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अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद लगातार तीसरे दिन भी राहत सामग्री का वितरण जारी संकट की घड़ी में सेवा का संकल्प:

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जगदलपुर में ABAP टीम ने राहत शिविरों का दौरा कर बाढ़ प्रभावितों को पहुँचाई मददजगदलपुर। क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की विभीषिका के बीच अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) जगदलपुर की टीम ने सेवा और मानवीय संवेदनाओं की एक अनूठी मिसाल पेश की है। परिषद की टीम ने लगातार तीन दिनों तक क्षेत्र के विभिन्न राहत शिविरों का सघन दौरा कर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक सीधी राहत पहुँचाई है।

परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगतसिंह स्कूल, पंचपथ चौक स्कूल, हाटकचोरा हाई स्कूल और राधा कृष्ण मंदिर स्थित राहत शिविरों का दौरा किया। इस दौरान टीम द्वारा पीड़ितों को चाय, ब्रेड, बिस्किट, मिक्चर सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियां वितरित की गईं।राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ अधिवक्ताओं ने आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। टीम ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि परिषद किसी भी प्रकार की कानूनी या आपात स्थिति में २४ घंटे सहायता के लिए पूरी तरह मुस्तैद और उपलब्ध है, जिससे शिविरों में रह रहे लोगों का मनोबल काफी बढ़ा है।इस निरंतर चलने वाले तीन दिवसीय सेवा कार्य में मध्यप्रांत की सहसंयोजक झरना बांगर सिंह, बस्तर संभाग प्रमुख सपन देवांगन, अर्पित मिश्रा और प्रतिमा राय सहित परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

पार्षद गिलहरे भाजपा में शामिल

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अभनपुर नगर पालिका परिषद अभनपुर के वार्ड क्रमांक 05 के पार्षद आसकरण गिलहरे ने भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति एवं विचारधारा से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू एवं मंडल अध्यक्ष भरत बैस ने पुष्पमाला एवं भाजपा का गमछा पहनाकर आसकरण गिलहरे का भाजपा प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर खेमराज कोसले, शिवनारायण बघेल, किशन शर्मा, वरुण राठी, लौटन गिलहरे, बूढ़ेश्वर साहू, चेतना गुप्ता, वेदप्रकाश ठाकुर, धनेश्वर साहू, पार्षद मीना साहू,दिलीप अग्रवाल एल्डरमैन गब्बू ध्रुव, पार्षद चंपा लेदेकर, पार्षद खुशवंत सिन्हा, सागर साहू, सागर बारले, गोयल भट्ट, राजा राय, रूपनारायण साहू आदि मौजूद थे।

दूर जंगल से अस्पताल तक पहुंची ‘मां की उम्मीद’, 40 गर्भवती महिलाओं को मिला सोनोग्राफी का लाभ

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कोंटा में एकदिवसीय शिविर संपन्न, सोनोग्राफी सहित मिली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं

कोंटा / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन की पहल और इंडिजिनस डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा में एकदिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में चिंतागुफा, चिंतलनार, किस्टाराम, मारीगुड़ा और जगरगुंडा क्षेत्र की 40 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। महिलाओं को सुरक्षित एंबुलेंस से कोंटा लाकर आवश्यक जांच, सोनोग्राफी और चिकित्सकीय परामर्श की निःशुल्क सुविधा दी गई तथा जांच के बाद भोजन कराकर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया गया।

