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कोंडागांव पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का केस सुलझा कर महज चंद घंटो के भीतर किया अपराध का खुलासा

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अमरेश झा, कोंडागांव

रोजाना शराब पीकर गाली गलौच करने से परेशान बेटी के दोस्त ने ही की मृतक की हत्या।

आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

22 जुलाई प्रातः 07.00 बजे कोंडागांव के नहरपारा में रहने वाली प्रार्थिया सीता पोयाम ने कोतवाली पहुंच रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसके पिता मंगलराम पोयाम का शव घर की सीढ़ियों में पड़ा हुआ है और उसके सिर में चोट के निशान है । मामले में मर्ग कायम कर मौके पर पहुंच पुलिस अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का मुआयना करने एवं मृतक के पीएम रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि मृतक मंगलराम पोयाम की हत्या सिर में किसी भारी हथियार से वार करने व गला घोंटने से हुई है जिसे की दुर्घटना का रूप देने का प्रयास हत्यारे के द्वारा किया गया है । मामले में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध हत्या का अपराध कायम कर परिस्तिथिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेही सागर यादव निवासी ग्राम भैसाबेड़ा उमरगांव अ से गहन पूछताछ की करने पर संदेही सागर यादव नेअपना जुर्म कबूल कर अपने मेमोरेंडम कथन में बताया कि वह मृतक की पुत्री सीता पोयाम का विगत 01 साल से दोस्त है जिससे उसकी रोज बात होती है । बातचीत में सीता पोयाम उसे बताती थी कि उसका पिता मंगलराम पोयाम रोज शराब पीकर घर आता है और उसे गंदी गंदी गालियां देता है , जिससे वह परेशान है। जिसके बाद 21जलाई 2022 के शाम 07.00 बजे करीब वह सीता पोयाम के घर गया था जहाँ मंगलराम पोयाम दारू पीकर घर आया और फिर से सीता पोयाम और उसे भी गंदी गंदी गालियां दे रहा था जिससे की वह मंगलराम के घर से निकल गया और कोंडागांव में घूमते हुये उसने अपनी दोस्त सीता पोयाम को उसके पिता के रोज रोज के गाली गलौच से बचाने के लिये मंगलराम पोयाम के हत्या की योजना बनायी , और रात करीब 08-09 बजे के बीच पुनः मंगलराम के घर जाकर खाट में सोये मंगलराम के सिर में सब्बल मारकर एवं वायर से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी एवं अपराध छिपाने के लिये लाश को सीढ़ियों पर लेटाकर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया । हत्या में प्रयुक्त सब्बल , बिजली वॉयर और आरोपी के खून सने कपड़े को आरोपी के निशानदेही पर बरामद कर आरोपी सागर यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है ।

कंपनी प्रबंधन ने दिया हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर क़ानूनी कार्यवाही करने की लिखित धमकी

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कामगार सभा के संरक्षक डॉ. अरूण पाण्डेय् ने कहा हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना संवैधानिक अधिकार

छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । कामगार सभा के बैनर तले अपनी वेतन संबंधित मांगो को लेकर मेडिकल कॉलेज/हॉस्पिटल के सैकड़ों सुरक्षा कर्मचारी आज पिछले 6 दिनों से हड़ताल पर हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने अपनी शिक़ायत ज़िला कलेक्टर को मिलकर बताई उन्होंने आश्वासन दिया परंतु कोई रास्ता नही निकाला तो कर्मचारियों ने एसडीएम का दरवाज़ा खटखटाया जिसपर एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा ने कंपनी के मालिक से से इस संबन्ध में फ़ोन पर चर्चा किया तथा कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच श्रम विभाग के अधिकारियों के उपस्थिति में बैठक भी रखी। इस बैठक में कंपनी और कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों पर लिखित सहमति देने की स्वीकृति बनी परंतु कंपनी द्वारा कोई भी सहमति लिखित में नही दिया गया।

