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पीसीसी चीफ मरकाम ने सरकार को ही खड़े कर दिया कटघरे में

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  • विधानसभा में मोहन मरकाम ने जिला खनिज मद की रकम की बंदरबांट का लगाया आरोप
  • मंत्री रविंद्र चौबे ने जांच कराने की बात कहकर सम्हाल ली स्थिति
  • सत्ता से टकराव मोल लेने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से होगी विदाई

बस्तर आदिवासी बहुल बस्तर संभाग की कोंडागांव सीट से विधायक एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अब सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है। मरकाम ने विधानसभा में आरोप लगाया कि डीएमएफ की राशि की जमकर बंदरबांट हो रही है। इस पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया। बस्तर के आदिवासी नेता एवं विधायक मोहन मरकाम ने विधानसभा में खनिज न्यास मद की राशि की अफरा तफरी का आरोप लगाते हुए कहा कि कोंडागांव जिले में पंचायत विभाग के माध्यम से डीएमएफ की रकम की बंदरबांट हो रही है। उन्होंने इस मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग उठाई। मरकाम के इतना कहते ही विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्य सरकार से इस्तीफे की मांग करने लगे। बात बिगड़ती देख मंत्री रविंद्र चौबे को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। चौबे ने सदन को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच राज्य स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी और एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट आ जाएगी। फिर भी मरकाम मानने को तैयार नहीं थे। वे इस मामले की जांच विधानसभा की समिति से ही कराने की मांग लगातार दोहराते रहे। उनका कहना था कि सात करोड़ रु. की बंदरबांट हुई है। ऐसे में क्या दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए ? उधर विपक्ष के सदस्य भी शांत नहीं हो रहे थे। उनके हंगामे का दौर काफी देर तक चलता रहा। विपक्ष के सदस्यों का कहना था कि सरकार जब अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है, तो इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठना जायज है। विपक्षी सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि देखो आज मरकाम भयमुक्त होकर सवाल उठा रहे हैं। सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन की होर्डिंग्स और बैनर्स में फोटो नहीं लगवाई, तो बेचारे मरकाम जी ऐसे सवाल उठाने के लिए मजबूर हो गए हैं। सत्तापक्ष के सदस्य होते हुए भी मोहन मरकाम द्वारा सरकार को कटघरे में खड़े करने की कोशिश की जाने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसे सत्ता और संगठन के बीच टकराव के तौर पर देखा जाने लगा है। वहीं कुछ राजनीतिक पंडित इसे भूपेश बघेल विरोधी लॉबी का खेल निरुपित कर रहे हैं।

राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद शुरू हुआ है टकराव

रायपुर में हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अधिवेशन ने सत्ता और संगठन में टकराव के बीज बोए हैं। अधवेशन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के सम्मान में जो होर्डिंग्स और बैनर्स लगाए गए थे, उनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की तस्वीर नहीं थी। यह सामान्य चूक थी, या फिर जानबूझकर ऐसा किया गया था? यह सवाल अब तक अनुत्तरित है, लेकिन इसने सत्ता और संगठन के बीच दूरियां बढ़ाने का काम जरूर कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि इसी बात को लेकर मोहन मरकाम सरकार से नाराज चल रहे हैं और सरकार के विरोध में आवाज उठाने लगे हैं। कारण चाहे जो भी हो, मगर एक बात तय है कि मोहन मरकाम की नाराजगी को दूर करना पार्टी और सरकार दोनों के हित में होगा। अन्यथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चार साल में जो मेहनत की है, उस पर पानी फिरते जरा भी देर नहीं लगेगी।

भगत हो सकते हैं नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

सूत्रों की मानें तो मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के सरकार विरोधी रुख और बगावती तेवर की जानकारी कांग्रेस हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान मोहन मरकाम की हरकतों से काफी नाराज है और वह श्री मरकाम के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की भी तैयारी कर चुका है। मोहन मरकाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से किसी भी क्षण हटाया जा सकता है। जानकार बताते हैं कि कांग्रेस के पुराने सिपाही अमरजीत भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। उनके नाम की घोषणा जल्द हो सकती है।

नेशनल हाईवे -30 के बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा को किया गया सील

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  • कांग्रेस विधायक के पुत्र के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद कार्रवाई
  • मेंटेनेंस चार्ज वसूली के विरोध में छेड़ रखा है नागरिकों ने आंदोलन


बस्तर कांग्रेस विधायक के पुत्र के आंदोलन के बाद प्रशासन ने नेशनल हाईवे – 30 पर घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा गांव के पास स्थित टोल प्लाजा को सील कर दिया है। जब तक टोल प्लाजा सीलमुक्त नहीं होगा, तब तक वाहन बिना टैक्स अदा किए गुजरते रहेंगे।विधायक पुत्र के नेतृत्व में नागरिकों ने नेशनल हाईवे की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की मरम्मत न कराने के विरोध में मोर्चा खोल रखा है।


राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 बस्तर विकासखंड के फरसागुड़ा, घाट लोहंगा, बढ़ईगुड़ा, करंदटोला, भानपुरी, बस्तर आदि मुख्य गांवों के बीचों बीच से गुजरता है। राजमार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रकाश व्यवस्था के लिए चार पांच वर्ष पूर्व लगवाई गई हाईमास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट को आज तक शुरु नहीं किया गया है। अंधेरा रहने के कारण रात के समय इन गांवों के आसपास आएदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। नारायणपुर के कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप के पुत्र एवं युवा कांग्रेस नेता निलय कश्यप का कहना है कि इन गांवों के कई लोग नेशनल हाईवे में हुए हादसों का शिकार बन चुके हैं। निलय कश्यप के नेतृत्व में इस मसले को लेकर पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर लाइटों को चालू करवाने की मांग की जा चुकी है, मगर अब तक कोई पहल नहीं हुई है। निलय कश्यप का कहना है कि मेंटेनेन्स चार्ज के नाम पर घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा में वाहनों से अच्छी खासी रकम की वसूली की जाती है, लेकिन हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट को जलाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे आक्रोशित नागरिकों ने युवा कांग्रेस नेता निलय कश्यप के नेतृत्व में आज मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों नागरिकों के साथ पहुंचे निलय कश्यप ने घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। निलय कश्यप और नागरिकों का कहना था कि जब तक हाईमास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट शुरू नहीं हो जाती तब तक टोल प्लाजा में वाहनों से वसूली बंद रखी जाए। आंदोलन की जानकारी मिलने पर बस्तर के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं दंडाधिकारी श्री वर्मा तथा पुलिस के अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम श्री वर्मा ने अप्रिय स्थिति निर्मित होने की आशंका को देखते हुए घाट लोहंगा टोल प्लाजा को सील कर दिया। इसके बाद ही निलय कश्यप और नागरिक शांत हुए।
एहतियातन किया गया है सील
हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट को शुरू करने की मांग लोग लंबे समय से करते आ रहे हैं। नागरिकों के आंदोलन के कारण हालात बिगड़ने का अंदेशा था, इसलिए टोल प्लाजा को सील किया गया है।
-श्री वर्मा

नगर विकास की मांग को लेकर 15 मार्च से राजहरा व्यापारी संघ करेगा विशाल आंदोलन

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  • आश्वासन नहीं धरातल में काम चाहिए – राजहरा व्यापारी संघ
  • बाइक रैली,मशाल रैली,लाइट बंद कर विरोध प्रदर्शन की तैयारी
  • धरना प्रदर्शन, अनिश्चितता व्यापार बंद व चक्काजाम की चेतावनी

दल्लीराजहरा – खनिज नगरी दल्ली राजहरा जिसके गर्भ से निकले लौह अयस्क से भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया छत्तीसगढ़ प्रदेश को आर्थिक प्रगति प्रदान की। करोड़ो की रॉयल्टी देने वाला राजहरा नगर शासन, प्रशासन की उदासीनता के चलते अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. इसका असर व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। नगर विकास की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राजहरा व्यापारी संग लगातार संघर्ष करता रहा है। शासन,प्रशासन,रेल विभाग के नगर के विकास के प्रति कई वर्षो से लचर रुख अपनाने व केवल आश्वासन दे धरातल में कोई भी काम ना दिखने से निराश नगर के समस्त व्यापारियों ने शनिवार रात्रि 9 बजे अटल सदन में हुई बैठक कर बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर ली है।इस बैठक में समस्त व्यापारियों ने अपनी अपनी बात रखी व एक मत होकर आंदोलन को सहमति प्रदान की।इसके पूर्व राजहरा व्यापारी संघ कर प्रतिनिधि मंडल ने अनुविभागीय अधिकारी योगेंद्र श्रीवास से मिल अपने मांग पत्र का ज्ञापन सौप आंदोलन की जानकारी पत्र के द्वारा दी।एसडीएम चर्चा में व्यापारियों ने कहा की राजहरा के अस्तित्व की रक्षा के लिए यहां पहुंचे हुए हैं।

