City Media - Page 649 of 1860 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 649

बालोद जिलें मे नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 16.12.2023 को

0

बालोद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छ०म० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर निर्देशानुसार इस वर्ष का अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 16.12.2023 को आयोजित किया जाना है। इसी अनुकम में जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद डॉ. प्रज्ञा पचौरी के मार्गदर्शन में जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद एवं तहसील स्थित व्यवहार न्यायालय डौण्डीलोहारा, गुण्डरदेही एवं दल्लीराजहरा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण वर्चुवल एवं फिजिकल मोड के माध्यम से किया जावेगा।

इस नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जलकर, संपत्तिकर, सिविल प्रकरण, ट्रैफिक चालान, भाडा नियंत्रण, आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं दूरसंचार विभाग, नगर पालिका में वसूली संबंधी प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण एवं राजस्व न्यायालय खंडपीठों में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारें, कब्जे के आधार पर बटवारा, दंड प्रकिया संहिता 145 के कार्यवाही के मामलें, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विकय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।

छठ महापर्व पर दीपों की रौशनी से नहाया गंगामुंडा घाट

0
  • मिथिला समाज ने संस्कृति की रक्षा के लिए जलाए दीप

जगदलपुर छठ महापर्व के पावन अवसर पर गंगामुंडा छठ घाट के पास का शिव मंदिर इलाका सैकड़ों दीपकों की रौशनी से नहा उठा है

संस्कृति के संवर्धन और रक्षा के लिए मिथिला समाज बीते तीन वर्षों से घाट पर दीपोत्सव का आयोजन करता आ रहा है। घाट के पास शाम के अर्ध्य के बाद बस्तर मिथिला युवा मंच के सदस्यों, समाज के युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ जनों द्वारा गंगामुंडा छठ घाट पर 1501दीप जलाए गए।

मिथिला समाज के लक्ष्मण झा ने बताया कि बस्तर में सुख समृद्धि, सामाजिक समरसता, प्रकृति पूजा की परंपरा सदा बनी रहे एवं सूर्य भगवान की पूजा के इस पर्व पर सूर्य की रोशनी की तरह विश्व में भारत की कीर्ति फैले एवं हर घर रौशनी से जगमगाए ऐसी कामना दीप प्रज्वलन कर की गई। साथ ही युवाओं द्वारा घाट की साफ सफाई भी की गई। लक्ष्मण झा ने बताया कि तीन वर्षो से लगातार दीप प्रज्वलित किया जा रहा है। हर वर्ष लगातार दीपों की संख्या में वृद्धि भी हो रही है। सभी बढ़ चढ़ कर इसमें भाग ले रहे हैं।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से किरण देव, संजय पांडे, रामाश्रय सिंह, शशिनाथ पाठक, ललन झा, अभय अभिषेक झा, अमित झा, सनी झा, बृजेश झा, विकास सहारे, प्रदीप, इंद्रजीत झा, घनश्याम झा, रुक्मणी यादव, सुधा बसंत मिश्रा, ओम झा, पूजा झा, सागर झा, बॉबी, गिरधर, नागू, लता वर्मा, नागेश्वर राव समेत मिथिला समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

भूजल स्तर के संरक्षण एवं संवर्धन पर दिया गया बल

0
  •   जल चेतना जागृत करना अब समय की मांग : ओझा
  • जल जीवन मिशन पर हुआ कार्यशाला का आयोजन

जगदलपुर बड़े पैमाने पर निरंतर हो रहे दोहन के फलस्वरूप अब भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए गहन चिंतन एवं मंथन कर इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में व्यापक पहल आवश्यक है। वहीं संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही समुचित दोहन के लिए कार्ययोजना तैयार कर कारगर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना भी वर्तमान परिवेश की जरूरत है। इस दिशा में जनसाधारण में जल चेतना के लिए अभियान चलाए जाने के साथ ही स्कूल-कॉलेजों में जल शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए। यह बात जल संरक्षण से जुड़े ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ डॉ. डीडी ओझा ने स्थानीय देवांश होटल में आयोजित जल जीवन मिशन के अंतर्गत भूजल संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी संभाग स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।

