एक समय नक्सलियों के द्वारा बासागुड़ा-तर्रेम सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दी गयी थी और इस सड़क पर आवागमन बंद हो गयी थी। लेकिन अब सुरक्षा बलों की कड़ी चैकसी के बीच बासागुड़ा-तर्रेम सड़क निर्माण पूर्ण हो चुकी है। सड़क निर्माण के दौरान नक्सलियों ने कई बार जवानों को नुकसान पहुँचाने के लिए घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बावजूद सुरक्षा बलों के जवानों के हौसले और सजगता के साथ यह सड़क मूर्त रूप ले चुकी है। इस सड़क के बन जाने के पश्चात क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन, पेयजल, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओें को पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन भरसक प्रयास कर रही है। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान 80 के दशक में बीजापुर से बासागुड़ा-जगरगुंडा होकर दोरनापाल तक इस मार्ग पर बसें चला करती थीं और बासागुड़ा एवं जगरगुंडा का बाजार गुलजार रहता था। लाल आतंक के चलते बाद में बसें बंद हो गयी और नक्सलियों ने उक्त सड़क को जगह-जगह काट दिया था। वहीं पुल-पुलिया को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। नक्सलियों के दहशत के कारण कई ग्रामीण अपने गांव छोड़कर अन्यत्र चले गये थे। लेकिन अब सुरक्षा बलों की कड़ी सुरक्षा और सक्रिय सहभागिता से बासागुड़ा-तर्रेम सड़क बन चुकी है। जिससे इस ईलाके के गांवों में विकास को बढ़ावा मिला है और ये गांव फिर से आबाद होने लगे हैं।
बासागुड़ा के एक वयोवृद्ध सज्जन बताते हैं कि अविभाजित बस्तर जिले के दौरान 80 के दशक में यह क्षेत्र समृद्ध था, बीजापुर से दोरनापाल तक बसें चला करती थीं और वनोपज-काष्ठ का समुचित दोहन हो रहा था। इस ईलाके के किसान अच्छी खेती-किसानी करते थे, वहीं ग्रामीण संग्राहक वनोपज का संग्रहण कर स्थानीय बासागुड़ा बाजार में विक्रय करते थे। बासागुड़ा बाजार वनोपज के कारोबार से परिपूर्ण था। लेकिन आज से लगभग 20 वर्ष पहले लाल आतंक के चलते सड़क बंद हो गयी और गांव के गांव वीरान हो गये थे। अब शासन-प्रशासन के संकल्प से बासागुड़ा-तर्रेम पक्की सड़क का सपना साकार हो गया है और ईलाके में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है। यही वजह है कि अब इस क्षेत्र के गांवों के ग्रामीण फिर से आकर बसने लगे हैं। बासागुड़ा निवासी एक बुजुर्ग बताते हैं कि सड़क बन जाने के बाद अब इस क्षेत्र के लोगों में हर्ष व्याप्त है और ग्रामीण क्षेत्र मेें शांति एवं अमन-चैन की आस लेकर फिर से खेती-किसानी को बेहतर ढंग से करने सहित वनोपज संग्रहण एवं अन्य जीविकोपार्जन साधनों की ओर उन्मुख हो गये हैं। क्षेत्र के ग्रामीण सड़क निर्मित करने सहित ईलाके में विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला कांकेर ने जिले के विभिन्न विकास खंडों के शिक्षकों के द्वारा कोरोना संक्रमण से निधन हुए शिक्षकों की स्मृति में कोरोनावायरस रोकथाम हेतु कलेक्टर कांकेर को 1 लाख एक हजार एक सौ ग्यारह रुपए का आर्थिक सहयोग राशि एव 100 नग N-95मास्क प्रदान किया !कलेक्टर ने जिले भर के शिक्षकों को उनके किए गए कार्यों के लिए आभार जताया व सभी शिक्षकों के द्वारा कांटेक्ट ट्रेसिंग सहित विभिन्न ड्यूटी का जिम्मेदारी के निर्वहन करने पर हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया संघ की मांग पर मृत शिक्षकों के परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति में पारदर्शिता पूर्वक काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापना हेतु आश्वस्त भी किया, कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहे कांकेर जिले की आम जनता के लिए संवेदनशीलता का परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की सदस्यों ने कांकेर जिले में कोरोना संक्रमण से निधन हुए 13 शिक्षकों स्वर्गीय केस लाल कौशल स्वर्गीय अनूप देहारी, स्वर्गीय रूपाल सिंह गोटा, स्वर्गीय रितेश नेताम कोयलीबेड़ा ,स्वर्गीय रामेश्वरी मरकाम, स्वर्गीय जैन सिंह मरकाम दुर्गुकोंडल, स्वर्गीय शशि सुरोजिया कांकेर, स्वर्गीय राम जी कांगे, कमलेश मरकाम, भानूप्रतापपुर, स्वर्गीय रविंद्र नाथ कुमेटी, स्वर्गीय सियाराम हिचामी की स्मृति में जीवनदीप समिति कांकेर के नाम से कलेक्टर चंदन कुमार को शिक्षकों से एकत्रित की गई राशि ₹101111 एवं100 नगN 95 मास्क समर्पित किया, ज्ञात हो कि इसके पूर्व कांकेर जिले के शिक्षकों द्वारा कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु विभिन्न डीडीओ के माध्यम से अपने एक दिवस का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया जा चुका है, इसके साथ ही जिले के शिक्षकों द्वारा ग्रामीण अंचलों में कोरोना वैक्सीन लगाने हेतु लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि इस हेतु किए जा रहे प्रयासों को गति मिल सके कलेक्टर कांकेर में छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के द्वारा कोरोना संक्रमण रोकथाम हेतु किए जा रहे प्रयासों पर सिविल सर्जन कोविड-19 में कार्यरत समस्त डॉक्टर बीएमओ सहित समस्त स्वास्थ्य कर्मी अधिकारी कर्मचारियों का का आभार व्यक्त करते हुए उनके कार्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की कान्केर जिले में बेहतरीन व्यवस्था होने पर कलेक्टर महोदय का आभार व्यक्त किया |
जिले के समस्त शिक्षकों को उनके सेवा भाव व कोई नाइट ड्यूटी में कांट्रैक्ट ट्रेस, एक्टिव सर्विलांस ड्यूटी कर रहे समस्त शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी पूरी तन्मयता के साथ कोरोना संक्रमण रोकथाम हेतु दायित्व कर्तव्य का निर्वहन किया जिसके कारण से हमारा जिला कोरोना संक्रमण की दर को नियंत्रित करने में सफल रहा छत्तीसगढ़ फीचर्स एसोसिएशन की प्रदेश संयोजक वाजिद खान ,प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला, जिला सचिव संतोष जायसवाल ने कहा कि कांकेर जिले में जिस तरह से योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण संक्रमण के रोकथाम हेतु कलेक्टर कांकेर के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है वह निश्चित ही सराहनीय है और जिसके कारण से कांकेर जिले में कोरोनावायरस की दर कम हुई है एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कोरोना ड्यूटी में सेवारत चिकित्सक समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त किया कि शीघ्र ही हमारा जिला सभी के सहयोग से कोरोना संक्रमण से मुक्त होगा इस दौरान एसोसिएशन के जिला पदाधिकारी निरंकार श्रीवास्तव वैभव मेश्राम जिला विधिक सलाहकार ब्लॉक अध्यक्ष सत्यनारायण नायक मनीष तिवारी गोरखनाथ ध्रुव मुकेश जैन राम भजन नेताम अनूप पूरबिया बोधन साहू किशोर विश्वकर्मा गोकर्ण प्रधान डॉक्टर कृष्णमूर्ति शर्मा प्रदीप कुलदीप ब्लॉक अध्यक्ष बीपी ठाकुर, खमन नेताम ,धर्मराज कोरेटी आर एम राय, राजेंद्र खुडश्याम, डूमेंद्र साहू, गणेश रवानी उपस्थित रहे |
आज पूरी दुनिया में ‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ मनाया जा रहा है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है लड़कियों और महिलाओं को महीने के `उन 4-5 दिन’ यानी मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता रखने के लिए जागरूक करना और उन्हें माहवारी से संबंधित सही जानकारियां देना। साथ ही समाज में फैली उस क्रूर मानसिकता को दूर करना जो महावारी से जुड़ी हुई है| मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाने के लिये 28 तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि आमतौर पर महिलाओं के मासिक धर्म 28 दिनों के भीतर आते हैं और पीरियड्स साइकल 28 दिनों का होता है।
