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कल लगेगा मुरिया दरबार, मंत्री कश्यप ने किया स्थल निरीक्षण

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जगदलपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को के जगदलपुर प्रवास पर आ रहे हैं। उनके प्रवास लेकर मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री केदार कश्यप के साथ महापौर संजय पांडे, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा के तहत आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होंगे।

यह बस्तर की प्राचीन परंपरा है। मुरिया दरबार में गायता, पुजारी, सिरहा, मांझी, पटेल आदि अपनी समस्याएं रखते हैं और दरबार के मुखिया उनका समाधान करते हैं। राजशाही के दौर यह परंपरा स्थानीय राजा निभाते थे, अब जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि यह परंपरा निभाने लगे हैं। पहली बार केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि मुरिया दरबार में शामिल हो रहा है। इसे लेकर बस्तर के लोगों में काफी उत्साह और अपेक्षाएं हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुरिया दरबार में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप अन्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, महापौर संजय पाण्डेय भी मौजूद रहेंगे।

दल्ली राजहरा सौ बिस्तर अस्पताल की सफाई कर्मचारी महिला की हत्या हत्या करने वाले युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा वार्ड क्रमांक 17 में किराए के मकान में रहने वाली महिला की हत्या की जानकारी प्राप्त हो रही है बताया जा रहा है कि महिला शासकीय सौ बिस्तर अस्पताल में संविदा कर्मचारी के रूप में सफाई कार्य करती थी महिला का नाम प्रीति सेंदरे बताया जा रहा है महिला के पति का कुछ समय पूर्व मृत्यु हो चुकी था। महिला का 5 वर्ष का एक बच्चा भी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला अकेले निवास करती थी महिला का संबंध उसके देवर अमन सिंदरे से होना बताया जा रहा है उसका देवर दो दिनों से उसके साथ यहां रह रहा था महिला की मां घर पहुंचने पर युवक द्वारा दरवाजा नहीं खोला जा रहा था इस पर मोहल्ले वालों द्वारा दरवाजा खुलवाया गया एवं पुरुष की स्थिति संदिग्ध दिखने पर उसे पकड़ कर पुलिस को सूचना दी गई मौके पर पुलिस ने युवक को पकड़ कर थाने में लाया एवं आगे की कार्रवाई की जा रही है महिला के चेहरे से खून देखा गया है जिसे कंबल से ढक कर रखा था। कमरे में शराब की सात-आठ खाली बोतल भी मिली है अनुमान लगाया जा रहा है की घटना एक दिन पूर्व की हो सकती है।कमरे को सील कर दिया गया है।पुलिस द्वारा कल फॉरेंसिक टीम आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

 

विजया दशमी पर विहिप बजरंग दल ने किया शस्त्र पूजन

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  • शास्त्र के साथ शस्त्र भी रखना चाहिए हर घर में

जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा बस्तर प्रखंड में विजयादशमी के अवसर पर इस वर्ष भी लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री रवि ब्रह्मचारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की परंपरा में हमारे चारों युगों में शास्त्र और शस्त्र का उल्लेख मिलता है जब सारे विश्व में स्कूल नहीं थे तब हमारे भारत में गुरुकुल हुआ करते थे। गुरुकुल में शास्त्र के साथ साथ शस्त्र विद्या भी दी सिखाई जाती थी। क्योंकि विधर्मी सभी युगों में पाए गए इसलिए अपनी रक्षा अपनी संस्कृति, गौ, गंगा ,गीता की रक्षा के लिए शस्त्र अति आवश्यक हैं। शस्त्र उठाना पड़े तो उठाना ही चाहिए। विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा बजरंग दल पूरे देशभर में प्रतिवर्ष शस्त्र पूजन का आयोजन अपने सभी जिला केंद्रों एवं ग्रामीण स्तर पर करता है। इसका उद्देश्य अपने अंदर के पुरुषत्व को जगाने एवं अपनी सुरक्षा करना है। बजरंग दल पूरे देश में अपने कार्यकर्ताओं को त्रिशूल दीक्षा देता है। यह कलियुग है कलियुग की शक्ति सिर्फ संगठन है इसलिए हमें संगठित रहना चाहिए। विहिप बजरंग का कार्य ही हिंदुओं को संगठित करना है क्यों कि संगठित हिंदू ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकता है।

