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कुष्ठ किसी भी प्रकार का छुआछूत बीमारी नहीं है :– ध्रुवे

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  • विकृति बचाओ शिविर में मुख्य अतिथि ध्रुवे पहुंचे

दल्लीराजहरा/डौंडी विकृति बचाओ शिविर में मुख्य अतिथि बन अनुसुचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे पहुंचे। धुर्वे ने विकृति बचाओ शिविर कायकर्म के अवसर पर चिखलाकसा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुष्ठ रोगियों को साल वितरण किया गया। ध्रुवे जी ने कहा की कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये कोई छुआछूत नही है। ध्रुवे जी ने आगे कहा की कुष्ठ रोग का ईलाज अब पूरी तरीके से आ गया है।

ध्रुवे जी ने कहा की भारत सरकार द्वारा देश में राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियन्त्रण कार्यकम वर्ष 1955 में लागू किया गया, जिसे वर्ष 1983 में “राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम” नाम दिया गया। वर्ष 1982 में मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) औषधी उपयोग में लायी गयी। इस दौरान नगर पंचायत चिखलाकसा उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैयद जी नगर पंचायत चिखलाकसा पार्षद श्रीमति कुन्ती देवांगन जी, सुनीता गुप्ता जी आदि उपस्थित रहे।

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नगरनार बाजार के सौंदर्यीकरण के लिए मिली रकम की बंदरबांट

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  • नगरनार स्टील प्लांट प्रबंधन ने सीएसआर मद से ग्राम पंचायत को दिए हैं करोड़ों रुपए
  • बाजार में न शेड बनाए गए और ना ही सुविधायुक्त प्लेटफार्म


नगरनार विकास खंड जगदलपुर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नगरनार में भ्रष्टाचार के मामले भी बड़े बड़े सामने आ रहे हैं। ग्राम पंचायत के खेवनहार शासन और उद्योगों से मिलने वाले धन के सहारे अपनी नैया पार लगा रहे हैं। सरपंच, सचिव और कुछ पंच ग्राम पंचायत को विभिन्न मदों से मिलने वाली रकम की बंदरबांट करने में मशगूल हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र से मिले करोड़ों रु. का भी गोलमाल किया गया है। यह रकम बाजार स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए दी गई थी, लेकिन अनियमितता बरतते हुए कार्य निम्न स्तर का कराया गया और रकम डकार ली गई।

