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जिले में राज्योत्सव की तैयारियां जोरो पर, राज्योत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप

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डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर, 26 अक्टूबर 2021

जिला मुख्यालय नारायणपुर में राज्योत्सव 2021 को पूरे गरीमामयी ढंग से मनाने के लिए तैयारियों जोरों से चल रही है। राज्योत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक चंदन कश्यप होंगे। वहीं विशेश अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ष्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मांझी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल, जनपद पंचायत नारायणपुर अध्यक्ष पंडीराम वड्डे, अध्यक्ष जनपद पंचायत ओरछा मालती नुरेटी रहेंगी।

1 नवम्बर को प्रातः 9 बजे जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास व शिक्षा विभाग के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता के संबंध में जागरूकता रैली निकाली जायेगी, जो नगर के मुख्य चौक-चौराहों से गुजरेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे स्थानीय खेल मैदान बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में होगा। वहीं संध्या 6 बजे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। । कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने राज्योत्सव के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियांे को जिम्मेदारी सौंपी, जिसमें समस्त तैयारियों के लिए प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को नियुक्त किया है। राज्योत्सव में कृषि, उद्यान, मत्स्यपालन, जनसंपर्क, कृशि विज्ञान केन्द्र, वन, शिक्षा, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, समाजकल्याण, महिला एवं बाल विकास, बांसशिल्प, क्रेडा, जिला पंचायत, नगर पालिका, रेशमपालन, अंत्यावसायी, महिला आईटीआई, खेल विभाग, रामकृश्ण मिशन, डीएव्ही स्कूल द्वारा प्रदर्शनी लगायी जायेगी। जिनमंे षासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी।

किसी भी देवस्थल को प्रभावित होने नहीं दिया जाएगा-कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू, राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के निर्माण से गावों एवं ग्रामीणों का होगा चंहुमुखी विकास

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डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर, 26 अक्टूबर 2021

सड़के किसी भी देश, राज्य, जिले और गांवों के लिए जीवन रेखा होती है। सड़कों के अभाव में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। किसी भी गांव की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति की कल्पना बिना अच्छी सड़कों के करना संभव नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक गांव को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाये। नारायणपुर जिले से गुजरने वाली राश्ट्रीय राजमार्ग 130डी जो कि नारायणपुर जिला मुख्यालय से कुतुल होते हुए महाराश्ट्र तक जायेगी। कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस सड़क निर्माण में किसी भी व्यक्ति का कोई नुकसान नहीं होगा, इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उचित मुआवजा प्रदान किया जायेगा। सड़क निर्माण में जिले एवं जिले के आसपास किसी भी देवस्थल को प्रभावित नहीं किया जायेगा। सड़क निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन सुविधा के साथ-साथ अन्य सुविधायें भी मिलेंगी, सड़क निर्माण से ग्रामीणों का ही लाभ होगा। ग्रामीण को आसानी से सड़क मार्ग से जिला मुख्यालय, विद्यालय, चिकित्सालय, देवालय, दर्शनीय स्थल, विकासखण्ड आदि आने-जाने के लिए सायकल, दुपहिया वाहन एवं बस से जिले के प्रत्येक क्षेत्र में आवागमन सुगम हो सकेगा। सड़क निर्माण से गावों एवं ग्रामीणों का चहुमुखी विकास संभव हो रहा है।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन की अनुशंसा पर संवेदनशील कोलेंग कांदानार छिंदगुड एवं मुण्डागढ में संवरेगी देव गुड़ियों की स्थिति

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प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने दी कैंपा मद से कोलेंग,कांदानार,छिंदगुर, एवं मुण्डागढ में देव गुड़ियों के संवर्धन के लिए 5 – 5 लाख रुपए की स्वीकृति

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव ( नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन की अनुशंसा पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं वन मंत्री माननीय महोम्मद अकबर जी सूदूरवर्ती वन क्षेत्र कोलेंग के कोलेंग में तीन देव गुड़ियों कांदानार में तीन देव गुड़ी एवं छिंदगुड में एक एवं मुण्डागढ में एक देव गुड़ी के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए कैम्पा मद से पांच पांच लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है |

