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पिछड़ा वर्ग संभागीय महासम्मेलन के तैयारी में जुटे समाज के लोग, गांव गांव जाकर कर रहे प्रचार प्रसार

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बस्तर ….छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के नेतृत्व में 03 अप्रैल को लालबाग जगदलपुर में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के तैयारी में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के पदाधिकारियों के साथ ही पिछड़ा वर्ग समाज के समाजिक व्यक्ति महासम्मेलन के सफलता के लिए दिन रात समाज के बीच पहुंच रहे हैं।बतादें कि सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के संभागीय सम्मेलन में स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंच रहे हैं जिनसे पिछड़ा वर्ग समाज सीधे अपने लंबित मांग 27% आरक्षण और पांचवी अनूसूची में शामिल करने की मांग करेगा।

सर्व पिछड़ा वर्ग समाज इससे पहले भी कांकेर और कोंडागांव जिला मुख्यालय में अपनी मांगो को पूरा करने रैली कर चुका है परंतु मांग पूरा नहीं होने पर इस बार संभागीय सम्मेलन के जरिये सीधे मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा।

घर घर दस्तक के साथ ही सोशलमीडिया के जरिये किया जा प्रचार

छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के जिला महासचिव मुकेश दिवान स्वयं भानपुरी क्षेत्र में प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी लेकर ब्लॉक सरक्षंक मंगल सेठिया,गोलाचंद नायक, दिपक गुप्ता और ब्लॉक अध्यक्ष विदया सूर्यवंशी के साथ मिलकर टीम बनाये हुए हैं और अलग अलग गांवो में जाकर पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों तक पहुँच रहे हैं।मुकेश दिवान ने बताया कि जिला अध्यक्ष तरूण सिंह धाकड़ के सलाह से कम समय के होने के कारण अलग अलग टीम बनाकर पिछड़ा वर्ग समाज को कार्यक्रम सफलता के लिए जागरूक किया जा रहा है साथ ही सोशलमीडिया और मोबाइल संदेश के माध्यम से भी युवाओं तक पहुंच बनाया जा रहा है।

इसी तारतम्य में कलार,राउत,पनारा,धाकड़,देवागंन समाज से मिलकर बात रखी जा रही है। एक दो दिन में गांव गांव में महासम्मेलन के निमंत्रण के लिए गाड़ी में माइक और पाम्पलेट बॉंटकर लोगों को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया जाएगा क्योंकि कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में हमें 27% आरक्षण देने की बात कही थी परंतु सरकार बनने के इतने दिनों बाद भी हमारी जायज मांग पूरी नहीं हो सकी है परंतु आशा है सरकार हमारी मांगों को पूरा करेगी।

शास उ.मा. विद्यालय नलपावंड के छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही हर्षोल्लास के साथ बस्तर विधायक जी का स्वागत किया

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छात्र छात्राओं द्वारा बहुत ही हर्षोल्लास के साथ बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल जी का स्वागत किया सबके प्रति आभार प्रकट किया

सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेस्वर बघेल ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नलपावंड में 31 बालिकाओं को सरस्वती साईकिल योजना के अंतर्गत साईकिल वितरण किया साथ ही इस वर्ष प्रथम श्रेणी आने वाले छात्राओं को पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया एवं इनाम के तौर पर प्रत्येक छात्राओं को पेन व 1-1 हजार रुपए दिया गया |

बस्तर विधायक लखेस्वर बघेल ने कहा कि बालिकाएं बालक के बराबर है आज पूरे देश में महिलाएं भारत देश का नाम रोशन कर रहे है चाहे खेल जगत में हो या अन्य किसी भी क्षेत्र में इसी तरह आप लोग भी पूरे प्रदेश का नाम रोशन करना और यह सरस्वती साईकिल योजना मुख्यमंत्री जी की महत्वकांक्षी योजना है जिसे बालिकाओं को स्कूल से आने जाने में कोई तकलीफ ना हो और पढ़ाई पर कोई बाधा ना आये इसलिए छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों के छात्राओं को निशुल्क सायकल दिया जाता है वही विधायक जी ने सभी बच्चों को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी |

जिसमें मौजूद रहे जेल संदर्शक सदस्य दिनेश यदु,सरपंच धर्मदास, उप सरपंच कृष्ण सेठिया,बैशाखू राम, शाला प्रबंधक समिति अध्यक्ष मंगल राम सेठिया, राजेश कुमार,ग्रामवासी, एवं कार्यकर्तागण, स्व सहायता समूह के महिलाएं उपस्थित रहे |

बस्तर सांसद दीपक बैज ने प्रश्नकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर मामला उठाया..

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दिल्ली 29/03/2022 – ज्ञात हो की आज लोकसभा के प्रश्नकाल में बस्तर सांसद दीपक बैज ने बस्तर के विकास को लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का मामला उठाया इस दौरान उन्होंने कहा की बस्तर में जो सड़के स्वीकृति हुई है वो समय पर नहीं बन पा रही है।

इस हेतु थोड़े और समय की आवश्यकता है साथ ही वर्तमान में फेस थ्री के अंतर्गत कार्य चल रहे है सांसद बैज ने बताया बस्तर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वहां के बहुत से गांव आज भी सड़को से नही जुड़ पाए है इसे जोड़ने के लिए सांसद बैज ने केंद्रीय राज्य मंत्री से उनकी कार्य योजना के बारे में जानकारी मांगी।

बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में सीमावर्ती प्रदेश तेलंगाना व आंध्रप्रदेश में पलायन किए हजारों आदिवासियों का उठाया मामला…

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दिल्ली 29/03/2022 – ज्ञात हो की बस्तर सांसद दीपक बैज ने आज लोकसभा में नियम 377 के तहत बस्तर दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सैकड़ों गांव से पलायन हजारों आदिवासियों के विस्थापन का मामला उठाया।

सांसद बैज ने कहा की मेरे लोकसभा में जिला बस्तर, बीजापुर,सुकमा, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सैकड़ों गांव से हजारों आदिवासी अपना घर छोड़कर अपने सीमावर्ती प्रदेश तेलंगाना और आंध्रप्रदेश पलायन कर गए थे। लगभग 15-16 वर्ष पूर्व पलायन कर तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में बसे आदिवासियों को अब यहां की सरकारें अपने राज्यों में कथित रूप से जबरिया निकाल रही है उनके घर तोड़े जा रहे हैं। यह आदिवासी भय के साए में जीने के लिए विवश है। इन आदिवासियों को फिर से पलायन हेतु बाध्य किया जा रहा है।

सांसद बैज ने केंद्र सरकार के समक्ष बात रखते हुए कहा ऐसे परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जिला प्रशासन की टीम गठित की है ताकि उन आदिवासियों को चिन्हांकित कर मदद किया जा सके। बस्तर सांसद दीपक बैज ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा पलायन किए गए आदिवासियों के पुनर्वास हेतु 2019-20 के मिजोरम से त्रिपुरा गए ब्रू आदिवासियों के पुनर्वास की तरह नीति बनाएं और जो आदिवासी जहां है वहां उन्हें रहने का अधिकार दे एवं वनाधिकार नियम 2006 के धारा 3.1.M के प्रावधानों के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में वन भूमि पर जहां जिस का कब्जा है उन्हें उसका अधिकार दे जिस से पलायन कर आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बसे आदिवासियों का पुनः पलायन समस्या का समाधान हो सके और उनके भरण-पोषण के समक्ष दिक्कत ना आए। सांसद बैज ने आगे बताया क्योंकि यह मामला तीन राज्य तेलंगाना आंध्र प्रदेश व छत्तीसगढ़ का है इसलिए केंद्र सरकार से मांग करते हुए सांसद दीपक बैज ने इस गंभीर मामले को तत्काल हस्तक्षेप कर विस्थापित आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग की।

