City Media - Page 1697 of 1806 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1697

भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद द्वारा केन्द्र सरकार के श्रम विरोधी कानून के विरोध में प्रधानमन्त्री महोदय भारत सरकार के नाम नायब तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया

0

दल्लीराजहरा – श्रीमान नरेन्द्र दामोदरदास मोदी, माननीय प्रधानमन्त्री महोदय, भारत सरकार, के नाम  अनुविभागीय अधिकारी की अनुपस्थिति में नायाब तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में श्रमिक कानून को निरस्त कर संशोधन करने का निवेदन किया है, भारतीय मजदूर के जिला  मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि भारत सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन किया जा रहा है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबन्धन एवं मालिकों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कृत्य से श्रमिकों /कर्मचारियों को आर्थिक एवं सामाजिक क्षति होना निश्चित है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

इसी कड़ी में भारतीय मजदूर संघ द्वारा प्रस्तावित कानून की जानकारी देना, श्रमिकों का जागरण, जिला कलेक्टर को ज्ञापन,सांसद महोदय को ज्ञापन, जन-जागरण सप्ताह, सरकार जगाओं कार्यक्रम, चेतावनी सप्ताह आदि कार्यक्रम सम्पन्न किये जा रहे है।इसके उपरान्त भी श्रमिकों/कर्मचारियों के विरोध में दोनों ही सदन (लोकसभा राज्यसभा) से बिल पारित हो गये है। इसमें निम्न संशोधित बिन्दु अस्वीकार है जो निम्न हैं:-

1. यूनियन पंजीकरण हेतु न्यूनतम 10 प्रतिशत श्रमिक प्रमाणित करने की जटिल प्रक्रिया।

2 ट्रेड यूनियन को मान्यता हेतु 51 प्रतिशत सदस्यता होना तथा 20 प्रतिशत सदस्यता वालों से वार्ता करना पर समझौता नहीं करना।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

3. शिकायत कमेटी में 6 सदस्य के स्थान पर 10 सदस्य से न्याय की उम्मीद कम रहना।

4. श्रमिकों को विवाद दायर करने के लिये अधिकतम रुपये 18 हजार वेतन पाने वाले को ही अधिकृत किया है। जिससे कुशल और अकुशल श्रमिक बंछित रह जायेंगें।

5. ट्रिब्यूनल में पूर्व से एक ही जज जिला जज की वेतन श्रृंखला का होता था परन्तु प्रशासनीक अधिकारी भी अब निर्णय करने में शामिल होगा।

6. कोई भी प्रबन्धक 5 व 10 वर्ष के लिए को रख सकेगा। उसे स्थाई करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

7. सेवाकार्य, अनुसंधान, अंतरिक्ष, सोसायटी वर्कर, पुलिस, सेना एवं घरेलू कामगारों को भी इसमें सम्मिलित नहीं किया गया है।

नौकरी से निकालने या किसी प्रकार के विवाद को उठाने का समय पूर्व में 3 वर्ष था। अब इसकी समयावधि 2 वर्ष कर दी गई है।

9. किसी भी संस्थान को बन्द करने (closer) हेतु पूर्व में 100 श्रमिक या इससे ऊपर के उद्योग को राज्य सरकार या केन्द्र सरकार से अनुमति आवश्यक थी। अब श्रमिक सीमा 300 कर दी गई है।

10. ट्रेड यूनियन का हडताल करने का अधिकार एक तरह से समाप्त ही कर दिया है। जिसका 14 दिन पूर्व नोटिस देना आवश्यक है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

11. पूर्व में पुनः उद्योग में कार्य होने की स्थिति में छटनी किये गये श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाती थी,अब इसे हटा दिया गया है।

12. ले-ऑफ-कोयला, बिजली, कच्चामाल, मशीनरी आदि की कमी के कारण 45 दिन तक आधा वेतन का प्रावधान था उसे समाप्त कर दिया गया है।

13. कान्ट्रेक्ट एक्ट 30 श्रमिकों पर लागू होता था अब 50 श्रमिकों पर कर दिया था।

14. पूर्व में फैक्ट्री के प्रावधान लागू होने हेतु श्रमिकों की न्यूनतम संख्या POWER से कार्य होने की स्थिति में 10 थी, जिसे बढाकर 20 कर दिया है। बिना POWER से कार्य होने वाली फैक्ट्री में न्यूनतम संख्या 20 थी, जिसे बढाकर 40 कर दिया है। यह प्रावधान श्रमिक विरोधी है।

