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गीदम रोड़ स्थित शराब दुकान में हुए चोरी की गुत्थी बस्तर पुलिस द्वारा सुलझाई गयी

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जिला बस्तर, जगदलपुर (दिनाॅंक 21.09.2022) गीदम रोड़ स्थित शराब दुकान में हुए चोरी की गुत्थी बस्तर पुलिस द्वारा सुलझाई गयी। 11 एवं 12 सितम्बर शराब दुकान में हुई थी चोरी की घटना लाकर तोडकर रूपये चोरी होने की दर्ज करायी गयी थी रिपोर्ट शराब दुकान के सेल्समेन और सहायक सेल्समेन के द्वारा ही दिया गया था घटना को अंजाम आपराधिक न्यास भंग कर चोरी का दिया गया था स्वरूप सिटी सर्विलेंस सिस्टम अंन्तर्गत लगाये गये कैमरो की महत्तपूर्ण भूमिका

जप्त संम्पत्ति – 7,06,000 रूपये नगद, डी.वी.आर. 01 नग, सब्बल, मोबाईल 02 नग, मोटर सायकल 02 नग

नाम आरोपी-ः –
1. लोचन साहू पिता जनक लाल साहू उम्र 30 वर्ष निवासी उमरगाँव थाना सिहावा जिला धमतरी हाल- धरमपुरा जगदलपुर

सुकेश देवरी पिता रंजीत देवरी उम्र 36 वर्ष निवासी तेतरखुटी जगदलपुर थाना              बोधघाट जिला बस्तर


उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में दिनांक 11 एवं 12 सिंतम्बर 2022 के दरम्यानी रात गीदम रोड स्थित शराब दुुकान में चोरी के संबंध में दर्ज कराये गये रिपोर्ट की गुत्थी को सुलझाने में बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ज्ञात हो कि दिनांक 11 एवं 12 सिंतम्बर 2022 के दरम्यानी रात गीदम रोड स्थित शराब दुुकान में अज्ञात चोर के द्वारा दुकान के ताले को तोडकर, अन्दर प्रवेश कर लॉकर को तोड़कर लाकर में रखे नगदी रकम 10,66,710/- रूपये की चोरी होने संबंधी तथ्य बताया गया था, प्रार्थी लोचन साहू , सेल्समेन शासकीय शराब दुकान के रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना बोधघाट में चोरी (धारा 457,380 भादवि0) का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया।

अनुसंधानः-
प्रकरण में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाॅल, नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) केशलुर ऐश्वर्य चंन्द्राकार, उप पुलिस अधीक्षक नोडल सायबर सेल श्रीमती गीतिका साहू के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर माल मुल्जिम की पता साजी किया जा रहा था। घटना स्थल निरीक्षण एवं अनुसंधान के दौरान सिटी सर्विलेंस सिस्टम अन्तर्गत घटना स्थल के आस – पास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरे से प्राप्त फुटेज एवं घटना स्थल पर मिले साक्ष्य, टूटे ताले, टूटा हुआ लाॅकर, दस्तावेजी साक्ष्य एवं तकनीकी साक्ष्यों को संकलित कर विश्लेषण किया गया। घटना स्थल पर परिस्थतिजन्य साक्ष्य के आधार पर पाया गया कि उक्त शराब दुकान के सेल्समेन लोचन साहू एवं सहायक सेल्समेन सुकेश देवरी के द्वारा घटना कारित करना पाया गया। उक्त परिस्थतिजन्य साक्ष्यो के आधार पर निरीक्षक लालजी सिन्हा, एमन साहू, धनजंय सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर संदेहियो को पकड़ा गया। मामले में परिस्थतिजन्य तथ्यो एवं साक्ष्यो के आधार पर दोनो संदेही लोचन साहू एवं सुकेश देवरी से पुछताछ करने पर उक्त दोनो कर्मचारियो के द्वारा शराब दुकान में शराब की बिक्री से प्राप्त राशि को दोनो के द्वारा मिलकर आपराधिक न्यासभंग करना स्वीकार किया गया है और घटना को चोरी का स्वरूप देना बताया गया है। मामले में दोनो आरोपी लोचन साहू एवं सुकेश देवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय भेजा जा रहा है।

तरीका वारदातः-
दोनो आरोपियो से पुछताछ पर बताया गया कि आरोपी लोचन साहू जो मुलतः धमतरी जिला का निवासी है, जो पिछले 05 साल से शराब दुकान में सेल्समेन एवं सुकेश देवरी पिछले 03 साल से शराब दुकान में सहायक सेल्समेन के पद पर कार्य करते थे। और शराब दुकान की चाबी सहायक सेल्समेन सुकेश देवरी रखता था। उक्त दोनो कर्मचारियों के द्वारा शराब की बिक्री से प्राप्त राशि को आपराधिक न्यास भंग करने की योजना बनाकर चोरी का स्वरूप देने हेतु षडयंत्र रचा गया एवं शनिवार एवं रविवार को बैंक बंद होने के कारण दिनांक 09 सितम्बर को शुक्रवार, 10 सितम्बर शनिवार एवं 11 सितम्बर ,रविवार को बड़ी राशि काउंटर पर होने से चोरी करने की नियत से दोनो के द्वारा दिनांक 11 सितम्बर के रात 10.00 बजे दुकान बंद करने के पश्चात पुनः रात 10.30 बजे वापस दुकान में आकर अपने पास रखे चाबी से ताला खोलकर, लाॅकर को चाबी से खोलकर लाॅकर में रखे रूपये को अनाधिकृत रूप से ले जाकर आपराधिक न्यास भंग कर, लाॅकर के दरवाजा, एवं रेक को तोड़कर तथा साक्ष्य मिटाने के दृष्टिकोण से शराब दुकान में लगे सी.सी.टी.व्ही. के डी.वी.आर. को ले जाकर चोरी का स्वरूप देकर घटना को अंजाम देना बताये है। एवं चोरी से प्राप्त राशि को दोनो के द्वारा आपस में बाॅट लेना बताया है। दोनो आरोपियो के कब्जे से चोरी किये गये राशि में से 7,06,000/-रूपये जप्त किया गया है।

