दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में बहुत तेजी से लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है | कोरोना के मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो लॉकडाउन जैसी स्थिति निर्मित होने में समय नहीं लगेगा | कोरोना के मिल रहे मामलों के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं और बेफिक्र होकर घूम रहे हैं जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा मास्क न पहनने वालों पर चालानी कार्यवाही की गई एवं व्यापारी संघ द्वारा लोगों को मुफ्त में मास्क भी बांटा गया |
दल्लीराजहरा में नए कोरोना संक्रमित पाए गए, वार्ड के अनुसार इस प्रकार है –
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
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दिनांक 07.01.2022 को तीन श्रम संगठनों, बीएमएस, एटक और इंटुक ने स्थानीय बीएसपी प्रबंधन के साथ एक समझौता किया और उसे सभी के समक्ष तत्काल रखा जिसका दो श्रम संगठन सीटू और सीएमएसएस ने यह कहते हुए विरोध किया कि उक्त समझौता नियमीत एवं ठेका श्रमिकों के हितों के विरुद्ध है और केवल दिखावा है। उनके द्वारा यह भी प्रचारित किया गया कि ठेका श्रमिकों के लिए प्रबंधन एवं तीन श्रम संगठनों के बीच खदान भत्ते के रूप में रुपये 150/- प्रतिदिन के हिसाब से जो समझौता हुआ है वह संभव ही नहीं है एवं उसके लिए ठेका श्रमिकों का वेतन कम से कम रुपये 39000/- प्रतिमाह होना चाहिए। उसके उपरांत इन दोनों श्रम संगठनों ने ठेका श्रमिकों को गुमराह करते हुए एक दिन का वेतन कटवाया और क्या हासिल करवाया उसका विस्तृत विश्लेषण करते हुए तीनों श्रम संगठन के प्रतिनिधियों ने विज्ञपति जारी करते हुए कहा कि इन्हे पढ़ने के बाद सभी नियमित कर्मीगण/ठेका श्रमिक स्वयं निर्णय लेवें कि उक्त दोनों श्रम संगठन कर्मचारियों के कितने शुभचिंतक हैं अथवा उन्होंने नियमित कर्मचारियों/ठेका श्रमिकों के लिए अलग से क्या किया ?
तीन श्रम संगठनों ने मिलकर दासा के मामले में नए मूल वेतन के 8% राशि को दासा के रूप में लेना स्वीकार इसलिए किया क्योंकि उक्त निर्णय केंद्र सरकार का है और पूर्व में भी दिए जा रहे 10% राशि का निर्णय भी केंद्र सरकार का ही था। लेकिन इस आपत्ति के साथ किया कि उक्त आदेश आम नियमित कर्मचारियों पर लागू नहीं होती और प्रबंधन ने यह आश्वस्त किया कि वह सम्बंधित मंत्रालय से इस सम्बन्ध में दिशा निर्देश प्राप्त कर दो माह के भीतर निराकरण करेगा। दूसरी तरफ इन दो श्रम संगठनों ने भी इसी शर्त पर 8% राशि को दासा हेतु लेना स्वीकार किया कि वे इस मामले को एनजेसीएस के फोरम में उठाने हेतु स्वतंत्र हैं। दासा के एरियर्स के मामले में तीनों श्रम संगठनों ने जिन शर्तों के साथ दासा के एरियर्स को न देने का विरोध किया लगभग उन्ही शर्तों के आधार पर दोनों श्रम संगठनों ने भी विरोध किया। एरियर्स की तिथि में अंतर पर तीनों श्रम संगठनों ने कहा कि तीनों श्रम संगठनों के स्थानीय प्रतिनिधियों ने एक साथ यह निर्णय लिया कि अगर दिनांक 01.04.2020 से मिले एरियर्स की तरह उसी दिनांक से दासा के एरियर्स राशि का भी भुगतान होता है अैर सब-कमिटी एवं प्रबंधन के बीच दिनांक 01.01.2017 से एमजीबी के एरियर्स भुगतान हेतु सहमति बनती है तो मिले हुए दासा एरियर्स के आधार पर ही 01.01.2017 से नए मूल वेतन के आधार पर दासा एरियर्स का भी स्वतः भुगतान होगा।