इस प्रकार उपरोक्त सभी प्रावधान श्रमिक /कर्मचारी के अधिकारों व गरिमा को कम करने वाले हैं।

भारतीय मजदूर संघ इन सभी श्रमिक विरोधी प्रावधानों का विरोध करता है तथा भारतीय मजदूर संघ की सभी इकाइयों  के माध्यम से 28 अक्टूबर, 2020 को विरोध दिवस मनाकर यह ज्ञापन आपको प्रेषित किया जा रहा  हैं, इसके पश्चात् संशोधन नहीं हुआ तो आगामी रणनीति बनाकर भारत बन्द किया जायेगा। ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से जिला मंत्री मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ के महामंत्री एम पी सिंग, राजहरा खदान के अध्यक्ष किशोर कुमार मायती, सचिव लखन लाल चौधरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला महामंत्री माधुरी रथ, उपाध्यक्ष बीना सुरेन्द्र, एवं राजहरा खदान समूह के नियमित कर्मचारी एवं  ठेका श्रमिक , राजहरा खदान समूह के सुरक्षा गार्ड,आई,ओ,सी,एल, के सुरक्षा गार्ड उपस्थित थे।

न्यू बर्थ..नया जीवन निःशुल्क ब्लड ग्रुप दल्ली राजहरा की खास का पहचान

0

दल्ली राजहरा नगर के युवाओं एवं वरिष्ठजनों के द्वारा नगर एवं आस पास के क्षेत्रों से आए मरीजों को न्यू बर्थ ,, नया जीवन,, ब्लड ग्रुप दल्ली राजहरा के द्वारा निःशुल्क रक्तदान किया जाता है। कांकेर एवं राजनांदगाँव जिले के अंतिम छोर में अस्पतालों के अभाव के कारण अच्छे

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

स्वास्थ्य सुविधा को देखते हुए दल्ली राजहरा के अस्पतालों में बडा। संख्या में आते है। दूसरे जिले से आए मरीजों को यदि रक्त की कमी की समस्या हो तो। वे न्यू बर्थ ,, नया जीवन, ब्लड ग्रुप के सदस्यों से संपर्क करते है। सभी सदस्य एक दूसरे से संपर्क कर रक्त की व्यवस्था उन्हें

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

समय पर करा देते है, जिससे उन मरीजों के परिजनों को ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। और मरीज को समय पर रक्त मिल जाने से उनके स्वास्थ्य में सुधार हो जाता है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

महज 6 माह पूर्व ही इस ग्रुप का निर्माण हुआ था और अब तक इस ग्रुप में ही लगभग 350 से अधिक लोगों को निःशुल्क रक्तदान कर चुके है। इतने कम समय में अच्छा सहयोग ही न्यू बर्थ,नया जीवन,, निःशुल्क ब्लड ग्रुप दल्ली राजहरा की खास का पहचान बनी हुई है। इस ब्लड ग्रुप में कांकेर , बालोद एवं राजनांदगाँव जिले के सदक का विशेष योगदान दिया जा रहा है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के पिता नंदकुमार बघेल द्वारा भगवान श्रीराम जी के बारे में अपमान जनक बयानबाजी पर कोई कार्यवाही नही किये जाने को लेकर त्वरित कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौंपा गया

0

दल्लीराजहरा – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल द्वारा विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिन्दू धर्म और उसके आराध्य भगवान श्री राम जी के बारे में अपमान जनक बयान बाजी एवं हिन्दू धर्मग्रंथो की भ्रामक व्याख्या कर लगातार जनभावनाओं को उकसाने का प्रयास किया जा रहा है| जिसे विभिन्न यू ट्यूब चैनल में देखा जा सकता है|

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

जिसकी शिकायत पुरे छत्तीसगढ़ में विभिन्न संगठनों द्वारा प्रशासन से किया गया है किन्तु आज पर्यंत उनके बयान बाजी पर कोई कार्यवाही नही किया गया है| ऐसा प्रतीत होता है जैसे नंदकुमार बघेल के इस साजिशपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति में स्वयं शासन प्रशासन की भी सहभागिता है| सोशल मीडिया में खबरे चलायी जा रही है की कल दिनांक 29/10/20 को गोरचा गढ़ में रावण महिषासुर और मेघनाथ का शहादत दिवस मनाया जायेगा.   जबकि भीतर खाने सूचना

