दल्लीराजहरा – बालोद जिले के गुण्डरदेही शहर के जैन युवा संगठन समुदाय की बेटी सोनल जैन उप अभियंता जनपद पंचायत बरमकेला जिला रायगढ़ में पदस्त थी । जिनके साथ उक्त ब्लाक के विधायक प्रतिनिधि द्वारा उनके साथ किये जा रहे अव्यवहार एवं छिटाकासी से परेशान होकर सोनल जैन द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद 15 अगस्त 2020 को इस पूरे मामले में उल्टा सोनल जैन को पुलिस द्वारा बिना कारण बताये गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जहाँ उनके साथ जेल कर्मियों द्वारा अमानवीय हरकतें की गई एवं सोनल जैन को उनके पद से निलंबित कर दिया गया जो कि कई तरह के प्रश्नों को जन्म देता है । इस पुरे मामले में जैन युवा संगठन समुदाय की शासकीय महिला कर्मचारी सोनल जैन लगातार एक वर्ष से अपनी लड़ाई लड़ रही है । वहीं शासन द्वारा इन्हे अब तक बहाल नहीं किया गया है ।
जैन युवा संगठन दल्लीराजहरा जिला बालोद द्वारा राज्यपाल से अनुरोध किया है कि सोनल जैन के साथ हुए घटना की जांच कर उन्हें जल्द से जल्द निलंबन से बहाल कर उनका पुरा वेतन दिलाया जाय ।
जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तीरथगढ़ पेरमापारा एवं ग्राम पंचायत मामडपाल मुनगा थाना दरभा के पंद्रह श्रमिकों को आंध्रप्रदेश के प्रकासम जिले में बनाया गया था बंधक जिसमें से चार श्रमिक भाग कर जगदलपुर आकर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन से श्रमिकों को छुड़ाने की अपील की थी जिसपर संवेदनशील विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए श्रम मंत्री एवं जिला प्रशासन से की थी बात |
आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के ओंगोले से 11 मजदूरों की सकुशल घरवापसी हो गई है। बस्तर जिला प्रशासन द्वारा गठित रेस्क्यू दल ने इन मजदूरों की मजदूरी भुगतान प्राप्त करने के बाद बस्तर पहुंचाया। उल्लेखनीय है कि दरभा विकासखण्ड के तीरथगढ़ क्षेत्र के मजदूरों को अधिक भुगतान का लालच देकर प्रकाशम जिले के ओंगोले बुलाने और ठेकेदार के चंगुल में फंसने के बाद बहुत अधिक काम लेने के साथ ही प्रताड़ित करने की शिकायत संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक रेखचंद जैन के माध्यम से जिला प्रशासन को प्राप्त हुई थी। कलेक्टर रजत बंसल द्वारा इन मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए गठित रेस्क्यू टीम 23 सितंबर को प्रकाशम जिले के लिए रवाना हुई और वहां के कलेक्टर से मुलाकात कर मजदूरों की रिहाई के लिए आग्रह किया। प्रकाशम कलेक्टर के निर्देश में गठित वहां के स्थानीय दल की सहायता से इन मजदूरों को समता नगर ओंगोले से रेस्क्यू किया गया। इन मजदूरों की पूरी मजदूरी का भुगतान भी दिलाया गया।
प्राथमिक शाला डोंगरीपारा संकुल केंद्र गढ़बेंगाल की शिक्षक रंजीता नाग के द्वारा अपनी स्वयं के व्यय से शाला मे अध्ययन करने वाले बच्चों के अध्यापन कार्य मे गुणवत्ता लाने हेतु एल.ई.डी. स्मार्ट टीवी स्कूल को भेंट किया गया।विदित हो कि शिक्षक को 5 सितंबर को मुख्यमंत्री शिक्षा दूत अलंकरण से पुरस्कार प्राप्त हुआ था, पुरस्कार स्वरूप प्राप्त धनराशि मे स्वयं के द्वारा धनराशि मिला कर स्कूल के बच्चों के लिए अध्ययन मे गुणवत्ता लाने हेतु शिक्षक रंजीता नाग के द्वारा बच्चों को भेंट स्वरूप प्रदान किया ,जिसके माध्यम से पढ़ाई कर बच्चों मे खुशी का माहौल है।