बरामद सम्पत्ति:-

(1) नगद राशि 7,06,000 रूपये  
(2) सी.सी.टी.वी. कैमरे का डी.वी.आर. 01 नग 
(3) घटना में प्रयुक्त औजार 01 नग सब्बल 
(4) मोबाईल 02 नग 
(5) 02 नग मोटर सायकल 

महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:-
निरीक्षक – लालजी सिन्हा, एमन साहू, धनंजय सिन्हा, तारिक हरीश, जितेन्द्र कोसले, जय प्रकाश गुप्ता

उप.निरी.- प्रमोद ठाकुर, होरी लाल नाविक, गुनेश्वरी नुरेटी, अमित सिदार, रनेश सेठिया, मनोज तिर्की, कृष्णा साहू

सहा.उप.निरी. सतीश यादव, परिमल दास, विश्वराज सोलंकी, सतीश यदुराज, सुदर्शन दुबे, कांन्तो पानी

प्र.आर. – उमेश चंदेल, पवन श्रीवास्तव, चोवा दास गेंदले, नकुल कश्यप, जोगी बुडेक, मौसम गुप्ता, हीरा लाल भंण्डारी, धनसिंह सोनवानी

आरक्षक – भुपेन्द्र नेताम, सोनु गौतम, गौतम सिन्हा, ओम प्रकाश सिंह, प्रदीप कश्यप, बलराम राणा, प्रकाश नक, हिमांशु यादव दीपक यादव ।

मुख्यमंत्री राजहरा नगर आगमन पर तहसील साहू संघ के द्वारा गुलदस्ता भेंटकर भव्य स्वागत किया गया

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तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी छत्तीसगढ़ शासन के बालोद जिला के तीन दिवसीय प्रवास भेंट मुलाकात कार्यक्रम के अवसर पर प्रथम राजहरा नगर आगमन पर बस स्टैंड साहू सदन के पास गुलदस्ता भेंटकर भव्य स्वागत किया गया।

स्थानीय बी एस पी सिटीजन क्लब में आयोजित माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में साहू समाज के प्रतिनिधि मंडल में तहसील साहू संघ के अध्यक्ष तोरण लाल साहू,सचिव राधेश्याम साहू, जिला प्रतिनिधि रूपलाल साहू शामिल हुए।
इस दौरान तहसील साहू संघ के अध्यक्ष तोरणलाल साहू ने राजहरा नगर के विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी को अवगत कराया। जिसमे प्रमुख रूप से बी एस पी एवम रेलवे क्षेत्र के लगभग 400 एकड़ जमीन में बसे राजहरा के नागरिकों को अविलंब निशुल्क पट्टा वितरण करने। राजहरा नगर में मेडिकल कॉलेज खोलने, परिक्षेत्रीय साहू समाज भागोलीपारा में सामाजिक कार्य संचालन हेतु सामुदायिक भवन बनवाने, दल्ली राजहरा को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने, दल्ली राजहरा में ओ बी सी छात्रावास खोलने की मांग की गई।

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माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वागत के अवसर पर गोविंद साहू, श्रीमती राधा साहू,राजेशकुमार साहू, इंद्रकुमार साहू,रेखुराम साहू, निर्मलदास साहू, श्रीमती अंजू साहू, सत्यवती साहू, वीणा साहू, रेखा साहू, द्रोपती साहू, विमला साहू, रेवती साहू, गजेंद्र साहू, मनाराम साहू, जीवनलाल साहू, श्यामदास साहू, कुंदन साहू, सेवकराम साहू, शिव प्रसाद साहू, नरोत्तम साहू, जीवन साहू, रोमन साहू,गंगाधर साहू,आशाराम साहू, देवेंद्र साहू, व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने किया मुख्यमंत्री का इस्तकबाल

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दल्लीराजहरा _ जामा मस्जिद दल्ली राजहरा इंतजामिया कमेटी के सदस्य जनाब हाजी शेख माजिद कुरैशी सदर, शेखनय्यूम खान,सदर आरिफ खान,सदर साऊद आलम के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नगर आगमन पर उनका बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया और रोड़ शो में गुलाब की पंखुड़ियां मुख्यमंत्री पर डालकर उनका इस्तकबाल किया जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया और मुस्लिम समाज का धन्यवाद दिया।

रोड शो के पश्चात मुख्यमंत्री से भेंट मुलाकात के कार्यक्रम में मुस्लिम समाज से इंताजामिया कमेटी के तीन सदस्य जनाब हाजी माजिद कुरैशी, जनाब शेख नय्यूम, जनाब आरिफ खान ने मुख्यमंत्री से भेंट कर सर्वप्रथम उनका लौहनगरी दल्ली राजहरा में इस्तकबाल किया और तत्पश्चात मुख्यमंत्री से मुस्लिम समाज के लिए जमात खाना (मंगलभवन) के लिए 50 लाख रुपए की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की और कहा मुस्लिम समाज के लिए पैसों की कमी नहीं होने देंगे ईस पैसे से शुरुवात करिये।जिस पर मुस्लिम समाज की ओर इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इंताजामिया कमेटी ने मुख्यमंत्री को वक्फ बोर्ड द्वारा मस्जिद कमेटी में मुतवल्ली चुनाव के लिए प्रशासन को दिये निर्देश पर तत्काल कार्यवाही करने और अतिशीघ्र जामा मस्जिद कमेटी में मुतवल्ली चुनाव करवाने के लिए भी ज्ञापन सौंपा। इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने कहा कि इससे पूर्व क्षेत्र की विधियका और केबीनेट मंत्री अनिला भेंडिया ने अपने निधी से 05 लाख रुपए दिए हैं जिसका टेंडर नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा से हो चुका है और जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जायेगा इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन से मुस्लिम कब्रिस्तान के लिए लगभग 17 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। ईन सभी कार्यों के लिए मुस्लिम समाज के इंताजामिया कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, क्षेत्रीय विधायक अनिला भेंडिया धन्यवाद करतीं हैं और आशा करती है कि भविष्य ईसी तरह मुस्लिम समाज के विकास के आप लोगों का सहयोग मिला ।

