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केंद्र सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं नीट पेपर लीक: सुशील मौर्य

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मोदी सरकार कर रही है युवाओं के भविष्य से खिलवाड़: मौर्य

जगदलपुर कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने कहा है कि लगातार दूसरे वर्ष नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना मोदी सरकार की पूरी तरह विफलता और लापरवाही को उजागर करती है।बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सिस्टेमेटिक घोटाला है, प्रयोग है, जो भाजपा सरकार के संरक्षण में चल रहा है। सुशील मौर्य ने कहा- भूल एकबार हो सकती है, लेकिन लगातार दूसरी बार पेपर लीक होना स्पष्ट प्रमाण है कि नीट घोटाले में केंद्र सरकार की मिलीभगत है। देश के लाखों मेधावी छात्र एक साल तक रात-दिन मेहनत करते हैं।

परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबर सुनकर उनकी मेहनत और सपने दोनों चूर-चूर हो जाते हैं। इस गंभीर लापरवाही की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए के अधिकारियों को लेनी चाहिए।

पिछली बार के दोषी को इनाम

सुशील मौर्य ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि 2024 में नीट पेपर लीक मामले में एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हटाया तो गया, लेकिन जैसे ही जनता का गुस्सा शांत हुआ, उन्हें स्टील मंत्रालय में एडजस्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा गया, जहां वे वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। सुशीलमौर्य ने कहा- यह घटनाक्रम साफ दिखाता है कि पेपर लीक के असली गुनहगारों को भाजपा सरकार संरक्षण प्रदान करती है और उन्हें बड़े-बड़े पदों पर पुरस्कृत करती है।

छात्रों के भविष्य से सौदा

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ही बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं। शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे बेखौफ होकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा का फॉर्मूला साफ है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम। लेकिन इस खेल की कीमत देश के मेहनती छात्रों को चुकानी पड़ रही है। 22 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा की मानसिक और आर्थिक यातना झेलनी पड़ेगी। श्री मौर्य ने कहा है कि एनटीए की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सुशील मौर्य ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ तुरंत सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दोबारा परीक्षा कराने का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करे।

रहस्यों से भरा है खनिज विभाग का मौन, अब बस्तर ब्लॉक में भी बेतहाशा अवैध रेत खनन

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प्रधानमंत्री आवास के लिए रेत लाएं, तो गुनहगार और रेत माफिया हैं प्रिय

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले में रेत माफियाओं की मनमानी और खनिज विभाग की उदासीनता एवं मिलीभगत का खेल रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है।बकावंड विकासखंड में रेत माफिया द्वारा लगातार खनन के बाद अब बस्तर ब्लॉक के बड़े अमाबल क्षेत्र में भी रेत माफियाओं द्वारा माइनिंग विभाग की मिलीभगत से रेत का खनन खुलेआम किया जा रहा है। यहां भी खनिज विभाग मौन साधे बैठा है। यहां आलम यह है कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए जो ग्रामीण नदी से ट्रैक्टर के जरिए रेत लाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। वहीं दूसरी ओर रेत का व्यापार करने वाले लोग विभाग के प्रिय पात्र बने हुए हैं। बस्तर विकासखंड में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर स्थिति चरम पर पहुंच गई है।

जहां एक ओर खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माफियाओं की सक्रियता धड़ल्ले से जारी है। बड़े आमबल पंचायत क्षेत्र की नारंगी नदी, पालबहार और हल्दी मारी में इन दिनों भारी मात्रा में अवैध रेत डंप किया जा रहा है। अवैध रैत परिवहन जोरों पर है। इस कृत्य को रसूखदारों द्वारा खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार खनिज विभाग को इस काले कारोबार के बारे में अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे साफ हो जाता है कि खनिज विभाग की मिलीभगत से ही यह खेल चल रहा है। जबकि खनिज विभाग के अधिकारी प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत परिवहन पर ग्रामीणों के ट्रैक्टर पर कार्रवाई करने से नहीं चूकते हैं। खनिज अधिकारी रसूखदारों की करतूतों पर मौन नजर आ रहे हैं।

