राम की महिमा राम ही जाने इस कहावत को चरितार्थ कर रही है छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राम वन गमन पथ को पर्यटक की दृष्टि से आगे बढ़ाने हेतु अभियान छेड़ा है जिसके तहत बस्तर जिला एवं सुकमा जिले को इस सर्किट से जोड़ा गया है। इसी तारतम्य में सुकमा जिले से राम वन गमन पथ रथ यात्रा शुरू हुई किंतु उसका विरोध सुकमा क्षेत्र के सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने किया। इसके बावजूद बस्तर जिले में आज से दो दिवसीय राम वन गमन पथ यात्रा निकाली जा रही है। राम गमन पथ के रथ के स्वागत के लिए सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायकगण राजमन बेंजाम व चंदन कश्यप पलक पावडे बिछाये इंतजार करते हुए।
वहीं प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ को लेकर वृहद पर्यटन स्थल बनाने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने रामाराम गांव से मिट्टी लाने रथ भेजा था लेकिन वहां उसे आदिवासियों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। आदिवासियों ने रथ को उल्टे पांव लौटा दिया, उनका कहना था कि राम का रामाराम से कोई रिश्ता नहीं हजदरअसल राम वन गमन पथ बनाने के लिए रामाराम का भगवान राम से रिश्ता जोड़ते हुए मिट्टी लाने रथ को भेजा गया था। पर आदिवासियों के विरोध के बाद रथ बेरंग वापस लौट आया। रथ के साथ रामाराम गए अधिकारियों से आदिवासियों साफ शब्दों में कह दिया कि इस जगह का राम से कोई संबंध नहीं है। समाज के नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पेशा कानून का उल्लंघन किया है।
बालोद – जिला भाजपा कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति मे जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने यह जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किसानों के हित में कृषि संशोधन विधेयक बिल 2020 लोकसभा एवं राज्यसभा में बहुमत से पास हुआ जिसका वामपंथी आप पार्टी व कांग्रेस पार्टी द्वारा राजनितिकरण कर लाभ लेने विरोध कर किसानों को दिग्भ्रमित करते हुए देश का माहौल खराब कर रही है |
जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज युवा नेता व राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह एक दिवसीय प्रवास पर 14 दिसम्बर शाम 4 बजे बालोद जिला भाजपा कार्यालय में रहेंगे तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कृषि विधेयक बिल 2020 के संबंध में जानकारी देंगे इस अवसर पर बालोद जिला भाजपा के वरिष्ठ नेता गण जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित रहेंगे |
बस्तर संभाग के अति नक्सल संवेदनशील जिले के रूप में सर्वज्ञात सुकमा के घोर नक्सल प्रभावित आंतरिक ग्रामीण क्षेत्र के एक युवा ने सभी प्रतिकूल परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करते हुए चिकित्सा शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और आज मेडिकल काॅलेज में अध्ययनरत है, यह बात उस छात्र के लिए ही नही वरन् सम्पूर्ण बस्तर के लिए अत्यन्त गौरव एवं महत्व की बात है. उसकी इस सफलता से उसके गांव के बच्चों में आगे पढ़ने की प्रेरणा जागी और उनके पालकों में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति अभिरूचि भी पैदा हुई नतीजतन उस गांव के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में उपस्थिति 35-40 से बढ़कर 100 का आकड़ा लांघ चूकि है. इस जिज्ञासु, अध्येता – छात्र का नाम है – लक्ष्मण मंडावी.