प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने विहिप बजरंगदल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि हमारे जितने भी देवी देवता हैं ,सभी के हाथों में शस्त्र हैं। इसलिए हम सभी सनातनी हिंदुओं के घरों में एक न एक शस्त्र रखना ही चाहिए, हिंसा के लिए नहीं अपितु अपनी सुरक्षा की दृष्टि से रखना चाहिए। आज पूरे देशभर में विधर्मी तत्व सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं इसलिए हमे भी अपने पूजा स्थल में शस्त्र रखना चाहिए। कार्यक्रम में विहिप बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने अपने पारंपरिक शस्त्रों का मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में विभाग मंत्री रवि ब्रह्मचारी, विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, उपाध्यक्ष जागेश्वर साहू, प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला, मंत्री शंकर नाग, धर्म प्रसार प्रमुख शंकर बघेल, मंत्री शिवा नाग, संयोजक नेहरूलाल, सुरक्षा प्रमुख जैमन, अखाड़ा प्रमुख दिनेश बघेल, गौरक्षा प्रमुख मानसिंह, सेवा प्रमुख दसी पटेल, विद्यार्थी प्रमुख कृष्ण, मैथ्यू, प्रचार प्रमुख पवन, राजा, हरिदास, तिलु, नगर बस्तर प्रखंड के सभी पदाधिकारी एवं विहिप बजरंग दल कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बिजली तार की चपेट में आने से 10 वर्ष मासूम की मौत

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दल्लीराजहरा :- थाना क्षेत्र के ग्राम कारूटोला में बिजली के तार ने 10 साल के मासूम दक्ष उइके की जान ले ली। टूटे बिजली तार की चपेट में आने से कक्षा चौथी में पढ़ने वाले मासूम की मौत से गांव में मातम पसर गया है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है । यह घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के कारूटोला गांव की है।

ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि मृतक नाबालिग बालक का नाम दक्ष पिता संजू उइके है. दक्ष अपने घर के पास दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी वह अचानक बिजली पोल के टूटे तार के संपर्क में आ गया. दक्ष को तुरंत दल्लीराजहरा के निजी हॉस्पिटल लाया गया, जहां मासूम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों द्वारा मानपुर चौक में नेशनल हाईवे क्रमांक 930 का घेराव कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की घोर लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है. बिजली विभाग को टूटे तार को जोड़ने कई दफा कहा गया, लेकिन लापरवाही बरतते हुए टूटे तारों को खुला छोड़ दिया. इसके चलते यह घटना घटी ग्रामीणों की मांग है कि उनके परिजनों को सरकारी नौकरी वह मुआवजा दिया जाए। मौके पर सीएसपी श्रीमती डॉक्टर चित्रा वर्मा एवं नायब तहसीलदार एवं बिजली विभाग के अधिकारी ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं।

आरएसएस ने मनाया शताब्दी वर्ष

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जगदलपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जगदलपुर शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शहर के चार प्रमुख क्षेत्रों में पथ संचलन एवं विजया दशमी उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजया दशमी के दिन की गई थी।आरएसएस अपने सौ वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौ रूपये का सिक्का जारी किया गया है। पीजी कॉलेज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व धर्म आदिवासी समाज के अध्यक्ष एवं बस्तर प्रकृति बचाओ समिति के संयोजक दशरथ कश्यप ने की। संघ के मध्य भारत सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर मुख्य वक्ता थे।सभाजीत वर्मा कार्यक्रम के संचालक रहे। कृषि उपज मंडी के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत संगठन मंत्री रामनाथ थे। उपनगर हाट कचोरा में पथ संचालन के आयोजन में मुख्य अतिथि रहे डॉ . सुमंत शर्मा और मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक अभय राम। उप नगर सिटी ग्राउंड जगदलपुर के कार्यक्रम में कार्यवाह तरुण राठी व मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते थे। जगदलपुर के चारों उपनगरों के शारीरिक कार्य प्रमुख सुदर्शन दास के नेतृत्व में तेज वर्षा व भारी ट्रैफिक के बावजूद गरिमामयी रूप से पथ संचलन पूर्ण किया गया। संघ शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में शहर के प्रबुद्ध जन व नागरिक उपस्थित रहे।