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जामा मस्जिद दल्ली राजहरा इंतजामिया कमेटी के सदस्य जनाब हाजी शेख माजिद कुरैशी सदर, शेखनय्यूम खान,सदर आरिफ खान,सदर साऊद आलम के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नगर आगमन पर उनका बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया और रोड़ शो में गुलाब की पंखुड़ियां मुख्यमंत्री पर डालकर उनका इस्तकबाल किया जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया और मुस्लिम समाज का धन्यवाद दिया। रोड शो के पश्चात मुख्यमंत्री से भेंट मुलाकात के कार्यक्रम में मुस्लिम समाज से इंताजामिया कमेटी के तीन सदस्य जनाब हाजी माजिद कुरैशी, जनाब शेख नय्यूम, जनाब आरिफ खान ने मुख्यमंत्री से भेंट कर सर्वप्रथम उनका लौहनगरी दल्ली राजहरा में इस्तकबाल किया और तत्पश्चात मुख्यमंत्री से मुस्लिम समाज के लिए जमात खाना (मंगलभवन) के लिए 50 लाख रुपए की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की और कहा मुस्लिम समाज के लिए पैसों की कमी नहीं होने देंगे ईस पैसे से शुरुवात करिये।जिस पर मुस्लिम समाज की ओर इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इंताजामिया कमेटी ने मुख्यमंत्री को वक्फ बोर्ड द्वारा मस्जिद कमेटी में मुतवल्ली चुनाव के लिए प्रशासन को दिये निर्देश पर तत्काल कार्यवाही करने और अतिशीघ्र जामा मस्जिद कमेटी में मुतवल्ली चुनाव करवाने के लिए भी ज्ञापन सौंपा। इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने कहा कि इससे पूर्व क्षेत्र की विधियका और केबीनेट मंत्री अनिला भेंडिया ने अपने निधी से 05 लाख रुपए दिए हैं जिसका टेंडर नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा से हो चुका है और जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जायेगा इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन से मुस्लिम कब्रिस्तान के लिए लगभग 17 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। ईन सभी कार्यों के लिए मुस्लिम समाज के इंताजामिया कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, क्षेत्रीय विधायक अनिला भेंडिया धन्यवाद करतीं हैं और आशा करती है कि भविष्य ईसी तरह मुस्लिम समाज के विकास के आप लोगों का सहयोग मिलता रहेगा।

बाहरी मजदूरों की डिटेल नहीं थाने में,हर गांवों में बढ़ रहे असामाजिक तत्व

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जगदलपुर औधोगिक विकास बस्तर की जरूरत है वह अच्छी बात है किंतु उसके साथ बुराईयां भी सामने आती हैं।ऐसा ही निर्माणाधीन नगरनार स्टील प्लांट जगदलपुर में भी ऐसा ही मामले बढ़ रहें हैं जिसके तहत अवैध कबाड़ सहित गांवों में शांति भंग की जानकारी भी सामने आ रही है जिसके लिए नगरनार पुलिस की सुस्ती भी सामने आ रही है क्योंकि नगरनार स्टील प्लांट क्षेत्र में कितने कंपनी व कितने मजदूर कार्य कर रहें हैं उसका डाटा नहीं है।
बस्तर संभाग मुख्यालय के जगदलपुर ब्लाक के नगरनार क्षेत्र में नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा नगरनार स्टील प्लांट क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है जोकि क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है और नगरनार स्टील प्लांट में कई बड़ी- बड़ी कंपनियां काम कर रही है जिसके कुछ पेटी कांट्रेक्टर भी हैं जिसमें बाहरी क्षेत्रों के लोगों को कार्य हेतु लगाया है जोकि नगरनार के प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं किंतु कंपनियों द्वारा विधिवत् जानकारी पुलिस और प्रशासन को नहीं है और विधिवत वेरीफिकेशन भी नहीं हुआ है जिसके कारण कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गांवों में हुड़दंग मचाने से भी बाज नहीं आ रहें।

कंपनी नहीं कर रही एक्ट का पालन
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट उल्लेख है कि स्टील प्लांट हो या दीगर प्लांट उसमें कार्य करने वाली निजी कंपनियों में कार्य करने वाले हर मजदूरों की चार स्तर पर बनाए जाने हैं जिसके तहत् मजदूरों का निवास सत्यापन हेतु आधार कार्ड या अन्य शासकीय दस्तावेज, पुलिस वैरीफिकेशन,श्रम विभाग का प्रमाण पत्र व पंचायत समिति द्वारा जारी प्रमाण पत्र उसके आधार पर कार्य करवाए जाने का प्रावधान है किंतु कंपनी लेबर एक्ट का उल्लघंन करता है।
दीगर कामों में लेकिन वेरीफिकेशन में नहीं
पुलिस का दायित्व है कि यदि उसके क्षेत्र में कोई मजदूर कार्य कर रहा है तो उसका वैरीफिकेशन पंचायत, कोटवार व अपने कर्मचारियों से माध्यम से करवाना चाहिए लेकिन नगरनार स्टील प्लांट में कितने मजदूर कार्य कर रहें हैं उसकी विधिवत वेरीफिकेशन नहीं कराई जा रही है जिसके कारण पुलिसिया कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है।