जल संरक्षण के लिए अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे गए ख्यातिलब्ध विशेषज्ञ डॉ. ओझा ने पानी का समुचित उपयोग करने और कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए भूजल के दोहन में कमी लाने सहित सरफेस वॉटर के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने जल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में जल शोधन की प्राच्य तरीकों एवं वर्तमान तकनीकों की जानकारी से अवगत कराया। डॉ. ओझा ने जल चेतना अभियान चलाए जाने के लिए स्वयंसेवी संगठनों एवं संस्थाओं का व्यापक सहयोग लेने पर बल दिया। इस मौके पर मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर अजय कुमार साहू ने बस्तर संभाग में फ्लोराइड प्रभावित इलाकों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों को बेहतर रणनीति के साथ काम करने कहा। वहीं भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान के साथ ही इस दिशा में कार्ययोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन करने की बात उन्होंने कही। कार्यशाला के आरंभ में कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जगदीश कुमार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से एक बड़ी आबादी को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के फलस्वरूप अब भूजल स्तर का समुचित प्रबंधन और इस दिशा में समुदाय की सक्रिय सहभागिता के जरिए काम करना जरुरी है। उन्होंने इस कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञों के द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। कार्यशाला में जल शोधन पर आधारित जल शोधन- प्राचीन से अर्वाचीन नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। इस दौरान विषय विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में बस्तर संभाग के सभी जिलों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी तथा जल संरक्षण अभियान से जुड़े विशेषज्ञों के अलावा जलसंरक्षण से जुड़े स्वयंसेवी संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

सियासी पिच से क्रिकेट की पिच तक

0
  • सीएम बघेल, शैलजा और दीपक बैज ने उठाया क्रिकेट का लुत्फ़

रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज और अन्य कांग्रेस नेताओं ने इंडोर स्टेडियम रायपुर में भारत- ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट के फाइनल मैच का लुत्फ़ उठाया। विधानसभा चुनाव की व्यस्तता से मुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा, पीसीसी चीफ व बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने फुरसत के पलों को क्रिकेट के रोमांच के साथ एन्जॉय किया।

व्रतियों को मौर्य ने दी बधाई

0

जगदलपुर छठ महापर्व के अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने गंगामुंडा तालाब पहुंचकर व्रतधारी लोगों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। इस दौरान कविता साहू, कमलेश पाठक, कल्पना मेश्राम, ज़ाहिद हुसैन, अवधेश झा, कनकदई नाग, माही श्रीवास्तव, एस नीला, रोहित पांडेय एवं अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित थे।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में नोटिस की सिर्फ औपचारिकता

0
  • आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई न होने से सवाल
  • सत्यापन के लिए पेश होने की हिदायत देकर पल्ला झाड़ रहा है विभाग

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने वालों के खिलाफ एक्शन के नाम पर सुकमा के जिला शिक्षा अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस भेजने की ही औपचारिकता पूरी की जा रही है। ऐसे मामले शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग में ज्यादा सामने आए हैं और संभाग के सुकमा जिले में इस तरह के मामलों की बहुतायत है। सुकमा के जिला शिक्षा अधिकारी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हथियाने के आरोपों से घिरे आधा दर्जन शिक्षक शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य जरुरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कार्रवाई अब तक नहीं की जा सकी है।