लक्ष्मण मंडावी, सुकमा के नक्सली दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील क्षेत्र के एक गांव चिंदावरम का रहने वाला है, वह आदिवासी गोंड समुदाय से है. इस गांव की आबादी कुल 120 घरों की है. और वह डाॅक्टरी की पढाई एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष के छात्र के रूप में जगदलपुर स्थित शासकीय मेडिकल काॅलेज से कर रहा है. इस गांव में दस से पन्द्रह युवा जिन्हें सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा कहा जा सकता है, ने ज्यादा से ज्यादा दसवी या बारहवी तक की पढ़ाई कर पढ़ना छोड़ दिया है. उसके पिता माड़वी मुक्का की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है कमाने या आमदनी का कोई खास जरिया भी उनके पास नहीं है. उसके गांव में प्राईमरी और मिडिल स्कूल हैं.
परंतु नक्सलियों द्वारा विगत दो दशकों से संचालित हिंसक घटनाओं और पुलिस, नक्सल मुठभेड़ों जैसी घटनाओं के साथ ही नक्सलियों द्वारा शालाए बंद कराये जाने जैसी परिस्थतियां लगातार बनी रही है. फिर भी लक्ष्मण मंडावी की पढ़ाई के प्रति रूचि को उसकी बड़ी मां स्व. हिड़मी कुंजाम, जो स्वयं दसवीं तक पढ़ी लिखी थी, व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम भुसारास में कार्यरत रही है, ने पहचाना और नक्सली दबाव व हिंसा के साये से उसे हटाकर शांत स्थल पर लक्षमण को भेजना उचित समझा क्योंकि नक्सली गांव में बच्चांे को स्कूलों में पढ़ने नही दे रहे थे और आंतकी गतिविधियों से बाधा पहुंचा रहे थे. और उसने जिंगावरम में प्राइमरी स्कूल पास करने के बाद लक्ष्मण को गीदम स्थित मिडिल स्कूल में भर्ती करा दिया, दसवीं तक गीदम में लक्ष्मण ने पढ़ायी की, हाॅस्टल में रहता था तथा उसे छात्रवृत्ति मिलती थी जो अपर्याप्त थी. अतः पढ़ाई के साथ ही छुटटी के दिनों में लक्ष्मण मजदूरी करने जाते थे. ताकि वह अपने लिए किताब, कापी आदि खरीद सके और अच्छे अध्ययन कर सके. तथा जरूरत का सामान भी वह अपने मजदूरी के पैसों से खरीदा करता था. उसके स्कूल में एक बार दंतेवाड़ा जिले के पूर्व कलेक्टर देव सेनापति आये उन्होंने छू- लो आसमान कोंचिग क्लास शुरू होने की जानकारी छात्रों को दी और कहां कि बच्चे इस खुले आसमान में प्रवेश लें. लक्ष्मण मंडावी छू लो आसमान मंे दसवीं बारवीं के साथ एन.इ.इ.टी. और पी.ए.टी तथा पी.एम.टी. की तैयारी की. 2017 में बारहवी पास किया इसके साथ ही सन् 2017-18 में पी.ए.टी. एन.इ.इ.टी. व पी.एम.टी. की परीक्षा दी. जिसमे उसका एम.बी.बी.एस. हेतु चयन नहीं हो पाया उस समय उसका चयन डेन्टल तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा लिए हुआ अतः वह नहीं गया, क्योंकि वह एम.बी.बी.एस. पास कर गांव के व आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों का ईलाज करने हेतु स्वयं को तैयार करना चाहता था. क्योंकि उसने स्वयं अपने पिता और चाचा की बीमारियां झेली थी और अपने आसपास के ग्रामीणों को गंभीर बिमारी की दशा में भी ईलाज के लिए दर-दर भटकते देखते चला आ रहा है. इसी उद्वेश्य से उसने पुनः 2018 की परीक्षा में उसका चयन एम.बी.बी.एस. के लिए हुआ, और वह वर्तमान में डिमरापाल जगदलपुर स्थित मेडिकल काॅलेज में एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष का छात्र है.
