City Media - Page 21 of 1803 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 21

करंट लगने से मजदूर की मौ

0

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई।मामला सुकमा के कांकेर लंका का है, जहां निर्माण कार्य करते समय 48 वर्षीय मजदूर पंडो रामा पिता पंडो जोगा की करंट लगने से मौत हुई है। पंडो रामा चिंतागुफा थाना क्षेत्र के ग्राम भटपाड़ पेंटापाड का निवासी था। वह सरपंच और सचिव के माध्यम से कराए जा रहे कॉमन सर्विस सेंटर निर्माण कार्य में कर रहा मजदूरी कर रहा था। करंट लगने से मौके पर ही रामा की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।मामले की जांच की जा रही है। इस घटना से ग्राम पंचायत की सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।

बस्तर और छत्तीसगढ़ में बिक रही है मध्यप्रदेश व ओड़िशा की शराब

0

चित्रकोट के भाजपा विधायक विनायक गोयल ने जताई नाराजगी

मप्र के ठेकेदारों और छग के कुछ अधिकारियों की लॉबी बिकवा रही शराब

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में वैध अवैध शराब की नदियां बहने को लेकर अब तक प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही सवाल खड़े करती रही है। शराब से माता बहनें परेशान हैं, मगर अब सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक भी इससे त्रस्त नजर आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है।

चित्रकोट से भाजपा विधायक विनायक गोयल अपने विधानसभा क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर खासे परेशान और आक्रोशित हैं। उनके अनुसार पूरे विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही है। इस अवैध कृत्य को आबकारी, अधिकारी और क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। विधायक गोयल के अनुसार चित्रकोट क्षेत्र में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई जा रही शराब खुलेआम बेची जा रही है। गोयल अपनी ही सरकार के अधिकारियों से बहुत नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि अकेले चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर जिले में धड़ल्ले से दूसरे राज्यों की शराब बिक रही है। खासकर ओडिशा और मध्यप्रदेश की शराब की खपत यहां हो रही है। ओड़िशा की सीमा से लगे बकावंड, नगरनार, करपावंड आदि थाना क्षेत्रों में ओड़िशा की शराब खूब बिक रही है। शराब प्रेमियों के मुताबिक ओड़िशा की शराब छत्तीसगढ़ की शराब की अपेक्षा काफी सस्ती और ज्यादा असरकारी होती है। इसीलिए यहां के लोग ओड़िशा की शराब को खूब पसंद करते हैं। वहीं बस्तर, भानपुरी, चित्रकोट, तोकापाल, बास्तानार आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की शराब की अच्छी डिमांड है। सूत्र बताते हैं कि मध्यप्रदेश के शराब ठेकेदारों ने छत्तीसगढ़ के कतिपय आबकारी अधिकारियों से सांठगांठ कर रखी है। इन्हीं अधिकारियों के संरक्षण में मध्यप्रदेश के ठेकेदारों ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कवर्धा आदि जिलों में अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं। इन एजेंटों के जरिए छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश से शराब की सप्लाई हो रही है और कोचियों के माध्यम से बेची जा रही है। अब देखने वाली बात है कि चित्रकोट के भाजपा विधायक विनायक गोयल की नाराजगी के बाद साय सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है?

1998–99 के एलबी संवर्ग शिक्षकों को देय तिथि से सकल लाभ सहित पुरानी पेंशन देने की मांग