इस मसले को लेकर गांव में अब विरोध के स्वर उठने लगे हैं। नगरनार के रास्ते बस्तर संभाग का भाग्योदय होने जा रहा है। यहां विशाल इस्पात संयंत्र की स्थापना हो चुकी है। इस स्टील प्लांट के लगने से ढेरों सहायक उद्योगों की भी स्थापना के द्वार खुल गए हैं तथा बस्तरिहा युवाओं और मजदूरों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं भी उभरने वाली हैं। ऐसी सुखद अनुभूति के बीच भ्रष्टाचार की काली छाया भी जगदलपुर जनपद की इस सबसे बड़ी ग्राम पंचायत पर मंडराती नजर आने लगी है। शासन से विभिन्न मदों और योजनाओं के तहत नगरनार ग्राम पंचायत को मिलने वाली राशि की अफरा तफरी की बात समय समय पर सामने आती रही है, लेकिन अब बड़े पैमाने पर शासन तथा इस्पात संयंत्र की ओर से दी जाने वाली रकम की भी जमकर बंदरबांट होने लगी है। मिली जानकारी के अनुसार नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने कुछ माह पहले अपनी सीएसआर स्कीम के तहत बाजार स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए नगरनार ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपए आवंटित किए थे। सरपंच, सचिव और कुछ पंचों ने आपसी सांठगांठ कर इस रकम के बड़े हिस्से को आपस में बांट लिया तथा थोड़ी बहुत राशि से सौंदर्यीकरण के नाम पर मामूली और पूरी तरह गुणवत्ता विहीन कार्य कराए। बाजार में फुटकर व्यापारियों की दुकानें लगाने के लिए आधा फुट से भी कम ऊंचे चबूतरे बनवाए गए हैं। चबूतरों के निर्माण के लिए बहुत ही कम मात्रा में सीमेंट तथा अन्य सामग्री का उपयोग किया गया है। चबूतरों की ऊपरी सतह का भराव सीमेंट कांक्रिट से ना कर मिट्टी भरवा दी गई है। चबूतरे अभी से टूट फूट गए हैं। वहीं नालियों का निर्माण भी स्तरहीन कराया गया है। इन नालियों से बरसाती पानी के साथ ही दुकानों व आसपास के घरों से निकलने वाली गंदगी की समुचित निकासी नहीं हो पाती। बाजार स्थल का समतलीकरण भी ढंग से नहीं कराया गया है तथा वहां मिट्टीयुक्त मुरुम डलवाई गई है। इसके चलते हल्की बरसात होने पर पूरे बाजार परिसर में कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है। कीचड़ की वजह से खरीदारों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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शेड लगवाए ही नहीं गए
बाजार स्थल पर दुकानों के लिए कहीं कहीं शेड लगवाए गए हैं तथा अधिकांश चबूतरों पर शेड बनाए ही नहीं गए हैं। जो शेड बनवाए गए हैं, वे भी भ्रष्टाचार की कहानी को बयां कर रहे हैं। स्तरहीन शेड उखड़ कर गिर गए हैं। वहीं अनेक चबूतरों पर शेड लगाने के नाम से महज लोहे के पाइप, रॉड आदि के ढांचे मात्र लगाकर छोड़ दिए गए हैं। लोहे के ये पाइप और रॉड जंग लगने से खराब होते जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पंचायत के खेवनहारों ने कार्य की पूर्णता सिर्फ दस्तावेजों में दर्शा कर राशि हजम कर ली है। बरसात के दिनों में व्यापारियों को तालपत्री या फिर प्लास्टिक लगाकर अपने सामानों का बचाव करना पड़ता है। पंचायत द्वारा व्यापारियों से पसरा टैक्स के रूप में अच्छी खासी रकम वसूली जाती है, लेकिन उन्हें जरा भी सुविधा प्रदान नहीं की जाती।
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गंदगी से भरी हैं नालियां
ग्राम पंचायत द्वारा बाजार स्थल पर जो नालियां बनवाई गई हैं, वे भी भ्रष्टाचार की गवाही खुले तौर पर दे रही हैं। नालियों के निर्माण में न तो तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा गया और ना ही गुणवत्ता का। नालियों से पानी और गंदगी का बहाव नहीं हो पा रहा है। सभी नालियों में झिल्ली पन्नी, कागजों और अन्य वस्तुओं का जमाव हो गया है। बरसात के दिनों में पूरा बाजार स्थल पानी से लबालब हो जाता है।
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कहां जाती है सफाई की रकम ?
नगरनार ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच रैनू राम बघेल के मुताबिक ग्राम पंचायत को बस्ती और बाजार स्थल की सफाई के लिए हर छह माह में 16 लाख रुपए मिलते हैं, लेकिन यह रकम आखिर किनकी जेबों में समा जाती है? यह सवाल मुंहबाए खड़ा है। बस्ती, बाजार स्थल और नालियों की सफाई सालों से नहीं कराई गई है। चारों ओर गंदगी का साम्राज्य देखने को मिल रहा है। पंचायत के वर्तमान प्रतिनिधियों की भूमिका जांच के दायरे में है। रैनूराम बघेल तथा अनेक ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने व दोषी पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रैनू राम बघेल ने नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन से सीएसआर मद से दी गई राशि से कराए गए कार्यों की जांच अपने टेक्निकल एक्सपर्ट से कराने एवं रकम की रिकवरी दोषी पंचायत प्रतिनिधियों से करने की मांग उठाई है।

