जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए अब सीमित समय बचा है। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों के साथ साथ बसपा, जनता कांग्रेस, आप सहित अन्य दल अपनी तैयारी में तेजी से लगे हुए हैं। कांग्रेस के संभागीय सम्मेलन चल रहे हैं। बस्तर संभाग की 12, बिलासपुर संभाग की 24 और दुर्ग संभाग की 20 सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के जोश को बढ़ाते हुए 2018 से बेहतर प्रदर्शन करने कहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि इस बार 71 सीट से आगे जाएंगे। उनका यह अनुमान कांग्रेस के प्रत्याशियों पर निर्भर करेगा। आम तौर पर मौजूदा विधायक ही मैदान में होंगे। कुछ विधायकों की टिकट कटेगी। मुख्यमंत्री ऐसे विधायकों को तीन चार माह में प्रदर्शन सुधारने की सलाह देते हुए कह रहे हैं कि फिर टिकट नहीं कटेगा। वे यह भी बता रहे हैं कि फैसला आलाकमान करेगा। यानी दिल्ली के पैमाने पर जो विधायक खरे उतरेंगे। उनकी ही टिकट सलामत रहेगी। कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरेगी। इस जंग में कमजोर सिपाही नहीं उतारे जाएंगे। फैसला तो जनता को करना है लेकिन कांग्रेस हर सीट पर जीत की सर्वाधिक संभावना वाले दावेदार के सिर पर हाथ रखेगी।कूड़ा करकट नहीं चलेगा। ऊपरी तौर पर कांग्रेस खुद की मजबूती और भाजपा की कमजोरी के कितने भी दावे करे, लेकिन वह भाजपा को कहीं भी हल्के में नहीं लेगी। कांग्रेस फुल कॉन्फिडेंट है किंतु ओवर कॉन्फिडेंस घातक साबित होता है, इसका उसे अहसास है। तभी तो वह अपने विधायकों के नट बोल्ट टाइट कर रही है। जिनमें जंग लग गई है, जो काम करने की स्थिति में नहीं हैं, वे पुर्जे बदल दिए जाएंगे। पिछले चुनाव के पहले कांग्रेस ने अपनी खरपतवार उखाड़ फेंकना जरूरी समझा और ऐसे हालात पैदा किए कि जो नुकसान पहुंचा रहे हैं, वे निकल जाएं। कांग्रेस का शुद्धिकरण हुआ तो जनता ने उसे हाथोंहाथ लिया। यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का विभाजन नहीं हुआ होता तो भाजपा को हटाना आसान नहीं था। कांग्रेस कलह में डूबी रहती और भाजपा का कमल खिलता रहता। भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सुनियोजित तरीके से सफाई अभियान चलाया। सियासी गाजरघास छंट गई तो कांग्रेस एकजुट हो गई। नतीजा यह रहा कि बस्तर की 12 में से 11 सहित राज्य की 90 में से 68 सीटें जीतीं। उपचुनावों में यह संख्या 71 हो गई। इसके विपरीत 2018 के चुनाव के डेढ़ साल पहले से तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने विधायक साथियों को टास्क देते रहे। कोई फर्क नहीं पड़ा। 15 साल की सरकार में कमल सरोवर में जलकुंभी पट गई। उसे उखाड़ने की दरकार थी लेकिन भाजपा अति आत्मविश्वास की गिरफ्त में थी। तब ये तो होना ही था। अब भी वही स्थिति है। बस्तर में भाजपा के दिग्गज खूब ताल ठोंक रहे हैं लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं को तक यह नहीं समझ आ रहा कि ये बड़े नेता मतदाता के मन को कैसे जीत सकते हैं जब भाजपा का स्थानीय तन जनता से दूर है। यदि भाजपा को कांग्रेस से मुकाबला करना है तो पहले अपने तालाब की जलकुंभी को उखाड़कर कमल खिलने की जगह बनाये। वरना सत्ता में आने का सपना भूल जाये।
जैन पीड़ितों – दुखियारों की सेवा को समर्पित करेंगे यह विशेष दिन
क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग और हर आम व खास पहुंचेंगे उन्हें आशीर्वाद देने
जगदलपुर मानव सेवा ही माधव सेवा के उद्देश्य के साथ काम करने वाले जिस व्यक्ति ने मानव योनि में अपने जन्म को मानव सेवा के लिए समर्पित मान रखा है, वह व्यक्ति अपने जन्मदिन पर केक काटकर और लंच – डिनर की पार्टी देकर आत्ममुग्ध होता रहेगा, यह मुमकिन ही नहीं है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जनसेवा के लिए हर पल तत्पर रहने वाले जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की। जैन का जन्मदिन 11 जून को है। इस बार भी वे अपने इस खास दिन को दरिद्र नारायण की सेवा के लिए समर्पित करने वाले हैं।