बेमेतरा – स्कूल में चल रहे क्लास के दौरान छत का अचानक प्लास्टर गिर की जाने की खबर सामने आई है। हादसे में 6 बच्चियां घायल हो गई है जिनमें दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पहली क्लास में हादसा हुआ है |
शासकीय प्राथमिक शाला रनबोड की घटना है | घटना की जानकारी मिलते ही संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे बच्चों को देखने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ पहुंचे हैं. गंभीर रूप से घायल दो बच्चियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है. संसदीय सचिव ने बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.बताया जा रहा है कि जिस स्कूल में यह हादसा हुआ है वह 22 साल पुराना है |
छत्तीसगढ़ में जितने बांध हैं 90% आदिवासियों की जमीन में बनी हुई है पर सिंचाई के लिए आदिवासियों को उसका पानी नहीं मिल पाता जो दुर्भाग्य जनक है डौंडी क्षेत्र के किसानों के विकास के लिए यह जरूरी होगा की डोंडी अंचल में जितने अपूर्ण बांध है सबका कार्य पूर्ण कराया जाए इस लड़ाई में आप लोगों के साथ किसानों की लड़ाई को प्रदेश तक भी पहुंचाना पड़े तो इसके लिए हम तैयार हैं |
धरना समाप्त कराने के लिए रेंजर एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ धरना स्थल पर पहुंचे थे | 35 साल से अधूरे चीरकन बांध (डौंडी) को पूरा कराने किसानों द्वारा किए गए आंदोलन का समर्थन करने भारतीय जनता पार्टी व किसान मोर्चा के पदाधिकारीगण समर्थन करने पहुंचे जिसमें जिला पंचायत सदस्य होरीलाल राउटे किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सोमेश् साहू पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष तोमन साहू भाजपा जिला मंत्री अनीता कुमेटी मंडल महामंत्री रामनारायण धनकर किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष मतेंद्र वैष्णोव कार्यालय प्रभारी किसान मोर्चा मननु झोरी आदि सम्मिलित हुए |
जिला पंचायत के प्रथम अध्यक्ष देवलाल ठाकुर ने चिरकन बांध कुसुमटोला बम्हनी पहुंच कर किसानों द्वारा चलाए जा रहे बांध के लिए आंदोलन का समर्थन किया |
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का कार्यकर्ता सम्मेलन गुंडरदेही में आगमन होगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय जनता पार्टी स्थानीय गुंडरदेही कार्यालय में बैठक आहूत की गई थी ।जिसमें आगामी 30 सितंबर को डॉ रमन सिंह के आगमन के कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। विपक्ष में आने के पश्चात से विधानसभा स्तर पर पहला कोई बड़ा कार्यक्रम होगा जिसमें कार्यकर्ताओं को बड़े नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आज के कार्यक्रम में गुंडरदेही विधानसभा अंतर्गत तीनों मंडल गुंडरदेही, अर्जुंदा, खेरथा के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। आपसी संघर्ष से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी में कितना जान फूक पाएंगे यह देखने योग्य होगा। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष केसी पवार, पूर्व जिला अध्यक्ष लेख राम साहू ,पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू व राजेंद्र कुमार राय, जिला महामंत्री किशोरी साहू, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष मोहन जैन तीनों मंडलों के मंडल अध्यक्ष दुष्यंत सोनवानी, प्रणेश जैन, टीनेश्वर बघेल सहित मंडलों के महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री , मोर्चा प्रकोष्ठ के प्रदेश व जिला पदाधिकारी तथा मंडल के अध्यक्ष महामंत्री सम्मिलित हुए।
दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत 08818/08824 केवटी-दुर्ग- दल्लीराजहरा डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन की सुविधा 27 सितम्बर से रेल यात्रियो की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन के द्वारा दुर्ग एवं केवटी के मध्य 08818/08824 केवटी-दुर्ग-दल्लीराजहरा डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन का दिनांक 27 सितम्बर, 2021 से प्रतिदिन परिचालन होगा । यह स्पेशल ट्रेन आगामी आदेश तक चलती रहेगी । इस गाड़ी में कोविड़ के सभी नियमो का कड़ाई से पालन करना होगा ।
जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तीरथगढ़,पेरमापारा, एवं ग्राम पंचायत मामडपाल मुनगा थाना दरभा जिला बस्तर के 15 श्रमिकों को आंध्रप्रदेश में बंधक बनाकर कार्य करवाया जा जिसमें से 4 श्रमिक भाग कर आज विधायक कार्यालय जगदलपुर पहुंचे एवं अपनी परेशानी बताई जिसपर संवेदनशील विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रदेश के श्रम मंत्री शिव डहरिया जी एवं जिला प्रशासन से बात कर बंधक श्रमिकों को आंध्रप्रदेश से छुड़ाने के लिए टीम गठित करवा कर जल्द से जल्द छुड़ाने के निर्देश दिए |
वर्षों से लाखों रुपयों का वेतन लेने वाले अधिकारी अगर मूलभूत सुविधाओं तक को अस्पताल में प्रबंधित नही कर पा रहे हैं, तब उन्हें बर्खाश्त करके उनके स्थान पर किसी जिम्मेदार व्यक्ति की पोस्टिंग क्यों नही किया जा रहा है?
