जगदलपुर बस्तर जिले में ऐसे अधिकारियों की कमी नहीं है, जो अपनी नाजायज मर्जी से सहमत न होकर ईमानदारी से काम करने वाले मातहत छोटे कर्मचारियों की नौकरी खा जाने पर आमादा रहते हैं। नाजायज हठकंडे अपनाकर कर्मचारियों को परेशान करते हैं। अधिकारियों की ऎसी ही दुर्भावना की शिकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन को बस्तर कलेक्टर ने इंसाफ दिलाया है। कलेक्टर ने रुक्मणि सज्जन की बर्खास्तगी के आदेश को गलत ठहराते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश दिया है।
बस्तर जिले के विकासखंड बास्तनार की ग्राम पंचायत बिरगली के आश्रित गांव पुसेम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन को परियोजना अधिकारी की झूठी रिपोर्ट और जनपद पंचायत बास्तनार के सीईओ की अनुशंसा के बाद तोकापाल के एसडीएम ने 3 अक्टूबर 2023 को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उनकी बर्खास्तगी का आधार ग्रामीणों की शिकायत को बनाया गया था। शिकायत पत्र में जिन ग्रामीणों के नामों का उल्लेख था, उन ग्रामीणों ने शिकायत और अपने हस्ताक्षर को पूरी तरह फर्जी ठहरा दिया था। इसके बावजूद जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हक की लड़ाई लड़ती आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की बस्तर जिला अध्यक्ष रुक्मणि सज्जन को खुद के लिए इंसाफ के वास्ते लंबी जंग लड़नी पड़ी। पुसेम के ग्रामीण बार बार कहते रहे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन के काम से हम पूरी तरह संतुष्ट हैं, हम लोगों ने कभी किसी अधिकारी के पास रुक्मणि सज्जन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है। फिर भी रुक्मणि को इंसाफ नहीं मिला। थक हार कर रुक्मणि सज्जन ने कलेक्टर विजय दयाराम के. के पास याचिका दायर की। सहृदय और सोच समझकर फैसले लेने वाले कलेक्टर विजय दयाराम के. ने संपूर्ण मामले का विस्तृत अध्ययन करने के बाद आदेश पारित किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन की बर्खास्तगी पूरी तरह गैर वाजिब है। इसलिए उन्हें फिर से सेवा में बहाल किया जाता है।
महापौर ने की मांग पूरी, बोर होने से वार्डवासी खुश जगदलपुर बहादुरगुड़ा राजेंद्र नगर वार्ड में बोर कराए जाने वार्डवासियो में उत्साह। और खुशी की लहर देखी जा रही है।
भाजयुमो नेता लक्ष्मण झा ने बताया कि पिछले माह 18 जून को सभी वार्डवासियों के साथ महापौर सफीरा साहू से बोर धसकने और बोर से गंदा पानी आने की शिकायत की गई थी। महापौर ने तुरंत समस्या को समझते हुए महापौर निधि से बोर कराने की अनुसंशा की। आज जब वार्ड में बोर गाड़ी आई तो सभी के चेहरे पर खुशी आ गई। सभी गंदे पानी से परेशान थे। बोर खुदाई से पहले भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय पाण्डेय द्वारा फूल व नारियल अर्पित कर तथा अगरबती जलाकर बोर खनन का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वार्ड के कमलेश पाठक, शाहिद खान, इंद्रजीत झा, रुक्मणी यादव, कल्पना मेश्राम लच्छिन बघेल, अनिल मिस्त्री, माधवी मंडल, गुलाब, रिहू खान, राजू मिस्त्री, मन्नू व अन्य लोग उपस्थित थे।
कोरोना काल में हुई थी 8 अनजान लोगों की मौत जगदलपुर कोरोना काल के दौरान बस्तर जिले में आठ लोगों की असमायिक मृत्यु के बाद उनकी पहचान न होने के कारण उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं हो पाया था । जिसे प्रवीर वार्ड स्थित मुक्तिधाम में सुरक्षित रखा गया था आज बुधवार को रिति रिवाज के साथ उन 8 दिवंगतों की अस्थियों का विसर्जन करने जिला प्रशासन के सहयोग से सामाजिक संस्था सक्षम सनातन क्षेत्रीय मंच द्वारा आंध्रप्रदेश स्थित भद्राचलम ले जाया गया। इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव भी उपस्थित रहे।