इसके शिकायत पुनः एसडीएम से की गई जिसपर आरंभ में कंपनी के मालिक अंजनी द्विवेदी द्वारा आज कल किया गया परन्तु कल शाम एक पत्र कंपनी द्वारा अपने स्थानीय प्रबंधक रमाकांत पाण्डेय् के हाथों भेजा गया जिसमें लिखित रूप से कंपनी ने कर्मचारियों को धमकी दी है कि अगर वे हड़ताल करेंगे तो उनपर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूटा और जमकर हंगामा किया गया।

कामगार सभा के संरक्षक डॉ. अरूण पाण्डेय् ने कहा हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना संवैधानिक अधिकार

जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष और कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि किसी कर्मचारी का अपने हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। जब कंपनी प्रबंधन या नियोक्ता द्वारा कामगारों के अधिकारों का हनन किया जावेगा या उनका शोषण होगा तब यदि वे न्याय के लिए आवाज़ उठाएंगे इस पर कंपनी क़ानूनी कार्यवाही करेगी ऐसा लिखित रूप से धमकी देना अपराध है। जिसपर तत्काल ज़िला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए साथ ही ऐसे तानाशाही प्रबंधन का ठेका तत्काल निरस्त कर देना चाहिए।

देवेंद्र की मांग पर स्पीकर ने मंत्री को दिए कड़ाई करने निर्देश

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बीएसपी ठेका मजदूरों की सुरक्षा का मामला

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज सत्ता पक्ष के सदस्य देवेंद्र यादव ने भिलाई इस्पात संयंत्र में दुर्घटना और इससे हुई मौत पर प्रबंधन द्वारा क्षतिपूर्ति और अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित सवाल उठाया। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया को इस मामले में कड़ाई बरतने के निर्देश दिये।

भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने प्रश्न किया कि वर्ष 2019 से जून 2022 तक बीएसपी के अंदर कितनी दुर्घटना घटित हुई हैं एवं कितने कार्यरत बीएसपी ठेका श्रमिकों की मौत/ गंभीर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं, इसकी वर्ष वार जानकारी दें। उन्होंने पूछा कि बीएसपी में कार्यरत ठेका श्रमिकों की सुरक्षा की व्यवस्था क्या निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर है? यदि है तो दुर्घटना के क्या कारण हैं? इस पर प्रबंधन का क्या नियंत्रण है? क्या संयंत्र के अंदर कार्यरत ठेका श्रमिकों की दुर्घटना में हुई मृत्यु पर प्रबंधन द्वारा क्षतिपूर्ति के रूप में आश्रित परिवारों में किसी एक को नौकरी देने का राज्य शासन के इस नीति नियमों का पालन किया जा रहा है? यदि हां तो वर्ष 2019 से अब तक कितनों को नौकरी प्रदाय की गई? देवेंद्र यादव के प्रश्न पर उत्तर देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने बताया कि वर्ष 2019 से जून 2022 तक भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई में 22 दुर्घटनाएं घटित हुई हैं जिसमें 12 ठेका श्रमिकों की मृत्यु 09 ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल तथा तीन नियमित श्रमिकों की मृत्यु हुई है। भिलाई इस्पात संयंत्र में दुर्घटनाओं की जांच करने पर बीएसपी प्रबंधन द्वारा कार्यों में सन्निहित खतरों का आकलन किए बगैर श्रमिकों को नियोजित कर असुरक्षित कार्यविधि अपनाए जाने से दुर्घटनाएं घटित होना परिलक्षित हुआ। कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधान के अनुसार कारखाने में नियोजित समस्त श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व एवं नियंत्रण कारखाना प्रबंधन पर निहित है। श्रम अधिनियम के अंतर्गत कारखानों में श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को नौकरी देने संबंधी प्रावधान नहीं है। परंतु श्रम विभाग द्वारा मानवीय आधार पर मृतक श्रमिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिलवाए जाने का प्रयास किया जाता है। भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई द्वारा दुर्घटनाओं में मृतक श्रमिक के आश्रित में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति देने की कार्रवाई कंपनी की नीति के अनुसार की जाती है। वर्ष 2019 से जून 2022 तक दुर्घटनाओं में मृतक 12 ठेका श्रमिकों में से 4 ठेका श्रमिकों के आश्रितों को एवं मृतक 3 नियमित श्रमिकों में से दो श्रमिकों के आश्रितों को कारखाना प्रबंधन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है। इस पर भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि शेष मृतक मजदूरों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति जल्द दिलाई जानी चाहिए। इस पर मंत्री डहरिया ले कहा कि केंद्रीय संस्थान है, उनके नियम हैं। ठेका मजदूरों के लिए प्रयास करेंगे। इस पर अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि चर्चा तक सीमित न रहें। कड़ाई से पेश आएं। उन्होंने विधायक देवेंद्र यादव से भी कहा कि आप वहां के महापौर हैं। अपने स्तर पर भी प्रयास करें। इस पर उन्होंने अध्यक्ष को बताया कि अपने स्तर पर वे प्रयास कर रहे हैं।