खेलों में भी परचम लहरा रहे हैं बीजापुर के आदिवासी बच्चे

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  • राज्य स्तर पर जलवा दिखा चुकी हैं रुक्मणि नेताम व अन्य छात्राएं
  • शिक्षा के साथ खेलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल


अर्जुन झा
जगदलपुर बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिला एजुकेशन हब के रूप में तो पहचान बना ही रहा है, अब स्पोर्ट्स हब के रूप में भी प्रतिष्ठित होने लगा है। बीजापुर जिला मुख्यालय के स्पोर्ट्स एकेडमी में आदिवासी बच्चों की खेल प्रतिभा को तराशने का उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। यहां के बच्चे राज्य स्तर पर अपना परचम लहरा चुके हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल की पदस्थापना के बाद से ही बदलते बीजापुर की शानदार तस्वीर सामने आने लगी है। डीईओ अल सुबह ही स्पोर्ट्स एकेडमी काम्प्लेक्स में पहुंचकर विभिन्न खेलों का अभ्यास और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का उत्साहवर्धन करते हैं। इससे बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा और ताकत मिल रही है।
बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर आदि जिलों का नाम सुनते ही जेहन में पिछड़ेपन और नक्सली वारदातों की खूनी तस्वीर उभर आती है। आज भी इन जिलों का नाम सुनते ही दीगर प्रांतों तथा छत्तीसगढ़ के ही मैदानी जिलों के लोगों की रूह फना हो जाती है। लोगों को शायद यह पता ही नहीं है कि बस्तर संभाग अब तेजी से बदलने लगा है। इस संभाग के प्रायः सभी जिलों के विद्यार्थी और खिलाड़ी अपनी – अपनी विधाओं के दम पर बस्तर का भाल दमका रहे हैं, अपने जिले की शान में चार चांद लगा रहे हैं। चंद सालों पहले तक नक्सली वारदातों के कारण बीजापुर जिले की जो रक्तरंजित पहचान बनी हुई थी, वह अब धुल चुकी है। यह जिला अब उत्कृष्ट शैक्षणिक और खेल प्रतिभाओं के लिए पहचाना जाने लगा है। बीजापुर जिले की सरकारी शालाओं में भी क्वालिटी एजुकेशन और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को खास तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे बिना कोचिंग और ट्यूशन के विभिन्न परीक्षाओं में बेहतरीन परफॉरमेंस देने लगे हैं। यही वजह है कि बीजापुर को अब बस्तर का एजुकेशन हब भी कहा जाने लगा है। जो बच्चे पहले ढंग से हिंदी भी नहीं बोल पाते थे, वे अब अंग्रेजी भी अच्छे से बोल लेते हैं। उनकी बातों को सुनकर लगता नहीं कि ये आमतौर पर हल्बी और गोंड़ी बोलियों में चर्चा करने वाले बच्चे हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए हल्बी, गोंड़ी बोलियों और हिंदी व अंग्रेजी भाषाओं का सहारा लिया जाता है। अपनी बोली में पढ़ाए जाने से बच्चों के सीखने तथा अध्याय को याद रखने की क्षमता में आश्चर्यजनक ढंग से वृद्धि हो रही है। वहीं जिले प्रायमरी तथा मिडिल स्कूलों में हिंदी व अंग्रेजी के अच्छे जानकार शिक्षकों को पदस्थ किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने बीजापुर में पदस्थ होने के बाद यहां की शालाओं का ढर्रा बदलने के लिए शानदार पहल की है। वे शिक्षक शिक्षिकाओं को क्वालिटी एजुकेशन के लिए समय समय पर मार्गदर्शन देते रहते हैं। यही नहीं श्री बघेल कभी भी किसी भी समय शिक्षण व्यवस्था का जायजा लेने शालाओं में अचानक पहुंच जाते हैं। उनकी इस छापामार कार्रवाई का ही असर है कि शालाओं में शिक्षकों की उपस्थिति लगातार बनी रहती है।
वरदान है स्पोर्ट्स एकेडमी
राज्य सरकार ने जिले के विद्यार्थियों और युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बीजापुर जिला मुख्यालय में स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना की है। विशाल भूभाग पर संचालित स्पोर्ट्स एकेडमी परिसर में विभिन्न खेलों के लिए विस्तृत और व्यवस्थित मैदान, पर्याप्त खेल सामग्री और एक्सपर्ट कोच की भी व्यवस्था है। रोज सुबह एकेडमी में स्कूली बच्चों को दौड़, खो खो, कबड्डी, हॉकी, क्रिकेट, कूद आदि खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां प्रशिक्षण ले रही रुक्मणि नेताम व कुछ अन्य छात्राएं विभिन्न वर्गों की दौड़ में राज्य स्तर पर द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त कर चुकी हैं। ये बच्चियां नेशनल व इंटर नेशनल लेवल पर पहुंचने के लिए जी जान से परिश्रम कर रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल रोजाना मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं। इस दौरान वे स्पोर्ट्स एकेडमी का चक्कर लगाने तथा अभ्यास कर रहे व प्रशिक्षण ले रहे बच्चों का हौसला बढ़ाने में जरा भी कंजूसी नहीं करते। उनके इस कदम से खेलों के प्रति बच्चों की लगन और बढ़ रही है।

बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि बर्दाश्त नहीं की जाएगी युवा मोर्चा

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भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर मंडल बालोद द्वारा बिजली बिल के बेतहाशा वृद्धि के विरोध में बालोद शहर में जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं की गई


नुक्कड़ सभा में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोगों को बताया कि लगातार लोगों के बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है सिक्योरिटी मनी के नाम पर लोगों के जेब में डाका डाला जा रहा है जो सरकार गंगाजल को हाथ में लेकर कसम खाकर सत्ता पर बैठी की बिजली बिल हाफ किया जाएगा परंतु बिजली बिल हाफ तो दूर की बात है लोगों के बिजली बिल को बढ़ा बढ़ा कर उनका घर चलाना मुश्किल कर दिया है भूपेश बघेल की ऐसी वादाखिलाफी के अन्य विषयों पर भी इस नुक्कड़ सभा में भाजपा नेताओं ने प्रकाश डाला गया

इस अवसर पर भाजपा नेता पवन साहू, भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर पूर्व मंडल अध्यक्ष कमलेश सोनी,युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित चोपड़ा,शहर महामंत्री संतोष कौशिक,नरेंद्र सोनवानी,किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष तोमन साहु, भाजपा नेता बंटी बाफना,प्रीतम यादव,गणेश साव,फलेश देशलहारे,दयाल बघेल,पूर्व पार्षद अंबिका यादव,सुनीता मनहर,महिला मोर्चा अध्यक्ष हितेश्वरी कौशिक,महिला मोर्चा महामंत्री मोना टुवानी,युवा मोर्चा बालोद अध्यक्ष रौनक कत्याल,राहुल साहू,चंद्रेश जैन,राहुल नाग, राजा यादव,चेतन निर्मालकर,यश जैन,यश चांडक,धिरज माधवानी,आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में अफसर की भूमिका संदिग्ध

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  • आरोपी युवक को जांच प्रक्रिया के बीच जारी किया जाति प्रमाण पत्र
  • मामला बस्तर फाइटर में फर्जी तरीके से नौकरी हथियाने का
  • एसडीएम ने दोबारा जारी किया है ओड़िशा मूल के युवक को जाति प्रमाण पत्र


