कुसुमकसा नगर के तीन खिलाड़ी रोहन जैन, नैतिक जैन तथा तुषार रामटेके का चयन इंडिया का खेल के राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में दिनांक 6 से 8 जनवरी तक आयोजित है।तीनो छात्र निर्मला स्कूल, दल्ली राजहरा में अध्ययनरत हैं।विद्यालय के लखन साहू, कोच हरबंश कौर व मैनेजर ओंकार साहू के मार्गदर्शन में जिले के 17 खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे. कुसुमकसा के खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियो को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की है। जनपद संजय बैस, सरपंच शिव राम सिंदरामे व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश जैन तथा ग्रामवासियो ने चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए अपनी शुभकामनाये प्रेषित करते हुए हर्ष व्यक्त किया है जनपद सदस्य संजय बैंस ने कहा की निश्चित रूप से बच्चे हमारे गांव के गौरव है इनकी खेल प्रतिभा से अंचल का नाम रौशन हुआ मैं इन छात्रों का उज्वल भविष्य की कामना करते हुये हर्ष व्यक्त किया है
आज बस्तर संभाग छात्रावास छात्र प्रतिनिधि मंडल द्वारा बस्तर सांसद माननीय दीपक बैज जी के नेतृत्व में बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में होने वाले संभागीय छात्रावास छात्र सम्मेलन में सम्मिलित होने हेतु प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के (मुख्यमंत्री निवास रायपुर) में पहुँचकर उनसे निवेदन किया गया, जिसमें माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारा निवेदन सहर्ष स्वीकार किये।
इस दौरान राजीव युवा मितान क्लब के जिला समन्वयक एवं सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य जी, संभागीय छात्रावास अध्यक्ष चईत राम कश्यप (जगदलपुर),संभागीय छात्रावास उपाध्यक्ष दिनेश उसेंडी(कोंडागांव) राजेंद्र कुमार आयुक्त अध्यक्ष (नारायणपुर),राहुल ध्रुव अध्यक्ष (धरमपुरा),पूर्व सचिव संपत मांडवी(धरमपुरा)।
आदिवासियों की मूल संस्कृति को खत्म करने की बड़ी साजिश,वही ईसाई मिशनरियों की करतूतों की सजा आज वर्ग संघर्ष में पुलिस के ऊपर हमले के रूप में दिखाई दे रहा
बालोद :- बस्तर के नारायणपुर के बखरूपारा में कुछ दिनों से अवैध धर्मान्तरण के मामले सामने आए है। जिससे आदिवासी समाज मे नाराजगी भी बनी है। बस्तर के मूल निवासी आदिवासी समाज अपनी संस्कृति को सहेजने व बचाने के लिए धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज उठा रहे है। वही संघर्ष कर रहे आदिवासियों पर नए धर्मान्तरित ईसाईयो के द्वारा हमला बहुत ही निंदनीय है। व कायराना हरकत है। लविश्व हिंदू परिषद बालोद जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने इस मामले पर राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश में अवैध धर्मान्तरण पर उदासीन रहने व ऐसे मामलों पर,अवैध धर्मान्तरण कराने वालों पर कड़ाई नही करने को बड़ा कारण बताया जिससे धर्मान्तरण कराने वालों के हौसले तेजी से बड़े है।आज बस्तरवासी एक ओर नक्सलवाद के चंगुल से बाहर निकलना चाह रहे है। वही बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रो में धर्मांतरण का गंदा खेल खेला जा रहा है। और ऐसे में कुछ इलाकों में वर्ग संघर्ष की स्थिति बन रहा है। वही पुलिस के बड़े अधिकारी व जवानों को भी संघर्स से जूझना पढ़ रहा है। उन पर भी हमले हो रहे है।बलराम गुप्ता ने गुर्रा ग्राम की घटना को नए धर्मान्तरित ईसाईयो की चाल बताया है।