दल्ली राजहरा नगर के युवाओं एवं वरिष्ठजनों के द्वारा नगर एवं आस पास के क्षेत्रों से आए मरीजों को न्यू बर्थ ,, नया जीवन,, ब्लड ग्रुप दल्ली राजहरा के द्वारा निःशुल्क रक्तदान किया जाता है। कांकेर एवं राजनांदगाँव जिले के अंतिम छोर में अस्पतालों के अभाव के कारण अच्छे
स्वास्थ्य सुविधा को देखते हुए दल्ली राजहरा के अस्पतालों में बडा। संख्या में आते है। दूसरे जिले से आए मरीजों को यदि रक्त की कमी की समस्या हो तो। वे न्यू बर्थ ,, नया जीवन, ब्लड ग्रुप के सदस्यों से संपर्क करते है। सभी सदस्य एक दूसरे से संपर्क कर रक्त की व्यवस्था उन्हें
समय पर करा देते है, जिससे उन मरीजों के परिजनों को ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। और मरीज को समय पर रक्त मिल जाने से उनके स्वास्थ्य में सुधार हो जाता है।
महज 6 माह पूर्व ही इस ग्रुप का निर्माण हुआ था और अब तक इस ग्रुप में ही लगभग 350 से अधिक लोगों को निःशुल्क रक्तदान कर चुके है। इतने कम समय में अच्छा सहयोग ही न्यू बर्थ,नया जीवन,, निःशुल्क ब्लड ग्रुप दल्ली राजहरा की खास का पहचान बनी हुई है। इस ब्लड ग्रुप में कांकेर , बालोद एवं राजनांदगाँव जिले के सदक का विशेष योगदान दिया जा रहा है।
दल्लीराजहरा – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल द्वारा विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिन्दू धर्म और उसके आराध्य भगवान श्री राम जी के बारे में अपमान जनक बयान बाजी एवं हिन्दू धर्मग्रंथो की भ्रामक व्याख्या कर लगातार जनभावनाओं को उकसाने का प्रयास किया जा रहा है| जिसे विभिन्न यू ट्यूब चैनल में देखा जा सकता है|
जिसकी शिकायत पुरे छत्तीसगढ़ में विभिन्न संगठनों द्वारा प्रशासन से किया गया है किन्तु आज पर्यंत उनके बयान बाजी पर कोई कार्यवाही नही किया गया है| ऐसा प्रतीत होता है जैसे नंदकुमार बघेल के इस साजिशपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति में स्वयं शासन प्रशासन की भी सहभागिता है| सोशल मीडिया में खबरे चलायी जा रही है की कल दिनांक 29/10/20 को गोरचा गढ़ में रावण महिषासुर और मेघनाथ का शहादत दिवस मनाया जायेगा. जबकि भीतर खाने सूचना
मिल रहा है की इस कार्यक्रम के आड़ में भगवान राम का पुतला बनाकर दहन किया जायेगा…
अतः इन सब घटनाओ के विरोध में सर्व समाज समरसता समिति दल्ली राजहरा द्वारा जिलाधीश बालोद, जिला पुलिस अधीक्षक बालोद, सिटी मजिस्ट्रेट एवं थाना प्रभारी दल्लीराजहरा को ज्ञापन देकर त्वरित कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है|
विदित हो की यदि कल सम्बंधित जगह पर कोई अनपेक्षित घटना होती है तो दल्ली राजहरा सर्व समाज समरसता समिति के कार्यकर्ता तुरंत मानपुर मार्च करेगा इसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होंगी |
दल्लीराजहरा में कोरोना को लेकर जिस प्रकार संक्रमितों के आकड़े बढ़ रहे है उससे लोगों की लापरवाही साफ़ नजर आ रही है | आज फिर से 15 कोरोना संक्रमित मिले |
एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें | आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 04 से 01, वार्ड क्र 06 से 01, वार्ड क्र 07 से 01, वार्ड क्र 08 से 03, वार्ड क्र 14 से 02, वार्ड क्र 22 से 02, वार्ड क्र 23 से 01, वार्ड क्र 25 से 01, वार्ड क्र 27 से 01, मन्कुंवर से 01 और नर्राटोला से 01 मरीजों की पुष्टि हुई है |
इस प्रकार एंटीजन से 01, RTPCR से 13 और ट्रू नॉट से 01 की रिपोर्ट के आधार पर आज कुल 15 लोग कोरोना संक्रमित मिले |
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
