दिया गया है। प्रदेश महासचिव वासुदेव यादव को रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव धरमजयगढ़ वाले हिस्से का और प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नी साहू को रायगढ़, लैलूंगा, खरसिया और सारंगगढ़ वाले भाग का प्रभारी बनाया गया है। अभा कांग्रेस कमेटी सदस्य सुमित्रा धृतलहरे को जांजगीर चांपा लोकसभा क्षेत्र के अकलतरा, जांजगीर चांपा, कसडोल और बिलाईगढ़ इलाके का एवं प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर शुक्ला को सक्ती, जैजैपुर, चंद्रपुर और पामगढ़ इलाके का दायित्व दिया गया है। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के मुंगेली, लोरमी, बिल्हा व तखतपुर इलाके की जिम्मेदारी प्रदेश महासचिव सीमा वर्मा को और प्रदेश महासचिव कन्हैया अग्रवाल को बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी व कोटा विधानसभा क्षेत्र वाले भाग का प्रभारी नियुक्त किया गया है। सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के सीतापुर, लुंड्रा, अंबिकापुर और सामरी क्षेत्र वाले भाग का प्रभारी प्रदेश महासचिव फुलकेरिया भगत को और रामानुजगंज, प्रेमनगर, भटगांव एवं प्रतापपुर इलाके की जवाबदेही प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव को दी गई है।
जगदलपुर और दरभा ब्लॉकों के लिए विधायक जैन ने की मोबाईल यूनिट रवाना
जगदलपुर संभागीय पशु चिकित्सालय जगदलपुर परिसर से पशुधन विकास विभाग के सर्व सुविधायुक्त एंबुलेंस को जगदलपुर एवं दरभा विकासखंडों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के तहत जिले के गोठनों में पशु संबंधित विभिन्न गतिविधियां संचालित है। पशु चिकित्सा विभाग जिला बस्तर के संयुक्त संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार नेताम ने इस योजना के संबंध में बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की स्थापना की गई है। हर विकासखंड हेतु एक सर्व सुविधायुक्त उपलब्ध एंबुलेंस वाहन में एक पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, एक सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी एवं एक वाहन परिचालक कम हेल्पर की नियुक्ति की गई है|
मोबाइल वाहन में पशु चिकित्सा संबंधी सभी जरूरी उपकरण, उपचार हेतु औषधि प्रतिबंधात्मक टीका द्रव्य, कृत्रिम गर्भाधान हेतु कंटेनर एवं अन्य उपकरण, रोग अन्वेषण हेतु रक्त पट्टी एवं गोबर की जांच आदि की सुविधा है। हर वाहन में एक बड़ी टीवी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीण पशु पालकों को दिखाई एवं सुनाई जाएगी। यह मोबाइल गाड़ी स्थानीय पशु चिकित्सा संस्थानों में पदस्थ अमले के साथ समन्वय स्थापित करते हुए हर दिन प्रत्येक विकासखंड के दो गोठानों में निर्धारित रोस्टर अनुसार शिविर आयोजित करेगा। शिविर में पशु उपचार, बधियाकरण, संक्रामक बीमारियों के बचाव हेतु टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान कार्य, डीटीकिंग, डिवर्मिंग, विभागीय व्यक्ति मूलक योजनाओं का प्रचार प्रसार कार्य प्रातः 8 बजे से शाम 4 बजे करेगी। प्रत्येक सप्ताह एक दिन रोस्टर के अनुसार अवकाश रहेगा।
जीपीएस ट्रेकिंग की सुविधा भी
हर वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी लगा हुआ है, जिससे राज्य स्तर पर एम्बुलेंस का लोकेशन रियल टाइम भी देखा जा सकेगा। इसके साथ ही राज्य स्तर पर एक कॉल सेंटर भी संचालित होगा, जिसमें तीन वेटरनरी डॉक्टर एवं 10 कॉल एग्जीक्यूटिव तैनात होंगे। यह कॉल सेंटर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा। इसका की टोल फ्री नंबर 1962 है। पशु पालक इस नंबर पर कॉल करके पशु चिकित्सा संस्थान से अपनी समस्या का समाधान एवं परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के समस्त चिकित्सा संस्थानों में पदस्थ वेटरनरी डॉक्टर, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के साथ-साथ सभी प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता कॉल सेंटर के सॉफ्टवेयर में मैप्ड किया जाएंगे। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के उद्घाटन कार्यक्रम में संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला बस्तर डॉ. देवेंद्र कुमार नेताम, संभागीय पशु चिकित्सालय के डॉ. विवेक नायक, डॉ. गीतिका ध्रुव, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी केआर कश्यप, मुकेश तिवारी, सुनील भटनागर, मंजू सारथी एवं संयुक्त संचालक कार्यालय के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी राकेश कुमार दुबे एवं अन्य फील्ड के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने दिया समर्थन