बिफरे पूर्व विधायक कश्यप

बस्तर जिले में रेत के अवैध खनन और परिवहन को लेकर नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कड़ी नाराजगी जाहिर करतेहुए खनिज विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं।बस्तर विकासखंड के जिन गांवों में रेत का अवैध खनन, परिवहन और और भंडारण हो रहा है, वे गांव नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित हैं। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि अवैध उत्खनन की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच हो और इसमें लिप्त रेत तस्करों तथा उन्हें संरक्षण देने वाले खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि पूरे बस्तर जिले में रेत का अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा। इस काले कारोबार को बढ़ावा देने वाले माइनिंग अधिकारी पर सरकार कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है? कश्यप ने आरोप लगाया है कि रेत के खेल में भाजपा के नेता भी भागीदार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही साय का सुशासन है?

जगदलपुर की स्वच्छता दीदियों ने अत्याचार के खिलाफ खोला मोर्चा

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लगाया शोषण और फर्जीवाड़ा का आरोप

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के अधीन वर्ष 2017 से स्वच्छ भारत अभियान के तहत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली स्वच्छता दीदियों ने अन्याय और शोषण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि वर्ष 2017 से लगातार उनके साथ कई प्रकार से अत्याचार किया जा रहा है। कबाड़ी के पैसे का बेहिसाब घपला हो रहा है। कभी दीदियों से मनमाने तरीके से कार्य लिया जाता है किसी के यहां भी काम में भेज देतें हैं, नही तो काम से निकाले जाने की धमकी दी जाती है। स्वच्छता दीदियों ने महापौर संजय पाण्डेय को आवेदन देकर आग्रह किया है कि मिशन क्लिीन सिटी में जगदलपुर का कोई भी अधिकारी नहीं चाहिए। नगर निगम अगर किसी भी अधिकारी को मिशन क्लीन सिटी चार्ज दिया जाता है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी नगर निगम की होगी।

लगाए गंभीर आरोप

स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि सेंटरों में रजिस्टर पर बहुत सारे फर्जी नाम दर्ज कर पैसा खाया जा रहा है। प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जब हमने प्रभारी श्रीवास्तव को जानकारी दी तो उन्होंने ने लालबाग सेंटर इंचार्ज को उन लोगों का नाम काटने के लिए कहा, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 29 अप्रैल 2024 को हुए नगर निगम में धरना प्रदर्शन पर बैठी दीदियों डराया, धमकाया जा रहा है, इसी शिकायत को लेकर स्वच्छता विभाग के चेयरमैन लक्ष्मण झा ने दीदियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए डराया धमकाया। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पवन नायक पर नेतागिरी करके पैसा खाने का आरोप लगाया गया। खाद के पैसों की भी कोई जानकारी स्वच्छता दीदियों को नहीं दी जाती है। डोंगाघाट में खाद के पैसे को ब्याज पर चलाया जा रहा है। जानकारी होते हुए भी अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहें हैं। डोंगाघाट के इंचार्ज को सभी कर्मचारी हटवाना चाहतें हैं, मिशन क्लिन सीटी (मनी कंचन) में स्वच्छता दीदियों के कार्य करने के सेंटरों को बनाने के लिए बहुत पैसा आ चुका है। अभी तक इस विषय में भी हमें उन्हें जानकारी नही है। सेंटरों की छत क्षतिग्रस्त है एवं मशीनें भी खराब हैं, बारिश में पूरा कबाड़ भीग जाता है। कर्मचारियों के बैठने की भी जगह नहीं रहती है।

