नारायणपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम बिंजली पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही इन्द्रनाथ दुग्गा के नव निर्मित आवास का निरीक्षण किया तथा उन्हें आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।इस दौरान इन्द्रनाथ दुग्गा ने बताया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। सांसद ने परिवार से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।
सांसद ने ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के माहौल के बाद आए बदलावों की जानकारी भी प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि अब विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं का लाभ गांव तक आसानी से पहुंच रहा है।इस अवसर पर सांसद ने लखपति दीदी समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके स्वरोजगार, ऋण उपयोग और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नारायणपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को नगर पालिका परिसर में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए गए।कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने नागरिकों से पात्रता के अनुसार विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण एवं निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम तथा नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
नारायणपुर अबूझमाड़ क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन तलाशी एवं क्षेत्र सैनिटाइजेशन अभियान के दौरान नारायणपुर पुलिस और 29वीं वाहिनी आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 प्रेशर कुकर आईईडी तथा एक पाइप बम आईईडी बरामद किया। बम निरोधक दल ने सभी विस्फोटकों को आवश्यक सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमान अधिकारी अभिषेक सूद तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) अक्षय साबद्रा के मार्गदर्शन में 5 अक्टूबर को संयुक्त टीम ने रैनार कैंप से माक्सोली–भाटबेड़ा–रैनार क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया।
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को भाटबेड़ा क्षेत्र में संदिग्ध वस्तुएं दिखाई देने पर इलाके को घेरकर विस्तृत तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान एक संदिग्ध डंप से 6 प्रेशर कुकर आईईडी और एक पाइप बम आईईडी बरामद किए गए। इसके अलावा आईईडी निर्माण में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की गई, जिसमें एक मल्टीमीटर, एक पेचकस, सोल्डरिंग तार, सोल्डरिंग आयरन तथा वाहन खोलने की तीन चाबियां शामिल हैं।बरामद विस्फोटकों को बम निरोधक एवं निष्क्रियता दल ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया। दल का नेतृत्व सहायक उपनिरीक्षक मोहन ने किया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता सुरक्षा बलों की सतत सतर्कता, आपसी समन्वय और संयुक्त अभियान का परिणाम है। अबूझमाड़ क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और विस्फोटक सामग्री की तलाश के लिए लगातार तलाशी अभियान जारी है।
पीड़ित युवती के कथित प्रेमी यश सोनकर ने ही रची थी एसिड फेंकने की साजिश।
बालोद शहर में निवासरत पीड़ित युवती प्रतिदिन की भांति लाइब्रेरी से अपने घर की ओर वापस जा रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उस पर एसिड फेंककर हमला किया गया, जिससे छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। पड़ोस के लोग उसकी आवाज सुनकर तत्काल मदद के लिए बाहर निकले तथा पीड़िता के पिता को जानकारी देकर उसे ईलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल बालोद लेकर गये।एसिड फेंककर आरोपी तत्काल तांदुला डैम की ओर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया साथ ही उप पुलिस अधीक्षक विनय साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर संदिग्धों से पूछताछ की गई।
जांच में हुआ घटना का खुलासा
मामले की जांच में एसडीओपी विनय साहू की टीम द्वारा मौके से घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए गए एवं शहर में अलग अलग लोकेशन पर स्थित सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया। जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पीड़ित युवती के कथित प्रेमी यश कुमार सोनकर, वर्तमान निवासी कुंदरूपारा, बालोद को संदेह के घेरे में लिया गया। यश सोनकर द्वारा कई प्रकार की मनगढ़ंत कहानियां बनाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया।कड़ाई से पूछताछ करने पर यश सोनकर ने पीड़ित युवती से प्रेम संबंध स्वीकार किया तथा किसी अन्य जगह अफेयर एवं शादी हेतु स्वीकार नहीं किए जाने से गुस्से में आकर करीब तीन माह पूर्व अपने स्कूल फ्रेंड करण कुंजाम, निवासी भैरमगढ़, बीजापुर के साथ मिलकर युवती पर एसिड फेंकने की योजना बनाना स्वीकार किया।इस दौरान यश सोनकर लगातार युवती को मनाने का प्रयास कर रहा था। युवती द्वारा तैयार नहीं होने की स्थिति में उसने अपने दोस्त करण कुंजाम को 26 सितंबर को बालोद बुलाया। 27 सितंबर को एसिड खरीदकर गणेश झांकी के दौरान घटना को अंजाम देने की प्लानिंग की गई, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आरोपियों ने उस समय घटना को अंजाम नहीं दिया।इसके बाद 05 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे, जब युवती लाइब्रेरी से अपने घर वापस लौट रही थी, तभी यश सोनकर के कहने पर करण कुंजाम द्वारा युवती पर एसिड फेंका गया। घटना के बाद करण कुंजाम तत्काल मौके से फरार होकर तांदुला बांध की ओर भागा।