अर्जुन झा
बकावंड ओड़िशा मूल के एक युवक द्वारा बस्तरिहा आदिवासी बनकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर में नौकरी पाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दरअसल इस मामले की जांच की जिम्मेदारी जिस अधिकारी को दी गई थी, अब उसी अधिकारी की भूमिका सवालों के घेरे में और जांच के दायरे में आ गई है। क्योंकि जांच प्रक्रिया के बीच इसी अधिकारी ने आरोपी युवक को अनुविभागीय दंडाधिकारी की हैसियत से पुनः जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।
इस प्रकरण में इंसाफ की गुहार लगाते आ रहे आदिवासी समुदाय के युवक को अफसरशाही ने प्रशासनिक दांवपेंच में उलझा कर रख दिया है। सूचना के अधिकार अधिनियम को ठेंगा दिखाते हुए अधिकारी इस आदिवासी युवक को परेशान कर रहे हैं। वहीं ओड़िशा मूल के जिस युवक पर फर्जी तरीके से नौकरी पाने का आरोप लगा है, उसे मामले की जांच के बीच आदिवासी होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इस युवक को जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले वही अनुविभागीय दंडाधिकारी हैं, जिन्हें इस समूचे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा निवासी भतरा अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक मानसिंह भतरा ने शिकायत की थी कि उसके गांव में आकर कुछ सालों से रह रहे ओड़िशा के युवक कमलोचन ने अपने पिता पाकलू और दादा दिशा को छोटे देवड़ा निवासी भतरा आदिवासी बताया और खुद को सोमारु भतरा का पुत्र बताते हुए फर्जी वंशवली के जरिए पटवारी से मिसल रिपोर्ट और उसके आधार पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बस्तर फाइटर में नौकरी हथिया ली है। मानसिंह का कहना है कि वह ( मानसिंह ) सोमारु भतरा की बेटी घासनी का पुत्र है। सोमारु का एकमात्र पुत्र सुखराम पुत्र था।कमलोचन नाम का कोई बेटा सोमारु का नहीं था। वहीं सुखराम का निधन हो चुका है। मानसिंह की शिकायत के बाद जब हल्ला मचा तब जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच की जिम्मेदारी बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ओपी वर्मा को सौंपी गई। श्री वर्मा ने गांव जाकर मामले की जांच की। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि मानसिंह सोमारु का बेटा नहीं है तथा वह भतरा आदिवासी समुदाय का भी नहीं है।
एसडीएम ने जारी किया जाति प्रमाण पत्र
मामले की जांच प्रक्रिया के बीच जांच अधिकारी और बस्तर के एसडीएम ओपी वर्मा ने कमलोचन को छोटे देवड़ा निवासी बताते हुए उसके नाम पर भतरा आदिवासी का जाति प्रमाण पत्र जारी किया है। एसडीएम की सील मुहर से यह जाति प्रमाण पत्र अक्टूबर 2022 में जारी किया गया है। यह सवाल उठने लगा है कि जब ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन के भतरा आदिवासी होने तथा सोमारु भतरा के परिवार से न होने की पुष्टि कर दी है तब भला किस आधार पर कमलोचन को ऐसा जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया ?
दोबारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी?
इसी एसडीएम कार्यालय द्वारा कमलोचन को इससे पहले भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है, जिसके आधार पर ही कमलोचन ने बस्तर फाइटट की नौकरी हासिल की है। अब सवाल उठने लगा है कि ऐसी कौन सी जरूरत आन पड़ी कि एसडीएम ने कमलोचन को फिर से जाति प्रमाण पत्र जारी किया है? वह भी जांच प्रक्रिया जारी रहने के बीच और स्वयं जांच अधिकारी हैं तब। इस नए खुलासे से जांच अधिकारी श्री वर्मा की भूमिका को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जाने लगा है।
भटक रहा है असली आदिवासी
ओड़िशा मूल का युवक तो नकली भतरा आदिवासी बनकर सरकारी नौकरी का लाभ उठा रहा है, वहीं असली भतरा आदिवासी युवक मानसिंह इंसाफ के लिए दर दर की ठोकरें खाते भटकने मजबूर है। मानसिंह के साथ इंसाफ करना तो दूर रहा, उसके द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी जा रही जानकारी देने से भी साफ इंकार किया जा रहा है। मानसिंह ने नगर सेना कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर अनावेदक कमलोचन को पूर्व में जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र और बस्तर फाइटर की नौकरी के लिए उसके द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। मगर उसे यह कहकर किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया गया कि इसके लिए आपको कलेक्टरेट कार्यालय में आवेदन देना होगा।
पंचायत के प्रतिवेदन के आधार पर दिया है दोबारा जाति प्रमाण पत्र
कमलोचन को ग्राम पंचायत के प्रतिवेदन के आधार पर दोबारा जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।स्कूल के रिकार्ड के अनुसार कमलोचन का परिवार 1947 से ग्राम छोटे देवड़ा में निवासरत है। कमलोचन ने अपनी जाति साबित करने के लिए दूसरे की वंशावली का सहारा लिया है, जो गलत है। मामले का जांच प्रतिवेदन जिला स्तरीय छानबीन कमेटी को सौंप दिया गया है। अब कमेटी फैसला लेगी।
-ओपी वर्मा
जांच अधिकारी एवं एसडीएम जगदलपुर.