0

शिक्षक कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि मंडल ने 11 जनवरी को देर रात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास में सौजन्य मुलाकात कर अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने 1998–99 एलबी संवर्ग के शिक्षकों को देय तिथि से सकल लाभ देते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने की मांग रखी। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने बताया कि 1998- 99 एलबी संवर्ग के शिक्षक शिक्षा जगत की रीढ़ रहे हैं। जीवन भर सेवा देने के बाद जब उन्हें सम्मानजनक पेंशन और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती, तो यह अत्यंत पीड़ादायक है। वर्तमान में सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को जो अल्प राशि मिल रही है, उससे उनका जीवन यापन संभव नहीं है। हमने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग पूरी संवेदनशीलता के साथ रखी है कि देय तिथि से सकल लाभ सहित पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, ताकि शिक्षकों को बुढ़ापे में सम्मान और सुरक्षा मिल सके। हमें विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस न्यायोचित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर हजारों शिक्षक परिवारों को राहत प्रदान करेंगे। प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्ष 1998–99 में नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षक वर्तमान में सेवानिवृत्त हो रहे हैं तथा आगामी 10 वर्षों में इस संवर्ग के सभी शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वर्तमान में सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के समय मात्र दो से तीन लाख रुपये की राशि प्राप्त हो रही है। साथ ही पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलने के कारण उन्हें 2000 से 3000 रुपये प्रतिमाह की अत्यंत अल्प पेंशन मिल रही है, जिससे जीविकोपार्जन करना अत्यंत कठिन हो गया है। इस कारण सेवानिवृत्त शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है। इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संवेदनशीलता के साथ बातों को सुना तथा चर्चा का माहौल सकारात्मक रहा। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से प्रांतीय अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी, प्रांतीय महासचिव देशनाथ पांडे, प्रांतीय सचिव नवीन चंद्राकर, विश्वनाथ प्रधान, यदुवेंद्र प्रताप कुशवाह, तुलसी राम साहू, हितेंद्र बघेल, धनेंद्र तिवारी, गुलाब देवांगन, युजवेंद्र कुशवाहा, अनिल ढीढी, खेदूराम चंद्राकर, शिवनारायण तिवारी, पीतांबर बंजारा, अरविंद द्विवेदी, भुनेश्वर साहू, भरत कन्नौजे, भुवन कन्नौजे, डेगमन राजवाड़े सहित प्रदेशभर से आए प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निजी मोबाइल में उपस्थिति ऐप इंस्टॉल करने सर्व शिक्षक संघ ने जताया विरोध, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण शिक्षा में सौंपा ज्ञापन

0

जगदलपुर विद्यालयों में VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने हेतु शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन के अनिवार्य उपयोग के संबंध में राज्य स्तरीय आपत्ति एवं मांगें को ज्ञापन के माध्यम से सहायक संचालक बस्तर संभाग श्रीमती मधु वर्मा को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों पर VSK ऐप डाउनलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने हेतु निजी मोबाइल फोन के उपयोग का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि अव्यावहारिक, अनुचित एवं शिक्षक हितों के प्रतिकूल है।सर्व शिक्षक संघ, यह स्पष्ट करना चाहता है कि शिक्षक समुदाय ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का विरोध नहीं करता, किंतु ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन का अनिवार्य उपयोग किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।शिक्षक का मोबाइल फोन उसकी निजी संपत्ति है, जिसमें व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं वित्तीय जानकारियाँ जैसे— बैंकिंग ऐप, UPI, OTP, महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपर्क विवरण एवं अन्य संवेदनशील डाटा सुरक्षित रहता है। किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराए जाने की स्थिति में यदि भविष्य में डाटा चोरी, साइबर अपराध या आर्थिक क्षति होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—इस संबंध में शासन स्तर पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति शिक्षकों के निजता के अधिकार एवं साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती है।यह भी तथ्यात्मक है कि निजी मोबाइल, इंटरनेट डाटा, नेटवर्क शुल्क एवं डिवाइस मेंटेनेंस का संपूर्ण व्यय शिक्षक स्वयं वहन करता है।

तकनीकी खराबी, मोबाइल उपलब्ध न होने अथवा नेटवर्क समस्या (विशेषकर ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में) की स्थिति में शिक्षकों को नोटिस जारी किया जाना या दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, मानसिक प्रताड़ना पूर्ण एवं अनुचित है।शासकीय कार्यों के संपादन हेतु शासकीय संसाधनों के स्थान पर कर्मचारियों के निजी संसाधनों का उपयोग कराना न तो प्रशासनिक दृष्टि से उचित है और न ही यह संवैधानिक भावना एवं कर्मचारी हितों के अनुरूप है।*सर्व शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ की ओर से राज्य शासन के समक्ष राज्य स्तरीय मांगें ससम्मान प्रस्तुत की जाती हैं*1. ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन के उपयोग को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए।2. राज्य के प्रत्येक शासकीय विद्यालय में शासकीय डिवाइस / बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।3. शासकीय डिवाइस उपलब्ध कराने के उपरांत ही ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की जाए।4. जब तक शासकीय डिवाइस उपलब्ध न हो, तब तक किसी भी शिक्षक पर किसी प्रकार का दबाव, नोटिस अथवा दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री जी राज्य के शिक्षक समुदाय की समस्याओं, गरिमा, निजता एवं कार्य परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए इस राज्य स्तरीय ज्ञापन पर शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायोचित निर्णय लेंगे। ज्ञापन सौंपने हेतु सर्व शिक्षक संघ के बस्तर संभाग के समस्त जिलों के पदाधिकारी एवं शिक्षक इसमें शामिल हुए जिनमें संभाग प्रभारी प्रकाश महापात्र, जिला अध्यक्ष देवेंद्र सोनी, लम्बोदर ठाकुर, कृष्ण कुमार पुजारी, जिला उपाध्यक्ष बी श्रीनिवास राव, मनोज कुमार गावरे, जिला सचिव माया मिश्रा, जिला कोषाध्यक्ष जीवेंद्र कुमार मगर, सुधांशु मांडवी, कमलेश कोसमा, जिला प्रवक्ता अनिल कुजूर, मेघराज पद्माकर, सरस्वती बघेल, अजर मंडावी एवं अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध होकर निरंतर कर रही है कार्य