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

मिल रहा है की इस कार्यक्रम के आड़ में भगवान राम का पुतला बनाकर दहन किया जायेगा… 

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

अतः इन सब घटनाओ के विरोध में सर्व समाज समरसता समिति दल्ली राजहरा द्वारा जिलाधीश बालोद, जिला पुलिस अधीक्षक बालोद, सिटी मजिस्ट्रेट एवं थाना प्रभारी दल्लीराजहरा को ज्ञापन देकर त्वरित कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है|

This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

विदित हो की यदि कल सम्बंधित जगह पर कोई अनपेक्षित घटना होती है तो दल्ली राजहरा सर्व समाज समरसता समिति के कार्यकर्ता तुरंत मानपुर मार्च करेगा इसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होंगी |

Breaking कोरोना अलर्ट – जाने ! आज दल्लीराजहरा में कितने कोरोना संक्रमित मिले

0

दल्लीराजहरा में कोरोना को लेकर जिस प्रकार संक्रमितों के आकड़े बढ़ रहे है उससे लोगों की लापरवाही साफ़ नजर आ रही है | आज फिर से 15 कोरोना संक्रमित मिले |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें | आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 04 से 01, वार्ड क्र 06  से 01, वार्ड क्र 07  से 01, वार्ड क्र 08  से 03, वार्ड क्र 14  से 02, वार्ड क्र 22 से 02, वार्ड क्र 23  से 01, वार्ड क्र 25  से 01, वार्ड क्र 27  से 01, मन्कुंवर से 01 और नर्राटोला से 01 मरीजों की पुष्टि हुई है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

इस प्रकार एंटीजन से 01, RTPCR से 13 और ट्रू नॉट से 01  की रिपोर्ट के आधार पर आज कुल 15  लोग कोरोना संक्रमित मिले |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

ओबीसी महासभा की छग की इकाई में हुई नई नियुक्तियां, बालोद जिले में जिला सचिव पोषण साहू, मीडिया प्रभारी दीपक यादव सहित अन्य लोगों को मिली अहम जिम्मेदारी

0

बालोद। ओबीसी महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश के इकाई में विभिन्न पदों पर नए लोगों को नियुक्ति प्रदान कर इस महासभा के कार्यों को आगे बढ़ाने  मौका दिया गया है। राष्ट्रीय कोर कमेटी के अनुशंसा तथा कोर कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश के इकाइयों में ओबीसी महासभा के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई है। जिसमें बालोद जिले के अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को भी मौका दिया गया है। इसके अलावा दूसरे क्षेत्र

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

बिलासपुर, कबीरधाम, दुर्ग भिलाई, महासमुंद, मुंगेली, बलौदा बाजार सहित अन्य जगहों से भी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। बालोद जिले से जिला सचिव पसौद के पोषण साहू, महासचिव परसोदा के डॉ बिसंभर सिन्हा तो जिला मीडिया प्रभारी का दायित्व जगन्नाथपुर, बालोद के दीपक कुमार यादव को सौंपा गया है। ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने बताया कि ओबीसी के लोगों के हितों में यह राष्ट्रीय संगठन काम करती है। तो वहीं छत्तीसगढ़ में ओबीसी के लोगों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ भी आवाज उठाती है। विगत दिनों विभिन्न मांगों को लेकर ओबीसी महासभा ने स्थानीय जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था।

ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू

नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने बधाई देते हुए कहा है कि आप ओबीसी महासभा के नियमानुसार संविधान के दायरे में रहकर महापुरुषों की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी के लक्ष्य के लिए प्रयासरत रहेंगे।

जिला सचिव पसौद के पोषण साहू

सरकार से आरक्षण बढ़ाने समेत अन्य मांगो पर मुखर है ओबीसी महासभा

बता दें कि ओबीसी के हितों में राज्य व केंद्र सरकार दोनो से विभिन्न मांगों को लेकर यह महासभा प्रयासरत है। इनकी मांग है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बनाया जाए। 1931 की जनगणना के मुताबिक देश में पिछड़ा वर्ग की आबादी 51% थी।

