सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी व फोटो पोस्ट करने वाले आरोपी का पतासाजी कर, गिरफ्तार किया गया | पुलिस थाना कोतवाली में पीड़िता द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी कि घटना दिनांक 24.04.2020 को हेमराज सिंह राठौर के नाम के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर महिलाओं के बारे में अश्लील टिप्पणी एवं फोटो सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट करने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक-194/2020 धारा 292,509-ख, भादवि0, 67 आई0टी0 एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया।
जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय, श्री दीपक झा व अति0 पुलिस अधीक्षक श्री ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमित सिदार, संजय वट्टी, आरक्षक प्रकाश नायक, डोमेन्द्र कुमार ठाकुर, नकुल नुरेटी व कृष्णा कुमार गावडे सायबर सेल के द्वारा घटना दिनांक से फरार आरोपी का लगातार पता तलाश किया जा था। जिस दौरान आरोपी के मोबाईल __ लोकेशन के आधार पर आरोपी का लोकेशन जिला-गोरेला पेण्ड्रा मारवाही होने पर तत्काल टीम रवाना किया गया। जहाँ पर आरोपी हेमराज राठौर पिता तिरथ प्रसाद राठौर उम्र 27 साल निवासी ग्राम बचरवार नयापारा थाना पेण्ड्रा जिला गोरेला पेण्ड्रा मारवाही का पतासाजी कर, गिरफ्तार किया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को प्रदत्त संवैधानिक व कानूनी अधिकारों के बारे में जानेंगे ।भारतीय संविधान में महिला एवं पुरूष दोनों को समानता का अधिकार दिया गया है |
भारतीय संविधान में महिलाओं के लिए अनुच्छेद:-
अनुच्छेद 14 से 18 में देश के प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार।
अनुच्छेद 15 (3) के अनुसार कोई बात राज्य की स्त्रियों एवं बालकों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी।
अनुच्छेद 15 के अनुसार ही धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
अनुच्छेद 23 के अनुसार मानव का दुर्व्यापार, बेगार प्रथा इसी प्रकार का अन्य बलात श्रम प्रतिषिद्ध किया जाता है।
अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के लड़के एवम लड़कियों को कारखाने या खान में या अन्य किसी परिसंकटमय नियोजन काम करवाना अपराध है।
प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का कानून:- अनुच्छेद 21 एवं 22 दैहिक स्वाधीनता का अधिकार प्रदान करते हैं एवं हर व्यक्ति को अपने शरीर एवं प्राण की सुरक्षा का हक है।
स्वरोजगार का अधिकार:- संविधान के अनुच्छेद 16 में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है हर व्यस्क लड़की एवं महिला को कामकाज के बदले वेतन प्राप्त करने का अधिकार पुरुषों के बराबर है। 8.राजनीतिक अधिकार:- कोई भी महिला चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकती है तथा वोट देने के लिए पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त है। 7.संपत्ति का अधिकार:- कोई भी बेटी अपने पिता की संपत्ति पर अपना अधिकार मांग सकती है तथा पिता भी अपनी इच्छा अनुसार अपनी संपत्ति अपनी पुत्री के नाम पर कर सकता है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध को रोकने के लिए उसके जन्म से वृद्धावस्था तक कानून बनाये गए है जैसे ,भ्रूण हत्या ,लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम,बाल विवाह निषेध अधिनियम ,दहेज प्रताड़ना अधिनियम,घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम,परित्यक्त महिलाओं के लिए 125 जा फो के तहत भरण पोषण का अधिकार, किसी भी महिला की शादी के 7 वर्ष के भीतर संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से जांच ,60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत अधिकार ,प्रत्येक जिले में महिला थाना ,थानो में महिला सेल की स्थापना,किसी भी स्थान/थाने में शून्य पर प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार सतर्क रहें सावधान रहें।
ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंदन ग्वाल ने सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए यातायात टी आई आर एस सिन्हा से की मुलाकात ।
मानपुर चौक से दल्ली राजहरा के मध्य आए दिन सड़क दुर्घटना को देखते हुए ब्लॉक अध्यक्ष चंदन ग्वाल युवा कांग्रेस( ग्रामीण) ने यातायात टी आई आर एस सिन्हा से मुलाकात कर मानपुर चौक और दल्ली राजहरा के मध्य सीसीटीवी कैमरा, सड़क किनारे बिजली की व्यवस्था एवं स्पीड ब्रेकर की मांग की गई है ताकि सड़क पर आने जाने वाले ग्रामीण, क्षेत्रीय लोगों को
किसी भी प्रकार का दुर्घटना का सामना ना करना पड़े ,जहा स्पीड ब्रेकर के बनाए जाने से वाहनों की तेज रफ्तार की गति में धीमी आएंगी वहीं सड़क किनारे बिजली की व्यवस्था और कैमरे के लग जाने से सड़क दुर्घटना के साथ अपराधों में भी कमी आयेंगी इसके साथ ही मानपुर चौक पर एक से अधिक पुलिस, पुलिस द्वारा वाहन के जांच के दौरान आम नागरिक को ज्यादा परेशानी ना हो यह सभी कथन यातायात टी आई आर एस सिन्हा को पत्र के माध्यम से दिया गया ।
संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक दल्ली राजहरा का 29 वा त्रि वार्षिक सम्मेलन दिनांक 7 मार्च को हुआ ।जिसमें लौह अयस्क खदान समूह की सभी खदानों से प्रतिनिधि बनाए गए थे। जिसमें नियमित कर्मचारी तथा ठेका कर्मचारी को प्रतिनिधि बनाया गया था। 188 प्रतिनिधि बनाए गए थे ।10 सदस्यों पर एक प्रतिनिधि बनाया गया था ।सम्मेलन में केवल प्रतिनिधियों ने भाग लिया सम्मेलन के प्रथम सत्र में सभी ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन कि दूसरे सत्र में केवल प्रतिनिधियों को भाग लेने की अनुमति थी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सचिव प्रतिवेदन पेश किया गया सचिव प्रतिवेदन पर उपस्थित समस्त विभागों के प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लिया । अंत में पुरानी पदाधिकारियों की बॉडी को भंग कर नई कार्यकारी समिति की घोषणा की नई कार्यकारिणी के लिए
1) अध्यक्ष पद 2) सचिव 3) कार्यकारी अध्यक्ष 4) संगठन सचिव 5) कार्यालय सचिव 6) कोषा अध्यक्ष के लिए चुनाव हुआ
जिसमें सचिव पद के लिए कमलजीत सिंह मान निर्विरोध निर्वाचित हुए संगठन सचिव के लिए तोरण लाल साहू निर्विरोध निर्वाचित हुए ।
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में श्री राजेंद्र बहरा को 100 तथा श्रीनिवासलु को 83 मत मिले
कार्यकारी अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में अनिल यादव को 86 तथा डी एस चंद्राकर को 97 वोट मिले।
कार्यालय सचिव के लिए अरिंदम चौधरी को 68 तथा राजेश कुमार साहू को 112 मत प्राप्त हुए
कोषाध्यक्ष पद के लिए त्रिलोकी नाथ को 61 मत तथा आर पी बरेट को 121 मत प्राप्त हुए |
इस चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए सेंटर एसकेएम एस के अध्यक्ष कामरेड सी आर बक्शी, महासचिव कामरेड आर डी सी पी राव, कामरेड राजेश संधू , कामरेड श्रीधर, कामरेड शाह, कामरेड भगत राम पटेल, कामरेड साजी ने संपन्न कराया |
नई कार्यकारिणी में
सचिव कामरेड कमलजीत सिंह मान
अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र बेहेरा कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड डी एस चंद्राकर
संगठन सचिव कामरेड तोरण लाल साहू
कार्यालय सचिव कामरेड राजेश कुमार साहू कोषाध्यक्ष कामरेड आर पी वरेट की घोषणा की गई।
इस कार्यक्रम में नंदनी माइंस के किरंदुल बचेली माइंस के साथियों ने भाग लिया कार्यक्रम को सम्मेलन को सफल बनाने में संयुक्त खदान मजदूर संघ दल्ली राजहरा के सभी साथियों ने अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया |
महारत्न सेल के विभिन्न इकाईओं में अलग अलग नियम और कानून प्रभावशील हैं। जहाँ कुछ इकाईओं में केंद्र सरकार के द्वारा बनाये गए नियम और कानून के तहत कर्मियों को लाभ दिया जा रहा है वहीं कुछ इकाई ऐसे भी हैं जहाँ केंद्र अथवा राज्य सरकार के नियम और कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कर्मियों का खुले आम शोषण किया जा रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन कर्मियों के शोषण करने के मामले में सबसे आगे है। मामला चाहे फेस्टिवल एडवांस का हो या फिर साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य कराने के एवज में दिए जाने वाले प्रतिपूरक राशि (ओवर टाइम ) या प्रतिपूरक अवकाश का हो भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन पूरी तरह से अवैधानिक कार्य कर रहा है। उक्त आरोप भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम.पी.सिंह ने लगाते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में संघ ने प्रभारी निदेशक भिलाई इस्पात संयंत्र को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि बी.एस.पी. के बंधक खदानों में अगर कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाया जाता है तो उसे उक्त दिवस का दुगुना वेतन दिया जावे। अगर कंपनी दुगुना वेतन देने में सक्षम नहीं है तो आरएमडी के खदानों की तरह कर्मियों को एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन की प्रतिपूरक अवकाश दी जावे।
इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ के महामंत्री ने बताया कि माइंस एक्ट 1952 के सेक्शन 33(1) में यह उल्लेखित है कि अगर किसी भी हफ्ते में कोई कर्मी 48 घंटे से अधिक कार्य करता है तो ऐसे में उक्त कर्मी 48 घंटे से अधिक कार्य हेतु अपने सामान्य वेतन से दुगुना वेतन का हकदार होगा। आरएमडी के खदानों में साप्तहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाये गए कर्मियों को जहाँ एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन का प्रतिपूरक अवकाश दिया जाता है जिसका समुचित प्रमाण संघ के पास मौजूद है जिसे सही समय पर सही जगह उजागर किया जावेगा। वहीं बीएसपी के खदानों में केवल एक दिन का अनाधिकारिक प्रतिपूरक अवकाश दी जाती है। जिस दिन कर्मी प्रतिपूरक अवकाश लेता है उस दिन कर्मी की हाजिरी लगाई जाती है लेकिन कर्मी कार्यस्थल पर उपस्थित न होकर अपने निजी कार्यों में बाहर व्यस्त रहता है। एक ही महारत्न सार्वजानिक उपक्रम के दो इकाईओं में एक जगह कर्मियों को समुचित लाभ दिया जाता है तो दूसरी तरफ बीएसपी में कर्मियों का शोषण किया जा रहा है और अवैधानिक तरीके से प्रतिपूरक अवकाश दी जा रही है, ऐसा क्यों?
एम.पी.सिंह ने इस अवैधानिक कृत्य के लिए बी.एस.पी. प्रबंधन से अधिक खदान के वामपंथी श्रम संगठनों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आजतक खदान कर्मियों ने वामपंथी श्रम संगठनों को मान्यता दिलाया लेकिन इन 06 दशकों में वामपंथी श्रम संगठनों के पदाधिकारिगणों ने प्रबंधन के साथ मिलकर खदान कर्मियों को केवल बेवकूफ बनाया और अपनी उल्लू सीधा करते रहे। पूर्व में भी इन वामपंथी श्रम संगठनों के मिलीभगत से कर्मियों का फेस्टिवल एडवांस बंद हो गया था जिसे भारतीय मजदूर संघ ने आरएमडी एवं अन्य इकाईओं के पेस्लिप को आधार बनाकर बीएसपी प्रबंधन को इसे दुबारा शुरू करने हेतु मजबूर किया।
