नई दिल्ली – कोरोना महामारी ने तो लोगों की भी नींद हराम करके रख दी है एक तरफ दो तीन महीने का लॉकडाउन तो दूसरी ओर संक्रमण से बचाने की जद्दोजहद इस वजह से लोगों के
नियमित खर्चे को वहन करने जमा पूंजी भी हाथ से निकल गई | आखिर कब तक सरकार लोगों को इसी प्रकार राशन की व्यवस्था करेगी | अभी संसद का मानसून सत्र चल रहा है इसी गंभीर समस्या को देखते हुए समाजवादी पार्टी के संसद सदस्य गोपाल यादव ने मांग रखी कि देश में जितने भी बेरोजगार है उन्हें महीने के 15 हजार रुपये सरकार की ओर से मिलने चाहिए अभी तक तो प्रदेश सरकार मुफ्त में राशन मुहैया करा रही है और जब बंद कर देगी तो पता नहीं कितने लोग आत्महत्या जैसी प्रवृत्ति की ओर विवश होंगे लोगों में अभी से मानसिक तनाव और हताशा जैसी समस्या जन्म ले रही है | लॉक डाउन के कारण लोग वैसी ही अपना रोजगार गवां बैठे है और इसी कारण करोड़ों की संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है | इस प्रकार आर्थिक सहायता करने से कुछ तो मदद मिल सकेगी |
दल्लीराजहरा थाने द्वारा जुआ एवं आबकारी एक्ट के तहत की गई कार्यवाही जिसमे प्रशिक्षु डीएसपी कमलजीत पाटले के नेतृत्व में आरक्षक भुनेश्वर यादव संजीत विश्वास रवि निर्मलकर के द्वारा पकड़ा गया, पकड़े गए आरोपी इस प्रकार है –
नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक परम सम्मानीय मार्गदर्शक ,परम हितेषी शुभचिंतक एवं प्रेरणा स्रोत श्री मोहित गर्ग जी ने अपनी प्रिय बहन सुश्री आरती गर्ग के जन्मदिन के इस शुभ अवसर को यादगार बनाते हुए उन्होंने मलखंब एसोसिएशन नारायणपुर जिसने राष्ट्रीय स्तर पर किर्तिमान दिया जिनको अपने हुनर से शिक्षा देते हुए कोच श्री मनोज की मौजूदगी में 10 मलखंब और मलखंब के खिलाड़ियों को वस्त्रोपहार प्रदान किया ।इस शुभ घड़ीपर उन्होंने मलखंब क्रीड़ा परिसर के लिए आवंटित नवीन भूखंड कुम्हरारपारा में मलखंब के खेल का शुभारंभ फीता काटकर किया उनके साथ उनकी प्रिय बहन सुश्री आरती गर्ग जिनका जन्मदिन रहा उन्होंने अपने इस जन्मोत्सव के सुनहरे पल को नारायणपुर के गुडरीपारा में स्थित शाला जहाँ नक्सली पिड़ित बच्चे अध्ययनरत है उनके साथ खुशीयां बांटकर उन सभी बच्चों को
शिक्षा संबंधित उपहार देकर अपना जन्मोत्सव मनाते हुए समाज के लिए एक अच्छा संदेश दिया साथ ही इस शुभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सम्मानीय श्री जयंत वैष्णव जी रक्षित निरीक्षक सम्मानीय दीपक कुमार साव जी इनके अलावा अन्य स्नेही जन भी उपस्थित रहे!सम्मानित पुलिस अधीक्षक की बहन सुश्री आरती गर्ग जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई देते हैं एवं उनके लिए मंगल कामनाएं करते हुए मलखंब एसोसिएशन नारायणपुर आपका सदैव ऋणी रहेगा। हम आपके सहयोग के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेंगे। इस अमूल्य सहयोग के लिए आपको कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया।
दल्ली राजहरा – संयुक्त ज्ञापन में तीनों श्रम संगठन ने बताया कि आयरन ओर कॉन्प्लेक्स दल्ली राजहरा के कर्मियों सहित पूरे दल्ली राजहराक्षेत्र ,बालोद जिला व पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है ।उक्त संक्रमण के जोखिम का सामना करते हुए भी लगातार खदान के कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा एवं लगन के साथ काम किया है ।
किंतु अब भिलाई इस्पात संयंत्र सहित खदान कर्मियों के बीच कोविड-19 संक्रमितो की संख्या काफी तेजी से बढ़ते जा रही है जिससे अब तक 6 बीएसपी कर्मियों की मृत्यु हो गई है ।जिसे खदान कर्मियों के बीच भय व्याप्त है ।अतः आयरन ओर कॉम्प्लेक्स दल्ली राजहरा में कार्यरत हम अधो हस्ताक्षरी यूनियने माइंस में इस महामारी के फैलाव के मद्देनजर यह मांग करती है कि-
