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भाजपा के संकल्प पत्र को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया नहीं जुमला पत्र

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  • भाजपा, संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करे : बैज
    जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के संकल्प पत्र को जुमला पत्र करार दिया है। श्री बैज ने कहा कि पिछले दो बार के चुनावों में अपने वादों को भूल जाने वाले भाजपा ने किस नैतिकता से नया संकल्प पत्र जारी किया है। भाजपा को जनता से नया वादा करने का भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा के लिये घोषणा पत्र केवल जनता को ठगने का एक हथियार है। जनता में भाजपा और मोदी दोनों की ही विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। भाजपा का संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2014 और 2019 के संकल्प पत्र के वादों के बारे में बात करने की भाजपाई हिम्मत नहीं करते। भाजपा बताए युवाओं के लिए सालाना 2 करोड़ नौकरियों देने का क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी करने का क्या हुआ? एमएसपी की कानूनी गारंटी का क्या हुआ? किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य देने के वादे का क्या हुआ? हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में 15 लाख देने का क्या हुआ? भाजपा बताए एससी, एसटी, के अधिकारों को सुरक्षित करने के वादे का क्या हुआ? एससी व एसटी पर 46 प्रतशित व 48 प्रतिशत अपराध क्यों बढ़ा? महिला आरक्षण लागू करने व महिला अत्याचार रोकने का क्या हुआ? 100 स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? भाजपा के सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवो का क्या हुआ? 2020 तक गंगा सफ़ाई का क्या हुआ? 2022 तक हर परिवार के सर पर छत का क्या हुआ? 2022 तक सबको चौबीस घंटे बिजली देने का क्या हुआ? 2022 तक भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का क्या हुआ? “लाल आंख“ और “मैं देश नहीं झुकने दूंगा” का क्या हुआ? हमारी जमीन पर चीन ने 2000 किलोमीटर तक कब्जा कैसे कर लिया? 2022 तक 40 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग का क्या हुआ? केंद्रीय विभागों में लाखों पद रिक्त होने के बावजूद भर्तियां क्यों बंद हुई? सेना में नियमित भर्ती बंद करके ठेके पर 4 साल के लिये अग्निवीर योजना का क्या औचित्य है? पहली बुलेट ट्रेन का क्या हुआ? मोदी और भाजपा के इन वादों का हिसाब जनता मांग रही है इस लोकसभा चुनाव में पूरा भारत जुमलेबाजों को हराएगी। दीपक बैज ने कहा कि 10 साल में वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बना चुकी भाजपा में साहस नहीं कि वह कोई नया वादा जनता से कर पाए। इसीलिए भाजपा का घोषणा पत्र पूरी तरह सतही और चुनावी औपचारिकता दिख रहा है। भाजपा के घोषणा पत्र में भाजपा की हार की झलक साफ दिख रही है। इसीलिए भाजपाई नया वादा करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। ट्रेनों को बंद करने वाले वर्ल्ड क्लास स्टेशन बुलेट ट्रेन बनाने के लिए झूठे वादे कर रहे है। कांग्रेस के घोषणा पत्र से चुराकर गिग वर्कस के बारे में भी वादा कर रहे हैं। जबकि 10 सालों के मोदी राज में सबसे ज्यादा शोषण गिग वर्कर और असंगठित क्षेत्र का हुआ है। भाजपा के घोषणा पत्र में सक्षम और स्वावलंबी भारत बनाने की दिशा में कुछ भी नहीं है।