शिवसेना जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि महारानी अस्पताल ग़रीबो व मध्यमवर्गीय लोगों का अस्पताल है, उपचार की आशा के साथ लोग यहां आते हैं। उनके इस विश्वास को बनाये रखना ज़िला प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। अस्पताल स्टॉफ द्वारा मरीज़ों व परिजनों से बात व्यवहार में नम्रता लाने हेतु उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए। साथ ही पूर्णतः निःशुल्क पैथोलॉजी, एक्सरे व सिटी स्कैन की सुविधा को अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुचारू रूप से संचालित करने चाहिए।
शिवसेना के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि उपचार हेतु आए मरीज़ों के परिजनों से उन्हें पता लगा कि पैथोलॉजी लैब में सभी जांच नही हो रही हैं, ऐसे में उन्हें बाहर निजी पैथोलॉजी लैब का रास्ता करना पड़ता है जहां काफी पैसे ख़र्च हो जाते हैं। इसी तरह समय पर साफ़ एक्सरे रिपोर्ट के ना मिलने पर भी काफी परेशानी होती है। मरीजों के परिजनों को दवाओं के लिए बाहर बार बार मेडिकल स्टोर्स दौड़ना पड़ता है। ऐसे में पदस्थ फार्मासिस्ट व औषधीय भंडारण की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया हैकि सिटी स्कैन मशीन भी ज़िले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मात्र कमीशन के खेल के चलते शो-पीश बनकर रखा हुआ है। निजी सिटी स्कैन जांच कर्ताओं व अस्पताल प्रबंधन के द्वारा यह सब खेल रच गया है। आम जनता को सभी मिलकर दीमक की तरह उनका खून चूस रहे हैं और चुने हुए नेता सब जानकर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक दुःख तब होता है जब आईएएस स्तर के अधिकारी भी इन सब पर जानकारी होते हुए भी अपनी आंखों में पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र बनने की कोशिश करते हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत सघन ग्राम स्तरीय योजना निर्माण की कड़ी में, बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से ग्राम और परिवार स्तर की आजीविका से सम्बंधित योजना निर्माण, उनका केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ अभिसरण करके उनको कैसे एक सतत और मजबूत योजना का रूप दिया जाए विषय पर चर्चा की गयी है! इस प्रशिक्षण में मुख्यतः मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बकावण्ड, और बिहान के स्टाफ, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, सभी यंग प्रोफेशनल, सभी क्षेत्रीय समन्यवक, एवं सभी पीआरपी भाग लिये।
राजकुमार देवांगन ,जिला कार्यक्रम समन्वयक-आजीविका , बस्तर जिला ने ये जानकारी दी कि इस योजना निर्माण की पूरी प्रकिया को एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से लागू किया जा रहा है जिसको सी. वी. एल. पी. एप्लीकेशन के नाम से जाना जाता है, जिसके तहत ग्राम एवं परिवार स्तरीय आजीविका से संबंधित संसाधनों का मानचित्रण करना , उससे जुड़े हुए समस्यायों की पहचान करना तथा उन समस्यायों का सरल समाधान हेतु विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस सी. वी. एल. पी (CVLP) मोबाइल एप्लीकेशन को TA- NRLM (टी.ए. – एन. आर. एल. एम) कार्यक्रम के तहत बनाया गया है! पहले दो दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्लॉक टीम से एरिया कोऑर्डिनेटर, पी आर पी, यंग प्रोफेशनल के साथ साथ बी . पी.एम. ने भाग लिया और तीसरे दिन में कृषि और पशु सखियों को मास्टर प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। उसके पश्चात अगले सप्ताह से इस पूरी प्रक्रिया को कार्य क्षेत्र में पूरे ब्लॉक में सभी कृषि सखी एवं पशु सखी को प्रशिक्षण का आयोजन कर आगे ले जाने की योजना है!
