बकावंड ब्लाक के सद्भावना भवन में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की बैठक संपन्न हुई।जिसमें 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस ग्राम पंचायत मूली में मनाने का तय किया गया।इसकी तैयारी हेतु सभी आदिवासी वर्गो की बैठक में सहभागीता हुई।
मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज बकावंड ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र कश्यप संरक्षक फरीश राम बेसरा उपाध्यक्ष धनुर्जय कश्यप रामचंद्र पाकलू राम गुनेश्वर मधु बंसी दुर्लभ महेश कश्यप बली धनपुर सरपंच बबलू पर गनिया भवरलाल भारती और आदिवासी वर्ग के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ आदिवासी गण उपस्थित थे |
बकावण्ड ब्लाक के अंतर्गत भारतीय जनता किसान मोर्चा द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सरगीपाल में धनुर्जय कश्यप मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व उग्र आंदोलन किया गया ।
आपको बता दें कि खाद बीज अविलंब रासायनिक खाद बीज की आपूर्ति, प्रदेश भर में अघोषित बिजली कटौती के साथ किसानों को वर्मी कंपोस्ट खाद खरीदने की बाध्यता को खत्म करने के लिए धरना प्रदर्शन किया जिसमें मुख्य रुप से उपस्थित धनुर्जय कश्यप ने प्रदेश के भूपेश सरकार को जमकर निशाना साधते हुये कहा किसानों को समय पर खाद्य नही मिल पाना।
आइये मंडल अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप व बंशी कश्यप क्या कहते हैं एक नजर देखते हैं….?
इस अवसर मे उपस्थित किसान मोर्चा कार्यसमिति सदस्य जोगेंद्र चंद्राकर, वरिष्ठ नारायण बिसाई , मोहन जोशी, जितेंद्र पानीगा्ही,भाजपा किसान मोर्चा जिला कोषाध्यक्ष संतोष बिसाई, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष बंशीधर कश्यप, भाजपा महामंत्री पुरुषोत्तम जोशी,युवा मोर्चा मंडल महामंत्री पिताम्बर कश्यप ,पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर, अध्यक्ष युवा मोर्चा सुनील सेठिया, गणेश (बबलू) परगनिया,पाकलु कश्यप,लक्ष्मीनारायण बिसाई,तर्मेंद्र बिसाई, संत कुमार बिसाई,बली बघेल, फगनू भारती, एवं भाजपा के सदस्य बड़ी संख्याओं में मौजूद रहे।
जैसा कि आप सभी जानते है की छत्तीसगढ़ शासन और डी ए वी कॉलेज मैनेजिंग नई दिल्ली द्वारा संचालित हैं पिछले साल भी शाला का रिजल्ट 80 प्रतिशत के साथ प्रथम था।इस बार भी कोविड -19 और (30%+30%+40%प्रणाली पर आधारित हैं) में भी शाला के प्राचार्या के एन जयालक्ष्मी और स्कूल परीक्षा नियंत्रक सुयश मानिकपुरी, शिक्षक अविनाश, तपन नायक, दैयपायन नाग, सुनैना यादव, दिव्या साहू क्लर्क पंकज चक्रधारी शिक्षक- शिक्षिकाओं के अथक प्रयास से सौ फीसदी रिजल्ट देकर तोकपाल विकास खंड का मान बढ़ाया हैं जिसमे कु.भावना ठाकुर ने 78.2% प्रतिशत प्राप्त कर पूरे 12 वी क्लास के विज्ञान समूह से टाप किया हैं, दूसरे स्थान पर कु. दिलेश्वरी कश्यप जिन्होंने 76.8% प्रतिशत अंक हासिल किए, तीसरे स्थान पर भागेश्वरी मौर्य रही जिन्होंने 76.4%प्रतिशत अंक हासिल किए इसके बाद के विद्यार्थीयो में भिषेक साहू 76.2%(चौथा स्थान), त्रिलोचन कश्यप 74.8%(पांचवा), रूकनाथ कश्यप 74.6%(छटवां), भागबती बघेल 73.8%(सातवा), पुरषोत्तम कश्यप 72.2%(आठवां) , तेजेश्वरी राणा 72%(नौवां), श्यामबती मौर्य 71%(दसवां) प्रतिशत अंक हासिल किए सभी विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल हैं। इस शानदार उपलब्धि पर संस्था प्रमुख प्राचार्या श्रीमती के एन जयालक्ष्मी ने सफलता का मूलमंत्र टाइम मैनेजमेंट को बताया और सभी विद्यार्थियों को भविष्य की शुभकामनाएं दीं । वहीं बस्तर जोन की प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती चेतना शर्मा ने सफलता का श्रेय छात्र -छात्राओं और शिक्षक- शिक्षिकाओं के कड़ा मेहनत को बताया, साथ ही साथ छत्तीसगढ़ जोन के क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि इस सफ़लता का मूलमंत्र कड़ा मेहनत और कुशल प्रबंधन, टीम वर्क को बताते हुए छात्र -छात्राओं के सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
बस्तर के दीपक का…दिल्ली में चमक…. बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते, ढूंढ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी, जुगनू कभी रौशनी के मोहताज नहीं होते.
