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कभी इस पार, कभी उस पार, अन्तर्राज्यीय रेत माफिया का बेधड़क कारोबार…

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य की सीमा को जोड़ने वाली भसकेल नदी में अंतरराज्यीय रेत माफिया का साम्राज्य स्थापित है और रेत माफिया के सामने दोनों राज्यों का प्रशासन व पुलिस कितनी सख्त है, इसकी झलक भी जब तब देखने मिलती रहती है। नदिया के इस पार सख्ती बढ़ी तो उस पार रेत खनन और उस पार कड़ाई हुई तो इस पार अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलता है। अब छत्तीसगढ़ की पुलिस नदिया के पार ओड़िशा में तो रेत खनन रोकेगी नहीं और ओड़िशा पुलिस को क्या गरज पड़ी है कि इस पार छत्तीसगढ़ में आकर रेत माफिया पर हाथ डाले। जानकारों का कहना है कि यह अवैध खनन दोनों तरफ मिलीभगत से चल रहा है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 20 जून को छत्तीसगढ़ प्रदेश के बकावंड तहसील अंतर्गत बजावंड में जिले के माइनिंग विभाग की टीम द्वारा एक रेत माफिया पर कार्यवाही करते हुए रेत व भारी वाहन जप्त किया गया जिसके दो दिन बाद फिर रेत माफिया द्वारा ओड़िशा के कोडेंगा क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए रेत को अन्य जगहों पर डंप करना दोनों राज्यों के जिला प्रशासन को चुनौती नहीं तो क्या है। दूसरी तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म है कि प्रशासन व पुलिस के साथ साठगांठ किए बिना अवैध उत्खनन कैसे हो सकता है?

भाजपा नेता ने लगाए गंभीर आरोप

भारतीय जनता पार्टी के बस्तर जिले के नगर मंडल अध्यक्ष सूरेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि माफिया राज इस कदर दोनों राज्यों में हावी है कि माफिया पर कार्यवाही के दो दिनों के भीतर ही फिर बदस्तूर अवैध उत्खनन कर प्रशासन को खुली चुनौती दी जा रही है।

हत्या के आरोपी को चंद घण्टे में धनोरा पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल

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अमरेश झा, कोंडागांव

कोंडागांव / केशकाल :- कोंडागांव जिले के धनोरा थाने क्षेत्र में 23 जून के रात्रि करीबन 09.00 बजे एक व्यक्ति नशे की हालत में आकर खाना मांगने पर खाना ठीक से नहीं बना है बोलकर मारपीट करने लगा उसी समय इसका लड़का आकर बीच बचाव करने लगा तो वह उससे भी मारपीट करने लगा तब लड़का ने आये दिन लड़ाई – झगड़ा करता है बोलकर उसी के पकड़े लोहे के टंगिया को छिनकर आज तुझे जान से मार दूंगा कहकर सिर में दो बार मारकर हत्या कर दिया है ।

प्रार्थिया के रिपोर्ट पर आरोपी को धारा 302 भादवि का पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के दौरान प्रभारी पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव जीआर ठाकुर के निर्देशानुसार एवं अति. पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा, अति. पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) कोण्डागांव शोभराज अग्रवाल के मार्ग दर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी केशकाल भूपतसिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी धनोरा निरीक्षक नरेन्द्र सिंह पुजारी द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये थाना धनोरा से टीम गठित कर आरोपी पता तलाश हेतु रवाना हुये पता तलाश दौरान आरोपी अस्सीराम पिता स्व. रैनूराम जाति गोंड़ उम्र 19 वर्ष साकिन हाटचपई थाना धनोरा जिला कोण्डागांव ( छ.ग. ) को कुछ ही घण्टे में दिनांक 24 जून को गिरफ्तार कर के समक्ष दिनांक 25 को पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया । आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयोग हुआ टंगिया भी बरामद किया गया ।