नगरनार एनएमडीसी के उपक्रम नगरनार स्टील प्लांट में उत्पादित लोहे के परिवहन का कार्य को स्थानीय आधार पर जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति को देने की मांग को लेकर बस्तर परिवहन संघ और जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति द्वारा लगातार धरना- प्रदर्शन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन को समर्थन देने संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन और शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य मंगलवार को यहां पहुंचे।
विदित हो कि बस्तर परिवहन संघ एशिया का सबसे बड़ा परिवहन संघ है और विगत पांच दशकों से भी अधिक समय से परिवहन व्यवसाय में अपनी सेवाएं दे रहा है। इसी तरह जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसानों की संस्था है, जो स्थानीय होने के आधार पर नगरनार स्टील प्लांट में परिवहन कार्य लेना चाहती है। एनएमडीसी अपने अधीन इस स्टील प्लांट में परिवहन का कार्य निजी हाथों को देना चाहता है। इसका क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि एनएमडीसी प्रबंधन नगरनार स्टील प्लांट प्रबंधन के लिए भू अधिग्रहण के समय से ही स्थानीय लोगों के हितों के विरुद्ध कार्य करता आ रहा है। प्लांट में भर्ती का मामला हो या स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात, एनएमडीसी प्रबंधन हमेशा ही दोहरा रवैया अपनाता आ रहा है। इसका हर स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस आपके साथ खड़ी है : मौर्य
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज हमेशा नगरनार स्टील प्लांट के प्रभावितों के पक्ष में खड़े हैं। चाहे विनिवेशीकरण का मुद्दा हो, या स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का, कांग्रेस हर समय आपके साथ है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने जब बस्तर परिवहन संघ को बंद कर हजारों लोगों की रोजी- रोटी छीनने का प्रयास किया, तब कांग्रेस परिवार ने ही परिवहन संघ का साथ दिया था। इस दौरान विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, बस्तर परिवहन संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाठक, सचिव महेंद्र सिंह नयन, जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति के अध्यक्ष बनमाली नाग, लैखन बघेल, सियाराम नाग, जलंधर नाग, घनश्याम महापात्र, रवि दास, धनुर्जय दास, संजय, हेमू उपाध्याय, अवधेश झा, विजय सिंह, शाहनवाज खान, रोहित जोशी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिवहन व्यवसायी उपस्थित थे।
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पर्यवेक्षक बनकर बस्तर मुख्यालय आये कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव श्रीवेल्ला प्रसाद के सामने स्थानीय विधायक और पूर्व शहरी जिलाध्यक्ष के समर्थकों के बीच हुए शक्ति प्रदर्शन को तत्काल प्रभाव से नियंत्रित कर ताजातरीन शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने अपनी संगठन क्षमता का परिचय देकर यह अहसास करा दिया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज ने क्यों रहते अपने घर में संगठन का नेतृत्व बदलकर तेजतर्रार युवा नेता मौर्य को जगदलपुर कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की कसौटी पर खरा उतरने कड़ाई दिखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। पर्यवेक्षक के आगमन पर राजीव भवन में जो नजारे सामने आए, उन्हें सामान्य राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह कोई गुटबाजी नहीं है।