आज दिनाँक 24/09/21 दिन शुक्रवार को दोपहर12:00 बजे विक्रम धुर्वे जी सांसद प्रतिनिधि के नेतृत्व में सांसद मोहन मंडावी जी (कांकेर लोकसभा क्षेत्र) के सक्रीय सांसद जी से सौजन्य भेट कर बंगाली समाज के सचिव गौतम बेरा और तरुण मंडल ने शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा का आमंत्रण पत्र देकर माता की पूजा में आने का निमंत्रण दिया जिसे स्वीकार कर राजहरा बंगाली क्लब आने का भी आस्वासन दिया साथ ही साथ राजहरा नगर के (बी. एस. पी.) के मकानों को लीज में देकर नगर को उजड़ने से बचाने व सरकारी संपत्ति की रक्षा करने का गुहार संसद जी से की गई जिसे सांसद जी कहा कि दिल्ली संसद के मंत्रालय में रखने की बात कही औऱ शहर को बचाने का भी आस्वासन दिया।
महारत्न कंपनी सेल के इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदान राजहरा खदान समूह में आये दिन दुर्घटना घटना एक आम बात हो गयी है। कभी बिजली का काम करते हुए एक कर्मी की मौत हो जाती है, तो कभी गाड़ी पलटने से कर्मी की मौत हो जाती है। इसके बावजूद राजहरा खदान समूह प्रबंधन के शीर्षस्थ अधिकारी इन दुर्घटनाओं से सीख लेकर सुरक्षा के प्रति सजग होने के बजाय सरकार के बनाये नियम और कानून की खुली धज्जियां उड़ाते हुए कर्मियों के जान के साथ लगातार खिलवाड़ करते आ रहे हैं और इनके इस कार्य में सरकारी विभाग के अधिकारीयों का भी पूर्ण योगदान स्पष्ट रूप से नजर आता है। दिनांक 24.09.2021 को दल्ली यंत्रीकृत खदान में कैंटीन वैन के पलटने की घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है।
इस सम्बन्ध में संयुक्त रूप से विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम.पी.सिंह, एटक से सम्बद्ध एस.के.एम.एस के महामंत्री कवलजीत सिंह मान एवं इंटुक के संगठन सचिव अभय सिंह ने उक्त दुर्घटने के लिए पूर्ण रूप से राजहरा खदान समूह के महाप्रबंधक (रख रखाव और सेवा) गोपाल चंद्र वर्मा को जिम्मेदार बताया। संयुक्त रूप से इन श्रमिक नेताओं ने जानकारी देते हुए कहा कि उक्त कैंटीन वैन CG07ZH0274, 39 वर्ष 05 माह 29 दिन पुरानी है। उक्त गाड़ी की फिटनेस आरटीओ कार्यालय के दस्तावेज के मुताबिक 09.09.2016 को समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा उक्त गाड़ी के रोड टैक्स की अवधि भी 30.03.2021 को समाप्त हो चुकी है। लेकिन गौर करने की बात ये है कि 2016 से अनफिट घोषित उक्त गाड़ी का इन्शुरन्स 30 मार्च 2022 तक वैध है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि पांच वर्ष पूर्व अनफिट घोषित गाड़ी का इन्शुरन्स कैसे किया गया। एक आम आदमी जब अपने गाड़ी का इन्शुरन्स कराने जाता है तो इन्शुरन्स कंपनी द्वारा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस एवं प्रदुषण सर्टिफिकेट की मांग करते हैं और उसके उपरांत ही