सभी मृतकों की अस्थियों को ससम्मान पुष्प वर्षा के साथ रवाना किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने उन सभी मृत आत्माओं की शांति एवं मोक्ष प्राप्ति की प्रार्थना करते सक्षम सनातन क्षेत्रीय मंच एवं जिला प्रशासन को इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए इसे बड़ा ही सराहनीय कार्य बताया। इस दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के., सक्षम के अविनाश सिंह गौतम, संजय पांडे, रामाश्रय सिंह, अनिल लक्कड़, सुनील नत्थानी, चालीसगांवकर, एलेकजेंडर चेरियन व अन्य उपस्थित थे।
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा है कि अंदरूनी क्षेत्र और दूर दराज के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर देने के लिए संचालित नवोदय विद्यालय के प्रति जागरूकता बढ़ाने विद्यालय से पास आउट छात्रों को जोड़कर अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्र से अधिक छात्र प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीयन करा सकें।
कलेक्टर ने कहा कि इस हेतु ब्लॉक से नवोदय के लिए चयनित बच्चों से नवोदय स्कूल द्वारा दी जा रही शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी अपने क्षेत्र के बच्चों को दें ताकि अन्य बच्चे भी प्रेरित हों। यह प्रयास कलस्टर स्तर पर शिक्षा विभाग के सहयोग से करें।
जिले के प्रत्येक विकासखंड से 02 हजार पंजीयन का लक्ष्य की पहल किया जाए। उक्त निर्देश कलेक्टर ने बुधवार को धरमपुरा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रबंधन समिति की बैठक में दिए।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि समिति की बैठक साल में कम से कम दो बार होनी चाहिए, जिसमें स्कूल से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जा सकता है। साथ ही पूर्व छात्रों के सम्मेलन को मजबूत करें, ताकि स्कूल के बच्चों को भविष्य के प्रति मोटीवेट किया जा सके। उन्होंने कक्षाओं का नाम बस्तर में प्रवाहित होने वाली नदियों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम पर रखने का सुझाव भी दिया। बैठक में प्राचार्य राजकुमार कुशवाहा ने स्कूल की प्रवेश प्रक्रिया, कक्षाओं के संचालन, बोर्ड परीक्षा के परिणामों, छात्रों की आवासीय व्यवस्था, खेलकूद और अन्य गतिविधियों की जानकारी समिति के सदस्यों को दी। साथ ही प्रबंधन द्वारा स्कूलों की आवश्यकता और पालकों की मांगों पर चर्चा भी की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे ने भी समिति की बैठक नियमित करवाने कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी, सेजेस स्कूल, दंतेश्वरी कॉलेज के प्रतिनिधि, पालक समिति के सदस्य, स्कूल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-अर्जुन झा- जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के जंगलों में सुरक्षा बलों ने फिर कई नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में से पांच के शव सुरक्षा बलों को मिल चुके हैं तथा भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस मुठभेड़ में और भी कुछ नक्सलियों के हताहत होने की पूरी संभावना है। सुरक्षा बल के जवान अभी भी जंगलों में सर्चिंग कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार 30 जून को नारायणपुर जिले के कोहकामेटा एवं सोनपुर थानों तथा ईरकभट्ठी, मोहंदी व ढोढरीबेड़ा कैंपों से डीआरजी, बीएसएफ, एसटीएफ एवं आईटीबीपी की संयुक्त पार्टी गश्त सर्चिंग हेतु ग्राम हिकुलनार, घमंडी क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। संयुक्त अभियान के दौरान 2 जुलाई को लगभग 10ः30 बजे ग्राम हिकुलनार एवं घमंडी के बीच पुलिस पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। नक्सली जहां आधुनिक हथियारों से सुरक्षा बलों पर हमला कर रहे थे, वहीं सुरक्षा बलों के जवान भी पूरे जोश के साथ नक्सलियों पर गोलियां बरसा रहे थे।