दिल्ली संसद घेराव कार्यक्रम में बस्तर सांसद दीपक बैज…. राहुल गांधी के साथ कंधे पर कंधा मिलाकर अपने सैकड़ो युवा कांग्रेसी साथियों के साथ केंद्र सरकार का विरोध करते हुये।
जगदलपुर । नये बस स्टैंड चौकी प्रभारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बस स्टैंड प्रांगण में किसी यात्री का मोबाईल छुट गया है। वीवो कंपनी के इस मोबाईल को बस स्टैंड के एक आटो चालक चरण ने लाकर पुलिस चौकी में जमा कराई है। उसी के अनुसार शायद रात्रि पहर कोई यात्री आटो में सोया होगा तो उसका मोबाईल गिर गया होगा। चौकी प्रभारी कांतोपानी ने बताया कि मोबाईल को सुरक्षित रूप से पुलिस चौकी में रखा गया है। जिस किसी का भी वह मोबाईल हो वह पहचान बताकर उसे ले जा सकता है। विदित हो कि पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी बोधघाट धनंजय सिन्हा के दिशा-निर्देश पर बस स्टेैंड प्रांगण में पुलिस चौकी के जवान तत्परता से अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
जगदलपुर – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को जगदलपुर गोलबाजार चौक में रामानुजगंज विधायक ब्रहस्पति सिंह का पुतला जलाकर विधायक पद से इस्तीफे की मांग कि नाराज कार्यकर्ताओं ने विधायक पर जनजाति समाज के अपमान का आरोप लगाया।
अभाविप के जिला संयोजक कमलेश दीवान ने बताया कि उक्त विधायक ल द्वारा पत्रकारों के पूछे गए सवाल पर “सरगुजा के अंगूठे छाप आदिवासीयों की तरह सवाल न करें ” कहकर जनजाति समाज का अपमान किया है यह आदिवासी कांग्रेसी विधायक के यह शब्द कांग्रेसी मानसिकता का दर्शाता हैं। अपने आप को आदिवासी राज्य का मुख्यमंत्री बता कर पूरे देश मे वाह वाही लूटने वाले भूपेश बघेल जी आज आदिवासी समाज के अपमान के बाद भी मौन हैं। और अपने आप को आदिवासी समाज का मसीहा बताने वाली कांग्रेसी आज बहरी बन के बैठी हैं। प्रदेश के ऊंचे मुकाम पर बैठे आदिवासी भाई क्या अँगूठा छाप हैं.?? ये केवल आदिवासी समाज का ही नही अपितु पूरे छग का अपमान हैं।
दीवान ने आगे कहा की अभाविप यह मांग करती हैं की विधायक व्रिस्पति सिंह माफ़ी माँगे और उनको विधायकी पद से हटाया जाए। पुतला दहन के दौरान विभाग संयोजक अर्पित मिश्रा,जिला संयोजक कमलेश दीवान,आसमान बघेल, गजेंद्र बघेल,पीतेश्वर,वरुण साहनी,अतुल राव, कार्तिक जैन,शुभम बघेल,अच्युत सामन्त, चंदन ,लखेश्वर बैध, हेमकांत सिन्हा,यश ध्रुव, सिद्धार्थ, तुला राम मौर्य ,खलिम कश्यप, संतो कश्यप,गोवर्धन, सामु राम, महेश मौर्य बलिराम नीलम वरुण पुरषोतम सचिन नीलू मौर्य,सचिन यादव ,सौरव वर्मा , प्रेम बघेल समेत अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सर्व आदिवासी समाज व प्रभावित संघर्ष समिति हुए फर्जी एफ.आई. आर. के विरोध में सड़क पर लामबंद, एफ. आई.आर. वापस लेने दिया राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन
प्रदेश सरकार पर लगाया आदिवासियों की जमीन छीनने और पूंजीपतियों को बेचने का आरोप
भानपुरी/- सर्व आदिवासी समाज जिला बस्तर व प्लांट प्रभावित ग्राम संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार के इशारे पर आदिवासियों की उपजाऊ जमीन को छीन कर पूंजीपतियों को देने और प्लांट के विरोध में आए आदिवासियों पर प्रशासन द्वारा फर्जी एफ. आई. आर. करने के विरोध में आदिवासी समाज ने हजारों की संख्या में बस्तर में एकत्रित होकर मुख्य मार्ग पर पैदल मार्च कर महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम बस्तर को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व सांसद व भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कश्यप जी ने कहा कि बस्तर गुलामी काल में मुगलों और अंग्रेजो से लड़ा आज प्रदेश में ऐसी स्थिति हो गई है कि कांग्रेस की सरकार से अपने हक व अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है श्री कश्यप जी कहा की लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुआ है हमें सरकार के अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ना है, चपका हमारी सांस्कृतिक धार्मिक व महत्वपूर्ण धरोहर है वहां प्लांट लगने नहीं देंगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री व आदिवासी नेता केदार कश्यप जी ने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक सभी आदिवासी एक हैं सरकार आदिवासियों के प्रति ओछी मानसिकता रखना बंद करें, एक तरफ सरकार टाटा की जमीन वापस कराने का ढिंढोरा पूरे देश में पीट रही है वहीं दूसरी तरफ बस्तर जैसे वनवासी क्षेत्रों में वनवासियों की उपजाऊ जमीन को छीनकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों बेचने का काम कर रही हैं।