इसी पूरी प्रक्रिया को संचालित करने हेतु, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के तरफ़ से, (राज्य TA-NRLM टीम) से स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर, विनय राणा एवं अन्नू सिंह और एप्लीकेशन निर्माण में मदद करने वाली संस्था ध्वनि से निवेदिता ने सहयोग किया!
इस प्रशिक्षण में सीईओ, दीनानाथ राजपूत, सीईओ, भूमगादी महिला कृषक प्रोड्यूसर्स कंपनी, जगदलपुर के तरफ से सरकार की विपणन से संबंधित विभिन्न योजनाएं , जैसे PMFME पर विस्तृत जानकारी दी गयी एवं भूमगादी एफपीसी कैसे महिला किसानों को बाजार से जुड़ने एवं उनके उत्पाद को समुचित तरीके से बिक्री करने में मदद करेगी, इसपे भी जानकारी दीनानाथ ने दी। ये परियोजना बकावंड के आजीविका बड़ाने मैं मिल का पत्थर साबित होगा । थलेश जोशी बी पी एम बकावंड
वर्षों से लाखों रुपयों का वेतन लेने वाले अधिकारी अगर मूलभूत सुविधाओं तक को अस्पताल में प्रबंधित नही कर पा रहे हैं, तब उनके बर्खाश्त करके उनके सतगं पर किसी जिम्मेदार व्यक्ति की पोस्टिंग क्यों नही किया जा रहा है?
महारानी अस्पताल ग़रीबो व मध्यमवर्गीय लोगों का अस्पताल है, उपचार की आशा के साथ लोग यहां आते हैं। उनके इस विश्वास को बनाये रखना ज़िला प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। अस्पताल स्टॉफ द्वारा मरीज़ों व परिजनों से बात व्यवहार में नम्रता लाने हेतु उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए। साथ ही पूर्णतः निःशुल्क पैथोलॉजी, एक्सरे व सिटी स्कैन की सुविधा को अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुचारू रूप से संचालित करने चाहिए।
शिवसेना के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि उपचार हेतु आए मरीज़ों के परिजनों से उन्हें पता लगा कि पैथोलॉजी लैब में सभी जांच नही हो रही हैं, ऐसे में उन्हें बाहर निजी पैथोलॉजी लैब का रास्ता करना पड़ता है जहां काफी पैसे ख़र्च हो जाते हैं। इसी तरह समय पर साफ़ एक्सरे रिपोर्ट के ना मिलने पर भी काफी परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया हैकि सिटी स्कैन मशीन ज़िले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मात्र कमीशन के खेल के चलते शोपीश बनकर रखा हुआ है। निजी सिटी स्कैन जांच कर्ताओं व अस्पताल प्रबंधन के द्वारा यह सब खेल रच गया है। आम जनता को सभी मिलकर दीमक की तरह उनका खून चूस रहे हैं और चुने हुए नेता सब जानकर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक दुःख तब होता है जब आईएएस स्तर के अधिकारी भी इन सब पर जानकारी होते हुए भी अपनी आंखों में पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र बनने की कोशिश करते हैं।
आज राजहरा खदान समूह के श्रम संगठन एटक के सचिव कमलजीत सिंह मान, इंटक के संगठन सचिव अभय सिंग और खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम पी सिंग ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन डायरेक्टर इंचार्ज भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम मुख्य महाप्रबंधक राजहरा खदान समूह के कार्यलय भवन में सौंपकर ठेका कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं दस वर्षों अथवा उससे अधिक समय तक लगातार कार्य करने वाले सभी ठेका श्रमिकों को पूर्व की तरह डीपीआर करने की मांग की और तीनों श्रमिक संगठन के नेताओं ने बताया कि
(१) वर्तमान में ऐसे कई ठेके हैं जिनमे पहले नियमित कर्मी कार्य करते थे। नियमित कर्मियों की संख्या कम होने से विगत एक दशक से अधिक समय से ऐसे कार्यों को प्रबंधन ठेका पद्धति से करा रहा है जैसे – प्लांट मेंटेनेंस, टिपर मेंटेनेंस, अस्पताल में एम्बुलेंस ड्राइवर, खदान में टिप्पर, जीप आदि के ड्राइवर्स, नाम बदलकर प्लांट में मक क्लीनिंग इत्यादि।
