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बीजापुर जिले में रेत पर सियासी रार

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  •  तारलागुडा़ क्षेत्र में जप्त की गई 72 टिप्पर रेत
  • कांग्रेस और भाजपा के लोग एक दूसरे को बता रहे हैं रेत माफिया
  • विधायक विक्रम मंडावी का आरोप- भाजपा नेताओं की है मिलीभगत

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में रेत पर रार शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस के नेता एक दूसरे को रेत माफिया करार दे रहे हैं। दरअसल जिला प्रशासन ने एक बड़े अवैध रेत भंडार का भंडाफोड़ किया है।

अवैध रेत भंडारण पर एसडीएम यशवंत नाग, तहसीलदार लक्ष्मण राठिया ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले सीमावर्ती क्षेत्र तारलागुडा नदी किनारे अवैध रेत भंडारण कि शिकायत पर एसडीएम ने मौके से 72 टिप्पर रेत जप्त कर वन विभाग को सौंप दी है। इसके साथ ही निजी ज़मीन पर लगभग साजा, तेंदू, मोयन, सागौन के तीस बड़े पेड़ों वृक्षों को काटकर रेत भंडारण के लिए समतलीकरण करने के मामले में भी कार्रवाई करते हुए इसका भी पंचनामा बनाया गया है। भाजपा के पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी, सुरेश मालूम, बिच्मैया कोरम व अन्य भाजपा नेताओं ने बताया कि रेत के अवैध परिवहन व भंडारण पर लगाम लगाने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप व बस्तर सांसद महेश कश्यप से मिलकर शिकायत कर मांग की जाएगी। रेड्डी ने बताया कि लगातार अवैध रेत खनन की शिकायत मिलने पर तारलागुडा क्षेत्र में भाजपा का दल गया था। वहीं कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि इस अवैध रेत खनन व माफियाओं से भाजपा नेताओं की मिली भगत है। विधायक विक्रम मंडावी ने बीजापुर जिले के कुछ भाजपा नेताओं पर सरपंच पर दबाव डालने और माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले पर कांग्रेस पार्टी का जांच दल स्थल जाकर निरीक्षण करेगा।

आईईडी से अब तक 20 से अधिक ग्रामीणों की हत्या कर चुके हैं नक्सली

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  •  सुरक्षा बलों ने बरामद किए तीन आईईडी
  • नारायणपुर-कुतुल मुख्य मार्ग पर मिले 3 आईईडी

अर्जुन झा-

जगदलपुर सुरक्षा बलों के हाथों लगातार मात खाते आ रहे नक्सली अब अपनी खीझ उतारने के लिए आदिवासियों को निशाना बना रहे हैं। नक्सली गांवों के करीब जगह जगह आईईडी लगाकर निरीह आदिवासी ग्रामीणों को मौत के घाट उतार रहे हैं और कइयों को हमेशा के लिए अपाहिज बना रहे हैं। बस्तर संभाग के अकेले नारायणपुर जिले इस साल अब तक 20 से ज्यादा ग्रामीण आईईडी की चपेट में आकर मारे जा चुके हैं और बुरी तरह घायल हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है और विजय शर्मा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री बनाए गए हैं तबसे नक्सलियों की तो जैसे शामत ही आ गई है। हर माह पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान नक्सलियों की लाशें बिछाते चले जा रहे हैं। नक्सलियों के हथियारों के भंडार तक जवान पहुंच रहे हैं और बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद भी कर रहे हैं। इससे नक्सली बौखला उठे हैं और ग्रामीणों को निशाना बनाने लगे हैं। वे गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर आईईडी प्लांट कर निर्दोष ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं। अकेले नारायणपुर जिले में सन 2024 में अब तक नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी से 20 से अधिक निर्दाेष ग्रामीण मारे जा चुके हैं या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान आदिवासियों को आईईडी की जद में आने से बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आईईडी ढूंढ ढूंढ कर निकाल रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बस्तर संभाग की नारायणपुर जिला पुलिस द्वारा लगातार क्षेत्र में सघन नक्सल विरोधी माड़ बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। नारायणपुर से डीआरजी एवं बीडीएस का संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान पर माड़ क्षेत्र की ओर रवाना हुआ था। सुरक्षा बलों ने नारायणपुर- कुतुल मुख्य मार्ग पर 5 किलो से अधिक वजन वाले 3 आईईडी को खोजकर सुरक्षात्मक मानकों का पालन करते हुए उन्हें निष्क्रिय कर दिया।जि स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों की मौत हो सकती थी या वे गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। इससे पहले वर्ष 2024 में माओवादियों द्वारा लगाये गये आईईडी से 20 से अधिक निर्दाेष ग्रामीण मारे गये या गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उक्त आईईडी को माओवादियों द्वारा आदिवासी ग्रामीणों एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लगाया गया था। सुरक्षा बलों की सजगता और सतर्कता से आईईडी को बरामद कर निष्क्रिय किया गया। उक्त कार्यवाही में डीआरजी एवं बीडीएस टीम की विशेष भूमिका रही।