विदित हो की राज्य की संवेदनशील सरकार द्वारा आदिवासी संस्कृति और देव स्थानों को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए देव गुड़ियों का संवर्धन किया जा रहा है प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने के विशेष निर्देश दिए हैं इसी कड़ी में विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की अनुशंसा पर कांगेर घाटी नेशनल पार्क से लगे संवेदनशील एवं अपने विशिष्ट आदिम संस्कृति के लिए विख्यात कोलेंग क्षेत्र के चार ग्राम पंचायत में आठ देव गुड़ियों के संवर्धन के लिए 40 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है |

इस अवसर पर कोलेंग क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोलेंग,कांदानार,छिंदगुड, एवं मुण्डागढ के ग्रामीणों ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी वन मंत्री मोहम्मद अकबर जी एवं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की प्रदेश की संवेदनशील सरकार के द्वारा आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए जो कार्य किया जा रहा है उसके लिए हम आभारी हैं |

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना बेनूर के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेमावन के बालक छात्रावास पहुँच कर औचक निरीक्षण किये

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पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा थाना बेनूर के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेमावन के बालक छात्रावास पहुँच कर औचक निरीक्षण किये और बच्चों से मिल कर उनके सुरक्षा ब्यवस्था पढ़ाई लिखाई एवं साफ, सफाई व रहने खाने के संबंध मे जानकारी लिए व बच्चों को पढ़ लिखकर एक कामयाब आदमी बनने को प्रेरित किया गया । छात्रावास अधीक्षक व स्कूल प्रिंसिपल से मिल कर छात्रावास में जो कुछ कमी हैं उनके बारे मे जानकारी लिए जिसे वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचाने का वादा किये। छात्रावास व स्कूल परिसर को सौंदर्यकरण करने फूल पौधे लगाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किये।

कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता…बस्तर में उद्योग आना चाहते हैं मगर लगेंगे कहां?

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। एक फिल्मी नगमा छत्तीसगढ़ के बस्तर में औद्योगिक विकास के मुद्दों पर याद आ रहा है। कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता..! बस्तर में औद्योगिक विकास की बहुत सी संभावनाएं हैं। भूपेश बघेल सरकार हर हाल में यहां का विकास चाहती है ताकि यहां के लोगों को रोजगार मिले। बस्तर में औद्योगिक विकास होगा तो यहां के लोगों को काम मिलेगा। शर्त केवल यही है कि उद्योग के लिए आदिवासियों की जमीन नहीं दी जायेगी। राजस्व भूमि पर ही उद्योग स्थापना हो सकती है। यह बहुत अच्छी बात है कि उद्योग के लिए आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। पिछली सरकार ने टाटा के लिए आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया। लेकिन उस पर उद्योग स्थापित नहीं किया गया। कांग्रेस के चुनावी वायदे के मुताबिक भूपेश बघेल सरकार ने आदिवासियों की जमीन वापस लौटा दी। अब बस्तर में सहायक उद्योग स्थापित करने के लिए औद्यौगिक घराने आगे आ रहे हैं। सात सहमति पत्र हस्ताक्षरित होने की खबर के संदर्भ में अब यह चर्चा चल रही है कि इनके लिए जमीन कहां से आयेगी? उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने हाल ही स्पष्ट किया है कि आदिवासियों की जमीन दिए बिना औद्यौगिक विकास होगा। राजस्व भूमि पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। मगर दिक्कत यह है कि इतनी राजस्व भूमि उपलब्ध नहीं है। एक उद्योग स्थापित करने के लिए कम से कम 50 एकड़ जमीन एक साथ उपलब्ध होना चाहिए। बस्तर में एक साथ इतनी जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में औद्यौगिक विकास को बढ़ावा कैसे मिलेगा, यह चिंतन का विषय है। इसमें कोई संदेह नहीं कि उद्योग मंत्री कवासी लखमा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप बस्तर के औद्यौगिक विकास की संभावनाएं तलाशने काफी मेहनत कर रहे हैं और उनका साफ तौर पर कहना है कि आदिवासियों की जमीन पर अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। तब यह बहुत जरूरी जान पड़ रहा है कि जमीन का इंतजाम किया जाय। यह कैसे संभव है, यह एक चुनौती है। कठिन काम ही करने योग्य होता है। मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल का मंत्र है कि जहां चाह वहां राह और मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए..! तो अब देखना यह है कि कितने जल्द बस्तर की जमीन पर औद्योगिक फसल लहलहाएगी।

