प्रशासन द्वारा सम्पूर्ण बालोद जिला में 7 अप्रेल से 14 अप्रेल 2021 तक लोकडॉउन घोषित किया गया है किंतु सुबह 6 से 6 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी गयी है जिससे बाजार एवम अन्य स्थानों पर काफी भीड़ उमड़ रहा है जो की चिंता का विषय है सोसल डिस्टेंस का भी पालन नही हो रहा है इसलिए हम मांग करते है कि जिले में पूर्ण लोकडॉउन किया जाए या उसे शाम तक कि बजाय 2 बजे तक छूट देकर कड़े रूप से लोकडॉउन लगाया जाए – प्रशांत बोकड़े( यूका सचिव )
बीजापुर/जगदलपुर। शनिवार 3 अप्रैल को तर्रेम इलाके के जौनागुड़ा और जीरा गांव में पुलिस और नक्सलियों के मध्य बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 22 जवानों की शहादत हुई। घटना के तीन दिन बाद संवाददाता ने घटना स्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया तो देखा मुठभेड़ के बाद जो जीरा गांव वीराना पड़ा हुआ था। जहां इंसान तो दूर जानवर भी नजर नहीं आ रहे थे, साल के सबसे बड़े नक्सली हमले के गवाह उसी जीरा गांव में लोग नजर आए।
गांव में हालात सामान्य दिखे मानो यहां कुछ हुआ ही नहीं। ग्रामीण अपनी दिनचर्या में व्यस्त दिखे तो दर्जनों ग्रामीण तेलंगाना से मजदूरी कर टैक्टरों में लदकर लौटते दिखे। गांव में मुर्गों की बाग सुनाई पड़ रही थी, खेतों में मवेशियों को चरा रहे चरवाहे और महुआ बिनते लोग मानो घटना से बेखबर हो।
संवाददाता ने यहां ग्रामीणों से चर्चा का प्रयास किया तो , कईयों ने बात करने से इंकार कर दिया मगर एक शख्स ने किसी तरह हिम्मत जुटाते बात की। उसका कहना था कि शनिवार की सुबह गांव के लोग गांव में ही थे। फोर्स जीरा गांव से ही आगे बढ़ी थी। जवान जौनागुड़ा की तरफ बढ़े थे। कुछ देर बाद जौनागुड़ा के आगे पहाड़ियों से गोलियां चलने की आवाज सुनाई पड़ी। यह सुन गांव वाले डर गए। डर के चलते गांव वाले अपने साथ खाने पीने के सामान की गठरियां बांध 20 किमी दूर पूवर्ती गांव भाग गए। उसका कहना था कि डर के चलते दो दिनों तक वे पूवर्ती गांव में ही डेरा डाले हुए थे। तीसरे दिन किसी तरह हिम्मत जुटाते सभी ग्रामीण गांव को लौटे।
यह जरूर पता चला कि गांव में गोलियां चली थी। जवान-नक्सली मारे गए थे। हालांकि अब भी उन्हें दोनों तरफ से डर है। दबी जुबां से कुछ ग्रामीणों का कहना था कि घटना के बाद उनके हालात इधर कुंआ-उधर खाई जैस हो गई हैं।
बीजापुर का जीरा गांव सुकमा की सरहद से लगा हुआ है, यह गांव शनिवार को हुए मुठभेड़ के बाद सुर्खियों में आया। गांव में वैसे तो बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। तर्रेम को जगरगुंडा से जोड़ रही सड़क से महज 10 किमी के दायरे में जीरा गांव समेत तमाम बसे गांवों पर नक्सलियों का दबदबा है। यही वजह रही कि इलाके में नक्सलियों की पुख्ता सूचना पर शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी फोर्स को उतारा गया था। जिसकी सूचना नक्सलियों को मिल गई थी। जिसके बाद नक्सलियों ने बड़ा एम्बुश प्लान करते टीसीओसी के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम देकर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश को दहला दिया।
बीजापुर। शनिवार 3 अप्रैल को तर्रेम थाना इलाके के जौनागुड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़ में लापता कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मन्हास के जीवित होने और उसके अपने कब्जे में होने का दावा नक्सलियों ने किया है। बुधवार को नक्सलियों ने लापता जवान राकेश्वर सिंह की फोटो मीडिया को जारी की। जिसके बाद परेशान राकेश्वर के परिजनों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है। नक्सलियों की तरफ से जवान को रिहा करने की बात कही गई है। हालांकि जवान को कब छोड़ा जाएगा नक्सलियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है।
