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निःशुल्क 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर एवं चुंबकीय चिकित्सा शिविर

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  • जोधपुर राजस्थान से पहुंचेंगे डॉक्टर करेंगे बिना दवाई से इलाज

स्वर्गीय  कमलचंद जैन (क्रांति मेडिकल स्टोर्स) की स्मृति में सकल जैन समाज के तत्वाधान में 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर सूजाक वाइब्रेशन एवं चुंबकीय शिविर का आयोजन 17 मई से 22 मई तक किया जा रहा है यह शिविर जैन दादाबाड़ी दल्ली राजहरा में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 तक एवं शाम 4:00 से रात्रि 8:00 बजे तक आयोजित होगा।शिविर में जोधपुर राजस्थान से डॉक्टर वी.आर.चौधरी एवं थैरेपिस्ट डी. आर.जाखड़ उपस्थित रहेंगे ।

200 मरीजों का इलाज किया जाएगा

शिविर के रजिस्ट्रेशन के लिए क्रांति जैन (9425562001 ) से संपर्क किया जा सकता है शिविर में अधिकतम 200 मरीजों का इलाज किया जाएगा । यह पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर होगा। शिविर पूर्णतः निशुल्क एवं सर्व समाज के लिए होगा।

अनेक रोगों का इलाज किया जायेगा

शिविर में पुराना सिर दर्द ,साइटिका, माइग्रेन, आंख, कान ,गले का रोग, लंबाई बढ़ाना, घुटने का दर्द, मोटापा,ब्लडप्रेशर, शुगर, गैस, कब्ज, सर्वाईकल का दर्द, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द ,लकवा, मस्सा, बवासीर, मानसिक तनाव ,डिप्रेशन, हाथ पैरों में झुनझुनी आना आदि अनेक रोगों का इलाज बिना दवाई के एक्यूप्रेशर सूजाक विधि से किया जाएगा। प्रत्येक मरीज का हर रोज लगभग 15 से 20 मिनट इलाज किया जायेगा।

 

बस्तर संभाग में हर दिन कामयाबियां कदम चूम रही हैं पुलिस और सुरक्षा बलों के

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  •  गिरफ्तारी, एनकाउंटर, सरेंडर और हथियार भंडारों पर कब्जे का दौर जारी
  • नक्सलियों के विस्फोटक भंडार में मिला जखीरा 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग में पुलिस और सुरक्षा बलों के अच्छे दिन आ गए हैं, हर दिन कामयाबियां उनके कदम चूम रही हैं। नक्सलियों की गिरफ्तारी, आत्मसमर्पण, एनकाउंटर और उनके हथियार भंडारों पर पुलिस के कब्जे का सिलसिला सा चल पड़ा है। इस उपलब्धि से सरकार भी जोश में दिखाई दे रही है।
    बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर आदि जिलों में पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन और राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के बड़े ही सकारात्मक परिणाम लगातार देखने को मिल रहे हैं। हर जिले की पुलिस भटके नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए के लिए अलग अलग नाम से अभियान चला रही है। सुकमा जिले में पुलिस पूना नर्कोम अभियान चला रही है। पूना नर्कोम सुकमा की क्षेत्रीय बोली के शब्द हैं, जिसका अर्थ है( नई सुबह, नई शुरुआत। पूना नर्कोम अभियान सुकमा जिले में सैकड़ों नक्सलियों के जीवन में नई सुबह की नई शुरआत करा चुकी है। इस अभियान के बूते ही कुछ दिन पहले सुकमा जिले बड़े पैमाने पर नक्सलियों ने समर्पण किया था। कल फिर तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। वहीं दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू यानि वापस आइए अभियान चलाया जा रहा है। इस जिले में अब तक लगभग 825 नक्सली आत्मसर्पण कर चुके हैं। इसी तरह बीजापुर और नारायणपुर जिलों की पुलिस के अभियान के अपने अलग नाम हैं, लेकिन उद्देश्य एक ही है – नक्सलियों और उनके झांसे में आकर भटके ग्रामीणों को वापस समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही है। यह अभियान हर जिले में कारगर साबित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर एंटी नक्सल ऑपरेशन में पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों पर इस कदर भारी पड़ रहे हैं कि नक्सली संगठनों की कमर टूटने लगी है। संभाग में अब तक सैकड़ों नक्सली हलाक किए जा चुके हैं। चार दिन पहले बीजापुर जिले में एक दर्जन नक्सली मारे गए थे। दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी पचासों नक्सली मारे गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों को इस साल की सबसे बड़ी सफलता कांकेर जिले में मिली थी। कांकेर जिले के हापाटोला की मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे। इसके अलावा पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों के हथियार और विस्फोटक भंडारों का भी लगातार भंडाफोड़ कर बड़े पैमाने पर असलहे और गोला बारूद बरामद कर रहे हैं।