20 साल से हम वही मांग करते आ रहे हैं. अधिकारी बदल गए सरकार बदल गई और हमारे शहर का हुलिया भी बदल गया है।1लाख की जनसंख्या का नगर 40 हजार में पहुँच गया।रोजगार के कोई साधन नही कोई शासकीय उपक्रम नही बीएसपी सभी स्कूल बंद कर ली है। रेल सुविधा मिल नहीं रही।कुछ मिल रहा है तो वो है आश्वासन जिस पर एसडीएम द्वारा व्यापारी संघ की बीएसपी,रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की बात कर आंदोलन पर विचार करने की बात कही गई। व्यापारी मंडल ने कहा की नगर के विकास की मांग को लेकर दल्ली से दिल्ली तक सभी प्रयास किये गए 20 दिसंबर को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से दिल्ली में व्यापारी संघ का प्रतिनिधि मंडल मिल मांग पत्र सौपा। रेल विभाग से मांग – रेल्वे भूमि पर विगत 70 साल से बसे हुए सभी निवासरत् लोगों को पट्टा प्रदान किया जाये ।दल्ली राजहरा में वाशिंग यार्ड का निर्माण कराया जाये,दल्ली राजहरा से 3 दिन चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन को प्रतिदिन न्यायधानी बिलासपुर तक चलाये, अंतागढ़ से रायपुर तक प्रतिदिन चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ायी जाये ।जगदलपुर से रावघाट रेल लाईन निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया जाये ।दल्ली राजहरा से चंद्रपुर महाराष्ट्र तक रेल लाईन निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया जाये ।दुर्ग से चलने वाली ट्रेनों को दल्ली राजहरा से चलाया जाये ।रिजर्वेश काऊंटर को बढ़ाते हुए आरक्षण काऊंटर का समय बढ़ाया जाये।दुर्ग से चलने वाली ट्रेन को अंतागढ़ से नागपुर विशाखापट्टनम चलाने की मांग की गई रेलवे के आला अधिकारियों को लगातार कई वर्षों से ज्ञापन दिया गया पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई।

शासन प्रशासन से मांग- राजहरा में औद्योगिक नगर के लिए कई बार सर्वे हो चुका है उसे आरम्भ किया जाये,दल्ली राजहरा नगर एवं चिखलाकसा की भूमि रजिस्ट्री का सरलीकरण किया जाये केन्द्रीय विद्यालय अगले सत्र से प्रारंभ करने, बालोद जिले का नाम बालोद दल्लीराजहरा संयुक्त जिला कर इसके कुछ विभागों राजहरा में लाने, नगर से बायपास सड़क का निर्माण, जल आवर्धन योजना, 100 बिस्तर अस्पताल का निर्माण शीघ्र किया जाये, नगर के 270 + 130 एकड़ भूमि पर बसे लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री कराकर स्थायी पट्टा प्रदान किया जाये,दल्ली राजहरा को पूर्ण तहसील की स्थापना की जाये,राजहरा नगर के डेम साइड, बोरडीह डेम व अन्य क्षेत्र को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकास करने कुछ मांग पूरी होने की बात की गई, बजट प्रस्तावित होने की बात कई वर्षों से की जाती रही पर आज तक धरातल में कोई भी काम नहीं हुआ है।*15 मार्च से आंदोलन प्रारंभ* – राजहरा व्यापारी संघ ने एसडीएम को दिए ज्ञापन मे नगर के सामाजिक संगठन व राजनैतिक संगठनों व सभी जनप्रतिनिधियों के समर्थन के साथ मांग पूर्ण करने हेतु आंदोलन करने को बाध्य होकर 15 मार्च 2023 से धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया जा रहा है। उसी कड़ी में आगे नगर बंद एवं चक्का जाम जैसे कदम हम उठाने को मजबूर होंगें जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी ।

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भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देगा कलमा नानगुर खदान

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  • कांकेर जिले की कलमा नानगुर खान से होगी लौह अयस्क आपूर्ति
  • दल्ली राजहरा में होगी आयरन ओर की सफाई, मिलेगा सबको काम
  • क्षेत्र के बेरोजगारों, मजदूरों को उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर

दल्लीराजहरा कहते हैं छत्तीसगढ़ के आदिवासी खुद भूखे रह जाते हैं, मगर मेहमान को खाना जरूर खिलाते हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की भी तासीर कुछ इसी तरह की है। छत्तीसगढ़ की रत्नगर्भा धरती अपने लालों का तो ध्यान रखती ही है, दूर दराज के लोगों का भी भला और पोषण करती है। छत्तीसगढ़ की यही रत्नगर्भा धरती अब भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देने वाली है। यहां की धरती के एक और हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का अकूत भंडार मिला है, जो न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र की धमन भट्ठीयों को धधकाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि अंतिम सांसे गिन रहे दल्ली राजहरा को भी संजीवनी देगा। दरअसल महामाया क्षेत्र से लगे कलमा नानगुर में स्थित लौह अयस्क खदान से अब भिलाई स्टील प्लांट को दल्ली राजहरा के रास्ते लौह अयस्क की आपूर्ति होगी। कलमा नानगुर में लौह अयस्क का बड़ा भंडार मिला है। वहां 44 एकड़ क्षेत्रफल में उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क उपलब्ध है। कलमा नागुर खदान के लौह अयस्क क्वालिटी 61 प्रतिशत आयरन कंटेंट वाली है। कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा से महज 30 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र मैं पहुंचने के लिए कच्चे माइंस से हाट हॉटकोंदल मार्ग से होते हुए पहुंचा जा सकता है वही महामाया पहाड़ी के ऊपर से यह क्षेत्र जुड़ा हुआ है इस खदान क्षेत्र को केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इस मामले में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक कलमा नानगुर से लौह अयस्क सड़क मार्ग के जरिए पहले दल्ली राजहरा पहुंचेगा। दल्ली राजहरा खदान की वाशरी में धुलाई और सफाई के बाद लौह अयस्क को मालगाड़ियों के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क आपूर्ति के लिए रावघाट माइंस को विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है, मगर कुछ अड़चनों की वजह से वहां खनन आरंभ नहीं हो सका है। रावघाट माइंस 220 एकड़ रकबे में फैला हुआ है। पेड़ों की कटाई की स्वीकृति न मिल पाने के कारण खनन अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर दल्ली राजहरा की खदानों में आयरन ओर समाप्ति की ओर है। वहां न के बराबर लौह अयस्क बचा रह गया है, जो भिलाई इस्पात संयंत्र की सांसों को ज्यादा दिनों तक थामे रख पाने में सक्षम नहीं है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच कलमा नानगुर की खदान भिलाई इस्पात संयंत्र को नया जीवन देने वाली साबित होगी। बताया गया है कि कलमा नानगुर से लौह अयस्क दल्ली राजहरा तक सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा। दल्ली राजहरा माइंस में आयरन ओर की धुलाई और सफाई के लिए वाशरी एवं अन्य उपकरण पहले से ही मौजूद हैं, जिनकी मदद से कमला नानगुर से पहुंचने वाले आयरन ओर की सफाई कर उसे मालगाड़ियों के जरिए भिलाई इस्पात संयंत्र भेजा जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कलमा नानगुर में लौह अयस्क का खनन आरंभ हो जाने पर क्षेत्र के शिक्षित, प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को भरपूर रोजगार मिलेगा। बस्तरिहा मजदूरों को भी काम की तलाश में आंध्ररप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर कूच नहीं करना पड़ेगा। उन्हें कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान में ही काम मिलने लगेगा। विदित हो कि बस्तर के मजदूर हर साल मिर्च तोड़ाई और अन्य कार्य करने के लिए हर साल आंध्ररप्रदेश जाते हैं। इसी तरह रोजी रोटी की तलाश में उन्हें तेलंगाना और महाराष्ट्र भी जाना पड़ता है। अब उन्हें पलायन के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी। कलमा नानगुर लौह अयस्क खदान का सर्वाधिक लाभ कांकेर और बालोद जिलों के बेरोजगारों और मजदूरों को मिलेगा। क्योंकि इन दोनों जिलों की सीमाओं पर ही कलमा नानगुर खदान स्थित है। कलमा नानगुर व आसपास के गांवों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा

अब दिन फिरेंगे दल्ली राजहरा के भी

कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए तो वरदान साबित होगा ही, डायलिसिस पर रहकर अंतिम सांसे गिन रहे खनिज नगरी दल्ली राजहरा के लिए भी संजीवनी बूटी से कतई कम असरकारी नहीं होगा। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा की खदानों में की जाने वाली ब्लास्टिंग के धमाके पूरे शहर में हर वक्त सुनाई देते थे, डंपर, टिप्पर का रेला लगा रहता था, गैरेजों में मरम्मत के लिए बड़ी गाड़ियों की लाईन लगी रहती थी, लाल रंग की शर्ट और हरे रंग की हाफ पेंट पहने मजदूरों की भीड़ हर तरफ नजर आती थी, दुकानों में बड़ी रौनक रहती थी। अब वो दिन फना हो चुके हैं। न बारुदी धमाके सुनाई देते हैं, न डंपर, टिप्पर बहुत ही दिखते हैं, मजदूरों की भीड़ भी अब नहीं रह गई है और दुकानों में सन्नाटा पसरा रहता है। गैरेजों में वीरानी का आलम रहता है। दल्ली राजहरा माइंस में नौकरी करना बड़े ही शान की बात मानी जाती थी, माइंस के कामगारों का रुतबा ही अलग होता था। महामाया माइंस से लौह अयस्क परिवहन करने के लिए सैकड़ों ट्रांसपोर्टर्स के डंपर, टिप्पर दिन रात महामाया से दल्ली राजहरा के बीच चौबीसों घंटे दौड़ते रहते थे। माइंस में हजारों लोग नियमित कामगार के रूप में काम करते ही थे, लौह अयस्क परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टर्स के टिप्पर, डंपर में भी हजारों मजदूरों को काम मिलता था। गैरेज संचालकों और उनके अधीन काम करने वाले मेकेनिक भी अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। दुकानदारों का काम भी बढ़िया चल रहा था। अब उम्मीद की जा रही है कि कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा के पुराने दिन लौटाने में सहायक होगी। ट्रांसपोर्टर्स को फिर से काम मिलने लगेंगा। मजदूरों को पर्याप्त काम मिलेगा और दुकानों तथा गैरेजों में रौनक लौट आएगी