उक्त कार्यवाही में निरीक्षक नरेन्द्र सिंह पुजारी उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय , सउनि गोपालसिंह ठाकुर , प्र 0 आर 0 54 मुपेन्द्र कुमार साहू 237 सुखनंदन पिस्दा , 270 तेजराम सिदार , 263 विनोद बेक , 264 रोमानियुस मिंज , आर 0 797 नेहरूलाल सोम , 465 मनोज बंजारे , 655 भारत नेताम , 537 अगमराय नाग , सहा 0 आर 0 2010 नेश मरापी , गोपनीय सैनिक राजेश , मनोहर दीवान का कार्य सराहनीय रहा ।

बस्तर पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत् विगत 21 वर्षो से हत्या एवं लुट के मामले में फरार स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया गया

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उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में शहर में असमाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिस तारतम्य में शहर के अलग अलग क्षेत्रों में विगत कई वर्षो से फरार स्थायी वारंटी को विशेष अभियान चला कर, गिरफ्तार किया गया है। उमनि0 एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा व अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में अलग-अलग टीम गठित किया गया।

थाना कोतवाली जगदलपुर में हत्या एवं लुट के मामले में विगत 21 वर्षो से लगातार फरार चल रहे स्थायी वारंटी को पता तलाश कर, गिरफ्तार किया गया। जो माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर के प्रकरण क्रमांक 47/2001, अपराध क्रमांक-479/2000 धारा 147,302,भादवि0 एवं प्रकरण क्रमांक-43/03 धारा 324 भादवि0 तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जगदलपुर के प्र0क्र0-377/03 धारा 392 भादवि0 के प्रकरण में जारी स्थायी वारंटी विद्यासागर पिता धीरनाथ उम्र 34 साल निवासी गोरबहार, सतोषा थाना करपावंड, जिला बस्तर (छ0ग0) जो घटना कारित कर लगातार फरार था। जिसका पता तलाश दौरान मुखबीर सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वारंटी की गिरफ्तारी हेतु तुरंत टीम करपावंड रवाना किया गया। जहाॅ पर टीम द्वारा आरोपी को पता तलाश कर पकड़ा गया। जिसे गिरफ्तार कर, माननीय न्यायालय में विधिवत् पेश किया गया है।

महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पुलिस अधिकारीः-

निरीक्षक- दिलबाग सिंह
सहा0उनि0-विनायक सिंह ठाकुर
आरक्षक-सोमा कवासी

जान दांव पर लगाकर खाद लेने को मजबूर अन्नदाता, इंतजार करते-करते गई जान

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बालोद जिले में खाद की किल्लत से किसान जूझ रहे हैं. समस्या इतनी की किसानों को कई दिन अपनी बारी का इंतजार करते घंटों लाइन में खड़ रहना पड़ता है. इसी समस्या से जूझते हुए एक किसान ने अपनी बारी का इंतजार करते-करते जान गवां दी है. घटना के बाद किसानों में आक्रोश व्याप्त है. बता दें कि, बालोद जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर परसदा सोसाइटी में किसान बंसीलाल साहू 65 वर्षीय निवासी बुधवार को परिचय पत्र जमा कर अपनी बारी का इंतजार करते रहा, लेकिन नंबर नहीं आया. इसके बाद दूसरे दिन गुरुवार को किसान दोबारा खाद लेने सोसायटी गया.

जहां सुबह से लगभग 5 घंटे लाइन में लगे होने के चलते सांस फूलने लगी और चक्कर खाकर गिर गया. तत्काल 108 की मदद से किसान को जिला अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया. वहीं घटना के बाद किसानों में आक्रोश व्याप्त है. किसान की मौत के बाद ये सवाल उठता है कि अन्नदाता किसानों का खुद को हितैषी बताने वाले लोग अब कहां चले गए. सवाल ये भी उठता है कि किसानों की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा और इनकी खाद की समस्या कब हल होगी.