    मिला विस्फोटक भंडार
    सुकमा जिले के दुलेड़, बोट्टेतोंग, साकलेर इलाके में जवानों ने बड़ा आपरेशन चलाया गया। वहां नक्सलियों के बड़े लीडर के मौजूद होने की सूचना पर निकले जवान जब मौके पर पहुंचे तो नक्सली भाग गए। आसपास की सर्चिंग करने पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। एएसपी आईपीएस निखिल राखेचा ने बताया कि वहां नक्सलियों का कैंप था लेकिन जवानों को देखते ही नक्सली भाग गए। सोमवार की सुबह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस निखिल राखेचा के नेतृत्व में डीआरजी, कोबरा बटालियन 208, 204 व 206 के जवान अलग- अगल कैंपों से निकले। उन्हे सूचना मिली थी कि नक्सलियों की मौजूदगी बोट्टेतोंग व दुलेड़ इलाके में है। एएसपी निखिल राखेचा ने बताया कि जैसे ही जवान चिन्नावेली कोंडा इलाके में पहुंचे वैसे ही नक्सलियों के पास सूचना पहुंच गई और नक्सली वहां से भाग गए। आसपास सर्चिग की गई तो नक्सलियों द्वारा डंप किए गए विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जिसमें एचई 36 नग, ग्रनेड 1 नग, डेटोनेटर 1 नग, बारूद, बीजीएल पाईप, बीजीएल काट्रिज, रेडियो वायरलेस सेट, रेडियो वायरलेस एंटिना, फोन, एयर रायफल पैलेट समेत भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद कर जवान वापस सुरक्षित कैंप लौट आए।

सुकमा जिले में सक्रिय दो महिला नक्सली सहित तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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  •  एक महिला नक्सली पर घोषित है 1 लाख का ईनाम

जगदलपुर राज्य शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान यानि नई सुबह-नई शुरुआत से प्रभावित होकर एवं अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही जनसेवा एवं कैंप स्थापना से प्रेरित होकर सुकमा जिले में सक्रिय दो महिला नक्सलियों सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में रेंज फिल्ड टीम सुकमा, दूसरी वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा एवं विशेष आसूचना शाखा सुकमा का विशेष प्रयास रहा। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., उप पुलिस महानिरीक्षक, दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ कोंटा रेंज के उप महानिरीक्षक सुनीत कुमार राय, सीआरपीएफ सुकमा रेंज के उप महानिरीक्षक (परिचालन) अरविंद राय के मार्गदर्शन एवं सुकमा के एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ दूसरी वाहिनी के कमांडेंट रतिकांत बेहेरा के निर्देशन तथा सुरेश सिंह द्वितीय कमान अधिकारी डीआईजी रेंज सुकमा, अनामी शरण द्वितीय कमान अधिकारी दूसरी वाहिनी सीआरपीएफ, निखिल अशोक कुमार राखेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के पर्यवेक्षण में राज्य शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘पूना नर्कोम अभियान नई सुबह, नई शुरूआत एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापना से मिलने वाली सुरक्षा, सुविधा व विकास से प्रभावित होकर नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन, खोखली विचारधारा, नक्सलियों द्वारा किए जाने वाले शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा किए जाने वाले भेदभाव एवं स्थानीय आदिवासियों के साथ होने वाली निर्मम हिंसा से त्रस्त होकर नक्सली लगातार आत्म समर्पण कर रहे हैं। इसी क्रम में 14 मई को प्रतिबंधित माओवादी नक्सल संगठन में सक्रिय 30 वर्षीया महिला सोड़ी सुक्की पति सोड़ी मासा मुरिया अरलमपल्ली पंचायत केएएमएस अध्यक्ष ईनामी 1 लाख रूपए निवासी अरलमपल्ली थाना पोलमपल्ली सुकमा, 40 वर्षीय मुचाकी लखमू उर्फ देवा पिता स्व. मुचाकी हिड़मा मुरिया बुर्कलंका आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष निवासी बुर्कलंका कोयापारा थाना किस्टाराम सुकमा और