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सीटू और सीएमएसएस द्वारा 01.01.2017 से ही एरियर्स की राशि को माँगा गया है। दोनों समझौते में मामले का निराकरण हेतु प्रबंधन द्वारा दो माह का समय माँगा गया है। एक तरफ तीनों श्रम संगठनों ने पिछले वेतन समझौते के बाद के दासा राशि के एरियर्स पर चर्चा की जिसपर प्रबंधन ने इस शर्त पर मामले पर सकारात्मक कदम उठाकर भुगतान करने की बात कही कि अगर पूर्व में आरएमडी के खदानों में दिए गए दासा के एरियर्स को प्रबंधन द्वारा रिकवरी नहीं की गयी है तो राजहरा के खदान कर्मियों को भी इसका भुगतान एक माह के अंदर कर दिया जावेगा। इस मामले पर सीटू एवं सीएमएस द्वारा कोई चर्चा नहीं। ऐसे में दोनों समझौते में क्या अंतर है इसका निर्णय कर्मचारी स्वयं लेवें।
ठेका श्रमिकों के लिए तीनों श्रम संगठनों ने दासा के रूप में रुपये 150/- प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करने की मांग की जबकि इन दोनों श्रम संगठनों ने इसे मूल वेतन के आधार पर 25% देने की मांग की जबकि अपने मांग पत्र में इन्होंने खुद 10% की मांग की थी?? जब प्रबंधन ने तीनों श्रमिक संगठन के साथ 150 रुपये देने पर सहमति जता दी, तब ये जो 10% मांग कर श्रमिकों का बड़ा नुक़सान करने पर तुले थे , मजबूरी में 25% की मांग की मगर इसमें भी ठेका श्रमिकों का नुक़सान हो रहा है। अब दोनों ही मामले में प्रबंधन ने इसे खदान भत्ता के रूप में देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। सीटू एवं सीएमएसएस द्वारा ठेका श्रमिकों को यह भी कहा गया है कि उनका यह 25% राशि हर 06 माह के बाद बढ़ता रहेगा। यह बात सर्वविदित है कि किसी भी भत्ते का भुगतान केवल मूल वेतन के आधार पर होता है और दासा अगर मूल वेतन के आधार पर निश्चित किया जाता है तो मूल वेतन में परिवर्तन होने पर ही दासा की राशि बढ़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि हर 06 माह में श्रमिकों का केवल डीए बढ़ता है। कई दशकों से ठेका श्रमिकों का मूल वेतन बहुत ही कम था जिसे कि केन्द्र सरकार ने 19.01.2017 से बढ़ाया गया। लेकिन अगर प्रबंधन इन दोनों श्रम संगठन के द्वारा प्रचारित तथ्यों के आधार पर प्रत्येक 06 माह में ठेका श्रमिकों के दासा राशि में बढ़ोतरी करती है तो प्रत्येक तीन माह में डीए के बढ़ने से समस्त सेल के नियमित कर्मियों के दासा और पर्क्स में भी वृद्धि होगी |
श्रम संगठनों के दोनों समूहों द्वारा ठेका श्रमिकों के लिए तय किये जाने वाले खदान भत्ता के तरीके से ठेका श्रमिकों को क्या मिलेगा इसकी जानकारी देते हुए तीनों श्रम संगठनों ने बताया कि उनके द्वारा प्रस्तावित रुपये 150/- प्रति दिन के हिसाब से अगर भुगतान किया जाता है तो सभी ठेका को सामान रूप से प्रति माह रुपये 3900/- खदान भत्ता के रूप में मिलेगा। वहीँ मूल वेतन के 25% को आधार बनाकर खदान भत्ता की राशि तय की जाती है तो विभिन केटेगरी के श्रमिकों को उनके केटेगरी के मूल वेतन के आधार पर ही खदान भत्ता मिलेगा जो कि इस प्रकार से होगा – अकुशल वर्ग के लिए प्रतिदिन उसके मूल वेतन रुपये 350/- के हिसाब से जो राशि तय होगी वह प्रति माह रुपये 2275/- होगी जिससे उसे रुपये 1625/- प्रतिमाह का नुकसान होगा। इसी तरह से अर्ध कुशल वर्ग को प्रतिमाह रुपये 1060/- और कुशल वर्ग को रूपए 501/- का नुकसान होगा। उच्च कुशल वर्ग को मात्र रूपए 65/- का ही लाभ होगा। ठेका श्रमिकों को यह नुकसान उस समय तक उठाना पड़ेगा जब तक कि केंद्र सरकार द्वारा उनके मूल वेतन को नहीं बढ़ाया जाता है।