 

छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन का त्रिवार्षिक चुनाव कार्यक्रम घोषित

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  • 1 दिसंबर से शुरू होगी चुनाव की प्रक्रिया

रायपुर प्रदेश के पत्रकारों के सशक्त संगठन छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन रायपुर का त्रिवार्षिक चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया 1 से 9 दिसंबर तक चलेगी।

रायपुर में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई। चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी भिलाई के वरिष्ठ पत्रकार अनिल साखरे, सहायक निर्वाचन अधिकारी धनंजय मेश्राम हिंदी विभाग भिलाई इस्पात संयंत्र, सुरेश श्याम सुंदर एवं आनंद चौहान को नियुक्त किया गया है। 1 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 2 दिसंबर को नामांकन फार्म लिए जाएंगे, 5 को नामांकन दाखिला होगा, 6 को नामांकन आवेदन पत्रों की जांच होगी और 7 दिसंबर नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। 8 दिसंबर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होगी, 9 दिसंबर आमसभा एवं चुनाव परिणाम की घोषणा होगी।आमसभा जांजगीर जिले के ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से होगी, जिसमें यूनियन के सभी सदस्यों की उपस्थिति जरूरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिल साखरे ने निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कही है ।

रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आए भोपालपटनम बालक आश्रम के 23 बच्चे; अचानक हुए बीमार

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  •  सभी बच्चों को घबराहट और डर जैसी शिकायत
  • विभाग के अधिकारियों में मच गया है हड़कंप

अर्जुन झा

जगदलपुर आदिम जाति कल्याण विभाग की एक आश्रम शाला में अचानक न जाने क्या हुआ कि एकसाथ 23 बच्चे अनजाने भय से थर थर कांपने लगे, डर और घबराहट से वे बेचैन हो उठे। आनन फानन में सभी बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

यह हैरत अंगेज और रहस्यों से भरी घटना बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से सामने आई है। बीजापुर जिले की बालक आश्रम शाला भोपालपटनम के 23 बच्चे अचानक एकसाथ बीमार हो गए। बच्चे न जाने किस डर के कारण थर थर कांपने लगे, डर और घबराहट में वे बेचैन हो उठे, उनके पेट में दर्द और ऐंठन की शिकायत शुरू हो गई। बच्चों की ऎसी हालत देख आश्रम शाला अधीक्षक सहित स्टाफ के सारे कर्मचारी घबरा उठे। सूत्रों ने बताया कि बच्चों को पहले पेट में दर्द की शिकायत शुरू हुई। इसके बाद बच्चों में घबराहट शुरू हो गई। आनन फानन में अधीक्षक और कर्मचारियों ने सभी बच्चों को भोपालपटनम के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में भोपालपटनम में बीएमओ एवं अन्य स्टाफ की देखरेख में बच्चों का इलाज शुरू हुआ। बीएमओ डॉ. चेलापति राव ने बताया कि बच्चों में एक अजीब सा डर देखने को मिला और उन्हें घबराहट महसूस हो रही थी तथा पेट दर्द की भी शिकायत बच्चे कर रहे थे। आश्रम अधीक्षक ने बच्चों अस्पताल लाया है। सभी बच्चों को भर्ती कर उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। डॉ. चेलापति राव ने कहा कि बच्चे अब सामान्य स्थिति में आ गए हैं। सूचना मिलते ही बीईओ भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली‌। खबर मिलने के बाद कई बच्चों के माता पिता भी भोपालपटनम पहुंच गए हैं। ये सारे बच्चे जिले के दूर दराज के गांवों के निवासी तथा आदिवासी परिवारों के हैं। ये सभी भोपालपाटनम के बालक आश्रम में रहकर पढ़ाई करते हैं।