मातृत्व अवकाश देने से इंकार करना असंवैधानिक

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मिलने पर श्रम विभाग, राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कर सकती है रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में अधिकांश विभागों में प्लेसमेंट कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती है। उनके कार्य के घंटे या उपस्थिति के आधार पर उनकी सैलरी बनती है। उन्हें शासकीय कर्मचारियों की तरह मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। ऐसा ही परिवहन संचालनालय के एक मामला सामने आया है, इसमें एक महिला कर्मचारी ने मातृत्व अवकाश के लिए पिछले साल नवंबर माह में आवेदन लगाया। विभाग ने उन्हें प्लेसमेंट में होने के कारण देने से मना कर दिया। विभागीय अधिकारी कहते है कि उनके लिए यह नियम लागू नहीं होता। अफसर को शायद यह नहीं मालूम की मातृत्व अवकाश महिला का मौलिक अधिकार है, जिसे नियोक्ता मना नहीं कर सकताद्ध सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, मातृत्व अवकाश प्रत्येक महिला का मौलिक मानवाधिकार है, जिसे नियोक्ता मना नहीं कर सकते। 26 सप्ताह (6 महीने) का सवेतन अवकाश वैधानिक अधिकार है। गोद लेने वाली मां को भी अब 12 सप्ताह की छुट्टी का अधिकार है। मातृत्व अवकाश प्रसव की संभावित तारीख से पहले 12 महीनों में कम से कम 80 दिन काम करने वाली महिला 26 सप्ताह के सवेतन अवकाश की हकदार है। यह अधिकार मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत सुनिश्चित है, और इसे देने से इनकार करना असंवैधानिक है। भारत में एक बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश कामकाजी महिलाएं, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं, जिससे वे इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित रह जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो।

नाली खोदाई के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत

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दल्ली राजहरा में हुआ दर्दनाक हादसा

दल्लीराजहरा बालोद जिले के दल्ली राजहरा स्थित डीएवी स्कूल के सामने मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार लंबे समय से चल रहे नाली खोदाई कार्य के दौरान अचानक गड्ढे की दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे तीन मजदूर मिट्टी में दब गए। हादसे में तीनों मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला मजदूर भी शामिल है। बताया जा रहा है कि नाली निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से गहरी खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक नाली की दीवार की मिट्टी धंसक गई और अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर निकल नहीं पाए तीनो मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई।

क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस द्वारा दूर हटाया। रेस्क्यू टीम ने बड़ी मुश्किल से मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। मृत मजदूरों में एक महिला मजदूर भी शामिल है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

जीत गुहा नियोगी ने उठाई आवाज

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय मजदूर संगठन जनमुक्ति मोर्चा ने पीड़ित परिवार की ओर से आवाज उठाई थी। आज एसडीएम सुरेश कुमार साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा और उनके साथियों को आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और नौकरी हेतु बीएसपी प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। साथ ही घटना की पूरी रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज कर पीड़ित परिवार के साथ न्याय किया जाएगा। विदित हो कि जनमुक्ति मोर्चा हमेशा से पीड़ित शोषित मजदूरों, गरीबों और आदिवासियों के हक में आवाज बुलंद करता रहा है। इस दर्दनाक घटना में भी जीत गुहा नियोगी की पहल के बाद प्रशासन हरकत में आय है।

जहां बहाया जाता था खून, उस धरती से निकल रहे हैं जान बचाने वाले डॉक्टर

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वन मंत्री केदार कश्यप ने दी चंद्रेश पात्र को बधाई

लेगड़ीबाई के युवा ने हराया चुनौतियों को, बन गए एमबीबीएस डॉक्टर

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग की जिस धरती पर नक्सली निरीह आदिवासियों का खून बहाया करते थे, उसी धरती से अब जान बचाने वाले डॉक्टर और देश के निर्माण की बुनियाद मजबूत करने वाले इंजीनियर तथा प्रशासनिक अधिकारी निकल रहे हैं। संभाग के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र के लेगड़ीबाई गांव के युवा चंद्रेश पात्र ने कठिन परिस्थितियों और आर्थिक अभावों के बावजूद एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर पूरे बस्तर को गौरवान्वित किया है। दो बड़े हादसों और गरीबी जैसी चुनौतियों के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने मजबूत इरादों से डॉक्टर बनने का सपना साकार किया।

प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने चंद्रेश पात्र को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता बस्तर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मंत्री कश्यप ने कहा कि चंद्रेश ने यह साबित किया है कि मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, कौशल और युवा विकास को लेकर लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा सरकार ने बस्तर को केवल विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है, बल्कि इसे शिक्षा का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं और उसे पूरा भी कर रहे हैं। यह भाजपा सरकार की दूरदर्शी शिक्षा नीति और सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है।

एकलव्य” से मिल रही नई उड़ान

मंत्री एवं नारायणपुर क्षेत्र के विधायक केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बस्तर में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतियोगी माहौल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच सीमित थी, वहां आज बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। चंद्रेश पात्र की उपलब्धि इसी सकारात्मक परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है।