0

वीबी – जी राम जी योजना लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर होगी साबित – मनीष पारख

ग्रामीण विकास को एक नई गति देगी विकसित भारत जी राम जी योजना – मनीष पारख

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका की गारंटी बनेगी वीबी जी राम जी योजना – मनीष पारख

मुद्दों की कंगाली से जूझ रही कांग्रेस अब जी राम जी योजना का विरोध कर गरीब विरोधी होने का दे रहे प्रमाण – मनीष पारख

रायपुर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई वीबी – जी राम जी योजना को लेकर देश के मुख्य विपक्षी दल कॉंग्रेस द्वारा किये जा रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने अपना वक्तव्य जारी कर कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई मुद्दा नहीं रह गया है, इसलिए वह लोक कल्याण तथा ग्रामीण विकास को सुनिश्चित करने वाली योजनाओं का विरोध करके अपनी राजनीतिक कुण्ठा का प्रदर्शन कर रही है। जबकि मुद्दों की कंगाली से जूझ रही कांग्रेस के नेताओं को मोदी सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर जनता को बरगलाने के बजाय कांग्रेस बचाओ अभियान चलाने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। वीबी – जी राम जी योजना के लाभ बताते हुए प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने आगे कहा कि यह योजना ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ नए रुप में अब पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगी। प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की वार्षिक आय में बड़ी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

मजदूरों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इसमें यह प्रावधान किया गया है कि अब मजदूरी का भुगतान मात्र 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब होता है, तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। इससे श्रमिकों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा होगी और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक पारख ने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब खेती के प्रमुख सीजन, जैसे फसल की बुवाई और कटाई के दौरान, राज्य सरकार इस योजना के तहत होने वाले कार्यों को 60 दिनों के लिए स्थगित कर सकेगी। इससे किसानों को खेती के कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हो सकेंगे और राज्य का कृषि उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम के माध्यम से गाँवों में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, जलवायु सुरक्षा और कौशल विकास जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित कार्य किए जाएंगे। इसमें पीएम गति शक्ति योजना के सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है ताकि सड़क, पानी और अन्य बुनियादी ढांचागत निर्माण कार्यों में बेहतर तालमेल बिठाया जा सके और सरकारी संसाधनों की बर्बादी को रोका जा सके। इस अधिनियम से फर्जी मस्टर रोल और मशीनों के अवैध उपयोग जैसी शिकायतों पर लगाम लगेगी। यह योजना न केवल गाँवों से होने वाले पलायन को रोकेगी बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में उपस्थित रोवर रेंजरों एवं जन समुदाय को बाल विवाह की रोकथाम के लिए भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु दिलाई शपथ

0

बालोद जिले में 20 हजार लोगों का एक साथ शपथ लेने का बना विश्व रिकार्ड मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को प्रदान किया गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स प्रमाण पत्र, मेडल पहनाकर किया सम्मानित जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और कड़ी हुआ शामिल बालोद, 12 जनवरी 2025जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में आयोजित देश का प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का सफल एवं बेहतरीन आयोजन बालोद जिले को मिल रहे लगातार उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और कड़ी को जोड़ने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित हुआ है।