दूरस्थ वनांचल से पहुंची महिलाओं के लिए यह शिविर केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बना। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महिलाओं को संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव के बाद शिशु की देखभाल और पोषक आहार के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहे सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों में इस तरह के शिविर ग्रामीण परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और भरोसे की नई राह खोल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी गांवों में घर-घर पहुंचकर जांच एवं उपचार की सेवाएं दे रही हैं। शिविर में IDO के संस्थापक डॉ. नरेन कुमार और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हरि किशोर दुसा ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं एंबुलेंस सेवा में दोरनापाल के श्री पिलेश्वर सिन्हा, श्री काढ़ती अजय, श्री दिनेश सोढ़ी और श्री हड़मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सुपरवाइजर श्री काको महेंद्र तथा श्री संजय सोरी सहित चिंतलनार, चिंतागुफा और जगरगुंडा क्षेत्र के सहयोगियों ने भी शिविर को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई। दोरनापाल के स्टाफ का भी आयोजन में उल्लेखनीय सहयोग रहा। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्था के समन्वित प्रयास से संपन्न इस शिविर ने दूरस्थ अंचल की माताओं तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की प्रतिबद्धता को मजबूती दी। गांव से अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच, विशेषज्ञों से जांच और फिर सुरक्षित घर वापसी की पूरी व्यवस्था ने ग्रामीण महिलाओं को राहत दी। शिविर ने यह संदेश भी दिया कि सुकमा के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन संवेदनशीलता के साथ लगातार स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में जुटा है।

जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना अटकाकर लाैह अयस्क के दाेहन काे रेल मंत्री बता रहे उपलब्धि – उमाशंकर शुक्ला

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जगदलपुर, 27 सितंबर । नक्सल मुक्त बस्तर को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल परियोजना का 95 किलोमीटर लंबा रेल कारिडोर अब पूरा हो गया है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी–रावघाट अंतिम खंड का काम पूरा होने पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया पर परियोजना से संबंधित वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस रेल लाइन से लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए जिस दल्लीराजहरा–रावघाट रेल कनेक्टिविटी काे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव महत्वपूर्ण उपलब्धि बता रहे हैं, वास्तव में यह बस्तर के लिए जब तक महत्वपूर्ण उपलब्धि नही हाे सकती जब तक दशकाे से अटकी पड़ी जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना पूरी नही हाे जाती। उन्हाेने कहा कि बस्तर की जनता के लिए पहले भी बैलाडीला के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए बस्तर तक रेल लाईन पंहुचाई गई लेकिन बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा की सुध नही ली जा रही है। भाजपा की डबल इंजिन की सरकार ने जगदलपुर–रावघाट यात्री रेल सेवा परियोजना काे अटकाकर यह साबित कर दिया है कि उसे बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा से काेई मतलब नही है। उन्हे सिर्फ बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए नई रेल परियोजना बन जाने से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि दिखता है। यह बस्तर की जनता के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है, जिसे बस्तर की जनता देख रही है, और समझ रही है, इसका जवाब आगामी विधानसभ चुनाव में बस्तर की जनता देगी। उन्हाेने कहा कि इन दिनाें बस्तर में भाजपा की डबल इंजिन की सरकार सिर्फ एक काम करने में लगी हुई है। जहां भी बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन की संभावना है वहां तत्काल नई रेल परियोजना की शुरूआत कर उन लाैह अयस्क का दाेहन के लिए अपने उद्याेगपित साथियाें काे बेचने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। वही जगदलपुर-रावघाट की अटकी यात्री रेल सेवा परियोजना बस्तर की जनता के लिए एक मजाक बनकर रह गई है।

छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने उठाए शिक्षक हित से जुड़े बड़े मुद्दे

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मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष किरण देव को सौंपा ज्ञापन

किरण सिंह देव ने सीएम और शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षक संवर्ग की समस्याओं के निराकरण व मांगों की पूर्ति के लिए बड़ी कवायद की है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव और अनेक शीर्ष अधिकारियों से पत्राचार किया है। मोर्चा के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए किरण सिंह देव ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक डॉ. लुदर्शन कश्यप और शेलेंद्र द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहागया है कि 17 अगस्त 2012 तक छतीसगढ़ में सहायक शिक्षक एवं शिक्षक संवर्ग के पद पर नियुक्ति हेतु टेट अनिवार्य योग्यता नहीं थी। अतः इसके पूर्व नियुक्त सहायक शिक्षक एवं शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्त करते हुए छत्तीसगढ़ विधान सभा में प्रस्ताव पारित कर सेवा सुरक्षित की जाए। शिक्षक एलबी संवर्ग को पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्ण पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ प्रदान किया जाए। समस्त शिक्षक संवर्ग की लंबित वेतन विसंगति को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाए। विसंगतियुक्त छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम राजपत्र 13 फरवरी 2026 में एल बी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किया जाए। ब्रिज कोर्स से बीएड शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षित कराया जाए।