विकास का आधार, बाल्य – युवावस्था का प्राण तत्व है खेल : बघेल

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  • विधायक ट्राफी क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन में पहुंचे बस्तर के विधायक लखेश्वेर बघेल

बस्तर विकासखंड बस्तर के ग्राम इच्छापुर 2 में विधायक ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसके समापन समारोह में क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल मुख्य अतिथि थे। फाइनल मुकाबला कुम्हड़ाकोट और इच्छापुर के बीच हुआ। कुम्हाड़ाकोट ने विधायक ट्राफी पर कब्जा जमा लिया। राजीव युवा मितान क्लब के तत्वावधान में समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विधायक बघेल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की युवा शक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राजीव युवा मितान क्लब योजना प्रारंभ की गई है। राजीव युवा मितान क्लब से जुड़कर युवा साथी खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं और जन जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं।विधायक ट्रॉफी टूर्नामेंट के इस फाइनल मुकाबला कुम्हड़ाकोट और इच्छापुर के मध्य खेला गया। मैच काफी रोमांचक रहा।

इच्छापुर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 98 रन बनाए। कुम्हड़ाकोट के बल्लेबाजों ने भी अपने उत्कृष्ट खेल का लोहा मनवाते हुए 10 ओवर की लास्ट गेंद में फाइनल मैच अपने नाम कर लिया। कुम्हड़ाकोट ने 1 विकेट से जीत हासिल की।बस्तर विधायक बविप्रा अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने उद्योगों को खेलों से जोड़ा जा रहा है। खिलाड़ियों को सुविधा मुहैया कराने छत्तीसगढ़ सरकार ठोस कदम उठा रही है। मोबाइल फोन के आने से बच्चे पारंपरिक खेलों और खेल मैदानों से दूर होते जा रहे हैं। खेलों का बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी अति महत्वपूर्ण योगदान है। स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं दिलाने का प्रयास करें, तो बच्चों में खेलों के प्रति जुनून पैदा होगा, जो उन्हें काफी आगे तक ले जाने में सहायक होगा।

रोतमा में भी हुई क्रिकेट प्रतियोगिता

ग्राम पंचायत रोतमा में भी राजीव गांधी युवा मितान क्लब द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन गया था। इसका समापन बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल की उपस्थित में हुआ। बघेल ने खिलाड़ियों को आशीर्वचन देते हुए उन्हें जीत की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर गणेश बघेल, ईश्वर पाणीग्रही, मानसिंह कवासी, मानसिंह बघेल, राम्याराम मौर्य, हेमराज बघेल, नीलम कश्यप, लखेश्वर मंडावी, रुपसाय, रघुनाथ, जितेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, लखेश्वर, बीरसिंह बघेल, समदु एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्त्ता व ग्रामवासी मौजूद थे।

भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देगा बस्तर

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  • बस्तर संभाग की कलमा नानगुर खान से होगी लौह अयस्क आपूर्ति