निजी स्कूलों के गुजराती प्रश्नों से गहराया विवाद

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छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया वाद को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ महतारी के बेटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिन-रात लगे हुए हैं। इसके विपरित छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल के परीक्षा पत्र में गुजरात के प्रश्न, गुजरात की कला को लेकर पूछे प्रश्न को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है।

छत्तीसगढ़़ के एक निजी स्कूल द्वारा छत्तीसगढ़िया प्रश्न से परहेज़ करते हुए गुजरात की कला व संस्कृति के बारे में प्रश्न पूछे जाने का मामला सामने आया है। यहां द्रोणाचार्य स्कूल में कला के विषय में गुजरात की हस्तकला को लेकर प्रश्न पूछा गया है जिससे बच्चे असमंजस में हैं जबकि छत्तीसगढ़िया संस्कृति का डंका पूरा देश में बज रहा है जिससे अभिभावकों द्वारा यह कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में आखिर गुजरात मॉडल का प्रश्न क्यों पूछा जा रहा है?

जानकारी के अनुसार द्रोणाचार्य स्कूल में कला विषय के प्रश्न पत्र में गुजरात के कच्छ की प्रसिद्द कला को लेकर प्रश्न पूछा गया है। प्रश्न पत्र में पूछा गया है कि कच्छ का प्रसिद्द कढ़ाई आर्ट या मिरर आर्ट को बनाने में आपको क्या क्या अनुभव हुआ अपने शब्दों में लिखिए? वहीं उसी से सम्बंधित दूसरा प्रश्न है कि कच्छ में इस कारीगरी का क्या महत्व है वर्णन कीजिए.

अब छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों से इस प्रश्न का क्या लेना-देना है यह स्कूल प्रबंधन ही बता सकता है. छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति के बारे में शिक्षा देने के बजाय गुजरात के प्रश्न आखिर क्यों पूछे जा रहें हैं और क्या स्कूल प्रबंधन द्वारा इस विषय में बच्चों को पढ़ाया गया है अथवा उनके सिलेबस में यह है की नहीं यह भी विचारणीय प्रश्न है?

गोवा में होने वाली नेशनल ट्रेडिशन रेसलिंग एंड पंक्रेशन टूर्नामेंट के लिए टीम रवाना

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छत्तीसगढ़ के ज्वाईट सेक्टरी शेख वसीम ने बताया कि 29,30,31 अक्टूबर को गोवा में होने वाली 9वीं नेशनल टूर्नामेंट में दन्तेवाड़ा के 11 खिलाडी हैं जिनमे 1. संदीप साहू 2 हेमंत विश्वकर्मा 3. आंचल कोटे 4. रूद्र नेताम 5. उत्तम ठाकुर 6. विशाखा नाग 7. ज्योति मुंडामि 8. बामनी 9. रोली मीडियामि 10. सुमन पोयाम 11. सत्यवती मरकाम  जगदलपुर से भाग लेने वाले खिलाडियों के नाम 12. शेख वसिम, 13 विवेक सोरी 14. देवेन्द्र मंडावी इन सब खिलाडियों को आगे बढ़ाने हेतु प्रेरणा दी विधायक देवती महेन्द्र कर्मा जी, पं. अध्यक्ष तुलिका कर्मा जी, राधा साहू जी, डीएसपी परवेज कुरेशी जी, टी आई आकाश मसीह सर, प्रहलाद सर, अर्जुन झा, के के पानी जी, एम डी नबी सर, तरूण तिवारी जी, प्रतीक देवांग जी, नीरज सैनी जी, अभिषेक वर्मा जी, रामचंद्र साह जी, श्री श्याम सिंह सोरी, एम.डी. असलम इन सभ ने खिलाडियों की उज्जवल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल की परीक्षा में गुजरात की कला को लेकर पूछे प्रश्न