मुठभेड़ पश्चात सुरक्षा बलों द्वारा घटना स्थल की सर्चिंग करने पर अब तक कुल 5 पुरुष माओवादियों के शव एवं 1 नग 303 रायफल, 3 नग 315 बोर रायफल, 2 नग मजल लोडिंग रायफल, बीजीएल लांचर सहित भारी मात्रा में हथियार व अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा है कि इस मुठभेड़ में और भी बड़ी संख्या में माओवादियों के घायल होने और मारे जाने की प्रबल संभावना है। उप पुलिस महानिरीक्षक केएल ध्रुव ने बताया कि संयुक्त अभियान में दंतेवाडा डीआरजी, जगदलपुर डीआरजी, कोंडागांव डीआरजी, एसटीएफ व आईटीबीपी 53वीं वाहिनी एवं बीएसएफ 135वीं वाहिनी के बल शामिल रहे हैं।
6 माह में 136 नक्सली ढेर
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया है कि वर्ष 2024 में माओवादियों के विरूद्ध प्रभावी रूप से नक्सल विरोधी अभियान संचालित किए जाने के परिणाम स्वरूप बस्तर रेंज अंतर्गत अब तक कुल 136 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। 482 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है और 453 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। आईजी ने यह भी बताया गया है कि बस्तर रेंज में तैनात पुलिस एवं सुरक्षा बलों के सदस्यों द्वारा क्षेत्र की जनता की जान-माल की रक्षा हेतु सदैव तत्पर होकर माओवादियों के विरूद्ध प्रभावी रूप से कार्यवाही की जा रही है। इससे क्षेत्र की जनता को नक्सल गतिविधियोें से मुक्ति मिलने के साथ-साथ बस्तर को एक नई सकारात्मक पहचान मिल रही है। मप्राथमिक शिनाख्त की कार्यवाही के आधार पर मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों के सेंट्रल कमेटी सुरक्षा टीम के पीएलजीए कंपनी नंबर 1 का पाया गया l विस्तृत रूप से शिनाख्त की प्रक्रिया सुरक्षा बलों के कैंप वापसी उपरांत की जाएगी।
दिनांक 30.06.24 को करीबन 12.00 बजे ग्राम जुंगेरा के ओम प्रकाश टेकाम द्वारा थाना आकर प्रकरण के घटना स्थल पर किसी लडकी की लाश पेड पर लटकने की अपूर्ण सूचना देने पर तस्दीक कार्यवाही हेतू मौके घटना स्थल पहुंचकर तस्दीकी दौरान मृतिका के भाई एवं कोटवार के द्वारा ग्राम जुंगेरा गुडरा पारा कर्रा झाड में मृतिका द्वारा फांसी लगाकर मृत्यु होने की सूचना देने पर थाना डोंडी लोहारा पुलिस ग्रामीणों रिश्तेदारों के साथ मौके पर जाकर देखने पर एक कर्रा झाड पर मृतिका के द्वारा सफेद कलर मटमैला स्कार्फ कपडा से फांसी लगाने से मृत अवस्था में लटका हुआ था। जो प्रार्थी के रिपोर्ट पर मौके पर पहले देहाती मर्ग इन्टीमेशन क्रमांक 0/24 बाद असल मर्ग क्र. 40/24 धारा 174 जा.फौ. कायम कर जांच कार्यवाही में लिया गया है। जांच में पाया गया हैं, कि मृतिका का ग्राम जुंगेरा के ओमप्रकाश टेकाम के साथ पिछले करीबन 2-3 वर्षो से प्रेम संबंध था, और वे दोनो अक्सर एक साथ घुमते फिरते थे, मृतिका के द्वारा आरोपी प्रेमी ओम प्रकाश को शादी करने के लिए बोलने पर ना तो स्वंय शादी करने के लिए तैयार होता था, और ना ही चमेली को किसी दूसरा लडका के साथ शादी करने देता था, इसी बात से कुं. चमेली बहुत परेशान व दुखी रहती थी, और इसी दौरान दिनांक 29.06.24 के सुबह मृतिका अपने प्रेमी आरोपी ओमप्रकाश के घर गयी थी, तो आरोपी द्वारा मृतिका को डांट कर अपने घर से भगा दिया गया, जिससे मृतिका मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान एवं प्रताड़ित हो, मजबुर होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं। जो कि आरोपी का कृत्य अपराध धारा 306 भादवि का प्रथम दृष्टया अपराध घटित करना पाये जाने से आरोपी ओम प्रकाश टेकाम के विरूध्द अपराध क्रमांक 109/24 धारा 306 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया हैं। प्रकरण के आरोपी ओमप्रकाष से पूछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार करने एवं अब तक की विवेचना से आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा सदर घटित करने के साक्ष्य सबुत पाये जाने से एवं गिरफ्तारी के पर्याप्त