रायपुर – छत्तीसगढ़ में अवैध शराब बिक्री को लेकर डीजीपी अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों आईजी और एसपी को सख्त निर्देश दिया है कि अवैध शराब बिक्री या परिवहन करने वालों पर सख्त कारवाई करें और यदि कोई भी अधिकारी उसमे तुरंत एक्शन नहीं लेता है उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी और साथ ही अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए है | जिस भी जिले में अवैध शराब बिक्री हो रही हो उसकी जानकारी पुलिस मुख्यालय में दी जाये |
डीजीपी ने यह भी कहा है कि जो भी पुलिस अनुशासनहीन या आपराधिक प्रवृत्ति के है उन पर तुरंत कारवाई करें उदहारण के तौर पर बालोद में पुलिसकर्मी द्वारा बच्ची के साथ अमानवीय घटना पर एसपी द्वारा शीध्र एक्शन लिया गया | और महिला विरुद्ध आपराधिक गतिविधियों पर लगाम और तुरंत कारवाई करने के निर्देश दिए है |
जगदलपुर “गांव हो या शहर हर कोई शिक्षा के महत्त्व को समझ रहा है और दुरस्त अंचलों के बच्चों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता देखने को मिल रहा है जिसके बदौलत प्रावीण्य सूचियों में बच्चों का नाम दर्ज हो रहा है जिनको सम्मान करने का गौरव प्राप्त हो रहा है। भविष्य में अपने गांव-शहर का नाम रोशन करें उसके साथ ही स्कूल, जिला व प्रदेश का नाम भी रोशन करें।” उक्त बातें छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सरस्वती सायकिल वितरण योजना अंतर्गत पंडरीपानी, भगतसिंह, धरमपूरा व तितिरगांव में आयोजित कार्यक्रमों में कहीं।
*संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन ने आगे कहा कि सभी बच्चों को मन लगाकर पढाई करने की आवश्यकता है जिससे यह मुकाम हासिल हो। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व शिक्षा मंत्री डाॅ प्रेमसाय सिंह शिक्षा के क्षेत्र के लिए कई उल्लेखनीय कार्य कर रहें हैं जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि शहीद भगत सिंह में लैबोरेट्री खोला गया है जोकि विधार्थियों को नया राह दिखायेगा। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव शर्मा ने भी प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें बताई साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ छात्राओं को मिलने पर शुभकामनाएं प्रेषित किया। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, निगम सभापति कविता साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता पोयाम , आईटी सेल प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही,खंड़ शिक्षा अधिकारी एम ए भारद्वाज ने भी अपनी बातों को रखा। मुख्यमंत्री व संसदीय सचिव व अतिथियों ने प्रावीण्य सूची में आएं 20 छात्रों का भी सम्मान किया गया।
10 लाख रुपये से बने एटीएल लैंब का लोकार्पण
शहीद भगत सिंह हाई सेकेंडरी स्कूल में एटीएल लैब लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। इस लैब से सभी लोगों को नवाचार के शिक्षा मिलेगी सिर्फ शिक्षक या बच्चों को ही नहीं कोई भी इसका लाभ ले सकते हैं। इस दौरान शाला की विभागीय शिक्षिका द्वारा डेमोंसट्रेशन करके भी दिखाया गया।
यह रहे मौजूद सायकिल वितरण कार्यक्रम में जिला महामंत्री अनवर खान ,पार्वती शर्मा सरपंच पंडरीपानी,जयती मौर्य सरपंच पंडरीपानी दो, सोनसिरा गौतम तितिरगांव, एल्डरमेन अमर सिंह, उपसरपंचगण टेसवंत पानीग्राही, सोमेंद्र ठाकूर, ब्लाक महिला अध्यक्ष लक्ष्मी कश्यफ, कमलु मौर्य, राम पिल्ले, आभास मोहंती,नीरज देवांगन, विष्णु पानीग्राही, खीरमनी कश्यप सहित अन्य उपस्थित थे।
जगदलपुर, 3 नवंबर। मनरेगा के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों में प्रायः भुगतान को लेकर शिकायतें मिलती रहती हैं, कुछ इसी तरह का मामला जगदलपुर जनपद पंचायत के मनरेगा शाखा में भी देखने को मिल रहा है।