दल्ली राजहरा में होगी आयरन ओर की सफाई, मिलेगा सबको काम बस्तर के बेरोजगारों, मजदूरों को उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर बस्तर कहते हैं बस्तर के आदिवासी खुद भूखे रह जाते हैं, मगर मेहमान को खाना जरूर खिलाते हैं। बस्तर की माटी की भी तासीर कुछ इसी तरह की है। बस्तर की रत्नगर्भा धरती अपने लालों का तो ध्यान रखती ही है, दूर दराज के लोगों का भी भला और पोषण करती है। बस्तर की यही रत्नगर्भा धरती अब भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देने वाली है। यहां की धरती के एक और हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का अकूत भंडार मिला है, जो न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र की धमन भट्ठीयों को धधकाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि अंतिम सांसे गिन रहे दल्ली राजहरा को भी संजीवनी देगा। दरअसल बस्तर संभाग के कलमा नानगुर में स्थित लौह अयस्क खदान से अब भिलाई स्टील प्लांट को दल्ली राजहरा के रास्ते लौह अयस्क की आपूर्ति होगी।बस्तर संभाग के कलमा नानगुर में लौह अयस्क का बड़ा भंडार मिला है। वहां 44 एकड़ क्षेत्रफल में उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क उपलब्ध है। कलमा नागुर खदान के लौह अयस्क क्वालिटी 61 प्रतिशत आयरन कंटेंट वाली है। कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा से महज 30 किमी दूर स्थित है। केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इस मामले में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक कलमा नानगुर से लौह अयस्क सड़क मार्ग के जरिए पहले दल्ली राजहरा पहुंचेगा। दल्ली राजहरा खदान की वाशरी में धुलाई और सफाई के बाद लौह अयस्क को मालगाड़ियों के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क आपूर्ति के लिए रावघाट माइंस को विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है, मगर कुछ अड़चनों की वजह से वहां खनन आरंभ नहीं हो सका है। रावघाट माइंस 220 एकड़ रकबे में फैला हुआ है। पेड़ों की कटाई की स्वीकृति न मिल पाने के कारण खनन अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर दल्ली राजहरा की खदानों में आयरन ओर समाप्ति की ओर है। वहां न के बराबर लौह अयस्क बचा रह गया है, जो भिलाई इस्पात संयंत्र की सांसों को ज्यादा दिनों तक थामे रख पाने में सक्षम नहीं है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच कलमा नानगुर की खदान भिलाई इस्पात संयंत्र को नया जीवन देने वाली साबित होगी। बताया गया है कि कलमा नानगुर से लौह अयस्क दल्ली राजहरा तक सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा। दल्ली राजहरा माइंस में आयरन ओर की धुलाई और सफाई के लिए वाशरी एवं अन्य उपकरण पहले से ही मौजूद हैं, जिनकी मदद से कमला नानगुर से पहुंचने वाले आयरन ओर की सफाई कर उसे मालगाड़ियों के जरिए भिलाई इस्पात संयंत्र भेजा जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कलमा नानगुर में लौह अयस्क का खनन आरंभ हो जाने पर बस्तर संभाग के शिक्षित, प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को भरपूर रोजगार मिलेगा। बस्तरिहा मजदूरों को भी काम की तलाश में आंध्ररप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर कूच नहीं करना पड़ेगा। उन्हें कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान में ही काम मिलने लगेगा। विदित हो कि बस्तर के मजदूर हर साल मिर्च तोड़ाई और अन्य कार्य करने के लिए आंध्रप्रदेश जाते हैं। इसी तरह रोजी रोटी की तलाश में उन्हें तेलंगाना और महाराष्ट्र भी जाना पड़ता है। अब उन्हें पलायन के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी। कलमा नानगुर लौह अयस्क खदान का सर्वाधिक लाभ कांकेर और बालोद जिलों के बेरोजगारों और मजदूरों को मिलेगा। यह खदान दुलकी और कलवर माइंस के पास कांकेर जिले में स्थित है। महामाया माइंस और रावघाट माइंस की पर्वत श्रृंखला के अंतिम छोर वाली पहाड़ियों में कलमा नानगुर माइंस है। इस खदान से लौह अयस्क खनन आरंभ हो जाने पर कांकेर, कलमा नानगुर व आसपास के गांवों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा

अब दिन फिरेंगे दल्ली राजहरा के भी

कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए तो वरदान साबित होगी ही, डायलिसिस पर रहकर अंतिम सांसे गिन रहे खनिज नगरी दल्ली राजहरा के लिए भी संजीवनी बूटी से कतई कम असरकारी नहीं होगी। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा की खदानों में की जाने वाली ब्लास्टिंग के धमाके पूरे शहर में हर वक्त सुनाई देते थे, डंपर, टिप्पर का रेला लगा रहता था, गैरेजों में मरम्मत के लिए बड़ी गाड़ियों की लाईन लगी रहती थी, लाल रंग की शर्ट और हरे रंग की हाफ पेंट पहने मजदूरों की भीड़ हर तरफ नजर आती थी, दुकानों में बड़ी रौनक रहती थी। अब वो दिन फना हो चुके हैं। न बारुदी धमाके सुनाई देते हैं, न डंपर, टिप्पर बहुत ही दिखते हैं, मजदूरों की भीड़ भी अब नहीं रह गई है और दुकानों में सन्नाटा पसरा रहता है। गैरेजों में वीरानी का आलम रहता है। दल्ली राजहरा माइंस में नौकरी करना बड़े ही शान की बात मानी जाती थी, माइंस के कामगारों का रुतबा ही अलग होता था। महामाया माइंस से लौह अयस्क परिवहन करने के लिए सैकड़ों ट्रांसपोर्टर्स के डंपर, टिप्पर दिन रात महामाया से दल्ली राजहरा के बीच चौबीसों घंटे दौड़ते रहते थे। माइंस में हजारों लोग नियमित कामगार के रूप में काम करते ही थे, लौह अयस्क परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टर्स के टिप्पर, डंपर में भी हजारों मजदूरों को काम मिलता था। गैरेज संचालकों और उनके अधीन काम करने वाले मेकेनिक भी अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। दुकानदारों का काम भी बढ़िया चल रहा था। अब उम्मीद की जा रही है कि कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा के पुराने दिन लौटाने में सहायक होगी। ट्रांसपोर्टर्स को फिर से काम मिलने लगेंगा। मजदूरों को पर्याप्त काम मिलेगा और दुकानों तथा गैरेजों में रौनक लौट आएगी।

