जिलाध्यक्ष अनु. जनजाति मोर्चा व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने रेडी टू ईट मामले में लगभग 20000 महिला समूह से काम छीनकर कर छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक करोड़पति ठेकेदार को काम दे दिया है एक ही व्यक्ति को व्यापार देने के कारण 20000 स्व सहायता समूह का काम बंद करना सरकार की सोच को उजागर करता है। ध्रुवे ने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना से 7लाख 60 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को मिलना था जिसमें छत्तीसगढ़ का 11 हजार करोड़ का लाभ होता यह योजना वापस चली गई क्योंकि इसके लिए राज्य सरकार के पास पैसा नहीं है । ध्रुवे ने कहा कि राज्य सरकार के पास शराब पिलाने और शराब के ठेकेदारी के लिए पैसा है लेकिन गरीबों के आवास के लिए उनके पास पैसा नहीं है ।उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों के विपरीत काम कर रही है धान खरीदी के लिए बार दाने के संकट को लेकर विक्रम ध्रुवे जी ने कहा कि 15 वर्ष तक राज्य में भाजपा की सरकार थी लेकिन कभी एक दिन भी बार दाने का संकट राज्य में नही आया है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार हर चीज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषी करार देती है यह बिल्कुल गलत बात है। कांग्रेस की भूपेश सरकार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
बालोद। बालोद जिला के पीपरछेड़ी सहकारी सोसायटी केंद्र में किसानों के साथ हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली और कुप्रबंधन के कारण यह घटना हुआ है। धान खरीदी की व्यवस्था में भूपेश सरकार की नाकामी का कारण है कि किसानों के धान खरीदी में 1 माह की देरी करना उसके बाद भी किसानों के प्रति सिर्फ राजनीति करनी वाली भूपेश सरकार अब तक उचित व्यवस्था खरीदी की लेकर नही बना पाई है।
भाजपा युवा मोर्चा जिला के पूर्व अध्यक्ष अमित चोपड़ा ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर फेसबुक पर यह विडियो डाला……
धान खरीदी जब 1माह देरी से करना था तो किसानों टोकन का वितरण सिर्फ 1 सप्ताह पहले क्यों किया जा रहा है। दिसम्बर में किसानो का धान बारिश से प्रभावित हुआ, फिर बारदाने की व्यवस्था में नाकामी अब किसानों को धान बेचने में अव्यवस्था से मानसिक रूप से मारने की तैयारी।
भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष तोमन साहू ने पीपरछेड़ी सोसायटी केंद्र में धायल प्रत्येक किसानों को 10 लाख राहत मुवाज़े की मांग किया नही तो बालोद जिला के प्रत्येक सोसायटी केंद्रों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जल्द ही बालोद कलेक्ट्रेट की धेराव किया जाएगा
(अर्जुन झा) जगदलपुर – संसद के शीत सत्र के पहले ही दिन बस्तर लोकसभा क्षेत्र के युवा सांसद दीपक बैज ने सदन के भीतर और बाहर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला। संसद के शीतकालीन सत्र की आज हंगामेदार शुरुआत हुई। कांग्रेस ने कृषि कानूनों के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस संसदीय दल के तीन कृषि कानूनों की वापसी, समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को मुआवजा की मांग के साथ ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर केंद्र सरकार का कड़ा विरोध करते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बस्तर सांसद दीपक बैज ने तीखे तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। गौरतलब है कि पिछले सत्र में भी बस्तर सांसद दीपक बैज ने किसानों के मुद्दे पर सरकार पर जमकर निशाना साधा था। नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के मामले में भी उन्होंने बस्तर और छत्तीसगढ़ के हित में प्रभावी तरीके से आवाज बुलंद की थी। वर्षों बाद बस्तर की दहाड़ दिल्ली में गूंज रही है। किसानों के हक में बस्तर सांसद दीपक बैज की आक्रामकता दिल्ली में आकर्षण का विषय बन रही है।
लोकसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ
कांग्रेस के संसदीय दल ने तीन काले कृषि कानून, MSP पर गारंटी कानून,शहीद किसानों को मुआवजा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर केंद्र सरकार का कड़ा विरोध करते हुए गाँधीजी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किए |
बस्तर सांसद दीपक बैज ने संभाला एक बार फिर संसद के भीतर और बाहर मोर्चा |
कांग्रेस के जोरदार हंगामे के कारण शीतकालीन सत्र का पहला दिन दोपहर 2 बजे के बाद लोकसभा की कार्ययवाही फिर शुरू हुई लेकिन 30 नवंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
अँधेरे में हो सकती है कोई अप्रिय घटना, ज़िम्मेदार होगा कौन?