जवान की रिहाई के लिए नक्सलियों की तरफ से प्रतिनिधि मंडल भेजने को कहा गया है। जिसके बाद पुलिस महकमा और सरकार की ओर से इस पर मंथन भी शुरू हो गया है। बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रतिनिधि मंडल में कौन-कौन शामिल रहेंगे। पुलिस व सरकार किसे अपने प्रतिनिधि के रूप में नक्सलियों से संवाद और जवान की रिहाई में योगदान देने किसे भेजेगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बहरहाल उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर जवान की रिहाई हो सकती है। अब इस पर उच्च स्तर पर बैठक का दौर भी जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का दूसरा चरण जिस प्रकार से अपना पैर पसार रहा है स्थिति पर यदि अभी नियंत्रण नहीं रखा गया तो बहुत ही भयंकर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है | छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर के आलावा अन्य शहरों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. दुर्ग जिले में तो आज से पूर्ण लॉकडाउन लग गया है | कोरोना संक्रमण के साथ ही साथ मौतों का सिलसिला भी बढ़ते जा रहा है | बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शुक्रवार से राजधानी में लॉकडाउन लगेगा. इस संबंध में आदेश कलेक्टर कुछ ही देर में जारी कर सकते हैं और बाकि अन्य जिलों में लॉकडाउन के सम्बन्ध में जिला कलेक्टर को आदेश दे दिया गया है वे स्वयं लॉकडाउन के सम्बन्ध में निर्णय ले सकते है |
रायपुर जिले में अकेले 2821 कोरोना मरीज सामने आए हैं वहीं 26 लोगों की मौत हुई है. बालोद जिले में कल 200 से अधिक मरीज मिले हैं और दल्ली में तो 83 मरीज मिले |
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना से अब तक 3 लाख 29 हजार 408 लोग ठीक हो चुके है. अभी तक 4,416 लोगों की मौत हुई है. राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 52,445 है |
मुख्यमंत्री निवास में चली बैठक के बाद मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को सख़्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. कोरोना चेन तोड़ने के लिए पहले से ज़्यादा सख़्ती बरती जाएगी.
जगदलपुर । बीजापुर जिले के तर्रेम इलाके में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों द्वारा ट्रैक्टर का उपयोग मारे गये एवं घायल नक्सलियों को ले जाने के लिए किया गया है। यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिस ट्रैक्टर का नक्सलियों द्वारा उपयोग किया गया था आखिरकार वह ट्रैक्टर किसका था। पुलिस उस ट्रैक्टर मालिक की पतासाजी कर कई रहस्य से पर्दा उठा सकती है और पुलिस को कई सबूत के साथ शहरी मददगारों के नामों का भी खुलासा हो सकता है। ज्ञातव्य हो कि बीजापुर के तर्रेंम इलाके में हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए है। पुलिस द्वारा दर्जनभर नसलियों के मारे जाने एवं घायल होने का दावा किया गया है। नक्सलियों द्वारा ट्रैक्टर की सहायता से शव एवं घायल नक्सलियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
ट्रैक्टर से खुल सकता है कई राज
जिस ट्रैक्टर का नक्सलियों द्वारा उपयोग किया गया है उस ट्रैक्टर के मालिक तक पहुंचने में पुलिस अब तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। पुलिस उस ट्रैक्टर के मालिक तक पहुंचकर मामले की पड़ताल करे तो कई महत्वपूर्ण सुराग भी पुलिस के हाथ लग सकते है। उस नक्सल प्रभावित इलाके में गिनती के ट्रैक्टर है इसलिए पुलिस को पतासाजी करने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। ऐसी खबर है कि उन ट्रैक्टर के पीछे कई राज छिपे है जो पुलिस को नक्सलियों के मददगारों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस उस ट्रैक्टर मालिक की पतासाजी करने में रूचि नहीं दिखा रही है।
कोरोना की दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड एवं लोगों की लापरवाही से संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है बालोद जिले के कुछ क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन की श्रेणी में आ चुके है जहाँ जल्दी ही जागरूकता का परिचय नहीं दिया अथवा प्रशासनिक कड़ाई नहीं की गई तो जल्द ही दुर्ग व रायपुर के जैसे बालोद के कई क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन को घोषित करना पड़ सकता है | कोरोना की दूसरी लहर बालोद जिले के लिए भयावह साबित हो रहा है |