स्वर्गीय बलीराम की छाया चित्र पर पुष्पांजलि एवं मंत्रोचार के बीच दीप प्रज्वलन कर जयंती मनाया गया

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जगदलपुर ब्रह्ममलीन स्वर्गीय बलीराम जी की जयंती पर तीतिरगाव के गायत्री विद्यापीठ गुरुकुल में उनकी छाया चित्र पर पुष्पांजलि एवं मंत्रोचार के बीच दीप प्रज्वलन कर जन्म जयंती बनाई गई कार्यक्रम मे मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा प्रदेश महामंत्री व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा है कि बलीराम कश्यप जी के विद्यार्थी जीवन मे उन्हें कई किलोमीटर पैदल पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था । इस अभाव को समझते उन्होने जब स्वयं शिक्षा मंत्री बनें तो बस्तर में स्कूलों का जाल बिछा दिया । उनका पूरा जीवन क्षेत्र के विकास के लिये समर्पित था।

सामाजिक और राजनीतिक जीवन मे उन्होंने हमेशा विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। अपने बेबाक़ और स्पष्टवादिता के कारण उन्हें राजनीतिक जीवन में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनायी ।ईमानदारी और समय का प्रबंधन के संदर्भ में लोग उन्हें आज भी याद करते हैं । कश्यप ने कहा है कि उनके आदर्शों, समाज और परिवार सबको साथ लेकर चलने की क्षमता ने हमारा मार्ग प्रशस्त किया है, उनके द्वारा स्थापित आदर्शों एवं मार्गों पर हमें चलने की आवश्यकता है ॥इस अवसर पर उपस्थित नेता प्रतिपक्ष नगरनिगम एवं प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट संजय पांडे ने कहा कि स्वर्गीय बलिराम कश्यप जी सूचिता की राजनीति के प्रतीक थे । बस्तर की राजनीति में भीष्म पितामह कहे जाने वाले बलीराम जी अपने अनुशासन, स्पष्ट एवं बेबाक़ बोल, ईमानदारी और समयबद्धता के लिए जाने जाते हैं । चार बार के सांसद और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने बस्तर के विकास में अहम योगदान दिया है । इंजीनियरिंग कॉलेज,मेडिकल कालेज तथा संभाग भर में शिक्षा हब बनाने में उनके कार्यों को याद किया जाता है । कोसार टोडा बाँध बनवाकर उन्होंने एक बड़े सूखाग्रस्त क्षेत्र को पानी से सिंचित किया ! श्री पाण्डे ने कहा कि राम चरित मानस और गीता के श्लोक उनके उद्बोधन के मुख्य हिस्सा हुआ करते थे! उन्हें रामचरितमानस और गीता कंटस्थ याद थी । विपक्ष के रूप में उनके दहाड़ के कारण उन्हें बस्तर टाइगर कहा जाता है । जयंती कार्यक्रम में छात्रों के लिए खेल सामग्री का वितरण माननीय केदार कश्यप जी के हाथों से किया गया ,एवं अल्पाहार एवं मिष्ठान वितरण किया गया । कार्यक्रम में आभार प्रबंधक आर एस पिल्ले ने किया ।इस कार्यक्रम में लक्ष्मण झा प्रांत प्रशिक्षण सहप्रमुख, पंकज आचार्य, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य युवा मोर्चा ,आईटी सेल तेजपाल शर्मा जिला संयोजक आईटी सेल अभिषेक तिवारी भाजयुमो सोशल मीडिया प्रमुख विक्की साहू भाजयुमो आदित्य दीक्षित लुप्तेश्वर ठाकुर विनायक बेहरा एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित थे।

एकसाथ निकली 75 दूल्हों की बरात

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  • बाबू सेमरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 75 जोड़ों ने किया गृहस्थ जीवन में प्रवेश
  • संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने नवदंपत्तियों को दिया खुशहाल और समृद्ध जीवन का आशीर्वाद