जगदलपुर
शहर के कई मार्गों में विगत कई दिनों से खम्बों में बिजली नहीं होने की वजह से राहगीरों और वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पीड़ित राहगीरों और वार्डवासियों की माने तो वो दिन अब दूर नहीं जब अँधेरे का फायदा उठाकर शहर में कोई अप्रिय घटना हो सकती है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शहर के नया पारा, एअरपोर्ट मार्ग सहित कुछ अन्य स्थलों में विगत कुछ दिनों से खम्बों में बिजली नही है. गौरतलब हो कि शहर के कई बिजली खम्बे निगम के अंतर्गत आते हैं, जिनके बिजली बिल का भुगतान निगम को करना होता है और कई वर्षों से भुगतान नहीं होने की वजह से अब यह राशि करोड़ों में पहुँच गयी है, जिसके कारण बिजली विभाग द्वारा बिजली काट दी गयी है. यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि नया पारा इलाके में रात के बजाय दिन में खम्बों की लाइट जल रही थी.
पीड़ित राहगीरों और वार्डवासियों का कहना है कि बिजली नहीं होने की वजह से महिलाओं और बच्चों पर जान-माल का खतरा मंडरा रहा है जिससे निश्चित ही आगामी दिनों में इन पर अप्रिय घटना हो सकती है जिसे नाकारा नहीं जा सकता.
इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी लेने के लिए निगम व बिजली विभाग के सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की गयी लेकिन खबर प्रकाशित होने तक उनसे संपर्क नही हो सका.
दल्लीराजहरा – नायाब तहसीलदार की उपस्थिति में सड़क किनारे बढ़े दुकानों को समेटने नगर पालिका ने दुकानदारों को चेतावनी दी | नगर पालिका ने आज सोमवार को शहर में सड़क किनारे अतिक्रमण कर रास्ता जाम करने वाले दुकानदारों को हटाया। दुकानदारों द्वारा इस प्रकार रोड पर सामान रखने से आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना घटने की आशंका बनी रहती है उसे देखते हुए नायाब तहसीलदार की उपस्थिति में नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण मुहिम चलाई गई | मुहिम शुरू होते ही दुकानदार अपना-अपना सामान समेटने लगे। नायाब तहसीलदार के साथ नगरपालिका कर्मचारी व पुलिस वाले भी मौजूद थे |
बस्तर पुलिस को नयापारा में मकान में चल रहे जुआ के फड़ पर रेड कार्यवाही कर 03 जुआड़ियों पर कार्यवाही करने में सफलता हासिल हुई है. ज्ञात हो थाना सिटी कोतवाली को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ जुआड़ी आसना में ताश के पत्तो पर रूपये पैसे का दांव लगाकर जुआ खेल रहे है, सूचना पर टीम तैयार कार्यवाही हेतु रवाना किया गया था, उक्त टीम के द्वारा दर्शित स्थल पर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया । रेड कार्यवाही के दौरान 03 जुआड़ी जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गये जिनके फड़ एवं पास से 12,000/-रूपये नगद एवं ताश के पत्ते बरामद किया गया. जिनसे पूछताछ करने पर अपना नाम विनय कुमार साहा, हेमंत कवि एवं शैलेंद्र बघेल बताए एवं पूछताछ करने पर आरोपियों के द्वारा रुपये-पैसे का दाम लगाकर जुआ खेलना स्वीकार किया गया है. उक्त 03 आरोपियों के विरूद्व सार्वजनिक जूआ एक्ट धारा 13 के तहत अपराधिक प्रकरण पंजीबद्व कर गिरफ्तार कर कार्यवाही किया गया है.