बस्तर की पहचान हैं युवा प्रतिभाएं

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के लिए नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियों के लिए भी पहचाना जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि चंद्रेश पात्र की सफलता अन्य युवाओं को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करेगी और क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।

प्लेसमेंट कर्मियों से दोयम दर्जे का व्यवहार

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मातृत्व अवकाश से वंचित हैं महिला कर्मी

जगदलपुर बस्तर के सरकारी विभागों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी से हाड़ तोड़ मेहनत करवाने के बाद भी उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है।खासकर महिला कर्मचारियों को उनके हक का मातृत्व अवकाश भी नहीं दिया जाता है, बल्कि गर्भावस्था के अंतिम महीने में भी उनसे प्रतिदिन 12 घंटे से ज्यादा समय तक कार्य लिया जाता है।.मातृत्व अवकाश मांगने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। प्रदेश के वन विभाग, परिवहन विभाग के साथ अन्य कई विभाग में ऐसे महिला कर्मचारी जो कुशलतापूर्वक अपना कार्य करती है उनको बिगड़ैल अधिकारी की बात नहीं मानने पर प्रताड़ित और शोषित होना पड़ रहा है। प्रदेश के दर्जनों सरकारी विभागों में कई हजार महिला कर्मी जो कुशल और कार्य निपुण है उनको भी ऐसे लोगों से पीड़ित होना पड़ता है।

फिर एक सीआरपीएफ कैंप में आंधी ने मचाई तबाही

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बैरक, पोस्ट, टॉयलेट, बाथरूम हुए धराशायी

दो एंटीना उड़े, संचार व्यवस्था भी प्रभावित

जगदलपुर नक्सलियों पर तूफान की तरह टूट पड़ने वाले सीआरपीएफ पर प्रतिकूल मौसम भारी पड़ रहा है। तेज आंधी, बारिश ने फिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक कैंप को बुरी तरह तबाह करके रख दिया है। 12 मई की शाम करीब 4.45 बजे तेज आंधी, तीव्र बिजली कड़कने और मूसालाधार वर्षा के साथ आए भीषण तूफान ने सीआरपीएफ की डी-212 बटालियन कैंप पोटकापल्ली को बुरी तरह प्रभावित किया है।

सीआरपीएफ का पोटकापल्ली कैंप किस्टाराम थाना क्षेत्र में स्थित है। तेज आंधी बारिश के कारण कैंप परिसर के भीतर सरकारी अधोसंरचना और परिचालन संबंधी उपकरणों को व्यापक क्षति पहुंची है। पांच बैरकें, एक गार्ड रूम और कमांड पोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। बाईक स्टैंड तथा जवानों का शौचालय एवं स्नानगृह भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। टीन शीट से निर्मित बाउंड्री वॉल पूरी तरह ढह गई है। महत्वपूर्ण संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाहै। दो वीएचएफ-6 कट एंटीना क्षतिग्रस्त हो गए, दो मास्ट पाइप मुड़ गए तथा एचएफ ब्रॉड बैंड एंटीना वायर कट गया है। इससे बल की संचार व्यवस्था ठप हो गई।इसके अतिरिक्त, पोल भी क्षतिग्रस्त हुआ। परिसर में अनेक बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे वहां मौजूद कर्मियों के लिए जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि समय रहते बरती गई सावधानियों और तत्परता के कारण किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई। तूफान की तीव्रता के बावजूद सभी कर्मi सुरक्षित हैं और संचार व्यवस्था तथा आवश्यक सेवाओं की बहाली का कार्य वर्तमान में जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पथगामी हैं जगदलपुर के सनातनी महापौर संजय पाण्डेय

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धर्म-आध्यात्म, सेवा, सादगी और सरलता के प्रतिमूर्ति हैं पाण्डेय

