बिजली की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है जबकि दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए है | घटना केल्हारी थाना क्षेत्र बिछलीटोला का है जिसमे पिता जयलाल (45) अपनी दो बेटियों प्रमिला (20), सुभद्रा (15) व बुद्धि, बेटे सुरजन और दामाद भूपेंद्र (25) के साथ गुरुवार शाम करीब 4 बजे नदी किनारे खेत में रोपे गए धान की फसल की देखरेख करने गए थे। इस दौरान तेज आवाज हुई और आकाशीय बिजली खेत में गिर पड़ी। इस दौरान किसी को बचने का मौका नहीं मिला और चपेट में आकर सभी गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद सभी को इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जयलाल, उसकी बेटी प्रमिला, सुभद्रा और दामाद भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल हुए बेटे सुरजन और बेटी बुध्दी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया गया है। हादसे के चलते परिवार और गांव में मातम का माहौल है।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
महासमुंद – 05 कैदी जेल की दीवार फांदकर फरार होने से जेल प्रशासन में हडकंप मच गया है | घटना गुरुवार दोपहर की है। पांचो फरार कैदियों को गंभीर अपराध के मामलों में गिरफ्तार किया गया था | कैदियों के फरार होने की बात तब पता चली जब उनकी गिनती की जा रही थी | कैदियों के फरार होने की बात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई |
यह बात पता चलते ही पुलिस द्वारा चौक चौराहों और बाहर जाने वाले सभी रास्तों में नाकेबंदी की गई है | जेल ब्रेक की घटना को अंजाम देने वाले 5 कैदियों में से 4 महासमुंद और 1 गाजीपुर उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। इनमें धनसिंह, डमरूधर, दौलत, करण महासमुंद के निवासी हैं। राहुल करंडा गाजीपुर का निवासी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार कैदियों में धनसाय, डमरूधर और राहुल लूट के आरोपी हैं।
इनमें से एक कैदी 363, 366, 376, एक 20( ख) एनडीपीएस एक्ट, तीन 397, 341, 25,27 के अपराध में बंद थे। इनमें 4 आरोपियों को 2019 और 1 को 2020 में जेल लाया गया था।
जगदलपुर। शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण सेवा में कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को सरकार भुला दी है,यह आरोप है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के जिला स्तर के पदाधिकारियों का। जिला स्तरीय पदाधिकारी ने अपने जांबाज कार्यकर्ताओं का फोटो उपलब्ध कराते हुए कहा कि कोरोना महामारी संकट के दौरान भी अपनी जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने वाले का हौसला अफजाई भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार द्वारा नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना जांच के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया है और देश सेवा के यह एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसके लिए बढ़-चढ़कर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि 3 मई 2021 के बयान में कहा कि इस कोविड़ महामारी में स्वास्थ्य कर्मी एवं मितानिनों को याद किया और देवी बना दिया अच्छी बात है लेकिन साथ में हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी कोरोना संकट में अपने घर परिवार को खोया है और कोरोना का शिकार हुए हैं लेकिन इस बारे में मुख्यमंत्री ने एक भी शब्द नहीं कहा ना हम सबकी मांगों के बारे में भी कुछ नहीं कहा इससे समझ आता है कि मौजूदा भूपेश बघेल की कांग्रेसी सरकार कितना गंभीर है जबकि शासन के 2 दर्जन से भी ज्यादा योजनाओं का कार्य को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कर रही है।