समान्यतः मासिकधर्म 9 से 13 साल की लड़कियों को होने लगता है। यह शरीर में होने वाली एक सामान्य हार्मोनल प्रक्रिया है। इसके होने से शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं। यह क्रिया बिल्कुल प्राकृतिक है|, यह सभी लड़कियों में किशोरावस्था के अंतिम चरण से शुरू हो जाती है| लेकिन इसके बारे में बहुत से लोगों के मन मे कई तरह की अवधारणाएं बनी हुई हैं जो अज्ञानता के कारण गम्भीर रूप से समाज मे फैली हुई है।
जिला प्रभारी सीएमएचओ डॉ.डी.राजन ने बताया मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता न रखने पर बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन होने की संभावना बनी रहती है। मासिक धर्म के समय कपड़े से बेहतर सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करना चाहिए| इन्हें समय- समय पर बदलें। इस्तेमाल किए गए पैड को सही तरीके से फेंकना भी बहुत जरूरी है नहीं तो आसपास के वातावरण में भी बीमारियां फैल सकती हैं। प्रयोग किए गए पैड्स कागज में लपेटकर कूड़ेदान में डालें। ध्यान रखें कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक साधारण शारीरिक प्रक्रिया है। अगर कोई समस्या है तो डॉक्टर की सलाह ले।
आंगनबाड़ी सुपरवाइजर जगदलपुर (ग्रामीण) रेखा नाग ने बताया मासिक धर्म के दौरान कई तरह की परेशानियां होती हैं और संक्रमण का खतरा रहता है। इसकी मुख्य वजह गंदे कपड़े का उपयोग है। ग्रामीण इलाकों में मासिक धर्म के प्रति भ्रांतियां काफी फैली हैं। मासिकधर्म के दौरान लड़कियों और माताओं को अलग कमरे में रहने को कहा जाता है, उनके खान पान को लेकर भी बहुत सी पाबन्दी रहती है जिसके कारण उनके बच्चों को कुपोषण जैसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम किये जाते है जिससे ग्रामीणों के मानसिकता में बदलाव आने लगा है।
कुरन्दी की मितानिन चम्पावती ने बताया मासिकधर्म स्वच्छता के लिये 2 साल पहले क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया गया था। तब ज्यादातर महिलाएं माहवारी के समय कपड़े का प्रयोग करती थी जो कि उनके लिये असुरक्षित होता था। फिर उन्हें अभियान के दौरान सेनिटरी पैड के महत्व को बताया गया साथ ही स्वयं सहायता समुह के द्वारा कम दरों पर सेनिटरी पैड का वितरण किया गया। इस प्रयास से ग्राम की सभी औरतें माहवारी स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक हुई है। अब महिलाएं अपनी बेटियों के लिये माहवारी के दौरान कपड़े के बजाय सैनेटरी पैड देती हैं।
NFHS-4 2015-16 की रिपोर्ट में 15 वर्ष से 24 वर्ष की युवतियों में किये गए सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ में में 47 प्रतिशत महिलाएं ही माहवारी प्रबंधन के लिए स्वच्छ साधन का उपयोग करती हैं जिनमे 34 प्रतिशत महिलाएं माहवारी प्रबंधन के लिए सेनिटरी नैपकिन्स, 10 प्रतिशत महिलाएं स्थानीय क्षेत्रों द्वारा तैयार किया गए नैपकिन्स का उपयोग करती हैं। 81 प्रतिशत महिलाएं यह कहती हैं कि वह कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। माहवारी के दौरान शहरी क्षेत्र में रहने वाली लगभग 72 % और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली केवल 39% महिलाएं ऐसी हैं जो स्वच्छ साधन का प्रयोग करती हैं।