१.माइंस में तेजी से हो रहे कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने हेतु आरयन और कंपलेक्स दल्ली राजहरा के सभी खदानों में पूर्व की तरह रोस्टर प्रणाली से ड्यूटी लागू किया जाए। २.सभी मशीनों, कर्मियों के आराम व कार्य स्थल तथा आवागमन के साधनों इत्यादि को सघन रूप से सेनिटाइज किया जाए ।तथा कर्मियों को मास्क ,सेनीटाइजर व साबुन पर्याप्त रूप से तत्काल उपलब्ध कराया जाए। ३.खदान में कार्यरत स्थाई एवं ठेका कर्मियों को ₹50लाख का बीमा किया जाए जिसमें कोविड-19 का जोखिम शामिल हो। ४.कोरोना से संक्रमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। ५.सभी नियमित व ठेका श्रमिकों को कोरोना सुरक्षा हेतु स्वच्छता सामग्री राशि (कोरोना भत्ता) दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने में सिटु से प्रकाश क्षत्री, सुनील शर्मा इन्टुक से अभय सिंग, मानकर जी , बी, एम,एस, से मुश्ताक अहमद, लखनलाल चौधरी उपस्थित थे
डौंडी :- जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधित्व को जब अपने ही दल में पूछ परख ना मिलने लगे तो वह राजनीति में स्वयं को ठगा सा महसूस करने लगता है। जिसका उदाहरण कई बार देखने
व सुनने को मिलता आ रहा है। मगर केंद्र में बीजेपी की सरकार व राज्य में क्षेत्र के सांसद व ब्लाक में पार्टी का संगठन होने के बावजूद आखिरकर ऐसी परिस्तिथि क्यों आ रही कि बीजेपी के ही जनप्रतिनिधि अपने ही पार्टी का दामन छोड़कर सत्तारूढ़ पार्टी की ओर आकर्षित हो रहे है। ताजा मामला बालोद जिला के आदिवासी ब्लाक डौंडी क्षेत्र का है जहाँ गत जनपद चुनाव में बीजेपी समर्पित कट्टर ज्योति कोमलेन्द्र चंद्रकार क्षेत्रवासियों की पसंद से जनपद सदस्य चुनकर आयी और महज एक साल के भीतर अपने ही पार्टी से उनका मोह भंग होता चला गया। जिसकी पारखी नजर हर दल के लोग रखते आते रहते है। लेकिन डौंडी क्षेत्र क्रमांक 12 जनपद सदस्य ज्योति चंद्रकार जो कि स्वयं कांग्रेस पार्टी की नीति से प्रभावित होकर मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी से संपर्क कर महिला बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया के समक्ष अन्य ग्राम पंचायत काडे के उपसरपंच व अपने कई साथियों संग मंत्री निवास रायपुर जाकर कांग्रेस पार्टी का दामन थामना मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी व ब्लाक कांग्रेस कमेटी कार्यवाहक अध्यक्ष कोमेश कोर्राम की कुशल नेतृत्व को दर्शा रहा है।
गौरतलब है कि बीजेपी के युवा कोमलेंद्र चंद्रकार की पृष्ठभूमि शुरुवात से ही भाजपा मय रहा है। लेकिन उन्ही के अनुसार उन्होंने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल की किसान नीति व अन्य लोकहितकारी योजनाओ से प्रभावित होकर बकौल कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया। बता दे कि कुछ माह पूर्व ही ग्राम के कई युवा वर्ग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी व उनकी टीम के नेतृत्व में सदस्यता ग्रहण किया है जो कांग्रेस के लिये शुभ संकेत माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में कार्यरत 13000 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के कर्मचारियों ने प्रदेस की ढाई करोड़ जनता के नाम एक पत्र जारी कर मार्मिक संदेश देते हुए दिनांक 19.9.2020 से अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने के कारण होने वाली दिक्कतों के लिए क्षमा मांगी है। ज्ञातव्य हो कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 2018 में चुनाव पूर्व अपने घोषणा पत्र में संविदा कर्मियों के नियमितिकरण की बात कही थी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात को बार बार कर्मचारियों को कहा था तथा स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने भी कर्मचारी आंदोलन में उपस्थित होकर सरकार बनने के 10 दिन के भीतर नियमितिकरण की बात कही थी इस कोरोना काल मे जहां शिक्षाकर्मियों को 2 वर्षो में संविलियन का उपहार सरकार ने दिया वही 13000 कोरोना योद्धाओं को सिर्फ कागजों में सम्मानित करते हुए उनके नियमितिकरण के सम्बंध में एक पहल भी नही की है, जिससे अपने जान के परवाह किये बिना कार्य कर रहे एनएचएम कर्मचारियों में घोर निराशा एवं मानसिक तनाव से ये कर्मचारी गुजर रहे है।