सुकमा जिले के जिन शिक्षक शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया गया है, उनमें सलवम गिरीश प्रधान पाठक बालक आश्रम इंजरम विकासखंड कोंटा, कु. गीता प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पटेलपारा फंदीगुड़ा, विकासखंड कोंटा, के. रामा यशवंत राव व्याख्याता हायर सेकंडरी स्कूल एर्राबोर विकासखंड कोंटा, ओशिक कुमार ठाकुर प्रधान पाठक प्राथमिक शाला एट्टेगटा ब्लॉक कोंटा, सत्यराजू नाग प्रधान पाठक मिडिल स्कूल नुलकातोंग विकासखंड कोंटा और विजिया नाग सहायक शिक्षिका एलबी प्राथमिक शाला पुजारीपारा सोना कुकानार ब्लॉक सुकमा शामिल हैं। इन शिक्षकों से कहा गया है कि सभी सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित एवं वैध जाति प्रमाण पत्र, मिशल रिकॉर्ड, वंशावली, कोटवार रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेजों के साथ 45 दिनों के भीतर पेश हों। ऐसा न करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। के. रामा यशवंत राव एवं व्याख्याता कु. के सारिका के जाति प्रमाण पत्रों से जुड़े मामले उच्च स्तरीय छानबीन समिति रायपुर के समक्ष लंबित हैं। वहीं हायर सेकंडरी स्कूल गोलापल्ली की व्याख्याता के सारिका ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोंटा को प्रेषित जवाब में जानकारी दी है कि वे अनुसूचित जनजाति वर्ग की हैं, लेकिन व्यवसायिक परीक्षा मंडल से उनका चयन अनारक्षित वर्ग से हुआ है। इसलिए वे जाति प्रमाण पत्र या दीगर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

छह माह बाद भी कार्रवाई नहीं

उक्त सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को छह माह पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनमें से कितने शिक्षक शिक्षिकाओं ने नोटिस में चाहे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, इसका कोई अता पता नहीं है। ये तो तय है कि ज्यादातर शिक्षक शिक्षिकाएं वैध एवं मान्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए होंगे। बावजूद उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि राजनैतिक दबाव और धन बल के प्रभाव में आकर उक्त दागी शिक्षक शिक्षिकाओं को बचाने की कोशिश विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। यही वजह है कि छह माह बीत जाने के बाद भी मामले को लटकाए रखा गया है। जिन आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस मामले को उजागर किया है, उन्होंने आरोपी शिक्षक शिक्षिकाओं और उन्हें बचाने में लगे अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर मामला पहुंचाने में लग गए हैं।

कमल झज्ज कांग्रेस से बेदखल

0

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने विधानसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने के आरोप में कांग्रेस नेत्री कमल झज्ज को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया है। श्रीमती झज्ज को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने, पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करने तथा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करने के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित करने का आदेश शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी किया है।

मोहल्ले में विवाद करने वाले आरोपियों को भेजा जेल

0

दिनांक 14.11.2023 को ग्राम धूबचेरा में गोवर्धन पूजा के दौरान हुए झगड़ा विवाद के पश्चात दो पक्षों में मारपीट के मामले से संबंधित एक पक्ष के आरोपी / अनावेदको के द्वारा दिनांक 18.11.2023 को पुनः गांव में दूसरे पक्ष के देवेंद्र साहू , दिलीप कोठारी , डोमन साहू एवं ह्यूमन साहू आदि निवासी ग्राम धूबचेरा को दूसरे पक्ष के आरोपी /अनावेदक( 01) नवरत्न डहरे पिता भुनेश्वर दहरे उम्र 23 साल ( 02 )सूर्यकांत डहरे पिता अंजर सिंह डहड़े उम्र 24 साल ,(03 ) भागवत डहड़े पिता अंजोर सिंह डहड़े उम्र 21 साल, (04)विजयकांत डहरे पिता अंजर सिंह डहड़े उम्र करीब 20 साल एवं (05)अंजर सिंह डहड़े पिता स्वर्गीय बुल्लू राम डहड़े उम्र करीब 55 साल सभी निवासी ग्राम धूबचेरा के द्वारा पुनः दूसरे पक्ष के लोगों को डराने धमकाने एवं गाली गलौज करने की शिकायत प्राप्त होने पर