लक्ष्मण ने बताया कि गत 24 नवंबर को अपने गांव भतीजे की छट्टी मनाने के लिए गया हुआ था जहां एक झोपड़ी में एक पादरी को बुलवाकर प्रार्थना सभा आयोजित की गयी थी. वहां गावं वाले आकर मारपीट किये इसी घटना के दौरान पिता को काफी चोटंे आयीं और वह सुकमा अस्पताल में भर्ती थे. लक्ष्मण माड़वी के पिता माड़वी मुक्का के परिवार में एक लड़की और तीन लड़के है परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है इसी दौरान 2013 को पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई इलाज के लिए पैसे नहीं थे उसके चाचा ने सलाह दी कि प्रार्थना सभा कराने से तबीयत ठीक हो जायेगी इसी उद्ेश्य से प्रार्थना सभा आयोजित की गई और कुछ दिनों बाद उसके पिता स्वस्थ्य हो गए इसके पहले काफी झाड-फूक भी कराया गया था पर वे ठीक नही हो पाये थे. इसके पूर्व लक्ष्मण के चाचा मंडावी नंदा बीमार हो गये थे. वो भी प्रार्थना सभा में शामिल होकर ठीक हो गए इस प्रार्थना से ठीक होने के बाद पिता की आस्था पादरी पर और किृश्चन धर्म पर हो गयी. अतः अपनी पारंपरिक आदिवासी संस्कृति को बचाते हुए क्रिश्चन समाज में वे शामिल हो गये. आसपास के कई रिश्तेदार भी बीमार होने से प्रार्थना सभा में शामिल होकर ठीक होने लगे उनकी भी आस्था क्रिश्चन समाज पर होने लगी. इस संदर्भ में लक्ष्मण का कहना है कि यद्यपि उन लोगों के मन में आस्था उत्पन्न होने के फलस्वरूप वे लोग किृश्चन धर्म का अनुशरण करने लगे है. परंतु इसके बावजूद भी वे लोग अपनी सदियों पुरानी आदिवासी संस्कृति, परम्परा और रिवाज को किसी भी स्तर पर छोड़ने की कल्पना भी नही कर सकते.
लक्ष्मण छुट्टियां मिलने पर अपने गांव जाता है तब गांव के बड़े बुजुर्ग उससे उसकी डाॅक्टरी की पढ़ाई के बारे में चर्चा करते है और वे अपने बच्चों को भी लक्ष्मण का उदाहरण देकर उच्च शिक्षा के लिए पे्ररित करते है दूसरी ओर बच्चे भी लक्ष्मण से उसकी पढ़ाई की सफलता की बात सुनकर उत्साहित होते है और उनके मन में भी अब आगे पढ़ाई करने की ईच्छा पनपने लगी है. इसी बात का नतिजा है कि उसके गांव के मेडिकल एवं प्राईमरी स्कूल की कक्षाओं में छात्रों की संख्या बढ़ी है. स्वयं लक्ष्मण भी बच्चों को पढ़ने लिखने में मदद करता है एवं उन्हें आवश्यक जानकारियां देते रहता है. कहा जा सकता है कि घोर नक्सल प्रभावित गांव के लोगों के मन में बारूदों से आतंक का भय की भावना पर अपने बच्चों को उच्च शिक्षित कर आगे बढ़ाने की भावना प्रबल होने लगी है. जो निश्चय ही एक सकारात्मक संकेत है ।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष-शंकर साहू ने जिला स्तरीय बैठक के पश्चात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्ष 2014 से नॉन डी.एड. व बी.एड. के कारण जिले के 09 विकासखण्ड में सिर्फ 04 विकासखण्ड जिसमे-मोहला, छुरिया, डोंगरगांव व छुईखदान में ही वेतन में कटौती की गई थी अन्य 05 विकासखण्ड में किसी भी प्रकार से कोई कटौती नही किया गया था,जबकि राज्य शासन के किसी भी प्रकार से वेतन में कटौती हेतु कोई आदेश जारी नही किया गया था,उक्त वेतन कटौती राशि को प्रदान करने तथा