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आलेख – कश्मीर अब पूरी तरह हमारा है…विष्णुदेव साय

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जम्मू कश्मीर को देश के संविधान के दायरे में लाने सबसे पहले आवाज उठाने वाले महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के संदर्भ में यह उद्घोष उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है कि शहीद हुए थे जहां मुखर्जी वह कश्मीर अब पूरी तरह हमारा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का यह प्रण आजादी के 7 दशक बीत जाने के बाद तब पूरा हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अगस्त 2019 में संसद में संविधान के अनुच्छेद 370 एवं 35-ए को खत्म करने का अध्यादेश पारित कराया। इसके बाद ही जम्मू कश्मीर सच्चे अर्थों में भारत का अभिन्न अंग बना। साज़िश के तहत जिन शर्तों और नियमों के साथ जम्मू कश्मीर को भारत में शामिल किया गया था, उसके विरुद्ध डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी शुरु से ही मुखर थे। उन्होंने जम्मू कश्मीर जाकर अपना विरोध दर्ज कराया। लेकिन दुर्भाग्य से उनके जीवन काल में उनका स्वप्न साकार नहीं हो सका। रहस्यमय परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका निधन हो गया। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी देश की अखंडता के लिए बलिदान देने वाले पहले व्यक्ति थे। डॉ मुखर्जी का सपना सच होने के बाद जम्मू कश्मीर के हालात में आया क्रांतिकारी परिवर्तन इस सत्य का प्रमाण है कि यदि तब देश को कश्मीर से अलग थलग करने वाली शर्तें लागू न की गई होतीं तो परिस्थिति वह नहीं होती, जो सत्तर साल के दौरान सामने आई। लेकिनअब जम्मू कश्मीर का विकास संभव हो गया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने विकास की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

चालू वित्त वर्ष के बजट में केंद्र सरकार ने धरती के स्वर्ग को संवारने पुख्ता इंतजाम किया है। केवल कश्मीर ही नहीं, आज हम जो बंगाल देख रहे हैं, वह भी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने ही गढ़ा है। यदि उन्होंने बंगाल के विभाजन का पक्ष न रखा होता तो पूरा बंगाल ही भारत के हाथ से निकल गया होता। भारत विभाजन की त्रासदी के शिकार हुए लाखों शरणार्थियों की सेवा के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने मिसाल कायम की, वह अद्वितीय है। तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू की नीतियों के विरोध में उद्योग मंत्री का पद त्याग देने वाले डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने देश को वह उद्योग नीति दी, जिससे औद्योगिक विकास हो सका। यदि कांग्रेस और नेहरू ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के विचारों की गंभीरता को देशहित में स्वीकार किया होता तो भारत सत्तर साल तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में उपेक्षित नहीं रहता। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी भाजपा की हर सांस में बसे हैं। जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह बदलकर कमल पुष्प रखा था। भारतीय जनता पार्टी का प्रतीक चिन्ह कमल है जो उनके विचारों और आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस के विरुद्ध राष्ट्रवादी विकल्प का संकल्प लिया था, जिसे भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण कर दिया है। नेहरू और कांग्रेस ने देश पर जो नीतियां थोपीं, उनसे गुलामी की बदबू आ रही थी। देश इन बेड़ियों को तोड़ने कसमसा रहा था। अवसर मिला तो अटलबिहारी वाजपेयी जी ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के पथ पर संचलन करते हुए देश को नई दिशा दी। उनके बाद कांग्रेस के दस साल में फिर देश जहां का तहां पहुंच गया तो भारत का गौरव बढ़ाने का जनादेश मां भारती के फौलादी सुपुत्र नरेंद्र मोदी को मिला। तब से अब तक आठ साल में भारत विश्व की महाशक्तियों के बीच सम्मान पा रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस के विरुद्ध जिस राष्ट्रवादी विकल्प का सपना देखा था, वह कांग्रेस ही नहीं वैश्विक परिदृश्य में भी साकार हो गया है। आज भारत विश्व बिरादरी के लिए अपरिहार्य है। भारत की उद्योग नीति इतनी सुदृढ़ हो गई है कि औद्योगिक विकास नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की संकल्प शक्ति भारत विकास की मार्गदर्शन कर रही है। भारत माता के बलिदानी सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विनम्र श्रद्धांजलि।