वहां से लिफ्ट लेकर झलमला, मरकाटोला होते हुए चारामा पहुंचा।आरोपी यश सोनकर द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस द्वारा करण कुंजाम की तलाश की गई तथा उसे कोंडागांव से हिरासत में लिया गया।दोनों आरोपियों ने अपने मेमोरेण्डम कथन में घटना कारित करना स्वीकार किया है तथा घटना में प्रयुक्त एसिड एवं घटना के समय पहने हुए कपड़ों के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई, जिन्हें पुलिस द्वारा जप्त किया गया
पकड़े गए आरोपियों के नाम
1. यश कुमार सोनकर, पिता ईश्वर लाल सोनकर, उम्र 20 वर्ष, वार्ड नं. 11, ग्राम नेवारिकला, जिला बालोद। 2. करण कुंजाम, पिता दिनेश कुंजाम, उम्र 20 वर्ष, वार्ड नं. 15, भैरमगढ़, थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर। प्रकरण में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सराहनीय भूमिका उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, थाना प्रभारी गुरुर निरीक्षक मुकेश सिंह, साइबर प्रभारी धरम भुआर्य, आरक्षक संजय सोनी सहित समस्त थाना स्टाफ कोतवाली बालोद एवं साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बालोद पुलिस की अपील*बालोद पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति द्वारा पीछा किए जाने, धमकी देने या परेशान किए जाने की जानकारी को नजरअंदाज न करें। ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।बालोद पुलिस महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
जगदलपुर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशन में बस्तर पुलिस द्वारा अपराधी तत्वों एंव वारंटियों की धर पकड़ के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहतपरपा थाना पुलिस ने पास्को एक्ट और अन्य वारदातों के फरा वारंटी रजत बोस पिता खिरौद बोस को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी कोतवाल पारा शिवानंद आश्रम के पास नेगीगुड़ा जगदलपुर का निवासी है।आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर एवं पुलिस अनुविभगीय अधिकारी लक्ष्मण पोटाई के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निर्मला सिदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। आरोपी को माननीय न्यायलय पेश किया गया। पुलिस टीम में थाना प्रभारी निर्मला सिदार, सहायक उप निरीक्षक अजीत सिंह, प्रधान आरक्षक शत्रुघन धर दीवान, खेदुराम ठाकुर व लवण पाणिग्रही तथा आरक्षक महेंद्र कोमरे, रोहित नेताम व सोमा कवासी शामिल थे।
जगदलपुर। बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता एवं आपदा प्रबंधन के लिए वनांचल माधव सेवा कल्याण समिति ने सहयोग की पहल करते हुए मुख्यमंत्री बाढ़ आपदा राहत कोष में 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। समिति की ओर से मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को 51 हजार रुपए का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर समिति के कार्यकारिणी सदस्य कुंवर राज बहादुर सिंह राणा, सचिव तुलसीराम बघेल, हेम कुमार पटेल एवं संग्राम सिंह राणा उपस्थित रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना सामाजिक दायित्व है। समिति द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार राहत एवं सहयोग के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी का एस.आई.आर में हुई प्रशासनिक लापरवाही व निर्वाचन आयोग की कथित निष्पक्षता पर सवालों को लेकर कांग्रेस का किया उग्र प्रदर्शन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का किया पुतला दहन,कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस ने की मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, 2023 के निर्वाचन आयुक्त अधिनियम को निरस्त करने और एस.आई.आर की स्वतंत्र जांच की मांग
जगदलपुर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर/ग्रामीण के संयुक्त तत्वाधान में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के द्वारा आज मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के पक्षपातपूर्ण रवैये,चुनावी अनियमितताओं की अनदेखी एवं लोकतंत्र विरोधी कार्यशैली के विरोध में शिकायत तथा उनके अविलंब इस्तीफे और 2023 के विवादित अधिनियम को रद्द करने की मांग को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मार्च कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ रहा है, परंतु वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में इसकी साख, स्वायत्तता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आज देश के विभिन्न क्षेत्रों से मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली और वैध मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से काटे जाने (वोट चोरी) की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। निर्वाचन आयोग इन गंभीर अनियमितताओं पर पारदर्शी और ठोस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयोग का रवैया पूरी तरह दोहरा और पक्षपातपूर्ण रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष के नेताओं पर त्वरित एवं सख्त रुख अपनाया जाता है, वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा आचार संहिता के खुले उल्लंघन पर आयोग द्वारा ढिलाई बरती जाती है, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता समाप्त हो चुकी है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर प्रशासनिक लापरवाही और गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। योग्य एवं वास्तविक नागरिकों के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर फर्जी नामों का समावेश पाया गया है। आयोग इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रहा है।
जनता और प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने हेतु ईवीएम और वीवीपैट (VVPAT) की 100% पर्चियों का मिलान कराने की जायज मांग को आयोग द्वारा बार-बार खारिज किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव कराने की आयोग की मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है।विभिन्न चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत और अंतिम मतों के आंकड़े सार्वजनिक करने में की जाने वाली अस्वाभाविक देरी ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है।चुनाव आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वायत्तता पर जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर देशभर में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब निर्वाचन आयोग को पारदर्शी तरीके से देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में अनियमितताओं, वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि किसी भी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक अधिकारों को सीधे प्रभावित करती है।**शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी की विशेष मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें) अधिनियम, 2023 को समाप्त करना. वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023’ के तहत चुनाव आयोग के चयन मंडल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CII) को बाहर कर दिया गया और कार्यपालिका (सरकार) को बहुमत की शक्ति दे दी गई।”स्वतंत्रता पर कुठाराघात”चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को हटाकर एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने से निष्पक्षता समाप्त हो गई है और चयन की शक्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चली गई है।”विशेष सुरक्षा अधिकार और उन्मुक्ति”इस कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को उनके निर्णयों के लिए कानूनी कार्रवाई से जो असाधारण संरक्षण/सुरक्षा (विशेष पावर) दी गई है, वह लोकतंत्र में जवाबदेही के सिद्धांत के विपरीत है।
कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मुख्य मांगे है की निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का विश्वास बहाल करने हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार चयन समिति में CJI को पुनः शामिल किया जाए।मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में हुई सभी गड़बड़ियों की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच समिति द्वारा जांच कराई जाए।आगामी सभी चुनावों में EVM के साथ VVPAT की पर्चियों के शत-प्रतिशत मिलान की व्यवस्था अनिवार्य की जाए। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा यदि इन संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होगी।**इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू,पूर्व विधायक रेखचंद जैन,उमाशंकर शुक्ला,विक्रम सिंह डांगी,पूर्व महापौर जतिन जायसवाल,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,पूर्व सभापति कविता साहू,कोमल सेना,महामंत्री अभिषेक नायडू,रविशंकर तिवारी,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव,संतोष सेठिया, फूलसिंह बघेल, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास,पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष शुभम यदू,अनवर खान,बबली खान,अपर्णा बाजपेई आदि मौजूद रहे।