भारी बारिश और बाढ़ के बीच देवदूत बनकर मैदान पर उतरी बस्तर पुलिस

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राहत एवं बचाव अभियान में जुटे पुलिस, एसडीआरएफ, डीआरजी के जवान

बाढ़ से घिरे 540 ग्रामीणों का रेस्क्यू

जगदलपुर चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगदलपुर शहर सहित बस्तर जिले के अनेक क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी तटीय एवं निचले क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस ने पिछले दो दिनों से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। पुलिस की विभिन्न टीमें संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं।

राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरए की टीमें, बस्तर पुलिस की विशेष रेस्क्यू टीमें, संबंधित थानों एवं चौकियों के बल, डीआरजी की टीमें एवं अन्य आपदा-प्रबंधन दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू एवं राहत कार्य संचालित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्र गोरिया बहार नाला, छेपड़ा गुड़ा, डोंगा घाट, तामाकुनी, आसना, धरमपुरा, पथरागुड़ा, पन्हारपारा, महादेव घाट, खड़क घाट, पुराना पुल, बस्तर थाना क्षेत्र के प्रभावित एरिया, आनंद ढाबा एवं नगरनार क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। बोड़ना एवं इंद्रावती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में पुलिस एवं बचाव दलों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। डोंगाघाट क्षेत्र मे 500 से अधिक लोग को अभी तक सुरक्षित बाहर निकाला गया है, नगरनार क्षेत्र की बोड़ना नदी में आई बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविर में पहुंचाया गया। इसी प्रकार अन्य प्रभावित क्षेत्रों से भी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में वर्तमान में कई राहत शिविर संचालित हैं, जहां सैकड़ों प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।

पुलिस की अपील

बाढ़ की चुनौती के बीच बस्तर पुलिस के जवान दिन-रात प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर लोगों की सुरक्षा, रेस्क्यू, यातायात नियंत्रण तथा संवेदनशील स्थानों की निगरानी में जुटे हुए हैं। पुलिस द्वारा नदी, नालों, पुल-पुलियों एवं जलमग्न मार्गों पर लोगों को अनावश्यक रूप से जाने से रोकने के लिए लगातार बैरिकेडिंग, पेट्रोलिंग एवं समझाइश दी जा रही है।बस्तर पुलिस नागरिकों से अपील की है कि उफनती नदी या नाले के पास न जाएं। जलमग्न सड़क, पुल या रपटा पार करने का जोखिम न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें।

सर्पदंश से ग्रामीण की मौत

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जगदलपुर बाढ़ का कहर नगरनार के रैनू पिता सोनू पर भी टूटा है। जलभराव के कारण जहरीले जीव जंतु ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में घुस रहे हैं। कल ही रैनू को एक जहरीले सांप ने डस लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसकी पांच बेटियां हैं, उसका परिवार अब चिंतित है कि उनका अब भरण पोषण कैसे होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने विधायक निधि से शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण की दी स्वीकृति

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खिलाड़ियों की मांग पर तत्काल शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की दी स्वीकृति

जगदलपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने खिलाड़ियों के विशेष मांग पर शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य का विधायक निधि से स्वीकृत किया। लालबाग मैदान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव के निरीक्षण के दौरान मैदान में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों एवं बस्तर फाइटर्स के महिला जवानों ने मैदान में शौचालय नहीं होने से हो रहे परेशानी के संबंध में विधायक श्री किरण देव को अवगत कराया। उनके मांग पर विधायक श्री किरण देव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपने विधायक निधि से राशि 9.50 लाख की लागत से लालबाग मैदान में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया। वहीं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में भी मैदान में प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ियों ने मैदान में शौचालय निर्माण की मांग की ।