यह महत्वाकांक्षाओं का प्रदर्शन है। विधानसभा चुनाव के लिए दमदार दावेदारों की दम देखने दिखाने के दौर में ऐसा कोई आश्चर्यजनक है। राजनीति में हर किसी की उम्मीदें होती हैं। अरमान मचलते हैं। जब चुनावी कला वीथिका में टिकट प्रदर्शनी का आयोजन हो तो हर कोई अपनी सामर्थ्य का प्रदर्शन करने की इच्छा को रोक नहीं पाता। राजीव भवन में कांग्रेस पर्यवेक्षक के सामने यही हुआ। स्थानीय विधायक रेखचंद जैन के समर्थकों और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा के समर्थकों द्वारा अपने अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी करते हुए जो किया गया, उसे रोकना बहुत जरूरी था। उत्साह अपनी जगह है लेकिन शिष्टाचार अपनी जगह है। उससे समझौता नहीं किया जा सकता। जगदलपुर में विधायक रेखचंद जैन का काम बोलता है। उनके समर्थन में शक्ति प्रदर्शन जाहिर तौर पर ज्यादा जोरदार रहा। पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष शर्मा के समर्थकों ने नारेबाजी कर पर्यवेक्षक के कान में यह बात डालने की कोशिश की कि शर्मा जी भी टिकट की लाइन में हैं। रेखचंद ने पिछला चुनाव 27 हजार से अधिक के अंतर से जीता था। तब उनके मैदानी संघर्ष का यह नतीजा आया था। अब तो उनके 5 साल के कामकाज की फेहरिस्त भी उनके साथ है। पूर्व शहर अध्यक्ष को कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक नियुक्ति के दौर में इंद्रावती प्राधिकरण की सौगात पहले ही दे रखी है। अब उनके समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन साफ संकेत है कि उनकी नजर अब रेखचंद की कुर्सी पर है। कहने वाले कह सकते हैं कि कांग्रेस में खुलकर गुटबाजी सामने आई है लेकिन दरअसल यह गुटबाजी नहीं, टिकट की खातिर शक्ति प्रदर्शन है। लोकतंत्र में हर राजनीतिक व्यक्ति को अपनी पार्टी के सम्मुख टिकट की दावेदारी पेश करने का हक है। किसे देना है, यह अधिकार राजनीतिक दलों का है। कांग्रेस में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे अवसर पर उत्साह हिलोरें मारने से कहां चूकता है? मगर नारेबाजी जब आपसी टकराव तक पहुंचने लगे तो उसे फौरन कंट्रोल करने की जरूरत होती है। जगदलपुर कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य ने यही किया। दोनों पक्षों के समर्थकों को शांत किया और स्थिति सम्हाली। जब मौर्य को जगदलपुर कांग्रेस की कमान सौंपी गई तब प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा था कि वे युवा हैं। समर्थ हैं। अच्छा काम कर सकते हैं। इसलिए उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। अब मौर्य ने दिखा दिया है कि दीपक बैज ने संगठन में बदलाव जिस मकसद से किया, वह पूरा हो रहा है।
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत तारापुर में सार्वजनिक और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे हैं। सरपंच और अधिकारी इन अवैध कब्जों को खुला संरक्षण दे रहे हैं। इससे गुस्साए सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार को जगदलपुर पहुंच गए, जहां उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई न होने की स्थिति में ग्रामीणों ने उग्र कदम उठाने की चेतावनी दी है।
बकावंड जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत तारापुर में बीते कुछ माह से अवैध कब्जों की बाढ़ आ गई है। कुछ स्थानीय रसूखदार ग्रामीण तथा अनेक बाहरी लोग गांव में स्थित सार्वजनिक प्रयोजन की जमीन, घासभूमि और सरकारी जमीन के साथ ही वन विभाग की जमीन पर भी लगातार अतिक्रमण करते जा रहे हैं। अवैध कब्जे की जमीन पर कोई मकान बना रहा है, कोई दुकान बना रहा है, तो कोई खलिहान बना ले रहा है। अतिक्रमण की वजह से गांव में बच्चों और युवाओं के खेल मैदान, नए शासकीय भवन बनाने के लिए और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जमीन नहीं बची है। चराई जमीन भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई है। गौवंश के चारे की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और कुछ अधिकारी अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। विरोध करने पर ग्रामीणों से दुर्व्यवहार किया जाता है। इससे ग्रामीणों में भारी असंतोष पैदा हो गया है और गांव में कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है। इस गंभीर मसले को लेकर तारागांव के दो सौ से भी ज्यादा ग्रामीण 26 सितंबर को जगदलपुर पहुंचे थे। इन ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमणों के खिलाफ तथा सरपंच व संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत करने जगदलपुर गए ग्रामीणों में बुधसिंह भारती, फाल्गुनी पटेल, तुलाराम पटेल, भारत पटेल, मंगल राम कश्यप, बलि भारती, मैधर भारती, लखबंधु, धनुर्जय, सुकुलधर, समुंद्र, दुर्जन,