महासचिव परसोदा के डॉ बिसंभर सिन्हा

इसके बाद 2011 में गणना हुई जिसके आंकड़े कभी देश के सामने नहीं रखे गए। वे चाहते हैं कि जनगणना में अब ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम बना देना चाहिए, ताकि सही आंकड़े सामने आ सकें। इसी हिसाब से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। उत्थान के लिए अन्य योजनाएं भी इसी आधार पर बनानी चाहिए। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि देश की सबसे बड़ी आबादी का विकास हुए बिना देश का विकास भी संभव नहीं।

जिला मीडिया प्रभारी का दायित्व जगन्नाथपुर,
बालोद के दीपक कुमार यादव

केंद्र-राज्य में ओबीसी पदों के लिए जल्द शुरू हो भर्ती प्रक्रिया

महासभा के पदाधिकरियों ने कहा कि पूरे देश में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हजारों-लाखों पद रिक्त पड़े हैं। बैकलॉग के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया की शीघ्र की जाए। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण में क्रीमिलेयर की अनावश्यक शर्तों को लेकर भी समाजों में काफी आक्रोश है। क्रीमिलेयर के अंतर्गत सैलरी, कृषि समेत अन्य आय को जोड़ना गलत है। यह भविष्य में ओबीसी वर्ग की बहुत बड़ी आबादी को आरक्षण से बाहर करने की साजिश है। अनुसूचित जाति-जनजाति की तरह पिछड़ा वर्ग को भी पदोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

छग में सीलिंग एक्ट के तहत अधिगृहीत जमीन वापस करें

 छत्तीसगढ़ में सीलिंग एक्ट 1970-80 के तहत किसानों की जमीनें अधिगृहीत की गईं। योजना तो कहीं नहीं दिखी, लेकिन भू माफियाओं ने जमीनें हथिया लीं और किसानों से मुख्तियारनामा बनवाकर अरबपति बन गए। इस मामले की जांच होनी चाहिए और किसानों को उनकी जमीनें वापस की जानी चाहिए। इसके अलावा फरवरी में हुए ओबीसी आंदोलन के दौरान छतरपुर में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी अविलंब वापस लेने और पिछड़ा वर्ग समाज के लिए अलग से ऋण योजना शुरू करने की मांग की जा रही है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

निजी स्कूल के संचालकों ने मुख्यमंत्री से की स्कूल खोलने की मांग

0

रायपुर – छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपा गया जिसमे कोरोना महामारी की वजह से 15 मार्च से बंद हुए स्कूलों 2 नवम्बर से पुनः खोलने की मांग की गई है जिसमे कक्षा 6 वी से 12 तक की कक्षाओं को पहले खोलने का आग्रह किया गया है | कोरोना की मद्देनजर अभी हाल में स्थिति नियंत्रण में है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अन्य राज्यों में स्कूल खोल दिया गया है | साथ ही प्रदेश सरकार को भरोसा दिलाया कि यदि स्कूल खुल जाते है तो कोरोना संक्रमण के निर्धारित गाइडलाइन का पालन किया जायेगा |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

गुरूर मां बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय सतर्कता जागरूकता शपथ

0

बालोद–मां बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय गुरुर में आज सतर्कता जागरूकता शपथ  लिया जिसमें महाविद्यालय प्राचार्य डॉ नाजमा बेगम जी ,प्रो. एम.एल.सिन्हा , रामस्वरूप सिन्हा,यज्ञदत्त साहू ,नरेन्द्र खोब्रागढे , हुमन लाल , राकेश कुमार व अन्य स्टाफ के द्वारा लिया गया। 

ग्रामीणों के साथ हुए विवाद से तैश में आकर महिला कांग्रेस नेत्री के पुत्र ने दिया अमानवीय घटना को अंजाम

0

गरियाबंद –  ग्राम मालगांव में दशहरा पर्व मना रहे लोगों से कांग्रेस नेत्री के पुत्र और उनके दोस्तों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई थी जिससे नाराज कांग्रेस नेत्री के पुत्र और उसके दोस्तों  ने अपनी कार कुछ दूर आगे ले जाकर वापस मुड़कर तेज रफ्तार से लोगों के