जरूरतमंदों, पीड़ितों, गरीबों और दुखियों की यथा संभव सेवा करना विधायक रेखचंद जैन के परिवार की शुरू से परंपरा रही है। उनके पूर्वज हमेशा इस पुनीत कार्य में अग्रणी रहते थे। अब इस कुल परंपरा को रेखचंद जैन आगे बढ़ा रहे हैं। उनके विधायक चुने जाने के बाद यह परंपरा थमी नहीं, बल्कि उसका विस्तार हुआ और उसमें थोड़ी गति भी आई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष कृपा उन पर शुरू से रही है। लिहाजा मुख्यमंत्री के सहयोग से रेखचंद जैन लगातार अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर तरह के पीड़ितों को भरपूर आर्थिक मदद शासन की ओर से उपलब्ध कराते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से वे सैकड़ों लोगों को आर्थिक सहायता दिलवा चुके हैं। चंद रुपए देकर खामोश बैठ जाने वालों से इतर संसदीय सचिव रेखचंद जैन लोगों के आंसू पोंछने और उनका दुख दर्द साझा करने में भी पीछे नहीं रहते। उनकी सदायता और संवेदनशीलता के अनेकानेक प्रमाण सामने आ चुके हैं। किसी के घर में किसी का निधन हो जाए, जैन खबर मिलते ही शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि वे विधानसभा क्षेत्र में सबके दुलारे बन चुके हैं।
कल पूरे दिन विशेष कार्यक्रम
अपने जन्मदिन पर रेखचंद जैन अपनी धर्मपत्नी संगीता जैन और बच्चों के साथ सबसे पहले कुल देवी की पूजा करेंगे। इसके बाद वे बस्तर की आराध्या मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर माता का आशीर्वाद लेंगे। फिर वे सभी धर्मों के प्रार्थना स्थलों पर जाकर प्रार्थना करेंगे और दुआएं मांगेंगे। वृद्धाश्रम, अनाथ आश्रम में बड़े बुजुर्गों और बच्चों के संग अपने जन्मदिन की खुशियां शेयर करेंगे। गौशाला, गोठान में जाकर गौमाता को चारा, गुड़ आदि खिलाएंगे। उसके बाद कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं और शुभचिंतकों द्वारा 11 जून रविवार को जगदलपुर के शहीद पार्क के पीछे स्थित वीर सावरकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में जैन सपरिवार भाग लेंगे। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विविध आयोजन होंगे। इस दौरान जैन दंपत्ति के हाथों से जरूरतमंदों को जीवनोपयोगी वस्तुएं वितरित की जाएंगी।
महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर तेलंगाना सीमा में हुई गिरफ्तार
बीजापुर के चेरपल्ली निवासी इस महिला पर 30 आपराधिक मामले
बीजापुर बीजापुर जिले में सक्रिय महिला नक्सली कमांडर त्रिकुमुला गोटा बुज्जी उर्फ लक्ष्मी को तेलंगाना पुलिस ने तेलंगाना सीमा पर गिरफ्तार कर लिया है। इस महिला नक्सली के खिलाफ जवानों पर हमले समेत 30 संगीन आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर को तीन राज्यों छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। सूत्रों ने बताया कि यह महिला नक्सली छत्तीसगढ़ सीमा से एक वाहन से तेलंगाना जा रही थी। पुलिस ने सूचना के आधार पर तालपेरू डेम के समीप वाहन के साथ उसे पकड़ा है। महिला नक्सली के पास से बडी़ मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया गया है। महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर त्रिकुमुला गोटा उर्फ लक्ष्मी के बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के चेरपल्ली निवासी होने की जानकारी मिली है। भद्रादि कोत्तागुडम पुलिस और सीआरपीएफ 141 बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर तालपेरु बांध से शुक्रवार दोपहर में महिला को गिरफ्तार किया। भद्रादि कोत्तागुडेम पुलिस एसपी डॉ. जी. विनीत ने तेलंगाना में मीडिया के समक्ष इस महिला नक्सली की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
कांग्रेस नेताओं ने कवासी लखमा के बयान का गलत अर्थ निकालने पर भाजपा नेताओं को लगाई लताड़