आधार होने पर आरोपी ओमप्रकाश टेकाम पिता स्व. नारायण टेकाम उम्र 28 साल साकिन जुंगेरा थाना डौण्डीलोहारा जिला बालोद को दिनांक 03.07.24 के 13.45 बजे विधिवत् गिरफ्तार कर गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजन को दी गयी है। मामला सदर जुर्म अजमानतीय होने न्यायिक हिरासत पर जेल भेजा गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखी अहम मांगें -अर्जुन झा- जगदलपुर दिल्ली पहुंचते ही बस्तर लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप बस्तर की समस्याओं को सुलझाने और यहां आवागमन की सुविधाएं बढ़ाने के लिए फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। सांसद महेश कश्यप ने आज दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी से मुलाक़ात की। इस दौरान सांसद महेश कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कई विषयों और बुनियादी जरूरतों को लेकर केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।
इस दौरान बस्तर सांसद ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र सौपकर बस्तर संसदीय क्षेत्र की प्रमुख सड़क सम्बंधित समस्याओं से अवगत कराया। महेश कश्यप ने दंतेवाड़ा जिले में रेलवे क्रासिंग पर फ्लाई ओवर बनवाने, जगदलपुर से रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने, रायपुर से विशाखापत्तनम तक निर्माणधीन भारत मला रोड से बस्तर को जोड़ने के लिए हेतु जगदलपुर से एक लिंक रोड की स्वीकृति प्रदान करने, बस्तर संभाग के बीजापुर से गढ़चिरौली होकर महाराष्ट्र को जोड़ने वाली सड़क को अतिशीघ्र पूर्ण कराने का आग्रह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से किया।
पट्टनम से बारेगुड़ा रोड लंबाई 12 किमी पर मट्टीमारका के पास इंद्रावती नदी नदी पर पुल निर्माण स्वीकृत कर महाराष्ट्र को जोड़ने की मांग सांसद ने की है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 जो कि बस्तर को दक्षिणी राज्यों से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग पर जगदलपुर से कोंटा और जगदलपुर से सुकमा तक 120 किमी सीसी रोड तथा सुकमा से कोंटा तक दूरी 90 किमी सीसी रोड का डामरीकरण कराने की भी मांग की है। लगातार बस्तर के प्रमुख मुद्दों को लेकर दिल्ली में सम्बंधित मंत्रियों को अवगत कराने का कार्य सांसद महेश कश्यपद्वारा किया जा रहा है।
विधायक चैतराम ओटामी बैट भांजते आए नजर -अर्जुन झा- जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में हर किसी की धुलाई करने वाले पत्रकारों को भरी महफिल में नेताओं ने धो डाला। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर को पटखनी दे दी। यह दृश्य देख रहे लोग तालियां बजाकर स्वागत करते नजर आए। चौंकिए मत न तो नेताओं ने पत्रकारों की पिटाई की है और न ही कलेक्टर और एसपी में किसी तरह की लड़ाई हुई है। दरअसल हम बात कर रहे हैं क्रिकेट मैच की। इस मैच में पत्रकारों की टीम की नेताओं की टीम ने बुरी गत बना दी। वहीं कलेक्टर की टीम की एसपी की टीम ने दुर्गति कर दी। दंतेवाड़ा में चल रही शौर्य स्मृति कप क्रिकेट प्रतियोगिता 2024 के तहत 2 जुलाई को दो सद्भावना मैच खेले गए। पहला सदभावना मैच प्रेस इलेवन और जनप्रतिनिधि इलेवन के मध्य खेला गया।
जिसमें प्रेस इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवर में 7 विकेट खोकर प्रेस इलेवन की टीम 49 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए जनप्रतिनिधि इलेवन ने मात्र एक विकेट खोकर आसानी से जीत हासिल कर ली। जनप्रतिनिधि इलेवन की टीम में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, नंदलाल मुड़ामी प्रदेश महासचिव भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा, कुणाल ठाकुर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष, सुमीत भदौरिया युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, राजा शर्मा पार्षद दंतेवाड़ा, अजय अवस्थी युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष गीदम एवं अन्य लोग शामिल थे।
