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कल विशाल निशुल्क नेत्र चिकित्सा,दंत चिकित्सा एवं फिजियोथरेपी शिविर

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हर बार कि तरह इस वर्ष भी आप सभी के सहयोग के साथ महावीर सेवा समिति कि पहल पर

छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज ऑफ इंसिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर राजनांदगाव् के मार्गदर्शन में महावीर सेवा समिति दल्ली राजहरा के तत्वाधान में नेत्र,दंत एवं फिजियोथेरपी शिविर का आयोजन दिनांक 06 दिसंबर 2022 दिन मंगलवार को जैन दादाबाड़ी मे सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा ।इस शिविर में राजनांदगाव से पधारे हुए वरिष्ठ अनुभवी डॉक्टरो की सेवाएं उपलब्ध कराई जावेगी । जिसमे आँखो के नंबर के जाँच कि सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अतः आप सभी शहरवासियों से सादर अनुरोध है कि इस स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित होकर अपने रोगों का निदान कर स्वस्थ्य बने।

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छत्तीसगढ़ राशन विक्रेता संघ द्वारा जिला दंतेवाड़ा विक्रेता संघ का गठन

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छत्तीसगढ़ राशन विक्रेता संघ द्वारा जिला दंतेवाड़ा विक्रेता संघ का गठन किया गया जिसमें जिला अध्यक्ष कृष्ण नायक को विक्रेताओं के स्वसहमति से घोषित क्या गया उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार नायक को घोषित क्या उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह नायक सचिव अभिषेक अस्थाना उप सचिव श्रीमती सुमित्रा नेताम कोषाध्यक्ष श्रीमती यशोदा साहू गठन के उपरांत चर्चा प्रदेश अध्यक्ष रामदेव सिन्हा जी ने कहां शासन द्वारा

ईपोस में तोल मशीन ब्लूटूथ कनेक्ट करके राशन वितरण करने का आदेश शासन द्वारा दिया गया है जबकि ईपोस मैं सर्वर समस्या पहले से है और ईपोस में वेट मशीन ब्लूटूथ जरिए कनेक्ट करके वितरण करने में राशन संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है हितग्राही सरवर नहीं चलते कई बार राशन दुकान में 4 घंटा 5 घंटा इंतजार करते और राशन संचालक को गाली गलौज करते और हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं मगर राशन संचालकों नियमित रूप से सेवा दे रहे हैं किसी का ध्यान नहीं है कई बार सरवर के समस्या का चलते ईपोस में एंट्री तो हो जाता है पर हमारे स्टाक से नहीं कटता इसी के चलते हितग्राही को वितरण तो कर देते हैं पर राशन दुकानों का स्टॉकमैं बढ़ोतरी देखा जा रहा है
कई बार शासन द्वारा वितरण प्रणाली को बदलाव करवा कर वितरण करवाया गया तब भी सरवर समस्या ठीक नहीं हुआ है
बस्तर दंतेवाड़ा सुकमा बीजापुर और भी कई ऐसी जगह है जहां पर हितग्राही जमीनी स्तर पर काम मजदूरी रेजा कुली हाथों से ज्यादा मेहनत करने का काम करते हैं जिससे हितग्राहियों का अंगूठा या उंगली ईपोस मशीन में काम नहीं करता इसी कारण कई बार हितग्राही को बिना राशन लिए घर को आपस जाना पड़ता है कई बार हितग्राही आना जाना होकर मजदूरी करने वाले हितग्राही का समय बर्बाद हो जाता है और हितग्राही का उस दिन का रोजी उसको नहीं मिल पाता राशन संचालन कर्ताओं का शासन से मांग है ऑनलाइन वितरण को हटाकर ऑफलाइन वितरण करने का आदेश जारी किया जाए
प्रदेश अध्यक्ष एवं राशन संचालकों द्वारा सर्व सहमति से
हड़ताल करने का निर्णय लिया गया जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती 6 से लेकर 8 ,12 2022 ,दिन मंगलवार तक हड़ताल जारी रहेगा
।।जब तक कांटा नहीं हटेगा।।
।। तब तक राशन नहीं बटेगा।।