ओडिशा के कोटपाड़ में सरपंच सहित 250 बीजेडी कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए
जगदलपुर
जनमानस में अपनी विशेष छाप छोड़ चुके जगदलपुर के वर्तमान विधायक की लोकप्रियता अब सिर्फ जिले मे ही नही बल्कि समीपवर्ती राज्य उड़ीसा मे बरकरार हो गयी है़। जिसका खासा प्रमाण कल कोटपाड़ मे कांग्रेस द्बारा आयोजित एक सम्मेलन मे देखने को मिला।
श्री जैन के ओजस्वी भाषण एवं मिलनसार कार्यशैली से प्रभवित होकर लगभग कोटपाड़ विधानसभा से तीन सौ लोगो ने कांग्रेस की सदस्यता ली। दरअसल श्री जैन अक्सर कोटपाड़ के विभिन्न आयोजन मे हिस्सा लेने जाते रहे है़. जिनसे युवाओ मे उनकी एक विशेष पैठ बन चुकी है़। हर कोई अपने नेता के रूप मे सहज और मिलनसार व्यक्ति को देखना चाहता है़। श्री जैन ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और भूपेश बघेल की कई नीतियो के बारे मे विस्तार से उन्हे बताया। जैन ने ये भी बताया की किस तरह पंद्रह साल से छत्तीसगढ़ मे भी कांग्रेस ने संघर्ष किया, कितने अत्याचार सहे लेकिन अंतत: सत्य की जीत हुई और आज प्रदेश मे कांग्रेस की सरकार है़ और सभी बर्ग के लोग काफी खुशहाल जिंदगी बसर कर रहे हैं |
इस दौरान तारप्रसाद वाहिनिपति, भुजबल मांझी, मीनाक्षी वाहिनिपति, मुना त्रिपाठी, प्रकाश महंती, शंकर राव, बपुन त्रिपाठी, मानी प्रसाद पटनायक उपस्थित रहे.
जगदलपुर। बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में जनजागरण पदयात्रा अभियान बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बोरपदर पहुंची जहां कांग्रेसियों के द्वारा जोशिला स्वागत किया गया। उनके साथ बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल भी पहुंचे। बकावंड ब्लाक के बोरपदर से बेड़ाउमर गांव, किंजोली, मूली, बोरीगांव, मटनार, करपावंड में कांग्रेसियों ने बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया। श्री लखमा ने पदयात्रा के दौरान केंद्र सरकार की नाकामियों को जन-जन पहुंचाने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी। उन्होंने सभा को संबोधित करते कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनी है तब से आदिवासी क्षेत्रों का विकास दोगुनी गति से हो रहा है। जब कि केन्द्र सरकार की गलत नीतिओं के कारण बस्तर वासियों को मंहगाई झेलना पड़ रहा है। प्रदेश के मुखिया ने कई लाभकारी योजनाएं चलाई है। बस्तर के वनोपज से बनने वाले खाद्य पदाथोंर् की अलग पहचान बनी है। चिराग योजना से बस्तर की महिलाओं को रोजगार का भरपूर अवसर मिलेगा। जनजागरण पदयात्रा अभियान में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष करपावंड उत्तम नाइक, बस्तर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गणेश बघेल, फतेसिंह परिहार, जानकीराम सेठिया, चंपा ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि जगमोहन बघेल, बकावंड जनपद पंचायत अध्यक्ष