38 वर्षया महिला कवासी मंगी पिता पोज्जा मुरिया सिंघनमड़गू आरपीसी मिलिशिया डिप्टी कमांडर निवासी छोटे केड़वाल थाना चिंतागुुफा सुकमा ने 14 मई को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में अनामी शरण द्वितीय कमान अधिकारी दूसरी वाहिनी सीआरपीएफ एवं परमेश्वर तिलकवार एसडीओपी सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। ईनामी महिला नक्सली सोड़ी सुक्की को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में रेंज फील्ड टीम सुकमा, मुचाकी लखमू उर्फ देवा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में विशेष आसूचना शाखा सुकमा एवं महिला नक्सली कवासी मंगी को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में दूसरी वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

ओड़िशा के चुनावी रण राजनैतिक कौशल दिखा रहे हैं वन मंत्री केदार कश्यप

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  •  मोदी जी की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाएं

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप भी ओड़िशा के चुनावी रण में राजनैतिक कौशल दिखा रहे हैं।

ओड़िशा के झारसुगुड़ा में वनमंत्री केदार कश्यप और आदिवासी नेता एवं भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने भारतीय जनता पार्टी जिला चुनाव कार्यालय में जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव रणनीतियों पर चर्चा की। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और संकल्प पत्र के एक एक बिंदु को हमें जन जन और घर घर तक पहुंचाना है। साथ ही केंद्र सरकार के पिछले 10 वर्षों के कार्यों को हर सभा सम्मेलन में आम जनों तक पहुंचाना होगा। पीएम आवास हो, नलजल योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालयों का निर्माण हो इन सभी योजनाओं का खूब प्रचार प्रसार करने की बात श्री कश्यप ने कही। साथ ही उन्होंने पुरजोर तरीके से अबकी बार 400 पार के नारे को उठाने की बात कही।

आदिवासी हितैषी है भाजपा

अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज के लिए जितना कार्य पिछले 10 वर्षों में केंद्र में रहते हुए किया, वैसा आजbतक किसी भी सरकार ने नही किया है। आदिवासी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ साथ उनके सांस्कृतिक विरासत का भी संवर्द्धन मोदी सरकार कर रही है। ओड़िशा के भी आदिवासियों को इसका लाभ प्राप्त हो इसलिए डबल इंजन की सरकार बनाना अति आवश्यक है। इस पहलू को जन जन तक पहुंचाने की रणनीति पर काम करने की बात श्री मरकाम द्वारा कही गई। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष, झारसुगुड़ा समेत तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गांव की आबोहवा में जहर घोल रहा है नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन

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  •  नगरनार के तालाब में छोड़ा गया विषैला पानी
  • ग्रामीणों और मवेशियों के निस्तारी का संकट, खेत हो रहे हैं बंजर

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले के नगरनार में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम एनएमडीसी द्वारा स्थापित स्टील प्लांट नगरनार समेत आसपास के गांवों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। प्लांट का जहरीला पानी गांव के तालाब में छोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीणों के समक्ष जहां निस्तार का संकट पैदा हो गया है, वहीं उनकी खेती की जमीन तबाह हो रही है। तालाब का दूषित पानी पीने से मवेशी बीमार पड रहे हैं।