ताकि शांत बस्तर को फिर से अशांत कर सके अवैध धर्मान्तरण के खिलाफ आदिवासियों की आवाज उठाने व बैठक कर रहे शांत आदिवासी समाज के लोगो पर सैकड़ो की संख्या में जाकर ईसाई समाज के द्वारा हमला करना व एक दर्जन जनजाति समाज के लोगो को घायल करना यह बेहद ही शर्मनाक घटना है। सरकार को ऐसे लोगो पर कड़ाई करना चाहिए अवैध धर्मान्तरण सविंधान की मूल भावना से खिलवाड़ है। वही कानून को भी चुनौती है। जंहा अवैध धर्मान्तरण कराने वाले लोग पुलिस को भी अपना निशाना बना रहे है। अवैध धर्मान्तरण व वर्ग संघर्ष की जो बातें खबरों में आ रहा राज्य सरकार को इस मामले को हलके में नही लेना चाहिए। बस्तर का शांत आदिवासी समाज अपनी मूल संस्कृति को बचाने आज शांति के साथ आगे आ रहा है। तो सरकार को उनकी बातें सुनना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा कि आदिवासी समाज को ईसाई मिशनरियों के द्वारा टारगेट किया जा रहा है। उन्हें मूल धर्म से अलग कर ईसाई धर्म अपनाने को मजबूर किया जा रहा है। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अवैध धर्मान्तरण करने को लेकर आदिवासियों के ऊपर हमला व नाराजगी के बाद पुलिस पर पथराव यह बेहद चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री जी को हिंदू धर्म संगठनों को टारगेट करना छोड़कर शांत बस्तर में आदिवासियों के मूल संस्कृति को नष्ठ करने की जो घिनोनी चाल मिशनरियों के द्वारा चलाया जा रहा है। उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिससे वर्ग संघर्ष की स्थिति न बने।
जगदलपुर वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम तथा पूर्व सांसद सोहन पोटाई इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं। उन्हें एम्स हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। सोमवार को छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री कवासी लखमा दोनों आदिवासी नेताओं का हाल जानने एम्स पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य के बारे में चर्चा कर चिकित्सकों को बेहतर इलाज करने को कहा। गौरतलब है कि राजनीति में लंबी पारी खेलने के बाद अरविंद नेताम और सोहन पोटाई आदिवासी समाज के काम में जुटे हुए हैं। यह जानकारी मंत्री कवासी लखमा के मीडिया सलाहकार सुरेश रावल ने दी।
शहर के किसी भी दुकान में गुड़ाखू का स्टॉक नही पांच रुपए का गुड़ाखू बीस रुपए में बिक रहा
कोरोना को लेकर प्रशासन की गाईडलाइन अब तक नही हुई जारी लोगो मे लॉकडाउन को लेकर संशय
कांकेर :- चीन में आए भयावह कोरोना के नए संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी किया जा रहा है।इस बीच कांकेर जिले में कोरोना संक्रमण में फिर लॉकडाउन की कोरी अफवाह के बीच बीते दो दिनो से कांकेर मुख्यालय में फिर एक बार जमाखोरी शुरू की चर्चा शुरू हो चुकी है। फिर एक बार आपदा को अवसर में बदलने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुड़ाखू महंगे दामों में बिकने की जानकारी मिली है। इतना ही नहीं शहर के कुछ दुकान में भी गुड़ाखू नही होने की जानकारी मिली है। वर्ष २०२० -२१ में कोविड १९ वायरस संक्रमण को लेकर जमकर जमाखोरी कर मुनाफा कमाया जा रहा था।जिस् पर तत्कालीन कलेक्टर ने टीम गठित कर जमाखोरों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही कर लोगो को बड़ी राहत पहुंचाई थी।अब पुनः कोरोना वायरस संक्रमण और लॉक डाउन की कोरी अफवाह के बीच जमाखोरी शुरू होने से आमजनो में आक्रोश साफ देखा जा सकता है।बता दे कि शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुड़ाखू बहुत लोग इसे मंजन के रूप में करते हैं।और गुड़ाखू गांव ही नहीं शहर में भी बड़ी संख्या में लोग मंजन के रूप में इस्तेमाल किया करते है।एक गुड़ाखू की कीमत पांच रुपए के आसपास है लेकिन जमाखोरी के चलते पांच रुपए का गुड़ाखू की कीमत पंद्रह से बीस रपए तक शहर सहित ग्रामीण इलाकों में बिक रहा है।जिससे गांव के लोगो में आक्रोश साफ देखा जा सकता है।