अवैध रूप से शराब परिवहन करते पुलिस ने किया गिरफ्तार

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कल पुलिस विभाग की क्राइम टीम द्वारा अवैध शराब परिवहन करते भीमराव रामटेके पिता स्व0 छबिलाल रामटेके उन 46 वर्ष साकिन गांधी चौक वार्ड क0 20 चंडी मंदिर के पीछे राजहरा से 45 पौवा देशी शराब जप्त किया पुलिस पुलिस विभाग द्वारा यह कार्रवाई गोवर्धन ठाकुर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम जिला बालोद व नगर पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में अवैध शराब एवं जुआ सट्टा के विरूद्ध चलाये जा रहे

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अभियान के तहत किया थाना राजहरा क्षेत्र में में दिनांक 28.03.2022 को मुखबीर सूचना के आधार पर थाना राजहरा स्टाफ के द्वारा वार्ड क्रमांक 20 से वार्ड क0 13 जाने के मध्य रेल्वे कासिंग के पास आरोपी भीमराव रामटेके पिता स्व0 छबिलाल रामटेके उम्र 46 वर्ष साकिन गांधी चौंक वार्ड 20 20 चंडी मंदिर के पीछे राजहरा जिला बालोद स्थायी पता ग्राम चिखली थाना डौण्डी जिला बालोद (छ.ग.) थाना राजहरा जिला बालोद के कब्जे से 45 पौवा देशी प्लेन शराब जुमला 8100 एमएल कीमती 3600 रूपये एवं एक मोटर सायकल एक्टीवा सीजी-24-एन-551 कीमती 20,000 रूपये जुमला कीमती 23,600 रूपये को जप्त किया जाकर आरोपियों के विरूद्ध अपराध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।
उक्त कार्यवाही में राजहरा से निरीक्षक अरूण कुमार नेताम, सउनि सूरज साहू, संजय चेलक, सायबर टीम संदीप यादव की सराहनीय भूमिका रही।

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जनसभा के विरोध के बाद लंबित बस्तर फ़ाइटर की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय

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भर्ती प्रकिया आरंभ करने की एकमात्र शर्त पर ही नही होगा शासन विरुद्ध आंदोलन -डॉ. अरुण पाण्डेय्

छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । जनसभा संगठन की युवा इकाई युवासभा द्वारा लंबे समय से बस्तर संभाग अंतर्गत समस्त 07 जिले क्रमशः सुकमा, बीजापुर, दन्तेवाड़ा, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं कांकेर में ‘‘बस्तर फाईटर्स आरक्षक’’ का भर्ती प्रक्रिया लंबित होने के कारण जल्द भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने की मांग लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। युवासभा द्वारा संभाग भर के युवाओं को संभाग मुख्यालय में एकत्रित करके शासन के विरुद्ध प्रदर्शन करने की तैयारी की ख़बर लगते ही प्रशासन हरकत में आई।

इसके पश्चात बस्तर ज़िला प्रशासन द्वारा एसडीएम दीपक नाग, डीएसपी सिदार कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू व अन्य अधिकारियों से लगभग 2 घंटे तक हुई चर्चा में शासन के विरुद्ध प्रदर्शन ना करने दबाव बनाया गया, इस बीच जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ शासन भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने का आदेश जारी कर देती है तब ही वे आंदोलन नही करेंगे, अन्यथा वे बस्तर के स्थानीय युवाओं के हित में आंदोलन करने बाध्य होंगे। जिसके बाद 9.05.2022 से प्रारंभ होकर दिनांक 15.07.2022 तक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश प्राप्त हुआ है।

● उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र प्रकाशित 16 सितम्बर 2021 छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल (बस्तर फाईटर्स), फाईटर आरक्षक सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्ते) नियम में दिये गये प्रावधानानुसार एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करते हुये बस्तर फाईटर विशेष बल अंतर्गत फाईटर्स आरक्षक की प्रत्येक जिले में स्वीकृत 300 आरक्षकों का नवीन पदों स्वीकृति उपरांत बस्तर संभाग में कुल 2100 बस्तर फाईटर्स आरक्षक पद की भर्ती अपनाई जायेगी।

