- बालोद पुलिस की ओर से गणेश समितियों को गणेश विसर्जन हेतु सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था संबंधी दिए गए उचित दिशा-निर्देश।
- डीजे पूर्णतः होगी प्रतिबंध, विसर्जन हेतु निर्धारित समय का पालन एवं रैली पूर्व लेनी होगी SDM से परमिशन।
- गोताखोर एवं समितियों द्वारा वालेंटियर टीम अनिवार्य रूप से रखेंगे तैनात।
आज दिनांक 06.09.2025 को पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में अति पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर एवं डीएसपी मुख्यालय देवांश सिंह राठौर के मार्गदर्शन में पुलिस कार्यालय बालोद एवं जिले के समस्त थाना चौकी द्वारा गणेश समितियों की शांति समिति बैठक ली गई। गणेश विसर्जन के दौरान बालोद शहर एवं पूरे जिले में चाक चौबंद सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने गणेश विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किये जाने दिए निर्देश* अंधेरा होने के बाद किसी भी प्रकार का विसर्जन नहीं किया जाए। विशेष रूप से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन केवल निर्धारित सुरक्षित माध्यम व (क्रेन) से ही किया जाए, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना की संभावना न रहे।

डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी
एसडीओपी बालोद ने स्पष्ट किया कि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक वातावरण की गरिमा बनाए रखते हुए केवल पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु पुलिस बल के साथ-साथ गणेश समितियों के द्वारा स्वयं सेवकों (वालेंटियर्स) की भी नियुक्ति की जाए। इसके अलावा विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की टीम तैनात की जाएगी तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम की व्यवस्था भी की जाए।
रैली पूर्व अनुमति* गणेश समितियों को रैली पूर्व अपने एसडीएम से आवश्यक अनुमति लेनी होगी जिससे समितियों की आने जाने का रूट और विसर्जन स्थल की जानकारी स्पष्ट रहे और गणेश समिति सभी नियमों का पालन भी करें।
बालोद पुलिस द्वारा सभी गणेश उत्सव समितियों एवं आमजन से अपील की गई है कि वे प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करें, शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखें तथा गणेश विसर्जन को एक सुरक्षित और सामूहिक उत्सव के रूप में सम्पन्न करें।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में हुए उक्त बैठक में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर, सीएसपी राजहरा डॉक्टर चित्रा वर्मा, तहसीलदार आशुतोष शर्मा , बालोद एवं राजहरा क्षेत्र के गणेश उत्सव समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।







इस मसले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन में कहा है कि बस्तर दशहरे जैसे महान पर्व पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। अतः हम जिला प्रशासन से आग्रह करते हैं कि उक्त निविदा को निरस्त कर इसे ऐसे व्यक्ति या संस्था को दिया जाए जो परंपरा, आस्था और श्रद्धा का पूर्ण सम्मान करता हो।विहिप ने आगे कहा है- बस्तर दशहरा केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी अस्मिता, श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक भी है। इसकी पवित्रता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन और समाज, दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विहिप नेताओं ने इस मुद्दे को बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप के समक्ष भी रखा है। इस पर कश्यप ने विहिप के लोगों को भरोसा दिलाया कि वे यह इसे बस्तर दशहरा समिति में उठाएंगे। ज्ञात हो कि बस्तर सांसद परम सनातनी नेता माने जाते हैं और सनातन एवं आदिवासी परंपराओं, प्रथाओं, पूजा प्रथा के संरक्षण के लिए और कन्वर्जन के खिलाफ सदैव मुखर रहे हैं। अब देखना होगा कि बस्तर दशहरा के प्रसाद की पवित्रता एवं शुद्धता को लेकर वे क्या कदम उठाते हैं?