बालोद। ओबीसी महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश के इकाई में विभिन्न पदों पर नए लोगों को नियुक्ति प्रदान कर इस महासभा के कार्यों को आगे बढ़ाने मौका दिया गया है। राष्ट्रीय कोर कमेटी के अनुशंसा तथा कोर कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश के इकाइयों में ओबीसी महासभा के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई है। जिसमें बालोद जिले के अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को भी मौका दिया गया है। इसके अलावा दूसरे क्षेत्र
बिलासपुर, कबीरधाम, दुर्ग भिलाई, महासमुंद, मुंगेली, बलौदा बाजार सहित अन्य जगहों से भी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। बालोद जिले से जिला सचिव पसौद के पोषण साहू, महासचिव परसोदा के डॉ बिसंभर सिन्हा तो जिला मीडिया प्रभारी का दायित्व जगन्नाथपुर, बालोद के दीपक कुमार यादव को सौंपा गया है। ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने बताया कि ओबीसी के लोगों के हितों में यह राष्ट्रीय संगठन काम करती है। तो वहीं छत्तीसगढ़ में ओबीसी के लोगों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ भी आवाज उठाती है। विगत दिनों विभिन्न मांगों को लेकर ओबीसी महासभा ने स्थानीय जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था।
ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू
नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने बधाई देते हुए कहा है कि आप ओबीसी महासभा के नियमानुसार संविधान के दायरे में रहकर महापुरुषों की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी के लक्ष्य के लिए प्रयासरत रहेंगे।
जिला सचिव पसौद के पोषण साहू
सरकार से आरक्षण बढ़ाने समेत अन्य मांगो पर मुखर है ओबीसी महासभा
बता दें कि ओबीसी के हितों में राज्य व केंद्र सरकार दोनो से विभिन्न मांगों को लेकर यह महासभा प्रयासरत है। इनकी मांग है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बनाया जाए। 1931 की जनगणना के मुताबिक देश में पिछड़ा वर्ग की आबादी 51% थी।
महासचिव परसोदा के डॉ बिसंभर सिन्हा
इसके बाद 2011 में गणना हुई जिसके आंकड़े कभी देश के सामने नहीं रखे गए। वे चाहते हैं कि जनगणना में अब ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बना देना चाहिए, ताकि सही आंकड़े सामने आ सकें। इसी हिसाब से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। उत्थान के लिए अन्य योजनाएं भी इसी आधार पर बनानी चाहिए। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि देश की सबसे बड़ी आबादी का विकास हुए बिना देश का विकास भी संभव नहीं।
जिला मीडिया प्रभारी का दायित्व जगन्नाथपुर, बालोद के दीपक कुमार यादव
केंद्र-राज्य में ओबीसी पदों के लिए जल्द शुरू हो भर्ती प्रक्रिया
महासभा के पदाधिकरियों ने कहा कि पूरे देश में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हजारों-लाखों पद रिक्त पड़े हैं। बैकलॉग के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया की शीघ्र की जाए। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण में क्रीमिलेयर की अनावश्यक शर्तों को लेकर भी समाजों में काफी आक्रोश है। क्रीमिलेयर के अंतर्गत सैलरी, कृषि समेत अन्य आय को जोड़ना गलत है। यह भविष्य में ओबीसी वर्ग की बहुत बड़ी आबादी को आरक्षण से बाहर करने की साजिश है। अनुसूचित जाति-जनजाति की तरह पिछड़ा वर्ग को भी पदोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।
छग में सीलिंग एक्ट के तहत अधिगृहीत जमीन वापस करें
