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फर्जी मामले में गिरफ्तार पत्रकारों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, किया राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन

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  •  बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने खोला मोर्चा 

जगदलपुर बस्तर के चार वरिष्ठ पत्रकारों को आंध्रप्रदेश पुलिस द्वारा फर्ज़ी मामला बनाकर चिंतूर में गिरफ्तार कर तीन दिनों से बंधक बनाकर रखे जाने के विरोध में आज जगदलपुर में राजीव भवन के समीप कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया एवं छत्तीसगढ़ तथा आंध्रप्रदेश सरकार की आलोचना की और गिरफ्तार पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग की।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया था। विष्णु देव साय सरकार में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून की धज्जियां सरकार उड़ा रही है। सुशील मौर्य ने कहा हम छत्तीसगढ़ सरकार से गृहमंत्री से मांग करते हैं इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर बस्तर के चारों पत्रकारों को सकुशल वापस लाएं और प्रदेश के पत्रकारों के प्रति जो व्यवहार सरकार बनाए बैठी है उसे तत्काल बदले। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि कोंटा के छत्तीसगढ़ आंध्रप्रदेश सीमा में अंतर्राज्यीय रेत माफियाओं की भ्रष्टाचार को उजागर करने गए बस्तर के चार पत्रकारों बाप्पी राय, निशू त्रिवेदी, महेंद्र सिंह और धर्मेंद्र सिंह को इस तरह गिरफ्तार करना बहुत ही निंदनीय है।मुख्यमंत्री साय की सरकार में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं है। फर्ज़ी मामला बनाकर आंध्रप्रदेश की पुलिस द्वारा यह कृत्य अति निंदनीय है। श्री जैन ने कहा कि सरकार के गृहमंत्री को तत्काल संज्ञान लेते हुए पत्रकारों की रिहाई कर घर वापसी करवानी चाहिए। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने कहा पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई वही पत्रकारों के भक्षक बनते दिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ आंध्रप्रदेश सीमा में कोंटा इलाके से अंतर्राज्यीय रेत माफियाओं की कारगुजारियों को उजागर करने गए बस्तर के चार पत्रकारों की गाड़ी में 40 किलो गांजा रखकर जिस प्रकार से दुर्भावनापूर्ण रवैया दिखाते हुए आंध्रप्रदेश की पुलिस के द्वारा फर्ज़ी मामला बनाकर आंध्रप्रदेश के चिंतुर थाने में गिरफ्तार कर तीन दिनों से पकड़ कर रखा है। एवं बात यह भी निकल कर सामने आ रही है कि कोन्टा पुलिस के साथ इन पत्रकारों की तू-तू-मैं-मैं भी हुई थी जिसके बाद षड़यंत्रपूर्वक यह कार्यवाही की गई है। प्रदर्शन में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा, असीम सूता, जाहिद हुसैन, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय बिसाई, शादाब अहमद, तरणजीत सिंह, उस्मान रज़ा, पार्षद ललिता राव, पार्षद सुनीता सिंह, नीला नाग सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।

नक्सलियों ने मार डाला अपने ही साथी कमांडर मनीष को

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  • मनीष पर था पुलिस की मुखबिरी करने का शक
  •  दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी सचिव गंगा ने किया खुलासा
    जगदलपुर नक्सली किसी के सगे नहीं होते। शक हो जाए, तो वे अपनों के ही खून के प्यासे हो उठते हैं। यह शक अब तक सैकड़ों बेकसूरों की जान ले चुका है। नक्सली ज्यादातर आदिवासियों की ही जान लेते आ रहे हैं। अब बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर अपने ही साथी की हत्या कर दी है। नक्सलियों ने अपनी पश्चिम बस्तर डिवीजन एरिया कमेटी के इंचार्ज कुरसम मनीष उर्फ़ राजू की हत्या कर दी है। मनीष की हत्या की जिम्मेदारी पीएलजीए ने ली‌ है।