आप बांहें फैलाए रहिए, वे हथियार लहराते रहेंगे, आप रेड कार्पेट बिछाए रहें, वो लाल खून बहाते रहेंगे

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  •  एक और निरीह आदिवासी को मार डाला नक्सलियों ने
  • धारदार हथियार से की बेकसूर ग्रामीण की हत्या
  • मुखबिरी के शक में मकड़म भीमा की हत्या

अर्जुन झा-

जगदलपुर शांति वार्ता के प्रयासों के बीच नक्सलियों ने फिर एक बेकसूर आदिवासी को मौत के घाट उतार दिया। मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले का है। बीती रात उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम पुजारी कांकेर निवासी मड़कम भीमा की नक्सलियों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी।

घटना रात 9 बजे के आसपास की है। नक्सलियों ने घर पहुंचकर मड़कम भीमा को मुखबिरी का आरोप लगाते हुए घर से बाहर निकाला और धारदार हथियार वार कर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना उसूर में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कल ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए सरकार की पहल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार बांहें फैलाए खड़ी है, रेड कार्पेट हमने बिछा रखी है आप (नक्सली नेता) आईए, हम स्वागत करने खड़े हैं। आपको पूरी सुरक्षा दी जाएगी और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यानि सरकार की ओर से शांति वार्ता और नक्सलियों को लोकतंत्र, समाज, देश और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। वहीं नक्सली हैं कि अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोकहित, जनहित की बातें करने वाले नक्सली आम जन की हत्या कर रहे हैं। सरकार रेड कारपेट बिछाए बैठी है, और वो लाल खून बहाने पर आमादा हैं, सरकार बांहें फैलाए खड़ी है और वो हथियार लहराते उत्पात मचा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नक्सलियों के असल मंसूबे क्या हैं? स्थानीय नक्सली तो मुख्यधारा से लगातार जुड़ते जा रहे हैं, मगर बाहरी बड़े नक्सली अपने स्वार्थ के लिए अभी भी खून खराबा कर अपनी उपस्थिति का अहसास करा रहे हैं, हालांकि कोसा, राजू सरीखे बड़े नक्सली लीडर्स के मारे जाने के बाद बाहरी नक्सली दहशत के साये में जी रहे हैं।

तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने युवक गंभीर रूप से घायल

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दल्लीराजहरा – डोंडी मुख्य मार्ग पर माँ झरन मंदिर के पास  भंडारा का प्रसाद लेने के लिए सड़क के किनारे पैदल जा रहा था । तभी तेज रफ्तार ट्रक ने राकेश यादव को अपने चपेट में ले लिया ।घायल युवक  का नाम राकेश यादव वार्ड नं 10 दल्लीराजहरा का रहने वाला था । सूत्रों से प्राप्तजानकारी के मुताबिक गंभीर रूप से घायल दुर्गेश यादव गैरेज में हेल्पर का कार्य करता है जो नवरात्रि में पूरे नौ दिनों का उपवास रखा था । माँ झरन मंदिर में भंडारा का प्रसाद लेने के लिए सड़क के किनारे पैदल जा रहा था कि एक अनियंत्रित ट्रक तेज रफ्तार  ट्रक अपने चपेट में ले लिया।  युवक बुरी तरह से कई जगह पर गंभीर चोट आई है ।घटना के पश्चात् युवक को शहीद अस्पताल ले गया । पुलिस घटना के पश्चात् मौके पर मौजूद थे।