खिलाड़ियों की मांग रही है कि इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में निरंतर खेल आयोजन जिला, राज्य स्तरीय एवं अन्य खेल आयोजन होते रहते हैं। खेल आयोजन के दौरान विशेष कर महिला खिलाडियों को असुविधा होती है। विधायक श्री किरण देव ने खिलाड़ियों के मांग पर इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में विधायक निधि से लागत 9.50 लाख रुपए से शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने कहा कि हमारे खिलाड़ियों के विशेष मांग पर शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जायेगा। दोनों मैदान में वर्षभर खेल आयोजन होते रहते हैं। साथ ही हमारे शहर के खिलाड़ी प्रतिदिन मैदान में अपने अपने खेलों का अभ्यास करती है । निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने शौचालय की मांग की थी जिसपर तत्काल संज्ञान लेते विधायक निधि से लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। आगामी दिनों में हमारे खिलाड़ियों को समस्या नहीं होगी। श्री किरण देव ने कहा जनता के मांग के अनुरूप क्षेत्र में विकास कार्यों को किया जाएगा।

बस्तर में कहर बरपा रहा है उड़ीसा का पानी, बांधों के गेट खुलने से हाहाकार

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कई परिवार हो गए बेघर, जान बचाने छतों पर चढ़े ग्रामीण

उड़ीसा के दो बांधों से छोड़ा गया है पानी

अर्जुन झा

जगदलपुर लगातार दो दिनों तक हुई झमाझम बारिश बस्तर के लोगों ले लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गई है। ऊपर से ओडिशा के दो बांधों से छोड़ा जा रहा पानी बस्तर पर कहर बनकर टूट पड़ी है। ओड़िशा से आ रहे पानी के कारण बस्तर के लगभग सभी नदी नाले बौरा से गए हैं। हालात लगभग बेकाबू हो चले हैं। कई मकान टूट गए हैं, बस्तियों में पानी घुस गया है और जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जान बचाने के लोग बहुमंजिली ईमारतों की छतों पर जा चढ़े हैं।

बंगाल के चक्रवाती तूफान के कारण लगभग पूरे बस्तर संभाग में दो दिन इस कदर बारिश हुई कि समूचा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बस्तर के सारे नदी नाले उफान मार रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। रास्ते बंद हो जाने से आवागमन ठप हो गया है। बस्तर जिले में भारी बारिश से चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। ओडिशा के खातिगुड़ा डैम और मुरान बांध के गेट खोल दिए जाने से जगदलपुर शहर के अलावा दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ के बीच एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है, जहां ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं।नगरनार के बेलगांव में शुक्रवार दोपहर से ही लगातार जलस्तर बढ़ने से कई घर जलमग्न हो चुके हैं। जिससे ग्रामीण अपने घरों के छतों पर आश्रय लिए हैं। ग्रामीण अपनी जान बचाने छतों का सहारा लेने मजबूर हो गए हैं। बेलगांव के ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया में वायरल किया है और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस वीडियो में महिलाएं भी दिख रही है, जो बता रही हैं किस तरह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में घर में रखा हुआ सारा सामान बह गया लेकिन प्रशासन मदद के लिए नहीं पहुंचा है। वीडियो में ग्रामीण बता रहे हैं कि, लगातार जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है। वहीं जगदलपुर के लालबाग, पथरागुड़ा, डोंगाघाट क्षेत्र में सैकड़ों लोग इंद्रावती नदी का पानी घुसने से परेशान हैं। पूरे इलाके में तीन से चार फीट तक पानी चढ़ गया है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई लोग अपने घरों की छतों पर बैठ कर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के ही धरमपुरा क्षेत्र में रोड पर जल भराव होने से लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।हालांकि शहर महापौर संजय पांडेय अपनी टीम के साथ लोगों की मदद करने सुबह से ही प्रभावित वार्ड का दौरा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सलभ सिंहा के नेतृत्व में कलेक्टर के मार्ग दर्शन में लोगों को राहत पहुंचने पुलिस महकमा सक्रिय है।