कोई कंपनी यदि रिकॉर्ड छुपाती है तो होगी जांच :हेमसागर सिदार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व नगरनार क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस हेमसागर सिदार से मजदूरों के वेरीफिकेशन के संदर्भ में जानकारी चाहिए तो उन्होंने कहा कि इस हेतु एक सिस्टम बनाया गया है जिसके तहत् जो कंपनी यहां मजदूर काम कराने लाती है उसके द्वारा दस्तावेज दिया जाता है यदि कोई कंपनी लापरवाही बरत रही है तो इस संबंध में जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित किया जायेगा।

बस्तर में बघेल और बैज की धूम

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  • दोनों नेताओं के नाम पर उमड़ पड़ती है हजारों की भीड़ |
  • नुवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम में आदिवासियों का सैलाब
  • परंपरा – संस्कृति का संरक्षण ही मेरा ध्येय -लखेश्वर बघेल

जगदलपुर. बस्तर में दो बड़े आदिवासी नेताओं की जोड़ी ने अच्छी – खासी धूम मचा रखी है. ये दोनों नेता जहां भी जाते हैं, वहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. इस भीड़ में सिर्फ आदिवासी ही नहीं, बल्कि दूसरे समुदायों के भी लोग सैकड़ों की तादाद में पहुंचते हैं. ये जोड़ी है विधायक लखेश्वर बघेल और सांसद दीपक बैज की. इन दोनों नेताओं का जादू संसदीय और विधानसभा क्षेत्र की जनता के सिर चढ़कर बोल रहा है इस जोड़ी की लोकप्रियता का लाभ अंततः कांग्रेस को ही मिलने वाला है. बस्तर क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और बस्तर के सांसद दीपक बैज की एकसाथ उपस्थिति जरूर देखी जा सकती है. इन दोनों नेताओं के बीच ट्यूनिंग और केमिस्ट्री भी गज़ब की है. दोनों की कार्यशैली तथा विचारधारा लगभग एक जैसी ही है. अपने – अपने क्षेत्र की जनता के प्रति समर्पण ने इन दोनों नेताओं को जनता के दिलो – दिमाग़ में रचा बसा दिया है. करण अर्जुन की इस जोड़ी का जलवा ऐसा है कि विरोधी दलों के स्थानीय स्तर के नेता कार्यकर्त्ता भी इन दोनों के मुरीद बन गए हैं.

विधायक बघेल द्वारा आयोजित किए जा रहे नुवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम में भी ऐसा ही नज़ारा देखने को मिल रहा है. आदिवासियों का यह प्राचीन और पारम्परिक पर्व है. आधुनिकता की अंधी दौड़ में अन्य परंपराओं की तरह इस पर्व की भी परंपरा कहीं विलुप्त ना हो जाए, इसे ध्यान में रखते हुए विधायक बघेल इस पर्व का सामूहिक आयोजन पंचायत स्तर पर सालों से करते आ रहे हैं. ऐसे आयोजनों में बघेल और बैज भी उत्साह के साथ शामिल होते हैं. ऐसा ही एक बड़ा कार्यक्रम बकावंड ब्लॉक के राजनगर में भी किया गया. आरंभ में लोगों ने ग्राम के देवी – देवताओं की पूजा अर्चना की. पश्चात अतिथियों का स्वागत बाजे गाजे एवं लोकनृत्य के साथ किया.
संजोए रखें परम्परा को: बघेल विधायक बघेल ने लोगों को नुवाखानी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृति के संरक्षण के लिए शुरू यह कार्यक्रम अब इस मुकाम पर पहुंच गया है कि इसका लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. उन्होंने कहा मेरी इच्छा है कि मैं विधायक रहूं या न रहूं, ऐसे कार्यक्रम सतत जारी रहेगा. आप लोगों से मेरा यही आग्रह है कि अपनी परम्परा को सदैव संजोये कर रखें. यही हमारी मूल संस्कृति की विशिष्ट पहचान है. इसलिए इस त्यौहार को काफ़ी महत्व दिया जाता है. यह मंच राजनीति का नहीं है पर सच तो यह है कि भाजपा के पास गरीबों के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं है. वह देश के दो पूंजीपतियों के लिए काम करती है. पिछले 15 सालों में छत्तीसगढ़ में भाजपा की उपलब्धि घर-घर में शौचालय बनाना ही है, वो भी आधे अधूरे है. कार्यक्रम में 22 पंचायतों के सरपंच, सिरहा, पुजारी समेत ग्रामीणों की सहभागिता रही.बघेल मेरे राजनैतिक गुरु : बैज सांसद बैज ने कहा कि बस्तर में बारह महीने त्योहार मनाया जाता है.