बाड़ी ही खाने लगी खेत, लैम्प्स के प्रभारी करा रहे धान की तस्करी

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(अर्जुन झा)

बकावंड,(जगदलपुर)। देश में धान का सर्वाधिक मूल्य देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यवस्था की है कि तस्करी का धान उपार्जन केंद्रों तक किसी भी सूरत में न पहुंचने पाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट तौर पर ताकीद की है कि राज्य के किसानों का धान उपार्जन केंद्र तक बिना किसी असुविधा के पहुंचे और छत्तीसगढ़िया किसान का धान खरीदा जाए। न कि बिचौलियों और कोचियों के जरिए धान की तस्करी हो। लेकिन शासन की व्यवस्था में वह लोग ही सेंध लगा रहे हैं, जिन पर व्यवस्था की जिम्मेदारी है। बस्तर के बकावंड में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें लैम्प्स के प्रभारी ने अपने पिता के नाम पर कोचियों से 50 क्विंटल धान खरीद लिया और शिकायत मिलने पर इस धान की जब्ती भी बना दी गई लेकिन अब तक यह गोरख धंधा करने वाले लैम्प्स प्रभारी कैलाश कश्यप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

मिली तथ्यात्मक जानकारी के अनुसार बकावंड ब्लॉक के छोटेदेवड़ा धान खरीदी केंद्र प्रभारी कैलाश कश्यप ने अपने पिता शोभाराम कश्यप के पट्टे पर कोचियों की धान खरीदी करा दी। जब इसकी शिकायत सामने आई तो धान जब्त की गई लेकिन संबंधित अधिकारियों ने लैम्प्स प्रभारी कैलाश कश्यप के विरुद्ध कोई प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की। जिससे किसानों में भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि मामले को दबाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह तो एक बानगी है कि यह धान तस्करी का मामला सामने आ गया। यदि बारीकी से जांच की जाए तो बस्तर में बड़ा धान खरीदी घोटाला उजागर हो सकता है।

किसानों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ साथ राजीव किसान न्याय योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि देती है। जिसका फायदा उठाने के लिए दीगर राज्यों का धान खरीद कर कोचिये धान की तस्करी कर रहे हैं और स्थानीय किसानों के नाम पर यह धान खरीदी जा रही है। इस अवैध कारोबार में धान खरीदी की व्यवस्था में तैनात लोग ही संलिप्त हों तो सरकार की मंशा के मुताबिक छत्तीसगढ़ के किसानों का भला होने में बाधा उत्पन्न होना स्वाभाविक है। इस धांधली को दबाकर बड़े अधिकारी इस संदेह को बढ़ा रहे हैं कि सारा गोलमाल उनके संरक्षण में हो रहा है।

महिला के अंतिम संस्कार को लेकर मालगांव में मचा बवाल

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  • छुई मिट्टी खदान हादसे में मृत महिला और परिजनों ने कर लिया है धर्मान्तरण, गांव वाले हिंदू रीति से करना चाहते थे अंतिम संस्कार


बकावंड छुई मिट्टी खदान दुर्घटना में मृत एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर मालगांव में आठ घंटे तक हंगामा होता रहा। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन गांव वाले मानने को तैयार नहीं थे। मृतका और उसके परिजन माहरा जाति के हैं, लेकिन उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है। परिजन महिला का अंतिम संस्कार ईसाई परम्परा के अनुसार करना चाहते थे और गांव वालों की मंशा थी कि हिंदू मान्यता के अनुसार शवदाह किया जाए। करीब आठ घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद शाम 4. 15 बजे महिला का अंतिम संस्कार हो पाया।