महिला रायमती, सुखल, लीमबती, दयामती, सुखमती, कमल बती, गुरबारी समेत दो सौ से भी अधिक ग्रामीण शामिल थे।
नगरनार झाड़ेश्वर परिवहन सहकारी समिति द्वारा नगरनार स्टील प्लांट के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन में संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन व शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य भी पहुंचे। जैन और मौर्य ने आंदोलन को समर्थन दिया।
दल्लीराजहरा :- 12 मजदूरों द्वारा लगातार पिछले 22 दिनों से आमरण अनशन व क्रमिक भूख हड़ताल किया जा रहा था। जिसमें नगरपालिका के अड़ियल रैवये के कारण इनकी मांगो पर कोई सार्थक पहल नही हो पा रहा था। मामले की गम्भीरता को देखते हुवे भारतीय जनता पार्टी ने मजदूरों को खुला समर्थन देकर फ्रंट लाइन में आकर मजदूरों की लड़ाई लड़ी व उस लड़ाई को अंतिम परिणाम पर भी पहुँचाया पिछले 22 दिनों में प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियो से तीन बैठकों में कोई निर्णय नही निकलने के बाद भाजपा ने उग्र रूप अपनाते हुवे 26/09/2023 को चक्का जाम का करने का निर्णय लेते हुवे प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। जिसके बाद सुबह 11 बजे अनशन स्थल पर प्रशासन द्वारा पुनः चौथा बैठक आयोजित कर आंदोलनकारी श्रमिकों व भाजपा के नेताओं से चक्का जाम नही करने की बात कही गयी। परंतु भाजपा नेताओं ने श्रमिको को नगरपालिका में काम पर रखने के लिखित आश्वासन के बिना आंदोलन स्थगित करने से मना कर दिया गया। व सभी आंदोलनकारी व भाजपा नेताओं ने सुभाष चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुँच कर भाजपा के सदस्यों को बुलाना शुरू कर दिया जिसके बाद मजदूरों के हितों की बात को ध्यान में रखते हुवे जनमुक्ति मोर्चा के सदस्यों द्वारा भी चक्का जाम में सर्मथन हेतु दल बल के साथ पहुँचने लगे।
सैकड़ो की संख्या में लोगो के पहुँचने से व चक्का जाम के बाद के स्थिति को भांपते हुवे तत्काल दल्लीराजहरा के पुलिस प्रशासन की ओर से सीएसपी , थाना प्रभारी, डौंडी थाना प्रभारी व दल्लीराजहरा तहसीलदार हरकत में आये व उनके द्वारा पुनः SDM कार्यलय में पुनः आपात बैठक आयोजित किया गया व चक्काजाम कुछ देर टालने व अंतिम बार बैठक में आने का निवेदन किया गया। जिसमें आंदोलनकारी श्रमिक ,भाजपा नेताओ व मुख्य नगरपालिका अधिकारी को बुलाया गया। जिसे स्वीकार कर अंतिम बैठक में प्रतिनिधि मंडल शामिल हुवा लगभग 2 घण्टे की सार्थक चर्चा के बाद आंदोलनकारीयो के द्वारा किये गये मांगो को जायज करार देते हुवे इन 12 श्रमिको को लिखित में मुख्यनगर पालिका अधिकारी द्वारा पत्र दिया गया जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है। कि शासन से स्वीकृति आते ही इन 11 आंदोलनकारी मजदूरों को तत्काल नगरपालिका के प्लेसमेंट ठेका श्रमिक के रूप में कार्य पर रखा जायेगा। अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार व पुलिस प्रशासन के पहल से ही इस मामले का निराकरण निकल पाया नही तो नगरपालिका में बैठे लोग तो इन मजदूरों को मृत्यु के मुहाने पर पहुँचा ही चुके थे। नगरपालिका में इन मजदूरों को प्रथमिकता से काम देने के पत्र मिलने पर सभी आंदोलनकारीयो ने खुशी जाहिर करते हुवे सभी भाजपा नेताओ व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार व विशेष रूप से पुलिस प्रशासन का आभार माना इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी महामंत्री महेंद्र सिंह सांसद प्रतिनिधि राजेश दसोड श्याम जायसवाल सुजीत झा रमेश गुर्जर रामेश्वर साहू नेता प्रतिपक्ष बॉबी छतवाल, जिला मीडिया प्रभारी भूपेंद्र डहरवाल महेंद्र पिपरे, पार्षद राजेश कांबले सुरेश जायसवाल सुरेंद्र बेहरा,शंकर साहू मेवा पटेल भूपेंद्र श्रीवास सोनू ठगेल,जनार्दन सिंहरोल लीलावती साहू महिला मोर्चा अध्यक्ष गीता मरकाम, उषा आस्टीकर सुचित्रा दास,भाजयुमो अध्यक्ष संजीव सिंह एम एस श्रीजीत सांसद प्रतिनिधि मनन गुप्ता बंटी चोपड़े कासिम कुरैशी दमनदीप सिंह, मोहम्मद इमरान एम.अमन नदीम बडगूजर दुष्यंत पुरुषोत्तम ठाकुर जीवन साहू रोहित साहू राजकुमार गुप्ता प्रणव साहू