विगत कई महीने से प्रोडक्शन का हवाला देते हुए प्रबंधन साप्ताहिक अवकाश के दिन कर्मियों को कार्य पर बुला रहा है और ये वामपंथी श्रम संगठन जो कि अपने आपको कर्मियों का मसीहा कहता है मौन धारण करते हुए प्रबंधन का लगातार सहयोग करते हुए कर्मियों का शोषण होते देख रहा है। इस सम्बन्ध में संघ ने पूर्व में भी कई बार ज्ञापन देते हुए प्रबंधन से चर्चा की जिस पर प्रबंधन के अधिकारीयों ने केवल मामले पर समुचित कारवाई करने का आश्वासन दिया लेकिन कोई ठोस कारवाई नहीं की। साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाने एवं अवैधानिक तरीके से प्रतिपूरक अवकाश देने से जहाँ एक तरफ कर्मियों को इंसेंटिव का नुकसान होता है वहीं दूसरी तरफ अवैध प्रतिपूरक अवकाश के दिन अगर किसी कर्मी का दुर्भाग्यवश किसी तरह की दुर्घटना हो जाती है तो उसे किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिलेगा। अतः संघ खदान प्रबंधन के इस कृत्य का पुरजोर विरोध करते हुए मांग करता है कि साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाये जाने वाले कर्मियों को आरएमडी के खदानों के तर्ज पर एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन की आधिकारिक प्रतिपूरक अवकाश दी जावे। साथ ही सभी कर्मियों से भी यह अपील करता है कि प्रबंधन के अधिकारीयों के झांसे में आकर अपने हक की तिलांजलि न देवें अन्यथा किसी तरह की दुर्घटना होने पर प्रबंधन अपना पल्ला झाड़ लेगा और परेशानी केवल कर्मियों और उनके परिवार के परिजनों को ही होगी।
मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत महूपालबरई के सरपंच श्री लक्ष्मण सिंह सूर्यवंशी ग्राम पंचायत परचंपाल के जयति नेताम द्वारा महिला दिवस का शुभारंभ किया गया नारी शक्ति संगठन स्व सहायता समूह में काम करते हुए अपने समाज में गांव मे पंचायत एवं जिला में राज्य में स्व सहायता समूह के माध्यम से आजीविका मिशन कार्य को पूरा करने का प्राण लिया अध्यक्ष ,प्रिया ठाकुर, सचिव आसमती कोषा अध्यक्ष ,दसाय बघेल आरवीके ,विमला ठाकुर ऐसी लालमन ,पीआरपी सुनीता, रत्ना ,वाय पी ,भावना ध्रुव। असमिती ,विमला ठाकुर लुपते ठाकुर ,चैनसिंह ठाकुर ,सतेंद्र ठाकुर, तेजू ठाकुर, वेभन ठाकुर भागवती ,दयो बघेल नीला ,निषाद, अगति शिरो ,बबीता ,खेमवती ममता, रीता ,लिखेशवरी, किरण, आयोजन में शामिल रहे
महिला दिवस की शुभकामनाएं दी जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने
रायपुर / छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दी हैं । महिलाएं जिन्हें भारतीय संस्कृति में देवी स्वरूप पूजा जाता उन्हें हमेशा उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। महिलाएं अब पुरुषों पर आश्रित नहीं रह गई हैं अब महिलाएं हर पहलू में स्वतंत्र और आत्मविश्वासी बन चुकी हैं ।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव का दिन है जो महिलाओं के व्यक्तित्व को स्वीकार करता है और जिन महिलाओं ने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है निश्चित तौर पर उन महिलाओं का आज के दिन विशेष सम्मान किया जाना चाहिए ।
“हर दुख दर्द सह कर वह मुस्कुराती है पत्थरों के दीवारों को एक औरत ही होती है जो घर को घर बनाती है” छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन परिवार की ओर से सभी महिलाओं को और सभी महिला पत्रकारों को यूनियन की ओर से महिला दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर नगर की विभिन्न महिलाओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएं आज के युग में पुरुषों से पीछे नहीं अपितु उनकी बराबरी कर रही है सभी क्षेत्रों में महिलाएं आगे है गौरतलब है कि पूरे विश्व में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है महिलाओं को हमारे भारतीय समाज में ऊंचा स्थान प्राप्त है आज महिलाएं हर जगह पुरुष की बराबरी कर रही है चाहे वह सामाजिक, राजनीतिक,आर्थिक,वयपारिक, बैंक, स्वास्थ्य विभाग को यह रेलवे की बात हो ऐसे अन्य सभी क्षेत्रों में महिलाएं काम कर रही है 21वीं सदी में महिलाओं की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन आया है इस दौरान महिलाओं ने सभी क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है वही समाजिक और परिवारिक स्थिति में स्थिति में अभी भी सुधार की गुंजाइश है ,भ्रूण हत्या ,दहेज, देह व्यापार, शराबबंदी जैसी समस्याएं समाज के समक्ष खड़ी हुई है |
