दल्ली राजहरा में डिगेश्वर साहू उर्फ़ डिग्गे उम्र 26 वर्ष नाम का युवक जो कि वार्ड क्रमांक 9 डी ए वी स्कूल के सामने निर्माणाधीन पानी टंकी के पास रहता है उसने आत्महत्या कर ली है | आत्महत्या का कारण अज्ञात है | पुलिस अभी मौके पर नहीं पहुंची है |

दल्ली राजहरा में डिगेश्वर साहू उर्फ़ डिग्गे उम्र 26 वर्ष नाम का युवक जो कि वार्ड क्रमांक 9 डी ए वी स्कूल के सामने निर्माणाधीन पानी टंकी के पास रहता है उसने आत्महत्या कर ली है | आत्महत्या का कारण अज्ञात है | पुलिस अभी मौके पर नहीं पहुंची है |

संभल यूपी – कोरोना वायरस के कराण देशभर में लगे लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के संभल में सपा नेता और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। संभल में सपा नेता छोटेलाल दिवाकर और उनके बेटे की जमीनी विवाद में गोली मारकर सरेआम हत्या, आरोपी मौजूदा ग्रामप्रधान का पति है, फिलहाल फरार है| संभल के बहजोई थाना इलाके में हुए इस डबल मर्डर से हड़कंप मच गया। हत्या के पीछे मनरेगा के तहत बनाई जा रही सड़क का विरोध बताया जा रहा है। गांव के ही कुछ दबंग इस सड़क का विरोध कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक के साथ ही आईजी भी मौके पर पहुंचे हैं, हालांकि हत्यारोपी अभी पुलिस पकड़ से दूर हैं।
समाजवादी पार्टी के नेता छोटे लाल दिवाकर की पत्नी गांव की प्रधान हैं। ऐसे में उनका भी ज्यादातर काम छोटेलाल दिवाकर ही देखते थे। छोटे लाल दिवाकर मंगलवार की सुबह अपने बेटे सुनील दिवाकर के साथ गांव की आबादी के बाहर मनरेगा से बन रही सड़क का जायजा लेने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ दबंग वहां पहुंच गए और आगे अपने खेत होने का हवाला देते हुए सड़क निर्माण का काम आगे न बढ़ाने की हिदायत दी। जब छोटे लाल दिवाकर ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तब दबंगों ने छोटे लाल दिवाकर की गोली मारकर हत्या कर दी।
दल्लीराजहरा तथा नगर पंचायत क्षेत्र चिखलाकसा में मंगलवार दिनांक 19.05.2020 की मध्यरात्रि तक पेट्रोल पंप, चिकित्सा संस्थान, मेडिकल दुकान, ए.टी.एम. तथा दुग्ध दुकान के अतिरिक्त समस्त संस्थानों को बंद रखने एवं दल्लीराजहरा नगरपालिका के वार्ड कं 02 एवं 24 में उपरोक्त अवधि में पूर्णरूप से लॉकडाउन (उपरोक्त उल्लेखित संस्थानों को भी बंद किया जाना) घोषित किया गया था ।
अब संकमण के दृष्टिगत इससे बचाव व रोकथाम को देखते हुए 21/May/2020 मध्यरात्रि तक समय सीमा बढ़ा दी गई |