आज दिनांक 18. 11. 2023. को धारा 151 जा . फौ. तहत गिरफ्तार कर एस डी एम न्यायालय डोंडी लोहारा पेश किया गया जिनका जेल वारंट बनने पर जेल दाखिल किया गया है।

विक्रम शर्मा कांग्रेस से किए गए निष्कासित

0

जगदलपुर शहर जिला कां lग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध कार्य करने तथा पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण विक्रम शर्मा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित करने हेतु आदेश जारी किया है।

विद्यार्थियों के खेवनहार खुद नैया खेते पहुंचते हैं स्कूल

0
  •  इंद्रावती में नाव चलाकर स्कूल पहुंचते हैं दो शिक्षक
  • बच्चों का भविष्य संवारने 17 साल से दांव पर लगाते आ रहे हैं अपनी जिंदगी

अर्जुन झा

लोहंडीगुड़ा शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे और उमेश कुमार मंडावी वास्तव में गुरु की महत्ता और सार्थकता को सिद्ध कर रहे हैं। उनके जैसा जज्बा हर शिक्षक में हो, तो फिर भला विद्यार्थी स्वामी विवेकानंद, अब्दुल कलाम, डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, कल्पना चावला, पीटी ऊषा जैसी शख्सियत कैसे नहीं बनेंगे ? इन दोनों शिक्षकों के जज्बे को दिल से सलाम है।

आएदिन समाचार माध्यमों से शिक्षकों के अपनी शाला से गायब रहने, समय पर शाला न पहुंचने और समय से पहले शाला बंदकर रफूचक्कर हो जाने, शराब पीकर स्कूल पहुंचने, छात्राओं से गंदी हरकत करने जैसी खबरें सामने आती हैं। ऐसी खबरें मन को उद्वेलित कर देती हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की दुर्गति भी कोई नई बात नहीं है। बस्तर संभाग के दूरस्थ वनांचलों के स्कूलों के शैक्षणिक स्तर और शिक्षक शिक्षिकाओं की मनमानी एवं लापरवाही से जुड़ी शिकायतें हफ्ते पंद्रह दिन में आती ही रहती हैं। यहां की शालाओं की शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठते रहते हैं। ऐसे हालातों के बीच बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड से दिल को सुकून देने वाली बड़ी अच्छी खबर सामने आई है।लोहंडीगुड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र में स्थित ग्राम कोरली की सरकारी शालाओं में दो ऐसे शिक्षक पदस्थ हैं, जो दूसरे शिक्षकों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। ये दोनों शिक्षक बीते 17 सालों से स्वयं नाव चलाते हुए इंद्रावती नदी को पार करके अपने स्कूल पहुंच रहे हैं और पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवारने में लगे हुए हैं। दोनों शिक्षक इंद्रावती नदी के पुसपाल घाट से स्वयं नाव खेते हुए कोरली स्कूल पहुंचते हैं और शाला में अध्ययनरत 33 बच्चों को पढ़ाते हैं। पूरी तरह समर्पित भाव से शिक्षा दान में लगे इन शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा को शासन ने कभी सम्मानित करने की जरूरत ही नहीं समझी। हालांकि इन शिक्षकों को ऐसे किसी सम्मान की लालसा नहीं है। वे कहते हैं – हमारे स्कूल के बच्चे पढ़ लिखकर योग्य बन जाएं, यही हमारी बड़ी उपलब्धि है। बस्तर