भाजपा प्रत्याशी पर लगाए गए आरोप के बचाव में आए भाजपा नेता

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रायपुर। भानुप्रतापपुर उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम पर एफ आई आर गलत शपथ पत्र देने का आरोप लगाए जाने के बाद उनके बचाव में भाजपा के कई नेता सामने आगये जिनमें नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी हार देख सर्व आदिवासी समाज के चरित्र हनन का कार्य किया है आदिवासियों को आरक्षण कम कर पहले ही अपमानित किया दूसरी ओर आदिवासी प्रत्याशी के चरित्र की हत्या करने का प्रयास कर रही है भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप द्वारा यह भी कहा गया की अगर कोई एफ आई आर है तो पिछले तीन वर्षो में कोई भी नोटिस या समंंस क्यू नही दिया गया भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इतने गंभीर आरोप में गिरफ्तारी भी क्यू नही की गई कांग्रेस शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का आरोप लगा रही है किंतु 18 नवंबर को स्कूटनी के समय उनके की ओर से कोई भी दावा आपत्ति क्यों नही की गई भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव केदार गुप्ता विकास मरकाम देवलाल ठाकुर की मौजूदगी में कांग्रेस पर था भी आरोप लगाया गया की हार ले डर से भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के चरित्र ही नही बल्कि पूरे आदिवासी समाज के चरित्र के हत्या करने का प्रयास है

बिजली बिल हाफ का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार की नजर जनता की जेब में:-बलदेव मंडावी

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जगदलपुर :- नवम्बर माह में अतिरिक्त सुरक्षा निधि जोड़कर आ रहे बिजली बिल को ले कर भाजपा बास्तानार मण्डल महामंत्री बलदेव मंडावी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
बलदेव मंडावी ने कहा है की छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने वादाखिलाफी एवं विश्वासघात की सभी हदों को पार कर दिया है, कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही चल रहे अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश की जनता बुरी तरह परेशान है, फिर कांग्रेस ने जन घोषणा पत्र में किए अपने घोषणा से एक बार और पलटते हुए बिजली बिल में भी बेतहाशा वृद्धि भी कर दी है , इस वृद्धि से प्रदेश की जनता एक बार फिर से ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होनें कहा कि सभी के लिए बिजली बिल हाफ करने की घोषणा के साथ सत्ता में आने वाली कांग्रेस पहले तो अपने इस वादे से ही पलट गई उसने केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मात्र 200 यूनिट पर बिजली बिल आधा किया और अब उस नाम मात्र की छूट को भी उसने इस मूल्यवृद्धि के द्वारा लगभग वापस ले लिया है, भाजपा शासन के समय सरप्लस बिजली वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ आज अघोषित बिजली कटौती के कारण अंधेरे में रहने को विवश है।