दल्लीराजहरा। जिला पुलिस बालोद, राजहरा व्यापारी संघ, राजहरा परिवहन संघ, पत्रकार संघ, अनाज किराना व्यापारी संघ एवं छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में यातायात नियम, साइबर अपराध और नशा मुक्ति को लेकर नगर के जैन भवन चौक में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किरण गंगाराम चव्हाण (पुलिस अधीक्षक, जिला बालोद)एवं चंद्रकांत गवर्न (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में छालीवुड की जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव एवं फिल्म अभिनेता भूपेंश चौहान तथा नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के अध्यक्ष तोरण लाल साहू मौजूद रहे। ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस शिविर में लगभग 70 लोगों के लाइसेंस बनाए गए।रक्तदान शिविर में लगभग 15 युवाओं ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।चिखलाकसा उप स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। यातायात सुरक्षा को लेकर लगभग 500 लोगों को निःशुल्क हेलमेट का वितरणकिया गया मानपुर चौक से जैन भवन तक गूंजा सुरक्षा का संदेश – एसपी ने खुद चलाई बाइक-रविवार को दोपहर 4 बजे जैसे ही जिला पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण का दल्ली राजहरा के मानपुर चौक पर आगमन हुआ, आयोजक समिति ने उनके स्वागत में सुरक्षा का संदेश देने के लिए एक विशाल बाइक रैली निकाली।
इस रैली में खास बात यह रही कि एसपी , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक विकास पाटले, राजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की सहित विशेष अतिथि फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव एवं अभिनेता भूपेंश चौहान ने स्वयं बाइक चलाकर लोगों को जागरूक किया। मानपुर चौक से शुरू हुई यह रैली शहीद वीर नारायण सिंह चौक, पुराना बाजार होते हुए जैन भवन चौक तक पहुँची, जिसमें 300 से अधिक नागरिकों ने हेलमेट पहनकर भाग लिया। रैली के पश्चात मंच पर अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा और साइबर क्राइम पर बनाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। सेल्फी जोन में सभी ने तस्वीरें लीं और सड़क सुरक्षा शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम का शुभारंभ रुकैया द्वारा गाए गए मधुर वंदे मातरम से हुआ।अपने उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने कहा कि राजहरा की पहचान पूरे भारत में है।
यहाँ के लौह अयस्क के कारण भिलाई स्टील प्लांट ने देश में ही नहीं विदेश में भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। विभिन्न प्रांतों से आए लोगों के कारण दल्ली राजहरा लघु भारत है। उन्होंने कहा, “हम सब खुशी-खुशी वाहन खरीदते हैं, घर में खुशी का माहौल होता है, लेकिन वही माहौल तब मातम में बदल जाता है जब हम किसी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। कभी भी नशा करके गाड़ी न चलाएं, बिना हेलमेट के गाड़ी न चलाएं और नाबालिग बच्चों को गाड़ी चलाने को न दें। 2015 में सड़क दुर्घटना में 200 लोगों की मृत्यु हुई थी, वहीं 2026 में अभी तक 225 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सड़क हादसों में 8000 लोगों की मौत हुई है, जिसमें अधिकतर 18 से 50 वर्ष के युवा थे जो नशे में और बिना हेलमेट के थे।रक्तदान पर उन्होंने कहा – “रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है, मैं खुद लगातार रक्तदान करता आ रहा हूँ। अब तक 7-8 बार रक्तदान कर चुका हूँ। रक्तदान करने से कोई परेशानी नहीं होती, बल्कि कई बीमारियों से बचा जा सकता है।”साइबर अपराध पर चेताते हुए एसपी ने कहा -इंटरनेट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, घर बैठे हम दुनिया से जुड़ सकते हैं, पढ़ाई कर सकते हैं, बैंक के काम कर सकते हैं।
लेकिन इसका दुष्परिणाम भी है। चोरों को अब घर में घुसकर चोरी करने की जरूरत नहीं, वो घर बैठे-बैठे आपका खाता खाली कर देते हैं। बालोद जिले में ही पिछले तीन सालों में साइबर अपराधियों ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। फेसबुक, इंस्टाग्राम हमें फ्री लगता है, हम खुशी-खुशी अपनी निजी जानकारी अपलोड कर देते हैं। वही जानकारी लीक होकर ठगों तक पहुँचती है। अपनी निजी जानकारी, बैंक खाता, ओटीपी किसी को भी शेयर न करें। यदि ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, सरकार आपकी मदद करेगी।”डिजिटल अरेस्ट पर उन्होंने स्पष्ट किया – “कई बार फोन आता है कि आप या आपके परिजन किसी गैरकानूनी धंधे में हैं और आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। याद रखिए, कानून में कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं होता। यदि आपसे कोई अपराध हुआ है तो पुलिस स्वयं आपके पास आएगी और अरेस्ट करेगी। ऐसे कॉल से डरें नहीं और अपनी जमा पूंजी बचाकर रखें।”नशा मुक्ति पर अपील – “आज का युवा नशे की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह नशा सिर्फ बीड़ी, सिगरेट या शराब का नहीं, बल्कि सूखा नशा है जो ड्रग्स और टैबलेट के रूप में फैल रहा है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूँ कि अपने बच्चों पर ध्यान दें और नशा मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें।”फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव ने कहा – नशा मुक्त समाज बनाना है, हेलमेट और सीट बेल्ट लगाना है, और अपनी निजी जानकारी किसी को नहीं देनी है। स्वयं सुरक्षित रहो और दूसरों को भी सुरक्षित रखो। आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका घर, परिवार और समाज सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने अपनी आने वाली सामाजिक फिल्म को देखने की भी अपील की।फिल्म अभिनेता भूपेंश चौहान ने कहा – “बालोद पुलिस ने हमारे जीवन को सुरक्षित रखने के लिए यह जन जागरूकता अभियान चलाया है ताकि हमारे बच्चे और नागरिक सुरक्षित रहें। मैंने जो सेल्फी जोन बनाया है, वहाँ सेल्फी लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वायरल करें और इस अभियान को सफल बनाएं। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने कहा -“हमारा जीवन अनमोल है। मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। खासकर नशा करके कभी भी वाहन न चलाएं, चाहे दो पहिया हो या चार पहिया। प्रशासन सख्ती इसलिए करता है ताकि हम और हमारा परिवार सुरक्षित रहे।
किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपना खाता नंबर और ओटीपी न दें, बैंक का काम स्वयं बैंक में जाकर करें।”व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद वाधवानी ने कहा -“दल्ली राजहरा जिले का सबसे बड़ा शहर है। यहाँ बहुत से लोग रहते हैं, जिन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए बार-बार बालोद और परिवहन कार्यालय जाना पड़ता है। मेरा सरकार से निवेदन है कि महीने में कम से कम 3 दिन यहाँ शिविर लगाया जाए, जगह की उपलब्धता हम देंगे।” प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक रंग-कार्यक्रम में नगर पुलिस निरीक्षक एवं राजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की ने अतिथियों द्वारा दिए गए संदेशों पर बच्चों से प्रश्न पूछे और सही उत्तर देने वाले बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। रक्तदान करने वाले युवाओं और सहयोगी संस्थाओं को हेलमेट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन छगन साहू एवम आभार व्यक्त वीरेंद्र भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार संघ दल्ली राजहरा, गोविंद वाधवानी (व्यापारी संघ), अशोक लोहिया (परिवहन संघ), अमित कुकरेजा, स्वाधीन जैन (चेंबर ऑफ कॉमर्स), सुरेश जायसवाल, कैलाश छाजेड़ (अनाज किराना संघ), होंडा शोरूम, टीवीएस शोरूम, हीरो शोरूम, बजाज शोरूम,एसबीआई , पीएनबी , बैंक ऑफ बड़ोदा एवं जगन्नाथ स्टील प्लांट का विशेष सहयोग रहा, जिन्हें जिला पुलिस बालोद द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में दल्ली राजहरा के प्रसिद्ध गायक दीपक सोना, श्रीनिवास राव एवं रुकैया ने फिल्मी गानों से समा बांध दिया।
आमापारा में वारदात के बाद तांदुला बांध की ओर भागा आरोपी, सफेद शर्ट पहने युवक की तलाश तेजगंभीर हालत में रायपुर रेफर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया
बालोद, 5 अक्टूबर 2026। जिला मुख्यालय बालोद के आमापारा क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक 22 वर्षीय युवती पर अज्ञात युवक द्वारा एसिड फेंककर हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। अचानक हुए इस हमले में युवती का चेहरा, आंख और शरीर का दाहिना हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल युवती को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किए जाने की जानकारी है। वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती पढ़ाई के सिलसिले में आमापारा स्थित लाइब्रेरी गई थी और दोपहर करीब 12:30 बजे वहां से घर लौट रही थी। इसी दौरान सिंचाई कॉलोनी के पास पहले से घात लगाए बैठे एक युवक ने अचानक उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। एसिड पड़ते ही युवती तेज जलन से चीखने-चिल्लाने लगी।
उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।बताया जा रहा है कि हमले के बाद आरोपी युवक पैदल ही मौके से फरार हुआ और तांदुला बांध की ओर जाने की सूचना है। प्रारंभिक तौर पर आरोपी के सफेद रंग की शर्ट पहने होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। कुछ फुटेज में आरोपी के भागते हुए दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच की गई तथा फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके से एसिड से जले हुए कपड़े मिलने की भी जानकारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान युवती की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रायपुर रेफर किया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवती पर हमला किस वजह से किया गया और आरोपी युवक उसका परिचित था या नहीं। हमले में किस प्रकार के एसिड का इस्तेमाल किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।घटना के बाद आमापारा सहित आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश तेज कर दी है। फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी की पहचान और हमले के कारण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
1 लाख भुगतान का रिकॉर्ड, जमीन पर शेड का कोई अता-पता नहीं =*-अर्जुन झा
बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग मद की राशि को हजम करने का खुला खेल चल रहा है। भ्रष्टाचार में बेशर्मी इस कदर हावी हो चुकी है कि सरपंच, सचिव एवं अधिकारी मुर्दों के नाम पर भी राशि चट करने में संकोच नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक बेहद शर्मनाक मामला बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ियापाल से सामने आया है, जहां मुक्तिधाम में शेड निर्माण के नाम पर पूरे एक लाख रुपए चट कर लिए गए हैं, मगर शेड का कहीं अस्तित्व भी नहीं है।