गाड़ी का इन्शुरन्स किया जाता है। ऐसे में पांच वर्ष पूर्व अनफिट घोषित गाड़ी का इन्शुरन्स किस आधार पर किया गया यह एक गंभीर जांच का विषय है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी किया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उक्त गाड़ी के पुराने इन्शुरन्स के कागजात के साथ छेड़ छाड़ करके गलत तरीके से सरकारी दस्तावेज में इन्शुरन्स के डेट को दर्शाया जा रहा है क्योंकि सरकारी नियमानुसार किसी अनफिट एवं रोड टैक्स की अवधि समाप्त गाड़ी का इंस्युरेन्स होना एक गंभीर अनियमितता को दर्शाता है जिसमे भ्रष्टाचार की स्पष्ट बू आती है।
श्रमिक नेताओं ने आगे कहा कि कर्मियों के माध्यम से उन्हें इस बात की भी जानकारी मिली है कि कुछ समय पूर्व आरटीओ के अधिकारीयों ने उक्त गाड़ी को चलने लायक नहीं बताया था जिसपर प्रबंधन के अधिकारीयों ने उक्त गाड़ी को तत्काल सेवा से अलग करने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन नेताओं ने प्रश्न पूछते हुए प्रबंधन से इस बात का जवाब माँगा है कि अधिकारीयों के लिए जब गाड़ी किराये पर ली जाती है तो निविदा में यह शर्त डाली जाती है कि गाड़ी 03-05 वर्ष पुरानी ही होनी चाहिए। ठीक इसी तरह से जब किसी परिवहन कार्य की निविदा होती है तो प्रबंधन द्वारा निविदा में अधिक से अधिक 07 वर्ष पुरानी टिप्पर होने की शर्त डाली जाती है। ऐसे में कर्मियों के जान से खिलवाड़ करते हुए 40 वर्ष पुरानी अनफिट गाड़ी चलवाकर कर्मियों के जान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार अधिकारीयों को किसने दिया है? इस सम्बन्ध में कुछ दिन पूर्व एक चर्चा के दौरान महाप्रबंधक रख-रखाव एवं सेवा गोपाल चंद्र वर्मा ने कहा था कि ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अधिकारीयों को गाड़ी में बैठने पर किसी तरह की कोई असुविधा न हो और सुरक्षित तरीके से वे आना जाना कर सकें। इसी तरह से टिप्पर के लिए भी शर्त डाली जाती है ताकि प्रस्तावित निविदा का विभागीय रेट बढ़ सके और सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिवहन कार्य सुरक्षित ढंग से चले। ऐसे में लगभग 40 वर्ष पुरानी उक्त कैंटीन वैन जिसका की फिटनेस अवधि भी 05 वर्ष पूर्व समाप्त हो चुका है उसे महाप्रबंधक रख रखाव गोपाल चाँद वर्मा ने किस आधार पर चलने की स्वीकृति दी यह एक जांच का विषय है क्योंकि किसी भी अनफिट गाड़ी को किसी भी तरह के परिवहन कार्य में लगाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है जिसके वजह से कभी भी किसी भी तरह की दुर्घटना घटने एवं कर्मियों की मौत होने की पूर्ण सम्भावना बनी रहती है।
इसके अलावा इन श्रमिक नेताओं ने आरटीओ कार्यालय एवं आरटीओ अधिकारीयों के कार्यशैली पर भी ऊँगली उठाते हुए कहा कि इस तरह की अनियमितताएं के लिए आरटीओ कार्यालय में पदस्थ अधिकारी भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। क्या आरटीओ कार्यालय के अधिकारीयों का कार्य केवल सड़क पर चलने वाले आम नागरिक के गाड़ी के कागजात चेक करना और उनको परेशान करने तक ही सीमित है? क्या आरटीओ कार्यालय का