नगरनार इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए नगरनार समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों ने अपनी पचासों एकड़ उपजाऊ जमीन की बलि चढ़ाई है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि संयंत्र लग जाने से अंचल के शिक्षित युवाओं, मजदूरों को रोजगार मिलेगा, गांवों का विकास होगा। यह उम्मीद धरी की धरी रह गई है। बल्कि अब इसके उलट यह संयंत्र ग्रामीणों की बर्बादी की वजह बन गया है। संयंत्र की चिमनियों से उठने वाला धुंआ वातावरण में जहर घोल ही रहा है, अब संयंत्र से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी भी गांव के जलस्त्रोतों को जहरीला बना रहा है। संयंत्र प्रबंधन द्वारा प्लांट की विभिन्न यूनिटों से निकलने वाले वेस्टेज केमिकल और दूषित पानी के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था नहीं की गई है। इस प्रदूषित केमिकल और पानी को बहाकर गांव के तालाब में डाला जा रहा है। यह केमिकल और पानी खेतों और पड़त भूमि से होते हुए तालाब मे जाकर मिलता है। इससे तालाब का पानी तो जहरीला हो ही गया है, वहीं जिन खेतों से होकर यह प्रदूषित केमिकल और पानी गुजरता है we खेत भी जलकर बंजर बन चुके हैं। पिछले वर्ष भी संयंत्र प्रबंधन ने ऐसा ही कदम उठाया था, तब ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था। इस बार भी जब ऐसा ही कृत्य किया गया तब इसका पुरजोर विरोध पूर्व सरपंच रेनू बघेल ने किया। उनका कहना है की इस विषैले पानी से तालाब पूरा खराब हो रहा है। आसपास के खेत भी बंजर हो रहे हैं। अभी तक 10 हजार लीटर से ज्यादा प्रदूषित केमिकल और जहरीला पानी संयंत्र से छोड़ा जा चुका है। विरोध के बाद फिलहाल यह कृत्य बंद कर दिया गया है। पिछले साल भी इसी प्रकार से वर्तमान सरपंच से मिलकर एनएमडीसी प्रबंधन ने गंदा पानी छोड़ा था जिससे सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई थी। प्लांट प्रबंधन पंचायत के विकास को छोड़ उसकी बर्बादी में लगा हुआ है। इस मामले में प्लांट के जिम्मेदार अधिकारी श्री आशीष से चर्चा करने कई बार संपर्क साधा गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए।

नारायणपुर के कांग्रेस नेता की हत्या के लिए भाजपा सरकार दोषी : बैज

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जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने नारायणपुर में कांग्रेस नेता की हत्या, बीजापुर में नक्सल मुठभेड़ तथा बीजापुर में बम विस्फोट में बच्चों की मौत पर सवाल उठाए हैं। दीपक बैज ने अहाता आबंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होना तय है।

  •  बीजापुर की मुठभेड़ में मारे गए हैं निरीह आदिवासी

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने नारायणपुर जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विक्रम बैस की हत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। कहा है कि पूरी कांग्रेस पार्टी अपने मृत नेता के परिजनों के साथ खड़ी है। इसके पहले भी दंतेवाड़ा में हमारे नेता जोगा पोयाम की हत्या हुई थी।