उड़ियापाल में 15वें वित्त आयोग की राशि का को लेकर सामने आए इस गड़बड़ी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। यहां मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर हुए कथित भुगतान और आरटीआई से सामने आई जानकारी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार ई-ग्राम स्वराज के एक्सपेंडिचर डिटेल में वाउचर क्रमांक एक्सवीएफसी/2024-25/P/11, दिनांक 08 अक्टूबर 2024 के तहत “मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य का राशि भुगतान” के नाम से 1 लाख का भुगतान दर्ज दिखाई देता है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जिस मुक्तिधाम शेड के निर्माण के नाम पर यह भुगतान दर्ज है, मौके पर ऐसा निर्माण दिखाई नहीं देता। यही अंतर अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है। 15वें वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य गांवों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को मजबूती देना है। लेकिन उड़ियापाल में मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर भुगतान का रिकॉर्ड सामने आने के बाद ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर जिस कार्य के नाम पर राशि जारी हुई, वह कार्य जमीन पर कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही राशि का भुगतान कर दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया में बिल-वाउचर का इस्तेमाल किया गया और पंचायत स्तर पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका संदिग्ध है।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।मामले का सबसे अहम पहलू सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी है। ग्रामीणों के अनुसार आरटीआई के माध्यम से पंचायत से मुक्तिधाम शेड निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। प्राप्त जवाब में कथित रूप से पंचायत ने इस तरह के कार्य से ही इंकार किया। यहीं से मामला और गंभीर हो जाता है। क्योंकि एक तरफ ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम के लिए 1 लाख रुपए का भुगतान दर्ज है, तो दूसरी तरफ आरटीआई के जवाब में संबंधित कार्य के संबंध में अलग स्थिति सामने आने का दावा किया जा रहा है।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर कार्य हुआ था तो आरटीआई में उसकी जानकारी क्यों नहीं?और अगर कार्य नहीं हुआ था तो सरकारी पोर्टल पर भुगतान किस आधार पर दर्ज हुआ?
घेरे में पूर्व सरपंच-सचिव
ग्रामीणों ने इस मामले में पूर्व सरपंच और तत्कालीन सचिव की मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाले जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि दस्तावेजों में कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान किया गया है, तो इसकी जांच केवल कागजों तक सीमित न रहकर मौके के भौतिक सत्यापन के साथ की जानी चाहिए। साथ ही भुगतान से जुड़े बिल, वाउचर, संबंधित वेंडर, बैंक भुगतान और कार्य पूर्णता से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की मांग की गई है।ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले को लेकर जनपद पंचायत बकावंड के अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी की गई। उनका कहना है कि जांच का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर है तो इसकी जांच में देरी नहीं होनी चाहिए।
2 साल से जांच की मांग
उड़ियापाल के ग्रामीणों ने अब केवल मुक्तिधाम शेड ही नहीं, बल्कि पंचायत में पिछले दो वर्षों के दौरान 15वें वित्त आयोग सहित अन्य मदों से कराए गए सभी कार्यों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रत्येक कार्य का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ सरकारी राशि की वसूली भी की जाए।
देना होगा हिसाब: लखेश्वर कश्यप
आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कहा कि गांवों के विकास के लिए आने वाली राशि ग्रामीणों के हित की राशि है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और राशि की वसूली की मांग की।उड़ियापाल का यह मामला अब सिर्फ एक लाख रुपये के भुगतान तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ सरकारी पोर्टल पर मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर भुगतान का रिकॉर्ड, दूसरी तरफ मौके पर निर्माण नहीं होने का ग्रामीणों का दावा, और तीसरी तरफ आरटीआई के जवाब में कार्य से कथित इंकार, ये तीनों बातें पूरे मामले को गंभीर बनाती हैं। अब सवाल प्रशासन से है कि क्या इन रिकॉर्डों का मिलान कर वास्तविकता सामने लाई जाएगी? क्या मौके पर भौतिक सत्यापन होगा? और अगर सरकारी राशि का दुरुपयोग प्रमाणित होता है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल ग्रामीणों को जांच का इंतजार है और हम इस मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।