जगदलपुर कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के बयान का गलत अर्थ निकालकर भाजपा के लोग अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। लखमा ने बस्तर की आम बोलचाल में बोली जाने वाली बात कही है। भाजपा के कद्दावर नेता स्व. बलीराम कश्यप हमेशा यह शब्द इस्तेमाल करते रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा नगर निगम में एमआईसी सदस्य विक्रम सिंह डांगी, पार्षद कमलेश पाठक और ओंकार सिंह जसवाल ने संयुक्त बयान में मंत्री लखमा पर अनर्गल लांछन लगाने वाले भाजपा नेताओं को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा है कि गोधन न्याय योजना और गोठान के खिलाफ भाजपाइयों ने जो अभियान चला रखा है, उसमें वे सच्चाई की जगह खामी दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। लखमा ने अपने बयान में कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक है और भाजपा के दिल्ली के लोग हेलीकाफ्टर में घूम रहे हैं। मई महीने में दोपहर 12 बजे गोठान में गाय ढूंढने जा रहे हैं। यह बात कहते हुए लखमा ने बस्तर की लोक बोली में कही जाने वाली मजाकिया लोकोक्ति कह दी जो यहां के लिए सामान्य बात है। इसी बात को सार्वजनिक मंचों पर और पार्टी की बैठकों में बलीराम कश्यप हमेशा कहते थे। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को लखमा का पुतला दहन करने से पहले अपने दिवंगत नेता बलीराम कश्यप के पिछले राजनीतिक जीवन को समझ लेना चाहिए, जो बेबाक बोलते थे। लखमा ने जो लोकोक्ति कही है वह बलीराम कश्यप का तकिया कलाम था। कश्यप लोकोक्ति का अक्सर उपयोग किया करते थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भाजपा नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए आरोप लगाना और कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करना ही उनका एकमात्र काम रह गया है। लखमा ने जो बात कही है उसमें कहीं भी अश्लीलता या गाली नहीं है। क्योंकि ये बस्तर के आदिवासियों की आम बोलचाल के शब्द हैं।
डौण्डी एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में देवगुड़ी निर्माण हेतु 01 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने तथा शासकीय महाविद्यालय मंगचुवा का नामकरण शहीद गंैदसिंह के नाम से करने की घोषणा दल्लीराजहरा में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्रीस्व. सुखदेव पातर को स्वतंत्रा संग्राम सेनानियों की सूची में किया जाएगा शामिल तथा नवा रायपुर में हल्बा सामाजिक भवन के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी राशि बालोद, 09 जून 2023 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हल्बा-हल्बी समाज को अत्यंत गौरवशाली समाज बताते हुए कहा कि हल्बा समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध एवं वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी है, इस तरह से यह समाज मातृ शक्ति की अनुयायी समाज है।
उन्होंने कहा कि संगठन के मामले में भी हल्बा समाज अत्यंत प्राचीन एवं विस्तृत समाज है। बघेल आज जिले के इस्पात नगरी दल्लीराजरा के फूटबाॅल ग्राउण्ड में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के 83वां स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र माहला ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डाॅ चरणदास मंहत, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलेजा, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव श्री कुंवरसिंह निषाद, राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम, संजारी बालोद के विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य बिरेश ठाकुर, पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया, भैयाराम सिन्हा एवं जनक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुखगण उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने जिले के डौण्डी एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में देवगुड़ी निर्माण हेतु 01 करोड़ की राशि प्रदान करने तथा शासकीय महाविद्यालय मंगचुवा का नामकरण शहीद गैंदसिंह के नाम से करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने समाज के लोगों की मांग पर नवा रायपुर में हल्बा समाज के सामाजिक भवन के निर्माण हेतु जमीन चिन्हांकन एवं खरीदी की प्रक्रिया पूरा होने के बाद राशि प्रदान करने की भी घोषण की। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कांकेर जिले निवासी स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेने वाले हल्बा समाज के गौरव स्व. सुखदेव पातर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में शामिल कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बघेल ने हल्बा-हल्बी समाज के लोगों को समाज के 83वां स्थापना दिवस के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने अमर शहीद बिरसा मूण्डा की पूण्यतिथि पर शहीद बिरसा मुण्डा एवं शहीद गैंदसिंह के योगदानों का स्मरण करते हुए इन दोनों विभूतियों को भारत माता के महान सपूत बताते हुए उन्हें नमन किया। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बड़े भू-भाग के अलावा महाराष्ट्र सहित आस-पास के अनेक राज्यों में हल्बा समाज के लोग निवासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के मामले में भी हल्बा समाज एक अग्रणी समाज है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज के लोग शिक्षा को हथियार बनाकर आज राजनैतिक, प्रशासनिक एवं अन्य सभी क्षेत्रों में उच्च पदों पर सुशोभित होकर राष्ट्र व समाज सेवा में अपना योगदान दे रहे हंै। इस अवसर पर बघेल ने हल्बा समाज सहित समूचे आदिवासी समाज को सहज, सरल, मेहनतकश एवं निश्छल बताते हुए राष्ट्र एवं समाज के विकास मंे उनके योगदानों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। इसे ध्यान में रखते हुए आम लोगों के सहुलियत के लिए प्रशासनिक विकेंद्रीकरण कर 06 नये जिले एवं अनेक नए तहसीलों का गठन किया। जिससे की आम लोगों को अपने कामकाज के लिए जिला एवं तहसील मुख्यालयों में आने-जाने में किसी तरह की कठिनाई न हो।
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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे हिन्दुस्तान में कोई भी ऐसा राज्य नहीं है, जहां पर इतने बड़ेेेे पैमाने पर तहसीलों का गठन किया गया है। इसके अलावा जाति प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण किया गया है। जिसके फलस्वरूप पिता के पास जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से उनके बच्चों का भी आसानी से जाति प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य में किसानों एवं मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। हमारे सरकार के द्वारा कामकाज संभालने के तुरंत बाद किसानांे की कर्ज माफी कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा समर्थन मूल्य पर ध्यान खरीदी की राशि में वृद्धि करने के साथ-साथ किसानों के मांग पर नये धान खरीदी केंद्र प्रारंभ की है। जिसके फलस्वरूप बस्तर के अलावा मोहला-मानपुर जैसे वनांचल क्षेत्रों में भी धान के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा राज्य सरकार के द्वारा कोदो, कुटकी आदि मोटे अनाज का समर्थन मूल्य पर खरीदी कर इसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल किया गया है। बघेल ने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा 65 प्रकार के वनोपजों का समर्थन खरीदी शुरू कर उनका मूल्य संवर्धन करने का भी कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्ग के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट विद्यालयोें की स्थापना की है। राज्य के आदिवासियों एवं शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के समूचित अवसर प्रदान करने हेतु बड़े पैमाने पर बस्तर फाईटर्स में युवाओं की भर्ती किया है। इसके अलावा आम जनता एवं क्षेत्र के लोगों के समूचित विकास हेतु विधायक निधि के साथ-साथ जिला पंचायत, जनपद सदस्यों एवं पार्षद निधि में भी हमने आशातीत बढ़ोतरी की है। बघेल ने कहा कि हमारे सरकार के द्वारा आदिवासियों की विशिष्ट परंपरा, रीतिरिवाज बोली एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए हमनें जगदलपुर के निकट के ग्राम आसना में ’बादल’ (बस्तर एकेडमी आॅफ डांस, आर्ट एण्ड लैंगवेज) की स्थापना की है। इसके अलावा हमारे सरकार के द्वारा राजधानी रायपुर में विशाल राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य एवं देश के अलावा 26 देशों के आदिवासी कलाकारों को अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह आयोजन पूरी दुनिया में अपने तरह का पहला आयोजन था। इस अवसर पर बघेल ने हल्बा समाज के कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक अर्जित करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास मंहत ने राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों के हितों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की सहजता, सरलता और उदारता उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। वास्तव में आदिवासियों का यह गुण ईश्वर का अनुपम उपहार है। पूर्व केंद्रीय डाॅ. शैलेजा ने अमर शहीद बिरसा मूण्डा एवं स्व. गैंदसिंह के राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे देश, प्रदेश एवं समाज को इन दोनों विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर नाज है। उन्होंने हल्बा समाज के द्वारा समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए समाज के विकास के लिए परिवार, समाज के साथ-साथ सरकारों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा हल्बा समाज सहित समूचे आदिवासी समाज एवं राज्य के सभी वर्गो के विकास के लिए बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने हल्बा समाज के 83वां स्थापना दिवस के अवसर पर सभी स्वजाति जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के विकास के लिए समाज के विभूतियों एवं महापुरूषों के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों को उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज एवं समाज के सभी वर्गों के विकास हेतु किए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। हल्बा समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र माहला ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए हल्बा-हल्बी समाज के सांगठनिक ढांचा एवं विशेषताओं के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को पूर्व विधायक डोमेंद्र भेड़िया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हल्बा समाज के कंेद्रींय पदाधिकारियों के अलावा कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी के अलावा हल्बा समाज के सामाजिक प्रतिनिधि एवं आम नागरिकगण उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री ने की ग्रामीण क्षेत्रों में जारी विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक में पौधरोपण पर मंत्री ने गिरिराज सिंह ने दिया खास जोर
जगदलपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर भरसक कार्य करें। गुरुवार को देर शाम जगदलपुर स्थित विश्राम भवन में उन्होंने बस्तर जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अधिक से अधिक परिवारों को बैंक लिंकेज के माध्यम से लाभान्वित करने को कहा। ताकि समूह के सदस्य आजीविका मूलक कार्य करते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंने अमृत सरोवर योजना के तहत किए जा रहे तालाबों के खनन की जानकारी ली और कहा कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण का कार्य तेजी से किया जाना चाहिए।
इसी तरह वाटरशेड के कार्य में भी फलदार वृक्ष के पौधों के रोपण को महत्व देना चाहिए, जिससे लोगों के रोजगार और पोषण की समस्या का निदान हो सके। मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री आवासों के आसपास के रिक्त स्थानों के साथ ही सड़कों के किनारे भी आम, अमरूद, कटहल इत्यादि फलदार वृक्षों के पौधों के रोपण पर जोर दिया। मंत्री ने मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि 100 दिन कार्य करने वाले मजदूरों को उन्नति योजना के तहत निशुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान करें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका बनाने को कहा।उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाओं में मुनगा के पौधे अवश्य लगाए जाएं। मुनगा के फल और पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। विशेषकर खून की कमी के मामलों में यह बहुत ही कारगर है। उन्होंने इसके साथ ही रुरबन योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करते हुए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर हरेश मंडावी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