नक्सलियों ने नक्सली कमांडर मनीष पर पुलिस के इंटेलिजेंस ऑफिसर्स को संगठन की गोपनीय जानकारी देने का आरोप लगाया‌ है। 13 अगस्त को नक्सलियों के पीएलजीए ने नक्सली कमांडर मनीष कुरसम की हत्या हत्या कर दी थी। नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिवीज़नल कमेटी सचिव गंगा ने प्रेस नोट जारी इसका खुलासा किया है। मिली जानकारी अनुसार नक्सली कमांडर मनीष कुरसम बासागुड़ा क्षेत्र के एरिया में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। नक्सलियों द्वारा मुखबिरी करने के शक में मनीष को मौत के घाट उतारा गया है। मनीष कुरसम उर्फ राजू के बारे में बताया गया है कि वह गंगालूर थाना अंतर्गत ग्राम सावनार का निवासी था।

डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस

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  • विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
    जगदलपुर डीएव्ही स्कूल उलनार में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। विकसित भारत की ओर अग्रसर होते हुए विद्यार्थियों द्वारा गांव में हर घर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करते और भारत माता के जयकारे लगाते हुए प्रभात फेरी निकाली गई।
    कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समक्ष दीप प्रज्वलन, तिलक के साथ हुई तत्पश्चात स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा प्राचार्य मनोज शंकर एवं नागरिकों द्वारा फहराया गया। राष्ट्रगान जन गण मन के साथ देश ध्वज तिरंगे को सलामी दी गई और जयकारे लगाए गए। प्राचार्य एवं अतिथियों ने परेड व मार्चपास्ट निरीक्षण किया।मार्च पास्ट विद्यालय में दयानंद, हंसराज, श्रद्धानंद, विरजानंद समूह के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। परेड कमांडर उपेंद्र सेठिया, दयानंद हाउस कमांडर अविनाश पंत, हंसराज हाउस कमांडर रितेश पुजारी, श्रद्धानंद हाउस कमांडर प्रसंग विमल बघेल, विरजानंद हाउस कमांडर राज आचार्य के समूहों द्वारा मार्च पास्ट करते हुए तिरंगे झंडे को सलामी दी गई। मार्च पास्ट, परेड शारीरिक व खेल शिक्षिका विजय लक्ष्मी साहू के निर्देशन में की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी राजेश यादव एवं देवसिंह नेताम ने मंच संचालन किया। इस दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियों की बौछार एवं कुशल संचालन ने अतिथियों एवं दर्शकों को आकर्षित किया।

कार्यक्रम में प्राचार्य मनोज शंकर ने सभा को संबोधित करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए न्यौछावर हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की स्वतंत्रता के ऊपर चर्चा की।शिक्षिका श्रीमती श्रेजल विष्णु ने भी देश की आजादी में वक्तव्य प्रस्तुत किए।छात्र लीना जोशी व छात्र योगेश पाणिग्राही कक्षा 9वी द्वारा भाषण दिया गया। शिक्षिका पूर्वाषा खरे,श्रीमती किरण आचार्य, सीता दास के निर्देशन में कक्षा एलकेजी से क्लास 2 तक के बच्चे भारत माता, लक्ष्मीबाई, सैनिक, नेता की वेशभूषा धारण कर मंच पर उतरे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न समूह नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्राथमिक स्तर से देशभक्ति गीत कहते हैं हम प्यार से इंडिया वाले पर बच्चों ने शिक्षिका सुषमा डे, सुमन देवांगन, दीपिका यादव के निर्देशन में छटा बिखेरी। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा बस्तर अंचल देवताओं का स्मरण करते हुए पारंपरिक नृत्य सेवा जोहार की प्रस्तुति उर्मिला ठाकुर, वंदना बघेल, ऋचा देवांगन के निर्देशन में दी। उच्च स्तर से आरंभ है प्रचंड और आयो रे शुभ दिन आयो लेकर की प्रस्तुति सुगंधा, कृति रथ, प्रिया यालम के निर्देशन में दी द्वारा गई। मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकदीर्घा से तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। संगीत शिक्षक कृष्णकांत बर्मन के निर्देशन में प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तर के विद्यार्थियों के गीतों के माध्यम से देशभक्ति की भावना पूरे विद्यालय में भर गई। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा का समूह गान किया गया।शिक्षिका कृति रथ ने आभार प्रदर्शन किया। आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षिका काजल कश्यप, हर्षा सिंह, संजुक्ता सेठिया, वर्तिका पटेल, विद्यालय के कर्मचारी पदमन, हेमराज, बलराम, दीपक, कृष्णा मेघवती ने उत्साह के साथ योगदान दिया। प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, पालक एवं गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सर्विस रायफल से चली गोली सीने में लगी, हेड कांस्टेबल की मौत