छत्तीसगढ़ में सीलिंग एक्ट 1970-80 के तहत किसानों की जमीनें अधिगृहीत की गईं। योजना तो कहीं नहीं दिखी, लेकिन भू माफियाओं ने जमीनें हथिया लीं और किसानों से मुख्तियारनामा बनवाकर अरबपति बन गए। इस मामले की जांच होनी चाहिए और किसानों को उनकी जमीनें वापस की जानी चाहिए। इसके अलावा फरवरी में हुए ओबीसी आंदोलन के दौरान छतरपुर में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी अविलंब वापस लेने और पिछड़ा वर्ग समाज के लिए अलग से ऋण योजना शुरू करने की मांग की जा रही है।
रायपुर – छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपा गया जिसमे कोरोना महामारी की वजह से 15 मार्च से बंद हुए स्कूलों 2 नवम्बर से पुनः खोलने की मांग की गई है जिसमे कक्षा 6 वी से 12 तक की कक्षाओं को पहले खोलने का आग्रह किया गया है | कोरोना की मद्देनजर अभी हाल में स्थिति नियंत्रण में है |
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अन्य राज्यों में स्कूल खोल दिया गया है | साथ ही प्रदेश सरकार को भरोसा दिलाया कि यदि स्कूल खुल जाते है तो कोरोना संक्रमण के निर्धारित गाइडलाइन का पालन किया जायेगा |
बालोद–मां बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय गुरुर में आज सतर्कता जागरूकता शपथ लिया जिसमें महाविद्यालय प्राचार्य डॉ नाजमा बेगम जी ,प्रो. एम.एल.सिन्हा , रामस्वरूप सिन्हा,यज्ञदत्त साहू ,नरेन्द्र खोब्रागढे , हुमन लाल , राकेश कुमार व अन्य स्टाफ के द्वारा लिया गया।
गरियाबंद – ग्राम मालगांव में दशहरा पर्व मना रहे लोगों से कांग्रेस नेत्री के पुत्र और उनके दोस्तों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई थी जिससे नाराज कांग्रेस नेत्री के पुत्र और उसके दोस्तों ने अपनी कार कुछ दूर आगे ले जाकर वापस मुड़कर तेज रफ्तार से लोगों के
बीच कार ले जाकर लोगों की हत्या करने की नीयत से कार से ठोकर मारते वहां से फरार हो गये, जिससे मौके पर ही चार वर्षीय बालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई तथा कूल 12 लोग घायल हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में तीन से चार लोग सवार थे। रात्रि में करीब साढ़े दस बजे मालगांव के ग्रामीण दशहरा उत्सव मनाकर अपने घरों की ओर लौट रहे थे उसी वक्त कार चालक ने अपनी कार ग्रामीणों पर चढ़ा दी। इस घटना में मौके पर ही एक चार वर्षीय बालक की मृत्यु हो गई जो अपने पिता के साथ था। साथ ही 11 लोग घायल हो गये। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है। जिन्हें इलाज के लिए रायपुर रेफ़र किया गया है।
इस प्रकार हुए दुर्घटना से बौखलाए ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गये रात में ही सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने आरोपी कार चालक के घर को लिया था। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की, सिटी कोतवाली में भी घंटो तक ग्रामीण हंगामा करते रहे। सुबह ग्रामीणों ने एन एच 130 जाम कर दिया जिसकी वजह से देवभोग रायपुर मार्ग कई घंटों तक जाम रहा। स्थिति गंभीर होती देख घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। आस पास के जिलों से भी पुलिस बल बुलाना पड़ा।
इस अमानवीय घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने रात भर सर्चिंग अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थी लोकेश्वर ध्रुव की रिपोर्ट दर्ज करते हुए थाना सिटी कोतवाली गरियाबंद द्वारा आरोपी रोमित राठौर पिता ओम राठौर तथा सौरभ कुटारे पिता