प्रदेश व जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार व क्षेत्रीय विधायक व केबिनेट मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया जी के मार्गदर्शन पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा के द्वारा आज दिनांक 27 मई 2021 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री राष्ट्र निर्माता भारतरत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की 57 वीं पुण्यतिथि को कोविड -19 के नियमों का पालन करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में मनाया गया ।
सर्वप्रथम नेहरु जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर 2 मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तत्पश्चात नेहरू जी की पुण्यतिथि के अवसर पर लोकप्रिय क्षेत्रीय विधायक व केबिनेट मंत्री आदरणीय अनिला भेंडिया जी की ओर से ब्लॉक कांग्रेस द्वारा वार्ड नं 5, 9, 18, 14, 21 व 17 के जरूरतमंदो को सूखा राशन वितरण किया गया |
इस कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर जी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष काशीराम निषाद जी,जिला महामंत्री रतिराम कोसमा ,जिला सयुक्त महामंत्री विवेक मसीह व विजय जोगदंड, रुक्मणी ठाकुर, जिला सचिव रवि जायसवाल, के ईश्वर राव व युवराज साहू, जिला प्रवक्ता यझदेव पटेल, इंटक जिला अध्यक्ष भूपेंद्र दिल्लीवार, इंटक अध्यक्ष तिलक मानकर,वरिष्ठ कांग्रेसी नवीन कथूरिया, युवा नेता प्रवीण शर्मा, एल्डरमेन अप्पू महेन्द्रन, पार्षद चंद्रप्रकाश सिन्हा, युवा नेता सुरेंद्र भेंडिया, पूर्व पार्षद राकेश जायसवाल, पूर्व पार्षद श्रीनिवास
राव, सेवा दल नगर अध्यक्ष जितेंद्र मेश्राम, पूर्व पार्षद चम्पा साहू, जेबा कुरैशी, यामिनी देवदास, राधा शर्मा, पूर्व पार्षद प्रदीप बाघ, मुरली पटेल, राजू चिकवा, विकास सिंह, दीपक सिंह, वेदप्रकाश चन्द्राकर, मुमताज कुरैशी सहित स्थानीय प्रदेश व जिला के कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी गण, जनप्रतिनिधिगण, कांग्रेस विंग व मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व पदाधिकारीगण कार्यकर्तागण व बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, महिला व वार्डवासी कोविड -19 के निर्देशों को पालन करते हुए उपस्थिति हुए।
जगदलपुर… अपने दूसरे दौर की वापसी के साथ कोविड-19 महामारी ने बस्तर क्षेत्र को भी अच्छा खासा प्रभावित किया जिससे लगभग महीने भर की लॉकडाउन डाउन अवधि में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लोगों द्वारा अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किए जाने वाले कार्य सभी बंद हो गए जिससे गरीबों असहाय लोगों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और कई लोग रोज की भोजन व्यवस्था के लिए तरसते नजर आए…
लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ी सहारा बनी बस्तर बैकबेंचर्स की टीम और उनके सदस्य जहां टीम के कप्तान के रूप में ऊर्जावान युवा सुमित सेंगर और उनकी टीम लगातार गरीब दीन दुखियों को भोजन उपलब्ध कराने का कार्य निर्बाध रूप से करती रही चाहे वह गरीब और जरूरतमंद शहर के किसी भी क्षेत्र का हो बस्तर बैकबेंचर्स की टीम लगातार सेवा कार्य में लगी रही और ना सिर्फ टीम के द्वारा भोजन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया बल्कि टीम के द्वारा एंबुलेंस सुविधाओं की उपलब्धता के साथ भी लोगों की मदद की गई इसके अलावा टीम के द्वारा मेडिकल दवाइयों ऑक्सीजन बेड और अन्य जरूरतों के लिए भी लोगों द्वारा मदद मदद मांगी जाने की स्थिति में पूरी मदद की गई जिसकी शहर के सभी क्षेत्र के लोग मुक्त कंठ से तारीफ करते नजर आए शहर के युवाओं का समर्पण भाव एवं गजब की आत्मशक्ति पूरी टीम में देखने को मिल रहा था जिसमें मातृत्व शक्तियों की अहम भूमिका थी महामाया महिला समूह के माताओं ने एवं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जिसने भी बस्तरिया बैंक बेचर्स को सहयोग किया उन सभी को और पूरी टीम को उन जरूरतमंद लोगों की ओर से साधुवाद आभार और बहुत-बहुत धन्यवाद ही साथ प्रशासनिक अमले की तरफ से स्वयं बस्तर कलेक्टर रजत बंसल और पुलिस अधीक्षक दीपक झा द्वारा भी टीम के कार्यों की सराहना की गई और उनके तरफ से भी लगातार अच्छे कार्य करने के लिए प्रोत्साहन करने के साथ साथ बधाई भी दी गई |