विदित हो कि जगदलपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत चितलगुर मैं पंचायत भवन निर्माण कार्य से संबंधित बिल वाउचर मनरेगा शाखा में 1 लाख 39 हजार रुपए का किशोरी सेठिया वेंडर के नाम से प्रस्तुत किया गया था, लेकिन उक्त बिल वाउचर का आहरण ना होकर उसकी जगह पर मेसर्स आरएस ट्रेडर्स जगदलपुर के नाम का कथित फर्जी बिल का भुगतान किया गया है। इस संबंध में जगदलपुर ब्लॉक कार्यालय के मनरेगा शाखा के पीओ केशव प्रधान से चर्चा करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि बिल का भुगतान फर्जी तरीके से किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के पश्चात दोषी पाए गए अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।साथ ही पीओ ने यह भी स्वीकार किया कि बिल वाउचर की फाइल कार्यालय से गुम हो गई है । शाखा प्रोग्रामर किशोर कुमार गजेंद्र के द्वारा इन सभी कार्यों को संपादित किया जाता है। इन्हीं के माध्यम से निर्माण कार्यों के बिल वाउचर का भुगतान भी किया जाता है। जिसके चलते यह कयास लगाया जा रहा है कि फर्जी बिल भुगतान में इनकी भी सहभागिता हो सकती है।
जगदलपुर ( ललित जोशी ) शहर सीमा से लगे जनपद पंचायत जगदलपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आसना में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहे कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार का खेल अनवरत जारी है ग्राम पंचायत में लगभग 7-8 वर्षों से रोजगार सहायक धनेंद्र चौधरी पदस्थ है जो कि भोले-भाले ग्रामीणों का फर्जी मस्टर रोल भरकर लगातार पैसों का आहरण कर रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा के तहत जितने शौचालयों की स्वीकृति मिली थी उन शौचालयों का अब तक पूरा निर्माण नहीं हो पाया है और स्तर हीन और घटिया निर्माण होने की वजह से शौचालय अनुपयोगी हो गए हैं शौचालयों के निर्माण में मापदंडों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया आनन-फानन में शौचालय निर्माण को पूर्ण बताते हुए पूरी राशि का आहरण कर ली गई है जबकि आज भी गांव की महिलाओं को शौचालय के अभाव में मजबूरी वश जंगल झाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है गांव के सैकड़ों गरीबों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसके तहत आवासों का निर्माण किया जा रहा है गांव के आश्रित ग्राम तामाकोनी में बहुत सारे मकान या तो घटिया स्तर के बने हैं या फिर आज भी अधूरे पड़े हैं वहीं कुछ मकानों के निर्माण राशि का बंदरबांट कर लिया गया है ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार सहायक धनेंद्र चौधरी बाहर से मजदूरों को लाकर गांव में चल रहे निर्माण कार्यों को पूरा कराता है तथा फर्जी मस्टरोल भरकर मजदूरी भुगतान राशि का आहरण बैंक के माध्यम से करता है ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकतर मनरेगा मजदूरों की जॉब कार्ड और एटीएम को रोजगार सहायक धनेंद्र चौधरी स्वयं अपने पास रखता है तथा खातों में राशि आने पर आहरण कर लेता है गांव के किसानों के भूमि मरम्मत कार्यों में भी जमकर भ्रष्टाचार का खेल मनरेगा के तहत खेला गया है जहां गांव के मंदिर का मजदूरों को अब तक मजदूरी प्राप्त है वहीं दूसरी तरफ कुछ किसानों को मालूम भी नहीं है कि उनके खेतों के मरम्मत के नाम पर फर्जी तरीके से राशि का आहरण भी कर लिया गया है पूर्व में भी इस रोजगार सहायक के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया था बावजूद इसके इस रोजगार सहायक पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही अथवा जांच नहीं की गई है क्योंकि यह रोजगार सहायक संगठन में भी पदाधिकारी के रूप में पद में रह चुका है इसीलिए इस रोजगार सहायक को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए गांव में विगत 5 वर्षों के दौरान हुए मनरेगा के कार्यों की जांच करने की बात कही है साथ ही साथ रोजगार सहायक द्वारा कराए गए कार्यों की जांच करने की मांग भी ग्रामीणों द्वारा की गई है |
बालोद – जंगल से लगे गांवों में वन्यजीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अभी कुछ दिनों पहले हाथियों के झुंड का उत्पात थमा नहीं कि अब भालू ने भी दस्तक दे दी है । भालू के आने से ग्रामीणों में खौफ बना है।