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  • भैरमगढ़ थाना की घटना, इसी थाने में था तैनात
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना परिसर में प्रधान आरक्षक सोनू हपका की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सर्विस रायफल की सफाई के दौरान गोली चल गई और गोली सीधे सोनू के सीने में जा लगी।

मिली जानकारी अनुसार प्रधान आरक्षक सोनू हपका सुबह अपनी सर्विस रायफल को साफ करते समय अचानक गोली चली जिससे उसकी मौत हो गई। जवान को घायल अवस्था में भैरमगढ़ अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हुई। घटना 16 अगस्त को सुबह 9 बजे की है। प्रधान आरक्षक सोनू हपका भैरमगढ़ थाने में पदस्थ था। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है। हेड कांस्टेबल सोनू हपका अवकाश पर था और 15 अगस्त को ही उसने पुनः ड्यूटी ज्वाइन की थी आज 16 अगस्त को आरओपी ड्यूटी के लिए रायफल इश्यू कराने के बाद सोनू हपका रायफल की सफाई करने थाने के पीछे मेस की तरफ गया था। माना जा रहा है कि सफाई के दौरान असावधानी वश गोली चल गई होगी जिससे उसकी मृत्यु हो गई। गोली सोनू हपका के सीने में लगी थी।

की वजह से संकट में आदिवासियों का अस्तित्व, सांसद महेश कश्यप और समाज के लोग हैं चिंतित

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  •  लगातार घटती जा रही है है जनजाति की आबादी
  •  धर्म, परंपराओं और संस्कृति का भी पराभव 
    -अर्जुन झा-
    बकावंड आदिम जनजाति में शुमार आदिवासियों की आबादी लगातार घटती जा रही है। इसी के साथ आदिम संस्कृति, धर्म और परंपराओं का भी तेजी से पराभव होता जा रहा है। गांवों में देवगुड़ी व मातागुड़ी की की संख्या कम हो रही है और प्रार्थना घरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसे लेकर आदिवासी समाज के लोग तथा बस्तर के सांसद महेश कश्यप चिंतित हैं। बकावंड में बीते दिनों आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में भी आदिवासियों की घटती जनसंख्या पर मंथन चिंतन किया गया था।


आदिवासियों की घटती आबादी के मूल में जन्म दर या मृत्यु दर उतने बड़े कारक नहीं हैं, जितना बड़ा कारक धर्मान्तरण है। आदिवासियों की आबादी का क्षरण सिर्फ बस्तर संभाग में हो रहा है, बल्कि अन्य जिलों में भी तेजी से हो रहा है। चिंता वाली बात तो यह है कि विशेष संरक्षित पहाड़ी कोरवा, कमार और बैगा जनजाति की भी जनसंख्या लगातार घट रही है। कुछ तथाकथित शोधों और सर्वेक्षणों के हवाले से कहा जाता है कि आदिवासियों में मृत्यु दर ज्यादा है और जन्म दर कम। प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत बढ़ने के कारण आदिवासियों की संख्या घट रही है। मगर हमारे जमीनी सर्वेक्षण में जो तथ्य उभर कर आए हैं, वे बेहद चौकाने वाले हैं। आज सुदूर गांवों की भी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों ले जाया जाने लगा है। इलाज के लिए भी लोग बैगा गुनिया के पास कम और अस्पतालों में ज्यादा जाने लगे हैं। स्वास्थ्य केंद्र भी ग्रामीणों की पहुंच के करीब स्थापित हो गए हैं। ऐसे में जन्म दर, मृत्यु दर वाली दलील की हवा खुद निकल जाती है। दरअसल मूल वजह जो सामने आई है, वह है धर्मान्तरण। बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही ऊपर लिखे तमाम जिलों में भी एक समुदाय विशेष का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यह समुदाय चमत्कारों और प्रार्थना से हर मर्ज को दूर करने का आडंबर करके आदिवासियों को प्रभावित करने और उन्हें अपने धर्म में शामिल करने में लगातार कामयाब होता जा रहा है। आदिवासी तो भोले भाले होते ही हैं, वे जल्द ही ऐसे भ्रमजाल में उलझ जाते हैं। धर्म परिवर्तन कराने के बाद आदिवासियों को उनके मूल धर्म से पूरी तरह विमुख होने के लिए बाध्य कर दिया जाता है। उन्हें उनकी परंपराओं और संस्कारों, जो उनकी मूल पहचान है, उनसे भी दूर कर दिया जाता है। जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत जिन देवी देवताओं की आदिवसी पूजा करते हैं, उन देवी देवताओं की प्रतिमाएं और तस्वीरें तक उनके घरों से हटवा दी जाती हैं, महिलाओं के बिंदी लगाने, मांग में सिंदूर भरने और चूड़ियां पहनने तक पर भी पाबंदी लगा दी जाती है। आदिवासी और अन्य हिंदू समाज में शवों का दाह संस्कार किया जाता है, मगर धर्मान्तरित आदिवासी के शव को दफनाना पड़ता है। इसे लेकर बस्तर में कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