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छत्तीसगढ़ के एक निजी स्कूल द्वारा कक्षा — के प्रश्न पत्र में गुजरात की कला व संस्कृति के बारे में प्रश्न पूछे जाने का मामला सामने आया है. यहां द्रोणाचार्य स्कूल में कला के विषय में गुजरात की हस्तकला को लेकर प्रश्न पूछा गया है जिससे बच्चे असमंजस में हैं. उनके अभिभावकों द्वारा यह कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में आखिर गुजरात मॉडल का प्रश्न क्यों पूछा जा रहा है?

जानकारी के अनुसार द्रोणाचार्य स्कूल में कक्षा — के कला विषय के प्रश्न पत्र मेंगुजरात के कच्छ की प्रसिद्द कला को लेकर प्रश्न पूछा गया है. प्रश्न पत्र में पूछा गया है कि कच्छ का प्रसिद्द कढ़ाई आर्ट या मिरर आर्ट को बनाने में आपको क्या क्या अनुभव हुआ अपने शब्दों में लिखिए? वहीं उसी से सम्बंधित दूसरा प्रश्न है कि कच्छ में इस कारीगरी का क्या महत्व है वर्णन कीजिए. अब छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों से इस प्रश्न का क्या लेना-देना है यह स्कूल प्रबंधन ही बता सकता है. छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति के बारे में शिक्षा देने के बजाय गुजरात के प्रश्न आखिर क्यों पूछे जा रहें हैं और क्या स्कूल प्रबंधन द्वारा इस विषय में बच्चों को पढ़ाया गया है अथवा उनके सिलेबस में यह है की नहीं यह भी देखने वाली बात होगी.

छत्तीसगढ़ में कई प्रसिद्द ऐतिहासिक धरोहर है, पुरातन संस्कृति में छत्तीसगढ़ के उल्लेख और उसके इतिहास के बारे में प्राथमिक शालाओं के बच्चों को जानकारी देने के बजाय आखिर गुजरात मॉडल के बारे में उन्हें क्यों पढ़ाया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्द भोरमदेव मंदिर, विश्व विख्यात बस्तर की कला, संस्कृति व प्रकृति के प्रति उनकी आस्था के बारे में जानकारी देने के बजाय अन्य राज्यों की कला व संस्कृति से बच्चों को अवगत कराना कहाँ तक सार्थक होगा. यदि अभी इन बच्चों को हमारे प्रदेश से जुड़ी विशेष उपलब्धियां, जिलों के बारे में पर्यटन स्थलों, छत्तीसगढ़ की हस्तकला जैसे बस्तर आर्ट व एनी विधाओं के बारे में शिक्षा प्रदान न कर उन्हें गुजरात के बारे में प्रश्न पूछना अनुचित है |

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वर्तमान में छत्तीसगढ़ में जिस प्रकार से यहां की कला व संस्कृति के प्रसार, उसके संरक्षण व हमारे धार्मिक व पर्यटन स्थलों को सहेजने हेतु प्रयास किया जा रहा है उससे बच्चों को अवगत कराना उनके मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. इससे उन्हें अपने प्रदेश के बारे में उसकी संस्कृति व कला के बारे में उन्हें जानकारी होगी जो आगे चलकर भविष्य में उनके लिए लाभकारी होगा, ऐसे प्रश्नों को दरकिनार कर अन्य राज्य के बारे में बच्चों को तालीम देना व्यर्थ है.हमारे छत्तीसगढ़ में कई वीर योद्धा, महान स्वतंत्रता सेनानियों जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण भी त्याग दिए, कई ऐसी प्रसिद्द धर्म स्थली है जो महाभारत व रामायण जैसे कथाओं को शास्वत करती हैं उन्हें अपने प्रश्न कोष में शामिल नहीं करना विचारणीय है.