दीपक बैज ने कहा है कि जब भाजपा नेताओं की हत्या होती है तब भाजपा उसे टार्गेट कीलिंग बताती है, हमारे नेताओं की हत्या हो रही है इस पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। जबसे राज्य में भाजपा की सरकार बनी है राज्य में आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं। अपराधी बेलगाम हो गए हैं। राजधानी से लेकर सरगुजा, बस्तर तक कोई सुरक्षित नहीं है। भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ बन गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीजापुर जिले के पीडिया में हुई नक्सली सुरक्षा बलों की मुठभेड़ पर गांव वालों ने सवाल खड़ा किया है। गांव वालों का कहना है कि इस घटना में निर्दोष लोग मारे गए हैं। इस घटना में एक गूंगे युवक सन्नो की भी हत्या हुई है। गांव वालों के सवालों के बाद कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की जांच का निर्णय लिया है। वरिष्ठ नेता पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी में संयोजक संतराम नेताम, विधायक इंद्र शाह मंडावी, विधायक विक्रम मंडावी, विधायक जनक राम ध्रुव, विधायक सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, जिला अध्यक्ष रजनू नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियाम सदस्य हैं।

जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस पार्टी इस घटना पर आगे की रणनीति बनाएगी। दीपक बैज ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

मोर्टार विस्फोट में मासूम बच्चों की दुखद मौत

बीजापुर में मोर्टार, प्रेशर बम के विस्फोट में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी बनाई है जो घटना की वस्तुस्थिति की जानकारी लेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। मोर्टार कहां से आया? किसका था? नक्सलियों का है या सुरक्षा बलों का, सभी पहलू की जांच आवश्यक है। बस्तर का आम आदमी नक्सली और सुरक्षा बल के दो पाटों में पिस रहा है। इस प्रकार के हालात को हमने अपनी सरकार के दौरान विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूल मंत्र से रोका था। लेकिन अब फिर से वहीं दुखद दौर शुरू हो गया है। घटना की जांच के लिए कांग्रेस ने जांच कमेटी बनाई है।

अहाता आवंटन में घोटाला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पांच सालों तक शराबबंदी को लेकर बयानबाजी करने वाली भाजपा सरकार में आने के बाद शराब घोटाले में लग गई है। अहाता आबंटन में घोटाला किया गया है। एक ही ई-मेल आईडी से 69 टेंडर भरे गए और सभी स्वीकृत भी हो गए। सरकार शराबबंदी करने के बजाय एसी अहाते बनाकर शराब की खपत बढ़ा रही है। हम सरकार से पूछना चाह रहे हैं कि पूर्ण शराबबंदी कब लागू होगी? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया है कि बस्तर संभाग के सुकमा जिले में कोंटा विधानसभा क्षेत्र और दुर्ग जिले के पाटन और भिलाई विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होना तय है। यहां पर कांग्रेस के विधायक भूपेश बघेल, कवासी लखमा, देवेंद्र यादव सांसद का चुनाव जीत रहे हैं। रायपुर दक्षिण के भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल यथावत होंगे। वे रायपुर लोकसभा का चुनाव हार रहे हैं।

घर वापस आइए अभियान का असर, फिर घर लौट आए बीजापुर जिले में 30 नक्सली

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  • 39 लाख के नौ ईनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पुलिस और शासन द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन घर वापसी का असर लगातार देखने को मिल रहा है। आज 14 मई को फिर 30 नक्सलियों की घर वापसी हो गई। आत्मसमर्पण करने वाले 30 नक्सलियों में 39 लाख रुपए के ईनामी 9 नक्सली भी शामिल हैं।

इस साल बीजापुर जिले में जनवरी माह से लेकर अब तक 180 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं और 76 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ एवं कोबरा बटालियन 202, 210 एवं सीआरपीएफ की 168, 85, 222वी वाहिनी द्वारा किये जा रहे संयुक्त प्रयासों से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति से प्रभावित होकर तीस नक्सलियों ने 14 म़़ई को सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक एसके मिश्रा, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट 222 वीं बटालियन सीआरपीएफ विनोद मोहरिल, कमांडेंट, 85वी बटालियन सीआरपीएफ व्ही. तुसिंग, कमांडेंट 168 बटालियन सीआरपीएफ विक्रम सिंह, कमांडेंट कोबरा 202 बटालियन अमित कुमार, कमांडेंट कोबरा 210 बटालियन अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, एसडीओपी भैरमगढ़ तारेश साहू, आवापल्ली तिलेश्वर यादव, व भोपालपटनम मयंक रणसिंह, डीएसपी ऑप्स सुदीप सरकार, डीआरजी बीजापुर के डीएसपी विनीत साहू के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने बाहरी नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया‌ है।