कोरोना संकट में लड़ने के लिए बिना सुरक्षा के मैदान में उतार दिया जाता है हमारी जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए क्योंकि इस संकट की घड़ी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर रेडी टू ईट बाटती है, बच्चों का वजन लेती हैं। मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी भी ले जाती है और वर्तमान में 45 वर्ष से ऊपर के महिला एवं पुरुष जितने भी हैं उन्हें घर- घर जाकर वैक्सीनेशन लगवाने के लिए प्रेरित करती है साबुन से हाथ धोना तथा घर से इमरजेंसी कार्य में बाहर जाने हेतु मास्क लगाने के लिए समझाइश देती है और भी बहुत सारे योजना के अंतर्गत कार्य करती है। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ बस्तर संभाग जगदलपुर मांग करती है कि कोरोना जांच, वैक्सीनेशन सर्वे कार्य में ड्यूटी लगाया गया है उनका 5 लाख रुपए का बीमा किया जाना चाहिए ,कार्यरत सभी कर्मचारियों को उचित मेहनताना देना चाहिए और सुरक्षा का सही उपकरण उपलब्ध कराई जानी चाहिए
जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी अपनी हार की विभिषिका से बाहर निकल पा रहा है या जानबूझकर भाजपा के पूर्व विधायकों को घर बैठाने की तैयारी किया है वह तो वह ही जाने किंतु संभाग मुख्यालय जगदलपुर के पूर्व विधायकों की दूरगति हो रही है क्योंकि उन्हें जिला स्तर के किसी भी महत्वपूर्ण अभियान से दूर किया जा रहा है। बस्तर जिले में चार विधानसभा क्षेत्र है जिसमें बस्तर जनपद के 17 पंचायत वाले क्षेत्र के भाजपा नेता केदार कश्यप को मुख्य पद से नवाजा गया है तो बस्तर की राजनीति की धुरी माने जाने वाले जगदलपुर के नेता संतोष बाफना को भिलाई प्रभारी बनाया गया है और इसके बाद किसी भी बड़े पद से नवाजा नहीं गया है। इसी प्रकार की स्थिति सुभाऊ कश्यप व लच्छु कश्यप को भी महत्वपूर्ण स्थान नहीं दिया गया है।ऐसा प्रतीत होता है कि संगठन अब इनको नैपथ्य में डालने जा रहा है।
बाफना के विरोधियों किरण,मद्दी,राणा व पांडे को मुख्य कमान? बस्तर संभाग मुख्यालय के जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र सामान्य है और यहां चुनाव के दौरान एक अनार सौ बीमार वाली कहावत सभी पार्टियों में है किंतु जिस प्रकार भाजपा में चल रहा है। उसके अनुसार पूर्व विधायक संतोष बाफना को दरकिनार कर पूर्व महापौर किरण देव, पूर्व वन विकास निगम अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, निगम नेताप्रतिपक्ष संजय पांडे, पूर्व पार्षद संग्राम सिंह राणा को ज्यादा तवज्जो दिया गया है, इसके कई मायने राजनीतिक गलियारों में निकाले जा रहें हैं ?
प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आज छत्तीसगढ़ की जनता भुगतने मजबूर हैं। प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में विफल प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम रहा है कि आज पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वैक्सिनेशन पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के पास कोरोना महामारी को रोकने कोई ठोस नीति नहीं है | कोरोना महामारी के कारण संक्रमण जिस प्रकार तेजी से बढ़ रहा है और लोगों के मन में व्याप्त कोरोना के प्रति भाव को देखते हुए सांसद मोहन मंडावी ने अपने प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी देकर उन्हें पीडित परिवारों को परामर्श व अन्य सुविधाओं की जानकारी देने के लिए उनके नाम पता व मोबाईल नम्बर को जनहित में जारी किए है।
जन प्रतिनिधियों के नाम मोबाइल न व क्षेत्र इस प्रकार है –
टीकाकरण की नीति स्पष्ठ करे प्रदेश सरकार – जैकी कश्यप
18 से 44 आयु वर्ग का तत्काल प्रारम्भ हो टीकाकरण – जिलाध्यक्ष जैकी
रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ ने प्रदेश सरकार द्वारा 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण स्थगित किए जाने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार 7 मई को प्रदेशभर में ब्लैक डे मनाने का निर्णय किया हैं। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष जैकी कश्यप ने बताया कि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू के निर्देश पर प्रदेश भर के सभी बूथों, मंडलों और जिलों के भाजयुमो कार्यकर्ता शुक्रवार को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए टीकाकरण रोके जाने का विरोध करेंगे और शुक्रवार 7 मई को ब्लैक डे के रूप में मनाएंगे। इसी कड़ी में 8 मई से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण रोके जाने और 45 से अधिक उम्र के नागरिकों के टीकाकरण में उदासीनता व अव्यवस्था के खिलाफ पंचायत सचिव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर जनहित में निर्णय की मांग करेंगे। जैकी कश्यप ने कहा टीकाकरण अभियान में लगातार बाधा बनने का प्रयास कर रही प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर हैश टैग ब्लैक डे ऑफ छत्तीसगढ़ के साथ वीडियो और फ़ोटो पोस्ट कर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। वहीं भाजयुमो कार्यकर्ता अपनी डीपी और स्टेटस भी ब्लैक कर सांकेतिक विरोध दर्ज करेंगे।
प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आज छत्तीसगढ़ की जनता भुगतने मजबूर हैं। प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में विफल प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम रहा है कि आज पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में हैं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह हैं जब प्रदेश को सुरक्षित करने युद्ध स्तर पर वैक्सिनेशन अभियान चलाने की आवश्यकता हैं तब प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वैक्सिनेशन पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के पास वैक्सिनेशन अभियान को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है जिसके चलते 18 से 44 आयु वर्ग को वंचित होना पड़ रहा है। 45 से अधिक आयु वर्ग को भी वैक्सिनेशन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बुजुर्गों को भटकना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ में वैक्सिनेशन को लेकर सरकार की नीति स्पष्ठ करने की मांग की है। प्रदेश में कोरोना से लड़ने सरकार के पास ना नेता है और ना ही नीति प्रदेश कांग्रेस के नेता सिर्फ राजनीति करना जानते हैं और इस संकट के समय में भी राजनीति कर केंद्र सरकार पर झूठे आरोप मढ़ कर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा होने के नाते दुःख होता हैं की हमेशा से हर विषय में नंबर वन रहने वाले हमारे छत्तीसगढ़ को कांग्रेस सरकार की गलत नीति के चलते देश में युवाओं के वैक्सिनेशन अभियान को बंद करने में प्रथम स्थान प्राप्त हो गया।
छत्तीसगढ़ ही एक मात्र ऐसे राज्य के रूप में आज जाना जा रहा है जहां के स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन का विरोध कर जनता के बीच भ्रम की स्तिथि निर्मित की वैक्सिनेशन को लेकर उदासीनता दिखाई और आज प्रदेश सारकर की नीति आभव के चलते युवाओं का वैक्सिनेशन स्थगित कर दिया गया है जिसका विरोध भाजयुमो कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में करने जा रहे हैं। यह प्रदेश सरकार के लिए आत्म चिंतन का भी विषय है कि ऐसे संकेट के समय में भी हमे छत्तीसगढ़ के युवाओं के हक के लिए ब्लैक डे के रूप में सरकार की गलत नीति के खिलाफ आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम कोविड 19 के नियमो का पालन करने बाध्य है परंतु वैक्सिनेशन को लेकर सरकार यदि गम्भीरता नहीं दिखाती और शीघ्र अति शीघ्र युवाओं का वैक्सिनेशन करने नीति बना कर कार्य नहीं करती तो एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को वैक्सिनेशन में आ रही परेशानी व अव्यवस्था को दूर करेने ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं तो युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ की जनता के हित के लिए सड़क पर उतरने मजबूर होगा।
दल्लीराजहरा – लॉकडाउन में शराब दुकाने बंद होने से लोग अवैध कार्य करने से भी पीछे नहीं हट रहे है और पुलिस द्वारा अवैध कार्य रोकने के लिए सीमा व पेट्रोलिंग पर नजर रखे हुए है | बीती रात दल्ली पुलिस द्वारा युवक कौशल कुमार मरकाम पिता आनंद कुमार उम्र 32 वर्ष निवासी बघमरा को 25 लीटर कच्ची महुआ शराब जिसकी कीमत लगभग 5000 रुपये आंकी गई जिसे मोटर साइकिल में अवैध रूप से परिवहन करते गिरफ्तार किया गया | आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 140/2021 आबकारी एक्ट 34(2) के तहत कार्यवाही की गई |