कोरोना को लेकर प्रशासन सतर्क लेकिन लॉकडाउन की अफवाह पर कोई सुध नहीं कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते ज़िला प्रशासन ने अब तक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया है। इधर लॉक डाउन की कोरी अफवाह के बाद आपदा को अवसर में बदलते जमाखोरी शुरू हो चुकी है। किराने से संबंधित चीजो पर इसका सीधे असर होता है। जिसके चलते गरीब परिवार की मुसीबत बढ़ जाती है।इस विपदा से निपटने प्रशानिक स्तर पर कोई सुध नहीं लिया गया है। समय रहते प्रशासन कालाबाज़ार करने वालो पर नकेल नही कस पाएगी तो आने वाले समय में आपदा को अवसर बनाने वालो को बल मिलने से इंकार नहीं किया जा सकता है।कोरोना संक्रमण और कालाबाज़ारी रोकने प्रशासन की कितनी तैयारी बता दें कि विदेशों में कोटोना संक्रमण को लेकर भारत में अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन क्या क्या गाइड लाइन कोरोना संक्रमण के लिए जारी किया गया है। तथा आने वाले समय में क्या लॉक डाउन की स्थिती है। इन तमाम बातों को लेकर लोग असमजस की स्थिति बनी हुई है।इसी कारण लॉक डाउन की कोरी अफ़वाह फैलाकर जमाखोरी अभी से शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही है।धनंजय कुमार नेताम एसडीएम कांकेर ने बताया की अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है।अगर जमाखोरी की जा रही है तो नियमनुसार कार्यवाही किया जाएगा। विमल कुमार सिंह ज़िला खाद्य सुरक्षा अधिकारीने बताया कि लॉकडाउन की कोरी अफवाह है।लेकिन कालाबाजारी हो रही है तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी
कांकेर – महिलाओं में बचत योजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए साख सहकारी समिति आवश्यक है। इससे न केवल महिलाओं में बचत के प्रति जागरूकता आयेगी वरन् सहकारी संस्था से जुड़ने से नेतृत्व विकास भी होगा और सहकारिता की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलायें भाग ले सकेंगी। उक्त उद्गार जिला सहकारी संघ कांकेर के अध्यक्ष सियो पोटाई के है। वे साख सहकारी समिति के गठन पर महिलाओं को संबोधित कर रही थी। उन्होने कहा कि महिलाओं में बचत करने की प्रवृति होती है। छोटी-छोटी बचत करके एक बहुत बड़ी पूंजी का निर्माण किया जा सकता हैं जो आडे वक्त पर काम आती है। जिला सहकारी संघ ऐसे संस्थाओं को बनाने में मदद करता है। ज्ञातब्य हो कि कुछ दिन पूर्व ही सियो पोटाई देश के 18 राज्यों के महिला सहकारिता समितियों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मिलित हुई थी। जहां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की बात कहते हुए देश भर के महिला प्रतिनिधियों की ओर से महिला सहकारी समितियों द्वारा घोषण पत्र जारी किया गया था। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ सोसायटी अधिनियम 1960 एवं नियम 1962 के द्वारा ऐसे संस्थाओं को विभिन्न प्रकार के संरक्षण प्रदान किये गये है। भारत के आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 पी के अनुसार साख सहकारी संस्था के सदस्यों को लाभांश से प्राप्त आय टैक्स फ्री है। ऐसे संस्थाओं के सदस्यों को समिति में ऋण सुविधा तो मिलती है इसके साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के कारण संचालक मंडल में प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलता है। जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष सियो पोटाई जिले में साख सहकारी समिति के गठन को लेकर निरंतर प्रयत्नशील है इसके लिए उनके द्वारा प्रचार-प्रसार औंर आन्दोलन भी चलाया जा रहा है। प्रस्तावित साख सहकारी समिति के विषय में जिला उपभोक्ता भण्डार के पूर्व अध्यक्ष कमला गुप्ता ने कहा कि वे हाल ही में आईसीए-एपी ( एशिया-प्रशांत ), एनसीयूआई और सेवा भारत के संयुक्त तत्वाधान में महिला पदाधिकारी हेतु राष्ट्रीय कार्यशाला नई दिल्ली में शामिल हुई थी। जिसमें देश भर से प्रतिभागियों के रूप में लगभग 100 महिला