भाजपा अजजा मोर्चा भी जुटा प्रचार अभियान में

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बकावंड बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत करपावंड मंडल के चिंउरगांव में मंडल स्तरीय अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जनजाति समुदाय के लोगों से भेंट मुलाकात व जनसंपर्क में जन चौपाल कार्यक्रम चलाया गया। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा भी बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के लिए प्रचार अभियान में जुट गई है है। इसी के तहत करपावंड मंडल में जनजातीय समाज के लोगों को एकजुट करते हुए भाजपा अजजा मोर्चा संभाग प्रभारी बनवासी मौर्य ने चिंउरगांव पंहुच कर कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी महेश कश्यप को भारी मतों से जिताकर दिल्ली भेजना है। अबकी बार 400 सौ पार, फिर एक बार मोदी सरकार के भाजपा के संकल्प को पूरा करना है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हम सभी को योगदान देना है। इस अवसर पर सोनसाय कश्यप व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य 100 लोगों के साथ भाजपा में हुए शामिल

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  •  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पार्टी का गमछा पहनाकर किया भाजपा में स्वागत
  •  मौर्य ने कहा -कांग्रेस की कार्यशैली से आहत था
    जगदलपुर लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। वहीं राजनीतिक दल भी पूरा दमखम लगा रहे हैं। चुनाव प्रचार के बीच नेताओं द्वारा अपने-अपने आस्था के अनुरूप दल बदलने की राजनीति भी परवान चढ़ रही है। इसी कड़ी में आज बस्तर जिला ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बलराम मौर्य अपने 100 से अधिक समर्थकों के साथ केबिनेट मंत्री केदार कश्यप और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
    इस दौरान बलराम मौर्य ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बताया कि मैं कांग्रेस पार्टी में 27 वर्ष से काम कर रहा था,

लेकिन वर्तमान में कांग्रेस की दूषित विचारधारा से मैं आहत हूं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित भी हूं। इसलिए आज अपने 100 से अधिक साथियों के साथ मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस दौरान केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने सभी नव प्रवेशियों को भाजपाई गमछा पहनाकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई । साथ ही भाजपा प्रवेश कर मुख्यधारा में जुड़ने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएँ भी दीं। उल्लेखनीय है कि इस संवाददाता ने पहले ही यह संभावना जाहिर कर दी थी कि बलराम मौर्य कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा के पाले में जा सकते हैं। यह संभावना शत प्रतिशत सच साबित हो गई।

बलराम मौर्य के कांग्रेस से इस्तीफे में दुर्भावना और स्वार्थ की बू

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  • किसी के गले नहीं उतर रही है दुर्व्यवहार वाली बात
    अर्जुन झा
    जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य के इस्तीफे से उनके स्वार्थ और कांग्रेस के प्रति उनकी दुर्भावना की बू आ रही है।
    बलराम मौर्य ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से 13 अप्रैल को अचानक तब इस्तीफा दे दिया जब कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में शुमार राहुल गांधी बस्तर आए थे। बलराम मौर्य ने अपने इस्तीफे की जो वजह बताई है, वह भी हैरान करने वाली है और किसी के गले नहीं उतर रही है। बलराम मौर्य ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजे गए अपने लंबे चौड़े त्याग पत्र में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के पीछे अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को कारण बताया है। आज तक ऐसी कोई घटना नजर नहीं है कि जिसमें बलराम मौर्य के साथ कांग्रेस के किसी नेता ने दुर्व्यवहार या उनका अपमान किया हो। अगर ऐसा कभी हुआ भी होगा, तो बलराम मौर्य अब तक खामोश क्यों बैठे रहे, पार्टी फोरम में या फिर मीडिया में उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई? अगर ऐसी घटना कहीं हुई होती, तो बात मीडिया तक जरूर पहुंचती। क्योकि सोशल मीडिया के जमाने में ऐसी बातें प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया से छुपी नहीं रह पातीं। बलराम मौर्य के पास भी मोबइल फोन है, फिर उन्होंने अब तक यह बात क्यों जाहिर नहीं होने दी? अपमान का घूंट पीकर वे कैसे खामोश बैठे रहे? ये सारे सवाल दुर्व्यवहार और अपमान वाली बात को संदेह के दायरे में ला रहे हैं। बलराम मौर्य को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन भी बराबर सम्मान देते रहे हैं। उन्हें हर कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता रहा है। उन्हें हरमंच पर उनके पद और वरिष्ठता क्रम के आधार पर जगह दी जाती रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान दीपक बैज और रेखचंद जैन के साथ बलराम मौर्य भी नजर आते रहे हैं। ऐसे में दुर्भावना और अपमान वाली बात टिकती नजर नहीं आ रही है। त्यागपत्र में बलराम मौर्य ने स्वयं स्वीकार किया है कि कांग्रेस पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान मिला है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारियों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, बस्तर के कुछ नेताओं के प्रति आभार भी जताया है, मगर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक रेखचंद जैन का जिक्र नहीं किया है। इससे प्रतीत होता है कि दीपक बैज और रेखचंद जैन से खुन्नस रखने वाले जगदलपुर के कुछ नेताओं एवं रायपुर में बैठे एक बड़े कांग्रेस नेता के इशारे पर बलराम मौर्य ने इस्तीफा दिया है। कांग्रेस और दीपक बैज एवं रेखचंद जैन के प्रति बलराम मौर्य की दुर्भावना अब सामने आ गई है। कहा है कि अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए बलराम मौर्य ने कांग्रेस छोड़ी है।