माटी तिहार, हरियाली, नुवाखानी, दियारी, मेला मड़ई में बस्तर की संस्कृति दिखती है. वहीं भाजपा नकली त्योहार जैसे बिजली, चावल, मोबाइल त्योहार मनाती रही इसलिए जनता के दिल से उतर गई. उन्होंने लोगों को नुवाखानी की बधाई देते हुए कहा कि जब से लखेश्वर बघेल विधायक बने हैं हर साल यह कार्यक्रम बस्तर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में उत्सव की तरह मनाया जा रहा है. ऐसा और कहीं देखने को नहीं मिलता. हर साल बस्तर की संस्कृति पर आधारित इस कार्यक्रम में देवी-देवताओं की पूजा अर्चना, वृद्धजनों का सम्मान, बेटी, बहन, महिलाओं को साड़ी वितरण जनसहयोग से एक अद्वितीय कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि स्व. महेन्द्र कर्मा और लखेश्वर बघेल उनके राजनीतिक गुरु हैं उनसे काफी कुछ सीखने का अवसर मिला है और आप लोग जब भी आवाज देंगे हम साथ खड़े होंगे. जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष बलराम मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाज की मांग के बावजूद विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित नहीं किया. छ्ग में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस दिवस पर अवकाश घोषित किया गया. यही नहीं सभी तीज त्योहारों पर अवकाश घोषित कर परम्परा और संस्कृति को सहेजने का काम किया है.
कार्यक्रम में जानकीराम सेठिया, शिवराम बिसाईं, उत्तम नाईक, दिनेश यदु, सुखदेई बघेल, धनुर्जय कश्यप, खीरमणि सेठिया, आशीष मिश्रा, मानसिंह कश्यप, जानकीराम भारती आयतुराम भारती, बद्रीनाथ जोशी, नित्या चंद्राकर, विजय चंद्राकर, बुदरू राम बघेल, दिनेश सिंह, एचआर खान, तुलाराम भारती, महेश्वर भद्रे, मोहन लाल भारती, अर्जुन कश्यप, मुन्नी भारती, कुंती कश्यप, जितेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, महेंद्र बघेल,नीलम कश्यप, हेमकुमार, विजय नाग अशिविन,सहित सैकड़ों ग्रामीण व कांग्रेस के लोग उपस्थित थे.

भाजपा द्वारा सेवा का फगवाड़ा कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक,आज गंगा मुंडा तालाब के पास हुई सफाई

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जगदलपुर -17 तारीख से 22 तारीख तक पखवाड़ा कार्यक्रम अंतर्गत आज बुधवार सुबह 8:00 बजे गंगा मुंडा तालाब के पास पार्क और विश्वकर्मा जी के मंदिर के प्रांगण में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया ! सेवा ही संकल्प कार्यक्रम अंतर्गत अमृत सरोवर गंगा मुंडा तालाब और इसके आसपास की सफाई योजना के संयोजक संजय पांडे, कृष्णा निषाद और प्रभारी राजा यादव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने सेवा ही संकल्प अंतर्गत श्रमदान कर स्वच्छता में अपनी भूमिका निभाई, इस अवसर पर माननीय किरण देव जी पूर्व प्रदेश महामंत्री ने आसपास के लोगों से संपर्क कर तालाब को स्वच्छ रखने में सबकी मदद मांगी, लोगों से जागरूकता के लिए तालाब में अवशिष्ट को ना डालें इसलिए सभी से सहयोग मांगा,


संजय पांडे ने स्थानीय लोगों से ऐसी वस्तु को पानी में नहीं डालने के लिए आग्रह किया जो नष्ट नहीं होते हैं ऐसी वस्तुओं को चाहे उसमें पूजा की सामग्री ही क्यों ना हो तलाब के बाहर ही नष्ट करने का आग्रह किया !भारतीय जनता पार्टी परिवार ने मिलकर गंगा मुंडा तालाब के ऊपर बने छोटी सी पार्क और वहां स्थापित भगवान विश्वकर्मा जी के मंदिर प्रांगण के आसपास की सफाई की और सभी ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ना हो सभी ने संकल्प लिया, इस अवसर पर योगेंद्र पांडे रजनीश पाणिग्राही बाबुल नाग सुरेश गुप्ता दिगंबर राव राजपाल कसेर ममता पोटाई योगेश शुक्ला अभय दीक्षित योगेश ठाकुर रोशन झा पंकज आचार्य शशि पाठक रवि कश्यप अजय पाल वीरेंद्र बहोते कृष्णा राय,अमर झा सूर्यभूषण सिंह अभिषेक तिवारी रितेश सोनी अतुल कौशल प्रेम सेठिया, प्रेम यादव गजेंद्र पगारे सतीश राव, वीरेंद्र जोशी, रामनरेश पांडेय शेखर शर्मा, संतोष झा योगेश मिश्रा शिरीष मिश्रा आलेख राज तिवारी राज पांडे तारा गुप्ता दशरथ गुप्ता सिकंदर दास विक्की यादव सिमरन मंडावी लोकेश के साथ भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे !

सांसद दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार,कहा – मेरे लिए जनहित सर्वोपरि

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राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से अब सफर हो जाएगा आसान | जगदलपुर – रायपुर के बीच यात्रा महज 4 घंटे में होगी पूरी

अर्जुन झा

जगदलपुर रायपुर -जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के जगदलपुर से धमतरी तक के हिस्से को फोरलेन में तब्दील करने की मंजूरी मिलने पर बस्तर सांसद दीपक बैज ने ख़ुशी जताई है. इसके लिए बैज ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि मेरे लिए जनहित सर्वोपरि है. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क़े चौड़ीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसके तहत इस राष्ट्रीय राजमार्ग के जगदलपुर से धमतरी तक के लगभग 215 किलोमीटर लम्बी सड़क को टू लेन से फोरलेन बनाए जाने की योजना है.

बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन सौंपकर इस राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में विकसित करने की मांग की थी. सांसद बैज ने इस संवाददाता को बताया कि केंद्रीय मंत्री गडकरी ने फौरी पहल करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को टूलेन की फोरलेन में तब्दीली के लिए जरुरी मापदंडों का परीक्षण कराने के लिए निर्देशित किया था. प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी इस प्रकरण में विशेष रूचि लेते हुए तत्परता दिखाई और परीक्षण का काम जल्द पूरा कर लिया. बैज ने कहा कि जिस गंभीरता के साथ केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मेरी बात सुनी और मांग को तुरंत मान लिया इसके लिए मैं स्वयं तथा क्षेत्र की जनता की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की इस शर्त की पूर्ति जरुरी है कि उस मार्ग पर प्रतिदिन दस हजार से भी अधिक वाहनों की आवाज़ाही होनी चाहिए. बैज के मुताबिक जगदलपुर – रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्तमान में रोजाना 15 से 20 हजार के बीच वाहनों का आवागमन होता है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कराए गए सर्वे में मापदंड पर खरा उतरने के बाद ही फोरलेन की मंजूरी मिली है.मिलेगा बस्तर के विकास को नया आयाम बैज ने उम्मीद जताई कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य जल्द आरंभ हो जाएगा. इसके बाद ओड़िशा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश आदि राज्यों से बस्तर और समूचे छत्तीसगढ़ का सड़क संपर्क और भी सुगम तथा आसान हो जाएगा. वहीं जगदलपुर से रायपुर के बीच जो सफर अभी 6 घंटे में तय होता है, उस सफर को तय करने में सिर्फ साढ़े तीन घंटे से 4 घंटे का ही समय लगेगा. इससे लोगों के समय और पेट्रोलियम ईंधन पर होने वाले खर्च की भी बड़ी बचत होगी. माल परिवहन लागत कम होने से व्यापारियों को लाभ होगा तथा व्यापार भी समृद्ध होगा.सड़क चौड़ीकरण से बस्तर के विकास को भी नया आयाम मिलेगा. जनहित सर्वोपरि : बैज यहां यह बताना लाजिमी है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए सांसद दीपक बैज सड़क से लेकर संसद तक में लगातार आवज उठाते आ रहे थे. अंततः उनकी कोशिश कामयाब हो ही गई. बावजूद अपने इन सतत प्रयासों का श्रेय के बजाय बैज ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी को खुले मन से साधुवाद देकर यह साबित कर दिया है कि वे क्षेत्रवासियों के हित पर दलगत राजनीति को हावी नहीं होने देते. उनका कहना भी यही है कि जो जनप्रतिनिधि मेरे क्षेत्र की भलाई के लिए काम करेगा, उसे सम्मान देना मेरा कर्तव्य है. चाहे वह जनप्रतिनिधि विरोधी दल का ही क्यों न हो ? बैज की ऐसी साफगोई आत्म मुग्धता से परे भावना ने ही उन्हें क्षेत्र में खासा लोकप्रिय बना रखा है.

रेल लाइन के ऊपर फ्लाई ओवर निर्माण कराने की मांग

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दल्ली राजहरा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड कमांक 20 व 13 के मध्य रेल माग बिछा हुआ है। जिस पर राजहरा माइंस व दल्ली माइंस से आयरन ओर प्रतिदिन दिन में लगभग 8-10 बार मालगाड़ी का परिवहन होता है। वर्तमान में अंतागढ़ से भी रेल लाईन बिछ गया है वर्तमान में तीन रेल लाईन पर गाडियों का आवागमन होता रहता है। जिसके कारण वार्ड नं. 13 के निवासियों को आवागमन की बहुत ही तकलीफ उठानी पड़ रही है। वार्ड नं. 13 के साथ साथ वार्ड नं. 15, 16 व 17 मोयरटोला के ग्रामीणों का भी इसी मार्ग से आना जाना होता है तथा आई.टी.आई. के छात्र भी इसी मार्ग से आना। जाना करते है। और मदिरा दुकान व गौठान भी इसी वार्ड में स्थित है। वार्ड नं. 13 में राजस्व की खाली जमीन है, जिससे एकलव्य विद्यालय आयर्वेदिक अस्पताल प्रस्तावित है। इसी मार्ग से आवागमन होता है। मालगाड़ी यात्रीगाड़ी के परिचालन से कभी कमी मार्ग के मध्य मालगाड़ा। कई घंटो तक खडी रहती है. जिससे लोगों को आने जाने के लिए कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।

महोदय जी इस समस्या से निजात दिलाने के लिए फ्लाई ओवर का निर्माण करायाजाना अतिआवश्यक है। फ्लाई ओवर हेतु वार्ड कं. 18,19,20 से 13 के मध्य या वार्ड नं. 26 न्यु बस स्टैण्ड चौक से रेल्वे स्टेशन के बाजू पुलिया के पास से भोयरटोला के मध्य, गुप्ता चौक वार्ड कं. 21 दुर्गा मंच से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के मध्य फ्लाई ओवर का निर्माण किया जाये। मान्यवर महोदय जी से विनम्र अनुरोध है कि वार्ड नं. 13, 14, 15, 16, 17 मोयरटोला के रहवासियों की समस्या के निराकरण करने फ्लाई ओवर का निर्माण कराने की असीम कृपा करेंगे।

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टाटा ग्रुप को दिया जाए नगरनार संयंत्र

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जनभावना: बस्तर अंचल के लोगों का कहना है कि निजी क्षेत्र के हवाले प्रस्तावित संयंत्र को करना ही है तो टाटा से बेहतर विकल्प नहीं – एयर इंडिया की तर्ज पर हो सकेगा नगरनार इस्पात संयंत्र का उद्धार – इस आदिवासी अंचल के लोगों की उम्मीदें भी होंगी फलीभूत

(अर्जुन झा)

जगदलपुर : बस्तर के लोगों की उम्मीदों और सपनों को पंख लगाने में सहायक साबित होने वाले प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र को आकार देने की सरकारी कोशिश तेज हो गई है. चर्चा है कि सरकार इस संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करने जा रही है. ऐसी चर्चाओं के बीच अंचल से अब यह आवाज़ उठने लगी है क़ि नगरनार संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करना ही है, तो क्यों ना उसे टाटा ग्रुप के हवाले कर दिया जाए. इससे संयंत्र का कामकाज बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा और सदैव कर्मचारी एवं श्रमिक हित का ध्यान रखने वाला यह ग्रुप बस्तर के लोगों क़ी उम्मीदों पर खरा भी उतरेगा.