(२) इसके अलावा नित्य नए कार्य ठेके हेतु निविदा बुलाई जाती है।
(३) इन कार्यों में कार्य करने हेतु श्रमिकों को लेकर श्रम संगठनों एवं प्रबंधन के बीच विवाद होना देखा जा रहा है। उक्त विवाद के लिए हम सभी श्रम संगठन प्रमुख रूप से प्रबंधन को जिम्मेदार मानते हैं।
(४) महोदय, राजहरा की प्रचलित परंपरा के अनुसार अगर किसी कार्य के लिए रिपीट टेंडर होता है तो पहले से ही उक्त कार्य में कार्यरत श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पर लिया जाता है। इस परंपरा का लगभग सभी श्रम संगठन पालन करते आ रहे हैं।
(५) किन्तु विगत कुछ समय से यह देखने में आ रहा है कि प्रबंधन के कतिपय अधिकारी विशेष रूप से एक वर्ग विशेष के लोगों को ही काम पर रखने हेतु दवाब बनाने का प्रयास करता आ रहा है। ठेका श्रमिकों के निविदा में ऐसे नियम और शर्त डाले जाते हैं जो कानूनन गलत हैं। जैसे, कुछ निविदाओं में कामगारों के लिए दस वर्ष का अनुभव चाहिए होता है, तो कुछ निविदाओं में अप्रत्यक्ष रूप से नियम और कानून का गलत सहारा लेते हुए वरिष्ठता को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही जाती है।
(६) किसी भी कार्यरत ठेके में धीरे धीरे तय संख्या से अधिक श्रमिकों को रख लिया जाता है और उनसे विविध विविध कार्य कराये जाते हैं। कुछ समय के बाद इन श्रमिकों के लिए प्रबंधन द्वारा एक ठेका निकल दिया जाता है और फिर अपने चाहते को रखने के लिए दवाब बनाया जाता है। पूछने पर अधिकारीयों द्वारा यह कहा जाता है कि उक्त श्रमिक पुराने हैं यह कहा जाता है कि ये श्रमिक खली बैठे हैं इसलिए इन्हे काम पर रखना होगा।
(७) इसी तरह के और भी अन्य कई दृष्टान्तहैं जिनमे कुछ अधिकारी विशेष लगाओ दर्शाते हुए अपने चहेतों के लिए हर संभव तरीके अपनाते हैं चाहे वो तरीका गलत या गैरकानूनी ही क्यों न हो।
(८) महोदय, आज कई ठेके बंद पड़े हैं और उन ठेकों में कार्यरत श्रमिक भूखे मर रहे हैं। लेकिन प्रबंधन उनके लिए रिपीट निविदा निकलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती है लेकिन अपने चहेते आदमियों के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाने से कोई परहेज ना करनेवाले अधिकारीगण अपने चहेतों के लिए सभी नियम और कानून ताक पर रख देते हैं। माइंस ऑफिस में रूम सर्विस का ठेका, टाउनशिप में डोर तो डोर क्लीनिंग का ठेका, पूर्व में हुए कैंटीन का ठेका, आदि आदि ऐसे कई कार्य हैं जो बंद पड़े हैं लेकिन प्रबंधन को उन्हें शुरू करने में कोई रूचि नहीं है।
(९) इसके अलावा लगभग अधिकांश ठेकों में ठेका कर्मियों का शोषण होता है। किसी ठेके में अंडर पेमेंट की समस्या, किसी में भत्ते न मिलने की समस्या, कई ठेकों में ठेका समप्थी के बावजूद २-३ महीने का वेतन अप्राप्त होना, किसी ठेके में बोनस राशि का भुगतान न होना, आदि आदि ऐसी समस्याएं हैं जिनकी जानकारी देने के बाद भी अधिकारीगण सिवाय आश्वासन देने के औरकुछ नहीं करते हैं।
(१०) महोदय दिनांक २०.०४.२०१५ को हुए त्रिपक्षीय समझौते में सेवाकाल के आधार पर एक उच्च ग्रेड देने की ही बात हुई थी।किसी भी कार्य में सेवाकाल के आधार पर, या गलत निविदा प्रक्रिया के द्वारा अपने किसी चहेते आदमी को ही कार्य पर रखने हेतु अनुचित दवाब डालने की कोई बात नहीं हुई थी। प्रबंधन के कुछ अधिकारीयों द्वारा इस तरह के गैर कानूनी हथकंडों से इन अधिकारीयों की मंशा पर कई सवाल खड़े होते हैं और लोगों को कंपनी की निविदा प्रक्रिया पर ऊँगली उठाने का मौका मिलता है जिससे कंपनी की छवि ख़राब होती है।