कश्यप जी ने कहा की सरकार को ऐसी कौन सी मजबूरी हुई की धारा 144 और लॉकडाउन की स्थिति में प्रभावशील होने के बावजूद 12 ग्रामों की आदिवासियों को जनसुनवाई में बुलाकर सरकार के इशारे पर फर्जी एफ. आई. आर. कराया आदिवासी की आवाज कुचलना चाहती हैं जिसका पूरा प्रदेश विरोध करता हैं, सरकार की दमनकारी नीतियों और प्लांट के विरोध में पूरे बस्तरवासी एकजुट होकर आज सड़क में धरना देने को मजबूर हैं सरकार को नही है सुध।
इस अवसर पर पूर्व विधायक लच्छू राम कश्यप, सर्व आदिवासी समाज के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम तोड़ेम, सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप, महेश कश्यप, संघर्ष समिति अध्यक्ष चंद्रू बघेल, व प्रभावित ग्राम के ग्रामवासी उपस्थित थे, सभी ने एक स्वर में प्लांट व फर्जी एफ. आई. आर. का विरोध किया और निरस्त करने की मांग की।
देवार जाति के लोगों को मिले भूमि हक स्वामी और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिले यह हमारी कोशिश रहेगी , आम नागरिकों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है लोकेश्वरी गोपी साहू,अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा |
विद्या शर्मा उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा ने कहां देवार जाति के लोगों को राजीव आश्रय योजना पट्टा मिलना उनका हक है यह पूरी होनी चाहिए |
नारायण सिन्हा वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद ने कहा की दीवार जाति के लोगों को एवं अन्य समुदाय के भूमिहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिले यह हमारा उद्देश्य |
लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा और विद्या शर्मा उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा एवं नारायण सिंह सिन्हा पार्षद वार्ड क्रमांक 14 ने अनुविभागीय अधिकारी प्रेमलता चंदेल और तहसीलदार मान रामरतन दुबे जी को वार्ड क्रमांक 14 मे स्वर्गीय लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम के पास और तलाब पार के नीचे 35 वर्षों से शासकीय भूमि पर का काबिज डौंडीलोहारा नगर में निवासरत देवार जाति/ एवं देवार समाज के 11 परिवार के मुखिया के नाम से छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण राजीव आश्रय योजना के तहत देवार समाज के सभी नागरिकों को भूस्वामी हक में राजीव आश्रय योजना का पट्टा प्रदान करने के लिए और वार्ड क्रमांक 11 में निवासरत देवार जाति व अन्य समाज के लोग शासकीय भूमि पर 35 वर्षों से काबिज हैं जो की 28 परिवार निवासरत है उसे भी राजीव आश्रय योजना मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत भूमि हक स्वामी पट्टा प्रदान करने के लिए ज्ञापन सौपकर नियमानुसार अति शीघ्र कारवाही करने की मांग की गई ताकि डौंडीलोहारा नगरी क्षेत्र में 35 40 वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा करके झोपड़ी बनाकर रहने वाले