हम बस्तर बैकबेंचर्स की टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हैं टीम के नारी शक्ति सहयोगी कविता मांझी, उर्वशी मांझी, मंजू यादव, सरिता जना,अनीता भेरा और सुमित सेंगर, संजय ठाकुर महेंद्र महापात्र जैसे सदस्यों का बहुमूल्य योगदान रहा है हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं निश्चित तौर पर ही उनके द्वारा किया गया कार्य सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी है और हमेशा लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित करता रहेगा…
➡️ निगरानी एवं गुण्डा तत्व के व्यक्तियों पर निगरानी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए।
➡️ नशाखोरी, शराब सेवन आदि संदेहास्पद जगहों पर बेहतर ढंग से कार्य किया जाए।
➡️ शहर के लोगों से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने पर जोर।
➡️ कोरोना के गाईड लाईन को फील्ड पर बेहतर तरीकें से लागू किया जाए ।
➡️ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को किया गया सम्मानित
आज जगदलपुर पुलिस को-आर्डिनेशन सेन्टर स्थित मावा-आलसना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा, अति. पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के द्वारा वार्ड पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक लिया गया। समीक्षा बैठक में वार्ड अधिकारियों को निगरानी एवं गुण्डा तत्व के व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु निगरानी रखकर कार्यवाही करने, इसके अलावा शहर में शराब सेवन, नशाखोरी एवं मादक पदार्थो की परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही एवं शहर के लोगों से समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता पूर्ण कार्यवाही हेतु अवगत कराया गया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक भ्रमण कर नागरिकों की समस्याओं को समाधान करने का यथासंभव प्रयास करने हेतु निर्देश दिया गया है। साथ ही शहर में किरायादारों की जानकारी संग्रहित करने तथा वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के संबंध में शासन द्वारा जारी गाईड लाईन को फील्ड में बेहतर तरीकें से लागू करने हेतु निर्देश दिया गया । बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 वार्ड पुलिस अधिकारियों जिनमें प्र0आर0 अभिलाषधर दीवान, उमेश चंदेल, आर0 रवि ठाकुर दिजेन्द्रमणी शुक्ला, अर्जुन गुप्ता, रवि सरदार, गायत्री तारम, भूपेन्द्र नेताम, प्रकाश नायक, सहायक आर0 प्रदीप पीटर को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया है।
जगदलपुर। कोविड 19 के गाइडलाइन व दिशा निर्देशों का पालन करते हुए बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा स्थानीय कांग्रेस भवन में स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इंसान के कार्य उसको कभी मरने नहीं देते इतिहास के पन्नों में दर्ज कई महानायक जो आज भी वह अपने काम की वजह से ही याद किए जाते हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय में भी ऐसे कई लोग थे, जो आज भी हमारी यादों में बसे हुए हैं ।आज हमारे स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरु की पुण्यतिथि है, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और देश के अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी पंडित नेहरू की जिंदगी पश्चिमी सभ्यता से जरूर प्रभावित थी पर साथ ही वह अपने देश से भी जुड़े हुए थे पंडित नेहरू कश्मीरी ब्राह्मण परिवार के थे जो अपने प्रशासनिक क्षमताओं तथा विद्वता के लिए विख्यात थे। पंडित नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई,14 वर्ष की आयु में नेहरू ने अपने घर पर ही कई अंग्रेज अध्यापिकाओं और शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त की उन्होंने राजनीति को अपना क्षेत्र चुना और गांधी जी ने उनकी क्षमताओं को समझा और उन्हें युवा कांग्रेसी कमान दे दी।