This image has an empty alt attribute; its file name is image-25.png

बीच कार ले जाकर लोगों की हत्या करने की नीयत से कार से ठोकर मारते वहां से फरार हो गये, जिससे मौके पर ही चार वर्षीय बालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई तथा कूल 12 लोग घायल हुए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में तीन से चार लोग सवार थे। रात्रि में करीब साढ़े दस बजे मालगांव के ग्रामीण दशहरा उत्सव मनाकर अपने घरों की ओर लौट रहे थे उसी वक्त कार चालक ने अपनी कार ग्रामीणों पर चढ़ा दी। इस घटना में मौके पर ही एक चार वर्षीय बालक की मृत्यु हो गई जो अपने पिता के साथ था। साथ ही 11 लोग घायल हो गये। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है। जिन्हें इलाज के लिए रायपुर रेफ़र किया गया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-15.png

इस प्रकार हुए दुर्घटना से बौखलाए ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गये रात में ही सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने आरोपी कार चालक के घर को लिया था। ग्रामीणों ने पुलिस पर  भी अपनी नाराजगी व्यक्त की,  सिटी कोतवाली में भी घंटो तक ग्रामीण हंगामा करते रहे। सुबह ग्रामीणों ने एन एच 130 जाम कर दिया जिसकी वजह से देवभोग रायपुर मार्ग कई घंटों तक जाम रहा। स्थिति गंभीर होती देख घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। आस पास के जिलों से भी पुलिस बल बुलाना पड़ा।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

इस अमानवीय घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने रात भर सर्चिंग अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थी लोकेश्वर ध्रुव की रिपोर्ट दर्ज करते हुए थाना सिटी कोतवाली गरियाबंद द्वारा आरोपी रोमित राठौर पिता ओम राठौर तथा सौरभ कुटारे पिता

This image has an empty alt attribute; its file name is image-4.png

स्व.गजेंद्र कुटारे 26 वर्ष निवासी अम्बेडकर चौक के विरुद्ध धारा 302, 307, 34 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। घटना में प्रयुक्त कार विटारा ब्रेज़्ज़ा क्रमांक सीजी 23 जे 6520 को घटना के बाद आरोपियों ने छिपा दिया था जिसे गवाहों के समक्ष बरामाद किया गया है।

NMDC – नगरनार स्टील प्लांट में सतर्कता सप्ताह का आगाज

0

नगरनार, 27 अक्टूबर, 2020 – सतर्कता सप्ताह के अंतर्गत आज एन एम डी सी के इतिहास में पहिली बार एन एम डी सी परिवार के समस्त कर्मियों ने एक साथ सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा ली

और राष्ट्र के हित में लगन और निष्ठा से काम करने की कसम खाई। सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मतिथि, ३१ अक्तूबर, को भारत सरकार द्वारा सतर्कता दिवस और उस सप्ताह को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस साल इस सप्ताह का विषय “सतर्क भारत, समृद्ध भारत” है।

सुमित देब, सी एम् डी, एन एम डी सी, ने कर्मियों को सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा दिला कर प्रेरित किया और सभी कर्मियों को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का संदेश दिया। ऑनलाइन वीडियो प्रसारण के माध्यम से जुड़ कर देश भर में अलग अलग जगह स्थित एन एम डी सी परिवार के सभी सदस्यों ने एक ही समय, संगठन के हैदराबाद के मुख्यालय में बिराजमान श्री सुमित देब जी के नेतृत्व में प्रतिज्ञा ली। इस अवसर पर राष्टपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मुख्य सतर्कता आयुक्त के संदेश भी पढ़े गए। नगरनार स्टील प्लांट के कर्मियों ने भी इस अवसर पर एन एम डी सी के अन्य स्थानों के कर्मियों के साथ मिलकर प्रतिज्ञा ली।

आते सप्ताह भर में नगरनार स्टील प्लांट में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं जिन से कर्मचारियों की सतर्कता की ओर रुचि और बढ़ेगी। इस साल के विषय – “सतर्क भारत, समृद्ध भारत”-को केंद्रित कर कर्मचारियों के लिए निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। साथ साथ, प्लांट के विभिन्न पैकजों के लिए भी हाउसकीपिंग से जुड़ी प्रतियोगिता आयोजित होगी जिसमें सामग्री और मशीनों की देख रेख तथा उचित रखरखाव पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा।