गांव -गांव में प्रार्थना घर
बस्तर संभाग के अधिकतर गांवों में प्रार्थना घरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लोगों के देवगुड़ी और मातागुड़ी में जाकर पूजा करने का चलन कम होता जा रहा है। हर रविवार को इन प्रार्थना घरों में प्रार्थना के नाम पर चमत्कारों, चंगाई सभा का नाटक चलता है। इसे देख और भी लोग इस समुदाय विशेष से जुड़ते चले जाते हैं। लोगों को भरोसा दिलाया जाता है कि प्रभु के चमत्कार से हर रोग दूर हो जाता है, हर बाधा टल जाती है। कई स्थानों पर सेवा की आड़ में भी धर्मान्तरण कराया जा रहा है।

धर्मान्तरण ही मुख्य वजह: महेश
गत दिवस बकावंड में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भी आदिवासी समाज के प्रमुखों ने आदिवासियों की घटती आबादी पर चिंता जताई थी। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप भी बकावंड आए थे। इस दौरान उन्होंने नई दुनिया से चर्चा में आदिवासी समुदाय की घटती जनसंख्या के लिए धर्मान्तरण को ही जिम्मेदार माना है। श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर संभाग में आदिवासी तेजी से धर्मान्तरित किए जा रहे है। पिछले कांग्रेस शासनकाल में इसे बढ़ावा मिलता रहा। धर्मान्तरण हमारे आदिवासी समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। समाज की युवा पीढ़ी और बड़े बुजुर्गों को इस ओर ध्यान देना होगा, अन्यथा हम भी जल्द ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे। सांसद महेश कश्यप ने धर्मान्तरण पर रोक के लिए शासन स्तर पर भी पहल पर जोर दिया।

वनमंत्री केदार कश्यप ने दुर्ग जिला में किया ध्वजारोहण,हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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  • जिला मुख्यालय दुर्ग में वनमंत्री केदार कश्यप ने किया ध्वजारोहण

दुर्ग /रायपुर। दुर्ग जिले की गौरवशाली परम्परा के अनुरूप 78वें स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास वातावरण में पूरी गरिमा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने मुख्य समारोह स्थल पुलिस परेड ग्राऊण्ड में ध्वजारोहरण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम दिये संदेश का वाचन किया और समारोह में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों एवं शहीद जवानों के परिजनों को शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की अत्यंत मनमोहक और आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरण किया। उन्होंने सराहनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी/ कर्मचारियों को भी प्रशस्ति-पत्र वितरित कर सम्मानित किया। समारोह के प्रारंभ में मुख्य अतिथि वन मंत्री  केदार कश्यप ने समारोह स्थल पुलिस परेड ग्राऊण्ड पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के उपरान्त उन्होंने कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी और पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र शुक्ला के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा समारोह में सम्मिलित सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। समारोह में परेड द्वारा हर्ष फायर किया गया और राष्ट्रपति की जय-जयकार की गई। उत्साह व उमंग के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में उड़ाये गये। मुख्य अतिथि ने परेड की सलामी ली तथा परेड में शामिल प्लाटून कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। परेड में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल (पुरूष व महिला), जिला पुलिस बल की 03 प्लाटून, नगर सेना, एन.सी.सी. सीनियर एवं जुनियर (बालक व बालिका), रेडक्रॉस शामिल थे।