महापौर सफिरा साहू ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी गांधीजी की राह पर चलते हुए नरमपंथी और सत्याग्रह जैसे हथियारों का प्रयोग करते हुए स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी। जब भारत आजाद हुआ तो उन्हें स्वतंत्र भारत का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया ।उन्होंने अपने राजनीतिक कैरियर में भारत को कई उपलब्धियां दिलाई कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा ने किया। यह रहे मौजूद कौशल नागवंशी,योगेश पानीग्राही,नरेंद्र तिवारी, रणजीत बक्शी,राधा बाई, महेश ठाकुर,रतन शर्मा सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
कुसुमकसा करियाटोला पूल के पास कार और बाइक में जबरदस्त भिडंत होने से मौके पर एक ही परिवार के दो लोगों की मृत्यु हो गई थी एवं तीसरे की रास्ते में ले जाते समय मृत्यु हो गई थी और चौथे की हालत गंभीर बताई जा रही थी | घटना 22-मई-2021 की है मृतक खुमन लाल कोठारी उम्र 35 वर्ष अपने परिवार के साथ बाइक CG24 E 8791 में पत्नी एवं बच्चों के साथ जा रहे थे कि तभी सामने से आ रही कार CG04 CZ 8100 से जबरदस्त भिडंत हो गई | कार बालोद की ओर से आ रही थी एवं बाइक चालक कुसुमकसा की ओर जा रहे थे | घटना में खुमन लाल कोठारी एवं उनकी जुड़वाँ बच्चियों 6 साल की बेटी पूर्वी व पुरविका की मौत उसी दिन हो गई थी एवं मृतक की पत्नी गीताबाई कोठारी की हालत नाजुक बताई जा रही थी जिनका की रायपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था जानकारी मिली की कल बुधवार को हादसे में बची एकमात्र महिला की भी मृत्यु हो गई | इस प्रकार भयावह सड़क हादसे में चार लोगों की जान गई |
उक्त घटना को लेकर ग्राम डेंगरापार में मातम पसरा है। अब परिवार में अब बड़ी बेटी रेणुका व मंझली बेटी डिंपल ही बची है। मृतक का भतीजा मानूराम की रिपोर्ट पर दल्लीराजहरा थाने में कार क्रमांक सीजी 04 सीजेड 8100 के चालक के खिलाफ धारा 304 ए, 279, 337 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में टुलकीट मुद्दे के बाद भले ही भाजपा ने डां.रमन सिंह के गिरफ्तारी के मुद्दे पर आक्रामकता दिखाई है। उसके बाद प्रदेश की राजधानी में नये राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और इसके बीच बस्तर के विधायकों ने रायपुर कूच कर दिया है जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। इन दिनों टुलकीट के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है जिसके बाद भाजपाइयों ने सरगुजा से बस्तर तथा कोंटा से केशकाल तक भाजपाईयों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जिसके बाद कांग्रेस पार्टी इसकी समीक्षा कर रही है और इसके लिए विधायकों को राजधानी तलब किया गया है। टुलकीट व अन्य मुद्दों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम पत्रकार वार्ता भी कर सकते हैं।
ढ़ाई-ढ़ाई साल का मुद्दा भी मार रही उफान
दूसरी तरफ भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा विधायकों के राजधानी में जमावाड़ा को लेकर कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहें हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव के बीच चल रही कुर्सी लड़ाई के ढ़ाई-ढ़ाई वर्ष की मियाद को लेकर दोनों कैंप के विधायकों को अलग-अलग खेमेबंदी किये जाने की खबर भी राजनीतिक गलियारों में जमकर चल रही है।