समयमान वेतनमान की पूर्व से लंबित बकाया राशि को प्रदान करने हेतु अनेकों बार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय व जिला पंचायत, जिला शिक्षाधिकारी व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बातचीत कर समस्या को हल करने का निवेदन किया गया था,लेकिन वर्षों से समस्या का निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा नही किया गया है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है,और बहुत जल्द विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय,जनपद पंचायत कार्यालय के साथ ही जिला पंचायत कार्यालय-राजनांदगांव में धरना प्रदर्शन कर कार्यालय में तालाबंदी करने पर सहमति बनाई गई,संकुल चलो अभियान की शुरूवात 15 जनवरी 2021 से करने पर सहमति,संकुल पदाधिकारियों,
ब्लॉक व महिला प्रकोष्ठ की गठन पर सहमति,जिला शिक्षा अधिकारी-राजनांदगांव के आदेश दिनांक-19 अगस्त 2019 के परिपालन में ब्लॉक स्तरीय चेतावनी ज्ञापन के साथ ही 04 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा नही करने पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर तालाबंदी किए जाने पर सहमति बनाई गई, विकासखण्ड स्तर पर शिक्षक राहत फण्ड बनाने पर सहमति, शिक्षक साख समिति का जिला स्तर पर शुरुवात करने पर सहमति, फेडरेशन द्वारा जिला स्तरीय नववर्ष पारिवारिक मिलन समारोह तथा जिला पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण व सम्मान समारोह पर सहमति के साथ ही प्रदेश स्तर पर फेडरेशन की वेतन विसंगति दूर करने हेतु संकुल व ब्लॉक स्तर पर सघन दौरा अभियान पर सहमति तथा जिला स्तरीय दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला राजनांदगांव की जिला स्तरीय बैठक व दीपावली मिलन समारोह में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष- शंकर साहू,जिला सचिव- राम लाल साहू,जिला संयोजक-मितेन्द्र बघेल,जिला संयोजक मंजू देवांगन, माला गौतम,जिला शिक्षा विभाग प्रभारी-ललित प्रताप सिंग,जिला संरक्षक-सीता पाल,जिला मीडिया प्रभारी-रंजीत ध्रुवे,जिला प्रवक्ता-मिलन साहू,जिला महासचिव-अमृत दास साहू,जिला महामंत्री-उत्तम ठाकुर,देशन पटेल,जिला संयुक्त महामंत्री-रामेश्वर साहू,जिला संयुक्त सचिव-शशि साहू,राजनांदगांव ब्लॉक अध्यक्ष-रोशन साहू,खैरागढ़ कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष-नंदकिशोर सिमकर,मोहला ब्लॉक अध्यक्ष-सुनील शर्मा, सत्य कुमार घावड़े, मनोहर यादव,विष्णु प्रसाद साहू,मुकेश कुमार देवांगन,पूरन लाल कोठारी आदि उपस्थित थे।
उपरोक्त जानकारी मीडिया में शंकर साहू जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला-राजनांदगाँव ने दी है।
डौंडी – जंगल छोड़ फिर हाथियों का दल गाँव की ओर कूच कर उत्पात मचाने लगे | प्राप्त जानकारी के अनुसार डौंडी ब्लाक के ग्राम कांडे में 13 हाथियों का दल पहुँच घरों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुँचाया | इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है | इससे पहले हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाया जा रहा था जब खेत खलिहान खाली पड़े है तो अब ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा रहे है | अब देखना यह है वन विभाग द्वारा क्या समाधान किया जाता है |
दल्लीराजहरा – नवोदय विद्यालय के कक्षा 6 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में सर्वर की समस्या लगातार बनी हुई है जिसके कारण अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है और इसकी अंतिम तिथि 15 दिसम्बर है | प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वर की समस्या आज से ठीक हो जाएगी ऐसा बताया गया था किन्तु यह समस्या जस की तस बनी हुई है और तो और जैसे ही नवोदय का लिंक खोलते है इतना धीरे चलता है फॉर्म का पेज खुलने में ही 15-20 मिनट का समय लग जाता है | ऐसी स्थिति में अभिभावक भी भटक रहे है |