विधायक चैतराम ओटामी ने कमेंट्रेटर की भूमिका निभाते हुए पूरे मैच में कमेंट्री की और पूरे मैच के दौरान अपनी टीम का हौसला भी बढ़ाया। इस मैच के बाद दूसरा सदभावना मैच पुलिस टीम और कलेक्ट्रेट टीम के मध्य खेला गया जिसमे जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं पुलिस अधीक्षक गौरव राय आमने सामने थे। जिलाधीश ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पुलिस टीम ने 10 ओवर में 4 विकेट खोकर 64 रन बनाए और कलेक्ट्रेट की टीम को 65 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कलेक्ट्रेट की टीम निर्धारित 10 ओवर में 8 विकेट खो कर 47 रन ही बना सकी और पुलिस टीम ने इस मैच को 17 रनों से जीत लिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच पुलिस टीम से डीएसपी आशीष नेताम रहे जिन्होंने हरफनमौला खेल दिखाते हुए बल्लेबाजी में 18 गेंदों पर 26 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए 2 ओवर में 8 रन देकर 3 विकेट चटकाए।
चादर से बाहर पैर फैलाना भारी पड़ गया पूर्व मंत्री को
बस्तर का सम्राट बनने की चाहत ले डूबी नेताजी को -अर्जुन झा- जगदलपुर गीदड़ कभी शेर की जगह नहीं ले सकता और जितनी चादर उतना पैर फैलाओ। ये दोनों कहावतें आम इंसानी जिंदगी में अमूमन रोज ही इस्तेमाल होती हैं और हकीकत से भरी भी हैं। ये कहावतें इन दिनों समूचे बस्तर संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसलिए, क्योंकि हमारे बस्तर के एक कांग्रेस नेता ने पूरे बस्तर का सम्राट और शेर बनने की चाहत पाल जो रखी थी। चादर छोटी थी, लेकिन वे पैर ज्यादा पसारने लगे थे। हदें भूलकर ये नेताजी कुछ ज्यादा ही बावले हो चले थे, मगर मतदाताओं ने तो उनकी औकात ही नापकर रख दी। वहीं संभाग के बहुसंख्यक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साफ जता दिया है कि आप सिर्फ कोंटा के लायक हो इसलिए एक कोंटे तक ही सीमित रहो, पूरे बस्तर का सम्राट बनने के लिए मुंगेरी लाल मत बनो, तो ही बेहतर है।
हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ सरकार में आबकारी मंत्री रहे बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा से विधायक कवासी लखमा की। कवासी लखमा अपने बड़बोलेपन और उल जलूल हरकतों के लिए विख्यात हैं। मंत्री बनने से पहले तक कवासी लखमा अपने भोलेपन के लिए भी जाने जाते थे। मगर कहते हैं न कि जब आदमी को पद और पैसा मिल जाता है, तो वह वह औकात से बाहर जाकर छलागें मारने लग जाता है। ऐसा ही कुछ हमारे लखमा जी के साथ भी हुआ। भूपेश बघेल ने उन्हें आबकारी जैसा कमाऊ विभाग क्या दे दिया, वे आसमान छूने की कोशिश करने लगे। अहंकार से पूरित होकर बस्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हेय दृष्टि से देखने तथा अपमानित करने लगे। ‘सैंया भये कोतवाल, तो डर काहे का’ कहावत भी उन पर चरितार्थ होने लगी। यानि मुख्यमंत्री मेहरबान तो लखमा पहलवान। सो कवासी लखमा पर सियासी पहलवानी का जूनून ऐसा चढ़ा कि बस्तर के गामा पहलवानों के सामने भी खुलकर ताल ठोंकने लगे। भूल गए कि सियासी चांदनी चार दिन ही चमकती है। कवासी लखमा कोंटा से लगातार छह बार जीत दर्ज करा चुके हैं। निसंदेह यह एक बड़ी उपलब्धि है, मगर वे भूल गए कि मतदाताओं का मूड बदलते देर नहीं लगती। जिन कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीत मिलती है, उन्हें उपेक्षित करना भी भारी पड़ सकता है। यही भूल और गरुर कवासी लखमा को भारी पड़ गया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भीतर चली जोड़तोड़ और टांग खिंचाई की राजनीति के चलते कवासी लखमा को हाल के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हाई कमान ने बस्तर सीट से टिकट दे दिया। भाजपा ने भी इस सीट