सहकारिताएं अपने अनुभव साझा किये एवं भविष्य में आने वाली चुनौतियों पर विचार किये। इस कार्यशाला से प्रेरित होकर कांकेर जिले के महिलाओं द्वारा एक शाख सहकारी समिति बनाने पर विचार किया जा रहा है। जिसमें कांकेर जिले के ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस महिला सहकारिता से न केवल महिलाएं संगठित होंगी वरन् बचत योजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही साथ बहुत कम ब्याज दर पर सदस्य महिलाओं को ऋण मिलेगा। साख सहकारी समिति के क्षेत्र में जिले के लिए यह क्रांतिकारी कदम होगा। श्रीमती कमला गुप्ता ने कहा कि कांकेर जिले के जो महिलाएं साख सहकारी समिति के सदस्य बनना चाहतें है वे साधारण आवेदन पत्र देकर, आधार कार्ड, परिचय प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट साईज के फोटो के साथ जिला सहकारी संघ कांकेर में संपर्क कर सकते है। इस अवसर पर जिला सहकारी संघ मर्यादित कांकेर के अध्यक्ष सियो पोटाई, जिला उपभोक्ता सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष कमला गुप्ता, मोना साहू, नीरा साहू, सुनीता सलाम, राजीम तेता, सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थे।
नारायणपुर के ग्राम गुर्रा में कल दो समुदाय के बीच मरांतरण को लेकर बलवा होने के पश्चात सर्व आदिवासी समाज द्वारा आज नारायणपुर बंद का आह्वान किया गया था बंद के दौरान बेकाबू भीड़ द्वारा विश्वदिपति स्कूल परिसर पर स्थित चर्च पर हमला कर दिया जिसके रोकने के प्रयास में लगे पुलिस कप्तान पर भी पथराव कर दिया गया जिससे उन्हें चोट आई।
घटना की मुख्य वजह नारायणपुर जिले के एड़का परगना के जनजाति समाज द्वारा धर्मान्तरित लोगों को घर वापसी के लिए ग्राम गुर्रा में बैठक रखी गई थी उक्त बैठक में मसीही समाज के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों पर हिंसक हमला कर दिया मुक्त हिंसक झड़प में 5 ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए थे इसी घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा नारायणपुर बंद का आह्वान किया गया था आज सुबह से ही बखारूपारा स्थित गोंडवाना समाज में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग एकत्रित हुए थे।
बंद के द्वारा अनियंत्रित हुई भीड़ बंद के दौरान कुछ उपद्रवी बेकाबू लोगों द्वारा बंगला पारा क्षेत्र में स्थित विश्व दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल परिसर में स्थित चर्च पर हमला कर तोड़फोड़ करने लगे जिसे रोकने के प्रयास में पुलिस बल के साथ जिला कप्तान सदानंद कुमार मौके पर पहुंचे थे इसी दौरान पुलिस को देख कुछ अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किया गया उक्त पथराव में जिले के कप्तान सदानंद कुमार को सिर पर चोट लगी प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है । समाचार लिखे जाने तक नारायणपुर का वातावरण शांतिपूर्ण था।
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रायपुर धर्मांतरण से नाराज ग्रामीणों द्वारा नारायणपुर एसपी सदानंद कुमार पर पथराव के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष रुपसाय सलाम पर लाठीचार्ज की खबर आ रही है। सलाम पर ही लोगों की भीड़ लाने और चर्च पर पथराव करने का आरोप है। इस घटना के बाद माहौल और गरमा गया है। बड़ी संख्या में लोग अभी भी घटनास्थल पर जमा हैं, वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद है।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। धर्मांतरण का विरोध कर रहे ग्रामीणों के पथराव में एसपी सदानंद के सिर पर पत्थर लगा है और वे घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।जानकारी के मुताबिक हफ्तेभर पहले नारायणपुर के एरका गांव में ईसाई समुदाय के लोग आए थे। उन्हें गांववालों ने मार कर भगा दिया था। इसके दूसरे दिन गांव में बड़ी संख्या में समाज के लोग आए। उन्होंने गांववालों से मारपीट की। यह मामला कुछ दिन शांत रहा, फिर रविवार को ईसाई समाज के कुछ लोग फिर गांव पहुंचे और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया। जब गांव वालों ने विरोध किया तो उनसे मारपीट की। इसी के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे थे और चर्च में पथराव कर रहे थे। इस दौरान उन्हें रोकने पहुंचे एसपी पर भी पत्थर लगा और वे घायल हो गए।