कार्य केवल गाड़ियों का रोड टैक्स, आम आदमियों के गाड़ियों के प्रदुषण सर्टिफिकेट, लाइसेंस और इन्शुरन्स की जांच करने तक ही सीमित है? इस पूरे प्रकरण में आरटीओ कार्यालय की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उठाते हुए उन्होंने पुछा कि जब आरटीओ कार्यालय में पूरे दस्तावेज उपलब्ध हैं तो ऐसे में इस तरह की अनफिट गाड़ियां खदान पर कैसे चलती हैं? क्यों कभी आरटीओ कार्यालय के अधिकारीगण बीएसपी के सभी गाड़ियों के कागजात चेक नहीं करते हैं? हाल ही में दुर्ग भिलाई में आरटीओ कार्यालय द्वारा प्लांट के अंदर घुस कर गाड़ियों के कागजात चेक किये गए जिसमे कई तरह की अनियमिततायें उजागर हुई। लेकिन राजहरा खदान में लगातार अनफिट गाड़ियों को अधिकारियों के दबाव में चलाने को मजबूर कर्मचारि दुर्घटना में अपनी जान गंवा रहे हैं।
जिसका ज्वलंत उदाहरण अभी कुछ माह पूर्व एक पुरानी गाड़ी की मरम्मत के बाद टेस्टींग के दौरान दुर्घटना होने से एक श्रमिक साथी को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। और वह गाड़ी भी रख रखाव और सेवा विभाग के महाप्रबंधक गोपाल चंद वर्मा की देखरेख में उनके विभाग के द्वारा चलवाई जा रही थी। जिसमें उनके लापरवाही के कारण एक श्रमिक को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।आरटीओ कार्यालय के अधिकारी अनफिट और 40 साल पुरानी गाड़ीयों को खदान में क्यों चलने दे रहे हैं और श्रमिकों को जान से खिलवाड़ करने में प्रबंधन के सहयोगी क्यों बन रहें हैं ? क्या राजहरा खदान के महाप्रबंधक रख रखाव द्वारा आरटीओ कार्यालय के अधिकारीयों को किसी तरह का कोई अनैतिक लाभ उपलब्ध कराया जाता है जिसके एवज में आरटीओ कार्यालय के अधिकारी अपना आँख बंद कर बीएसपी प्रबंधन को गलत कार्य करने की पूरी छूट देते हैं? अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे कई गाड़ियां हैं जो सर्वे ऑफ हो चुकी हैं, जिनका फिटनेस नहीं है फिर भी महाप्रबंधक रख रखाव द्वारा उन्हें विभिन्न परिवहन कार्य में उपयोग किया जा रहा है जिससे कर्मियों की जान हमेशा खतरे में पड़ी रहती है। अगर महाप्रबंधक रख रखाव द्वारा ऐसे सभी गाड़ियों को पंद्रह दिनों के अंदर उपयोग से बाहर नहीं किया गया और अगर आरटीओ कार्यालय के अधिकारीगण इस सम्बन्ध में समुचित कारवाई नहीं करते हैं तो तीनों श्रम संगठन संयुक्त रूप से महाप्रबंधक रख रखाव एवं आरटीओ कार्यालय के सम्बंधित अधिकारीयों के विरुद्ध वाद दायर करते हुए इस तरह के असुरक्षित वातावरण में डर-डर कर कार्य करने वाले कर्मियों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ने पर इनके विरुद्ध जानबूझ कर कर्मियों के जान से खिलवाड़ करने के लिए आईपीसी की धारा( 304) के तहत एफआईआर दर्ज करने की भी मांग करेंगे।