दल्लीराजहरा – प्रदेश में स्वास्थ्यकर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल की वजह से कोरोना संक्रमितों की सम्पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाई है एंटीजन रिपोर्ट के आधार पर आज दल्लीराजहरा से 04 संक्रमित मिले है किन्तु ट्रू नॉट और RTPCR की रिपोर्ट के आधार पर कुल 12 संक्रमितों की पुष्टि हुई है |
एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें | आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 13 से 01, वार्ड क्र 25 से 01 और छोटेबेतिया कांकेर से 02 मरीजों की पुष्टि हुई है |
इस प्रकार एंटीजन से 04 लोग कोरोना संक्रमित मिले |
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
दल्लीराजहरा – राधिका नेताम द्वारा दिनांक 3।11।2020 मंगलवार को स्पोर्ट क्लब दल्लीराजहरा के आइसोलेशन सेंटर में 32 पुरूष, 19 महिला और 10 कोविड स्टाफ को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया गया।
रनचिरई – थाना रनचिरई क्षेत्र में नाबालिग लड़की से छेड़खानी का मामला। आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग लड़की से किया छेड़छाड़ । थाना रनचिरई पुलिस द्वारा आरोपी गिरफ्तार | प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला भटगांव, थाना रनचिरई का है एक
नाबालिग बालिका जो अपने गांव के बोरिंग में पानी भरने गई थी, जिसे अकेली देखकर आरोपी बोरिंग के पास आया और बेईज्जती करने की नियत से दाहिना हाथ बांह को पकड़ा और तुम्हारे शादी किसी से नही होने दूंगा अगर किसी से शादी करेगी तो मै तुम्हे भी मारूंगा और मै भी मर जाऊंगा कहकर आरोपी युवक इन्द्रजीत महिपाल पिता गंगाराम महिपाल उम्र 19 वर्ष ग्राम भटगांव, थाना रनचिरई, जिला बालोद द्वारा इस प्रकार कृत्य किया गया जिससे नाबालिग
युवती घबरा गई और अपने परिजनों को इस बात की जानकारी दी जिसके पश्चात् परिजनों द्वारा उक्त आरोपी युवक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर और नाबालिग बालिका द्वारा पूछताछ कर आरोपी के विरूध्द धारा 354, 506 भा0द0वि0, 7, 8 पाक्सो एक्ट का अपराध पाये जाने से गिरफ्तार कर बालोद जेल भेज दिया गया |
दल्लीराजहरा – कल देर रात दल्ली – डौंडी मार्ग के चौराहा पड़ाव मोड़ पर कार को बचाने के चक्कर में दो ट्रक आपस में भीड़ गई जिससे एक ट्रक विनायक ट्रांसपोर्ट जो दल्ली की तरफ से माल खाली कर आ रही थी आ रही थी और दूसरी किसान ट्रांसपोर्ट भानुप्रतापपुर की ओर से आयरन ओर लेकर रायपुर जा रही थी सामने से आ रही कार को बचाने के चक्कर में भानुप्रतापपुर की ओर से आ रही ट्रक दूसरी ट्रक को ठोकर मारते हुए रोड से नीचे उतर गई
दल्ली से आ रही ट्रक रोड के बीचो बीच तिरछी खड़े हो गई रात में बड़ी मुश्किल से ट्रक को सड़क के किनारे लगाया गया जिससे कई घंटों तक यातायात मार्ग अवरुद्ध रहा | दल्ली एवं एवं डौंडी के बीच माइंस की ओर से आने वाली भारी वाहनों के कारण आये दिन दुर्घटना के कई
समाचार मिल रहे है किन्तु न तो इन तेज गति से चला रहे ट्रक चालकों पर कोई असर हो रहा है और न ही प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान दिया जा रहा है | कल रात का हादसा बहुत भयानक हो सकता था यदि दोनों ट्रक आमने सामने भिड़ती या कार सवार को अपनी चपेट में लेते तो |
रात के समय गति की सीमा नहीं रहती दल्ली राजहरा की दोनों ओर मानपुर मोड़ एवं चौराहा पड़ाव रोड मैं अक्सर बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी है प्रशासन की ओर से अत्यधिक प्रयासों के पश्चात झरण रोड पर लाइट की व्यवस्था की गई है एवं अस्थाई तौर पर ड्रम रखकर बेरी गेट बनाया
गया है जोकि समस्या का स्थाई समाधान नहीं है झरन मंदिर के पास माइंस की ओर जाने वाली ट्रकों के कारण मोटरसाइकिल सवार एवं कार चालकों को हमेशा भ्रम होता है एवं बड़ी
दुर्घटनाएं घटती है उस मार्ग पर डिवाइडर अथवा कोई स्थाई व्यवस्था कर माइंस की ओर जाने वाली ट्रकों का दिशा निर्धारण पूर्व से ही होना चाहिए दूसरी ओर चिखला कसा पुल पर भी दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाया जाना चाहिए इसके अलावा ट्रक मालिकों को अपने ड्राइवरों से