देवार समाज व अन्य समाज के नागरिकों को डौंडीलोहारा नगर पंचायत के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाई जा सके इसके लिए लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा द्वारा पूर्व में माननीय तहसीलदार ,एसडीएम और कलेक्टर प्रशासन अमला के साथ-साथ माननीय नगरी निकाय मंत्री डेहरिया जी से भी चर्चा किए गए हैं इस बीच शासन और प्रशासन के माध्यम से आने वाला समय में जल्दी से जल्दी समस्या का समाधान निकाल कर राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा प्रदान करने का रास्ता निकालने की कहीं गई और साहू द्वारा तहसीलदार एसडीएम कलेक्टर और नगरी निकाय मंत्री शिव डेहरिया एवं माननीय राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल जी से मांग की गई की इस समस्या का हल निकालते हुए चट्टान भूमि को आबादी भूमि , घास भूमि या नजूल भूमि घोषित कर डौंडीलोहारा नगर में आवास विहीन देवार समुदाय एवं अन्य समाज के लोगों को राजीव आश्रय योजना या अन्य किसी योजना का लाभ देते हुए पट्टा प्रदान करने और डौंडीलोहारा नगर पंचायत क्षेत्र से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई ताकि हमारे नगर के आवास विहीन नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाई जा सके।।
काँकेर साँसद मोहन मंडावी ने लोकसभा सत्र के दौरान अपने क्षेत्र की जनहित माँगो को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर उन्हें अवगत करा रहे है।दिनांक 04/08/21 को केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फगनसिंह कुलस्ते से भेंट कर उन्हें खदान प्रभावी क्षेत्रो में C.S.R व D.M.F मद का ,दल्ली राजहरा में प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना,मूलभूत सुविधाओं का गुडवत्ता पूर्वक निर्माण स्वास्थ्य सुविधा तथा बी एस पी प्रबंधन द्वारा अस्पतालों में बेहतर सुविधा देने की माँग की गई।
विगत दिनों भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के कैप्टिव खदानों में कार्यरत श्रम संगठन खदान मजदूर संघ भिलाई के केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक भिलाई में संपन्न हुई जिसमे राजहरा, नंदिनी एवं हिरीं से पदाधिकारियों ने भाग लिया। उक्त बैठक भा.म.सं. के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी खदान एस.एम.पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई उसकी जानकारी देते हुए संघ के महामंत्री एम.पी.सिंह ने बताया कि उक्त बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमे सर्वप्रथम संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई जिनमें भविष्य में किये जाने वाले कार्यों एवं रणनीति पर प्रमुखता से चर्चा एवं विचार विमर्श किया गया। उसके उपरांत सभी इकाइयों से आये प्रतिनिधियों ने अपने अपने इकाईओं में कार्यरत कर्मियों के समस्याओं को रखते हुए उनके त्वरित निदान हेतु आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की जो इस प्रकार से हैं-
(1) सबसे पहले सेल कर्मियों के वेतन निर्धारण में हो रहे देरी के लिए सेल प्रबंधन के टाल मटोल रवैये की निंदा की गयी। इसके उपरांत सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित की गयी कि सेल कर्मियों के वेतन निर्धारण में हो रही देरी के लिए काफी हद तक प्रबंधन तंत्र में मौजूद भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। आज लगभग सभी क्षेत्रों में अधिकारीगण कार्यों को ऑफ लोड करते जा रहे हैं। नियमित कर्मियों की संख्या में जहाँ निरंतर गिरावट हो रही है वहीं दूसरी तरफ उत्पादन एवं उत्पादकता में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद सेल प्रबंधन कर्मियों को उनके वाजिब हक देने में आना कानी कर रहा है। सेल प्रबंधन के इस प्रवृत्ति का भा.म.सं. पुरजोर विरोध करता है और स्पष्ट मांग करता है कि सेल प्रबंधन अपनी नीतिओं को बदले और अधिकारी एवं गैर अधिकारी वर्ग के सभी कर्मियों को सामान रूप से ग्रोथ का अवसर प्रदान करे। इस सम्बन्ध में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से भा.म.सं. के प्रतिनिधियों द्वारा एनजेसीएस में दिए गए प्रस्ताव ग्रोथ एट पार विथ एक्सेक्यूटिवेस का समर्थन करते हुए आशा व्यक्त की कि 12-13 अगस्त को होने वाले एनजेसीएस की बैठक में सेल प्रबंधन अपने संकीर्ण सोंच के दायरे से बाहर आकर कर्मी हितार्थ सही निर्णय लेगा और भा.म.सं. की मांग पर क्रियान्वयन करते हुए वेतन समझौता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