अत्यधिक बिजली बिल दे कर कांग्रेस सरकार की ने जनता की जेब मे सीधे तौर पर डाका डाल दिया है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से महामंत्री बलदेव ने सवाल किया है कि पूर्व में दिए गए अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि जो पूर्व में छत्तीसगढ़ की जनता से लिया गया था उस राशि का उपयोग कहा किया गया है,कांग्रेस सरकार पहले उस जमा की गई राशि का हिसाब दे। मंडावी ने सरकार से पूछा है कि अब कांग्रेस पार्टी इस बिजली बिल की राशि का उपयोग आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए करने वाली है क्या ?

ऐसी आंगनबाड़ी में कैसे खिल और मुस्कुरा पाएंगे फूल ?

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  • धवड़ाकोट आंगनबाड़ी केंद्र का हाल बेहाल
  • जर्जर भवन में बिठाया और पढ़ाया जा रहा है नौनिहिलों को
  • शौचालय की शीट में ठूंस दी गई है बोरी, टूटी पड़ी है फिसलपट्टी
  • शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं, बाउंड्रीवाल भी नहीं है केंद्र में

अर्जुन झा

बकावंड। बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए संचालित आंगनबाड़ी केंद्र अगर स्वयं बदहाली से जूझ रहा हो तो, वहां बच्चों के हितों की रक्षा की उम्मीद रखना बेमानी है। ऐसी आंगनबाड़ी में फूल जैसे बच्चे भला कैसे खिल और मुस्कुरा पाएंगे? ग्राम धवड़ाकोट के आंगनबाड़ी केंद्र का कुछ ऐसा ही हाल है। एकीकृत बाल विकास परियोजना बकावंड द्वारा धवड़ाकोट गांव में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा है। बच्चों के लिए शौचालय और बाथरूम तो बनाए गए हैं, मगर शौचालय की शीट में बोरी ठूंस दी गई है, बाथरूम बदहाल है। पीने के लिए शुद्ध पानी का इंतजाम नहीं है। आंगनबाड़ी भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, नींव दरकने लगी है। नींव के पास लंबा और गहरा गड्ढा हो गया है। कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में झाड़ियां और घासफूस उग आई हैं, जहां जहरीले कीड़ों की भरमार है। बच्चों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। वहीं भवन को बाउंड्रीवॉल से घेरा भी नहीं गया है। बच्चे खेलते खेलते बाहर निकल जाएं तो किसी को पता भी नहीं चल पाएगा। कुल मिलाकर यह आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को सुपोषित बनाने तथा उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास में जरा भी सहायक साबित नहीं हो पा रहा है।

खुद कुपोषित है यह किचन
आंगनबाड़ी केंद्र में एक अदद रसोई घर भी नहीं है। फटी – पुरानी साड़ियों, पेड़ों की डालियों आदि से छोटी सी झोपड़ी खड़ी कर उसे किचन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऊपर से कचरा झरता रहता है। बाहर से उठती धूल कथित किचन में घुसती रहती है। खुद कुपोषित नजर आने वाले ऐसे किचन में बच्चों के लिए बनने वाला आहार किस हद तक पौष्टिक रहता होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