एनआरएलएम की मदद से छापर भानपुरी गांव की स्वयंसिद्धा नीलावती मौर्य बन गई लखपति दीदी

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  • फर्नीचर और बर्तन दुकान के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है नीलावती

जगदलपुर परिवार के पास पर्याप्त कृषि भूमि न होने और परिवार की माली हालत को देखकर छापर भानपुरी निवासी नीलावती मौर्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांव की स्व सहायता समूह से जुड़कर फर्नीचर एवं बर्तन दुकान के जरिए अब आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो चुकी है। करीब पांच साल पहले गांव की दीदियों के साथ दुर्गा महिला स्व सहायता समूह गठित कर थोड़ी-थोड़ी बचत एवं आपसी लेनदेन के द्वारा समूह की सदस्याओं ने गांव के समीप लगने वाले हाट बाजारों में साग-सब्जी विक्रय और चाय-नाश्ता की दुकान जैसी छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियों से समूह को सक्षम बनाया। वहीं समूह से आर्थिक मदद लेकर सदस्यों ने स्वयं का व्यवसाय करना भी शुरू किया। इन्हीं में से एक नीलावती मौर्य ने गांव के आसपास शादी- ब्याह तथा अन्य अवसरों पर फर्नीचर और बर्तन की मांग को देखते हुए छापर भानपुरी में फर्नीचर एवं बर्तन दुकान खोलने के लिए समूह से 50 हजार रुपए की सहायता ली। घर की जमा पूंजी लगाकर सन 2022 में छोटी सी बर्तन दुकान शुरू की। नीलावती अपनी लगन और मेहनत के जरिए अब दुकान का विस्तार कर चुकी है।उन्होंने बताया कि जगदलपुर -चित्रकोट मेनरोड में दुकान स्थित होने के कारण अच्छा विक्रय हो रहा है। इस कारोबार में नीलावती को पति नरपत मौर्य का पूरा सहयोग मिल रहा है। पति करीब डेढ़ एकड़ भूमि में खेती-किसानी करते हैं और अतिरिक्त समय में नीलावती को मदद करते हैं। इस व्यवसाय के जरिए नीलावती दीदी हर महीने 15 से 20 हजार रुपए का सामान बेच लेती है और सीजन में 70 हजार रुपए की घरेलू सामग्री विक्रय कर लेती हैं। जिसकी आय से अपने चार सदस्यीय परिवार का समुचित भरण-पोषण कर रहे हैं। नीलावती अपने दोनों बच्चों की शिक्षा के लिए भी सजग होकर बेटी लवली मौर्य को छठवीं में पढ़ा रही है और बेटा भोलेन्द्र को नर्सरी में प्रवेश दिलाया है। नीलावती मौर्य ने बताया कि घरेलू उपयोग के सोफा, पलंग आलमारी आदि फर्नीचर सहित बर्तनों की डिमांड शादी के सीजन में बहुत ज्यादा रहती है। इसे ध्यान रखते हुए अब बैंक से दो लाख रुपए ऋण लेने के लिए आवेदन किया है, जिसे भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वीकृति देने आश्वस्त किया गया है। इस ऋण राशि से आने वाले शादी-ब्याह के सीजन में फर्नीचर एवं बर्तन का अच्छा कारोबार कर सकेंगी। ज्ञात हो कि महिला उद्यमियों एवं कारोबारियों को उनकी जरूरत के अनुसार व्यवसाय विस्तार के लिए राज्य सरकार के सहयोग से भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वयं सिद्धा योजना संचालित की जा रही है। जिसमें महिला उद्यमियों एवं व्यवसायियों को एक से 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसी तरह छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा स्वयं सिद्धा प्रबल योजना चलाई जा रही है। इस योजना में भी महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपए तक का ऋण सुलभ कराया जाता है। यह दोनों योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मदद देकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में कारगर साबित हो रही है।

पूर्व विधायक जैन ने कुलाधिपति को लिखा पत्र

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  • बस्तर विवि द्वारा प्रस्तावित शुल्क वृद्धि पर रोक की मांग

जगदलपुर पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने शुक्रवार को छत्तीसगढ के राज्यपाल व कुलाधिपति को पत्र भेजकर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर द्वारा प्रस्तावित शुल्कों में बढ़ोत्तरी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।