(2) चूँकि डीपीई के जिस गाइड लाइन का हवाला देते हुए सेल प्रबंधन ने कर्मियों के वेतन समझौते के मद में रखे गए राशि को वापस लिया उक्त गाइड लाइन अधिकारी वर्ग के कर्मियों पर लागू होता था लेकिन उसे गैर अधिकारी वर्ग के कर्मियों पर भी सेल प्रबंधन ने गलत तरीके से थोप दिया। ऐसे में अब यह सेल प्रबंधन का नैतिक दायित्व बनता है कि अब जब वेतन समझौता वार्ता शुरू हो चुकी है तो वो उसी तथाकथित डीपीई गाइड लाइन में उल्लेखित अधिकतम लाभ गैर अधिकारी वर्ग के कर्मियों को भी देवे। संघ के दृष्टिकोण में गैर अधिकारी एवं अधिकारी वर्ग दोनों ही कामगार हैं। ऐसे में एक वर्ग को अधिकतम सुविधा और एक वर्ग को कम से कम सुविधा उपलब्ध करने की संकीर्ण मानसिकता से कंपनी को नुकसान के सिवाय और कुछ हासिल नहीं होने वाला है। आज अगर कंपनी के नियमित मैन पावर संख्या में भरी गिरावट के बावजूद उत्पादन और उत्पादकता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है तो उसका मुख्य वजन गैर अधिकारी वर्ग केकर्मियों की म्हणत और लगन है। ऐसे में इस वर्ग के साथ अगर सेल प्रबंधन भेद भाव करता है तो संघ इसका पूरजोर विरोध करेगा।
(3) नंदिनी एवं हिर्री से आये प्रतिनिधियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा अपनाये जा रहे भेद भाव की निति का विरोध करते हुए मांग की कि राजहरा खदान समूह के कर्मियों को जिस तरह से उत्पादन एवं उत्पादकता बनाये रखने हेतु नॉन-फाइनेंसियल स्कीम के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है और नंदिनी एवं हिर्रा के कर्मियों को इस स्कीम के लाभ से वंचित रखा जा रहा है उससे नंदिनी एवं हिरी खदानों के कर्मियों में रोष घर करता जा रहा है जो की आने वाले समय में कंपनी के लिए उचित नहीं है। अतः संघ ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि इस मामले को भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के समक्ष रखते हुए यह सुनिश्चित किया जावेगा कि उक्त स्कीम का लाभ नंदिनी एवं हिरी खदान के कर्मियों को भी मिले।
4) इसके अलावा सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि कोरोना काल में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा ना तो सही तरीके से स्थायी आदेश (खदान) का पालन किया गया और न ही अपने स्वयं के द्वारा समय समय पर निकाले गए परिपत्रों का पालन किया गया बल्कि एक विशेष श्रम संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर कर्मियों के हितों को कुचलने का प्रयास किया गया जिसका संघ निंदा करता है। संयंत्र प्रबंधन के इस मन-मानी पूर्ण रवैये के वजह से कई कर्मियों को कोरोना काल के दौरान अपने अथवा अपने परिजनों के इलाज पर खर्च किये गए राशि का भुगतान होना लंबित है अथवा प्रबंधन द्वारा इसे नकार दिया गया है।
कई परिपत्रों में प्रबंधन ने हिरी खदान के कर्मियों के साथ भेद भाव करते हुए इस परिपत्र का लाभ केवल दुर्ग और रायपुर क्षेत्र तक ही सिमित करके रख दिया जिससे हिरी के कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा क्वारंटाइन में रहने वाले कर्मियों को उनके खुद की छुट्टी लेने हेतु मजबूर किया गया जबकि कुछ कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम का लाभ दिया गया। इस तरह से प्रबंधन के कार्मिक विभाग के अधिकारीयों ने खुले आम भाई-भतीजावाद की जिसका संघ विरोध करता है और सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित करता है कि अगर प्रबंधन कर्मियों को उनके स्वयं अथवा परिजनों के इलाज पर खर्च की गयी राशि का भुगतान एवं क्वारंटाइन हेतु कर्मियों द्वारा लिए गए स्वयं के छुट्ठी को वापस लेते हुए वर्क फ्रॉम होम अथवा स्पेशल कासुअल लीव नहीं देता है तो मामले को आरएलसी के समक्ष औद्योगिक विवाद के तहत पेश करते हुए समस्या के समुचित निराकरण की मांग की जावेगी।
इसके अलावा कर्मी हितों से जुड़े और भी अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में राजहरा से एम.पी.सिंह, लखन लाल चौधरी, नंदिनी से उमेश मिश्रा, हिरी से राजेश बिसेन,अशोक नामदेव एवं भा.म.सं. संघ के प्रदेश प्रभारी खदान एस.एम.पांडेय उपस्थित रहे।