जहाँ तक नाईट अलाउंस एवं छुट्टी के पैसे की बात है तो वह पहले भी मिलता था और अब तो सभी ठेकों में इसका निविदा के शर्तो लिखित उल्लेख किया जा रहा है उसके बाद सिटू और सीएम एस एस का यह कहना कि नाईट एलाउंस और छुट्टी का पैसा ठेका श्रमिकों को दिलवाया जायेगा पूरी तरह हास्यास्पद लगता है।लेकिन फर्क सिर्फ इतना था कि प्रबंधन के स्थानीय अधिकारीयों द्वारा कुछ ठेकेदारों द्वारा पालन कराया जाता था और कुछ ठेकेदारों को इससे छूट दी जाती थी। कुछ ठेकों में नाईट अलाउंस रुपये 90/- प्रति रात्रि के हिसाब से भुगतान कराया जाता है तो कुछ ठेकों में रुपये 50/- के हिसाब से और कुछ में बिलकुल नहीं। शिकायत मिलने पर प्रबंधन ने अब सभी नए निकलने वाले ठेकों में इसे जोड़ना शुरू भी कर दिया है। ऐसे में इसकी मांग करने का क्या औचित्य है यह समझ से बाहर है। दरअसल ये दोनों श्रम संगठन अपने सदस्यों को किसी भी ठेके के नियम और शर्त की जानकारी नहीं देती है क्योंकि इसकी जानकारी छुपाकर वे ठेका श्रमिकों को भ्रमित करते रहते हैं, उनका शोषण करते हैं और दूसरी तरफ प्रबंधन को भी ब्लैक मेल करने की कोशिश करते हैं। 07 तारीख को जो हड़ताल सिटू और सीएम एस एस ने किया उसमें ईस हड़ताल को हवा देने का काम एक भ्रष्ट ठेकेदार ने किया और सिटू और सीएम एस एस के नेता उसे मौन सहमति देने में लगे रहे।आज वो भ्रष्ट ठेकेदार जो ठेका श्रमिकों को उनका पुरा वेतन और एलाउंस का भुगतान नहीं करता है। ठेका श्रमिकों की ईपीएफ की राशि को डकार जाता है।तो आप समझ सकते हैं कि एक भ्रष्ट ठेकेदार के साथ मिलकर सिटू और सीएम एस एस श्रमिकों का भला करना चाहते हैं या भ्रष्ट ठेकेदार का आज उस भ्रष्ट ठेकेदार पर ठेका श्रमिकों के पैसे गबन करने के प्रमाणित आरोप लगे हैं जिस पर कार्रवाई होनी है ऐसा लगता है उस कारवाई को रोकने के लिए हड़ताल किया गया था जिससे प्रबंधन पर दबाव डालकर कारवाई रोकी जा सके और इसमें बलि का बकरा कुछ नियमीत कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को उनका एक दिन का वेतन कटवा कर बनाया गया।और जो समझौता हम तीनों श्रमिक संगठनों ने किया था उससे कुछ अलग तो नहीं कर पाये बल्कि नियमित और ठेका श्रमिकों का नुक़सान करने में लगे थे ऐसे लगता है।
यहां एक बात और ठेका श्रमिकों को समझना है कि जिस तरह से सिटू और सीएम एस एस बहुत जोर शोर से प्रचारित करने में लगे हैं कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा बनाई गई कमेटी जो अपना रिपोर्ट 20 तारीख को देने वाली थी अब वो 15 तारीख को देगी और ईसे ये क्रन्तिकारी सफलता मान रहे हैं जो पूरी तरह हास्यास्पद है क्योंकि ठेका श्रमिकों को भुगतन 01-04-2022 से ही किया जायेगा जो समझौता हम तीनों श्रमिक संगठनों ने किया है।अब सिटू और सीएम एस एस के नेता जवाब दें कि कमेटी रिपोर्ट 15 तारीख को दे या 05 तारीख को भुगतन तो तीनों श्रमिक संगठनों के द्वारा किए गए समझौते के अनुसार 01-04-2022 से ही किया जायेगा |
अंत में तीनों श्रम संगठनों ने इन दोनों श्रम संगठनों से निवेदन किया कि वे उनके और प्रबंधनके बीच हुए सहमति और समझौते के कागज को सार्वजानिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके। तीनों श्रम संगठनों ने अपने किये समझौते को नियमित एवं ठेका श्रमिकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया तथा भविष्य में सीटू और सीएमएसएस के नेताओं के ऐसे किसी भी तरह के धोखे और प्रपंच से बचने की अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं तथ्यों का आंकलन करते हुए सही और गलत का निर्णय करें।
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं (श्रम विभाग) रेखचंद जैन के प्रयासों से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनपूंजी के जगन्नाथ बिसाई को दो लाख रुपए एवं महादेव बिसाई को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से प्रदान की गई |