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष लीला शर्मा ने कहा कि आज नारी अबला नहीं है, राशन कार्ड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व देकर उनके भाई रमन सिंह जी ने उनका मान सम्मान बढ़ाया है, उसी तरीके से देश के प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी ने महिलाओं को 6000 प्रसूति के समय देकर उनका सम्मान किया है मैं अपने बड़े भैया भूपेश बघेल से विनती करती हूं की समाज के बुजुर्गों का पेंशन में वृद्धि कर 1500 कर इस महिला दिवस को बनाने को सार्थक करें
पूर्व जिला पंचायत सदस्य,आदिवासी महिला भुनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से काफी आगे बढ़ रही है महिलाओं को पुरुष से अधिक अधिकार दिया जाना चाहिए, नारी शिक्षा के लिए वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए सर्व सुविधा युक्त स्कूलों को खोला जाना बालिकाओं के उत्थान के लिए अति आवश्यक है,आज आदिवासी महिलाओं पर जो छत्तीसगढ़ में अत्याचार एवं उत्पीड़न बढ़ रहे हैं इस ओर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए ताकि हमारी महिलाएं इनका शिकार न हो
पिछड़ा वर्ग समाज से आने वाली खिलेश्वरी साहू ने कहा कि देश में वर्तमान समय में महिलाओं की दशा में काफी सुधार आया है,महिला स्व सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्रियों को बाजार में बेचने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि ग्रामीण महिलाएं भी देश में जीडीपी में अपना योगदान दे सकें |
अधिवक्ता नीतू सोनवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में चलने वाली बसों के बसों में शुरुआत की 15 सीटें चाहे वह सरकारी बसें हो या प्राइवेट बस है उस पर वह महिला आरक्षित होनी चाहिए ताकि महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें
गृहणी हितेश्वरी कौशिक ने कहा कि अब तक महिलाओं के उत्थान के लिए देश में जो काम हुआ है हम कह सकते हैं कि वह सार्थक कदम उठा है परंतु इस महिला दिवस में राज्य सरकार से मांग करती हूं कि वह अपने वादे के अनुरूप छत्तीसगढ़ में निवासरत आधी आबादी महिलाओं की है आधी आबादी को शराबबंदी कर इस महिला दिवस को बनाने हेतु सार्थक पहल करें
पूर्व पार्षद अंबिका यादव व सुनीता मनहर ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए, महिलाएं आज ट्रेन से लेकर हवाई जहाज चला रही है आंतरिक तक भी पहुंच चुकी है, महिलाओं को अपने अधिकारों और समाज के विचारों को ध्यान में रखते हुए अपने स्वाभिमान की रक्षा करते हुए अपने स्थान को सुनिश्चित करना चाहिए
भाजपा नेता प्राची लालवानी ने कहा कि मैं इस महिला दिवस पर अपने जिले के मंत्री महोदय श्रीमती अनिला भेड़िया व हमारे विधायिका श्रीमती संगीता सिन्हा जी जो दोनों महिलाएं उनसे अपेक्षा करती हूं कि वे आने वाले समय में बालोद कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महिला सर्जन की व्यवस्था को सुनिश्चित करें जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम होगा,
रायपुर – राज्य मंडी बोर्ड में पदस्थ एम एल कोमरे को लेकर विवाद गहराने लगा है. कार्यपालन अभियंता श्री कोमरे को मंडी बोर्ड में अधीक्षण अभियंताका प्रभार सौंपा गया है. अब उन्हें प्रमोशन देने की तैयारी हो रही है,जिसकी चर्चाएं आम हो गई है. लिहाजा अब उन पर लगे – आरोपों की फाइल भी खुलने लगी है. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उनसे जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक हो गए हैं. आरोप यह है कि भ्रष्टाचार के मामले में जिसकी विभागीय जांच सात सालों से लंबित है, उन्हें मुख्यालय में क्यों पदस्थ किया गया है.ऐसे में जांच कैसे होगी?
विभागीय जांच में इतना विलंब क्यों?