बीसीए के समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल एनएमडीसी सीएमडी से मिलने पहुंचा हैदराबाद

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ठेकेदारों की समस्याओं को लेकर सीएमडी को सौपा ज्ञापन

किरंदुल – लौह नगरी के स्थानीय ठेकेदारों के हितों के लिए गठित बैलाडीला कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी अपनी समस्याओं को लेकर एनएमडीसी के सीएमडी से उनके कार्यालय हैदराबाद में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल द्वारा कांट्रैक्टर्स के हित में उनके ज्वलंत समस्याओं पर सीएमडी से गहन चर्चा की गई। तत्पश्चात उनके द्वारा सीएमडी को ज्ञापन सौंपा गया। तथा सीएमडी द्वारा निकट भविष्य में जल्द समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया गया। इस विषय में यूनियन के अध्यक्ष अतुल सिंह एव सचिव विप्लव मल्लिक ने बताया कि कांट्रैक्टर्स की समस्याओं को लेकर हम एनएमडीसी के मुख्यलय हैदराबाद में एनएमडीसी के सीएमडी श्री सुमित कुमार देव, निर्देशक उत्पादन डॉ मोहंती, अधिशासी निदेशक विधि एव कार्मिक प्रवीण कुमार से मुलाकात कर हमने कांट्रैक्टर्स की सभी परेशानियों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि एनएमडीसी के हर महत्व पूर्ण कार्य में कांट्रैक्टर्स की अहम भूमिका होती है। हर सामाजिक कार्य से लेकर सोशल वेलफेयर के कार्यों में कांट्रैक्टर्स की एक अलग भूमिका सदैव रही है। हम भी एनएमडीसी परिवार के सदस्य हैं। आज एनएमडीसी नए से नए कीर्तिमान गढ़ रही है। परंतु स्थानीय कांट्रैक्टर्स की आज भी कई समस्याएं है जिन्हें परियोजना द्वारा नजरअंदाज किया जाता रहा है। जिसमे सबसे बड़ी परेशानी लेवर सप्लाई के प्रॉफिट, ओपन टेंडर में आ रही परेशानियों, इन गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा कर ज्ञापन सौपा गया। सभी अधिकारियों ने हमारी समस्याओं को ध्यान से सुना और जल्द निराकरण का भरोसा दिया। इस मुलाकात में यूनियन यूनियन अध्यक्ष अतुल सिंह, सचिव बिप्लव मल्लिक, उपाध्यक्ष हरिशंकर मुखर्जी, कोषाध्यक्ष एम बाबू राव, वरिष्ठ कांट्रैक्टर्स संजय सोनी उपस्थित थे।