दल्लीराजहरा – पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मोत्सव का कार्यक्रम दल्लीराजहरा मण्डल द्वारा पर सुबह 12 बजे अटल योग सदन में मनाया गया कार्यक्रम में सर्वप्रथम पंडित दीनदयाल उपाध्याय तैल चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया इसके पश्चात् संगोष्ठी की गई | भाजपा दल्लीराजहरा मण्डल द्वारा देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिन भी सेवा एवं समर्पण सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है इसी तारतम्य में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन एवं उनके द्वारा राष्ट्रहित में किये गए कार्यों को याद किया गया | पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था “भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं। उनकी जीवन प्रणाली, कला, साहित्य, दर्शन सब भारतीय संस्कृति है। इसलिए भारतीय राष्ट्रवाद का आधार यह संस्कृति है। इस संस्कृति में निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म रहेगा।”भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 1916 में आज ही के दिन यानी 25 सितंबर को हुआ था. आज के दिन देश में गरीबों के उत्थान में तमाम अंत्योदय योजनाएं चल रही हैं. एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक और भारतीय जन संघ के सह-संस्थापक थे. दीनदयाल उपाध्याय जनसंघ के राष्ट्रजीवन दर्शन के निर्माता माने जाते हैं। उनका उद्देश्य स्वतंत्रता की पुनर्रचना के प्रयासों के लिए विशुद्ध भारतीय तत्व-दृष्टि प्रदान करना था। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए एकात्म मानववाद की विचारधारा दी। उन्हें जनसंघ की आर्थिक नीति का रचनाकार माना जाता है। उनका विचार था कि आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य सामान्य मानव का सुख है।
भारतीय जनता पार्टी दल्लीराजहरा मण्डल द्वारा दल्लीराजहरा के 27 वार्ड के सभी 37 बूथों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं दल्लीराजहरा मण्डल द्वारा अटल योग सदन में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जिनमे सुदेश सिंह जिला कोषाध्यक्ष, गोविन्द वाधवानी मण्डल अध्यक्ष, राकेश द्विवेदी मण्डल महामंत्री, किरण सिन्हा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, राजू कुकरेजा पूर्व मण्डल अध्यक्ष, राजेश दसोड़े सांसद प्रतिनिधि, महेन्द्र पिपरे प्रदेश का. सदस्य अजा मोर्चा, हितेश कुमार प्रदेश आ. सदस्य अजा मोर्चा, कासिम कुरैशी जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा, भूपेंद्र श्रीवास प्रदेश का. सदस्य युवा मोर्चा, सुजीत झा मण्डल उपाध्यक्ष, सोनू ठगेल जिला मंत्री भाजयुमो, संजीव सिंह युवा मोर्चा अध्यक्ष, शंकर साहू मीडिया सह प्रभारी किसान मोर्चा, गीता मरकाम महिला मोर्चा अध्यक्ष, बंटी चोपड़े अजा मोर्चा अध्यक्ष, उमेश कुमार विश्वकर्मा किसान मोर्चा अध्यक्ष, हुकुमसिंह घनगुन, महेन्द्र सिंह, पार्षदगण राजेश काम्बले, प्रमिला पारकर, विजय भान सिंह, ममता नेताम, रमेश गुर्जर, एम एस श्रीजीत, भूषण कुमार निर्मलकर, निलेश श्रीवास्तव, मो इमरान, सुमीत जैन, रम्भा कोसमा, सुखन्तीन ठाकुर, राकेश कोसरे, सौरभ जैन, उषा आस्टिकर, मनन गुप्ता, मनोज गुप्ता, सारिका साहू, रानू ठाकुर, नीलकमल, नकुल गुप्ता आदि उपस्थित थे |
● शिवसेना ने कहा: व्यापम की तर्ज़ पर परीक्षा के बदले सिर्फ़ साक्षात्कार क्यो ?