बकावंड विकासखंड के ग्राम मालगांव में शुक्रवार को छुई मिट्टी खदान धसक जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी। शवों का पोस्टमार्टम कल ही मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में हो गया था। परिजन शव लेकर शाम को गांव लौट गए थे। शनिवार को सुबह पांच शवों का हिंदू रीति के तहत दाह संस्कार कर दिया गया, लेकिन मांझीपारा निवासी 30 वर्षीय सैयलो पति कमलसाय माहरा के शव को परिजन ईसाई परम्परा के अनुसार दफनाने की पहल करने लगे। ग्रामीण इसके विरोध में खड़े हो गए। मालगांव के सरपंच बलराम बघेल, अन्य ग्राम प्रमुख तथा ग्रामीण कहने लगे कि सैयलो का अंतिम संस्कार हिंदू रीति से होना चाहिए। सैयलो के परिजन तथा मांझीपारा के धर्मान्तरित 30 – 35 परिवारों के लोग ईसाई परम्परा के अनुसार ही शव को दफनाने के लिए अड़ गए। सरपंच बलराम बघेल दलील देते रहे कि मृतका मूलतः हिंदू थी, इसलिए उसका अंतिम संस्कार भी हिंदू रीति से ही होना चाहिए। जानकारी मिलते ही एसडीएम ओपी वर्मा, तहसीलदार जयकुमार नाग, जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ एसएस मंडावी, नगरनार टीआई श्री नाग तथा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारी दोनों समूहों को समझाईश देते रहे, लेकिन कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं हो रहा था। सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4.15 बजे तक हंगामा चलता रहा दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार समझाईश के बाद अंततः सरपंच बलराम बघेल व ग्रामीण नरम पड़े और इसके बाद महिला के शव को दफनाया गया। इस दौरान गांव में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था।
-ग्रामीणों ने मान ली बात
समझाईश के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की बात मान ली और महिला का अंतिम संस्कार उनकी ही विधि से संपन्न हुआ।
– जय कुमार नाग
तहसीलदार, बकावंड
हमने भावनाओं का ध्यान रखा
मृतका सैयलो पूर्व में हिंदू थी। इसलिए गांव वाले चाहते थे कि उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति से हो, लेकिन आखिरकार हम लोगों ने उनके परिजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी मर्जी के अनुरूप अंतिम संस्कार करने की सहमति दे दी।
-बलराम बघेल
सरपंच, ग्राम पंचायत मालगांव

छुई खदान में हुए हृदय विदारक हादसे में मजदूरों की मौत पर ईविप्रा उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा,

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  • सदस्य/महामंत्री अनवर खान ने गहरा दुख जताया तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति की संवेदना व्यक्त

जगदलपुर के मालगांव स्थित छुई खदान में हुए हादसे को लेकर इन्द्रावती विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष/जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा, मदरसा बोर्ड के सदस्य/महामंत्री (प्रशासन)अनवर खान ने गहरा दुःख जताया तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा कांग्रेस परिवार आपके साथ है शर्मा व खान ने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों को राहत राशि देने की घोषणा के साथ घायलों को निःशुल्क उपचार के साथ बेहतर इलाज उपलब्ध कराने जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया हैं। नगरनार क्षेत्र अंतर्गत मालगांव में खदान धंसने से 6 लोगों की मौत हो गई. वहीं 3 लोग बुरी तरह से घायल हो गए. फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है. जिसके लिए राज्य सरकार भी काफी चिंतित है लेकिन यह एक बड़ी घटना है. घायलों का इलाज डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में प्रशासन की देख रेख में चल रहा है पूरा कांग्रेस परिवार इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है और अपनी सहानुभूति व्यक्त करता है।

महिला के अंतिम संस्कार को लेकर मालगांव में मचा बवाल

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  • छुई मिट्टी खदान हादसे में मृत महिला और परिजनों ने कर लिया है धर्मान्तरण, गांव वाले हिंदू रीति से करना चाहते थे अंतिम संस्कार