न बंगला लिया, न सरकारी गाड़ी ली

जगदलपुर कई मामलों और आचार व्यवहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हमारे जगदलपुर के सनातनी महापौर संजय पाण्डेय काफी मेल खाते हैं। पाण्डेय के काम करने के तरीके और व्यवहार से लगता है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के पथगामी हैं। धर्म आध्यात्म के प्रति निष्ठा, सादगी, सरलता और सेवा भावना मेयर संजय पाण्डेय को एक नेक इंसान के तौर पर पहचान दिलाती हैं। चाहे स्वच्छता का मामला हो, चाहे जनसेवा का या फिर चाहे प्रदूषण रोकने और ईंधन की फिजूलखर्ची रोकने का मामला हो महापौर संजय पाण्डेय हमेशा आगे रहते हैं।

ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के चल रहे युद्ध के कारण उपजा ईंधन संकट लोगों के लिए बड़ा चुनौती बन गया है। यह तो अभी हाल में पैदा हुई वैश्विक समस्या है, मगर मेयर संजय पाण्डेय अपने निर्वाचन के बाद से ही डीजल पेट्रोल की खपत कम से कम करने के प्रयास में लगे रहते हैं। उन्होंने आज तक सरकारी बंगला नहीं लिया है। वहीं नगर निगम की कार का वे बहुत ही कम इस्तेमाल करते हैं। ईंधन संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से वाहनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय ने जब से पदभार ग्रहण किया है, उन्होंने सरकारी गाड़ी और बंगला नहीं लिया है। वे हमेशा अपनी स्कूटी से नगर का दौरा करते हैं और ऑफिस आते जाते हैं। सरकारी कार का इस्तेमाल करते भी हैं, तो उसमें एमआईसी मेंबर्स और पार्षदों को भी साथ लेकर चलते हैं। इससे एमआईसी सदस्यों और पार्षदों के वाहनों का ईंधन खर्च तो बचता ही है, प्रदूषण भी कम फैलता है। महापौर संजय पाण्डेय ने अपना एक निजी आफिस अपने निज निवास में ही बना रखा है, जहां वे शहरवासियों की समस्याएं और सुझाव एकाग्रता के साथ सुनते हैं तथा निगम के अधिकारियों को अपने निजी फोन से ही कॉल कर समस्याओं का निराकरण कराते हैं। यही नहीं स्वच्छता के प्रति भी मेयर संजय पाण्डेय प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही हमेशा सजग रहते हैं। अक्सर पाण्डेय झाड़ू लेकर शहर की सड़कों और गलियों में सफाई करने निकल पड़ते हैं। शहर के ऐतिहासिक दलपत सागर जलाशय और गंगा मुंडा तालाब में वे अपने साथी पार्षदों, एमआईसी सदस्यों, भाजपा कार्यकर्ताओं और अधिकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाते रहते हैं। मेयर पाण्डेय की पहल के चलते शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जो जागरूकता आई है, वह उल्लेखनीय है। कुल मिला कर कहें तो युवा महापौर संजय पाण्डेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सच्चे पथगामी बनकर उभरे हैं।

बेरोजगारी दर में आई कमी, युवाओं के सपने हो रहे साकार – मंत्री केदार कश्यप

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पीएम मोदी की अपील को गंभीरता से अपनाने की जरूरत

छत्तीसगढ़ में युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है विष्णुदेव साय सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सुशासन और विकास कार्यों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आई है और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं का सपना अब साकार हो रहा है और राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।*युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर*मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से लोगों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हुआ है। सड़क, बिजली, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए गए हैं। भाजपा सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के पक्ष में सरकार

कांग्रेस द्वारा मंत्रियों के काफिले कम करने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार हमेशा संसाधनों के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग के पक्ष में रही है। जहां आवश्यकता होगी, वहीं संसाधनों का उपयोग किया जाएगा और इस विषय पर सरकार स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

पीएम मोदी की अपील को बताया देशहित में जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक परिस्थितियों को लेकर देशवासियों से की गई अपील का समर्थन करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से अपनी दिनचर्या में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज हर क्षेत्र में मजबूत और आत्मनिर्भर बन रहा है। कांग्रेस द्वारा इस विषय पर की जा रही बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि देशहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा हमेशा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के सम्मान के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

दिसंबर-जनवरी तक हो सकती है फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि अभ्यर्थियों से उनकी चर्चा हो चुकी है और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि फिजिकल टेस्ट पूरा हो चुका है तथा व्यापम के माध्यम से दिसंबर या जनवरी तक लिखित परीक्षा आयोजित कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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