● बस्तर संभाग अंतर्गत 07 जिले में बस्तर फाईटर्स आरक्षक पद के लिए महिला वर्ग 15,822, तृतीय लिंग 16 आवेदन पत्र सहित कुल 53,336 आवेदन पत्र प्राप्त हुये है।

● भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में 09.05.2022 से 21.05.2022 तक समस्त जिला मुख्यालय में संबंधित जिला बस्तर फाईटर्स आरक्षक पद हेतु प्रमाण पत्रों की जांच, शारीरिक मापतौल एवं शारीरिक प्रवीणता संबंधी प्रकिया कराई जावेगी।

●शारीरिक मापतौल एवं शारीरिक प्रवीणता में नियमानुसार योग्य पाये गये रिक्त पद के 15 गुना अभ्यर्थियों (प्रत्येक जिले के अधिकतम 4,500 अभ्यर्थी) का दिनांक 05.06.2022 के प्रातः 10.00 बजे से 12.00 बजे तक संबंधित जिला मुख्यालय में एक साथ लिखित परीक्षा का आयोजन किया जावेगा।

● लिखित परीक्षा में योग्य/उत्तीर्ण पाये गये रिक्त पद के 03 गुना अभ्यथियों (प्रत्येक जिले के अधिकतम 900 अभ्यर्थी) की दिनांक 24.06.2022 से 30.06.2022 तक संबंधित जिला मुख्यालय में साक्षात्कार लिया जावेगा।

● इस प्रकार उपरोक्त समय-सारिणी अनुसार प्रमाण पत्रों की जांच, शारीरिक मापतौल, शारीरिक प्रवीणता, लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार प्रक्रिया उपरांत दिनांक 15.07.2022 को जिलेवार अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जावेगी।

● पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि बस्तर संभाग के अंदरूनी वनांचल क्षेत्र की युवा-युवतियों को बस्तर की शांति, सुरक्षा एवं विकास कार्य में अधिक से अधिक अवसर प्रदाय करने के उद्देश्य से शासन के मंशानुरूप एवं पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देश में भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराई जावेगी।

जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त करने 03 अप्रैल को जगदलपुर में एकत्रित होंगे संभाग भर के अभ्यर्थी

लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया की राह देखते बस्तर के हजारों युवाओं की उम्मीदें समाप्त होने के कगार पर थी, तभी जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष व युवासभा के प्रमुख संरक्षक डॉ. अरुण पाण्डेय् द्वारा लंबित बस्तर फ़ाइटर के भर्ती प्रक्रिया को जल्द आरंभ करने बस्तर संभाग के प्रत्येक जिलों से सैकड़ो युवाओं को जोड़कर सोसल मीडिया पर मांग प्रदर्शन आरंभ किया गया। जिसके बाद प्रशासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने की बात बस्तर पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के माध्यम से पोस्ट की गई है। जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त करने 03 अप्रैल को संभाग भर के अभ्यर्थी उपस्थित हो रहे हैं।