बकावंड छुई मिट्टी खदान दुर्घटना में मृत एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर मालगांव में बवाल मच गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन गांव वाले मानने को तैयार नहीं थे। मृतका और उसके परिजन माहरा जाति के हैं, लेकिन उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है। परिजन महिला का अंतिम संस्कार ईसाई परम्परा के अनुसार करना चाहते थे और गांव वालों की मंशा थी कि हिंदू मान्यता के अनुसार शवदाह किया जाए। बकावंड विकासखंड के ग्राम मालगांव में शुक्रवार को छुई मिट्टी खदान धसक जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी। शवों का पोस्टमार्टम कल ही मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में कर लिया गया था। परिजन शव लेकर शाम को गांव लौट गए थे।

शनिवार को सुबह पांच शवों का हिंदू रीति के तहत दाह संस्कार कर दिया गया, लेकिन मांझीपारा निवासी 30 वर्षीय सैयलो पति कमलसाय माहरा के शव को परिजन ईसाई परम्परा के अनुसार दफनाने की पहल करने लगे। ग्रामीण इसके विरोध में खड़े हो गए। मालगांव के सरपंच बलराम बघेल, अन्य ग्राम प्रमुख तथा ग्रामीण कहने लगे कि सैयलो का अंतिम संस्कार हिंदू रीति से होना चाहिए। सैयलो के परिजन तथा मांझीपारा के धर्मान्तरित 30 – 35 परिवारों के लोग ईसाई परम्परा के अनुसार ही शव को दफनाने के लिए अड़ गए। सरपंच बलराम बघेल दलील देते रहे कि मृतका मूलतः हिंदू थी, इसलिए उसका अंतिम संस्कार भी हिंदू रीति से ही होना चाहिए। जानकारी मिलते ही एसडीएम ओपी वर्मा, तहसीलदार जयकुमार नाग, जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ एसएस मंडावी, नगरनार टीआई नाग तथा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारी दोनों समूहों को समझाईश देते रहे, लेकिन कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं था। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोई रास्ता नहीं निकल पाया था। समाचार लिखे जाने तक गांव में स्थिति तनाव पूर्ण बनी हुई है।

कक्का ने सभी समाजों को अधिकार देकर एक कुशल और सफल शासक होने का परिचय दिया और राम राज्य की कल्पना को साकार करने का काम किया – राजीव शर्मा

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राम राज्य की कल्पना की मूल अवधरणा में सभी के लिए न्याय की बात थी. जहां राजा सभी के कल्याण के लिए नीतियां बनाकर बराबरी सम्मान और प्रगति के लिए कार्य करता हो

राम के आदर्शों पर चलते हुए भूपेश बघेल ने दो दिसंबर को न्याय और बराबरी की पहल कर जनता को उनका अधिकार दिला रहे हैं….

छत्तीसगढ़ के इतिहास में 02 दिसंबर मील का पत्थर साबित हुआ है
छत्तीसगढ़ का राजनीतिक निर्माण 1 नवंबर सन 2000 को जरूर किया गया, पर यहां की संपूर्ण जनता को उनका अधिकार 2 दिसंबर 2022 को मिला

राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातियों के हक में विशेष सत्र में विधेयक पारित कर ऐतिहासिक निर्णय ने विपक्षी दलों की कर दी बोलती बंद आये बैकफुट पर

कांग्रेस की भूपेश सरकार द्वारा विधानसभा के विशेष सत्र में विद्येयक पारित किये जाने पर सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर इस ऐतिहासिक निर्णय का किया स्वागत