● कलेक्टर एवं सीईओ को सीधे साक्षात्कार के बदले परीक्षा कराने पर विचार चाहिए
शिवसेना / जगदलपुर । बस्तर जिले के स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक संविदा पदों की भर्ती हेतु अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए जा रहे हैं। स्थानीय कन्या पॉलिटेक्निक महाविद्यालय धरमपुरा जगदलपुर में साक्षात्कार का आयोजन किया जा रहा है।
ज़िले में नवीन स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों व्यवस्था किये जाने हेतु व्याख्याता (हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, जीव विज्ञान, वाणिज्य, रसायन, भौतिकी, सामाजिक अध्ययन), शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला (संस्कृत, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित), सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला विज्ञान और कला, प्रयोगशाला सहायक, प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला, प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला, कम्प्यूटर शिक्षक, ग्रंथपाल का भर्ती की जा रही है।
शिवसेना ने इस साक्षात्कार प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा हैकि बस्तर ज़िले के योग्य स्थानीय शिक्षित युवा बेरोगज़ारों को निष्पक्ष सरकारी सेवा में जाने का अवसर मिले इसके लिए रिक्त पदों के विरुद्ध में सीधे साक्षात्कार प्रक्रिया के तहत भर्ती प्रक्रिया ना करके व्यापम की तर्ज़ पर किसी लिखित परीक्षा के माध्यम से ही स्थानीय युवाओं की भर्ती का समर्थन किया है।
शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि ज़िले में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त हैकि नौकरी के लिए सीधे साक्षात्कार वाली विधि के चलते योग्य व्यक्ति को यह अवसर मिल पाना असंभव है। इस तरह भर्ती प्रक्रिया में धांधली होने की पूरी गूंगाइश है। उन्होंने कहा कि बस्तर के रोज़गार पे सिर्फ़ बस्तरियों का हक़ है और भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह का पक्षपात ना हो इसके लिए व्यापम के तर्ज पर स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए।
जगदलपुर। बस्तर अंचल में चिंतन शिविर आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी जमात तक यह पैगाम पहुंचाने की कोशिश की कि भाजपा इस वर्ग के करीब है। एक तरह से भाजपा ने आदिवासी वर्ग को अगले चुनाव के मद्देनजर साधने के प्रयासों की शुरुआत की है। वह अपने प्रयोजन में कितनी सफल हुई, यह तो सवा दो साल बाद ही पता चलेगा लेकिन कांग्रेस ने अभी से यह इशारा कर दिया है कि वह भाजपा का मनोरथ सिद्ध नहीं होने देगी। भाजपाई चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस ने न केवल बस्तर बल्कि पूरे राज्य के आदिवासियों के बीच आत्मीयता और एकजुटता का रोडमैप तैयार करने में कोई विलंब न करते हुए बस्तर के सर्व आदिवासी समुदाय की मुख्यमंत्री आवास में आवभगत का सिलसिला शुरू कर दिया। प्रभारी मंत्री और दिग्गज आदिवासी नेता कवासी लखमा की मौजूदगी में बस्तर अंचल की सभी बारह सीटों के इलाकों में बसे आदिवासी समाज के हर वर्ग के लोगों का मेला रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास में लग रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इनसे आत्मीयता से मुलाकात कर रहे हैं। आदिवासी समाज के सभी अंगों को साथ लेकर उनकी बातें सुनी जा रही हैं। अपनी बात कही जा रही है। बस्तर के चप्पे चप्पे के विकास पर मंथन किया जा रहा है। आदिवासियों की भावना के अनुरूप उनके क्षेत्र के विकास की प्रतिबद्धता के जरिए आदिवासियों को एक सूत्र में बांधा जा रहा है। बस्तर के बाद सरगुजा अंचल के आदिवासियों से भी आत्मीय मिलन की संभावनाएं प्रबल हैं।