आज डौंडी ब्लाक से कोरोना संक्रमितों की संख्या 95 रही जिसमे दल्ली राजहरा से 45, चिखलाकसा से 38 और डौंडी से 12 संक्रमितों की पुष्टि हुई |
एंटीजन – 77, आरटीपीसीआर – 17 व ट्रू नॉट – 01 = 95
दल्ली राजहरा में मिले संक्रमितों की वार्डवार जानकारी इस प्रकार है –
वर्तमान कोविड 19 की स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा कल से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सम्बन्ध में नया आदेश जारी किया गया है जिसमे समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रातः 06 बजे से संध्या 06 बजे तक ही खुलेंगे |
दल्लीराजहरा में इस प्रकार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोविड केयर सेंटर का पुनः संचालन किया गया है और साथ ही 45 वर्ष या उससे अधिक लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है |
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
जगदलपुर /बीजापुर। वामपंथी उग्रवाद संगठन भाकपा माओवादी संगठन व केंद्र व राज्य सरकार की कथित युद्ध के बारे में लगातार नये-नये खुलासे हो रहें हैं। पुलिस के शीर्ष नेतृत्व जहां 20 से 24 माओवादियों को मारने का दावा कर रही है उसके उल्ट भाकपा माओवादी संगठन के प्रवक्ता ने महज पांच लोगों को मारने की पुष्टि की है। इसमें चार के फोटो सार्वजनिक किए गए हैं तथा पीएलजीए लड़ाकों द्वारा बड़ी मात्रा में हथियार व अन्य उपकरण भी लुटे हैं।
भाकपा माओवादी संगठन के प्रवक्ता विकल्प द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार तर्रेम कांड़ पर दो पन्ने का विज्ञप्ति जारी कर इस घटना में 24 सुरक्षा बलों के मारे जाने का दावा किया है और इसके साथ ही उन्होंने पांच माओवादियों के मारे जाने की बात कबूली है। प्रवक्ता विकल्प ने सुरक्षा बलों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीते वर्ष 2020 से अब तक 150 माओवादियों को मौत के घाट उतारा है जिसे माओवादी भोले-भाले ग्रामीण बता रहें हैं। वहीं सुरक्षा बलों पर मुठभेड़ से पहले जीरा गांव में ग्रामीण माड़वी सुखलाल की हत्या का आरोप भी मढ़ा है।
माओवादी प्रवक्ता विकल्प ने जारी किया मारे गए चारों नक्सलियों की नाम नूपो सूरेश,कोवासी बुदरू,पद्म लखमा तथा महिला माओवादी ओढ़ी सन्नी के फोटोग्राफ जारी किए हैं वहीं मांडवी सुक्का के फोटो ग्राफ नहीं है।इसी के साथ लूटे गए हथियारों , वाकी टाकी, नाईट वीजन कैमरा, एंयराड्र मोबाईल सहित अन्य सामग्रियों की भी तस्वीर जारी किया है।
विशेष टीम द्वारा घोर नक्सल क्षेत्र रामगिरी पहाड़ के ग्राम मांझीगुडा ओड़िसा मे रात्रि दबिश देकर बालिका को सुरक्षित किया बरामद।
टीम पहले नवरंगपुर ओडिषा फिर किन्दुल जिला दन्तेवाडा में दबिश दिया।
आरोपी द्वारा घटना के बाद मोबाईल को नदी में फेक दिया था । आरोपी पूर्व में भी अपहरण के मामले में किन्दुल जिला दन्तेवाडा में जेल काट चुका है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 13.03.2021 को थाना देवरी क्षेत्रांतर्गत ग्राम कुआँगाँव के नाबालिग बालिका को एक अज्ञात आरोपी द्वारा बहला फुसला कर उसका अपहरण कर ले गया था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना देवरी में अपराध क्रमांक 29/2021, धारा-363 भा.द.वि. कायम कर विवेचना में लिया गया।
मामले को गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर पोर्ते एवं उप पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी देवरी नवीन बोरकर के नेतृत्व में सायबर सेल की विशेष टीम गठित कर, अपहृता एवं अज्ञात आरोपी के पतासाजी हेतु टीम ओड़िसा रवाना किया गया। उक्त टीम द्वारा लगातार अथक प्रयास कर सी.सी.टी.वी. फुटेज, मुखबीर एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ी मेहनत कर प्रकरण के आरोपी के संबध में जानकारी प्राप्त हुआ किया कि आरोपी समीर नाग पिता गोपीनाथ पता किरन्दुल जिला दतेंवाडा का निवासी है और किरन्दुल से ग्राम कुआगांव देवरी आकर