आजादी के अमृत महोत्सव की बेला में भी झिरिया पर हैं निर्भर
बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी भटकना पड़ता है पेयजल के लिए
बस्तर जिले के अनेक गांव प्राकृतिक सौंदर्य और मनोहारी जलप्रपातों के लिए प्रख्यात तो हैं, मगर बुनियादी सुविधाओं के लिए मोहताज भी हैं। शुद्ध पेयजल और अच्छी सड़कों का अभाव इन गांवों में आजादी के 75 वर्ष बाद भी बना हुआ है। इन्हीं में से एक गांव है बीजाकसा रतेगा, जो खूबसूरत वाटरफाल के लिए माशहूर है। एक बड़े जल प्रपात को अपने दामन में समेटे इस गांव के लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। यहां के ग्रामीण आज भी झिरिया का पानी पीने मजबूर हैं। जलप्रपात का नजारा देखने आने वाले पर्यटकों को भी पानी के लिए तरसना पड़ता है।
बस्तर की वादियों को कुदरत ने बेइंतहा खूबसूरती से नवाजा है। जैव विविधता वाले हरे भरे जंगल, कलकल बहती नदियां, झरझर झरते झरने बस्तर की वादियों की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, मगर जब चांद खुद दागदार है, तब भला बस्तर की हसीन वादियां बेदाग कैसे रह सकती हैं? बस्तर को यह दाग कुदरती तौर पर नहीं लगा है, बल्कि हमारे रहनुमाओं की बेदर्दी के चलते लगा है। रहनुमा अगर जिम्मेदारी से काम करते, तो गांवों को आजादी के सात दशक बाद भी समस्याओं से जूझना नहीं पड़ रहा होता। कुछ ऐसी ही अनदेखी का शिकार बस्तर विकासखंड की ग्राम पंचायत रतेगा बीजाकसा हुई है। खूबसूरत नजारे समेटे हुए इस गांव में कलकल झरते जलप्रपात की अनुगूंज चौबीसों घंटे सुनाई देती है। यहां की करीब 200 की आबादी जलप्रपात के करीब रहकर भी पीने के पानी के लिए मोहताज है। गांव में न तो नल जल योजना शुरू हो सकी है और न ही पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कोई और इंतजाम किया गया है। आज भी यहां के ग्रामीण आदिम युग में जीते प्रतीत हो रहे हैं। पेयजल और अन्य जरूरतों की पूर्ति के लिए रतेगा बीजाकसा के ग्रामीणों को झिरिया के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पर्यटक भी होते रहते हैं परेशान इस गांव में रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं। ये पर्यटक बस्तर की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, लेकिन न तो गांव वालों को पानी की समस्या से छुटकारा मिल पाया है और न ही पर्यटकों को साहूलियतें मिल पा रही हैं। मूलभूत सुविधाओ से वंचित इस गांव के लोग पीने के पानी की व्यवस्था करते अपनी सारी ऊर्जा खपा डालते हैं। ग्राम पंचायत रतेगा को वाटरफॉल पर्यटन क्षेत्र घोषित किया गया है। जो पर्यटक जानते हैं कि रतेगा बीजाकसा में पेयजल की व्यवस्था नहीं है, वे अपने साथ पानी की बोतलें लेकर आते हैं। वहीं जो इस तथ्य से अनजान रहते हैं, उन्हें पीने के पानी के लिए तरसना पड़ता है।