नगर में कदम रखते ही मां दंतेश्वरी के लिए मंदिर पहुंचे मंत्री सिंह
कलेक्ट्रेट में लेंगे अफसरों की बैठक, मिलेंगे लाभार्थियों से
दंतेवाड़ा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह शुक्रवार को दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले दंतेश्वरी मंदिर पहुंच दर्शन किए। यहीं पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की। केंद्रीय आओमंत्री देवी दर्शन के बाद कलेक्ट्रेट में बैठक लेंगे और जिला पंचायत सभागार में केंद्र की योजनाओं का लाभ ले रहे लाभार्थियों से मुलाकात व केंद्र सरकार की चल रही योजनाओं की जानकारी लेंगे।केंद्रीय मंत्री शासकीय कार्यक्रम में ही शामिल होंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने व उनके साथ बैठक का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। मंदिर में हुई मुलाकात के अलावा मंत्री सिंह सर्किट हाउस में ही कुछ देर जिले के प्रमुख भाजपा नेताओं से मिलेंगे।
जिला उपभोक्ता आयोग ने दुर्घटनाग्रस्त कार के मालिक के पक्ष में सुनाया फैसला
जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग जगदलपुर ने परमजीत के. मोहना द्वारा दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. के खिलाफ पेश परिवाद में आदेश पारित कर परिवादी को उसके वाहन की क्षतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनी को देनदार मानते हुए 3 लाख 4260 रु. देने का आदेश पारित किया है। इसके अलावा वाद प्रस्तुति दिनांक से 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देने, मानसिक क्षतिपूर्ति हेतु 10 हजार रु. एवं परिवाद व्यय के रूप में 3 हजार रु. के भुगतान का आदेश भी बीमा कंपनी के विरुद्ध जारी किया गया है। प्रकरण इस प्रकार है कि परिवादी अपने स्वामित्व की हुंडई मेग्मा कार लेकर जगदलपुर की तरफ आ रहा था, तभी उसकी कार मेटावाड़ा पुल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसने थाना कोतवाली एवं बीमा कंपनी को घटना की सूचना दी थी और वांछित दस्तावेज प्रदान किए गए थे। बीमा कंपनी ने स्पाट सर्वे न करवाने और बीमा कंपनी को विलंब से सूचना देने का आक्षेप लगाते हुए दावा खारिज कर दिया था। परिवादी ने एक स्वतंत्र सर्वेयर नियुक्त कर वाहन का सर्वे कराया था। जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी का दावा आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यह माना है कि बीमा कंपनी के साथ- साथ बीमाधारक स्वतंत्र सर्वेयर नियुक्त सकता है तथा बीमा कंपनी को सूचना में देरी दावा निरस्त करने का आधार नहीं हो सकता। इसी आधार पर दुर्घटनाग्रस्त कार की बीमा राशि प्रदान करने का आदेश दिया गया है। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया है।
रोटी – चटनी और बस्तरिहा व्यंजनों का केंद्रीय मंत्री ने लिया जायका
जगदलपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने बीती रात एक आदिवासी के घर में जाकर आदिवासी परिवार के साथ भोजन किया। इस दौरान पूर्व मंत्री केदार कश्यप तथा अन्य नेता भी उनके साथ थे।मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर हैं। 8 जून को उन्होंने जगदलपुर में जनसभा को संबोधित किया। वे पत्रकारों से भी मुखातिब हुए। 8 जून की रात का भोजन मंत्री गिरिराज सिंह ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गारावंड निवासी आदिवासी महादेव बघेल के घर में बघेल परिवार के साथ ग्रहण किया। केंद्रीय मंत्री तथा अन्य भाजपा नेताओं को बघेल परिवार के सदस्यों ने दोना – पत्तल में भोजन परोसा। भोजन में चावल आटे की रोटी, टमाटर, धनिया व मिर्च की चटनी, भात आदि शामिल थे।