विदित हो की जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनपूंजी के जगन्नाथ बिसाई एवं महादेव बिसाई गंभीर बिमारी से पीड़ित होकर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे उन्होंने विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के माध्यम से प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुजारिश की थी जिसपर संवेदनशील विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को आर्थिक सहायता प्रदान करने की अनुशंसा की थी जिस पर प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जगन्नाथ बिसाई को दो लाख रुपए एवं महादेव बिसाई को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की अनुमति प्रदान की |
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर जगन्नाथ बिसाई एवं महादेव बिसाई ने प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर अब वे अपना इलाज अच्छे से करवा सकते हैं इसके लिए वे प्रदेश की संवेदनशील कांग्रेस सरकार का आभार व्यक्त करते हैं |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, संभागीय सरपंच संघ के अध्यक्ष लैखन बघेल,ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विरेन्द्र साहनी, सियाराम नाग, घनश्याम महापात्र, राधेश्याम सेठिया,घासीराम सेठिया उपस्थित रहे |
भानपुरी । बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बोड़नपाल- 02 मे छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने किसानो को मक्का बीज वितरण किया। बीज वितरण कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया।
विधायक चंदन कश्यप ने किसानो को संबोधित करते हुए कहा कि खेती से ही हमारी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन हमको केवल एक ही फसल का खेती नहीं करनी है हमको मौसम के हिसाब से अलग अलग फसल का खेती करना है। अभी हमारी सरकार किसानो के हित मे कार्य कर रहीं है आप सभी इसका लाभ ले। मक्का बीज निःशुल्क वितरण हो रहा है इसका सही समय मे उपयोग कर इसका लाभ ले । इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान , सरपंच उमाकांत कश्यप, दुकारु कश्यप, कामेश्वर कश्यप, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सी एल मण्डावी, कृषि विकास अधिकारी राजेन्द्र तोमर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर पी शुक्ला, सहायक तकनीकी प्रबन्धक शिवेंद्र वर्मा, क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ शासन की योजना विश्वास, विकास, सुरक्षा त्रिवेणी कार्य योजना के तहत बस्तर संभाग में बस्तर पुलिस ने तीन वर्षों में 36 नए नवीन कैम्प खोले जाने की बात बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बताई है. इन कैंपों को खोले जाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि नक्सलियों के गतिविधियों पर कड़ी कार्यवाही किया जा सके. इसके लिए एक वर्ष के अंदर ही 14 नवीन केम्प खोले गए है.
आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में तैनात छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ ही सशस्त्र सुरक्षा बल द्वारा अच्छे कार्य करते हुए नक्सल क्षेत्रों के साथ ही नक्सलियों के ऊपर कार्यवाही किया जा सके, इसी मंशा पर बेहतर कार्य करने के साथ ही शांति व्यवस्था बनाये रखने व रुके हुए विकास को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है. जिसमें वर्ष 2021 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ ही क्षेत्र की जनता के अनुसार विकास कार्य करते हुए 14 नवीन सुरक्षा केप को खोला गया.