विधायक लखेश्वर बघेल हर साल अलग- अलग जगह करते हैं आयोजन
बकावंड विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल नवाखाई जोहार भेंट की बस्तरिहा परंपरा को कायम रखने पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं। विधायक चुने जाने के बाद से ही श्री बघेल बस्तर विधानसभा क्षेत्र की अलग अलग ग्राम पंचायत में नुवाखाई जुहार भेंट कार्यक्रम का सामूहिक आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने उलनार पंचायत के बाद इच्छापुर में यह आयोजन किया।
नुवाखाई जुहार भेंट करने इच्छापुर पहुंचे विधायक लखेश्वर बघेल का सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों द्वारा मेन रोड पर गाजे बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। मेन रोड से पैदल एक किलोमीटर दूर आयोजन स्थल तक श्री बघेल को ले जाया गया। जहां 28 पंचायतों से आई माता बहनों को नमन करते हुए विधायक ने नुवाखाई मिलन समारोह की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। बघेल ने माता दंतेश्वरी व ग्राम देवी की पूजा अर्चना कर सभी लोग की सुख समृद्धि की कामना की।नुआखाई जुहार भेंट कार्यक्रम इच्छापुर में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद विधायक लखेश्वर बघेल हल्बी गीत “बाली फूल झलमल मल-मल काय रशना मोचो सोन पखना” पर जमकर थिरकने लगे। उन्हें नाचते देख ग्रामीण उत्साहित हो उठे। तालियों की गडगड़ाहट से आयोजन स्थल गूंजने लगा। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के कार्यकर्त्ता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, युवा, राजीव युवा मितान क्लब के लोगों ने सहभागिता देकर आयोजन को सफल बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दल्लीराजहरा युवा बेरोजगार संघ दल्ली राजहरा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज युवा बेरोजगार संघ के तत्वावधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम जैन भवन चौक में रखा गया था कार्यक्रम की शुरुआत सभी युवाओं ने नगर देव राजहरा बाबा मंदिर में दर्शन कर कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर किया और ईस आंदोलन का शंखनाद किया। तत्पश्चात नगर देव राजहरा बाबा मंदिर से सभी युवा बाईक रैली के माध्यम से नगर भ्रमण करते हुए राजहरा खदान समूह के माईंस आफिस में पहुंच कर वहां नारेबाजी की तत्पश्चात मुख्य महाप्रबंधक खदान आर बी गहरवार से उनके सभागार में युवा बेरोजगार संघ के साथियों ने उनसे अपने ज्ञापन के संबंध में विस्तार से चर्चा की और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा और उनसे आग्रह किया कि इसपर त्वरित कार्यवाही की जावे। इसके बाद युवा बेरोजगार संघ के युवाओं काफिला वहां से निकल कर नया बाजार होते हुए बस स्टैंड चौक पहुंचा और फिर वहां से एस डी एम राजहरा के कार्यलय पहुंच कर अपने मांगों को लेकर नारेबाजी की और उसके बाद एस डी एम राजहरा सुरेश कुमार साहू को कलेक्टर के नाम अपना ज्ञापन सौंपा और ज्ञापन की प्रतिलिपि एस डी एम सुरेश कुमार साहू को भी दिया।
ज्ञापन के माध्यम से युवा बेरोजगार संघ ने भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदान समूह राजहरा खदान समूह के अंतर्गत आने वाले खदानों में राजहरा नगर के युवा बेरोजगारों को नौकरी में प्राथमिकता देने की मांग की। तत्पश्चात युवा बेरोजगार संघ के युवा बाईक रैली से जैन भवन चौक पहुंचे और वहां एक सभा का रूप ले लिया और सभा को कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुश्ताक अहमद ने संबोधित किया और अपने सारगर्भित उद्बोधन में सभा को ज्ञापन के विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
युवा बेरोजगार संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि
राजहरा नगर के युवा बेरोजगारों के हितार्थ ज्ञापन सौंपकर जिलाधीश के समक्ष निम्न तथ्यों को रखते हुए यह अपेक्षा किया है कि हमारे ज्ञापन पर सहनभूतिपूर्ण विचार कर समस्या के निराकरण हेतु समुचित पहल करेंगे। मुश्ताक अहमद ने बताया
की आज राजहरा खदान समूह के विभिन्न खदानों में ठेकों के माध्यम से सैकड़ों काम बीएसपी प्रबंधन द्वारा निकाले जा रहे हैं। कुछ क्षेत्र विशेष में बीएसपी प्रबंधन द्वारा निकाले गए ठेकों में यह कहा जाता है कि उक्त कार्य में प्रशासन (कलेक्टर/एसडीएम) द्वारा खदान के लाल पानी से प्रभावित लोगों की सूची दी गयी है और उन्ही लोगों के लिए यह कार्य निकाला गया है। अतः नगर के अन्य नए बेरोजगारों को काम देना संभव नहीं है। प्रबंधन के उक्त कथन से कई प्रश्न और जटिल समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं जो निम्नानुसार हैं –
(1) आज राजहरा के खदानों से निकल रहे अयस्क से न केवल प्रदेश का बल्कि देश का चहुँमुखी विकास हो रहा है।
(2) प्रदेश एवं देश के हो रहे इस क्रमोत्तर विकास में नगर के लोग भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं वे आज अपने बेरोजगार बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। विभिन्न खदान समूहों में चल रहे विभिन्न ठेकों में इनके बच्चों को कार्य न मिलने से इनके अंदर कुंठा की भावना जागृत हो रही है।
(3) प्रदेश एवं केंद्र सरकार द्वारा समय समय पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं अथवा वाशिंदों के लिए विभिन्न योजनाएं लायी जाती हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के सैकड़ों अवसर निर्मित होते हैं। किन्तु यह बहुत ही विडम्बना की बात है कि इन योजनाओं में शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए कोई जगह नहीं होती है।
(4) आज बीएसपी द्वारा जिन क्षेत्रों में खदान संचालित किया जा रहा है वहां भूमि अधिग्रहण के समय निजी क्षेत्रों एवं प्रभावित ग्रामों के लोगों को न केवल मुआवजा दिया गया बल्कि उनके घर वालों/आश्रितों को बीएसपी में नौकरी भी दी गयी थी। हमारी मांग है कि उन्हें बीएसपी में नियमित रूप में नौकरी दी जावे मगर राजहरा के युवाओं को भी रोजगार दिया जावे।
(5) नगर के हम बेरोजगार ग्रामीण युवाओं/ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार मिलने के खिलाफ नहीं हैं किन्तु किसी भी कार्य में समानता का आभाव विद्वेष की भावना पैदा करती है। आज राजहरा/दल्ली,झरनदल्ली/महामाया/दुलकी खदानों में लाल पानी के नाम पर ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने हेतु राज्य शासन/राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारी जिस तरह से बीएसपी प्रबंधन पर दवाब डालते हैं और इसमें नगर के कुछ श्रम संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हैं उससे नगर के युवा बेरोजगारों में राज्य सरकार/राज्य प्रशासन/बीएसपी प्रबंधन के विरुद्ध एक गुस्सा पनप रहा है।
(6) इससे पहले की स्थिति विस्फोटक हो और किसी तरह की कानून व्यवस्था की बात आये, नगर के हम सभी बेरोजगार आपसे यही आशा रखते हैं की क्षेत्र के मुखिया होने के नाते आप नगर के बेरोजगारों के लिए भी कुछ सोंचें और बीएसपी प्रबंधन द्वारा अथवा शासन द्वारा निकाले जाने वाले किसी भी निविदा में ग्रामीण (लाल-पानी प्रभावित) एवं राजहरा नगर क्षेत्र के बेरोजगारों को बराबर का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें।
और युवा बेरोजगार संघ का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर आपकी अध्यक्षता में राज्य शासन के अधिकारी, बीएसपी प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करके समस्या का एक सार्थक हल निकालने हेतु हमेशा तैयार है। हमें आशा एवं पूर्ण विश्वास है कि हम शहरी बेरोजगारों के इस वाजिब मांग पर आप हर संभव सार्थक पहल करते हुए हमें उपकृत करेंगे । कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर साहू ने किया और आभार प्रदर्शन युवराज साहू और हिरामन साहू ने किया।ईस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुमीत कुमार, मनोज कुमार,डिकेश कुमार, संतोष कुमार,नीरज कुमार,साजन कुमार, मुकेश कुमार,डोमेन्द्र कुमार, नीलेश, हिमांशु कुमार, बसंत कुमार एवं अन्य सैकड़ों की संख्या में युवा बेरोजगार साथी उपस्थित थे।