हरा सोना का अवैध परिवहन, शबरी पार उड़ीसा पहुंचा,विभाग बेखबर

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जगदलपुर/सुकमा। सुकमा वन मंडल के नक्सल प्रभावित इलाके के कई समितियां हरा सोना खरीदीको लेकर प्रत्येक सीजन में सुर्खियों में रही है। वन विभाग के कर्मचारियों की उदासिनता एवं ठेकेदारों से सांठगांठका फायदा हरा सोना का ठेकेदार उठा रहे है जिससे संग्राहको के शोषण के साथ-साथ शासन को भी चपत लगाया जा रहा है। इस सीजन में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। सुकमा वन मडल के कोंटा और दोरनापाल वन परिक्षेत्र में एक दर्जन से अधिक अवैध रूप से फड़ संचालित कर तेंदूपड्डाा की खरीदी हुई और अब विभाग की उदासिनता के चलते अवैध परिवहन शुरू हो चुका है। दो दिन पूर्व ही मेटागुड़ा से तेंदूपड्डाा का अवैध परिवहन करते हुए दो वाहनों में भरकर हरा सोना शबरी नदी पार उड़ीसा भेजा जा चुका है। आधा दर्जन से अधिक वाहन मेटागुड़ा में 4 दिनों से टीपी नहीं मिलने के कारण खड़ी है। ज्ञातव्य हो कि सुकमा वन मंडल में हरा सोना खरीदी से लेकर परिवहन तक में लाखों करोड़ों का खेल किया जाता है। इस खेल में वन विभाग के शासकीय सेवक का ठेकेदार के साथ सांठगांठ चलता आ रहा है। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोंटा, गोलापल्ली, पालाचलम,किष्टारम, एर्राबोर सहित अन्य समितियों में तेंदूपत्ता खरीदी से लेकर परिवहन तक लाखों का खेल चल रहा है।जानकारी के अनुसार मेटागुड़ा में तेंदूपत्ता का अस्थाई गोदाम बनाया गया है जहां से परिवहन कर स्थाईगोदाम सुकमा भेजा जाता है यही से लाखों का खेल खेला जाता है। हरा सोना शबरी पार उड़ीसा पहुंचा: जानकारी के अनुसार एर्राबोर समिति के अ एवं ब कोंटा ब समिति में क्रय किया गया तेंदूपत्ता लगभग 2200 मानक बोरा मेटागुड़ा अस्थाई गोदाम में रखा गया था जहां से स्थाई गोदामसुकमा में परिवहन को लेकर वाहन क्रमांक ओडी 30 डी 2353, ओडी 24 जी 2031, ओडी 29पी 1192, सीजी 17 केओ 7700,ओडी 30 ई 2270 सहित अन्य वाहनों में हरा सोना भरकर पिछले पांच दिनों से वाहनों को रखा गया था।

सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि बुधवार की रात दो वाहन बिना टीपी के शबरी पार उड़ीसा पहुंच चुका है। इस प्रकार से कई वाहनों से अवैध परिवहन कर हरा सोना उड़ीसा पहुंचाया जा चुका है और विभाग इस अवैध परिवहन पर पर्दा डालने में जुटा है। कमीशन के आड़ में अवैध परिवहन: विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार समिति प्रबंधक एवं वन विभाग के शासकीय सेवक का ठेकेदार से सांठगांठ कर तेंदूपड्डाा का अवैध परिवहन कर शासन को चपत लगाया जा रहा है। मेटागुड़ा में रखा तेंदूपत्ता का कोंआ के एक स्थानीय ठेकेदार द्वारा खरीदी की गई जा चुकी है। उक्त ठेकेदार के इशारों पर बिना टीपी का तेंदूपड्डाा उड़ीसा भेजे जाने की खबर है वहीं वन विभाग अवैध परिवहन पर पर्दा डालने में जुटा है। टीपी नहीं मिलने से वाहन को खड़ा रखा: मेटागुड़ा में विभग चार से पांच दिनों से तेंदूपत्ता भरकर खड़ी वाहनों के संबंध में विभाग के एसडीओ श्री ध्रुव ने बताया कि टीपी नहीं मिलने के कारण वाहनों को खड़ा रखा गया है। टीपी जारी होते ही स्थाई गोदाम सुकमा भेजे जाने की बात कही। अवैध परिवहन के संबंध में पूछे जाने पर गोल मोल जवाब देते रहे। अवैध फड़ संचालक पर भी विभाग चुप्पी साधे हुए है। अब अवैध परिवहन पर भी विभाग मौन है।