आईजी सुन्दरराज ने बताया कि वर्ष 2021 में अपराध एवं कानून व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियान जैसे महत्त्वपूर्ण मसलों के साथ कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों को शांतिपूर्वक ढंग से निपटने में बस्तर पुलिस ने संवेदनशीलता एवं धैर्य के साथ सामना किया जिसके तहत क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने में काफी हद तक सफलता मिली. हालाँकि, बस्तर संभाग में 2018 की तुलना में 2019 में पंजीबद्ध अपराधों में 5% की वृद्धि, इसी प्रकार 2020 में 4% की वृद्धि हुई, वहीँ 2021 में अपराध की दर में 3% की वृद्धि हुई जिससे यह साबित होता है कि अपराध के दरों में लगातार कमी हुई है. हालाँकि, हत्या के प्रयास, लूट, लज्जा भंग, बलवा, मारपीट, दहेज़ प्रताड़ना, दहेज़ मृत्यु जैसे मामलों में कमी आई है किन्तु, हत्या, नकबजनी, चोरी, अपहरण, धोखाधड़ी जैसे मामलों में आंशिक वृद्धि भी हुई है.
बस्तर के रेखाघाटी, दंतेवाड़ा के नहाड़ी, कोंडागांव के पुंगारपाल, बीजापुर के गलगम, नुगूर, जैगूर, मिनकापल्ली, नारायणपुर, कांकेर के अंजरेल, सुकमा के बड़ेसेट्टी, मुकरम नाला, मनकापाल, सिलगेर मोकुर, कोलाईगुड़ा व करीगुडम में नए कैम्प खोले गए हैं, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बनाये जा रहे सुरक्षा केम्पों को स्थानीय जनता के मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है, बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों को समग्रित विकास कार्य चयनित कर इन स्थानों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए क्षेत्रवासियों को शासन प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है.
आज के पत्रवार्ता के दौरान आईजी के साथ बस्तर संभाग के सातों जिलों के सभी पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडेंट के अलावा अति. पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, डीएसपी स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे.
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संभागीय संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव तथा संभाग प्रभारी कैलाश चौहान तथा जिला बस्तर संयोजक आर डी तिवारी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि केंद्र के समान 31% महंगाई भत्ता और सातवां वेतनमान में गृह भाड़ा भत्ता की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा 12 जनवरी को मौलिक अधिकार रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने एवं 28 और 29 जनवरी 2022 को अवकाश लेकर पूर्व में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था । प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा व अन्य प्रांतीय पदाधिकारी ने आपातकालीन बैठक आहूत कर निर्णय लिया है कि कर्मचारी अधिकारी के हितों को ध्यान में रखते हुए 12 जनवरी को प्रदेश के समस्त जिला एवं तहसील मुख्यालय में फेडरेशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर व एसडीएम को सौंपेंगे। इसी के साथ 28 व 29 जनवरी 2022 को सभी कर्मचारी अधिकारी मौलिक अधिकार हनन के विरोध में काली पट्टी लगाकर कार्यस्थल पर विरोध प्रदर्शन करेंगे एवं दिनांक 28 जनवरी से 31 जनवरी तक @bhupeshbaghel पर सभी कर्मचारी अधिकारी एक ट्वीट “हमें चाहिए न्याय केंद्र के समान” (31% महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान पर गृह भाड़ा भत्ता ) मुख्यमंत्री जी को करेंगे।
कोतवाली पुलिस द्वारा आई0टी0 एक्ट के मामले में विगत 02 वर्षो से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया साथ ही वर्ष 2014 से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को पतासाजी कर, गिरफ्तार किया गया |