आज आयोजित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर में उपस्थित 20 हजार लोगों के बाल विवाह मुक्ति के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने के संबंध में शपथ लेकर विश्व रिकार्ड बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित रोवर रेंजरों, स्काउटर गाइडर्स सहित कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं उपस्थित जन समुदाय को बाल विवाह की रोकथाम हेतु सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा अपने घर, परिवार, जान-पहचान, रिश्तेदार एवं पास-पड़ोस के लोगों को बाल विवाह की दुष्प्रभावों की जानकारी देकर इस सामाजिक कुरीति को रोकने में बहुमूल्य भूमिका दिलाने की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को बाल विवाह मुक्त अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेेने पर बालोद जिले का गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स में दर्ज होने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया। साय ने बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास करने के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के के खण्डेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव पीजीआर सिंधिया, भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, भारत स्काउट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष तोमन साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, श्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा, ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा देश के विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजर, स्काउट गाइड्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

हिंदू हैं आदिवासी भी, समाज को तोड़ने की हो रही है कोशिश

0

विराट हिंदू सम्मेलन में धर्मांतरण पर चिंतन-मनन

जगदलपुर बस्तर जिले की ग्राम पंचायत बागबाहर रोतमा में एकल अभियान संस्कार शिक्षा, हिंदू सम्मेलन संघ बस्तर उप संघ रोतमा बागबाहर अंचल जगदलपुर संभाग छत्तीसगढ़ में हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में धर्मांतरण पर गहन चर्चा की गई। इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चेतना का विस्तार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और हिंदू समाज को संगठित करना था।

मुख्य अतिथि ग्राम पुजारी रूपु कश्यप ने कहा कि अन्य धर्मों के लोग हिंदू धर्म को बदनाम कर आदिवासी एकता को तोड़ रहे हैं और आदिवासी भाई-बंधुओं के बीच हिंदू धर्म के प्रति जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रहने और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप ने धर्मांतरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ अन्य धर्मों के लोग हिंदू समाज को तोड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक सेवा के माध्यम से हम हिंदू समाज को मजबूत बना सकते हैं और धर्मांतरण को रोक सकते हैं। रामनाथ कश्यप ने आगे कहा कि कुछ लोग आदिवासियों को हिंदू नहीं, बल्कि प्रकृति पूजक कहते हैं। प्रकृति की पूजा हिंदू धर्म में भी होती है। जल, भूमि, पेड़, पहाड़ आदि की पूजा हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,धर्म एक भाव है। उन्होंने सभी समाज प्रमुखों युवाओं महिलाओं से हिंदू धर्म को एकजुट करने आह्वान करते हुए किसी लालच या दबाव में आकर धर्म परिवर्तन न करने अपील की। भूतपूर्व सरपंच मनबोध बघेल ने कहा कि गांव में आदिवासियों को हिंदू नहीं है कहकर उनके मन में हिंदू धर्म के प्रति नफरत का जहर घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं को काल्पनिक बताते हुए उनका उपहास किया जा रहा है l

और ईसाई धर्म अपनाने के लिए आदिवासी ग्रामीणों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि ऐसे किसी लालच में आकर अपना मूल धर्म न छोड़ें और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाएं। सामाजिक कार्यकर्ता कमल किशोर ने कहा कि आज प्रत्येक गांव में चर्च बनाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है और आदिवासियों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं है कह कर एक आदिवासी दूसरे आदिवासी को बरगलाने का काम कर रहा है। अगर भारत में निवास करता है तो प्रत्येक नागरिक भारतीय होने के साथ हिंदू है। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, नृत्य प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम ने भजन कीर्तन कर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि रूपु कश्यप पुजारी बागबाहर, मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप अनुसूचित जनजाति सहलाकर समिति सदस्य छत्तीसगढ़, लखेश्वर कश्यप, रायधर बघेल, पिलसिंग कश्यप पुजारी, मनबोध बघेल भूतपूर्व सरपंच, मदन सरपंच भैसगांव, गजा भारद्वाज जिला पंचायत सदस्य, शंकुतला कश्यप, कांति मौर्य, बस्तर जिला किसान कल्याण संघ अध्यक्ष नील कुमार बघेल, ईस्पर मंडावी सरपंच मधोता-2, आयोजन समिति सदस्य बबलू कश्यप, हिड़मो राम मंडावी, बलीराम मौर्य, सुलधर मौर्य, मदन, कमल किशोर, मुन्ना कश्यप, कमल मौर्य, भगत कश्यप, रामू मौर्य, जीतू, टीरो, कालीचरण, लच्छनद‌ई, जयमनी, मंगलद‌ई, मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम के साथ ही सभी ग्राम पंचायतों के सनातनी हिंदू समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित थे।