दिव्यांग बच्चे को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता की हुई सराहना

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केंद्रीय दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक में छत्तीसगढ़ की मंत्री अनिला भेंड़िया ने की शिरकत

नई दिल्ली, 24 जून 2022- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित केंद्रीय दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक में छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण विभाग की मंत्री अनिला भेंड़िया ने शिरकत की। इस मौके पर बोर्ड के सदस्यों द्वारा बोरवेल में गिरे एक दिव्यांग बच्चे के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से की गयी पहल की सराहना की गयी। बैठक में मंत्री भेंड़िया ने जिला पुनर्वास केन्द्रों को जिला चिकित्सालय के अनुरूप विकसित करने, कोरोना से प्रभावित दिव्यांगजनों के ऋण माफ करने सहित अन्य मुद्दों की ओर बोर्ड का ध्यान आकर्षित कराया।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने की। इस मौके पर विभिन्न राज्यों के मंत्री भी उपस्थित रहे।

बोर्ड की बैठक में मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा कि जिला पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं आवश्यक संस्थान है। इसे जिला चिकित्सालय के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा यदि केंद्र सरकार सहयोग देती है तो इसके लिए राज्य शासन निशुल्क भूमि और संसाधन उपलब्ध कराएगी।

बैठक में मंत्री अनिला भेंड़िया ने दिव्यांगजनों से दबाव डाल कर ऋण की राशि वसूलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कोविड जैसी आपदा में कई दिव्यांगजनों के रोजगार प्रभावित हुए हैं। नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंशियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा राज्य एजेंसियों पर दबाव बनाकर राशि की वसूली की जा रही है। ऐसे प्रकरण में उन्होंने ऋण राशि समाप्त किए जाने की मांग की।

मंत्री भेंड़िया ने जानकारी दी कि दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक स्थलों को सुगम बनाने के लिए प्रदेश की राजधानी में 100 से अधिक सार्वजनिक भवनों को बाधा रहित बनाया गया है। तथा नया रायपुर को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णत बाधारहित विकसित किया गया है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के समन्वय से अधिक से अधिक कार्यशालाओं का आयोजन कराया जाये ताकि प्रदेश के दिव्यांगजनों को इसका अधिक लाभ मिल सके। बैठक में छत्तीसगढ़ से समाज कल्याण विभाग के अधिकारी राजेश तिवारी सहित अन्य शामिल रहे।

बलिदान दिवस के रूप में रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि मनाई गई

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आज दिनांक-24.08 2022 को राजधानी रायपुर के केनाल लिंकिग रोड स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती जी प्रतीमा स्थल पर उनका 459 वीं बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मंत्री, छग, शासन, अदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, डॉ० राजकुमारी दीवान, उपाध्यक्ष, छगरा. अनु जनजाति आयोग, अर्चना पोर्ते, सदस्य, छग रा. अनु जनजाति आयोग, बी पी. एस. नेताम, पूर्व अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज उपस्थित थे। मंत्री जी के द्वारा रानी दुर्गावती जी की वीरगाथा को याद करते हुए उनके अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धाजली दी गई। डॉ राजकुमारी दीवान द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती के द्वारा मुगल शासको से लोहा लेने एवं उनकी पराधीनता को स्वीकार नहीं करने तथा बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुई को याद किया गया। सदस्य अर्चना पोते ने कहा कि रानी दुर्गावती का विवाह गोंड राजा दलपत शाह के साथ हुआ था विवाह के 04 वर्ष के बाद उनक पति राजा दलपत शाह की असामयिक मृत्यु हो गई। उन्होंने अपने पुत्रवीरनारायण को अपने सिंहासन में बिठाकर उनके संरक्षक के रूप में मध्यप्रदेश राज्य के गोंडवाना क्षेत्र गढ़मंडला में शासन किया तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने अंतिम सांस तक मुगल सेना का बहादुरी से मुकाबला किया। उनके द्वारा रानी दुर्गावती जी को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। उक्त कार्यकम में आयोग के सचिव के.एस. घुव, आयोग के समस्त स्टॉफ सर्व आदिवासी समाज, छ.ग. आदिवासी शासकीय सेवक संघ एव आदिवासी छात्र संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद थे।