खैरागढ़ के रण में कांग्रेस ने झोंकी ताकत, ओबीसी वाेटर को साधने की तैयारी

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चुनाव प्रचार में मंत्री ताम्रध्वज और धनेंद्र साहू को उतारा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ उप चुनाव को लेकर कांग्रेस, भाजपा और जाेगी कांग्रेस ने रणनीति के तहत प्रचार शुरू कर दिया है। यहां पर जातीय समीकरण के आधार पर कांग्रेस ने नई रणनीति बनाई है और सभी क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारियों को प्रचार के लिए उतारा है। कांग्रेस ने खैरागढ़ उप चुनाव में गठित जोन-सेक्टर और बूथ कमेटीवार प्रभारियों को गठन किया है। पार्टी का पूरा फोकस खैरागढ़ ग्रामीण पर है। यहां पर ओबीसी मतदाताओं की बहुलता को देखते हुए यहां पर चुनाव अभियान समिति के संयोजक के रूप में मंत्री ताम्रध्वज साहू और वरिष्ठ विधायक धनेंद्र साहू को भेजा गया है। खैरागढ़ उपचुनाव को कांग्रेस और भाजपा की चुनावी जंग माना जा रहा है। इसीलिये कांग्रेस और भाजपा के नेताओं द्वारा जीत के दावे किये जा रहे हैं।

खैरागढ़ विधानसभा सीट पर लोधी समाज की बहुलता है जिसके चलते इस क्षेत्र से लोधी समाज के ही प्रत्याशी विजयी हुए हैं। यह बात स्पष्ट है ‍कि लोधी बाहुल्य जातीय समीकरण को कांग्रेस समझा है और अपने उम्मीदवार को मैदान में फतेह करने की ओर बढ़ चुकी है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार भी जनता लोधी समाज के समीकरण के आधार पर ही वोट देती है और अगर जाति समीकरण के आधार पड़ वोट डाले जाते हैं तो कौन से पार्टी का प्रत्याशी बाजी मारेगा क्योंकि इस बार दोनों ही प्रत्याशी लोधी समाज से हैं। कांग्रेस की नजर जंघेल मतदाताओं के अलावा अन्य वर्ग के मतदाताओं पर भी है। यहां करीब 20 हजार साहू मतदाता हैं। आदिवासी मतदाताओं की संख्या करीब 22 हजार है। ओबीसी से पटेल, यादव और रजक मिलाकर करीब 30 हजार वोटर हैं। यहां करीब 15 हजार सतनामी वोटर भी हैं। जातीय समीकरण के आधार पर वोटरों को साधने कांग्रेस ने खैरागढ़ को दो भागों में शहरी और ग्रामीण बांटकर प्रचार शुरू किया है। कांग्रेस का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिख रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के बूथ कमेटियों अध्यक्षों को यहां पर लगाया गया है। मंत्री ताम्रध्वज साहू और वरिष्ठ विधायक धनेंद्र साहू यहां की लगातार मानिटरिंग कर रहे हैं।

जमीनी तैयारियां शुरू

लोधी समाज की बहुलता वाले इस इलाके में कांग्रेस ने भूपेश सरकार की उपलब्धियों को चुनावी मुद्दा बनाया है। किसानों का कर्ज माफ, समर्थन मूल्य, गोधन न्याय योजना सहित सरकार की विकास योजनाओं और ग्रामीणों के अंत्योदय के साथ पार्टी चुनावी मैदान में है। वहीं भाजपा कांग्रेस सरकार के तीन सालो में किये गये कार्यों पर सवाल उठाकर चुनाव में जनता का समर्थन लेने का प्रयास करेगी।

चुनावी समीकरण को देख खैरागढ़ उप चुनाव का नतीजा तय होने की संभावनाएं हैं। एक ओर कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार के साथ-साथ ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा जो जंघेल समाज से है। भाजपा हर हाल में यह सीट जीतने की कोशिश में हैं, ताकि स्थानीय चुनाव में हार का सिलसिला तोड़ा जा सके। वहीं कांग्रेस इस सीट को अपने खाते में जोड़ने के लिए जमीनी तैयारियां शुरू कर चुकी है।

उप चुनाव में कांग्रेस का रहा है दबदबा

कांग्रेस का रिकार्ड रहा है कि उसने प्रदेश में हुए तीनों उपचुनाव में बाजी मारी है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस को 2018 से लेकर आज तक जीत ही नसीब हुई है। चित्रकुट, मरवाही, दंतेवाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली। छत्तीसगढ़ उप चुनाव में भाजपा और जोगी कांग्रेस साथ आकर भी कांग्रेस को हराने में नाकामयाब रहे इसका नतीजा कांग्रेस को भारी मतों से विजय मिली। खैरागढ़ सीट पर कांग्रेस 4 में से 2 बार जीत चुकी है। अब कांग्रेस खैरागढ़ की सीट को जीतकर 70 से 71 होना चाहती वहीं जोगी कांग्रेस पुराना इतिहास दोहराने की तैयारी कर रही है।