इस तरह कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में उनके सहयोगी मंत्री कवासी लखमा सहित बस्तर संभाग के सभी कांग्रेसी जनप्रतिनिधि आदिवासी समुदाय को कांग्रेस के और निकट लाने सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कांग्रेस ने आदिवासी समाज का भरोसा जीतने में बहुत मेहनत की। नतीजा यह है कि बस्तर की सभी बारह सीटों पर कांग्रेस काबिज है तो बस्तर लोकसभा सीट पर कांग्रेस की युवा शक्ति के प्रतीक दीपक बैज रोशनी फैला रहे हैं। दूसरी तरफ बस्तर अंचल भाजपा के लिए उजड़ा चमन बन गया है। दूसरी तरफ भाजपा के स्थानीय क्षत्रप पता नहीं किस मुगालते में आदिवासी जमात के बीच वर्ग भेद को प्रश्रय देकर अपनी ही सूख रही जड़ों में मट्ठा सींचने में व्यस्त हैं। भाजपा ने दक्षिण मूल की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को कमान सौंपी है। भाजपा में गुट विशेष को ठिकाने लगाने का काम करके वे आम कार्यकर्ता में उत्साह तो भर सकती हैं लेकिन आदिवासियों में भाजपा के प्रति उत्साह कैसे उत्पन्न करेंगी, यह जिज्ञासा का विषय है। भाजपा आदिवासियों को रिझाने के उपक्रम के दौरान यह भूल रही है कि आज़ाद फितरत के पंछी किसी पिंजरे मे कैद नहीं होते। जहां प्यार से दाना पानी मिलता है, वह वहां ठहर जाते हैं। भाजपा को यह समझ नहीं आ रहा कि धर्मांतरण और मूर्ति पूजा आदिवासी समाज के लिए कोई व्यावहारिक अहमियत नहीं रखता।
बालोद। राज्य शासन, यूनिसेफ, एकता परिषद व मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट (एमसीसीआर) के संयुक्त तत्वाधान में छत्तीसगढ़ के वनांचल आदिवासी क्षेत्रों में लोगों को टीकाकरण के दोनों डोज के प्रति जागरूक करने के लिए मोर जिम्मेदारी अभियान शुरू किया गया है। सभी जिले में यह जागरूकता अभियान क्रमबद्ध चल रहा है। इस अभियान के तहत 20 जिलों का चयन हुआ है। जिसमें बालोद जिला भी शामिल है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा उक्त अभियान को लॉन्च किया गया है। इस अभियान के तहत मोर जिम्मेदारी जागरूकता रथ शुक्रवार को बालोद जिला पहुंची। जहां जिला अस्पताल परिसर में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले में प्रचार प्रसार के लिए रवाना किया।
इस दौरान कलेक्टर ने बताया कि 82% वैक्सीनेशन बालोद जिले में हो चुका है। बचे हुए लोगों को जागरूक करने में यह अभियान मददगार साबित होगा। जानकारी के अनुसार यह अभियान खासतौर से डौंडीलोहारा के आदिवासी क्षेत्रों में संचालित होगा और विगत चार-पांच दिनों में 30 गांव में पहुंच कर लोगों को छत्तीसगढ़ी गीतों व स्लोगन के जरिए टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस मोर जिम्मेदारी अभियान के तहत टीकाकरण के साथ-साथ लोगों को कोरोना के प्रति सजग रहने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल परिसर में जागरूकता रथ को रवाना करने के दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे सहित प्रमुख रूप से सीएमएचओ जयप्रकाश मेश्राम, सिविल सर्जन डॉक्टर एस एस देवदास, जिला टीकाकरण अधिकारी एसके सोनी, जिला अस्पताल के व्यवस्थापक ओ पी वर्मा, एमसीसीआर के सदस्य दीपक यादव सहित एकता परिषद टीम से आए हुए सदस्य मौजूद रहे।
आज विकासखंड लोहंडीगुड़ा के ग्राम पंचायत धाराउर के शासकीय हाई स्कूल में बस्तर साँसद दीपक बैज के द्वारा निशुल्क सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को सायकल का वितरण किया गया।इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मारडूम,कोठियागुड़ा,बड़ाजी, शासकीय हाई स्कूल धाराउर,मारिकोडेट के छात्राओं को कुल 122 सायकल का वितरण किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मालती बैज,जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश कश्यप,उपाध्यक्ष योगेश बैज,गोमती बघेल,जनपद रामप्रसाद पांडेय,प्रेमलाल पटेल जनभागीदारी सदस्य,बी ई ओ लोहडीगुड़ा चन्द्रशेखर यादव, बी आर सी इन्दर सिंह कश्यप, प्रचार्य-शा उ मा वि धाराउर, मारडूम,बड़ाजी,कोठियागुड़ा, बी एल निषाद,अशोक खापर्डे, समस्त शिक्षक,छात्रायें, पालकगण उपस्थित थे।