मदिरापान ना कर एवं निर्धारित गति सीमा पर वाहनों को चलाने का निर्देश भी दिया जाना अति आवश्यक है नौसिखिये ड्राइवर एवं बिना लाइसेंस वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने ना दिया जाए चेकिंग समय-समय पर की जानी अति आवश्यक है आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से शहरवासियों के मन में भय व्याप्त हो चुका है |
दल्लीराजहरा – महारत्न सेल के इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदान राजहरा खदान समूह में सुरक्षा के प्रति जिस तरह से लापरवाही बरती जा रही है और जिस तरह से खदानों में कर्मियों के सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बने सरकारी उपक्रम के अधिकारियों द्वारा इस लापरवाही के प्रति आंख बंद कर लिया गया है उससे कई अहम प्रश्न खड़े होते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के बालोद जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि दिनांक 22 मई 2020 को दल्ली यांत्रिकत खदान मे बिजली पोल को हटाने का कार्य चल
रहा था जिसके दौरान दुर्घटना घटी और अतिराम नामक ठेका श्रमिक की दुखद मौत हो गई। क्योंकि यह फेटल दुर्घटना कार्यस्थल पर कर्मियों के सुरक्षा से जुड़ी थी अतएव इस दुर्घटना की जांच हेतु डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस सेफ्टी । इलेक्ट्रिकल,नागपुर एवं सेल के सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण एवं दुर्घटना के कारणों की जांच की गई। इस बीच भारतीय मजदूर संघ ने यह निर्णय लिया कि क्योंकि इस दुर्घटना से कार्य स्थल पर कर्मियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं अतः श्रमिक संगठन होने के नाते संघ का यह कर्तव्य बनता है कि वह भी इस दुर्घटना की जांच करते हुए दुर्घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को चिन्हित करें।
इस तारतम्य में संघ ने एक जांच समिति का गठन किया और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए कर्मियों से बातचीत की और दुर्घटना के कारणों एवं इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाया ।संघ द्वारा किए गए जांच में जो तथ्य सामने आए उसे ऐसी कई बातें सामने आई है जिससे दल्ली खदान प्रबंधन के कतिपय अधिकारियों द्वारा जालसाजी दस्तावेजों में हेरफेर, ठेका कर्मियों पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर बलपूर्वक पुलिस थाने में गलत बयान बाजी करवाना ,ठेकेदार से मिलीभगत कर के ठेके के नियम और शर्त के विरुद्ध जाकर खुलेआम गैरकानूनी तरीके से ऐसा काम कराया जिसके लिए मृतक अतिराम अधिकृत ही नहीं
थे और ना ही उक्त प्रवृत्ति का कार्य में किसी तरह का कार्य उक्त ठेके में निहित था। दुर्घटना के समय जो कार्य कराया जा रहा था वह विभागीय तौर पर कराया जा रहा था।मृतक अतिराम अकुशल श्रेणी का कामगार था और उसके पास लाइनमैन का कोई सर्टिफिकेट नहीं था। दुर्घटना के वक्त मृतक अतिराम से जो कार्य कराया जा रहा था वह लाइनमैन का कार्य था और चुंकि कार्य विभागीय तौर पर किया जा रहा था अतः उस कार्य को विभागीय लाइनमैन से कराना था।किंतु कार्य का देखरेख करने वाले विभागीय विद्युत इंजीनियर द्वारा विभागीय लाइनमैन से उक्त कार्य नहीं कराया गया और इसके लिए मृतक अतिराम जो कि ठेका नियम के अनुसार अकुशल कामगार था उससे यह कार्य कराया गया जिसके फलस्वरूप दुर्घटना में उसकी मृत्यु हुई।
संघ द्वारा किए गए जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसकी जानकारी देते हुए जिला मंत्री ने बताया कि उक्त दुर्घटना के लिए जो कारक तत्व जिम्मेदार हैं वह निम्नानुसार हैं-
एम/एस मुंदर इलेक्ट्रिकल्स के अकुशल कर्मियों से कुशल श्रेणी के कर्मियों का कार्य कराना। 2.मृतक अतिराम के पास लाइनमैन का सर्टिफिकेट ना होने के बावजूद उससे लाइनमैन का कार्य कराना और इसके लिए उक्त ठेके के ऑपरेटिंग अथॉरिटी द्वारा अति राम के गेट पास में फर्जी रूप से उसे लाइनमैन दर्शना।