पत्र में श्री जैन ने कहा है कि विश्वविद्यालय के इस निर्णय का अनुमोदन विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से होना था, लेकिन उनकी मंजूरी के बिना ही मात्र अनुमोदन की प्रत्याशा में अधिसूचना जारी कर बढाए गए शुल्कों को लागू किया गया है। इसके बाद से यहां के हजारों नियमित व प्राइवेट छात्र- छात्राएं उद्वेलित व आंदोलित हैं। पूर्व विधायक श्री जैन ने पत्र में लिखा है कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के क्षेत्राधिकार में बस्तर संभाग के सात जिलों के 53 महाविद्यालय आते हैं। सत्र के मध्य में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय से नियमित व प्राइवेट विद्यार्थियों समेत उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं। पिछले शिक्षा सत्र में विश्वविद्यालय की विभिन्न परीक्षाओं में 62 हजार से अधिक विद्यार्थियों के सम्मिलित होने का उल्लेख करते श्री जैन ने इस बात पर खेद जताया है कि आनन- फानन में इस निर्णय को लागू किए जाने से हजारों छात्र- छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। मात्र अनुमोदन की प्रत्याशा में शुल्कों में बढ़ोत्तरी लागू करने के निर्णय को पूर्णतया अनुचित, अव्यवहारिक व अदूरदर्शी बताते उन्होने परीक्षा शुल्क समेत 42 प्रकार के अन्य शुल्कों में वृद्धि को पीड़ादायक कहा है।

नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला

पूर्व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने भेजे पत्र में लिखा है कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बस्तर संभाग के सात में से तीन जिलों दंतेवाड़ा, नारायणपुर व बस्तर में तो गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों का औसत छत्तीसगढ़ राज्य के औसत से अधिक है। दंतेवाड़ा व नारायणपुर जिले तो राज्य के सर्वाधिक गरीबी वाले जिलों की सूची में प्रथम दो स्थान पर आते हैं। इन दोनों जिलों की लगभग आधी आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती है। यही स्थिति बस्तर संभाग के अन्य जिलों बस्तर, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव व कांकेर में भी नजर आती है। श्री जैन ने कहा है कि इन परिस्थितियों में विश्वविद्यालय प्रशासन का फीस वृद्धि का निर्णय न केवल असंगत, अतार्किक है अपितु अव्यवहारिक माना जाएगा जिसने फीस बढोत्तरी के पूर्व इस दिशा में ध्यान ही नहीं दिया। 

न्याय की अपेक्षा में छात्र- छात्राएं

पूर्व विधायक व बस्तर विवि कार्य परिषद के पूर्व सदस्य रेखचंद जैन ने पत्र में लिखा है कि चूंकि विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में आने वाले समस्त सातों जिले संविधान के पांचवी अनुसूची में आते हैं जिनके प्रशासन की तमाम शक्तियां राज्यपाल में निहित हैं। उन्होने फीस वृद्धि के निर्णय को लागू किए जाने से तत्काल रोकने को राज्यपाल का परम कर्तव्य निरुपित करते लिखा है कि फीस निर्णय का फैसला वापस लिए जाने से हजारों नियमित व प्राइवेट छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों को न्याय मिलने की अपेक्षा भी पूर्व विधायक ने व्यक्त की है। एक ओर जहां विश्वविद्यालय के 85 फीसद से अधिक छात्र- छात्राएं आरक्षित वर्ग के हैं वहीं दूसरी ओर यह निर्णय लेकर उनके अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है।

दंतेवाड़ा में लोक निर्माण विभाग की बड़ी कारगुजारी; भवन के नाम पर खाली ढांचे का करा दिया लोकार्पण

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  • न प्लास्टर कराया, न दरवाजे, खिड़कियां लगवाई, सवा करोड़ हजम
  • बिना दरवाजे के हॉस्टल में रह रहे हैं आदिवासी छात्र
  • लोकार्पण करने वाले नेताजी को भी नजर नहीं आई खामियां?