दिनांक 02.01.2023 पुुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग डॉ आनंद छाबड़ा के पर पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्षन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के निर्देषन एवं उप पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर , उप पुलिस अधीक्षक वीना वाधवानी, एसडीओपी बालोद प्रतीक चर्तुवेदी ,उप पुलिस अधीक्षक सायबर सेल राजेश बागडे , नगर पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, उप पुलिस अधीक्षक बोनिफास एक्का, उप पुलिस अधीक्षक एस एस मौर्य के पर्यवेक्षण व सायबर सेल प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में साइबर जागरूकता अभियान में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 105 नग गुम मोबाईल हैण्डसेट सायबर सेल टीम द्वारा दीगर राज्य एवं दिगर जिलों से रिकवर किया गया। पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ जितेन्द्र कुमार यादव के द्वारा पुलिस कार्यालय बालोद में 105 नग गुम मोबाईल हैण्डसेट उनके वास्तविक मालिक को सुपुर्द किया गया।कुल 105 नग मोबाईल किमती 15,75,000 रूपये(पन्द्रह लाख पछत्तर हजार) लगभग।पूर्व मे भी बालोद पुलिस द्वारा गुम मोबाईल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से आज दिनांक तक कुल 614 नग गुम मोबाईल बरामद कर उसके वास्तविक स्वामी को किया गया है सुपु़र्द बालोद पुलिस द्वारा गुम मोबाईल के आवेदनो में कार्य किया जा रहा हैं।
बालोद पुलिस के हाथो खोये मोबाईल पाकर प्रसन्न हुए लोग पुलिस विभाग का किया धन्यवाद ज्ञापित। नये वर्ष पर पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ जितेन्द्र कुमार यादव के द्वारा गुम मोबाईल धारको को उसके गुम मोबाइ्रल लौटाकर दिया नये वर्ष का तोफह।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जिला बालोद में गुम मोबाईल के संबध में पुलिस कार्यालय सायबर सेल ,थाना/चौकी से आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसमें कार्यवाही करते हुए सायबर सेल टीम बालोद द्वारा गुम मोबाईल हैण्डसेट कम्पनी मोटो, सैमसंग, विवो, ओप्पो, रियलमी, इनफिनिक्स एन्ड्रायड मोबाईल फोन को टेªस कर दीगर राज्य झारखण्ड, बिहार एवं अन्य जिलों रायपुर ,कांकेर , दुर्ग ,राजनांदगांव, कबीरधाम ,धमतरी ,खैरागढ़ छुईखदान गड़ई से उसे रिकवर किया गया। जिसमंे 105 नग मोबाईल हैण्डसेट को आज दिनांक 02.02.2023 को पुलिस कार्यालय सिवनी बालोद में सभी 105 आवेदकों को उनका गुम मोबाईल सेट प्रदाय किया गया। पूर्व मे भी पुलिस अधीक्षक बालोद के द्वारा 509 नग गुम मोबाईल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिक को सुपुर्द किया जा चुका है।
गुम मोबाईल कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ जितेन्द्र कुमार यादव के द्वारा सभी मोबाईल प्राप्तकर्ताओं को बधाई के साथ ही साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों को विस्तार पूर्वक बताते हुए । ठगी से बचने के गुर सुझायें। ठगी के बाद रिपोर्ट का समय अहम होता है आर्थिक ठगी के नुकसान से बचने के लिए पुलिस द्वारा सोषल मिडिया के माध्यम से चलाये जा रहे साइबर कवच अभियान से जुड़कर सतर्क रहने का सुझाव दिया गया। और बालोद पुलिस के Facebook Page- Balod Police CG (https://www.facebook.com/profile.php?id=100084291996671) से जुड़ कर साइबर क्राईम जागरूकता अभियान में शामिल होकर स्वयं एंव दूसरो को भी साइबर ठगी व अपराध से बचने जागरूक करने अपील किया गया। गुम मोबाईलों को रिकवर करनें में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी , निरीक्षक अमित तिवारी ,प्रधान आरक्षक भुनेष्वर मरकाम, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक विवेक शाही ,आरक्षक पूरन प्रसाद देंवागन, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक राहुल मनहरे , आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक आकाष दुबे , आरक्षक मिथले यादव ,आरक्षक योगेष पटेल , आरक्षक गुलजारी साहू , आरक्षक योगेष गेडाम ,आरक्षक राहुल गजपाल ,आरक्षक चद्रषेखर यादव , आरक्षक पिपेष्वर बंजारे, योगेश सिन्हा एवं सभी थाना/चौकी का सराहनीय भूमिका रहा।
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