नाम नहीं छापने की शर्त पर अधिकारी-कर्मचारियों का कहना है कि श्री कोमरे को मुख्यालय मंडी बोर्ड से अधीक्षण अभियंता के प्रभार से तत्काल मुक्त करते हुए विभागीय जांच का तत्काल पूर्ण की जाए और दोषी पाने पर मंडी सेवा विनियम के तहत कार्रवाई करें.अधिकारी – कर्मचारियों ने आशंका भी जताई कि आखिर विभागीय जांच में इतना विलंब क्यों ? एक तरफ मंडी बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं, अधिकांश पदों पर सालों से प्रमोशन नहीं हुआ है, मगर एक व्यक्ति श्री कोमरे को प्रमोशन देने की तैयारी से अन्य अधिकारी-कर्मचारियों में खासी निराशा है. इस मामले में मंडी बोर्ड के एमडी हिमशिखर गुप्ता से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर वह उपलब्ध नहीं हुए |
जानकार सूत्रों का कहना है कि पूर्ववर्ती भाजपा शासन काल में श्री कोमरे पर भ्रष्टाचार के दर्जनों आरोप लगे. संपरीक्षा अंकेक्षण में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई. जिस पर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई, मगर सात सालों बाद भी विभागीय जांच पूरी नहीं हुई. अब उन्हें मंडीबोर्ड में अधीक्षण अभियंता का प्रभार सौंप दिया गया. साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विवि में भी अधीक्षण अभियंता का प्रभार दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है.
जगदलपुर… अपने खतरनाक कारनामों के लिए बदनाम हो चुके डिमरापाल स्थित संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल स्वर्गीय बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज का हाल लगातार बदहाल होता जा रहा है हमने खतरनाक शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया है क्योंकि संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल के अति महत्वपूर्ण शाखा ब्लड बैंक में मरीजों के लिए ब्लड की व्यवस्था की जिम्मेदारी अधीक्षक के.एल.आजाद ने दो वार्ड बॉय हरेंद्र और सुनील कश्यप के भरोसे छोड़ दी है वार्ड बॉय भी ऐसे जो ब्लड बैंक पहुंचने वाले मरीजों के परिजनों के द्वारा ब्लड व्यवस्था के संबंध में मदद मांगने पर मरीजों के साथ लगातार बदतमीजी और धक्का-मुक्की करने में उतारू हो जाते हैं |
हॉस्पिटल में इलाज हेतु आने वाले मरीजों के परिजन जिनमें कुछ अशिक्षित और कम पढ़े लिखे लोग भी होते हैं जिनके ब्लड बैंक में जाने पर ब्लड की व्यवस्था हेतु भरे जाने वाले फॉर्म को भरने के लिए परिजनों को ही सौंप दिया जाता है | फॉर्म भरने के लिए निवेदन करने पर आनाकानी की जाती है संभाग के सबसे बड़े अस्पताल होने की वजह से संभाग के अलग-अलग जिले के लोग इलाज कराने पहुंचते हैं और रोजाना सैकड़ों मरीजों को ब्लड की आवश्यकता होती है ऐसी परिस्थिति में अधीक्षक महोदय के.एल.आजाद के द्वारा इतनी बड़ी गंभीर लापरवाही बरतना उनके कार्यशैली पर सवाल उठाता है |
अधीक्षक महोदय अपने पदस्थापना से लेकर आज पर्यंत तक सिर्फ व्यवस्था सुधारने के आश्वासन देने तक ही सीमित रह गए हैं हॉस्पिटल की व्यवस्था अब तो भगवान भरोसे रह गई है संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल होने की वजह से छत्तीसगढ़ शासन और बस्तर जिला प्रशासन के द्वारा अलग-अलग योजनाओं और मदों के माध्यम से तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं हॉस्पिटल को उपलब्ध कराई जाती है बावजूद इसके हॉस्पिटल प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की लापरवाही की वजह से शासन और प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में स्थिति और भी बदतर हो जाएगी जिसका खामियाजा बस्तर के असहाय मरीजों को भुगतना पड़ेगा… क्योंकि यह संभाग के मेडिकल कालेज के नाम से विख्यात अस्पताल बस्तर की लाईफ लाईन है जिसमें आदिवासी अंचल से सबसे ज्यादा मरीज आते हैं किन्तु ईलाज के अभाव एवं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से अनगिनत जानें गई हैं जो संभाग के रहवासियों से छुपा नहीं है जब से अधीक्षक की नियुक्ति हुई है तब से अब तक अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है जिसे व्यवस्थित कर सुधार किया जा सकता है देखना अब यह है के सरकार बस्तर के लिए कितनी गंभीर होती है