इन्होंने किया है समर्पण

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मिटकी ककेम ऊर्फ सरिता मिलिट्री कंपनी नम्बर 2 पीपीसीएम, ईनामी 8 लाख, मुरी मुहंदा ऊर्फ सुखमती प्लाटून नंबर 32 पीपीसीएम, ईनामी 8 लाख, रजिता वेट्टी ऊर्फ रामे प्लाटून नंबर 4 सदस्य, ईनामी 5 लाख, देवे कोवासी प्लाटून नंबर 32 सदस्य ईनामी 5 लाख, सीनू पदम ऊर्फ चिन्ना बटालियन नंबर -1 सदस्य, ईनामी 5 लाख, आयता सोढ़ी प्लाटून नंबर 32 सदस्य, ईनामी 5 लाख, आयतू कारम आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, मुन्ना हेमला ऊर्फ चंदू आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, आयतू मिड़ियम ऊर्फ वर्गेश आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, डीएकेएमएस अध्यक्ष ईनामी 1 लाख, सन्नू कारम ऊर्फ डोरा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमांडर,

बामन कारम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, सुखराम कारम आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, मनकू ताती आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, मुन्ना पोटाम ऊर्फ मुकेश आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, संतू हेमला आरपीसी मिलिशिया सदस्य, राहुल हेमला ऊर्फ छोटू आरपीसी मिलिशिया सदस्य, सुखराम ऊर्फ सुरेश कारम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मोटू हेमला आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मोटू कवासी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, रमेश हेमला भूमकाल मिलिशिया सदस्य, लक्खू कोरसा जीआरडी सदस्य‌, नंदू कुरसम पीएलजीए सदस्य, सोमलू कड़ती ऊर्फ दिवाकर पीएलजीए सदस्य, सोमलू ताती आरपीसी भूमकाल मिलिशिया सदस्य, संतोष पदम पीएलजीए सदस्य, गुड्डी हपका‌‌, ज्योति लेकाम आरपीसी केएमएमस सदस्य, सोनू कुड़ियम ऊर्फ गुट्टा सीएनएम सदस्य, राजेश कोरसा ऊर्फ बामन कोरसा संघम सदस्य और लखमू पल्लो ऊर्फ लख मिलिशिया प्लाटून कमांडर शामिल हैं।आत्मसमर्पण करने पर उनके उत्साहवर्धन हेतु शासन की प्रोत्साहन एवं पुनर्वास नीति के तहत 25- 25 हजार रूपए की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

राष्ट्रीय राजमार्ग 930 सड़क निर्माण और विद्युत के कारण विभाग से परेशान कुसुमकसा बंद, चक्का जाम

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कुसुमकसा __राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के तहत सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य में नाली निर्माण में की जा रही कोताही व दिन में अनेकों मर्तबा हो रही विद्युत कटौती व मोहला मानपुर फीडर को कुसुमकसा में जोड़ने के विरोध में 15 मई बुधवार को कुसुमकसा के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा व ग्रामीणों की समस्या का समुचित समाधान ना होने पर 16मई गुरुवार को चक्काजाम करने का ज्ञापन कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी दल्लीराजहरा कार्यालय में दिया गया ,व्यापारी संघ कुसुमकसा के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र कुचेरिया ने बंद को समर्थन देने की बात कही