स्व.गजेंद्र कुटारे 26 वर्ष निवासी अम्बेडकर चौक के विरुद्ध धारा 302, 307, 34 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। घटना में प्रयुक्त कार विटारा ब्रेज़्ज़ा क्रमांक सीजी 23 जे 6520 को घटना के बाद आरोपियों ने छिपा दिया था जिसे गवाहों के समक्ष बरामाद किया गया है।
नगरनार, 27 अक्टूबर, 2020 – सतर्कता सप्ताह के अंतर्गत आज एन एम डी सी के इतिहास में पहिली बार एन एम डी सी परिवार के समस्त कर्मियों ने एक साथ सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा ली
और राष्ट्र के हित में लगन और निष्ठा से काम करने की कसम खाई। सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मतिथि, ३१ अक्तूबर, को भारत सरकार द्वारा सतर्कता दिवस और उस सप्ताह को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस साल इस सप्ताह का विषय “सतर्क भारत, समृद्ध भारत” है।
सुमित देब, सी एम् डी, एन एम डी सी, ने कर्मियों को सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा दिला कर प्रेरित किया और सभी कर्मियों को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का संदेश दिया। ऑनलाइन वीडियो प्रसारण के माध्यम से जुड़ कर देश भर में अलग अलग जगह स्थित एन एम डी सी परिवार के सभी सदस्यों ने एक ही समय, संगठन के हैदराबाद के मुख्यालय में बिराजमान श्री सुमित देब जी के नेतृत्व में प्रतिज्ञा ली। इस अवसर पर राष्टपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मुख्य सतर्कता आयुक्त के संदेश भी पढ़े गए। नगरनार स्टील प्लांट के कर्मियों ने भी इस अवसर पर एन एम डी सी के अन्य स्थानों के कर्मियों के साथ मिलकर प्रतिज्ञा ली।
आते सप्ताह भर में नगरनार स्टील प्लांट में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं जिन से कर्मचारियों की सतर्कता की ओर रुचि और बढ़ेगी। इस साल के विषय – “सतर्क भारत, समृद्ध भारत”-को केंद्रित कर कर्मचारियों के लिए निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। साथ साथ, प्लांट के विभिन्न पैकजों के लिए भी हाउसकीपिंग से जुड़ी प्रतियोगिता आयोजित होगी जिसमें सामग्री और मशीनों की देख रेख तथा उचित रखरखाव पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा।
अर्जुन झा – जगदलपुर। बस्तर संभाग में पुलिस द्वारा ठेकेदारों को सुरक्षा के नाम पर परेशान किया जा रहा है। ठेकेदारों को नक्सली मददगार बताकर उनको निशाने पर लेकर परेशान किया जा रहा है। बस्तर विकास के वादों और दावों के बीच हुए क्रमिक विकास को महसूस करते हुए खुली आंखों से देखा जाए तो सरकार की मंशा के अनुरूप न तो पिछली सरकारों के जमाने में अपेक्षाएं पूरी हुईं और न ही मौजूदा सरकार के अब तक के कार्यकाल में वांछित परिणाम सामने आए हैं। शासन और प्रशासन के प्रयासों के बीच सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पुलिस सहित अन्य सभी विभागों के बीच जब तक व्यावहारिक समन्वय स्थापित नहीं होगा, तब तक बस्तर का वांछित विकास अवरुद्ध रहने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। संभाग मुख्यालय से एक नजीर सामने आई है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने दरभा के नक्सल प्रभावित इलाके में रात गुजारकर यह उम्मीद जगाई है कि सरकार के ठोस इरादों को जमीन पर साकार करने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। बस्तर कलेक्टर ने जिले के आला अफसरों के साथ रात 12 बजे नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम मादरकोंटा पहुंचकर अहसास कराने की कोशिश की है कि विकास कार्यों का भौतिक परीक्षण करके, दूर दराज के इलाकों में ग्रामीणों के बीच जाकर ऐसा माहौल तैयार किया जायेगा, जिसमें जनता को यह भरोसा हो कि वाकई विकास होगा। विकास सलीके से होता नजर भी आयेगा।