दल्लीराजहरा – डौंडी ब्लॉक के अंतर्गत दल्लीराजहरा के कांरोना संक्रमण की स्थिति में काफी सुधार हुआ है किन्तु आसपास के क्षेत्रों में स्थिति जस की टस बनी हुई है |
डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
पर्याप्त मात्रा में वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर लोगों का टीकाकरण करें छत्तीसगढ़ सरकार – राकेश यादव
लोगों की जिंदगी के साथ राजनीति ना करें भूपेश बघेल- सुरेश निर्मलकर
कोरोना जाति और धर्म देखकर,गरीबी अमीरी देखकर नहीं होता इस महामारी में लोगों का ऐसा बांटना दुर्भाग्यपूर्ण – कमलेश वाधवानी
आज भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल और युवा मोर्चा के साथियों द्वारा टीकाकरण को लेकर अभियान चलाया गया सरकार द्वारा जो टीकाकरण को लेकर भेदभाव की नीति अपनाई गई थी और हाईकोर्ट की फटकार के बाद उसे वापस लिया गया है ऐसी नीति का विरोध करते हुए जल्द से जल्द वैक्सीनेशन की व्यवस्था के साथ-साथ सभी के टीकाकरण की व्यवस्था करने एवं जीवन का मूल्यांकन एक समान करे इस निवेदन के साथ इस अभियान को चलाया |
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने कहा कि जैसी नीति सरकार की 45 वर्षों से अधिक लोगों के लिए चल रही थी वैसे ही नीति को को युवाओं के लिए भूपेश सरकार को बनाए रखना था मगर इस महामारी के दौर में भी भूपेश बघेल राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं और गलत नीति बनाकर लोगों की जिंदगी के साथ खेलने का काम छत्तीसगढ़ की सरकार कर रही है जो निंदनीय है, और अब टीकाकरण को बंद कर युवाओं के साथ धोखा कर रही है भूपेश सरकार
हर विषय पर राजनीति करना ठीक बात नहीं है एक और छत्तीसगढ़ कोरोना जैसी महामारी से त्राहि-त्राहि कर रहा है और एक और भूपेश बघेल जी वोट की राजनीति कर रहे हैं, आज हम लोगों ने शहर के नागरिकों के साथ-साथ युवा साथियों के बीच में सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंच कर इस विषय को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है की सभी को समान अधिकार देकर आप टीका की व्यवस्था कर जल्द से जल्द छत्तीसगढ़ का 100 प्रतिशत टीकाकरण कर दे |
युवा नेता कमलेश वाधवानी ने कहा कि कोरोना जाति और धर्म के आधार पर नहीं होता ना कि गरीबी और अमीरी देखकर होता है मगर टीकाकरण को इस रूप में करना जिस का राजनीतिकरण हो और ऐसा कृत्य छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार कर रही है जिसकी मैं घोर निंदा करता हूं और सरकार से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ का युवा चाहता है कि हमें जल्द से जल्द टीका लगे और वह आपके साथ सहभागी भी बनना चाहता है मगर दुर्भाग्य है आप इस समय भी राजनीति कर रहे सिवाए पत्र लिखकर अपना पल्ला केंद्र की ओर झाड़ देते हैं आप की जवाबदारी बनती है छत्तीसगढ़ की जनता ने आप को चुना है आप इस से भाग नहीं सकते हमारी मांग है आप जल्द से जल्द टीकाकरण को छत्तीसगढ़ में करें |
इस अभियान में युवाओं ने बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी दी बल्कि कुछ बच्चों ने भी अपने माता-पिता के लिए टीकाकरण करने की बात कही इस अभियान में बालोद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का भी सहयोग भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा को मिला है |
बस्तर टाईगर शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे दीपक कर्मा का हुआ निधन
जगदलपुर – कोरोना को हवा ने कर्मा परिवार का दीपक बुझा दिया है। विगत माह भर से कोविडसे जूझ रहे युवा नेता दीपक कर्मा की आज तड़के मृत्यु हो गई है। उनकी मौत की खबर से दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग में शोक की लहर है। पूरे प्रदेश से कांग्रेसजनों और समर्थको- शुभचिंतकों की ओर से शोक संवेदनाओं का दौर जारी है। कोरोना संक्रमण के चलते गुरुवार सुबह लगभग 3 बजे छत्तीसगढ़ ने अपना एक और नेता खो दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस के महासचिव दीपक कर्मा का उपचार के दौरान निधन हो गया ।