अवगत हो कि इन संविदा कर्मचारियों का भविष्य हर समय अधर में लटका रहता है जब चाहे तब आला अधिकारियों के द्वारा इन्हें निकाल दिया जाता है एवं लगातार इन्हें इसी बात का डर दिखाया जाता है कि तुम संविदा कर्मचारी हो हम जब चाहे तब तुम्हें निकाल सकते है ।प्रदेश में कार्यरत 13000 एनएचएम कर्मचारी बहुत ही अल्प वेतन रेगुलर कर्मचारियों की तुलना में सिर्फ 50% का वेतन पाकर कार्य कर रहे है।और न ही इन्हें किसी भी प्रकार का जोखिम भत्ता या चिकित्सकीय भत्ता, गृह भत्ता दिया जाता है।छत्तीसगढ़ में जो स्वास्थ्य सुविधाओं में आमूलचूल परिवर्तन एवं अस्पतालों की जो दशा और दिशा बदली वो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आने के बाद ही हो पायी है। ऐसे में 13000 संविदा कर्मचारी अपने जॉब की सिक्योरिटी और नियमितिकरण चाहते है जिसके लिए वे छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता से माफी मांगते हुए हड़ताल में जा रहे है।कहि न कहि इसमें दोष सत्तासीन सरकार एवं नियम कानून बनाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का है जो नियुक्तियां तो कर देते है लेकिन अपने ही कर्मचारियों के भविष्य के बारे में सोचना नही चाहते । जिससे ये कर्मचारी अब आर पार के मूड में है। अब देखना होगा जहां छत्तीसगढ़ कोविड सकारात्मक प्रकरणों के मामले में जहां जनसंख्या की तुलना में देश मे 7 वे स्थान पर है और लगातार कोरोना से मृत्यु भी हो रही है तो क्या सरकार इनके नियमितिकरण की घोषणा 18 सितम्बर तक करती है या नही या इस कोरोना काल मे भी अपने अड़ियल रवैये पे कायम रहेंगे।
दल्लीराजहरा शहर में पिछले 8-10 माह से अवैध कारोबार गली कुचों में चल रहा है प्रशासन की कार्यवाही केवल दिखावा साबित हो रही है अवैध कारोबारियों का इतना बढ़ा हुआ मनोबल समझ के परे है शहर में चर्चा का विषय यह भी है कि इन अवैध कारोबारियों के सीधे संपर्क कुछ नेताओं से है जिनके संबंधों का लाभ उठाकर या हिस्सेदारी देकर अपना कारोबार दबंगई से चला रहे है और कार्यवाही के नाम पर निचले स्तर के छुटभैये कारोबारी पर कार्यवाही कर प्रशासन भी अपनी खानापूर्ति कर रही है |
गली मोहल्लों में पुराने समय को याद कराते हुए सट्टा खाईवाल के गुर्गे अपनी दुकान सजाकर बैठे है पुलिस की कार्यवाही केवल छुटभैये या नए सटोरियों तक ही सिमित होकर रह गई है बड़ा मुनाफा देख कोरोना काल में बेरोजगार युवक इस अवैध कारोबार की ओर आकर्षित हो रहे है | दल्लीराजहरा शहर पुराने समय में बड़े खाईवालों का अड्डा हुआ करता था जो कि सिंडिकेट बनाकर खुलेआम अपना कारोबार करते थे धीरे-धीरे शहर का वातावरण उसी ओर जा रहा है जुए एवं सट्टे का कारोबार दिनोदिन बढ़ रहा है |
जुए पर भी कई कार्यवाही होने के बावजूद जुआरी नई नई जगह पर फड बिछा लाखों का जुआ चला रहे है | जुए के फड में भी कई गुट सक्रीय हो गए है जो कि अपने वर्चस्व बनाने में जुटे हुए है किन्तु राजनितिक शह एवं पहुँच का लाभ लेकर कार्यवाही से बच रहे है |
इसी प्रकार लगातार कार्यवाही के बाद भी इतनी बड़ी मात्रा में शराब कोचियाओं पर कार्यवाही होने के बावजूद भी बेखौफ रूप से शहर के गली मोहल्लों होटलों में शराब का बिकना प्रशासन की कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगाता है | यहाँ पर यह बताना भी लाजिमी है कि अवैध शराब बिक्री का मामला आबकारी विभाग से सम्बंधित है किन्तु उनकी भूमिका शुन्य नजर आती है उलटे ही शराब दुकान के आसपास ही पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही कर शराब विक्रेताओं से बड़ी मात्रा में शराब जब्ती की जाती है प्रश्न यह उठता है कि बारकोडिंग होने के बावजूद शराब कोचियाओं को इतनी मात्रा में शराब काउंटर से कैसे मिल जाती है सूत्रों द्वारा जानकारी प्राप्त करने पर यह बात भी सामने आई कि कुछ शराब कोचियाओं की साठगाठ शराब दुकान के विक्रेताओं से भी है जिन्हें पीछे के दरवाजे से भी शराब की पूर्ति की जाती है आबकारी विभाग का इस तरह निष्क्रिय होना दूसरी ओर इंगित करता है अंग्रेजी शराब दुकानों में तो ऊपर की राशि देकर अपने मनचाही ब्रांड की शराब ली जा सकती है जिसका लाभ होम डिलीवरी के नाम पर भी निर्धारित दर से ज्यादा रुपये लिया जा रहा है |