जाएं तो जाएं कहां… दो पाटों के बीच पिस रहे बस्तर संभाग में काम करने वाले ठेकेदार

0

अर्जुन झा – जगदलपुर।
बस्तर संभाग में पुलिस द्वारा ठेकेदारों को सुरक्षा के नाम पर परेशान किया जा रहा है। ठेकेदारों को नक्सली मददगार बताकर उनको निशाने पर लेकर परेशान किया जा रहा है। बस्तर विकास के वादों और दावों के बीच हुए क्रमिक विकास को महसूस करते हुए खुली आंखों से देखा जाए तो सरकार की मंशा के अनुरूप न तो पिछली सरकारों के जमाने में अपेक्षाएं पूरी हुईं और न ही मौजूदा सरकार के अब तक के कार्यकाल में वांछित परिणाम सामने आए हैं। शासन और प्रशासन के प्रयासों के बीच सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पुलिस सहित अन्य सभी विभागों के बीच जब तक व्यावहारिक समन्वय स्थापित नहीं होगा, तब तक बस्तर का वांछित विकास अवरुद्ध रहने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। संभाग मुख्यालय से एक नजीर सामने आई है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने दरभा के नक्सल प्रभावित इलाके में रात गुजारकर यह उम्मीद जगाई है कि सरकार के ठोस इरादों को जमीन पर साकार करने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। बस्तर कलेक्टर ने जिले के आला अफसरों के साथ रात 12 बजे नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम मादरकोंटा पहुंचकर अहसास कराने की कोशिश की है कि विकास कार्यों का भौतिक परीक्षण करके, दूर दराज के इलाकों में ग्रामीणों के बीच जाकर ऐसा माहौल तैयार किया जायेगा, जिसमें जनता को यह भरोसा हो कि वाकई विकास होगा। विकास सलीके से होता नजर भी आयेगा।


कलेक्टर रजत बंसल ने सुदूर वनांचल ग्राम मादरकोंटा में पहुंचकर विकास कार्यो की जमिनी हकीकत की पड़ताल की। जिससे शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को मिल सके। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। चौपाल लगाकर मौके पर ही समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास किया। इस तरह की पहल बस्तर के सातों जिलों में अपेक्षित है। जब पिछली सरकार के जमाने में सुकमा कलेक्टर का नक्सलियों ने अपहरण किया था, उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मैदानी सक्रियता प्रभावित होना स्वाभाविक है। इस शिथिलता के कारण विकास कार्याें का भौतिक परीक्षण भी सवालों के दायरे में आया। जब विकास कार्याें की सतत निगरानी न हो तो विकास कार्य अव्यवस्थित होंगे ही। अब आशा जागी है कि मौजूदा सरकार मैदानी सक्रियता पर खास ध्यान दे रही है तो हालात बदल सकते हैं। लेकिन ऐसा तब तक संभव नहीं है, जब तक कि विकास कार्यों में लगे ठेकेदारों और काम में लगे हर व्यक्ति को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अवसर नहीं मिलता। अक्सर शिकायतें सामने आती हैं कि सुरक्षा के नाम पर बस्तर संभाग के ठेकेदारों और काम में लगे लोगों को दोहरी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। संवेदनशील इलाकों में नक्सल खतरा तो रहता ही है, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस से भी उन्हें अड़चन ही मिलती है। आम तौर पर शिकायत मिल रही है कि विकास कार्यों में लगे वाहन रात में थाने में ले जाकर रखने कहा जाता है। चाहे थाना कार्य स्थल से कितनी भी दूरी पर क्यों न हो। यह भी शिकायत है कि जब से कांकेर इलाके में कुछ लोगों को नक्सल मददगार के रूप में पकड़ा गया है, तब से सारे ठेकेदारों को एक ही नजरिए से देखा जा रहा है। ऐसी स्थिति में विकास कार्याें का बाधित होना तय है। इस स्थिति से बचने का एकमात्र रास्ता वही है जो बस्तर कलेक्टर ने चुना। मैदानी सक्रियता। संभाग मुख्यालय के जिला कलेक्टर की तरह सातों जिलों के पुलिस कप्तान भी अपने सहयोगियों की तरह जनता के बीच सोशल पुलिस की भूमिका निभाएं, विकास कार्यों के मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें, शिकायतों पर कार्रवाई और समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें तो शासन की सोच के हिसाब से बस्तर के व्यवस्थित विकास को पंख लग सकते हैं।

MOST POPULAR

HOT NEWS