जगदलपुर विकासखंड जगदलपुर के ग्राम बाबू सेमरा में शनिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 75 जोड़ों ने गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। इनमें 66 जोड़ों ने सनातन परंपरा और 9 जोड़ों ने मसीही परंपरा के अनुसार विवाह किया। संसदीय सचिव रएवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने बरात की अगुवाई की तथा 75 दूल्हों के साथ बैंड बाजे की धुन पर नाचते गाते हुए विवाह स्थल तक पहुंचे। इस अवसर पर उनके साथ इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, जगदलपुर की महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनिता पोयाम, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर रहे दंपत्ति और उनके परिजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर संसदीय सचिव जैन ने दांपत्य जीवन में प्रवेश कर रहे जोड़ों को खुशहाल और समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज 75 युवाओं की बरात में शामिल होकर 75 वधुओं को ले जाने का अवसर मिला। यह मेरे लिए बड़ा ही सुखद क्षण रहा। उन्होंने कहा कि नव दंपत्ति अपने माता पिता की सेवा करते हुए खुशहाल जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि निर्धन कन्याओं के विवाह में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कन्याओं के विवाह के लिए सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में दिव्यांगों को भी 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है तथा दूल्हा दुल्हन दोनों के दिव्यांगों होने पर एक लाख रुपए की सहायता दी जाती है। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि कन्यादान जीवन के सबसे बड़े दानों में से एक है। आज यहां 75 निर्धन कन्याओं का सम्मान के साथ विवाह की परंपरा पूरी हो रही है। उन्होंने सभी नव दंपत्ति पर मां दंतेश्वरी के कृपा दृष्टि की कामना की। इस अवसर पर जगदलपुर नगर निगम की महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।

यादव समाज के होली मिलन समारोह में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन

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समाज के वरिष्ठों से आशीर्वाद लिया एवं समाज के सदस्यों को होली के पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी”जय यादव – जय माधव” के जय घोष से गूंज उठा कृष्ण मंदिर परिसर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की सहजता एवं सरलता को देख समाज के युवाओं ने विधायक के साथ जमकर खेली होली एवं किया नृत्य इस अवसर पर उपस्थित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की यादव समाज मेरा घर है आपके हर सुख-दुख में मैं साथ खड़ा हूं यादव समाज का बस्तर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है यादव समाज बस्तर के सामाजिक ताने-बाने में महत्वपूर्ण रहा है तथा यहां के तीज त्यौहार में भी आपके समाज का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहता है हमारी सरकार आपके समाज के उत्थान एवं विकास के लिए कृत संकल्पित है और इस हेतु जो भी सहयोग होगा उसके लिए सदैव तत्पर हैं

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ नगर निगम की सभापति श्रीमती कविता साहू पार्षद सूर्या पाणी, दयाराम कश्यप, शहर जिला महामंत्री गौरनाथ नाग, वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा श्रीमती संगीता जैन,यादव समाज के अध्यक्ष एवं पार्षद बलराम यादव, रोहित यादव, धिरेन्द यादव, सरिता यादव सहित यादव समाज के वरिष्ठ, युवा एवं महिलाओं समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

मोर आवास मोर अधिकार रोक के रखे हैं :- भूपेश सरकार

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आज दिनाक 11/03/2023 को मोर आवास मोर अधिकार रोक के रखे हैं भूपेश सरकार के अंतर्गत विधानसभा घेराव के कार्ययोजना हेतु दल्ली राजहरा मंडल की आवश्यक बैठक अटल योग सदन में रखी गयी, जिसमें विधानसभा घेराव हेतु रायपुर जानें की तैयारियों के सम्बंध में व्यापक चर्चा की गई साथ ही साथ विधानसभा प्रभारी के द्वारा विधानसभा घेराव कार्यक्रम के पोस्टर का भी विमोचन किया गया। इस बैठक मुख्य रूप से डौंडीलोहारा विधानसभा के प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कहा अधिक से अधिक 15 मार्च को रायपुर चलो और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस तैयारी करें बुथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर कार्य योजना बनाने हेतु निर्देशित किया बैठक में प्रदेश प्रवक्ता भाजपा देवलाल ठाकुर उपस्थित थे।

बैठक का संचालन मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी द्वारा किया गया बैठक में मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि राजेश दसोड़े,मुस्ताक अहमद अंसारी,महेंद्र पिपरे ,विशाल मोटवानी, भूपेंद्र श्रीवास,किरण सिन्हा, राजेश कांबले, रमेश जैन, गीता मरकाम, अंजू साहू,राजेश कामले, सोहद्रा ठाकुर,हेमंत गौतम, ललित जॉन, उदय कुमार,रामेश्वर साहू, पुरुषोत्तम तारम, हुकुम सिंह धनगुण, सुमित जैन,निलेश श्रीवास्तव,उमेश विश्वकर्मा, मनन गुप्ता, रानू ठाकुर, डॉली सिंह, रेवती बक्शी, सुचित्रा दास, कविता टिगोटे, उषा साहू, प्रवीण उइके, हरीश बाघ, सागर गजीर, कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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