टूटा 20 साल का रिकॉर्ड

जगदलपुर के लोगों के अनुसार बीस साल में ऐसी बाढ़ आई है। उड़ीसा के डेम खोलने से ऐसी विकट स्थिति बनी है। बकावंड ब्लॉक के दर्जनों पंचायत बेलगाम संगम के आसपास के इलाके तारापुर, भेज्जी, नगरनार क्षेत्र में इंद्रावती का पानी घुस आया है।अभी तक केवल कुछ घर गिरने फसल खराब होने के खबर है। कहीं से जनहानि की सूचना नहीं आई है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद होकर कार्य कर रहा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप सहित बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल क्षेत्र में जाकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।*बॉक्स**करपावंड में 3 मकान ढहे*विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करपावंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 3 परिवारों के कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। मकान गिरने से परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। करपावंड में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भरत ठाकुर, गोमती पिता रतन और दीपा देवांगन के कच्चे मकान पूरी तरह से ढह गए हैं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखा अनाज, बर्तन और घरेलू सामान मलबे में दबकर पूरी तरह खराब हो गया।पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सरपंच और पटवारी को दे दी है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मदद नहीं की तो इन परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। वहीं तहसीलदार बकावंड ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजा जा रहा है, जांच के बाद नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों की मदद में उठें हाथ

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जगदलपुर. जिले में तीन दिन तक हुई मुसलधार बारिश से इंद्रावती नदी बौराइ हुई है. शहर के निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस आया है. वहीं कई मकान गिर गए हैं. बाढ़ पीड़ितों के लिए जहां जिला व नगर निगम प्रशासन की ओर से राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है. बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में एसडीआरीफ का बचाव दल भी सक्रिय रहा है. ओड़िशा सीमा नगरनार समेत शहर के अन्य बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में लगातार राहत कार्य किए जा रहे हैं.
इसके अलावा सामाजिक संगठन ने भी बढ़ चढ़कर बाढ़ पीड़ितों की मदद की है।


अधिवक्ता परिषद ने की बाढ़ पीड़ितों की मदद
संकट की इस घड़ी में सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) जगदलपुर की टीम ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। परिषद के सदस्यों ने आज पथरागुड़ा स्थित भगतसिंह स्कूल राहत शिविर का दौरा कर पीड़ितों को तत्परता से राहत पहुंचाई।शिविर में रह रहे 100 से अधिक बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर परिषद की टीम ने उन्हें ब्रेड, बिस्किट, मिक्चर और अन्य आवश्यक नाश्ता वितरित किया। राहत सामग्री वितरण के साथ ही अधिवक्ताओं ने पीड़ितों से बातचीत की, उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें ढाढस बंधाया। इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की मध्य प्रांत की सहसंयोजक झरना बांगर सिंह, आरती दुआ, संभाग प्रमुख सपन देवांगन, एल. ईश्वर राव और अर्पित मिश्रा, अदिति रावत, अवनीत मिश्रा, रूिक्मणी निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में एबीएपी के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। परिषद के सभी सदस्यों ने आपदा के इस समय में पीड़ितों की हर संभव मदद करने का संकल्प दोहराया है।

गणेश उत्सव समिति ने खिचड़ी वितरण किया

मां हिंगलाजिंन गणेश उत्सव समिति हिकमी पारा की ओर से शनिवार को पनारा पारा में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचा. उनका हालचाल जानकर सांत्वना दिया गया. उनके लिए खिचड़ी की व्यवस्था की गई. इस दौरान काफ़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे.

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