नक्सली बंद को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर

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  • आज छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में किया गया है बंद का आह्वान

जगदलपुर नक्सलियों द्वारा 15 अप्रैल को आहूत को बंद को लेकर पर पुलिसअलर्ट मोड पर आ गई है। बंद के दौरान दुकाने खुली रखने और सामान्य दिनों की तरह दिनचर्या बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी बीजापुर जिले में व्यापारियों तथा बस ट्रक ऑपरेटरों की बैठकें के ले रहे हैं।

नक्सलियों ने 15 अप्रैल को छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना राज्य में बंद करने का आव्हान किया है। इसे लेकर बीजापुर जिले के भोपालपटनम में प्रशासन ने व्यापारियों की बैठक बुलाकर बंद को असफल बनाने को कहा। एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी ने पुलिस थाने में बैठक बुलाई थी। एसडीएम ने कहा कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपटने देने और नक्सलियो के बंद को असफल बनाने को कहा। एसडीओपी ने 15 अप्रैल को नक्सली बंद का आव्हान किया गया है, उस दिन सभी दुकानों को खुली रखें। थाना प्रभारी ने कहा कोई परेशानी हो या कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत थाने में सूचना दें, ताकि उस पर नजर रखी जा सके। कोई व्यापारी आसुरक्षित महसूस कर रहा हो तो वो भी सूचना दें ताकि उसे सुरक्ष मुहैया कराई जा सके।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी

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जगदलपुर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. शंगीता एवं बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के निर्देश पर एवं उपायुक्त आबकारी बस्तर संभाग अरविंद कुमार पाटले व ज़िला आबकारी अधिकारी रतन नागेश के विशेष मार्गदर्शन में बस्तर जिले में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में ओड़िशा में निर्मित अंग्रेजी शराब के साथ एक युवक को पकड़ा गया है।
पकड़े गए आरोपी का नाम नवीन कश्यप पिता मंगल साय कश्यप उम्र 34 वर्ष निवासी टोटियापारा सोनपुर थाना करपावंड है। जगदलपुर के आबकारी उप निरीक्षक अंकित सिंह राठौर के नेतृत्व में12 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर ग्राम टोटियापारा सोनपुर निवासी आरोपी के क़ब्ज़े से उड़ीसा प्रांत में निर्मित एवं विक्रय हेतु रखी गई 29 नग किंगफिशर स्ट्रांग प्रीमियम मदिरा मॉल्ट मात्रा 18.85 बल्क लीटर तथा मध्य प्रदेश प्रांत में निर्मित गोवा स्प्रिट ऑफ स्मूथनेस व्हिस्की के 40 नग पौव्वे मात्रा 7.20 बल्क लीटर कुल 26.05 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद कर आरोपी के खिलाफ छग आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम कर आरोपी को यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया। इस कार्रवाई में वृत्त दरभा प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक सुरेश कुमार पुरैना, वृत्त नगरनार प्रभारी परिविक्षाधीन आबकारी उप निरीक्षक मनोज कुमार यादव, आबकारी मुख्य आरक्षक शिवप्रसाद सिन्हा, श्याम सुंदर केसरी ,आरक्षक ललित ठाकुर, शैलेश कुमार पांडेय तथा महिला नगर सैनिक संगीता तथा वाहन चालक हेमराज बघेल का विशेष योगदान रहा।