विधायकों के जमावड़े की खबर पर कांग्रेस मौन
वैश्विक महामारी कोरोना काल के बीच विधायकों के अचानक बस्तर से रुखसत होने की खबर पर कोई भी कांग्रेसी इस पर प्रतिक्रिया देने से बच रहा है। कुल मिलाकर बस्तर सहित राजधानी तक यह हलचल मची है कि कांग्रेस कुछ बड़ा करने की तैयारी में हैं।
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर मार्च-अप्रैल में चरम सीमा में थी,कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी थी…लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के इस विषम परिस्थितियों में बेहत्तर प्रबंधन से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहत्तर स्थिति में छत्तीसगढ़ एवं बस्तर संभाग के जिले जगदलपुर,कोंडागांव,नारायणपुर, दंतेवाडा,सुकमा व बीजापुर भी कोरोना से अछूते नही रहे है। इस भयावह परिस्थितियों को देखते हुये हमने कोरोना वालिंटियरों की टीम गठित करने का निर्णय लिया। जिसमें लोगो को 24 घंटे बैड,ऑक्सीजन,दवा, एंबुलेंस वाहन एवं अन्य चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु स्वयं एवं टीम के सदस्यों के निजी मोबाईल नम्बरों को सोशल मिडिया,वाट्सअप,फेसबुक आदि के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। और इसके साथ ही लॉकडाउन में मरीजों के परिजनों को अधिक सरलता से सहायता उपलब्ध कराने डिमरापाल मेडिकल के सामने अस्थायी कार्यालय “सांसद कोविड जन सहायता केन्द्र” के नाम से दिनांक 26/04/2021को शुरू किया गया।
कोरोना महामारी के संकट काल में कोविड पाजीटीव व अन्य मरीजों के परिजनों तथा चिकित्सको के मध्य संवाद नहीं हो पाने से परिजनों को मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।हमारे उक्त केन्द्र के द्वारा चिकित्सको से संवाद करते हुये परिजनों के साथ समन्वय बनाते हुये सेतु के रूप में कार्य किया जिससे कोरोना के मरीजों एवं परिजनों को कोरोना से जंग जीतने में मनोबल बढ़ाने का काम किया |
प्रदेश एवं जिलों में कम होते कोरोना संक्रमण दरों एवं अनलॉक की स्थिति को देखते हुये “सांसद कोविड जन सहायता केन्द्र” को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिये…..लेकिन हम यही रूकेगें नही, हर जरूरतमंदों को निरंतर मदद करने का कार्य जारी रहेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बस्तर जिले में संचालित मेडिकल कॉलेज डिमरापाल, महारानी जिला पाताळ एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट तैयारियों वेंटिलेटर बेड,ऑक्सीजन एवं रेमडिसीवर दवा टेस्टिंग कार्य,सी.टी.स्कैन व अन्य उपकरणों की स्थिति एवं सामान्य वार्ड में सुविधाओं के साथ ही मानव संसाधनों को बढ़ाने आदि विषयों पर सासंद बस्तर के नेतृत्व में समस्त विधायकों एवं जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य अमला के साथ दिनांक 29/04/2021 को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में समीक्षा बैठक की एवं छोटे-छोटे समस्याओं का निराकरण करते हुये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मान0 भूपेश बघेल जी के निर्देशानुसार DMFT मद से आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुये किसी प्रकार पैसे की कमी नही होने का स्वास्थ्य प्रबंधन को भरोसा दिलायें। ” सांसद कोविड जनसहायता केन्द्र ” कोरोना महामारी के संकट काल में “सांसद कोविड जनसहायता केन्द्र ” की शुरूआत दिनांक 26/04/2021 से लेकर 26/05/2021 तक लगभग 30 दिनों में कुल 300 से अधिक मरीजों को राहत पहुंचाने की प्रयास किये हैं। जिसमें प्रमुख रूप से अस्पताल से