अर्जुन झा-

जगदलपुर अपने बस्तर संभाग के अधिकारी भी अजब गजब कारनामें कर दिखाते हैं, और हमारे नेताओं का क्या कहिए, जो आंख मूंदकर किसी भी निर्माण का लोकार्पण कर देते हैं। ऎसी ही एक बड़ी कारगुजारी दंतेवाड़ा जिले में में सामने आई है। वहां लोक निर्माण विभाग के अफसरों का एक और बड़ी करतूत कर दिखाई है। पोटा केबिन यानि आवासीय विद्यालय भवन के नाम पर महज एक ढांचा खड़े कर उसका लोकार्पण विधायक के हाथों करवा दिया। दो साल से आदिवासी बच्चे इसी ढांचे में रहकर सुनहरे भविष्य का ताना बाना बुन रहे हैं।

मामला दंतेवाड़ा ब्लॉक के मेंडोली में निर्मित 2 मंजिले पोटा केबिन 100 सीटर बालक छात्रावास का है। छात्रावास भवन का पूरी तरह निर्माण कराए बगैर ही विभाग ने 2 साल पहले 14 अक्टूबर 2022 को इसका लोकार्पण करवा दिया। जबकि आज तक इस भवन के पहले माले पर न तो दरवाजे-खिड़कियां लग पाई हैं, न ही छत और किसी भी दीवार पर प्लास्टर हो पाया है। फ्लोरिंग भी नहीं कराई गई है। मेंडोली में आदिवासी बच्चों के लिए इस 100 सीटर बालक छात्रावास भवन की मंजूरी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन अभियान (आरएसएमए) मद से मिली थी। इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति 132.79 लाख यानि सवा करोड़ से भी ज्यादा राशि की मिली थी। इसके लिए निर्माण एजेंसी जिला निर्माण समिति और नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग दक्षिण बस्तर संभाग को बनाया गया था। काम शुरू होने के बाद भूतल पर तो प्लास्टर, फ्लोरिंग, खिड़की दरवाजे का काम करवाया गया, लेकिन ऊपरी तल यानी प्रथम तल पर कमरों, बरामदे का प्लास्टर करवाने और खिड़की दरवाजे लगवाने से पहले 14 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन विधायक के हाथों इस आधे- अधूरे भवन का लोकार्पण करवा दिया गया। लोकार्पण के बाद से आगे कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस मामले में जब लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एसएल ठाकुर का पक्ष लेने के लिए कॉल किया गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए पता कर अगले दिन बताने की बात कही, लेकिन अगले दिन उन्होंने कॉल ही रिसीव नहीं किया।

सुविधा से वंचित हुए बच्चे

ऎसी अनियमितताओं वाले कारनामे आमतौर पर पहुंच विहीन दूरस्थ क्षेत्रों में सामने आते रहे हैं, लेकिन जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से महज 15 किमी दूर कटेकल्याण मार्ग पर स्थित मेंडोली में इस तरह की अव्यवस्था हैरत में डालने वाली है। लोक निर्माण विभाग की इस लापरवाही से आदिवासी बच्चे छात्रावास सुविधा से वंचित हो गए हैं। भूतल पर छोटे-छोटे कमरों में ज्यादा बिस्तर लगाकर रहना पड़ रहा है। जगह की कमी के चलते उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।

धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर कांग्रेस किसानों को गुमराह करने और अराजकता फैलाने में लगी है : किरण सिंह देव

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  • प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज पर जमकर निशाना साधा

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। देव ने कहा कि बैज समेत सभी कांग्रेस नेता धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने और प्रदेश में येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडा पर चल रहे हैं।

 

भाजपा प्रदेशअध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सत्ता के लिए बौखलाती कांग्रेस ने पहले महतारी वंदन योजना को लेकर लगातार झूठ बोला। जब भाजपा सरकार ने तथ्यों के साथ कांग्रेस के झूठ की धज्जियाँ उड़ाई तो अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया टूलकिटिया एजेंडा चलाया। जब कांग्रेस के लोग ही अमूमन हर बड़े अपराध में संलिप्त पाए जाकर बेनकाब होने लगे, कानून के शिकंजे में जब खुद कांग्रेसी या उनके करीबी आने लगे तब अपने ही बुने षड्यंत्रों के जाल में फँसकर कांग्रेस छटपटाने लगी। महतारी वंदन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद भी कांग्रेस अपनी ओछी और साजिशाना राजनीति से बाज नहीं आ रही है और अब वह धान खरीदी के मुद्दे पर फिर झूठ की राजनीति करने पर आमादा है। श्री देव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसी भी बिंदु पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को नहीं रह गया है। कांग्रेस को कोई भी आक्षेप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी करके अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में लगातार किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। किसानों को इन 5 वर्षों में धान बेचने के लिए सोसाइटियों में बारदाने की समस्या से लगातार जूझना पड़ा। भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को कभी गिरदावरी के नाम पर कटौती कर किसानों को परेशान किया तो कभी बारदाने नहीं है, कहकर किसानों को बारदाने खरीदने के लिए कहा और बाहर से बारदाने लाने का पैसा स्वयं देने का भी वादा किया लेकिन आज तक उन किसानों को बारदाने के पैसे का भुगतान नहीं किया गया। श्री देव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को लगातार 5 वर्षों तक धान खरीदी का पैसा हमेशा किश्तों में दिया जाता था। कभी भी किसानों को उनकी उपज का एकमुश्त भुगतान पिछली भूपेश सरकार ने नहीं किया जिसकी वजह से किसान कोई बड़ा काम नहीं कर पाता था। श्री देव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान किसानों को एकमुश्त किया जा रहा है जिससे आज प्रदेश का किसान खुशहाल है।