पर बिल्कुल नए चेहरे महेश कश्यप को उतारा। तब लखमा को शायद लगा था कि महेश को तो आसानी से निपटा देंगे। मगर वे भूल गए कि सामने महेश यानि शंकर, भोलेनाथ महादेव खड़े हैं। जिनकी तीसरी आंख खुली तो कांग्रेस के लिए प्रलय भी आ सकता है। प्रखर हिंदूवादी महेश कश्यप ने सियासत से दूर रहते हुए भी आदिवासियों के धर्मान्तरण के खिलाफ और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण व हिदुत्व के जागरण के लिए बस्तर संभाग में बड़ी मुहिम चलाई थी। बस्तर में उनका नाम प्रचलित हो गया था। बावजूद सियासी तौर पर कवासी लखमा के सामने उनका कद थोड़ा छोटा था। छोटे सियासी कद वाले महेश कश्यप ने कद्दावर कवासी लखमा को ऎसी पटखनी दी है कि उसका दर्द सालों साल कवासी लखमा को महसूस होता रहेगा। कवासी लखमा की हार के पीछे उनका गरूर, बड़बोलापन और नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षा भाव मुख्य कारक रहे। मतदाताओं के साथ ही क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने भी ऊंची उड़ान भर रहे कवासी लखमा के पर एक झटके में ही कतर कर रख दिए। उनकी औकात नाप कर रख दी, उन्हें बता दिया कि पूरे बस्तर का सम्राट और शेर बनने की कोशिश मत करो, कोंटा के हो, एक कोंटे तक ही सीमित रहो, उसी में आपकी भलाई है।
डौकी’ देकर नापी औकात
कांग्रेस हाई कमान भी छत्तीसगढ़ के चालबाज खिलाड़ी नेताओं के दबाव में आकर कवासी लखमा को बस्तर लोकसभा सीट से टिकट देने पर मजबूर हो गया। कांग्रेस नेतृत्व ने शायद कवासी लखमा का वजन जानने का लिए उन्हें उम्मीदवार बना दिया था। कांग्रेस नेतृत्व ने कवासी लखमा सुकमा के नेता हैं या बस्तर के नेता, इसका टेस्ट करने के लिए लोकसभा का टिकिट उन्हें थमा दिया। टिकट मिलने के बाद जब अपने को होशियार और बस्तर का बड़ा नेता समझने वाले लखमा को उनकी हैसियत मालूम पड़ी तो वे चुनावी मंच से बोलने लग गए कि बेटे के लिए बहू मांगने गया था, पार्टी ने मुझे डौकी दे दी, मुझे ही शादी करना पड़ी।अर्थात लखमा ने किसी और के लिए जाल बिछाया था, लेकिन वह खुद के ही जाल में बुरी तरह फंस गए। बस्तर के मतदाता ‘बहू’ और ‘डौकी’ जैसे अल्फाजों में नहीं फंसे। लखमा की महत्वाकांक्षा बड़बोलेपन छत्तीसगढ़ के एक बड़े नेता की भी महत्वाकांक्षा ने कवासी लखमा को जाल में बुरी तरह फंसा दिया। अब शायद कांग्रेस आलाकमान को भी मालूम चल गया हो गया होगा कि कवासी लखमा तो केवल कोंटा सुकमा के ही नेता हैं, पूरे बस्तर के लायक नहीं। बेचारे कवासी लखमा! न माया रूपी ‘डौकी’ यानि सांसदी मिली, न राम यानि मजबूत सियासी कद मिला। बड़े नेता की साजिश में फंसकर कहीं के नहीं रहे।
बड़े नेता की चाल नाकाम
कवासी लखमा को मोहरा बनाकर रायपुर के एक बड़े नेता ने जो चाल चली थी, वह भी नाकाम हो गई। दरअसल रायपुर के तथाकथित बड़े नेता ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का सर्व शक्तिमान नेता बनने के लिए बस्तर के दो बड़े आदिवासी नेताओं को आपस में लड़ाकर अपनी रोटी सेंकने के लिए बड़ी साजिश रची थी। पहले इस बड़े नेता ने विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग के ज्यादातर विधानसभा सीटों पर अपनी ही पार्टी के आदिवासी नेताओं को हरवाया, ताकि छत्तीसगढ़ की कांग्रेसी राजनीति में आदिवासियों का वर्चस्व न बढ़ने पाए और पिछड़े वर्ग से आने वाला वह नेता ही कांग्रेस की राजनीति का केंद्र बिंदु बना रहे। कांग्रेस के इस बड़े नेता को भी लोकसभा का उम्मीदवार बनाया था, मगर चुनाव में उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर बस्तर लोकसभा सीट के चुनाव में कवासी लखमा के कम अनुभव का लाभ उठाया कुछ चापलूस नेताओं ने। इन नेताओं ने चुनाव के दौरान कवासी लखमा का भरपूर दोहन किया। इन्हीं चापलूस नेताओं ने कवासी लखमा के साथ मिलकर रायपुर के बड़े नेता के इशारे पर विधानसभा चुनावों में चित्रकोट सीट से बड़े कद वाले आदिवासी नेता पीसीसी चीफ दीपक बैज, दंतेवाड़ा सीट से शहीद नेता महेंद्र कर्मा के बेटे छविन्द्र कर्मा और नारायणपुर सीट से उभरते युवा आदिवासी नेता चंदन कश्यप को हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बहरहाल लोकसभा चुनाव ने साबित कर दिया है कि कवासी लखमा केवल सुकमा के ही नेता हैं। बस्तर के बड़ा नेता बनने की चाह ने उन्हें खुद के बुने जाल में फंसा दिया है।