(११) महोदय, इस तरह के विवादस्पद मुद्दों में घिरकर कंपनी और अधिकारीयों की छवि तो धूमिल होती ही है साथ में नगर में बैठे बेरोजगार नवयुवकों में कंपनी एवं प्रबंधन के अधिकारीयों के विरुद्ध आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी कानून व्यवस्था का रूप ले सकता है जिसके लिए प्रबंधन के चुनिंदा अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।
(१२) इन सभी अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए हम सभी अधोहस्ताक्षरकर्ता यह मांग करते हैं कि किसी भी ठेके कार्य में दस वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत सभी कर्मियों को पूर्व की तरह उन्हें डीपीआर के रूप में नियुक्ति दे दी जावे। इसके पूर्व भी वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों को डीपीआर के रूप में नियुक्ति दी गयी थी जिससे जहाँ एक तरफ कंपनी के उत्पादकता में वृद्धि हुई थी वहीँ दूसरी तरफ श्रमिकों एवं उनके आश्रितजनों को काफी सुविधा उपलब्ध हो गयी थी। साथ ही हम सभी यह मांग भी करते हैं कि ठेकों के माध्यम से अपने चहेते आदमियों को काम पर रखने के प्रयास पर अंकुश लगाया जावे और भारतीय संविधान के अनुछेद 16 का पालन करते हुए सभी को काम के सामान अवसर उपलध कराया जावे। अगर प्रबंधन द्वारा हमारी इन उचित मांगों को नजरअंदाज किया जाता है तो मजबूरन हम सब अधोहस्ताक्षरित श्रम संगठन को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय राजहरा खदान समूह और बीएसपी प्रबंधन की ही होगी। इन मुद्दों पर प्रबंधन से चर्चा हेतु हम सभी हमेशा तैयार हैं।
बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपक़ा ब्लॉक बस्तर का अटल टिंक्रिंग लैब का लोकार्पण स्कूली बच्चों से कराया.सर्वप्रथम ज़िला कलेक्टर सर द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित किया. पश्चात् स्कूली छात्रा से फ़ीता कटवाकर अटल लैब का विधिवत लोकार्पण किया .अपने व्यस्त कार्यक्रम में समय निकालकर ज़िला कलेक्टर रजत बसंल ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपक़ा के अटल लैब का लोकार्पण कर लैब के प्रत्येक प्रोजेक्ट व सेंसर के बारे में जानकारी ली बच्चों से सहजता के साथ कुछ प्रयोग दिखाने को भी कहा . साथ ही बच्चों से अपने लक्ष्य के बारे में पूछा तो किसी ने डाक्टर तो कुछ ने सेना में जाकर देश की रक्षा की बात कही बच्चों के जवाब से वे काफ़ी खुस हुए .स्कूल प्राचार्य लोकेश चंद्र पांडेय से अटल लैब का उद्देश्य पूछा तो बड़े सहजता के साथ इस लैब के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. पश्चात् श्री कलेक्टर सर ने स्वयं जहां क्लास लगता है वहाँ जाने की बात कही पुनःमाता सरस्वती मंदिर में दीप प्रज्वलित कर स्कूल निरीक्षण किया .9वी से12वीप्रत्येक क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठ कर कुछ सवाल किए जिसे बच्चों ने बताया .उन्होंने रसायन जीव्विज्ञान फ़िज़िक्स प्रयोगशाला का भी निरीक्षण कर कुछ और सामान उपलब्ध कराने की बात कही लाइब्रेरी देखकर कुछ सुझावात्मक बात कहीं इस निरीक्षण में जनपद सदस्य नानु कश्यप भी उपस्थित थे.
उन्होंने वॉल प्रिंट व स्कूल रखरखाव देख कर काफ़ी संतुष्ट थे .जाते जाते प्राचार्य से कुछ माँग पूछे तो प्राचार्यजी ने ख़ाली पड़े बिल्डिंग में स्वामी आत्मानंद स्कूल व 08 एकड़ ख़ाली ज़मीन बाउंड्रीवॉल कुछ अन्य माँग रखी जिसे तत्काल पुरी करने की बात कही। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रधान भारती ,जनपद सदस्य नानु कश्यप ,बस्तर तहसीलदार कमलकिशोरसाहू ,एसडीओपी भानपुरी घनश्याम कामडे ,खण्ड शिक्षा अधिकारी मोती राम कश्यप, बीआरसी राजेंद्र ठाकुर सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी सुशिल तिवारी पाणिग्रही सर लैब प्रभारी प्रेमनाथ कश्यप सर व संकुल के सभी शिक्षक व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.