दल्ली राजहरा – नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के डॉक्टर बेटे अपूर्व वर्मा जो कि मुंबई के भाभा बांद्रा अस्पताल में चिकित्सक है और कोरोना महामारी के इस दौर में अपनी सेवाएं दे रहे है एवं ईएनटी सर्जन के रूप में एक वर्ष से कार्यरत है |
डॉक्टर अपूर्व अस्पताल से ड्यूटी पूरी कर रात को १० बजे जब घर जा रहे थे तभी रास्ते में मोटरसाइकिल से आये दो युवक अपूर्व से हाथापाई कर मोबाइल लूट कर भाग गए तभी एक अन्य युवक उनका पीछा करने की कोशिश किया पर उसे भी वे लोग गिरा कर भाग गए | मुंबई जो कि कोरोना की दृष्टि से बहुत बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है पूरा शहर इन चिकित्सको के भरोसे ही है जो अपनी जान की बाजी लगाकर अपना कार्य कर रहे है यदि इन्हे सुरक्षा न मिले तो कोरोना संक्रमितों का क्या होगा, महाराष्ट्र सरकार को इन पर ध्यान देना होगा इनके ड्यूटी पर आने जाने के समय सुरक्षा मुहैया कराना चाहिए |
रायपुर – छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 43 विशेष ट्रेनों की सहमति दी। श्रमिकों का आने का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक 11 स्पेशल ट्रेन 16 हजार 254 श्रमिकों को लेकर छत्तीसगढ़ आ चुकी हैं। जैसे-जैसे अन्य राज्यों से अनुमति मिलती जाएगी ट्रेनों का संचालन क्रमशः चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
स्पेशल ट्रेन पहुचनें पर राज्य के निर्धारित स्टेशनों में थर्मल स्क्रीनिंग, भोजन पानी तथा उन्हें अपने गंतव्य स्थान पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था भी संबंधित जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। ग्राम पंचायतों में इन श्रमिकों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। गांव पहुंचने पर इन सेन्टरों में श्रमिकों के रहने और भोजन का इंतजाम किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लेकर अहमदाबाद गुजरात से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, नम्बूर विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर, अमृतसर पंजाब से बिलासपुर-चांपा, लखनऊ उत्तरप्रदेश से बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर के लिए तीन ट्रेन, और विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर-चांपा सकुशल आ चुकी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में श्रमिकों के लिए जो स्पेशल ट्रेन प्रस्तावित हैं उनमें
17 मई को दिल्ली से बिलासपुर, लखनऊ-रायपुर, इलाहाबाद उ.प्र. से बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, खेड़ा नाडियाड गुजरात से बिलासपुर-चांपा और भोपाल से रायपुर, बिलासपुर तथा वाइजैग आन्ध्रप्रदेश से रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा ट्रेन पहुंचने की संभावना हैं।
18 मई को हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग, रायपुर बिलासपुर चांपा, इलाहाबाद उत्तरप्रदेश से बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग बिलासपुर, रायपुर, और विरामगम अहमदाबाद गुुजरात से भाटापारा बिलासपुर, चांपा स्टेशन स्पेशल ट्रेनों का आगमन होगा।
19 मई को मेहसाणा गुजरात से बिलासपुर-चांपा, दिल्ली से बिलासपुर, रायपुर एवं पूणे महाराष्ट्र से दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर ट्रेन, विजयवाड़ा आन्ध्रप्रदेश से दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर-चांपा, हैदराबाद-तेलंगाना-बिलासपुर-रायपुर दुर्ग-चांपा ट्रेन आएगी।
20 मई को पूणे महाराष्ट्र से दुर्ग, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, अमृतसर पंजाब से रायपुर बिलासपुर भाटापारा चांपा ट्रेन आएगी और 20 मई को बिलासपुर से भाटापारा रायपुर दुर्ग होते हुए हरिद्धार उत्तराखण्ड के लिए ट्रेन रवाना होगी।
21 मई को दरभंगा बिहार से चांपा बिलासपुर रायपुर दुर्ग, मुम्बई महाराष्ट्र से दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, पूणे महाराष्ट्र से दुर्ग, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, जम्मू से बिलासपुर चांपा ट्रेन
22 मई को बैंगलौर कर्नाटक से दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, सतारा महाराष्ट्र से दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, अहमदाबाद गुजरात से रायपुर, भांटापारा, बिलासपुर, चांपा, देहरादून, हरिद्धार, उत्तराखण्ड, से रायपुर, दुर्ग, भाटापारा, जम्मू से बिलासपुर ट्रेन
23 मई को साबरमती अहमदाबाद गुजरात से बिलासपुर-चांपा।
24 मई को वीरांगम अहमदाबाद से रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा।
25 मई को मेहसाणा गुजरात से रायपुर, भाटापारा,बिलासपुर-चांपा।
26 और 27 मई दोनों दिन वीरांगम अहमदाबाद से रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा
छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लेकर विशेष ट्रेन पहुंचने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक भी जारी किया है
http://www.cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx
इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर
पर संपर्क किया जा सकता है।
डौंडी पुलिस अधिक्षक जितेन्द्र सिंह मीना एंव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय डी आर पोर्ते जिला बालोद के दिशा निर्देश व मार्गदर्शन मे कलेक्टर महोदय बालोद के द्वारा लगाये गये राज्य मे आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005के अंतर्गत धारा 144जा.फौ.उल्लंघन करने हेतु थाना डौंडी क्षेत्र अंतर्गत नगर पुलिस अधिक्षक महोदय राजहरा के नेतृत्व मे डौंडी थाना प्रभारी नवीन बोरकार ,ए एस आई आर के मांडलेश के साथ सलाहाईटोला मे 144 की धारा का उल्लंघन करने वाले युवक के खिलाफ मामला दर्ज डौंडी थाना प्रभारी नवीन बोरकार ने बताया की , दिनांक 15 मई को विमल कुमार पिता चिमन लाल हल्बा उम्र 32 वर्ष सलहाईटोला मे किसी साधन से बैंगलोर कर्नाटक से ग्राम सलहाईटोला थाना डौंडी जिला बालोद मे रात्री लगभग 8 बजे बिना किसी प्राधिकारी के संपर्क किये पहुंच गया,जिसे रात्री 11 बजे मीडील स्कुल सलहाईटोला मे क्वारेंटाइन किया गया था ,जो बिना किसी को बताये अपने घर चला गया था की यहा जानतें हुए की राज्य मे आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005के तहत लाक डाऊन की स्थिति मे जान बुझ कर अन्य व्यक्तियो से संपर्क स्थापित किया जिसके विरुद्ध थाना डौंडी जिला बालोद मे अपराध क्रमांक 76/2020 की धारा 188,269,270,भादवी 51(बी) आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के पाये जाने से अपराध पंजीबंध किया गया है ।
कांकेर – अभी कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों में 50, 100, 500, 2000 के नोट फेंके जाने की खबरे लगातार आ रही थी विशेष सूत्रों के माध्यम से पता चला है की कुछ जमाती जो कोरोना वायरस के संक्रमण को फ़ैलाने के उद्देश्य से किया जा रहा था जो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। ऐसे ही एक घटना बीती रात माहुरबन्द पारा वार्ड कांकेर में पूर्व सांसद निवास के सामने हुई। नोट मिलने की घटना पर स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच कर 50-100 व 500 के कुल 3 नोट मिले,जिसे सैनिटाइज कर अपने कब्जे में लिया है।
दल्लीराजहरा – भारतीय मजदूर संघ द्वारा राजहरा नगर में कोरोना वायरस के संभावित मरीजों के लिए क्वारंटाइन सेंटर के सम्बन्ध में कुछ सुझाव प्रेषित की जा रही है एवं आशा है कि संघ के इस तर्कसंगत निवेदन को आपके द्वारा स्वीकार किया जावेगा और क्रियान्वयन में लाया जावेगा। महोदया वर्तमान में राजहरा शहर में मंगल भवन, डीएव्ही स्कूल, बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा भवन सहित कई भवनों को कोरोना के संभावित मरीजों के लिए क्वारंटाइन सेंटर का रूप दिया गया है। इनमे से कई भवन टाउनशिप के बीच स्थित हैं और वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने के बाद लोगों में इन क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर डर बैठ रहा है। इस सम्बन्ध में संघ का यह सुझाव है कि राजहरा कॉलेज एवं उससे जुड़े छात्रावास को अगर क्वारंटाइन सेंटर के रूप में परिवर्तित किया जावे तो यह सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयुक्त होगा और एक ही जगह पर ज्यादा संख्या में मरीजों को क्वारंटाइन किया जा सकेगा जिससे शासन एवं प्रशासन को भी ज्यादा निगरानी एवं व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी।
आशा है कि आपके द्वारा संघ के इस सुझाव को ध्यान में रखते त्वरित कारवाई की जावेगी।