हादसे को दावत देता टैंक
आंगनबाड़ी केंद्र के दरवाजे के सामने तथा केंद्र के तथाकथित किचन से लगकर एक गहरा टैंक स्थित है। टैंक को कवर नहीं किया गया है। यह खुला टैंक इतना बड़ा और गहरा है कि उसमें दो वयस्क लोग आसानी से समा सकते हैं। बारिश के दिनों में इस टैंक में लबालब पानी भरा रहता है, जो बारिश का सीजन खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक टैंक में काफी पानी जमा रहता है। इस गंदे और बदबूदार पानी में मच्छर पनपते रहते हैं। दिन के उजाले में भी ये मच्छर बच्चों को काटते हैं। वैसे भी बस्तर को मलेरिया के मामले में बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह टैंक बच्चों के लिए दोहरा खतरा बना हुआ है।
ऐसी दास्तां अकेले धवड़ाकोट के आंगनबाड़ी केंद्र की ही नहीं है, बल्कि बकावंड ब्लॉक के अमूमन हर आंगनबाड़ी केंद्र का भी हाल कुछ ऐसा ही है। किसी केंद्र का भवन जर्जर है, तो कहीं पानी की सुविधा नहीं है। तो कही शौचालय का आभाव है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अब तक भवन भी नहीं बन पाए हैं। कुल मिलाकर नौनिहालों के जीवन के साथ खिड़वाला ही किया जा रहा है ।

भानुप्रतापपुर के दुर्गूकोंदल पहुंचने के पश्चात बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल जी का स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया

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  • दुर्गूकोंदल में बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दुर्गूकोंदल के चुनाव कार्यालय का लोकार्पण किया गया
  • बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल जी ने विधानसभा उपाध्यक्ष विधायक भानुप्रतापपुर स्व. मनोज मंडावी जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी

स्तर विधायक ने सभी कार्यकर्त्ताओं से परिचय वार्ता कर आगे की रणनीति पर चर्चा किया कार्यकर्त्ताओं में जोश भरते हुए कहा की जिस तरह आप लोगों ने स्व. मनोज मंडावी जी के ऊपर भरोसा करते हुए भारी बहुमतों से विजयी दिलाकर छत्तीसगढ़ के उच्च पद पर विकसित किया था |

हमें निरंतर और प्रयास कर श्रीमती सावित्री मंडावी जी को भारी मतों से विजयी दिलाकर इसे पद पर क़ायम रखना है जिसमें मौजूद रहे प्रदेश सचिव सलाम रिजवी,शोपसिंह चना, जगमोहन बघेल, दुर्गेश ठाकुर,अखिलेश चंदेल,मुकेश कक्कड़,अशोक राधा रमन,मो. इसार खान,मोहन मंडावी, राजेश कुमार,समस्त कार्यकर्त्तागण, और पदाधिकारीगण उपस्थित रहे

मानव सेवा को समर्पित रहा बिशप साईमन का जीवन : जैन

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  • पूर्व बिशप साईमन स्टाक पालात्रा को श्रद्धांजलि देने चर्च पहुंचे संसदीय सचिव रेखचंद जैन

जगदलपुर धर्म प्रांत जगदलपुर के पूर्व बिशप साईमन स्टाक पालात्रा का दुखद निधन हो गया। संसदीय सचिव रेखचंद जैन अन्य जनप्रतिनिधियों व कांग्रेस नेताओं के साथ यहां स्थित महा गिरजाघर पहुंचे। जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए साइमन स्टॉक पालात्रा के निधन को चर्च परिवार एवं बस्तर के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। साईमन स्टाक पालात्रा का निधन 19 नवंबर को हो गया।

उनका पार्थिव शरीर सेंट जोसेफ महा गिरिजाघर में रखा गया है। अंतिम संस्कार 22 नवंबर को किया जाएगा। रेखचंद जैन ने कहा कि बिशप साइमन स्टाक पालात्रा ने अपना पूरा जीवन दीन दुखियों एवं मानव जाति के कल्याण के लिए अर्पित कर दिया उन्होंने बस्तर के दीन दुखियों की सेवा के लिए जो कार्य किया है, वह आजीवन याद रहेगा। इस अवसर पर नगर निगम की सभापति कविता साहू, वरिष्ठ पार्षद एवं एमआईसी सदस्य उदयनाथ जेम्स, विक्रम सिंह डांगी, राजेश राय, पार्षद सूर्या पाणी, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, नितीश शर्मा एवं एस नीला समेत चर्च के पदाधिकारी तथा समाज के लोग उपस्थित थे।

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