किसानों के भुगतान पर भारी हंगामा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर टकराव हुआ। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के भुगतान के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के बीच चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोर्चा संभाला और नेता प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच चली नोंकझोंक में दोनों पक्ष के सदस्यों ने अपने अपने नेता के समर्थन में आवाज बुलंद की। विपक्ष ने इस मामले में बहिर्गमन किया। इस तनातनी के बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल समाप्त होने की घोषणा कर दी।

सदन में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार पर किसानों को कम पैसा देने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया कि अप्रैल2019से अप्रैल 2022 तक धान खरीदी में कुल कितना भुगतान किया गया है। इसमें कितनी राशि केंद्र सरकार व कितनी राशि राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई है? अभी कितना भुगतान किया जाना शेष है, कब तक भुगतान किया जायेगा? उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस अवधि में किसानों को प्रति क्विंटल कितनी राशि का भुगतान समर्थन मूल्य व राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत किया गया है? किन किन वर्षों में प्रति क्विंटल2500 रुपये का भुगतान नहीं किया गया है तथा क्यों व शेष भुगतान कितना है व कब तक दिया जायेगा?वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य व राजीव गांधी न्याय योजना की चारों किश्तों में प्रति क्विंटल कितनी कितनी राशि दी गई है तथा क्या यह 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान की गई है?

इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के जवाब से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया कि नेता प्रतिपक्ष पूछ रहे हैं कि धान खरीदी में केंद्र और राज्य का कितना हिस्सा होता है। केंद्र चावल खरीदी के एवज में पैसा देता है। केंद्रीय पूल के चावल का पैसा केंद्र सरकार देती है और स्टेट पूल का पैसा राज्य देता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 294 करोड़ की राशि का किसानों को भुगतान कब होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र के अड़ंगे के बाद राजीव किसान न्याय योजना में किसानों को पैसे दे रहे हैं।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सदन में दी गई बधाई और शुभकामनाएं

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज नवनिर्वाचित राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को बधाई दी गई।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने द्रौपदी मुर्मू को देश की 15वीं राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मुर्मू को बधाई देते हुए कहा कि भारत गणराज्य के संवैधानिक संरक्षक के रूप में आपके हाथों में देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का गौरवशाली इतिहास सुरक्षित रहेगा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

वेतन भत्ता वृद्धि पर सदन की मंजूरी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज मंत्री तथा विधायकों के वेतन एवं भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री वेतन तथा भत्ता संशोधन विधेयक 2022 क्रमांक 13 सन 2022 के पुनर स्थापन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जिस पर अध्यक्ष ने सदन की अनुमति की व्यवस्था दी सदन की सहमति प्राप्त होने पर यह विधेयक पारित हो गया इसके पूर्व मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन भत्ता वृद्धि के प्रस्ताव को अनुमोदन प्राप्त हो गया था।

सदन में कई वार्षिक प्रतिवेदन पेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज विभिन्न वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखे गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 395 की उपपर धारा की अपेक्षा अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड तथा उसकी सहायक कंपनियां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड का वर्ष 2018- 2019 का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखा। मुख्यमंत्री बघेल ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019- 20 पटल पर रखा। वाणिज्य कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा ने कंपनी अधिनियम 2013 की अपेक्षा अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 सदन के पटल पर रखा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 की धारा 19 एवं 30 के तहत अधिसूचना द्वारा अधिसूचित छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (आंतरिक शिकायत निवारण) नियम 2016 के नियम 9 के उपनियम की अपेक्षा अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2021- 22 सदन के पटल पर रखा।