ऐसे में इच्छुक परीक्षार्थियों का फॉर्म कैसे भरे असमंजस की स्थिति बनी हुई है यदि फॉर्म नहीं भराया गया तो सैकड़ों विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो जायेंगे | ऐसी परिस्थिति में शिक्षा प्रशासन को अंतिम तिथि में परिवर्तन कर उसे आगे बढ़ाना चाहिए |
नवोदय विद्यालयभारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली पूरी तरह से आवासीय, सह शिक्षा, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से संबद्ध शिक्षण परियोजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – १९८६ के अन्तर्गत ऐसे आवासीय विद्यालयों की कल्पना की गई जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय का नाम दिया गया, जो सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने का होता है। नवोदय विद्यालय में प्रवेश, ‘जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) के माध्यम से कक्षा 6 में की जाती हैं।
जगदलपुर – क्रिसमस पर्व के अवसर पर क्रिसमस ट्रॉफी का आयोजन किया गया जहाँ इस प्रतियोगिता के चौंथे दिन आज कुल चार मैच खेले गए जिसमें पहला मैच रॉयल ग्रीन-11 विरुद्ध नाइट राइडर जिसमें नाइट राइडर ने शानदार जीत दर्ज की वहीँ दूसरा मैच एनसीसी नया मुंडा विरुद्ध डिमरा पाल जिसमें डीम्रपाल की टीम ने जीत दर्ज की, तीसरा मैच सायनाइड विरुद्ध गंगा मुंडा जिसमें सायनाइड टीम ने जीत दर्ज की और क्रिसमस ट्रॉफी प्रतियोगिता का चौथा एवं अंतिम मैच मार्बल-11 विरुद्ध ग्रीन सिटी जिसमें ग्रीन सिटी बी की शानदार जीत दर्ज की |
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पार्षद सुखराम नाग जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर खिलाड़ियों के समक्ष खेलों के महत्व को बताते हुए इससे होने वाले मानसिक और बौद्धिक विकास को महत्वपूर्ण बताया खेल ही एक ऐसा माध्यम है जिससे युवाओं को व्यस्त रखकर एक बेहतर और स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है। प्रतियोगिता में युवाओं से बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है ताकि वे बुरी संगत से दूर रह सकें।
दल्ली राजहरा – नारी सुरक्षा का संदेश लेकर सायकल के माध्यम से दल्ली राजहरा से नई दिल्ली,लाल किला यात्रा पर निकले नगर के तुलसी राम साहू जी को नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी ने आज बधाई शुभकामनाएं देकर रवाना किया । तुलसी राम जी का सपना था कि वे दल्लीराजहरा से नई दिल्ली तक अपनी साइकिल में जाये अब उनका सपना पूरा होता दिख रहा है और उसके साथ ही साथ वे यह भी चाहते थे कि दल्लीराजहरा का नाम पुरे देश में रोशन हो और इसके साथ जन जन तक नारी सुरक्षा का सन्देश देना चाहते है |
सिटी मीडिया परिवार की ओर से भी तुलसी राम जी को बहुत बहुत शुभकामनाये उनकी यात्रा मंगलमय हो |