खैरागढ़ उप चुनाव और सदस्यता अभियान की समीक्षा करेंगे पुनिया

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दो दिवसीय दौरे पर 30 को आएंगे

रायपुर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया खैरागढ़ उपचुनाव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्यता और महंगाई मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करने 30 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे खैरागढ़ जाकर उपचुनाव के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से चर्चा करेंगे।

कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से जारी दौरा कार्यक्रम में बताया गया है कि प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया 30 मार्च को लखनऊ से रायपुर दोपहर 12.30 बजे पहुंचेंगे। यहां पहुंचने के बाद दोपहर 2.30 बजे राजीव भवन में संगठन के पदाधिकारियों की बैठक लेकर सदस्यता अभियान के समापन के पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा तय किए गए लक्ष्य को लेकर समीक्षा बैठक लेंगे। इस दौरान जिलों में सदस्यता अभियान की स्थिति के बारे में भी जानकारी लेंगे। यहां से वे दोपहर 4 बजे खैरागढ़ रवाना होंगे। वहां पर रात्रि विश्राम कर विधानसभा उपचुनाव में किए जा रहे प्रचार की जानकारी चुनाव समिति के संचालक मंत्री रविंद्र चौबे और चुनाव अभियान समिति के संयोजक मंत्री ताम्रध्वज साहू से लेंगे।

समीक्षा के बाद दूसरे दिन 31 मार्च को खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद वहां पर महंगाई मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वहां से दोपहर 1 बजे रायपुर रवाना होंगे। माना विमानतल पहुंचकर वे दोपहर 4.40 बजे लखनऊ रवाना हो जाएंगे।

खैरागढ़ चुनाव को लेकर 4 अप्रैल को कांग्रेस विधायक दल की बैठक

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कांग्रेस इस सीट को जीतने कर रही शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

रायपुर। खैरागढ़ उप चुनाव की सरगर्मी के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनावी समीक्षा के बहाने विधायक दल की बैठक बुलाई है। पहले यह बैठक प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के उपस्थिति में 31 मार्च को तय की गई थी। अब इसे रद्द कर 4 अप्रैल को खैरागढ़ में ही करने की रणनीति बनी है। कांग्रेस इसी बहाने विधानसभा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।

खैरागढ़ उप चुनाव में प्रत्याशियों के नाम तय होने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा ने अपनी प्रचार की रणनीति बना चुकी है। यहां पर पिछले चुनाव के नतीजे को देखा जाए तो यहां पर कांग्रेस की तीसरे स्थान पर थी। उसे यहां करीब 30 हजार मतों का गड्डा पाटना हाेगा। दोनों पार्टियों ने जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशी तय किया है। अब यहां मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस ने तीन मंत्रियों को पहले ही चुनाव संचालन और अभियान के लिए उतारा है। प्रचार में अब विधायकों को भी जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस, विधायक दल की बैठक लेकर सभी विधायकों को प्रचार की रणनीति तय करने 31 मार्च को बैठक बुलाई थी। इस दौरान प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी राज्य के दौरे पर थे। वे खैरागढ़ और रायपुर दोनाें जगहों पर चुनाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर संगठन पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। 31 को होने वाली विधायक दल की बैठक को रद्द कर अब इसे 4 अप्रैल को खैरागढ़ में ही कर वहीं पर उन्हें किन क्षेत्रों में जाना है इसे तय किया जाएगा।