अवैध कारोबारियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि बस स्टैंड के पास कुछ लोगों के उकसाकर अवैध व्यवसाय करने वालों द्वारा समाचार प्रकाशित करने पर उनके कार्यालय के सामने जाकर नारेबाजी करवाने से भी नहीं चुक रहे | पत्रकार द्वारा थाने में शिकायत करने पर कार्यवाही करने की बजाय जांच करने की बात कहने लगे कार्यवाही में माहिर दल्लीराजहरा का पुलिस प्रशासन लगातार कार्यवाही कर कर भी अवैध कारोबार को रोकने में क्यों सफल नहीं हो पा रहे है चाहे मामला जुआ, सट्टा, शराब जैसे अवैध कारोबार करने वालों का हो किन्तु पुलिस की सक्रियता का परिणाम जो भी हो पर शहर में अवैध कारोबारियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है इसके पीछे चाहे राजनितिक संरक्षण हो या कोई अन्य दबाव शहर का वातावरण दूषित हो रहा है आम जनता को अपने पुराने दिन याद आने लगे है जिसमे लोग शराब जुआ एवं सट्टा के लत में फंसकर अपना एवं अपने परिवार को बर्बादी की कगार पर चले जाते थे |
जिला मुख्यालय नारायणपुर जिले मे संचालित उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में होने वाले तृतीय एवम चतृर्थ वर्ग की भर्ती के सम्बन्ध आज युवा पार्षद रोशन गोलछा द्वारा कलेक्टर महोदय से मिलकर स्थानीय प्रतिभागियों को प्राथमिकता देने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया . राज्य सरकार द्वारा तृतीय एवम चतुर्थ वर्ग की भर्ती के लिए सरगुजा एवम बस्तर संभाग में स्थानीय प्रतिभागियों को प्राथमिकता के लिए पूर्व में निर्देश है जिस के पालन हेतु कलेक्टर सर से निवेदन किया गया. जिससे की जिले के प्रतिभागियों को लाभ मिल सके।
कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर जिले में चालू मानसून के दौरान विगत एक जून से आज 14 सितम्बर 2020 तक 1288 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गयी है। नारायणपुर विकासखंड में पिछले 24 घंटों में 8 मिलीमीटर और ओरछा विकासखंड में 6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी है। अब तक सबसे ज्यादा 1430 मिलीमीटर बारिश नारायणपुर विकासखंड में हुई है, वहीं ओरछा विकासखंड 1146 मिलीमीटर दर्ज की गयी है।
राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले के नारायणपरु विकासखंड अंतर्गत आतरगांव में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान खोलने हेतु वृतत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समितियों (लेम्पस), प्राथमिक सहकारी साख समितियों, वन सुरक्षा समिति, महिला स्व सहायता समूह, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति एवं स्थानीय नगरीय निकाय से उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु आवेदन पत्र 28 सितम्बर तक आमंत्रित किये गये हैं। उपरोक्त समिति/संस्था द्वारा दुकान संचालन करने हेतु आवेदन पत्र र्निधारित प्रारूप में भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नारायणपुर में 28 सितम्बर 2020 तक कार्यालयीन समय में उपस्थ्ति होकर जमा किया जा सकता है। उचित मूल्य दुकान आबंटन हेतु अन्य सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूह का पंजीयन एवं बैंक खाता आवेदन पत्र जमा करने की तारीख से कम से कम 03 वर्ष पूर्व पंजीकृत एवं सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव होना अनिवार्य है।