कलेक्टर रजत बंसल ने सुदूर वनांचल ग्राम मादरकोंटा में पहुंचकर विकास कार्यो की जमिनी हकीकत की पड़ताल की। जिससे शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को मिल सके। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। चौपाल लगाकर मौके पर ही समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास किया। इस तरह की पहल बस्तर के सातों जिलों में अपेक्षित है। जब पिछली सरकार के जमाने में सुकमा कलेक्टर का नक्सलियों ने अपहरण किया था, उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मैदानी सक्रियता प्रभावित होना स्वाभाविक है। इस शिथिलता के कारण विकास कार्याें का भौतिक परीक्षण भी सवालों के दायरे में आया। जब विकास कार्याें की सतत निगरानी न हो तो विकास कार्य अव्यवस्थित होंगे ही। अब आशा जागी है कि मौजूदा सरकार मैदानी सक्रियता पर खास ध्यान दे रही है तो हालात बदल सकते हैं। लेकिन ऐसा तब तक संभव नहीं है, जब तक कि विकास कार्यों में लगे ठेकेदारों और काम में लगे हर व्यक्ति को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अवसर नहीं मिलता। अक्सर शिकायतें सामने आती हैं कि सुरक्षा के नाम पर बस्तर संभाग के ठेकेदारों और काम में लगे लोगों को दोहरी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। संवेदनशील इलाकों में नक्सल खतरा तो रहता ही है, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस से भी उन्हें अड़चन ही मिलती है। आम तौर पर शिकायत मिल रही है कि विकास कार्यों में लगे वाहन रात में थाने में ले जाकर रखने कहा जाता है। चाहे थाना कार्य स्थल से कितनी भी दूरी पर क्यों न हो। यह भी शिकायत है कि जब से कांकेर इलाके में कुछ लोगों को नक्सल मददगार के रूप में पकड़ा गया है, तब से सारे ठेकेदारों को एक ही नजरिए से देखा जा रहा है। ऐसी स्थिति में विकास कार्याें का बाधित होना तय है। इस स्थिति से बचने का एकमात्र रास्ता वही है जो बस्तर कलेक्टर ने चुना। मैदानी सक्रियता। संभाग मुख्यालय के जिला कलेक्टर की तरह सातों जिलों के पुलिस कप्तान भी अपने सहयोगियों की तरह जनता के बीच सोशल पुलिस की भूमिका निभाएं, विकास कार्यों के मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें, शिकायतों पर कार्रवाई और समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें तो शासन की सोच के हिसाब से बस्तर के व्यवस्थित विकास को पंख लग सकते हैं।
जगदलपुर, 27 अक्टूबर 2020/ विजय दशमी को भीतर रैनी पर रथ परिक्रमा के बाद रात्रि को चुराई गई रथ की वापसी कुम्हड़ाकोट में नवाखानी के बाद हुई। उल्लेखनीय है कि विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में कोड़ेनार-किलेपाल क्षेत्र के माड़िया जनजाति के युवाओं द्वारा विजय रथ को माता के छत्र के साथ चुराने की परम्परा है, जिसे कुम्हड़ाकोट के जंगल में छुपाया जाता है। मंगलवार को उसी विजय रथ को वापस लेने के लिए आश्विन शुक्ल एकादशी पर राजपरिवार, बस्तर दशहरा समिति, माझी, मुखिया, चालकी, नाइक, पाइक, देवी, देवता कुम्हड़ाकोट के जंगल पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंचे।
यहां विधिवत माता के छत्र की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर माटी पुजारी श्री कमल चंद्र भंज देव, बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री दीपक बैज, राजपरिवार के सदस्यों ने नए चावल की खीर खाई। इस अवसर पर खीर का वितरण प्रसाद के रूप में किया गया और नवाखानी की रस्म निभाई गई। इसके बाद हर्षोल्लास के साथ विजय रथ के वापसी व बाहर रैनी पूजा विधान पूरी की गई।