विभागीय कार्य होते हुए और विभागीय लाइनमैन उपलब्ध होने के बावजूद एक अकुशल श्रेणी के व्यक्ति से लाइनमैन जैसे कुशल श्रेणी का कार्य कराना और उसे उचित ठहराने हेतु गेट पास जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में कूटरचना करना।
एम/एस मुंदर इलेक्ट्रिकल्स द्वारा ठेके में कोई सुपरवाइजर नहीं रखना और दुर्घटना के बाद दल्ली यंत्री कृत खदान के वरिष्ठ प्रबंधक इलेक्ट्रिक द्वारा ठेके के एक कर्मी पर नौकरी से हटाने का दबाव डालकर पुलिस थाने में गलत बयान बाजी करवाना।
जिस विद्युत रेल पोल को हटाने का कार्य विभागीय तौर पर कराया जा रहा था वह पहले से ही क्षतिग्रस्त था और यह बात दल्ली यंत्रीकृत खदान के सभी अधिकारी और कर्मियों को पता था। किंतु इसके बावजूद कार्य के दौरान उक्त पुल को गिरने से रोकने हेतु प्रबंधन के चहेते विद्युत इंजीनियर द्वारा कोई समुचित प्रबंध ना करना।
MMR 1961 एवं CEA के सुरक्षा प्रावधानों के तहत उचित इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर की नियुक्ति ना करना जिससे कि काम में कोई दुर्घटना ना घटे की अवहेलना करना। इसके अलावा कुछ और भी ऐसे तथ्य हैं जिनको उजागर इस समय संघ करना नहीं चाहता क्योंकि अगर उन तथ्यों को संघ सार्वजनिक करता है तो इससे ना केवल प्रबंधन के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़े होंगे और साथ ही कुछ अधिकारी की कार्यशैली पर न केवल प्रश्न उठेगा बल्कि वर्तमान में चल रहे विभागीय जांच पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात प्रबंधन द्वारा कही जावेगी,साथ ही अगर उन तथ्यों को सार्वजनिक कर दिया जाता है तो खदान कर्मियों का विश्वास डीजीएमएस जैसे संवैधानिक संस्था से भी उठ जावेगा क्योंकि इस पूरे प्रकरण में संघ के दृष्टिकोण में डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल नागपुर द्वारा जो जांच की गई है उसमें या तो इन तथ्यों की जानकारी उन्हें स्थानीय प्रबंधन द्वारा नहीं दी गई है या फिर किसी अनुचित प्रभाव में आकर डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल नागपुर द्वारा जानबूझकर इन तथ्यों को अनदेखा करते हुए केवल लीपापोती करने का कार्य किया गया है। अंत में मुश्ताक अहमद ने कहा कि भले ही बीएसपी प्रबंधन और इसके अधिकारी अपने आप को देश और देश के कानून से ऊपर मानते हो परंतु संघ को देश के कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और अगर विभागीय जांच में प्रबंधन द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही की जाती है या गैरकानूनी तरीके से बेगुनाह कर्मी को दोषी साबित करते हुए किसी भी तरह की सजा दी जाती है तो संघ ना केवल इसका विरोध करेगा बल्कि न्यायालय में जाकर उन तमाम तथ्यों को रखते हुए न्याय की मांग करेगा जिन तथ्यों को स्थानीय प्रबंधन द्वारा छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां एक बात और प्रमुखता से सामने आती हैं कि मृतक साथी अतिराम की दुर्घटना में मौत हुए 05 माह से अधिक समय हो गया है, उसके बाद भी स्थानीय खदान प्रबंधन द्वारा उनके परिवार से किसी को भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है जो कि बहुत ही शर्मनाक है।ऐसा लगता है कि प्रबंधन के कुछ अधिकारी ईस अनुकंपा नियुक्ति में जानबूझकर देरी कर रहे हैं,या किसी प्रकार की लालसा के कारण ऐसा किया जा रहा है समझ से परे है,मगर बी एस पी प्रबंधन के ऐसे कृत्य से मृतक अतिराम के परिवार के समक्ष जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। जबकि अभी तक राजहरा खदान में दुर्घटना में हुई श्रमिक साथियों की मृत्यु पर तत्काल उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती रही है। भारतीय मजदूर संघ खदान प्रबंधन को तत्काल मृतक के परिवार में एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग करता है, और अगर प्रबंधन द्वारा 15 दिन के अंदर अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाती है तो भारतीय मजदूर संघ ईसके लिए कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बी एस पी प्रबंधन की होगी। मुश्ताक अहमद, जिला मंत्री भा. म. सं. बालोद-जिला (छ.ग.)