बालिका को ले गया है। टीम द्वारा किरन्दुल जिला दतेंवाडा जाने पर आरोपी अपने घर से फरार था। टीम द्वारा आरोपी के ओडिषा होने की सूचना पर नवरंगपुर, आंचलगुमा ओडिषा जाकर उसके रिष्तेदारों के घर दबिष देने पर आरोपी वहां नही था। उक्त टीम वहां से फिर किरन्दुल जिला दतेवाड़ा जाकर कैम्प किया और आरोपी के संबधं में जानकारी प्राप्त कर आरोपी समीर नाग घोर नक्सल क्षेत्र ओडिषा में कही छुप कर रह रहा है। दिनांक 03.04.2021 को बीजापुर में नक्सली घटना होने के बाद भी टीम द्वारा रात्रि को घोर नक्सल क्षेत्र में जाकर आरोपी को रामगिरी पहाड़ ग्राम मांझीगुडा ओड़िसा से अपहृता बालिका उम्र 13 साल को सकुशल बरामद एवं आरोपी समीर नाग को गिरफ्तार कर बालोद लाया गया। आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु विषेष टीम में थाना प्रभारी देवरी नवीन बोरकर, सायबर सेल से आरक्षक पुरन प्रसाद देवांगन, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक विवेक शाही ,आरक्षक अवतार थाना देवरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
केदार कश्यप जी ने पार्टी के इतिहास व महापुरुषों के संघर्षों को याद करते हुए नारायणपुर विधानसभा के ग्राम विश्रामपुरी के बुथ स्तर के कार्यकर्ताओं को किया संबोधित |
सन 1980 में भारतीय जनता पार्टी जिला बस्तर के प्रथम अध्यक्ष स्व. श्री बलिराम कश्यप जी थे जिन्होंने बस्तर में भाजपा को विस्तृत किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष संतोष बघेल जी,बुथ अध्यक्ष भालमन कश्यप जी व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आज सुबह 6 बजे से 9 बजे तक राजहरा खदान समूह के सभी इकाइयों में टूलडाऊन करने के बाद एटक, सिटू,इंटक और बी एम एस ने अध्यक्ष स्टील अॅथारिटी ऑफ इंडिया लिमि. सेल नई दिल्ली और प्रभारी निदेशक भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई को मुख्य महाप्रबंधक खदान राजहरा खदान समूह के माध्यम से सेल कर्मियों के लंबित वेतन पुनरीक्षण को जल्द से जल्द पूर्ण करने हेतु ज्ञापन सौंपा कि सेल कर्मियों का वेतन पुनरीक्षण विगत बावन माह से लंबित है। डी.पी.ई. के दिशा निर्देश का हवाला देकर सेल प्रबंधन द्वारा इसे रोका रखा
गया था।सेल कर्मियों एवं श्रम संगठनों ने भी कंपनी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन के निर्णय का समर्थन किया था और कोरोना काल जैसे कठिन परिस्थितियों में भी कर्मियों ने उत्पादन और उत्पादकता को बनाये रखा महोदय, वर्तमान में कंपनी की वित्तीय स्थिति अच्छी है। ऐसे में कर्मियों का बावन माह से लंबित वेतन पुनरीक्षण में सेल प्रबंधन की हठधर्मिता एक महत्वपूर्ण कारण है। प्रबंधन की हठधर्मिता से कर्मियों के बीच आक्रोश फैल रहा है जिसकी परिणीति कुछ दिन पूर्व संयंत्र के विभिन्न विभागों में घटी घटनाएं सामने दिख रही है |
महोदय प्रबंधन के हठधर्मिता के विरुद्ध खदान कर्मियों के मन में भी आक्रोश पनप रहा है जिसका विपरीत प्रभाव खदान के उत्पादन और उत्पादकता पर निश्चित रूप से पड़ेगा। अतः हम सभी अधोहस्ताक्षरकर्ता श्रम संगठन आपके समक्ष कर्मी हितार्थ निम्न मांगें रखते हुए आशा करते हैं कि आप इनपर समुचित कारवाई करेंगे |
(1) नियमित कर्मियों के बावन माह से लंबित वेतन समझौते को जल्द से जल्द पूरा किया जावे और सभी इस्पात कर्मियों को एक सम्मानजनक वेतन समझौते का लाभ मिले।
(2) महोदय आज सेल के इकाईओं में ठेका श्रमिकों की सक्रीय हिस्सेदारी है। लगभग सभी महत्वपूर्ण विभाग एवं कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। किन्तु आज भी उन्हें ऐसे कई लाभों से वंचित हैं जो उन्हें मिलना चाहिए। हम सभी अधोहस्ताक्षरित श्रम संगठन यह मांग करते हैं कि प्रबंधन द्वारा सभी ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का मिलना, वाहन भत्ता सम्मानजनक रात्रि पाली भत्ता, एक्स्ट्रा ड्यूटी का वेतन मिलना, सभी ठेका श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए मेडिकल सुविधा, शिक्षा सुविधा आदि सुनिश्चित की जावे ।
अतः, महोदय से विनम्र अनुरोध है कि कर्मियों के हितार्थ जल्द से जल्द निर्णय लेने की
कृपा करें अन्यथा अधोहस्ताक्षरित सभी श्रम संगठन कर्मियों के हितार्थ सीधी कार्यवाही करने हेतु
बाध्य होगें, जिसकी जवाबदारी बी.एस.पी. एवं सेल प्रबंधन की होगी।