धरना प्रदर्शन की बात पर मान मनौवल और त्वरित कार्य शुरू, डौंडी नगरपंचायत के वार्डो में मूलभूत सुविधा की अनदेखी का मामला

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डौंडी- कहते है कि जब तक हक की लड़ाई ना लड़ी जाए तब तक कोई भी अधिकारी अपने कार्यों के प्रति गंभीर नही होते। ऐसा ही नजारा डौंडी नगर पंचायत पर देखने को मिल रहा है। जहां के भाजपा उपाध्यक्ष रूपेश नायक ने मीडिया के हमारे प्रतिनिधि से कहा था कि नगरपंचायत डौंडी के अध्यक्ष व जिम्मेदारी के अधिकारी नगर के मूलभूत सुविधाओं को ध्यानाकर्षण कराने बावजूद कोई तवज्जो नही देकर ज्वलंत विकास कार्यो को बेवजह रोककर रख रहे है। नगरपंचायत उपाध्यक्ष रूपेश नायक ने इस बाबत निकाय अध्यक्ष व अधिकारी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन करने की बात मीडिया से कही गई। जिसकी समाचार हमारे चैनल में प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई थी कि समाचार प्रकाशन के खबर का असर हो गया। निकाय के अधिकारी संग कुछ पार्षदों के संग एक विशेष बैठक रखी गई।

जहाँ नगर के वार्डो की ज्वलंत समस्याओं को दो दिनों में पूर्ण कराने का आस्वाशन निकाय अधिकारी द्वारा दिया गया। जिसके तहत तत्काल बोरिंग की सामाग्री के पाना नट बोल्ट व जरूरत की सामाग्री तथा गली लाईन के बंद पड़े ब्लफ को मंगाया गया है और बिगड़े कार्यों को सुधार करने की दिशा में कार्य हो रहा है। सवाल यह उठ रहा कि क्या अधिकारी वर्ग जनप्रतिनिधियों की बातों का अनसुना कर रहे है या जब वे धरना प्रदर्शन की चेतावनी देते है तब अधिकारी के कान खड़े हो रहे है। मामला जो भी हो नगरपंचायत डौंडी में एक बात स्पष्ट रूप से झलक रही है कि नगरवासियों की मूलभूत सुविधा के प्रति जिम्मेदारों कि भूमिका नही निभाई जा रही है।

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कोतवाली थाने में हुआ निगरानी बदमाशों का परेड,कई के खिलाफ हो सकता है जिलाबदर

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जगदलपुर – जगदलपुर की कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के कई निगरानी बदमाशों को तलब कर परेड करवाया।इन पर जिला बदर करने के लिए पत्राचार भी किया जा सकता है। बता दें कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यही प्रक्रिया अन्य थानों में भी जारी है।

नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के निर्देश में कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने कुम्हारपारा क्षेत्र के 20 निगरानी बदमाश लक्ष्मण पिल्ले उर्फ गुड्डा, विजय वार्ड के चंकी पांडे, महारानी वार्ड के ओडी व टुट्टु , इतवारी बाजार के कार्तिक उर्फ कलेंडर सहित अन्य निगरानी बदमाशों को समझाइश दी गई। विजय वार्ड का एक निगरानी बदमाश रोहित नागे नदारद रहा। तो दूसरे वार्डों के निगरानी बदमाश भी नदारद रहे।

थाना प्रभारी एमन साहू ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सुधर जाओ वरना सुधार दिये जाओगे। एमन ने अपराधी गतिविधियां छोड़ने को कहा वरन् जिला बदर की कार्यवाही किया जा सकता है।

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