डीएवी स्कूल उलनार में मनाई गई अंबेडकर जयंती

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जगदलपुर डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र के समक्ष प्राचार्य मनोज शंकर द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। प्राचार्य, शिक्षक शिक्षिकाओं और सभी बच्चों ने पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात हवन कार्यक्रम में प्राचार्य, शिक्षक एवं बच्चों ने मिलकर आहूति दी। प्राचार्य ने डॉ. अंबेडकर के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू नामक गांव में हुआ था। बाबा साहेब के नाम से मशहूर डॉ.भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माता और संविधान के पिता कहे जाते हैं। उन्होने न सिर्फ संविधान निर्माण में सबसे अहम भूमिका अदा की बल्कि समाज में दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ, जनसंख्या नियंत्रण, मौलिक दायित्यों के लिए भी आवाज़ उठाई। अपने प्रगतिशील विचारों के चलते वे आज करोड़ों भारतीयों के प्रेरणास्रोत हैं। सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हवन में आहूति दी और अपने उज्जवल भविष्य की कामना की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

भाजपा के संकल्प पत्र को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया नहीं जुमला पत्र

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  • भाजपा, संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करे : बैज
    जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के संकल्प पत्र को जुमला पत्र करार दिया है।  बैज ने कहा कि पिछले दो बार के चुनावों में अपने वादों को भूल जाने वाले भाजपा ने किस नैतिकता से नया संकल्प पत्र जारी किया है। भाजपा को जनता से नया वादा करने का भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा के लिये घोषणा पत्र केवल जनता को ठगने का एक हथियार है। जनता में भाजपा और मोदी दोनों की ही विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। भाजपा का संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2014 और 2019 के संकल्प पत्र के वादों के बारे में बात करने की भाजपाई हिम्मत नहीं करते। भाजपा बताए युवाओं के लिए सालाना 2 करोड़ नौकरियों देने का क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी करने का क्या हुआ? एमएसपी की कानूनी गारंटी का क्या हुआ? किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य देने के वादे का क्या हुआ? हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में 15 लाख देने का क्या हुआ? भाजपा बताए एससी, एसटी, के अधिकारों को सुरक्षित करने के वादे का क्या हुआ? एससी व एसटी पर 46 प्रतशित व 48 प्रतिशत अपराध क्यों बढ़ा? महिला आरक्षण लागू करने व महिला अत्याचार रोकने का क्या हुआ? 100 स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? भाजपा के सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवो का क्या हुआ? 2020 तक गंगा सफ़ाई का क्या हुआ? 2022 तक हर परिवार के सर पर छत का क्या हुआ? 2022 तक सबको चौबीस घंटे बिजली देने का क्या हुआ? 2022 तक भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का क्या हुआ? “लाल आंख“ और “मैं देश नहीं झुकने दूंगा” का क्या हुआ? हमारी जमीन पर चीन ने 2000 किलोमीटर तक कब्जा कैसे कर लिया? 2022 तक 40 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग का क्या हुआ? केंद्रीय विभागों में लाखों पद रिक्त होने के बावजूद भर्तियां क्यों बंद हुई? सेना में नियमित भर्ती बंद करके ठेके पर 4 साल के लिये अग्निवीर योजना का क्या औचित्य है? पहली बुलेट ट्रेन का क्या हुआ? मोदी और भाजपा के इन वादों का हिसाब जनता मांग रही है इस लोकसभा चुनाव में पूरा भारत जुमलेबाजों को हराएगी। दीपक बैज ने कहा कि 10 साल में वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बना चुकी भाजपा में साहस नहीं कि वह कोई नया वादा जनता से कर पाए। इसीलिए भाजपा का घोषणा पत्र पूरी तरह सतही और चुनावी औपचारिकता दिख रहा है। भाजपा के घोषणा पत्र में भाजपा की हार की झलक साफ दिख रही है। इसीलिए भाजपाई नया वादा करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। ट्रेनों को बंद करने वाले वर्ल्ड क्लास स्टेशन बुलेट ट्रेन बनाने के लिए झूठे वादे कर रहे है। कांग्रेस के घोषणा पत्र से चुराकर गिग वर्कस के बारे में भी वादा कर रहे हैं। जबकि 10 सालों के मोदी राज में सबसे ज्यादा शोषण गिग वर्कर और असंगठित क्षेत्र का हुआ है। भाजपा के घोषणा पत्र में सक्षम और स्वावलंबी भारत बनाने की दिशा में कुछ भी नहीं है।