महादेव बघेल तथा उनके परिवार के अन्य पुरुष सदस्य मंत्री सिंह के बगल में बैठे थे, जबकि पूर्व मंत्री केदार कश्यप व अन्य भाजपा नेता ठीक सामने आसीन थे। केंद्रीय मंत्री ने पूरे मनोयोग से भोजन ग्रहण किया। बगल में बैठे मेजबान महादेव भोजन करना छोड़ गिरिराज सिंह की तरफ निहारने लग जाते थे। मंत्री सिंह उन्हें महादेव जी आप भी खाओ न कहकर भोजन ग्रहण के लिए प्रेरित करते नजर आए। दूसरे बाजू में बैठे बघेल परिवार के एक सदस्य ने व्यंजन का एक दोना सिंह की तरफ बढ़ाया, तो वे कह उठे आज बहुत खा लिया, आप लोग खाइए। केदार कश्यप मंत्री गिरिराज सिंह से चटनी का जायका लेने का मनुहार करते दिखे। कुछ युवा मोबाईल फोन के कैमरे में इन दृश्यों को कैद करने में व्यस्त नजर आए। बघेल परिवार के सदस्यों ने गिरिराज सिंह के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। मंत्री गिरिराज सिंह ने रात्रि भोजन के दौरान लोगों से गांव में चल रहे विकास कार्यों के संबंध में चर्चा भी की।
जगदलपुर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के एजेंडे का खुलासा करते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि अब यहां धर्मांतरण के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर बरसते हुए कहा कि यह ढपोरशंख की सरकार है। घोटाले की सरकार है और अब इनको एक ही सहारा बचा है। यह भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी हुई सरकार है। चर्चों के सहारे, धर्मांतरण के सहारे यह सत्ता में आना चाहते हैं। यह भारत की अस्मिता को मिटाना चाहते हैं।
सनातन संस्कृति को मिटाना चाहते हैं। आदिवासी संस्कृति की अस्मिता को मिटाना चाहते हैं। धर्मांतरण करा कर क्रिस्चियन बनाना चाहते हैं। आने वाले चुनाव में हमारी सरकार आएगी तो ऐसा कड़ा कानून बनाएंगे कि किसी किसी की हिम्मत नहीं होगी कि हमारे किसी भाई को लोभ और प्रलोभन देकर के धर्म परिवर्तन कराएं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जिस अंदाज में बस्तर की धरती पर धर्मांतरण के मुद्दे को प्रमुखता से रखते हुए छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर कड़ा कानून बनाने का ऐलान किया है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा इस बार धर्म की बजाय धर्मांतरण के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। दरअसल भाजपा की धर्म की राजनीति अभी अभी कर्नाटक में पिट गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान सजा रहे थे और भाजपा के नेता बजरंगियों की तुलना बजरंगबली से कर रहे थे। भाजपा ने कर्नाटक चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने की बहुत कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो में बजरंगबली के भेष में भाजपा के कलाकार घूम रहे थे। पूरी भाजपा बजरंगी भाई बन गई थी लेकिन कर्नाटक के मतदाता ने धर्म की राजनीति को दरकिनार कर दिया। जब कर्नाटक में धर्म की राजनीति फेल हो गई तो भाजपा अब छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की सेल सजा रही है। कांग्रेस और भाजपा की अपनी अपनी दुकान हैं। कांग्रेस मोहब्बतें रिलीज कर रही है तो भाजपा द केरला स्टोरी! वैसे कांग्रेस के बस्तर सम्मेलन में सांसद बजरंगबली के जयकारे लगाते हुए कह चुके हैं कि बजरंगबली ने कर्नाटक में कृपा की। अब छत्तीसगढ़ में भी उनकी कृपा कांग्रेस को प्राप्त होगी। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रामकाज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम वाले अंदाज में माता कौशल्या धाम, राम वन गमन परिपथ, राम स्मृतियों के पुनरुत्थान से लेकर राष्ट्रीय रामायण महोत्सव तक रामकाज में लगे हुए हैं। कृष्णकुंज बन रहे हैं। राम और श्याम की सेवा में लगे भूपेश बघेल के सामने भाजपा की धर्म की राजनीति टिक पायेगी, ऐसा नहीं लग रहा। गोधन और गोबर भूपेश बघेल के खाते में है ही। अब भाजपा के पास बचा केवल तुष्टिकरण और धर्मांतरण का मुद्दा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साव तुष्टिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं और अब मोदी के मंत्री गिरिराज सिंह ने धर्मांतरण के मुद्दे पर मोर्चा खोला है। यहां एक पेंच यह है कि भाजपा के तीखे तेवर देखकर कन्वर्टेड लोग कांग्रेस के पाले में लामबंद हो सकते हैं और जो इसके खिलाफ हैं, उनका भाजपा पर कितना भरोसा है, यह पिछले विधानसभा चुनाव में सामने आ चुका है।