फिलहाल राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधीन प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र क़ी स्थापना के लिए कवायद तेज हो गई है. सूत्र बताते हैं कि सरकार इस इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में सौंपने वाली है. इसके लिए टेंडर भी बुलाए जा रहे हैं. बस्तर के लोग चाहते हैं कि सरकार ही इस संयंत्र को चलाए और अगर निजी हाथों में सौंपने की ही सरकार की मंशा है, तो स्टील उद्योग का विशेषज्ञ माने जाने वाले टाटा उद्योग समूह को नगरनार संयंत्र सौंप दिया जाए. इसके पीछे लोगों की दलील है कि जिस तरह लगातार दुर्दशा का शिकार हो रही सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया टाटा के हाथ में जाने से सारे देश में यह उम्मीद जागी है कि अब इसका संचालन बेहतर तरीके से होगा और यात्री सुविधाओं में भी इजाफा होगा। ठीक उसी तरह से टाटा समूह के हाथों में जाने से नगरनार इस्पात संयंत्र भी विकास के आयाम को छुएगा. आज जिन क्षेत्रों में अच्छी विमान सेवाएं उपलब्ध हैं, वहां तेजी से विकास के रास्ते खुल रहे हैं। इसी भावना से बस्तर के मुख्यालय में विमान सेवा का दायरा बढ़ा है तो इसी सिलसिले में बस्तर में यह चर्चा भी छिड़ गई है कि बस्तर के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी के स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपने के लिए केंद्र सरकार उतावली है तो क्यों न इस प्लांट का संचालन अपने हाथ में लेने टाटा समूह पहल करे। कुछ साल पहले टाटा ने बस्तर में औद्योगिक विस्तार के लिए रूचि दिखाते हुए जमीन अधिग्रहण किया था। तब टाटा ग्रुप ने यहाँ बड़ी रकम खर्च कि थी. लेकिन बाद में कुछ ऐसे हालात बने कि टाटा का उद्योग स्थापित नहीं हो सका और आखिरकार समयावधि बीत जाने के बाद जमीन आदिवासियों को वापस हो गई। अगर टाटा का उद्योग बस्तर में स्थापित हो गया होता तो यहां के आदिवासियों को रोजगार के अवसर मिलते। अन्य बस्तरियों का भी भला होता तो बस्तर विकास की संभावनाएं भी तेजी से बढ़तीं। उम्मीद की जा रही थी कि टाटा का उद्योग स्थापित होने पर बस्तर का विकास टाटानगर जमशेदपुर की तर्ज पर संभव होगा। लेकिन किन्हीं कारणों से यह उम्मीद टूट गई। अब टाटा ने एयर इंडिया के उद्धार की पहल की है तो बस्तर में इन संभावनाओं की दस्तक का इंतजार शुरू हो गया है कि टाटा बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट के लिए क्या वैसी ही पहल करेगा, जैसी एयर इंडिया के लिए की है? वैसे भी टाटा स्टील उद्योग क्षेत्र का एक विश्वसनीय ग्रुप है। टाटा समूह देश के लोगों के बीच औद्योगिक विकास के साथ साथ सामाजिक सरोकार का भी प्रतीक माना जाता है।
सांसद बैज उठा चुके हैं मुद्दा
नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के प्रयासों का शुरू से ही भारी विरोध होता आया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में संकल्प पारित हो चुका है कि यह प्लांट राज्य शासन को दिया जाय। राज्य इसका संचालन करेगा। बस्तर सांसद दीपक बैज भी निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए लोकसभा में भी यह मामला उठा चुके हैं लेकिन अब तक केंद्र की ओर ले ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि नगरनार स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ सरकार को मिल सकता है। यदि यह राज्य को मिलता है तो सरकार खुद संचालित करे, यह बस्तर के लोग चाहते हैं किंतु तब की स्थिति में अगर राज्य ने किसी औद्योगिक संस्थान को इसके संचालन से जोड़ा तो बात वहीं की वहीं रह जायेगी। अब ऐसी स्थिति में कि जब नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण न होने की कोई गारंटी नहीं है तो स्टील क्षेत्र के अनुभवी उद्योग समूह टाटा द्वारा इस दिशा में पहल की जाय तो बस्तर के विकास की राह आसान हो सकती है। यहां के आदिवासियों ने पूर्व में टाटा को अपनी जमीन आखिर विकास की उम्मीद में ही तो दी थी। अब भी यही भावना है कि बस्तर क्षेत्र के विकास और बस्तरियों के रोजगार की संभावना लेकर टाटा की बस्तर वापसी होती है तो यह भी एक आशाओं से भरा कदम होगा। हम यहां इस मामले में राजनीतिक दृष्टिकोण से परे यह देखें कि यदि निजीकरण से बस्तर का कल्याण होने की उम्मीद निकल सकती है तो इसमें राजनीतिक अड़ंगेबाजी फिजूल है। बस्तर तो सिर्फ यही चाहेगा कि नगरनार स्टील प्लांट का संचालन ऐसा हो कि बस्तर के विकास को गति मिल सके और यहां के लोगों को रोजगार मिले।

टाटा ग्रुप को दिया जाए नगरनार संयंत्र

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जनभावना: बस्तर अंचल के लोगों का कहना है कि निजी क्षेत्र के हवाले प्रस्तावित संयंत्र को करना ही है तो टाटा से बेहतर विकल्प नहीं – एयर इंडिया की तर्ज पर हो सकेगा नगरनार इस्पात संयंत्र का उद्धार – इस आदिवासी अंचल के लोगों की उम्मीदें भी होंगी फलीभूत

(अर्जुन झा)

जगदलपुर : बस्तर के लोगों की उम्मीदों और सपनों को पंख लगाने में सहायक साबित होने वाले प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र को आकार देने की सरकारी कोशिश तेज हो गई है. चर्चा है कि सरकार इस संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करने जा रही है. ऐसी चर्चाओं के बीच अंचल से अब यह आवाज़ उठने लगी है क़ि नगरनार संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करना ही है, तो क्यों ना उसे टाटा ग्रुप के हवाले कर दिया जाए. इससे संयंत्र का कामकाज बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा और सदैव कर्मचारी एवं श्रमिक हित का ध्यान रखने वाला यह ग्रुप बस्तर के लोगों क़ी उम्मीदों पर खरा भी उतरेगा.