स्वामी आत्मानंद उत्कष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेक्टर-6 भिलाई, शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग, स्वामी आत्मानंद उत्कष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दीपक नगर दुर्ग, विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग और एसएनजी सेक्टर-4 भिलाई के छात्र- छात्राओं ने देशभक्ति गीत और पारंपरिक गीतों पर सामूहिक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियों से सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि कश्यप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए प्रथम स्थान के लिए विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग, द्वितीय स्थान के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दीपक नगर दुर्ग एवंएवं तृतीय स्थान के लिए एसएनजी विद्यालय सेक्टर-4 को तथा विशेष प्रदर्शन के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेक्टर-6 भिलाई एवं शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग को पुरस्कृत किया। इसी प्रकार परेड में प्रोफेशनल श्रेणी अंतर्गत प्रथम पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई, द्वितीय पुरस्कार जिला पुलिस बल महिला तथा नान प्रोफेशनल अंतर्गत प्रथम पुरस्कार एनसीसी सीनियर बालक, द्वितीय पुरस्कार एनसीसी जुनियर बालक को प्रदान किया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई के बैंड दल को विशेष पुरस्कार दिया गया।

कार्यक्रम में दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव व दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, नगर के गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र- छात्राएं सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

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रायपुर, 15 अगस्त, 2024-उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान माँ दंतेश्वरी का दर्शन और पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की। इस मौके पर विधायक  चैतराम अटामी, विधायक चित्रकोट  विनायक गोयल और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज  सुंदरराज पी., कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक  गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

हर महीने के दूसरे बुधवार को प्रत्येक आईजी रेंज के आईजी शहीद परिवारों की समस्याओं को सुनेंगे-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

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  • अमर वाटिका में अमर जवानों को दी श्रद्धांजलि

जगदलपुर 15 अगस्त 2024/ अमर जवान शहीद परिसर के माटा लोना हाल में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने शहीद परिवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी उन वीर सैनिकों के परिवार के सदस्य हैं जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। देश की रक्षा के लिए किए गए आपके परिवार के इस त्याग और बलिदान को हम सभी बार-बार प्रणाम करते हैं। आपका यह त्याग और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सरकार ने निर्णय लिया है कि हर महीने के दूसरे बुधवार को प्रत्येक आईजी रेंज के आईजी शहीद परिवारों की समस्याओं को सुनेंगे। इसके साथ ही, डीजीपी से भी उसी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की जा सकेगी।


सभी शहीद परिवारों का प्रमाण पत्र बनाया जाएगा, और जिन परिवारों को शिक्षा के लिए 25 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है, उनका भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। सभी शहीदों के स्मारक बनाए जाएंगे, और इस दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। अनुकम्पा नियुक्ति और अन्य सुविधाओं को भी नियमित किया जा रहा है। आगे आने वाले समय में समूचा बस्तर शांत होगा और विकास की ऊंचाइयों को छूएगा, और इस विकास की नींव आपके परिवारों के योगदान पर आधारित होगी। इस अवसर पर विधायक विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू, कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अमर वाटिका में अमर जवान स्मारक में पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किए। परिसर में नक्सल पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा और उनको तिरंगा वितरण किया। परिसर में शहीद जवानों के नाम पट्टिका का अवलोकन करते हुए, परिजनों को पौध वितरण भी किए।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में किया ध्वजारोहण

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  • उपमुख्यमंत्री ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल (धुरवा पागा) पहनकर किया ध्वजारोहण
  • बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है

रायपुर, 15 अगस्त, 2024-आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल(धुरवा पागा) पहनकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना न केवल बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हमें अपनी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजो कर रखना चाहिए।

बस्तरिया वेशभूषा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की अनूठी और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस वेशभूषा का महत्व सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है बल्कि यह बस्तर की परंपराओं, रीति-रिवाजों, और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।

बस्तरिया वेशभूषा में पहने जाने वाले वस्त्र और आभूषण स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का हिस्सा हैं। इस वेशभूसा में बस्तर की लोक कलाओं और हस्तशिल्प की झलक मिलती है जो क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर की समृद्धि को दर्शाता है।बस्तरिया वेशभूषा पहनने से एक व्यक्ति को बस्तर की संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। यह पहनावा बस्तर के लोगों की सामूहिक पहचान को मजबूत करता है और उनके जीवन में पारंपरिक मूल्यों का स्थान बताता है। पागा जो इस वेशभूषा का प्रमुख हिस्सा है सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। बस्तरिया वेशभूषा को अपनाने और प्रदर्शित करने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलता है। यह अन्य क्षेत्रों के लोगों को बस्तर की संस्कृति से परिचित कराता है और सांस्कृतिक विविधता की समझ को गहरा करता है। बस्तरिया वेशभूषा का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री अधिकांशतः प्राकृतिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध होती है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थायित्व के सिद्धांतों का समर्थन करती है।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि किरण देव ने तिरंगा फहराया और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया

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  • पूरी भव्यता और गरिमा के साथ मनाया गया 78 वां स्वतंत्रता दिवस
  • शहीद जवानों के परिजनों को किया सम्मानित
  • कदम-ताल मिलाते हुए परेड की टुकड़ियों का मार्च पास्ट रहा आकर्षण का केंद्र
  • स्कूली छात्र-छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति और देश भक्ति पर दी शानदार प्रस्तुती
  • पुलिस और प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 188 अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशस्ति पत्र

सुकमा, 15 अगस्त 2024/ सुकमा जिले में देश की आजादी का अमृत महोत्सव पर 78 वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय सुकमा के मिनी स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक किरण देव ने आन-बान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की ओर से छत्तीसगढ़ में हुए चहुमुखी विकास का संदेश आम जनता तक पहुंचाया। उन्होंने कलेक्टरहरिस. एस और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के साथ परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में सलामी के पश्चात मुख्य अतिथि ने शान्ति और प्रेम के प्रतीक सफेद कपोत और हर्ष व उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े और सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनांए दी। राष्ट्रगान की धुन पर तीन राउंड में हर्ष फायर किया गया। समारोह में परेड की टुकड़ियों द्वारा सधे हुए और कदम-ताल मिलाते हुए शानदार मार्च पास्ट किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य अतिथि ने सभी प्लाटून कमांडरों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ फोटो सेशन कराया। समारोह में मुख्य अतिथि  किरण देव ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए जिले के जवानों के बलिदान को याद करते हुए उनके परिजनों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया।


साथ ही स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में उत्कृष्ट परेड प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम को सम्मानित किया गया। जिसमें परेड प्रदर्शन सीनियर विंग प्रथम स्थान सीआरपीएफ बटालियन, द्वितीय स्थान महिला पुलिस बल एवं तृतीय स्थान जिला पुलिस बल को मिला। परेड प्रदर्शन जुनियर विंग में प्रथम स्थान स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, द्वितीय स्थान शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, तृतीय स्थान आईएमएसटी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा को मिला। साथ ही समारोह में परेड की टुकड़ियों को शील्ड प्रदान किया गया। इसके गरिमामय स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति और देश भक्ति पर शानदार प्रस्तुती दी। मुख्य अतिथि  किरण देव ने प्रस्तुति दे रहे आकार दिव्यांग संस्था के बच्चों की कार्यक्रम की सरहाना कर उनसे रूबरू होकर परिचय लिया। सास्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम स्थान आकार दिव्यांग आवासीय विद्यालय सुकमा, द्वितीय स्थान स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, तृतीय स्थान पोटाकेबिन बालाटिकरा छिंदगढ़ को मिला। साथ ही कन्या शिक्षा परिसर, सेजेस अंग्रेजी माध्यम स्कूल सुकमा, आर.एम.एस.ए, एकलव्य सुकमा और एकलव्य छिन्दगढ़ के 400 विद्यार्थियों ने पीटी का सामूहिक प्रदर्शन किया।


साथ ही बेहतर पुलिसिंग सेवा और जिला प्रशासन के अधीन विभिन्न विभागों में उत्कष्ट सेवाओं के लिए 188 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह में  हरीश कवासी अध्यक्ष जिला पंचायत, जगन्नाथ साहू अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सुकमा, श्रीमती आयती कलमू अध्यक्ष जनपद पंचायत सुकमा, ,  रामा सोढ़ी जिला पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे  मनोज देव,  हुंगा राम मरकाम,  अरूण सिंह भदौरिया,  पीलू राम यादव,  करणदेव, कलेक्टर हरिस एस. पुलिस अधिक्षक  किरण चव्हाण, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन, डीएफओ अशोक कुमार पटेल, अपर कलेक्टर  गजेन्द्र ठाकुर, एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन  निखिल राखेजा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मीडिया प्रतिनिधी, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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