गोंडी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर

0

गोंडवाना सामाजिक मिलन समारोह का रंगारंग हुआ आयोजन
जगदलपुर गोंडवाना समाज समन्वय समिति जिला बस्तर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दो दिवसीय वार्षिक गोंडवाना सामाजिक मिलन समारोह का आयोजन गोंडवाना समाज भवन वर्गीस कॉलोनी धरमपुरा जगदलपुर में किया गया। बुढ़ाल पेन की पारंपरिक सेवा अर्जी के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
आयोजन के प्रथम दिवस महिला प्रभाग की पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। चित्रकला, निबंध लेखन, क्विज, रंगोली, एकल, युगल एवं सामूहिक नृत्य, गायन एवं महिलाओं के लिए विशेष रूप से दोना पत्तल सिलने की प्रतियोगिता हुई। प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आयोजन के द्वितीय दिवस रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित कर प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

आयोजन के समापन दिवस पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में तिरुमाल अरविंद नेताम पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुमाल सुनहेर सिंह नाग संभागीय अध्यक्ष गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग, एसएस कोरेटी संरक्षक गोंडवाना समाज बस्तर जिला, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुमाल संग्राम सिंह राणा वार्ड पार्षद गुरु गोविंद सिंह वार्ड थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष नकुल सिंह सेवता ने की। श्री सेवता ने समाज द्वारा चलाई जा रही सामाजिक, सांस्कृतिक, संवैधानिक, धार्मिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी और भविष्य में गोंडी भाषा संस्कृति के लिए गोंडी विद्यापीठ पथरागुड़ा जगदलपुर में संचालित करने की बात कही। इस अवसर पर गोंडवाना समाज के इतिहास, संस्कृति, रीति रिवाज, भाषा बोली पर वक्ताओं ने बातें रखीं। मुख्य अतिथि अरविंद नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति को संरक्षित संवर्धित करते हुए संविधान में प्रावधानित अधिकारों की रक्षा और भविष्य में समाज को सजग रहते हुए संघर्ष करने के लिए आगाह किया। उन्होंने कहा कि इस देश में आदिवासियों को बिना संघर्ष कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, लेकिन संघर्ष कभी बंद नहीं होना चाहिए। पेसा वनाधिकार कानून के प्रावधानों में ग्रामसभाओं को स्व शासन का अधिकार दिया गया है लेकिन धरातल पर आज भी यह अधिकार प्राप्त नहीं हुआ है।