जिलाध्यक्ष / इविप्रा उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि राज्य के संवेदनशील यशस्वी लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में विधानसभा में संशोधित आरक्षण विधेयक प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई थी. इसके जरिए सरकार अनुसूचित जनजाति (ST) को 32%, अनुसूचित जाति (SC) को 13% और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण देना तय किया है. वहीं सामान्य वर्ग के गरीबों (EWS) को 4% आरक्षण देने की बात कही जा रही है. यह कांग्रेस की भूपेश सरकार का ऐतिहासिक निर्णय है श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों को दिग्भ्रमित करने वाली भाजपा आई बैकफुट पर इतिहास गवाह है कांग्रेस ने जो कहा है सो किया है कांग्रेस की भूपेश सरकार की लोकप्रियता उनके कार्यशैली से उस बुलंदियों पर पहुंच चुकी है जिसकी कल्पना भी नही की जा सकती। छत्तीसगढ़ में सभी समाजों को अधिकार देकर भूपेश सरकार राम राज्य की कल्पना को साकार करने जा रही है. राम राज्य की कल्पना की मूल अवधरणा में सभी के लिए न्याय की बात थी. जहां राजा सभी के कल्याण के लिए नीतियां बनाकर बराबरी सम्मान और प्रगति के लिए कार्य करता हो. राम के आदर्शों पर चलते हुए भूपेश बघेल ने दो दिसंबर को न्याय और बराबरी की पहल कर जनता को उनका अधिकार दिला रहे हैं। शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में 2 दिसंबर मील का पत्थर साबित हुआ है. छत्तीसगढ़ का राजनीतिक निर्माण 1 नवंबर सन 2000 को जरूर किया गया, पर यहां की संपूर्ण जनता को उनका अधिकार 2 दिसंबर 2022 को मिला । संवेदनशील मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच का परिणाम है कि विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ावर्ग सहित अन्य वर्गों को फायदा पहुंचाने वाला संशोधित विधेयक पास हुआ दूसरी तरफ भाजपा ने आदिवासियों व अन्य वर्गों को दिग्भर्मित कर उनकी हमेशा उपेक्षा की है।

विकास को गति देने कांग्रेस प्रत्याशी को दें आशीर्वाद : बैज

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  • बस्तर सांसद दीपक बैज व राजयसभा सदस्य फुलोदेवी नेताम ने सम्हाला मोर्चा
  • भानुप्रतापपुर विस सीट के चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा पर जमकर गरजे बस्तर के शेर

कांकेर भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में पहुंच चुका है। बस्तर के शेर कहे जाने वाले कांग्रेस सांसद दीपक बैज और राजयसभा सदस्य फुलोदेवी नेताम ने बीती देर रात तक लगभग दर्जनभर गांवों में पार्टी प्रत्याशी सावित्री मंडावी के पक्ष में सभाएं ली। बैज ने भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धियां गिनाई और भाजपा को आदिवासी एवं विकास विरोधी करार दिया। बैज एवं श्रीमती नेताम शुक्रवार को देर रात तक कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी के साथ धुआंधार प्रचार करते रहे।