नया रायपुर में पुरानी बसाहट में विकास क्यों नहीं- धनेंद्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस सदस्य धनेंद्र साहू ने नए रायपुर में पुरानी बसाहट के विकास का मुद्दा उठाते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया को जमकर घेरा। धनेंद्र साहू ने नगरीय प्रशासन मंत्री से पूछा कि प्रदेश के कौन-कौन से नगरों को स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है तथा किस किस नगर की स्मार्ट सिटी योजना कितने कितने लागत की है, अभी तक किन किन नगरों को विकास कार्य हेतु भारत शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा कितनी कितनी राशि प्रदान की गई है, इन योजनाओं की क्रियान्वयन एजेंसी किस विभाग को बनाया गया है तथा कितनी कितनी राशि का ठेका किस किस कंपनी या ठेकेदार को दिया गया है, उनके प्रश्न के जवाब में विभागीय मंत्री ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रदेश के 3 शहरों रायपुर, बिलासपुर एवं नवा रायपुर अटल नगर का चयन भारत सरकार द्वारा किया गया है। नगर वार योजना की लागत राशि की जानकारी प्रपत्र के अनुसार है। स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर एवं नवा रायपुर अटल नगर के विकास कार्य हेतु भारत शासन एवं राज्य शासन से प्राप्त राशि की जानकारी भी उन्होंने दी। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी मिशन के दिशा निर्देशों अनुसार योजना के क्रियान्वयन हेतु मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, नवा रायपुर अटल नगर स्मार्ट सिटी कारपोरेशन लिमिटेड नाम से कंपनियों का गठन किया जाने की जानकारी दी। इस पर धनेंद्र साहू ने कहा कि नए रायपुर में पुरानी बसाहट के गांवों में काम नहीं हो रहा, टेंडर नहीं हो रहा। 1771 करोड़ की योजना में पुरानी बसाहट के गांव क्यों छोड़ रहे हैं। जहां कोई नहीं रह रहा, वहां विकास हो रहा है और जहां लोग रह रहे हैं, वहां विकास नहीं हो रहा। इस पर मंत्री डहरिया ने कहा कि केंद्र से राशि नहीं आई है, राशि आने पर काम आगे बढ़ेगा। इस योजना में केंद्र और राज्य का आधा-आधा हिस्सा होता है। धनेंद्र साहू ने बैठक में नहीं बुलाए जाने का मुद्दा उठाया तब मंत्री डहरिया ने कहा कि जब बैठक होगी, तब उन्हें बुलाया जाएग।

धर्मजीत ने अमरजीत से पूछा कहां गया 14.77 लाख मेट्रिक टन धान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज विपक्ष के सदस्य धर्मजीत सिंह ने धान उठाव का मुद्दा उठाते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत से सवाल किया कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21में समर्थन मूल्य पर कितनी मात्रा में धान खरीदी हुई, इसमें से कितनी मात्रा में धान कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दिया गया, कस्टम मिलिंग के लिए क्या राइस मिलर्स से अनुबंध किया गया, मिलर्स द्वारा उन्हें प्रदायित धान के विरुद्ध कितनी कितनी मात्रा में चावल जमा कराया जाना था, कितनी मात्रा में किया गया एवं विलंब से चावल जमा करने की स्थिति में क्या कार्रवाई की गई? इस पर विभागीय मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2018 -19 में खरीदे गए धान की मात्रा 80.38 लाख मेट्रिक टन, कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को प्रदाय धान की मात्रा 79.73 लाख मैट्रिक टन, वर्ष 2019-20 में खरीदे गए धान की मात्रा 83.94 कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को प्रदाय धान की मात्रा 81.49 तथा वर्ष 2020-21 में खरीदे गए धान की मात्रा 92.02 लाख मीट्रिक टन तथा कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को प्रदाय धान की मात्रा 80.35 है। इस पर सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि 14.77 लाख मैट्रिक टन धान का उठाव नहीं हुआ, वह कहां गया? मंत्री भगत ने कहा कि मार्च 22 में सदस्य अजय चंद्राकर ने जानकारी मांगी थी, उस पर जवाब दिया था। अजय चंद्राकर व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि अभी याचिका स्वीकृत नहीं हुई। मंत्री भगत के जवाब पर अजय चंद्राकर ने कहा कि वे गुमराह कर रहे हैं। धर्मजीत सिंह ने कहा कि पर्दा डालने का प्रयास है। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि अमरजीत भगत दूसरों के विषय के विशेषज्ञ हैं।

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