सिटी कोतवाली जगदलपुर में विगत दो साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि दिनांक 08.11.19 को पुलिस थाना कोतवाली में प्रार्थिया ने आरोपी किशन शर्मा के खिलाफ प्रार्थिया के नाम से आई0डी0 बनाकर अश्लील फोटो एवं गंदा गंदी मैसेज फेसबुक में अपलोड किया तथा घटना दिनांक को आरोपी ने अपने आटो को तेज रफ्तार एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर प्रार्थिया को ठोकर मार दिया है कि रिपोर्ट पर अप0क्र0 577/2019 धारा 279,337,509-ख भादवि एवं 67 आई0टी0 एक्ट कायम कर अनुसंधान में लिया गया है। आरोपी घटना कारित कर लगातार फरार रहा, जिसका पतासाजी किया जा रहा था। कि आरोपी किशन शर्मा अपना स्थायी सकुनत को छोड़कर ग्राम नेगीगुड़ा में किराये के मकान पर छिपकर रह रहा है कि सूचना मिलने पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा व अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाष शर्मा के मार्गदर्षन एवं नगर पुलिस अधीक्षक किरण चण्हाण के पर्यवेक्षण में निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर, टीम रवाना किया गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस पार्टी के द्वारा धेराबंदी कर आरोपी किशन शर्मा को पकड़ा गया। जिनसे पुछताछ पर घटना दिनांक को अपराध कारित करना स्वीकार किया। आरोपी किशन शर्मा उर्फ प्रीतमलाल शर्मा पिता मनोहर लाल शर्मा उम्र 20 साल नि0 गंगानगर वार्ड थाना बोधघाट जगदलपुर हाल नेगीगुड़ा को गिरफ्तार कर, माननीय न्यायालय न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
सिटी कोतवाली जगदलपुर में विगत 07 वर्षो से लगातार फरार स्थायी वारंटी को पता तलाश कर, गिरफ्तार किया गया है। ज्ञात हो कि थाना कोतवाली में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय जगदलपुर के अपराध क्रमांक-476/2014 धारा 324 भादवि0 के मामले में जारी आरोपी स्थायी वारंटी महेन्द्र सिंह उर्फ छोटु पिता स्व0 अनिल सिंह निवासी दाण्डपारा धरमपुरा नं0 01 जगदलपुर, जो घटना कारित कर लगातार फरार था। जिसका लगातार पतसाजी किया जा रहा था। इस दौरान मुखबीर सूचना मिला कि आरोपी वारंटी कालीपुर क्षेत्र में घुम रहा है, कि सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आरोपी की गिरफ्तारी हेतु तुरंत टीम कालीपुर रवाना किया गया। जहाॅ पर पहुंचकर, टीम द्वारा आरोपी की पता साजी कर, घेराबंदी कर पकड़ा गया है। जिनसे पुछताछ व तस्दीक करने पर अपना नाम महेन्द्र सिंह उर्फ छोटु पिता स्व0 अनिल सिंह निवासी दाण्डपारा धरमपुरा नं0 01 जगदलपुर का होना बताया। जिसे माननीय न्यायालय में विधिवत् स्थायी वारंटी मय आरोपी के पेश किया गया है।
प्रदेश आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जनक ध्रुव द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम जी की अनुशंसा सेअपनी कार्यकारिणी का गठन किया गया है जिसमें प्रदेश महामंत्री के पद पर बालोद जिले के वरिष्ठ एवं अनुभवी आदिवासी नेता रतिराम कोसमा को एवं बालोद जिला अध्यक्ष के लिए सुरेंद्र भेड़िया का मनोनयन किया गया है | इनकी नियुक्ति पर बालोद जिला के कांग्रेसियों ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम जी एवं आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव का आभार व्यक्त करते हुए, मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई दिए हैं। बधाई देने वाले में प्रमुख रूप से चंद्रप्रभा सुधाकर अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी धीरज उपाध्याय महामंत्री शंभू साहू महामंत्री पुरुषोत्तम पटेल वरिष्ठ इंका नेता रामजी भाई पटेल क्रांति भूषण साहू विकास चोपड़ा बंटी शर्मा अनिल यादव देवेंद्र साहू हसीना बेगम चमेली साहू भगवती सोनकर सरोज