,शिवराम सिंद्रामे सरपंच ग्राम पंचायत कुसुमकसा ने बताया की राष्ट्रीय राजमार्ग 930के तहत जबसे सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन का कार्य चालू हुआ है तबसे निर्माण एजेंसी के मनमानी व शासकीय मापदंड के अनुरूप कार्य ना होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है,मुख्य मार्ग के किनारे डॉ भूपेंद्र मिश्रा के मकान में बनी बाउंद्रीवाल को दो मर्तबा तोड़ने के बाद भी नाली का निर्माण आज पर्यंत तक चालू नही हो पाया ,कुछ जगह नाली का निर्माण अधूरा पड़ा है , मुख्य मार्ग से ग्राम की कुछ गलियों में जाने के लिए सड़क की ऊंचाई अधिक होने से ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ,नाली का निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने तथा

भीषण गर्मी के दिनो मे बिजली की बेतहाशा कटौती व मोहला मानपुर फीडर को कुसुमकसा सब स्टेशन में जोड़ने से ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नही हो पा रही है इसलिए मानपुर मोहला फीडर को कुसुमकसा सब स्टेशन से अलग किया जाए व बेतहाशा हो रही विद्युत कटौती को बंद करने की मांग प्रमुख है ज्ञापन देने शिवराम सिंद्रामें सरपंच ,संजय बैस जनपद सदस्य, डॉ भूपेंद्र मिश्रा ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य,नितिन जैन, डॉ टीकू राम साहू उपस्थित थे

नारायणपुर में कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या

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  • बीच बस्ती तीन बाईक सवारों ने की वारदात

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिला मुख्यालय में कांग्रेस नेता विक्रम बैस की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

नारायणपुर बखरुपारा में अज्ञात लोगों ने श्री बैस की हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है। कांग्रेस नेता को बीच मोहल्ले में गोली मारी गई। विक्रम बैस ब्लाक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मालक परिवहन संघ के सचिव थे। विक्रम बैस को अज्ञात लोगों ने तीन गोली मारी है। घटना 13 मई की है। अज्ञात अपराधियों ने नारायणपुर के बखरूपरा में युवा नेता बैस के सिर पर गोली मारी। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने 3 टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। बैस की हत्या नक्सलियों ने की है या पेशेवर अपराधियों ने यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आइईडी की चपेट में आकर मारे जा रहे हैं बेकसूर आदिवासी

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  • नक्सलियों की करतूत ने फिर बुझा दिए दो घरों के चिराग, दो बच्चों की मौत
  •  तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान घटना से ग्रामीण दहशत में
    अर्जुन झा
    जगदलपुर बस्तर संभाग के जंगलों के बीच बसे गांवों के आसपास तथा जंगलों में नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की चपेट में आकर निरीह आदिवासी और उनके बेगुनाह बच्चे मारे जा रहे हैं। हर दूसरे दिन नक्सलियों की करतूत का शिकार निर्दोष आदिवासी बन रहे हैं। तीन दिन पहले ही एक आदिवासी युवती प्रेशर आईईडी का शिकार बनी थी और कल फिर दो मासूम बच्चे आईईडी ब्लास्ट में काल कवलित हो गए। ये तीनों घटनाएं बीजापुर जिले की हैं।
    बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से इंद्रावती नदी उस पार के ग्राम ओड़सापारा बोड़गा में 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई। यह घटना थाना भैरमगढ़ क्षेत्र के ओड़सापारा बोड़गा गांव की है। नक्सलियों द्वारा जवानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से आइईडी को प्लांट किया गया था। जानकारी के अनुसार तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान आईईडी ब्लास्ट होने से ग्राम बोड़गा निवासी 13 वर्षीय लक्ष्मण ओयाम पिता मुन्ना ओयाम और 11 वर्षीय बोटी ओयाम पिता कमलू ओयाम की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना पर थाना भैरमगढ़ थाने में दी गई। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है। तीन चार दिन पहले ही बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से एक आदिवासी युवती शांति पुनेम की भी मौत हो गई थी। यह घटना गंगालूर थाना क्षेत्र के मल्लूर गांव में हुई थी। 20 वर्षीया शांति पुनेम बुरजी से मल्लूर अपने रिश्तेदार के यहां तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी। रात लगभग 8-9 बजे अपने घर बुरजी वापस जा रही शांति पुनेम का पैर जमीन के अंदर दबाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर रख गया और पैर के दबाव से आईईडी में ब्लास्ट हो गया। शांति की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। विस्फोट से युवती के दोनों पैरों के चिथड़े उड़ गए‌। ज्ञात हो कि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों द्वारा प्रेशर आइईडी प्लांट किया जाता है।