जिला मुख्यालय जगदलपुर से 80 किमी की दूरी पर बिनता घाटी की वादियों में स्थित गांव कोरली में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे और उमेश कुमार मंडावी की कहानी किसी अजूबे से कम नहीं है। कोरली गांव में सन 1977 में प्राथमिक शाला की स्थापना हुई। कुछ वर्षों बाद वहां पूर्व माध्यमिक शाला भी खोल दी गई। अब कोरली के बच्चे मिडिल स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन्हीं शालाओं शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे और उमेश कुमार मंडावी पदस्थ हैं। शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला कोरली में वर्ष 2006 से बालोद निवासी शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे तथा 2010 से फरसगांव निवासी शिक्षक उमेश कुमार मंडावी पदस्थ हैं। इन दोनों शालाओं में कुल 33 छात्र- छात्रा अध्ययनरत हैं। शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे रोज लोहंडीगुड़ा से 20 किमी की दूरी तय कर तथा शिक्षक उमेश कुमार मंडावी तिरथा गांव से 10 किमी की दूरी तयकर पुसपाल घाट पहुंचते हैं और कोरली के ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराई गई नाव को स्वयं खेते हुए लगभग डेढ़ किमी दूर कोरली घाट पहुंचते हैं। विद्यालयीन समय तक शिक्षण कर शाम को उसी नाव से पुसपाल घाट और फिर वहां से अपने -अपने लौटते हैं।

बारिश में शरणार्थी बन जाते हैं शिक्षक

शिक्षक उमेश कुमार मंडावी बताते हैं कि इंद्रावती जब उफान पर रहती है तब बड़ी परेशानी होती है। अभी करीब डेढ़ किमी नाव चलाकर रोज अपने स्कूल पहुंचते हैं और पूरे दिन बच्चों को लगन से अध्यापन सेवा देने के बाद तय समय पर घरों को लौट जाते हैं। घर लौटने के दौरान भी वही नैय्या और खुद ही खेवईय्या। नदी में बाढ़ आ जाने पर 45 किमी की दूरी तय कर लोहंडीगुड़ा से मारडूम, बदरेंगा बिनता होते हुए आना जाना पड़ता है। पहले तो भेजा से कोरली के बीच घाटी में सड़क भी नहीं थी। अब जाकर सड़क बन पाई है। शिक्षक अनिल कुमार ग्वारे बताते हैं कि बारिश के दिनों में जब हम लौट नहीं पाते तब गांव वाले हमें अपने घरों में शरण देते हैं। चूंकि कोरली में शिक्षक आवास नहीं है, इसलिए ग्रामीणों के घरों में रहकर और उन्हीं के साथ भोजन कर गुजारा करना पड़ता है। बारिश के दिनों में इंद्रावती नदी पूरी तरह उफान पर रहती है, बाढ़ जल्दी नहीं उतरती। ऐसी स्थिति में दोनों शिक्षकों को कई दिनों तक ग्रामीणों के घरों में शरणार्थी बनकर रहना पड़ता है।

हर गतिविधि कराते हैं बच्चों से

प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला के कुल 33 विद्यार्थियों की पढ़ाई में ग्वारे और मंडावी अपनी ओर से कोई कमी नहीं करते। दोनों स्कूलों की आठ कक्षाओं में अध्यापन सेवा देना महज दो शिक्षकों के बूते की बात नहीं है, वह भी तब जबकि नाव चलाते दोनों की हड्डी पसली जवाब दे जाती है। अनिल ग्वारे और उमेश मंडावी सभी विद्यार्थियों को हर गतिविधि में पारंगत बनाने के लिए जी जान लगा देते हैं। बच्चों को वाद विवाद, संभाषण, पेंटिंग, व्यायाम, खेलकूद आदि विधाओं में दक्ष बनाने के लिए वे कोई कसर बाकी नहीं रखते। खेल खेल में पढ़ाई कराना उनकी विशेषता है। बच्चे भी मन लगाकर पढ़ाई करते हैं। जब कोई विद्यार्थी दो – तीन दिन तक शाला नहीं पहुंचता, तो शिक्षक उसके घर स्वयं पहुंच जाते हैं और अनुपस्थिति के कारण का पता लगाते हैं। दोनों शिक्षकों की कोशिश यही रहती है कि शालाओं में हमेशा शत प्रतिशत उपस्थिति बनी रहे।

MOST POPULAR

HOT NEWS