सुखदेई बघेल, शोभाराम मारकंडे, कविता साहू, विक्रम डांगी, जानकी राम भारती, अर्जुन पाण्डेय, रामया राम मौर्य, नोज गुप्ता, विजय दास, गोपाल, जयमन देवांगन, गणेश भारती, कुपुर कमलेश पाठक, आयतुराम भारती, शोभामनी दास, डमरूधर बघेल व ग्रामीण और कार्यकर्ता शामिल थे। विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ गोबर खरीदने वाली पूरे विश्व में पहली सरकार है। बीते दिनों में भूपेश बघेल ने पंचायत व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए पंचायत पदाधिकारियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। शिक्षाकर्मियों का दो वर्ष पूर्ण होने पर संविलियन किया गया। वहीं केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के द्वारा की गई महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा में नाकामी, नोटबंदी, ये सभी मोदी सरकार की नाकामियों को दर्शाता है। पदयात्रा में शामिल जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य ने प्रदेश सरकार के 3 सालों की उपलब्धियों को बताते हुए ग्रामीणों को लोकहित योजनाओं से रूबरू कराया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो कहा सो किया। उन्होंने केन्द्र सरकार पर हल्ला बोलते हुए प्रदेश सरकार के सफलताओं के साथ केंद्र सरकार के द्वारा की गई महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा में नाकामी, नोटबंदी जीएसटी, निजीकरण आदि सभी मोदी सरकार की झूठी बातों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सुरेश रावल, मीडिया सलाहकार
कोंडागांव। आज एक बार फिर कोंडागांव जिले में पधार रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जिलावासियों को अपेक्षा है की जिले के सर्वांगीण विकास का पथ प्रशस्त करते लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए करोड़ों की सौगात देने के सांथ-सांथ कोंडागांव जिला में राजस्व बंदोबस्त कराने की जन अपेक्षित मांग पर बंदोबस्त कराने के किए गये अपने घोषंणा को एक तय समयावधि में पूरा कराने हेतु सार्थक पहल प्रारंभ करवायेंगे। स्मरणींय है कि पिछले 26-27 जनवरी को जब मुख्यमंत्री कोंडागांव जिला मुख्यालय और जिला अंतर्गत बडेराजपुर ब्लाक के कोंगेरा पधारे थे तब कोंडागांव विधानसभा के विधायक एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं केशकाल विधानसभा के विधायक व बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष संतराम नेताम सहित जनप्रतिनिधियों समाज प्रमुखों ने जिले में 1927के बाद से बंदोबस्त न हो पाने से होने वाली समस्याओं की तरफ ध्यान आकर्षित करते जिले में बंदोबस्त कराने की मांग प्रमुखता से उठाया था। जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी गंभीरता से लेते हुए जनसभा में बंदोबस्त कराने की घोषंणा किया था। मुख्यमंत्री के द्वारा घोषंणा करने के बाद आम जन को राजस्व विभाग के अमले को यह उम्मीद जाग्रृत हुई थी कि जिले में बंदोबस्त हो जायेगा और पिछले कयी दशकों से बंदोबस्त न हो पाने के भोग रहे अभिशाप से मुक्ति मिल जायेगा। मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाएं समय के सांथ धीरे धीरे पूरी होने लगी और जिलावासियों को सौगात मिलने लगी पर बंदोबस्त कराने का बड़ा और पेचिदा काम आरंभ नहीं हो पाया और समस्याऐं यथावत बनी हुई हैं जिसके चलते लोगों के उम्मीद की आश बस मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ही टिकी हुई है की वो ही चाहेंगे तभी हमारे जिले का बंदोबस्त हो पायेगा।
बंदोबस्त न हो पाने से समस्या ही समस्या