आदिवासी बन रहे हैं निशाना

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना अंतर्गत ग्राम मल्लूर में आदिवासी युवती शांति पुनेम और भैरमगढ़ थाना के बोड़गा में आइईडी ब्लास्ट से हुई दो बच्चों की मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी अनुसार 13 वर्षीय लक्ष्मण ओयाम और 11 वर्षीय बोटी ओयाम अपने माता- पिता के साथ तेंदूपत्ता तोड़ने गांव के पास स्थित जंगल में गए थे। जहां आइईडी के चपेट में आने से दोनों बच्चों की घटना स्थल पर मौत हो गई। इस तरह 10 म़़ई को तेंदूपत्ता तोड़ने गई बुरजी की एक आदिवासी युवती शांति पुनेम की प्रेशर आईईडी ब्लास्ट से मौके पर मौत हो गई थी। नक्सली भले ही पुलिस और सुरक्षा बलों को टारगेट करने के लिए आईईडी प्लांट करते हैं, मगर इसका शिकार बेकसूर आदिवासी और उनके मासूम बेटे बेटियों को बनना पड़ रहा है। दुख की बात तो यह है कि खुद को आदिवासियों का हिमायती बताने वाले तथा आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ने की बात करने वाले नक्सली अपने द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की जद में आकर जान गंवाने वाले बेकसूर आदिवासियों की मौत पर संवेदना व्यक्त करने की जरूरत भी नहीं समझते। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तो प्लांट किए गए विस्फोटकों की पहचान कर अक्सर सुरक्षित बच निकलते हैं। वहीं भोले भाले आदिवासी पहचान नहीं कर पाते और बेमौत मारे जाते हैं। इससे एक बात साफ हो गई है कि नक्सली आदिवासियों के हितैषी नहीं बल्कि दुश्मन हैं और अब विदेशी ताकतों के हाथों खेलने लगे हैं।1

10-10 लाख का मुआवजा

केंद्र व राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए व अंतिम संस्कार हेतु 25- 25 हजार रुपए की सहायता राशि बीजापुर कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है। भैरमगढ़ ब्लाक के ग्राम बोड़गा में दो मासूमों की मृत्यु क्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट से होने पर बीजापुर कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने संवेदना व्यक्त की है। कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। शासन ने उनके पुनर्वास के लिए योजना चला रखी है। कलेक्टर ने केंद्र और राज्य शासन की ओर से दोनों मृत बच्चों के परिजनों को 10- 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अतिशीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके अलावा दोनों बच्चों के अंतिम क्रियाकर्म के लिए 25-25 हजार रुपए अग्रिम रूप से देने की घोषणा की है।

मानवाधिकार की दुहाई देने वाले चुप
मानवाधिकार की दुहाई देने वाले तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता आदिवासियों की मौत पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं? क्या उनकी नजर में आदिवासियों के लिए मानवाधिकार नहीं होते? कथित सामाजिक कार्यकर्ताओं को नक्सलियों के ही मानवाधिकार क्यों नजर आते हैं? ये सारे सवाल तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों की मंशा को उजागर करने के लिए काफी हैं। ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व पालनार में नक्सलियों द्वारा लगाए गए‌ आईईडी से एक स्कूली छात्रा भी घायल हुई थी, जिसे नक्सलियों ने उचित इलाज से भी वंचित रखा था। तथाकथित कुछ मानव अधिकार संगठनों के लोगों द्वारा निरंतर निर्दोष और मासूमों की मौत पर चुप्पी साधे रहना भी समझ से परे है। इसे उनकी मौन सहमति ही माना जाएगा। ये सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन आदिवासियों के हितों के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं।

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