विशिष्ट अतिथि सुनहेर सिंह नाग संभागीय अध्यक्ष ने कहा कि गोंडवाना समाज समन्वय समिति का गठन ही गोंड समुदाय की केंद्र राज्य सरकार की सूची में सरल क्रमांक 16 में सूचीबद्ध 22 उपजातियों को एक सूत्र में रखकर एकता स्थापित करने की रही है। श्री नाग ने बल देते हुए कहा कि समाज की संस्कृति को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास के दौर में आगे बढ़ना है लेकिन अपनी भाषा बोली संस्कृति को नहीं भूलना है। कार्यक्रम के बीज वक्ता के रूप में ललित नरेटी द्वारा टंडा मंडा कुंडा नेग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसकी वैज्ञानिक सामाजिक समाजशास्त्री आधार पर व्याख्या कर बताया कि गोंड समुदाय की व्यवस्थाएं उन्नत और प्राकृतिक व्यवस्थाओं के करीब के साथ ही वैज्ञानिक आधार पर भी सही है। तिरुमाल नरेटी ने गोंड समुदाय में मामा फूफू की बेटी से विवाह करने की परम्परा का समाज शास्त्रीय एवं वैज्ञानिक आधार को परिभाषित किया। उन्होंने समुदाय के कालेज स्टूडेंट्स को गोंड समुदाय की परंपराओं पर पीएचडी करने का आह्वान किया। समुदाय को राजनीति में कैसे भागीदारी करनी चाहिए इस पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वार्ड के पार्षद संग्राम सिंह राणा ने उपस्थित जन समुदाय को सेवा जोहार अभिवादन करते हुए कहा कि गोंडवाना और गोंड इस देश का जीवंत ऐतिहासिक समुदाय है। इस समुदाय ने दो सौ सालों तक मध्य भारत में राज चलाया और कई स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं। इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। श्री राणा ने कहा कि समाज के विकास के लिए एक जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी संभव होगा उसके लिए मैं हमेशा सहयोग करूंगा। अंत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रथम दिवस में आयोजित विभिन्न विधाओं के प्रतिभागियों को प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान के साथ सांत्वाना पुरुस्कार सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मंच संचालन नंदनी कचलाम,नरेश मरकाम एवं माखन लाल सोरी के द्वारा किया गया। प्रतियोगिता कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला प्रभाग से मुख्य रूप से शीतला कोर्राम, दीपा मांझी, नंदनी कच्चलाम, चंद्रिका राज सोरी, दीपा मांझी, प्रतिमा मरकाम, कांति मरकाम, ममता पोटाई, संतोषी मरकाम , तुलोरिन नेताम, अनेश्वरी आचला, हेमलता ध्रुव की भूमिका रही। वहीं इस आयोजन को सफल बनाने में जिला अध्यक्ष एनएस सेवता, बीएस नेताम, जानकी राम ध्रुव, डॉ. आरके एस. राज सोरी, डॉ. देवचंद सलाम, श्याम सिंह नेताम, भानु प्रसाद कोड़ोपी, विष्णु मरकाम, चंद्रकांत ध्रुव, माखन सोरी, नरेश मरकाम, सुकलाल नेताम, रामगुलाल दुग्गा, लालबहादुर सोरी, नरहर देव जूरी, अशोक नेताम, भूपेंद्र उईके, नेतराम ध्रुव, श्याम नेताम, नरोत्तम ध्रुव, सलीम नेताम, पीएस मरावी, डॉ. सीएल गावड़े, धनवेंद्र कतलाम, सुनील नेताम की भूमिका रही। इस आयोजन में एग्रीकल्चर कॉलेज कुम्हरावंड एवं पीजी हॉस्टल धरमपुरा के स्टूडेंट्स ने शानदार लोकनृत्य व गायन की प्रस्तुति देकर आयोजन में चार चांद लगा दिए। वही इन बच्चों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। झमाझम रेला पाटा सामूहिक नृत्य के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह जानकारी नरेश मरकाम एवं माखन लाल सोरी ने दी।

हिंदू हैं आदिवासी भी, समाज को तोड़ने की हो रही है कोशिश

0

विराट हिंदू सम्मेलन में धर्मांतरण पर चिंतन-मनन

जगदलपुर बस्तर जिले की ग्राम पंचायत बागबाहर रोतमा में एकल अभियान संस्कार शिक्षा, हिंदू सम्मेलन संघ बस्तर उप संघ रोतमा बागबाहर अंचल जगदलपुर संभाग छत्तीसगढ़ में हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में धर्मांतरण पर गहन चर्चा की गई। इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चेतना का विस्तार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और हिंदू समाज को संगठित करना था।

मुख्य अतिथि ग्राम पुजारी रूपु कश्यप ने कहा कि अन्य धर्मों के लोग हिंदू धर्म को बदनाम कर आदिवासी एकता को तोड़ रहे हैं और आदिवासी भाई-बंधुओं के बीच हिंदू धर्म के प्रति जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रहने और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप ने धर्मांतरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ अन्य धर्मों के लोग हिंदू समाज को तोड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक सेवा के माध्यम से हम हिंदू समाज को मजबूत बना सकते हैं और धर्मांतरण को रोक सकते हैं। रामनाथ कश्यप ने आगे कहा कि कुछ लोग आदिवासियों को हिंदू नहीं, बल्कि प्रकृति पूजक कहते हैं। प्रकृति की पूजा हिंदू धर्म में भी होती है। जल, भूमि, पेड़, पहाड़ आदि की पूजा हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,धर्म एक भाव है। उन्होंने सभी समाज प्रमुखों युवाओं महिलाओं से हिंदू धर्म को एकजुट करने आह्वान करते हुए किसी लालच या दबाव में आकर धर्म परिवर्तन न करने अपील की। भूतपूर्व सरपंच मनबोध बघेल ने कहा कि गांव में आदिवासियों को हिंदू नहीं है कहकर उनके मन में हिंदू धर्म के प्रति नफरत का जहर घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं को काल्पनिक बताते हुए उनका उपहास किया जा रहा है और ईसाई धर्म अपनाने के लिए आदिवासी ग्रामीणों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच दिया जा रहा है।