शुक्रवार को जहां छत्तीसगढ़ के मंत्री व विधायक आदिवासियों के हक में आरक्षण बिल को लेकर विधानसभा में डटे रहे, तो दूसरी ओर उप चुनाव में सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम व कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी रात 9 बजे तक धुंआधार एक के बाद एक सभाएं लेते रहे। उन्होंने दस गांवों में सभाओं को संबोधित किया। बैज, श्रीमती नेताम व श्रीमती मंडावी ने ग्राम सेलेगांव, सेलेगोंदी, बैजनपुरी, डुमरकोट, नरसिंहपुर, भैंसाकन्हार, कुर्री, जामपारा समेत अन्य जगहों पर चुनावी सभाएं ली। बैज छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं व आरक्षण बिल को लेकर लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं। उन्होंने सभाओं में कहा कि आप लोगों ने आशीर्वाद देकर कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की सत्ता सौंपी, मनोज मंडावी को विधायक चुनकर विधानसभा में भेजा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के विकास, आदिवासियों के कल्याण के लिए अनवरत काम कर रहे हैं। आदिवासियों को पूर्व की तरह आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए भूपेश बघेल संकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों को उनका जायज हक दिलाकर रहेगी। सांसद दीपक बैज ने कहा कि मनोज मंडावी ने भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित भाव से काम किया। उनके प्रयासों से भूपेश बघेल सरकार ने इस क्षेत्र में सड़कों, पुल, पुलियों, स्कूल भवन, अस्पताल, आंगनबाड़ी भवन आदि का निर्माण कराया। लोगों की भलाई और आर्थिक उन्नति के लिए हमारी कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक योजनाओं का आगाज किया। प्रदेश खुशहाल हो रहा। विकास की इस गति को और तेज करने के लिए सावित्री मंडावी को जरूर सेवा का मौका दें और उन्हें जिताकर भूपेश बघेल का हाथ मजबूत करें। बैज ने कहा कि भाजपा आदिवासियों का उत्थान नहीं चाहती, इसीलिए उसने आरक्षण बिल को लटकाए रखा। सांसद ने कहा कि भाजपा को सबक सिखाने का यही अच्छा मौका है।
भाजपा महिला विरोधी : नेताम
फुलोदेवी नेताम ने सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार महिलाओं के कल्याण और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। कांग्रेस महिलाओं को पूरा सम्मान देती है, जबकि भाजपा में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है।भाजपा महिला विरोधी पार्टी है। वह आदिवासियों का हक छीनने का भी काम करती आई है। श्रमती नेताम ने क्षेत्र के विकास के लिए सावित्री मंडावी को विजयी बनाने की अपील की। प्रत्याशी सावित्री मंडावी ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

विकास को गति देने कांग्रेस प्रत्याशी को दें आशीर्वाद : बैज

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  • बस्तर सांसद दीपक बैज व राजयसभा सदस्य फुलोदेवी नेताम ने सम्हाला मोर्चा
  • भानुप्रतापपुर विस सीट के चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा पर जमकर गरजे बस्तर के शेर

कांकेर। भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में पहुंच चुका है। बस्तर के शेर कहे जाने वाले कांग्रेस सांसद दीपक बैज और राजयसभा सदस्य फुलोदेवी नेताम ने बीती देर रात तक लगभग दर्जनभर गांवों में पार्टी प्रत्याशी सावित्री मंडावी के पक्ष में सभाएं ली। बैज ने भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धियां गिनाई और भाजपा को आदिवासी एवं विकास विरोधी करार दिया।

बैज एवं श्रीमती नेताम शुक्रवार को देर रात तक कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी के साथ धुआंधार प्रचार करते रहे। शुक्रवार को जहां छत्तीसगढ़ के मंत्री व विधायक आदिवासियों के हक में आरक्षण बिल को लेकर विधानसभा में डटे रहे, तो दूसरी ओर उप चुनाव में सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम व कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी रात 9 बजे तक धुंआधार एक के बाद एक सभाएं लेते रहे। उन्होंने दस गांवों में सभाओं को संबोधित किया। श्री बैज, श्रीमती नेताम व श्रीमती मंडावी ने ग्राम सेलेगांव, सेलेगोंदी, बैजनपुरी, डुमरकोट, नरसिंहपुर, भैंसाकन्हार, कुर्री, जामपारा समेत अन्य जगहों पर चुनावी सभाएं ली। बैज छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं व आरक्षण बिल को लेकर लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं। उन्होंने सभाओं में कहा कि आप लोगों ने आशीर्वाद देकर कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की सत्ता सौंपी, मनोज मंडावी को विधायक चुनकर विधानसभा में भेजा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के विकास, आदिवासियों के कल्याण के लिए अनवरत काम कर रहे हैं। आदिवासियों को पूर्व की तरह आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए भूपेश बघेल संकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों को उनका जायज हक दिलाकर रहेगी। सांसद दीपक बैज ने कहा कि मनोज मंडावी ने भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित भाव से काम किया। उनके प्रयासों से भूपेश बघेल सरकार ने इस क्षेत्र में सड़कों, पुल, पुलियों, स्कूल भवन, अस्पताल, आंगनबाड़ी भवन आदि का निर्माण कराया। लोगों की भलाई और आर्थिक उन्नति के लिए हमारी कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक योजनाओं का आगाज किया। प्रदेश खुशहाल हो रहा। विकास की इस गति को और तेज करने के लिए सावित्री मंडावी को जरूर सेवा का मौका दें और उन्हें जिताकर भूपेश बघेल का हाथ मजबूत करें। बैज ने कहा कि भाजपा आदिवासियों का उत्थान नहीं चाहती, इसीलिए उसने आरक्षण बिल को लटकाए रखा। सांसद ने कहा कि भाजपा को सबक सिखाने का यही अच्छा मौका है।
भाजपा महिला विरोधी : नेताम
फुलोदेवी नेताम ने सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार महिलाओं के कल्याण और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। कांग्रेस महिलाओं को पूरा सम्मान देती है, जबकि भाजपा में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है।भाजपा महिला विरोधी पार्टी है। वह आदिवासियों का हक छीनने का भी काम करती आई है। श्रमती नेताम ने क्षेत्र के विकास के लिए सावित्री मंडावी को विजयी बनाने की अपील की। प्रत्याशी सावित्री मंडावी ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