बालोद – दो दिन पूर्व छत्तीसगढ़ का बालोद जिला पूरी तरह ग्रीन जोन में रहता आया है। इससे पूर्व यहां एक भी कोरोना केस नही था। पर जिले के दल्लीराजहरा व कोकान में मुंबई प्रवास से ग्राम पहुँचे चार युवक एक के बाद चारो तथा 72 घंटे बाद अन्य स्थलों से 7 और कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से जिला प्रशासन के मध्य हड़कंप मच गया। जो 11 केस यहां सामने आए वह सभी प्रवासी लोगो के ही है। बताया जा रहा कि अभी भी कई लोग प्रवास से घर वापसी कर रहे है। हालांकि उन्हें प्रशासन द्वारा क्वारेंटाइन में रख रहे है। परंतु जिस तरह अपुष्ट खबर मिल रहा कि कुछ क्वारेंटाइन में रखे छुप छिपाकर बाहर निकलने की कवायद कर रहे हो वह किसी बड़े खतरे से कम नही । इससे आगामी दिनों स्थिति बड़ी गंभीर हो सकता है। कुछ प्रबुद्ध लोग यह सवाल उठा रहे कि क्या बाहर मजदूरी हेतु गए व हाट स्पॉट स्थल से लौट रहे प्रवासियों को लाकडाउन में लाया जाना खासकर वो जो पॉजिटिव केस मिल रहे है वह उचित है, या अनुचित। इधर आम लोगो द्वारा लाकडाउन के तीसरे चरण तक नियमों का काफी हद तक पालन किया गया परंतु आज जिस तरह जिले में बिजली आफिस , बैंक स्थल, किराना दुकानों, तथा अन्य जगहों पर सोशल डिस्टेंशिंग नियमों का धज्जियां उड़ाते हुए दिखे।उससे समझा जा सकता है कि लोग कोरोना जैसी महामारी संक्रमण को लेकर अपने आप मे कितने समझदार हो रहे है। बात यदि किराना व्यापारियों की जाए तो वे सभी ग्राहकों को दूरियां बनाये रखने की अपील करते है परंतु लोग है कि सभी को सामग्री जल्द से जल्द से मिले ऐसे में दुकानदार भीड़ व्यवस्थित करने में लगे या व्यापार यह दुविधा बन जाता है। वही जब से क्षेत्र में कोरोना संक्रमित केस सामने आए है पुलिस प्रशासन की ड्यूटी संक्रमित क्षेत्र में है। ऐसे में पुलिस प्रशासन किस किस ओर ध्यान रखें यह भी मुश्किलें बढ़ा रहा है। फिर भी प्रशासन अपना फर्ज निभा रहा है।

दूसरी ओर अब प्रशासन द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी घर घर जाकर ये पता लगाएंगे कि कहीं कोई सर्दी बुखार से पीड़ित तो नहीं है या कोरोना से संक्रमित तो नहीं है | इस कार्य प्रशासन द्वारा शिक्षकों को न तो किसी विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है और न ही सुविधा प्रदान की जा रही है, एक तरह से प्रशासन शिक्षकों को अपनी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भयावह स्थिति से निपटने के लिए धकेल रहा है | जबकि यह कार्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा किया जाना चाहिए |