संबधित समस्या, निःशुल्क एंबुलेंस,शव वाहन व्यवस्था ,ब्लड़ व्यवस्था आर्थिक,सहायता तथा अन्य व्यवस्थायें शामिल है। उक्त कार्यों के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों से फोन के माध्यम से सूचना मिलने पर सहायता पहुंचाने का कार्य भी किये। जैसे:बिलासपुर के गुजरात में फंसे परिवार को वापस लाने में मदद ,बिलाईगढ के बच्चों को मदद जिनके माता-पिता कोरोना से जंग हार गये, बस्तर क्षेत्र के 25 नर्सिंग छात्राओं परिवार को उडीसा अस्पताल में आर्थिक सहायता,कुरूद में को राजनांदगांव से घर वापसी जगदलपुर लाने में मदद किये।
इसके अलावा रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य भी किया गया निःशुल्क एंबुलेंस व वाहन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन के द्वारा बस्तर को संपूर्ण कंटेनमेंट जोन घोषित होने के कारण आवागमन बंद होने से अस्पताल से डिस्चार्ज हुये बस्तर,दंतेवाडा,सुकमा,कोंडागांव व अन्य जिले के कोविड व सामान्य मरीजों एवं उनके परिजनों को घर वापसी में हो रही असुविधाओं को देखते हुये ” सांसद कोविड जनसहायता केन्द्र ” में निःशुल्क वाहन व्यवस्था की गई,जो कि प्रतिदिन 130 किमी से अधिक औसत से लगभग 30 दिनों में कुल 3,900 किमी से अधिक दूरी तक चली हैं।
बस्तर सांसद के टीम की सराहनीय भूमिकाः–
जनता के सुख-दुख में काम आना सभी जनप्रतिनिधियों का प्रथम कर्तव्य होता है,कोरोना के इस संकट काल में एक जनप्रतिनिधि होने के नाते लोगो को ज्यादा से ज्यादा राहत पहुंचाने के उद्देश्य से हमने 50 से अधिक वालिटियर्स की टीम गठित किये,जो 26/04/2021 से प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक 12 घंटे के हिसाब से लगातार 30 दिनों तक कुल 360 घंटे तक कोविड सेंटर में उपस्थित होकर राहत पहुंचाने का कार्य करते
मुख्य वालिटियर्स-: मलकीत सिंह गैदू, सुशील मौर्य, कमल झज्ज, सहदेव नाग, अनुराग महतो, सौरभ तिवारी
सहायक वालिटियर्स-:
महादेव नाग,केदार ढेक,आशीष मिश्रा,दुर्गेश राय,शेख जाहिद हुसैन,शाहनवाज खान,रोजविन दास,मनोज यादव,श्रीमती अनिता पोयाम,आदित्य बिसेन,हकीम खान,अंकित सिंह,सामेल नाग,माज लिल्लाह, फैसल नवी,लोकेश दुबे, पंकज केंवट,धवज जैन,लाला कर्मा,महेन्द्र बघेल,अभिषेक डेविड,कृष्णा कश्यप,संतोष कश्यप,संस्कार श्रीवास्तव,भंवर,सदन कश्यप,सुरेन्द्र बघेल,राम दुग्गे,नुरेंद्र अयाज खान,अक्षय अग्रवाल,मुन्ना बघेल,जयमन मौर्य,राजेन्द्र बघेल,मोती राजे त्रिपाठी रेहान खान,शादाब अहमद, बस्तर के सभी विधायकगण,महापौर जगदलपुर,जिला कांग्रेस अध्यक्ष(ग्रामीण) नगर निगम सभापति, जनपद अध्यक्ष, पार्षदगण, जनपद सदस्यगण व सरपंचगण एवं जिला महिला कांग्रेस,यूथ कांग्रेस एवं एन.एस.यू.वाई व समस्त कार्यकर्तागण जिन्होने “सांसद कोविड जनसहायता केन्द्र “में उपस्थित होकर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप में अपना बहुमूल्य समय एवं योगदान देकर जनसेवा में सहभागीता निभाई।
विशेष आभार :–
अस्पतालों के चिकित्सको, स्वास्थ्य कर्मचारी,जो कोरोना काल में अपने दायित्वो के साथ’सांसद कोविड जनसहायता केन्द्र’को सहयोग प्रदाय करने के लिए विशेष आभार!साथ ही सहयोग व कवरेज करने के लिए समस्त सोशल मिडिया,प्रिंट मिडिया,इलेक्ट्रानिक मिडिया तथा वेब पोर्टल के साथियों का भी दिल से आभार!
विनम्र श्रद्वांजलि :–
इस कोरोना काल में कई लोगो ने अपनों को खोया है। बडे किलेपाल की घटना जैसे कई हृदय विदारक घटनायें भी सामने आई है। हम उन सभी शोकाकुल परिवार जिन्होने अपने बच्चों,युवा व बडे-बुजुर्गो को खोया है। उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुये मृत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुये विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते है।