अचानक सूख गई इंद्रावती नदी और मुरझा गई गरीब किसानों की तकदीर भी

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  •  नदी के भरोसे धान फसल ले रखी है कई किसानों ने
  • नदी में पानी न रहने से सूख रही है खड़ी फसल

अर्जुन झा

बकावंड जो नदी पचास साल में कभी जल विहीन नहीं हुई, वह अचानक सूख गई और इसी के साथ मुरझा गई उन किसानों की तकदीर भी, जिन्होंने इंद्रावती नदी के भरोसे धान की फसल उगा रखी है। पानी के बिना फसल तेजी से सूखती जा रही है और उसी रफ्तार से किसानों के माथे की लकीरें भी चिंता में बड़ी होती जा रही हैं।किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों ने इंद्रावती नदी में बांध से पानी छोड़ने की मांग की है, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रह सके।

बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की पांच ग्राम पंचायतों के पचासों किसान नदी किनारे स्थित अपने खेतों में हर साल गर्मी के मौसम में भी फसल लगाते हैं। धान की फसल को पानी देने के लिए किसानों ने डीजल पंप भी वहां लगा रखे हैं। पंपों की मदद से नदी के पानी को लिफ्ट कर खेतों तक पहुंचाते हैं और नदी के दम पर अच्छी उपज भी प्राप्त कर लेते हैं। मगर इस बार इंद्रावती नदी लगभग पूरी तरह सूख गई है और खुद प्यास से तड़पती नजर आ रही है। नदी में पानी न के बराबर रह गया है। किसान पंप से पानी खींचने की कोशिश करते हैं, तो पंप जवाब दे देते हैं और पाईप में नदी की रेत भर जाती है।किसान बताते हैं कि पचास साल के इतिहास में पहली बार इंद्रावती नदी अप्रैल के महीने में सूखी है। इससे पहले कभी ऐसे हालात पैदा नहीं हुए थे। ओड़िशा की सीमा से लगकर स्थित भसकली समेत अन्य गांवों के आसपास इंद्रावती नदी पूरी तरह निर्जल हो गई है। इन गांवों के आसपास सिंचाई का कोई और साधन नहीं है कि किसान अपनी सूखती फसल की जान बचा सकें।

बांध से पानी छोड़ने की मांग

लंबोदर पटेल, रघुनाथ, काड़ी, कमलू राम नाग, नंदो राम नाग, शंकर नाग, भुजबल बघेल, अमर, पाकलू समेत अन्य किसानों ने बताया कि ओड़िशा से आकर भास्कली के पास इंद्रावती नदी से मिलने वाली नदी में ओड़िशा सरकार ने बांध बना रखा है। इस वजह से इंद्रावती नदी में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। किसानों ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अगर ओड़िशा सरकार से चर्चा कर ओड़िशा के बांध से पानी छोड़ने की पहल करती है तो किसानों की फसल बच सकती है। किसानों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जगदलपुर के विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और वन मंत्री केदार कश्यप से इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया है।