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स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित वेतन भुगतान दो दिनों में करे जिला प्रशासन :- युवा मोर्चा..

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▪️ दो दिनों के भीतर पूर्ण करे लंबित भुगतान

▪️ युवा मोर्चा करेगी जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन

जगदलपुर:- स्वास्थ्य विभाग में तैनात डॉक्टर , नर्स, कमर्चारियों के कई माह से लंबित भुगतान को ले कर विगत दिनों भारतीय जनता युवा मोर्चा उनके समर्थन में आगे आया था। साथ ही इन विषयों को ले कर जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए बस्तर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौपा गया था, सौपे गए ज्ञापन में जल्द इस समस्या का निराकरण करने की बात भी युवा मोर्चा की ओर से की गई थी।

कल एक विषय को ले कर युवा मोर्चा की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा गया था , इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए युवा मोर्चा बस्तर जिलाध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि विगत दिनों हमारे द्वारा स्वास्थ्य कमर्चारियों के हित को ले कर जिला प्रशासन को लंबित वेतन भुगतान के विषय मे अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कोई समाधान ना होने के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों पर दैनिक जीवन यापन करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । एवम कुछ ही दिनों में दीपावली का त्यौहार भी आने वाला है । इसलिए जल्द जिला प्रशासन इस ओर कोई उपाय निकालने का कष्ट करें अन्यथा युवा मोर्चा जिला प्रशासन के खिलाफ धरना करेगा।

युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनीष पारख ने कहाँ की कोरोना संकटकाल में अपने जीवन की परवाह ना करते हुए दूसरे को जीवन देने वाले ऐसे कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने वाले सभी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का विगत कई माह से भुगतान ना मिलना निंदनीय है, एक ओर जिला प्रशासन कई कार्यो का लोकार्पण एवम भूमिपूजन करने में लगी है तो दूसरी ओर कई कर्मचारी अपने मेहनत की वेतन को तरसते नजर आ रहे है, हमारी जिला प्रशासन से माँग है कि अगर आज से दो दिनों के भीतर जिला प्रशासन इन सभी स्वास्थ्य कर्मियों की लंबित वेतनों का भुगतान नही करती है तो युवा मोर्चा सड़को पर उतरकर जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध करेगा।

इस दौरान रितेश दास जोशी, संग्राम सिंह राणा, रोहित खत्री , आनंद झा, अभिषेक तिवारी,रौशन झा, गणेश काले, काजल शांडिल्य,शिरीष मिश्रा,आलेख तिवारी,रिंकू शर्मा,अनिमेष चौहान,सतीश बाजपेयी,प्रेम यादव,सम्राट तिवारी,सूरज मिश्रा, राज पांडेय,जिंतेंद्र गुप्ता, ओम प्रकाश सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

दल्लीराजहरा के नौ पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के उत्कृष्ट कार्य को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्मानित किया गया

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पुलिस कंट्रोल रूम बालोद में आज शाम 4:30 बजे से पुलिस अधीक्षक द्वारा , पिछले 03 माह में जिला बालोद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों/ कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुरस्कृत किया जाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया । जिससे वे पुनः उत्कृष्ट कार्य करें तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रेरित हों।

थाना दल्लीराजहरा

इसके पश्चात सभी थाना/चौकी प्रभारियों की मीटिंग लिया गया। जिसमें लंबित अपराध और लंबित शिकायत, लंबित मर्ग, लंबित गुम इंसान दस्तयाबी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। चोरी/नकबजनी के अपराध को रोकने हेतु सीसीटीवी कैमरा लगाने हल, बीट सिस्टम को सक्रिय करने, संपत्ति संबंधी अपराध में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।

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इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी0 आर0 पोर्ते, SDOP बालोद प्रतीक चतुर्वेदी, CSP राजहरा मनोज तिर्की, DSP बालोद नवनीत कौर तथा सभी थाना/चौकी प्रभारी उपस्थित थे।

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