उन्होंने अपील की कि ऐसे किसी लालच में आकर अपना मूल धर्म न छोड़ें और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाएं। सामाजिक कार्यकर्ता कमल किशोर ने कहा कि आज प्रत्येक गांव में चर्च बनाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है और आदिवासियों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं है कह कर एक आदिवासी दूसरे आदिवासी को बरगलाने का काम कर रहा है। अगर भारत में निवास करता है तो प्रत्येक नागरिक भारतीय होने के साथ हिंदू है। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, नृत्य प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम ने भजन कीर्तन कर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि रूपु कश्यप पुजारी बागबाहर, मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप अनुसूचित जनजाति सहलाकर समिति सदस्य छत्तीसगढ़, लखेश्वर कश्यप, रायधर बघेल, पिलसिंग कश्यप पुजारी, मनबोध बघेल भूतपूर्व सरपंच, मदन सरपंच भैसगांव, गजा भारद्वाज जिला पंचायत सदस्य, शंकुतला कश्यप, कांति मौर्य, बस्तर जिला किसान कल्याण संघ अध्यक्ष नील कुमार बघेल, ईस्पर मंडावी सरपंच मधोता-2, आयोजन समिति सदस्य बबलू कश्यप, हिड़मो राम मंडावी, बलीराम मौर्य, सुलधर मौर्य, मदन, कमल किशोर, मुन्ना कश्यप, कमल मौर्य, भगत कश्यप, रामू मौर्य, जीतू, टीरो, कालीचरण, लच्छनद‌ई, जयमनी, मंगलद‌ई, मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम के साथ ही सभी ग्राम पंचायतों के सनातनी हिंदू समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित थे।

गंगालूर के भाजपा नेता ने महिला के घर के सामान को बाहर निकाला

0

विधायक का आरोप राजनीति से प्रेरित: राजू कलमू

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में भाजपा नेताओं के सत्ता का घमंड इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि अब उनकी गुंडागर्दी सड़कों से होते हुए सीधे आम लोगों के लोगों के घरों तक पहुंच गई है। क्षेत्रीय विधायक ने गंगालूर में हुई एक घटना को लेकर भाजपा नेता पर सीधा आरोप लगाया है‌। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि भाजपा नेता व पूर्व सरपंच कमलू राजू ने सत्ता की धौंस दिखाकर अपने करीबियों के साथ महिला के मकान से जबरन सामान खाली कराया और बाहर डाल दिया। विधायक श्री मंडावी ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता व पूर्व सरपंच कलमू राजू अपने साथियों के साथ महिला के मकान पहुंचे और जबरन घर का सामान बाहर निकाल दिया। महिला को घर में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया गया।

विधायक ने प्रशासन पर हमला बोला और कहा कि जिले के अधिकारी तमाशबीन बने बैठे हैं। इसलिए भाजपा नेता खुलेआम दादागिरी कर रहे हैं। ये लोग आम जनता को कुचलने पर तुले हैं। कुछ दिन पहले ही भोपालपट्टनम के भाजपा नेता बिलाल खान ने दो आदिवासी युवकों को जबरन सत्ता का धौंस दिखाकर जेल भिजवा दिया था। पीड़ित महिला ने विधायक से फोन पर बात कर न्याय की मांग की है। जानकारी अनुसार महिला ने पुलिस थाने में भी आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।*बॉक्स* *विधायक मुझे बदनाम कर रहे हैं*पूर्व सरपंच व भाजपा नेता राजू कलमू ने बताया कि महिला अवनि कन्नम के पति ने मकान मालिक सुकलू हेमला को लिखित में दिसंबर तक मकान खाली करने कहा था। लेकिन मकान खाली नहीं किया गया। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद चला। मेरे साथ गंगालूर के वरिष्ठ ग्रामीण भी थे। मैंने किसी भी प्रकार की धौंस जमाने का काम नहीं किया है। विधायक मुझे इस मामले में जबरन बदनाम कर रहे हैं। मौजूद ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया है।

MOST POPULAR

HOT NEWS