मुखर हो उठे हैं कांग्रेसी
विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पूरे छत्तीसगढ़ के वे आम कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता जो केवल पार्टी के प्रति निष्ठावान रहकर काम करते रहते हैं, अब मुखर हो उठे हैं। ये नेता कार्यकर्ता दिल्ली से आई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने बड़े नेता और कवासी लखमा की करतूतों का भंडाफोड़ करने से जरा भी नहीं हिचक रहे हैं। कांकेर और रायपुर में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी द्वारा ली गई बैठकों में राज्य के विभिन्न इलाकों से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं ने बड़े नेता और उनके झंडाबरदारों के खिलाफ जमकर शिकायतें की। कवासी लखमा के खिलाफ भी बहुत शिकायत हुई। अब फंसे लखमा कहीं के नहीं रहे।
प्रारंभ होंगे नए स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम
रंग लाई प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव की मेहनत जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने जानकारी देते हुए बताया कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत मल्टी डिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय हेतु 100 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ है। इस हेतु विश्वविद्यालय में नए विषयों के अध्यापन तथा शोध की आवश्यकता होगी। जिससे यहां शोध की गुणवत्ता उत्तम हो सके। किरण देव ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में विश्वविद्यालय को 20 नए विभाग तथा 33 नए पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु बजट का प्रावधान किया गया था। वर्तमान में यहां 10 विभागों में 14 कोर्सेस का संचालन किया जा रहा है। नए सत्र से विश्वविद्यालय में कामर्स, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, गणित, फिजिक्स, स्टेटिस्टिक्स, जूलॉजी, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी, हिन्दी, हिस्ट्री, साइकोलॉजी तथा सोशियोलॉजी आदि विषयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की श्रृंखला में लाइब्रेरी साइंस में बी. लिब तथा एम. लिब की भी पढ़ाई प्रारंभ होगी। अब तक इस कोर्स को करने के लिए अंचल के छात्रों को रायपुर या बिलासपुर जाना पड़ता था। अब जगदलपुर में यह कोर्स आरंभ होने से छात्रों को सुविधा होगी। विधायक देव ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर अंचल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, उच्च शिक्षा की सुगमता तथा गुणवत्ता को लेकर गंभीर है। पूर्व में भी हमारी सरकार ने ही अंचल में विश्वविद्यालय की स्थापना की थी तथा वर्तमान में भी हमारी सरकार इस विश्वविद्यालय के उन्नयन को लेकर गंभीर है। इसी कड़ी में सरकार के प्रयास से विश्वविद्यालय शिक्षा के नए नए आयाम गढ़ रहा है। विश्वविद्यालय के विकास को लेकर हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विधायक किरण देव ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए केंदीय शिक्षा मंत्री से मिलकर उनसे विशेष आग्रह किया था। जिसके फलस्वरूप यह बड़ी अनुदान राशि स्वीकृत हो सकी है। इस हेतु किरण देव ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। देव ने उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधा मिलने के लिए बस्तर संभाग के विद्यार्थियों को बढ़ाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।