गुरूर :- माँ बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय गुरूर, जिला-बालोद (छ.ग.) में दिनांक 11/12/2020 दिन शुक्रवार को महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना व ब्लू बिग्रेड यूनीसेफ के माध्यम से ग्राम -कोलिहामार में जन-जागरूकता रैली बच्चों को गुड टच बेड टच और त्वचा सम्बन्धी एवं साथ ही दीवाल पर नारा लेखन किया गया । उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य व रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नाजमा बेगम, प्रो. एम.एल. सिन्हा, श्रीमती अनिता साहू, श्री रामस्वरूप सिन्हा, श्री टीकम शहरे, श्री किरण कुमार यादव, श्री यशवंत पटेल, श्री खेमप्रकाश कटेन्द्र, श्री यज्ञदत्त साहू, श्री नरेन्द्र कुमार खोब्रागडे, श्री हुमन गंजीर, श्री राकेश कुमार पारकर, ग्राम कोलिहामार के वरिष्ठ लोगों साथ ही रासेयो स्वयंसेवक कु. उपासना, अजय कुमार, कु.गीतेश्वरी, कु. प्रियंका, कु. सुमन एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राएं उक्त कार्यक्रम में इन सभी की उपस्थित रही।
जिला नारायणपुर युवा कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रुप में राष्ट्रीय महासचिव एवं छग प्रभारी श्री संतोष गोलकुंडा जी, सोशल मीडिया छग प्रभारी के के शास्त्री जी द्वारा बैठक लिया गया।जिसमे छग प्रभारी ने सभी युवा पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ साफ कहा कि आज हम छग में सरकार के साथ काम कर रहे है। और अब हमें फोटो या नेताओ के पीछे घूमने वाले युवा नेता नही चाहिए हमे पहले जैसा ही युवा कैडर चाहिए जो 15 सालों से ज़मींन में रहकर युवा कांग्रेस कांग्रेस को मजबूती प्रदान की है और सरकार तक बनाने में अहम भूमिका निभाई है। जो युवा अब कार्य नही कर रहे उनको संगठन के सभी पदों दे मुक्त कर नए युवा साथी को लाए जाने की बात कही।
ओहि एक ओर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित भद्र की सराहना करते हुए टीम भावना के साथ सभी साथियों को साथ लेकर कार्य करने की बात कहते हुए कहा कि पूरे बस्तर में नारायणपुर जिला युवा कांग्रेस पहले और आज भी मजबूत है और सरकार के साथ मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही हैं।
प्रभारी जी ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार के विधायक मंत्री और संगठन के सभी नेताओ को साथ लेकर कार्य कर रही है। सभी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचा रही है जो कि इसका लाभ आम जनता को मिल रही है।
संगठन की ताकत को बताते हुए छग के प्रभारी जी ने युवाओं को आगे का भविष्य कहा,और कड़ी मेहनत लग्न से संगठन को मजबूत करने को कहा।
जिला युवा कांग्रेस के इस अहम बैठक के बाद छग प्रभारी कोलकुण्ड जी व सोसल मीडिया छग प्रभरी के के शास्त्री जी ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवनाथ उसेंडी, ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार पाण्डेय व पीसीसी महासचिव रजनु नेताम जी से बंद कमरे में विशेष चर्चा भी की।
इस अहम बैठक में जिला युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री अमित भद्र सहित युवा कांग्रेस के पदाधिकारी उपाध्यक्ष अभिषेके बाजपेयी, उपाध्यक्ष बोधन देवांगन, उपाध्यक्ष किरण वड्डे, महासचिव तरुण देहारी, फुलसिंग वडडे, मनोज सेन, ब्लाक अध्यक्ष अनिल बघेल, सोशल मीडिया सयोंजक दीपक गांधी, दनेन्द्र राजपूत, इंटक अध्यक्ष सुखमन कोर्राम, उपाध्यक्ष महेश कश्यप, अरुण सेठिया, अनुराग पाण्डे, जय वट्टी, पप्पू ठाकुर, विजय सलाम, उमेश कर्मा, दिनेश कर्मकार, बिट्टू नेताम, मनीष शीरी, व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन विस्तार एवम् आने वाले समय में युवा कांग्रेस के मजबूती के लिए काम करने के विषय पर चर्चा सोसल मीडिया के छग प्रभारी के के शास्त्री जी द्वारा कही गई।