पटेल रश्मि दुबे शिबू नायर अशोक बाम्बेश्वर प्रमोद तिवारी ईश्वर राव जेबा कुरेशी काशी निषाद कोदूराम दिल्लीवार संतु पटेल भोजराज साहू तामेश्वर साहू चंद्रेश हिरवानी मुकेश पौषार्य लता कुमारी अनीता साहू पीमन साहू सादिक अली देवेंद्र साहू चुकेश्वर साहू भूपेंद्र साहू प्रवीण साहू इंद्र कुमार धनकर दुष्यंत अमृत भोलेश्वर अमृत बेनी राम यदु अशोक गजेंद्र रामाधार गजेंद्र केके राजू चंद्राकर तोरण चंद्राकर खेमराज चंद्राकर प्रवेश जैन गोपाल प्रजापति छबीला सिन्हा लक्ष्मण भंडारी सुरेश साहू जीवन कश्यप संजीव चौधरी दुर्गा ठाकुर सुचित्रा साहू जागृत सोनकर बसंती दुग्गा हेमंत साहू परमेश्वर देशमुख संजय बारले नरेंद्र सोनबोइर मेघनाथ साहू अनुभव शर्मा ने बधाई दिए हैं |
♦️कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के काफिला का एक बॉर्डर एरिया में लगभग 15 मिनट तक रुके रहना सुरक्षा में निश्चित रूप से बहुत बड़ी चूक है परंतु भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से प्रचारित कर रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने आशंका व्यक्त किया है कि कई भाजपा के पंजाब में अपनी जमीन तलाशने का कोई नया षड्यंत्र तो नहीं इस बहाने राष्ट्रपति शासन लगा कर अपनी पार्टी की कमजोरियों को जनता पर थोपना चाहती है
♦️कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अपनी कमजोर जनाधार के चलते इस बहाने वह राष्ट्रपति शासन लगा कर पंजाब में होने वाले चुनाव में नैया पार करने का सोच रही है
♦️उन्होंने कहा जिस तरह से इस पूरे मामले को पूरे देश में प्रचारित किया जा रहा है निश्चित तौर पर सुरक्षा में हुई चूक की वजह से ज्यादा इसे प्रसारित करने में प्रधानमंत्री मोदी सहित मंत्रिमंडल के सदस्य रूचि ले रहे हैं और कहीं ना कहीं राष्ट्रपति शासन लग जाए की स्थिति निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं जो कि लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य जनक है |
♦️प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने कहा राज्य में ला एंड आर्डर की जिम्मेदारी पुलिस की होती है परंतु बात जब प्रधानमंत्री की होती है तो उनकी सुरक्षा में एसपीजी का रोल बहुत महत्वपूर्ण होता है प्रधानमंत्री की सुरक्षा में दौर के पूर्व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी की टीम पहले ही संबंधित राज्य में जाती है यह स्थानीय खुफिया अधिकारियों से मिलती है कहां क्या व्यवस्था होनी चाहिए क्या रूठ होना चाहिए यह सारा कुछ तक एसपीजी करती है जबकि पुलिस की भूमिका आउटर सर्किल में सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है जबकि एसपीजी इनर सर्कल में इसलिए भाजपा के नेताओं को जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए जो कि वहां के मुख्यमंत्री करवा रहे हैं
♦️प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने कहा जब भी किसी राज्य में देश के प्रधानमंत्री का दौरा होता है तो प्रधानमंत्री काफिले के कभी भी एक ही नियत मार्ग नहीं होता बल्कि वह वैकल्पिक मार्ग भी होते हैं ताकि अगर किसी एक मार्ग पर कोई अर्चन आ जाए तो वैकल्पिक मार्ग से पीएम का काफिला आगे बड़ सकें ऐसे में जांच का विषय है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जो एसपीजी की टीम तैनात थी वह इन विकल्पों पर गंभीरता से काम किया था या फिर जानबूझकर पूरे देश में चन्नी सरकार को बदनाम करने से षड्यंत्र रचा गया था |
♦️ प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक पर कहा है इस तरह का जो किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए इसलिए की इसी चूक के चलते कांग्रेस पार्टी ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को खो चुकी है |