 

 

सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने किया रामलीला का मंचन

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रामलीला के माध्यम से भारतीय समाज की पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की संरक्षण करने के लिए सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने नाटकीय रूप से रामलीला में रावण वध का मंचन तथा जसगीत व जसनृत्य का प्रदर्शन कर युवा पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और संवर्धित का संदेश दिया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि “रामो विग्रहवान धर्म:” अर्थात धर्म का साक्षात रूप राम है। भारतीय जनमानस में  राम एक ऐसे आदर्श पुरुष है जिनके कण – कण में धर्म दिखता है। जिनके चरित्र में निष्कलंक , विनयशीलता , वीरता व कर्तव्यनिष्ठता है, जिसे मानव जाति को अनुसरण करना चाहिए। विशेष अतिथि संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला का हमारे भारतीय समाज में गहरा सामाजिक महत्व है। यह केवल धार्मिक कथा का मंचन या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज के नैतिक मूल्यों, सामाजिक एकता तथा सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया जाता है। विशेष अतिथि योगेंद्र कुमार सिन्हा भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा ने छात्रों द्वारा देवी जसगीत तथा नृत्य की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह देवी शक्ति की स्तुति का एक पारंपरिक लोकगीत है , जो देवी के प्रति लोगों की आस्था , भक्ति और स्थानीय लोक जीवन का अभिन्न अंग है। जिसे संरक्षित रखना अति आवश्यक है।

प्राचार्या सुनीता यादव ने कहा कि रामलीला के वजह से एक पूरा समाज की सामाजिक व्यवस्था चलती है जो समाज के प्रत्येक अंग को पोषित तथा विकसित करती है , इसलिए इस डिजिटल तथा वैश्विक युग में हमें इन मूल्यों को जिंदा रखना होगा।व्याख्याता तामसिंग पारकर ने बताया कि आज सबसे बड़ी चुनौती है कि लोगों को घर से बाहर निकाल कर रामलीला देखने को प्रेरित कैसे किया जाए ? इसकी शुरुआत शाला से बेहतर और कोई मंच नहीं है। रामलीला का स्वतंत्रता संग्राम में भी बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है, यह राष्ट्रीय एकता का जागरण और सामाजिक चेतना के जागृत करने का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता था। राम रावण युद्ध को अक्सर भारतीयों के स्वतंत्रता संघर्ष और ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक माना गया। रामलीला ने विभिन्न वर्गों और समुदायों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ नसीम खान ने शाला के शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों को बुराई पर अच्छाई की जीत बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और धर्म महान है, उन्हें पश्चिमी प्रभाव से कमजोर नहीं होने देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता रानू सोनी तथा पूजा रात्रि ने किया। इस अवसर पर समस्त शिक्षक गण सोनल गुप्ता ,आमोद त्रिपाठी ,शिवम गुप्ता, प्रियंका सिंह, शेष कुमार कोसमा , नदीम खान,त्रिशला नोनहरे भावना यादव ,यामिनी नेताम, यशेष रावते आदि उपस्थित थे।

बालोद जिले को प्राप्त हुआ देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि

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  • मुख्यमंत्री ने संपूर्ण जिलेवासियों के समवेत प्रयासों से जिले को गौरव प्राप्त होेने पर जिला प्रशासन को दी बधाई
  • पिछले 02 वर्ष से अधिक अवधि के दौरान जिले में बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नहीं होेने पर जिले को मिली महत्वपूर्ण उलपब्धि
  • कलेक्टर ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के प्रति माना आभार

बालोद, 01 अक्टूबर 2025 जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से एवं समाज के सभी वर्गों के सहयोग से पिछले सवा दो वर्षों के अवधि के दौरान एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होेने पर बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं संपूर्ण जिलेवासियों के सहयोग से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने पर बालोद जिला प्रशासन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने बालोद जिले के इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ राज्य सहित संपूर्ण देश के लिए पे्ररणादायी बताया।

उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के किसी भी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में मई 2023 के पश्चात् अब तक एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होने पर जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह महत्वपूर्ण उलपब्धि हासिल हुआ है। विदित हो कि बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय बनने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में विगत 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होना अनिवार्य है। बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय बनने के प्रक्रिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत के लिए ग्राम सभा बुलाकार इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य होता है। उसके पश्चात् इसका अभिलेखीकरण कर कलेक्टर को प्रस्ताव पे्रषित किया जाता है। नगरीय निकायों के लिए भी यही प्रक्रिया निर्धारित है। इन सभी प्रक्रियाओं के उपरांत कलेक्टर द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के उपरांत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा 436 ग्राम पंचायतों एवं 09 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित होने के संबंध में प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होेने के उपरांत अब बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त होेने का दर्जा मिल गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संपूर्ण जिलेवासियों के समवेत प्रयासों से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होनेे पर पूरे बालोद जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए अभियान से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि सहित बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहभागिता निभाने वाले प्रत्येक व्यक्ति बधाई के पात्र है। उन्होंने अथक प्रयासों से बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण जिलेवासियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों के प्रति विनम्र आभार माना है।

 

तांत्रिक अनुष्ठान भी होता है बस्तर दशहरा में

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  •  बुरी आत्माओं से बस्तर की सुरक्षा के लिए किया जाता है तांत्रिक अनुष्ठान 
  • तांत्रिक अनुष्ठान में दी जाती है बकरों की बलि 

अर्जुन झा-

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा सिर्फ जन आकर्षण का ही केंद्र नहीं है, बल्कि इस दौरान पूरी की जाने वाली रस्में भी अलौकिक होती हैं। इन रस्मों में तांत्रिक पूजा अनुष्ठान भी शामिल है। यह अनुष्ठान बस्तर को बुरी आत्माओं के कहर से बचाने और देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान बकरों की बलि भी दी जाती है। यह रस्म निशा जात्रा के दौरान पूरी की जाती है।

रहस्यों और रोमांच से भरे बस्तर दशहरा वस्तुतः देवी आराधना का महापर्व है। यह महापर्व बस्तर संभाग की प्रथम पूज्यनीया माई दंतेश्वरी को समर्पित है। इस महापर्व में बस्तर के सभी देवी देवताओं का आगमन होता है। उनके रहवास की अलग अलग व्यवस्था रहती है। नियमित पूजा अर्चना का दौर चलते रहता है। इस दौरान तरह तरह की प्राचीन परंपराओं और रीति रिवाजों का नियमानुसार पालन भी किया जाता है। इन्हीं रिवाजों में शामिल है तांत्रिक पूजा अनुष्ठान। तांत्रिक पूजा अनुष्ठान निशा जात्रा के दौरान पूरा किया जाता है।यह रस्म बस्तर राजवंश के लोगों द्वारा ही पूरा कराने की परंपरा है। बीती रात निशा जात्रा और तांत्रिक पूजा अनुष्ठान का आयोजन हुआ।देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए बस्तर राजवंश के कुलदीपक राजा कमलचंद भंजदेव ने देर रात निशा जात्रा की रस्म पूरी की। इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि भी दी गई। बस्तर दशहरा की इस अनूठी रस्म के जरिए बस्तर को बुरी प्रेत आत्माओं से बचाने की प्रार्थना की जाती है। अष्टमी और नवमी तिथि के बीच देर रात को यह रस्म निभाने की परंपरा 600 साल चली आ रही है। इस रस्म के तहत देर रात राजा कमलचंद भंजदेव के साथ बस्तर राज परिवार के प्रमुख सदस्य मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग पैदल चलकर अनुपमा चौक स्थित गुड़ी मंदिर पहुंचे।

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