संगठन कार्य सर्वोपरि, बूथ है भाजपा संगठन की सबसे मजबूत इकाई: संजय पांडे

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  • भाजपा की बूथ कमेटियों का युद्धस्तर पर गठन

जगदलपुर भाजपा नगर मंडल जगदलपुर द्वारा मोर बुथ मोर अभियान के तहत भाजपा को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने के लिए प्रतिदिन मंडल के किसी न किसी बूथ में इकाई का गठन किया जा रहा है। बूथों और कार्यकारिणी सदस्यों का चयन एवं बुथ कमेटी का गठन समस्त बूथों की बैठक कर सर्वसम्मति से किया जा रहा है।

संगठन के महापर्व सदस्यता अभियान के पश्चात बुथ कमेटी के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई बुथो को सशक्त बनाने के लिए सभी वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, बुथ कमेटी संगठन की सबसे मजबूत इकाई मानकर, सशक्त बूथ बने इस पर संगठन के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पार्षद संजय पांडे ने बताया कि भाजपा में बूथ का संगठन सबसे महत्वपूर्ण संगठन होता है। बूथ के कार्यकर्ता ही भाजपा के आधार के रूप में वार्ड एवं बूथों में कार्य करते हैं और बूथ भाजपा संगठन की सबसे मजबूत इकाई है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए पार्टी अपने बूथों के गठन के साथ विस्तार का कार्य कर रही है। बूथ कमेटी का गठन करने का लक्ष्य पार्टी संगठन की ओर से मिला है, जिस पर निरंतर गठन का कार्य किया जा रहा है। शहर के अलग- अलग क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को शक्ति केंद्र स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है। संजय पाण्डेय ने कहा कि वे स्वयं भी अधिक से अधिक बैठक में उपस्थित होकर बूथ कमेटी के गठन की प्रक्रिया को संपन्न करवा रहे हैं। आज भी नगर के शहीद गुंडाधुर वार्ड और डॉ. अंबेडकर वार्ड में बूथ कमेटियों का गठन किया गया। बूथ कमेटी के अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारी की नियुक्ति की गई। प्रदेश प्रवक्ता संजय पांडे ने सभी नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें संगठन कार्य के प्रति प्रेरित किया। आज की बूथ कमेटी गठन की प्रक्रिया के दौरान महापौर सफीरा साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता रंजीत पांडे, बूथ निर्वाचन अधिकारी योगेश शुक्ला, कीर्तन महानदी, अमित मेहरा, जैकी, आत्माराम जोशी, किरण दीवान, पुष्पा तिवारी, रीना राय, गायत्री सोनी, राजेश साव, सुशील प्रसाद, शैलेष श्रीवास्तव, वसीम ख़ान समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन में अंतिम सांसें गिन रहे हैं नक्सली: मनीष पारख

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  •  मौत के डर से हिड़मा सहित बड़े नक्सली नेता बिलों में जा छुपे: मनीष

जगदलपुर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों के आपसी समन्वय और सुरक्षा बलों की उत्कृष्ट रणनीति से छत्तीसगढ़ में नक्सली अंतिम सांसे गिन रहे हैं। जहां एक ओर नक्सली भाजपा सरकार की कार्रवाई से घबराए हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर निरंतर अपने साथियों के आत्मासमर्पण एवं मुठभेड़ में मारे जाने से खौफ के साए में जी रहे हैं।