बस्तर में पड़े राहुल के कदम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य ने छोड़ी पार्टी

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  •  आख़िरकार सच निकली बवंडर वाली खबर

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर कांग्रेस में भगदड़ के हालात और कई नेताओं के पार्टी छोड़ने बात अंततः सच साबित हुई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कदम बस्तर की धरती पर पड़े और कांग्रेस में बड़ा बवंडर आ गया। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य ने अध्यक्ष पद के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से शनिवार की शाम इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू ने मंजूर भी कर लिया है। अब श्री मौर्य के भाजपा में शामिल होने के पूरे आसार हैं।

जगदलपुर में तीन दिन से चर्चा चल रही थी कि ‘राहुल गांधी के बस्तर आते ही कांग्रेस में बड़ा बवंडर आएगा और कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। बीते कई दिनों से

बस्तर में कांग्रेस के अंदर भगदड़ के हालात बने हुए हैं। कहा जा रहा था कि राहुल गांधी के बस्तर आते ही कई बड़े कांग्रेस नेता कांग्रेस से बाहर जाने के लिए तैयार बैठे हैं। यह चर्चा राहुल की बस्तर नगर पंचायत मुख्यालय में आयोजित चुनावी सभा के खत्म होते होते सच में तब्दील हो गई। पुराने और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलराम मौर्य ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पार्टी के प्रदेश कार्यालय को प्रेषित कर दिया। उनका इस्तीफा पीसीसी के प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू ने मंजूर भी कर लिया है। श्री मौर्य ने अपने त्याग पत्र में अपने साथ कांग्रेस में हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा है कि दुर्व्यवहार से आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने का फैसला किया है। ऐन लोकसभा चुनाव और राहुल गांधी के बस्तर आगमन के बीच बलराम मौर्य के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच खबर है कि बलराम मौर्य 12 अप्रैल को ही कांग्रेस छोड़ने वाले थे, लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ व्यस्त रहने के कारण वे इस्तीफा नहीं दे पाए थे। अब बलराम मौर्य के भाजपा में जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक बलराम मौर्य ने उन्हें भाजपा में मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने और उनके फॉलो गार्ड व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बरकरार रखने की शर्त रखी थी, लेकिन इस पर फाइनल फैसला नहीं हो सका था। वैसे कहा जा रहा है कि बलराम मौर्य को भाजपा में उनके कांग्रेसी कद के मुताबिक जिम्मेदारी दी जा सकती है। ज्ञात हो कि इससे पहले महापौर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव और कुछ अन्य नेता कांग्रेस का दामन झटककर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। मेयर सफीरा साहू को भाजपा में भेजने में सज धजकर घूमने वाले जगदलपुर के एक कांग्रेस नेता की बड़ी भूमिका रही है। बताते हैं कि इस नेता ने ही नगर निगम में मेयर के जरिए काला पीला काम करवा कर करोड़ों रुपए बटोरे और रायपुर में बैठे अपने आका तक भी हिस्सा पहुंचाया। इस नेता को भरोसा था कि कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी तो पूरा मामला दबा रहेगा, मगर उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। राज्य में भाजपा सत्तारुढ़ हो गई। इससे यह नेता खौफ में आ गए और खुद को फंसने के लिए मेयर को भाजपा की वाशिंग मशीन में डाल दिया। सूत्र बताते हैं कि अब यही कांग्रेस नेता खुद भी भाजपा में जाने लालायित हो उठे हैं। कुछ दिनों पहले बस्तर के आमाबाल आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष वे भाजपा प्रवेश करना चाहते थे, ताकि उनकी सियासी ब्रांडिंग हो सके। तब इस नेताजी के सपने पर यहां के जमीनी भाजपा नेताओं के प्रबल विरोध ने चकनाचूर कर दिया। ये कांग्रेसी नेताजी अब मुख्यमंत्री के समक्ष भाजपा प्रवेश की तैयारी में हैं।

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