हर बूथ तक पहुंचने की तैयारी

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आता है। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का प्रभाव होने के कारण कांग्रेस किसी भी कीमत में इस सीट को जीतने का प्रयास कर रही है। यहां पर नामांकन के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल से सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया था। अब विधायकों को उतारकर सरकार अपनी योजनाओं को प्रचार हर बूथ सतर पर करने की तैयारी में लगी है।

जीएसटी क्षतिपूर्ति चालू रखने केंद्र पर दबाव बनाने सीएम बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

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कहा-जीएसटी क्षतिपूर्ति 10 साल तक जारी रखने की मांग उठाएं

रायपुर। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि जून, 2022 के बाद राज्यों को दी जाने वाली जीएसटी की क्षतिपूर्ति बंद कर दी जाएगी। इससे उत्पादक राज्यों को राजस्व की भारी हानि होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया-हमने केंद्र से जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखने या वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का आग्रह किया था। मैंने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने के लिए साझा आग्रह किया जाए।

महाराष्ट्र रवाना होने से पहले स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, क्षतिपूर्ति को जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा हो चुकी है। हालांकि उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। इससे उत्पादक राज्यों को नुकसान होना है। छत्तीसगढ के राजस्व में बड़े पैमाने पर कमी आएगी। उन्होंने कहा, कानून बना था कि जीएसटी भारत सरकार को देना था, उस समय नहीं दे पा रहे थे। तब उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार लोन लें ले और पेमेंट की गारंटी राज्य सरकार दे। उसकी पुर्ति हम करेंगे। उस समय भी हमने कहा था कि हर राज्य अलग-अलग बैंकों से बात करेंगे और उनका के ब्याज दर अलग-अलग होगा। शर्ते अलग-अलग होगी ऐसे में भारत सरकार ही लोन लेकर हमको दे दे। उसके विरूद्ध पैसा भारत सरकार को ही देना है, तो पटाने का काम भी वह करें। उस समय यह बात मैने कही थी। अब भारतीय जनता पार्टी से अथर्व्यवस्था सुधर नहीं रहा समझ लिया।

5 हजार करोड़ का नुकसान

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलना एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। वि-निर्माण राज्य होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खपत के कारण जीएसटी शासन से लाभ हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 से आगे जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 5,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे राज्यों को भो आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी। राज्यों को इस समस्या से जनहित और विकास कार्यों के लिए पैसों की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।

गलत ढंग से जीएसटी लागू करने परिणाम अब आ रहे

जीएसटी जब लागू किया गया था तब भी हमारे लोगों ने कहा था कि इस गलत ढंग से लागू किया जा रहा है। अब वह रिजल्ट सामने आ रहा है। जीएसटी के कारण लगातार महंगाई बढ़ रही है। पेट्रोलियम पदार्थाें के भाव बढ़ रहे है। गैस के भाव बढ़ रहे हैं। रोज पेट्रोल-डीजल में प्रतिस्पर्धा हो रही है। महंगाई भी लगातार बढ़ रही है, अब राज्यों को इसका घाटा होगा। केंद्र सरकार का राजनीतिक बयान बाजी करने के बजाय समस्या के समाधान के बारे में आगे बढ़ना चाहिए।

इन राज्यों को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री बघेल ने जिन राज्यों के सीएम को पत्र लिखा है उनमें ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल ने इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते हुए तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने जून 2022 में समाप्त होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता व्यक्त की थी और केंद्र सरकार से इसे और 5 साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जबकि इस मामले में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद रखते हैं।

क्षतिपूर्ति जारी रखने की मांग

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। वाणिज्यिक टैक्स के अलावा, राज्यों के पास टैक्स राजस्व की अन्य मदों में राजस्व बढ़ाने के लिए विकल्प नहीं बचे हैं। इसलिए, अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक, राज्यों को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम अगले 5 के लिए जीएसटी की कमी के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा तंत्र को जारी रखे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि राज्य उनकी बात से सहमत होंगे और एक साथ इस मुद्दे पर केंद्र से सहमति का साझा अनुरोध करेंगे।

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