फिलहाल राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधीन प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र क़ी स्थापना के लिए कवायद तेज हो गई है. सूत्र बताते हैं कि सरकार इस इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में सौंपने वाली है. इसके लिए टेंडर भी बुलाए जा रहे हैं. बस्तर के लोग चाहते हैं कि सरकार ही इस संयंत्र को चलाए और अगर निजी हाथों में सौंपने की ही सरकार की मंशा है, तो स्टील उद्योग का विशेषज्ञ माने जाने वाले टाटा उद्योग समूह को नगरनार संयंत्र सौंप दिया जाए. इसके पीछे लोगों की दलील है कि जिस तरह लगातार दुर्दशा का शिकार हो रही सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया टाटा के हाथ में जाने से सारे देश में यह उम्मीद जागी है कि अब इसका संचालन बेहतर तरीके से होगा और यात्री सुविधाओं में भी इजाफा होगा। ठीक उसी तरह से टाटा समूह के हाथों में जाने से नगरनार इस्पात संयंत्र भी विकास के आयाम को छुएगा. आज जिन क्षेत्रों में अच्छी विमान सेवाएं उपलब्ध हैं, वहां तेजी से विकास के रास्ते खुल रहे हैं। इसी भावना से बस्तर के मुख्यालय में विमान सेवा का दायरा बढ़ा है तो इसी सिलसिले में बस्तर में यह चर्चा भी छिड़ गई है कि बस्तर के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी के स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपने के लिए केंद्र सरकार उतावली है तो क्यों न इस प्लांट का संचालन अपने हाथ में लेने टाटा समूह पहल करे। कुछ साल पहले टाटा ने बस्तर में औद्योगिक विस्तार के लिए रूचि दिखाते हुए जमीन अधिग्रहण किया था। तब टाटा ग्रुप ने यहाँ बड़ी रकम खर्च कि थी. लेकिन बाद में कुछ ऐसे हालात बने कि टाटा का उद्योग स्थापित नहीं हो सका और आखिरकार समयावधि बीत जाने के बाद जमीन आदिवासियों को वापस हो गई। अगर टाटा का उद्योग बस्तर में स्थापित हो गया होता तो यहां के आदिवासियों को रोजगार के अवसर मिलते। अन्य बस्तरियों का भी भला होता तो बस्तर विकास की संभावनाएं भी तेजी से बढ़तीं। उम्मीद की जा रही थी कि टाटा का उद्योग स्थापित होने पर बस्तर का विकास टाटानगर जमशेदपुर की तर्ज पर संभव होगा। लेकिन किन्हीं कारणों से यह उम्मीद टूट गई। अब टाटा ने एयर इंडिया के उद्धार की पहल की है तो बस्तर में इन संभावनाओं की दस्तक का इंतजार शुरू हो गया है कि टाटा बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट के लिए क्या वैसी ही पहल करेगा, जैसी एयर इंडिया के लिए की है? वैसे भी टाटा स्टील उद्योग क्षेत्र का एक विश्वसनीय ग्रुप है। टाटा समूह देश के लोगों के बीच औद्योगिक विकास के साथ साथ सामाजिक सरोकार का भी प्रतीक माना जाता है।
सांसद बैज उठा चुके हैं मुद्दा
नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के प्रयासों का शुरू से ही भारी विरोध होता आया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में संकल्प पारित हो चुका है कि यह प्लांट राज्य शासन को दिया जाय। राज्य इसका संचालन करेगा। बस्तर सांसद दीपक बैज भी निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए लोकसभा में भी यह मामला उठा चुके हैं लेकिन अब तक केंद्र की ओर ले ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि नगरनार स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ सरकार को मिल सकता है। यदि यह राज्य को मिलता है तो सरकार खुद संचालित करे, यह बस्तर के लोग चाहते हैं किंतु तब की स्थिति में अगर राज्य ने किसी औद्योगिक संस्थान को इसके संचालन से जोड़ा तो बात वहीं की वहीं रह जायेगी। अब ऐसी स्थिति में कि जब नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण न होने की कोई गारंटी नहीं है तो स्टील क्षेत्र के अनुभवी उद्योग समूह टाटा द्वारा इस दिशा में पहल की जाय तो बस्तर के विकास की राह आसान हो सकती है। यहां के आदिवासियों ने पूर्व में टाटा को अपनी जमीन आखिर विकास की उम्मीद में ही तो दी थी। अब भी यही भावना है कि बस्तर क्षेत्र के विकास और बस्तरियों के रोजगार की संभावना लेकर टाटा की बस्तर वापसी होती है तो यह भी एक आशाओं से भरा कदम होगा। हम यहां इस मामले में राजनीतिक दृष्टिकोण से परे यह देखें कि यदि निजीकरण से बस्तर का कल्याण होने की उम्मीद निकल सकती है तो इसमें राजनीतिक अड़ंगेबाजी फिजूल है। बस्तर तो सिर्फ यही चाहेगा कि नगरनार स्टील प्लांट का संचालन ऐसा हो कि बस्तर के विकास को गति मिल सके और यहां के लोगों को रोजगार मिले।

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