हताहतों की सुध लेने की फुरसत नहीं मिली जनप्रतिनिधियों को

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  • इतना बड़ा हादसा हो गया और चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे नेतागण
  • मालगांव में पसरा है मातम, गांव के छह लोगों की चली गई है जान अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड बकावंड के मालगांव में भीषण दुर्घटना हो गई। छुई खदान धंसने से गांव की पांच महिलाओं समेत छह लोगों की जान चली गई और दो लोग घायल हो गए।इतनी बड़ी विपदा के बाद भी बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधियों को इतनी भी फुरसत नहीं मिली कि वे हताहतों की सुध ले सकें, शोकमग्न परिवारों का दुख साझा कर सकें और घायलों की हालत जान सकें। मालगांव में मातम पसरा हुआ है और मौजूदा एवं पूर्व जनप्रतिनिधि भानुप्रतापपुर क्षेत्र में लोगों से वोटों की भीख मांगते फिरते रहे।

शुक्रवार को दोपहर मालगांव स्थित छुई खदान के धसक जाने से छः जानें चली गईं। यह गांव जगदलपुर से महज दस किमी दूर स्थित है और अमूमन हर जनप्रतिनिधि का निवास इस शहर या आसपास के गांव में ही स्थित है। बावजूद न तो कांग्रेसी जनप्रतिनिधि इस गांव में पहुंचे और ना ही भाजपा के। दोनों दलों के सारे नेता भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए होने जा रहे उप चुनाव में अपने – अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क करने में व्यस्त रहे। हादसे में मारे गए लोग भी मतदाता थे। उनके दिए वोटों से कोई विधायक बना होगा, तो कोई सांसद, लेकिन उनके वोटों की कद्र किसी भी जनप्रतिनिधि ने नहीं की। क्योंकि अब वो सारे लोग वोटर लिस्ट बाहर जो हो जाएंगे। इन जनप्रतिनिधियों के पास लग्जरी गाड़ियां और सुरक्षा दस्ते भी हैं। वे चाहते तो भानुप्रतापपुर से मालगांव तक का सफर ढाई – तीन घंटे में तय कर दुखी परिवारों के बीच पहुंच सकते थे। शायद संवेदना मर चुकी है लोगों की। इंसान की जान से ज्यादा कीमती इंसान द्वारा दिए जाने वाला वोट हो गई है। जनप्रतिनिधि भले ही मौके पर नहीं पहुंचे, मगर पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने घटना स्थल पर पहुंचने तथा हताहतों की सेवा में जो तत्परता दिखाई, वह बेशक काबिले तारीफ है।

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