कोरोना संक्रमण के चलते ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जगदलपुर से रायपुर के एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दीपक कमां, बस्तर टाइगर कहे जाने वाले शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे थे, उनकी मां देवती कमां दंतवाडा से कांग्रेस को विधायक हैं। बता दें दीपक कमां दंतेवाड़ा नगर पालिका के लगातार 3 बार अध्यक्ष रहें हैं और वे बस्तर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग के लोकप्रिय युवा आदिवासी नेता थे। राजनीति से जुड़े युवा उन्हें अपना आदर्श मानते थे। लोगों की मदद करने और मुसीबत में साथ खड़े रहने वाले नेता के तौर पर उनको अपनी विशिष्ट पहचान रही है। यदि कारण है कि दीपक कर्मा के असामयिक निधन ने कमां परिवार सहित समर्थकों के झकझोर कर रख दिया है। फेसबुक पोस्ट के जरिए संक्रमित होने की दी थी जानकारी . कांग्रेस नेता दीपक कर्मा ने 12 अप्रैल को फेसबुक पोस्ट के जरिए खुद के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी,उन्होंने लिखा था कि, कोविड एंटीजन टेस्ट में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों से निवेदन है कि वे अपना ख्याल रखें और किसी भी प्रकार का लक्षण दिखने पर अपना टेस्ट जरूर करा लें। बाद में हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहाँ कुछ दिनों के उपचार के बाद फेफड़ों में संक्रमण अधिक होने और लगातार तबीयत बिगड़ती देख उन्हें विगत सप्ताह रायपर रिफर कर दिया गया था। कांग्रेस महासचिव दीपक कर्मा को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी तबीयत को लेकर मंगलवार को ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉक्टरों से बात की थी, आज तड़के करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। छात्र नेता के तौर पर शुरू किया था अपना राजनीतिक जीवन लोकसभा चुनाव तक लड़ चुके दीपक कर्मा ने छात्र जीवन से राजनीति में कदम रखा था। पहली बार वे 1993 से 1995 तक बस्तर संभाग में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के उपाध्यक्ष बने। उनके कार्यों को देखते हा 1996 में बस्तर केटाइबल विंग का अध्यक्ष बनाया गया। साल 1999 में दंतेवाड़ा नगर पंचायत में पार्षद चुने गए। फिर कांग्रेस में उनका कद बढ़ता चला गया।
युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए 2010 में दंतेवाड़ा ओलंपिक एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया। 2013 में प्रदेश कांग्रेस महासचिव बने। 2004 से 2019 तक लगातार तीन बार वे दंतेवाड़ा नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने 2014 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा परंतु मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमाशंकर शुक्ला ने भी दीपक कर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले ही नहीं प्रदेश के लिए बहुत बड़ी क्षति है क्योंकि वह हमेशा एक कर्मठ सिपाही की तरह कांग्रेस के लिए सेवा भावना से कार्य किया करते थे।
कांग्रेस हाईकमान के भी करीबी माने जाते थे
दीपक कर्मा शहीद महेंद्र कर्मा का परिवार हमेशा से गांधी परिवार के बेहद करीब रहा है। स्वगीय कर्मा जी की शहादत के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी का कर्मा परिवार के प्रति विशेष मेह हमेशा से देखा गया है। इस लिहाज से दीपक कर्मा भी राहुल गांधी के पसंदीदा युवा नेताओं में शामिल रहे हैं। कई मौकों पर दीपक कर्मा सोनिया और राहुल के साथ मंच साझा कर चुके हैं।
पैतृक ग्राम फरसपाल में होगा अंतिम संस्कार
दीपक कर्मा का पार्थिव देह रायपुर से फरसपाल के लिये रवाना कर दिया गया है। आज शाम फरसपाल स्थित श्मशान में कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जायेगा। दीपक कर्मा की बहन जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा द्वारा कर्मा परिवार के हवाले से जारी बयान में समर्थकों और रिश्ते-नातेदारों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने अपने निवास स्थान से ही श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की गई है।