कोंडागांव जिला का 1927 के बाद बंदोबस्त नहीं हो पाया ।जिसके चलते जिले की 1927 की भौगोलिक स्थिती और वर्तमान स्थिती परिस्थिति में जमीन आसमान का अंतर आ गया है। जमीन का पूरा रिकार्ड अस्त व्यस्त जीर्ण शीर्ण हो गया है अनेकों जगह का नक्शा ही अपना अस्तित्व खो चुका है। जिसके चलते पटवारी भूस्वामी की जमीन का सीमांकन करने एवं प्रतिवेदन दे पाने में खुद को असमर्थ पाते हैं। जिसके चलते जमीन को लेकर लंबे समय चल रहे विवादों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। 1927 में जंहा पर बड़े झाड़ जंगल छोटे झाड़ जंगल और श्मसान घाट तालाब था वंहा पर आज घनी बस्ती आबाद हो चुकी है ।पुराने रिकार्ड के चलते आज लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छोटे झाड़ जंगल बड़े झाड़ जंगल श्मसान तालाब दर्ज जिस जमीन पर लोग पिछले कयी दशक से रह रहे हैं वंहा का न भू स्वामी हक मिल पा रहा है और न आवास योजना एवं अन्य योजना का लाभ मिल पा रहा है।इस तरह से देखने में आ रहा है की बंदोबस्त न हो पाने से जिले की जनता और राजस्व अमला के सामने समस्या ही समस्या पैदा हो रहा है जिसका वैकल्पिक कोई इलाज भी नहीं है।
आसान काम नहीं है बंदोबस्त
1999 के पूर्व अविभाजित मध्यप्रदेश में एक अलग से बंदोबस्त विभाग ही था जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मितव्ययिता के नाम से अचानक बंद कर दिया गया। उस समय कोंडागांव जिला की बजाय तहसील का दर्जा प्राप्त था और कोंडागांव का बंदोबस्त हो पाता उसके पूर्व ही बंदोबस्त विभाग ही बंद हो गया।
2017 में वनग्राम से राजस्व ग्राम घोषित गांव का आज तक नहीं हो पाया बंदोबस्त
बंदोबस्त का काम बहुत ही सावधानी भरा और पेचिदा होता है बंदोबस्त विभाग खत्म कर दिये जाने के कारंण अब बंदोबस्त का काम भी वर्तमान राजस्व अमले को ही करना पड़ रहा है। राजस्व विभाग का अमला पहले से ही स्टाफ की कमी भोगते काम के बोझ में दबा हुआ है जिसके पास अपना नियमित काम निपटाने के लिए ही समय नहीं रहता। छत्तीसगढ़ में 2017 में वनग्राम को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया गया। जिनका आज तक सही ढंग से बंदोबस्त नहीं हो पाया है क्योंकि हवाई सर्वे से प्राप्त नक्शे को प्रमाणिंत करने पटवारी को मौके तक जाकर देख परखकर अभिलेख दुरूस्त करना होता है जो सहज सरल नहीं होता।
कोंडागांव जिले के 500 से अधिक गांव के बंदोबस्त के लिए जरूरी होगा स्टाफ का
कोंडागांव जिला का बहुप्रतीक्षित बंदोबस्त का काम कराना वर्तमान स्टाफ से करा पाना संभव नहीं होगा। जिले के 500से अधिक गांव का सुव्यवस्थित ढंग से बंदोबस्त करते हूं अभिलेख तैयार करने के लिए जिला से लेकर फिल्ड तक काम करने के लिए प्रर्याप्त स्टाफ की जरूरत होगा जिन्हें बकायदा प्रशिक्षंण देकर बंदोबस्त में लगाना पड़ेगा तभी अपेक्षानुरूप ठिक ठाक ढंग से बंदोबस्त हो पायेगा नहीं तो बंदोबस्त हो जाने की कल्पना महज लोक लुभावन चुनावी घोषणापत्र की भांति ही दिवास्वप्न बनकर रह जायेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कोंडागांव पधार रहें हैं और जिला के लोगों को उम्मीद है की प्रदेश की राजनीति में खास स्थान रखने वाले कोंडागांव विधानसभा के विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और केशकाल विधानसभा के दबंग विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम एवं पार्टी संगठन के प्रभावी पदाधिकारीगंण अपने जिले का बंदोबस्त कराने की जरूरत को प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर उनके द्वारा बंदोबस्त कराने को लेकर किये गये घोषंणा को साकार कराने के लिए सार्थक पहल प्रयास करेंगे और मुख्यमंत्री से भी उम्मीद है की वो अपनी घोषंणा को असली जामा पहनाते पूरा कर जिलावासियों के दशकों की समस्या को दूर करेंगे।