उक्त बातें जगदलपुर के भाजपा नेता एवं प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व सदस्य मनीष पारख ने कही हैं। मनीष पारख ने नक्सलियों पर तंज कसते हुए कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा लगातार मुठभेड़ में बड़ी तादात में नक्सलियों को मार गिराने से नक्सली लीडर्स के पैरों तले जमीन खिसक चुकी है और नक्सल संगठन ज़मीदोज़ होने के कगार पर है। नक्सलियों का नेतृत्व करने वाले माड़वी हिड़मा जैसे शीर्ष नक्सली अब मिट्टी में मिलने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। जिस हिड़मा को नक्सली अपना शेर मानते थे वही अब चूहे की तरह बिल में छिपा हुआ है। हिड़मा सहित पूरा नक्सल संगठन वर्तमान समय में सुरक्षा बलों के डर से जान बचाने के लिए भागते, छुपते फिर रहे हैं।हमारे सुरक्षा बलों के बहादुर जवान नक्सलियों के हर मंसूबो पर पानी फेर रहे हैं।मनीष पारख ने कहा है कि दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी के सचिव गंगा ने प्रेस नोट जारी कर 29 नवंबर को सुकमा जिला बंद का आह्वान किया है, लेकिन नक्सलियों के यह बंद का यह आव्हान पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। जो नक्सली खुद अपने आपको बिल में बंद कर चुके हैं अब उनके द्वारा बंद का आह्वान करना हास्यास्पद है। अब तो आलम यह हो रहा है कि उनके प्रेस नोट जारी करने के लिए प्रवक्ता नही बचे हैं।सुरक्षा बलों के जवानों ने जैसा हाल प्रवक्ता नीति, समता, अभय, विकल्प सहित अन्य तथाकथित प्रवक्ताओं का किया है अब वही हाल गंगा व अन्य बचे-खुचों का भी होगा।भाजपा नेता मनीष पारख ने आगे कहा है कि नक्सल संगठन अब बस्तर से समाप्ति की ओर है। सुरक्षा बलों की ताबड़तोड़ कार्रवाई और डबल इंजन वाली भाजपा सरकार में नक्सलियों पर दोहरे प्रहार से नक्सली संगठन नेस्तनाबूद हो रहा है। सुरक्षाबल के जवान अब तक 8.84 करोड़ के इनामी नक्सालियों के शव बरामद कर चुके हैं। सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से यह तय हो गया है कि 2025 के अंत तक नक्सलियों का भी अंत हो जाएगा। मनीष पारख ने नक्सलियों के पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी द्वारा अभी हाल ही में लिखित रूप में जारी किए बयान का हवाला दिया है। जिसमें देशभर में मारे गए 253 नक्सलियों में 226 नक्सली बस्तर में सुरक्षा बलो के साथ हुई मुठभेड़ में ढ़ेर होने की बात कही गई थी

विकास पथ पर बस्तर

भाजपा नेता मनीष पारख ने कहा है कि एंटी नक्सल मोर्चे पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को डबल इंजन की भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा की मजबूत इच्छाशक्ति का साथ मिला तो उन्होंने पूरे शौर्य और साहस के साथ नक्सलियों को घुटने टेकने और बस्तर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। डबल इंजन की भाजपा सरकार नक्सलियों के खात्मे के साथ-साथ बस्तर के विकास के लिए भी नियद नेल्लानार जैसी लगातार अनेक योजनाएं चला रही हैं। भाजपा सरकार बस्तर के वनांचल क्षेत्र में विकास का नया अध्याय लिख रही है। नक्सलवाद मुक्त बस्तर बनाने के साथ साथ आज बस्तर के युवा, महिलाएं, किसान, व्यापारी सहित हर वर्ग आत्मनिर्भरता के साथ बेहतरीन जीवन जी रहे हैं। बस्तर के सभी वर्गो के आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भाजपा सरकार कार्यरत है। भाजपा सरकार में आज बस्तर का हरा सोना तेंदूपत्ता खरीदी में रिकॉर्ड बन रहा है। सरकार की सभी जनकल्याणरी योजनाओं से बस्तरवासी जुड़ रहे हैं। भाजपा सरकार में सुरक्षा बल के जवानों में अद्वितीय तालमेल और समन्वय स्थापित हुआ है। सुरक्षा बल के जवानों के इसी अदम्य साहस और शौर्य को मनीष पारख ने सलाम किया है

मुख्यधारा से जुड़ने की अपील

भाजपा नेता मनीष पारख ने मुख्यधारा से भटके हुए नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करते हुए समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है। मनीष पारख ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में बनाई गई पुनर्वास नीति का लाभ लेकर जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई है कि भाजपा सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सली हिंसा के शिकार हुए ग्रामीणों को पक्के मकान बनाकर देने जा रही है।

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