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दल्ली राजहरा गुरुद्वारा के सामने दो ट्रैकों की टक्कर दुकान के सामने खड़ी कार को किया क्षतिग्रस्त

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बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग लवली ड्रेसस के सामने में फिर तेज रफ्तार का कहर दो ट्रक की आपसी टक्कर के बाद एक ट्रक खड़ी कार को टक्कर मार बुरी तरह क्षतिग्रस्त, किया मौके पर पुलिस पहुंच तत्काल ट्रक को सड़क से हटाया, लंबे समय से बाईपास की मांग दल्ली राजहरा के, नागरिकों द्वारा की जा रही है किंतु प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना है घट रही हैं आम नागरिक को इसका खामियाजा अपने जनधन, की हानि से चुकाना पड़ता है।

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कोरबा –छत्तीसगढ़ प्रदेश किराड़ समाज के प्रदेश अध्यक्ष जयेश ठाकुर ने किराड़ समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे देश को आतंकवाद, नक्सलवाद एवं गरीबी से छुटकारा दिलाने और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं। श्री ठाकुर ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री मोदी ने वोट बैंक की परवाह किए बिना कई कड़े फैसले किए।

ठाकुर ने कहा कि दो चरण के मतदान के बाद अब यह साफ हो गया है कि देश की जनता ने मोदी को एक बार फिर सत्ता में लाने का फैसला कर लिया है। ठाकुर ने कहा ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि शेष सभी चरणों की सभी सीट पर कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) को वोट दें और मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं। उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का मतलब है- आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्ति, गरीबी से मुक्ति और युवाओं को एक मंच मुहैया कराने की व्यवस्था करना ताकि वे दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकें और एक महान भारत का निर्माण कर सकें।’

किराड़ समाज के प्रदेशाध्यक्ष जयेश ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ समेत देश में लोकसभा चुनाव के दोनों चरणों में पिछड़ गई है, जिसके चलते निराशा और कुंठा में राजनीतिक प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सभी 11 सीटें हार रही है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कह रहे हैं। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री का मानसिक संतुलन खराब हो गया है, जैसा बयान दिया है। श्री बैज ने भी कुछ ऐसे ही शब्दों का प्रयोग किया। जिस पर बयान के जरिए किराड़ समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री ठाकुर ने आपत्ति जताई और कहा कि प्रदेश की जनता ने छत्तीसगढ़ को इस बार कांग्रेसमुक्त करने का संकल्प लिया है और दो चरणों के मतदान से साफ है कि चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रचंड बहुमत से विजयी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कांग्रेस के नेताओ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंध में

ऐसे शब्दों का प्रयोग कर अपने राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। ठाकुर ने आगे कहा कि कांग्रेस इस बार छत्तीसगढ़ में साफ होने जा रही है।

कांकेर की जंग में 2019 का मिथक तोड़ पाएगी कांग्रेस, या फिर बजेगा भाजपा का डंका

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  •  कांकेर की विधानसभा सीटों के चुनावी नतीजों का सटीक विश्लेषण

-योगेश पाणिग्रही-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान सम्पन्न होने के बाद और सभी उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। अब सभी प्रत्याशी अपनी -अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, जोकि स्वाभाविक है। इन सबके बीच कांग्रेस पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी वीरेश ठाकुर के पिछले विधानसभा चुनाव में हार को लेकर तरह -तरह की बातें सामने आ रही हैं। कि पिछली बार जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र में आठ विधायक कांग्रेस थे तो चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस कैसे हार गई? 2019 के लोकसभा चुनाव और 2023 के विधानसभा चुनाव के विधानसभावार नतीजों का सटीक विश्लेषण बस्तर की सियासी तासीर की बेहतर परख करने वाले राजनैतिक विश्लेषक योगेश पाणिग्रही ने गहन अध्ययन के बाद तैयार किया है।

लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो चार- चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस व भाजपा को जीत मिली थी। विधानसभावार आंकड़े देखें तो सिहावा में लक्ष्मी ध्रुव विधायक थीं। तब कांग्रेस को 71182 वोट तथा भाजपा को 64061 वोट मिले थे। वीरेश ठाकुर को 6 हजार 581 वोटों की लीड मिली थी। वहीं संजारी बालोद में वर्तमान विधायक कांग्रेस की संगीता सिन्हा के होते हुए भी कांग्रेस ने 74 हजार 547वोट पाए और भाजपा ने 83हजार 044 वोट पाकर 8 हजार 497 वोटों की बढ़त ली थी। मंत्री रहीं अनिला भेड़िया के क्षेत्र डौंडी लोहारा में कांग्रेस को 79 हजार 190 वोट, तो भाजपा को 67 हजार 820 मिले। कांग्रेस 11हजार 370 से विजय पताका फहरा पाई थी। गुंडरदेही में कुंवर सिंह निषाद विधायक होते हुए कांग्रेस 76 हजार 754 तो भाजपा को 88 हजार 145 मत मिले। कांग्रेस 11 हजार 391वोटों से हारी। इसी प्रकार अंतागढ़ में अनूप नाग के विधायक रहते कांग्रेस को 44 हजार 444 व भाजपा को 59 हजार 653 मत मिले जिससे लोकसभा चुनाव में बड़ी हार 15 हजार 209 वोट की मिली। भानुप्रतापपुर में विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के रहते कांग्रेस को 71 हजार 254 तथा भाजपा को 56 हजार 563 मत मिले थे और भाजपा 14 हजार 691 वोटों से आगे रही। कांकेर में पूर्व आईएएस शिशुपाल सोरी के विधायक रहते कांग्रेस को 58 हजार 167 तथा भाजपा को 60 हजार 719 को वोट मिले। बमुश्किल कांग्रेस को 2 हजार 552 वोटों की ही लीड मिल पाई थी। केशकाल विधानसभा क्षेत्र में बस्तर विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष संतराम नेताम के विधायकी में कांग्रेस को 62 हजार 454 मत तो भाजपा को 63 हजार 371 वोट मिले। यहां कांग्रेस को सबसे छोटी हार 917 वोट से मिली थी।

लीड कायम रख पाएंगे विधायक?

कांकेर लोकसभा क्षेत्र में 2023 के विधानसभा चुनाव में पांच विधानसभा क्षेत्रों सिहावा, संजारी- बालोद, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही व भानुप्रतापपुर में कांग्रेस के निर्वाचित विधायक हैं। भाजपा की ओर से अंतागढ़, कांकेर व केशकाल में विधायक हैं। क्या कांग्रेस- भाजपा के वर्तमान विधायक अपने -अपने निर्वाचन क्षेत्रो में लीड बरकरार रख पाएंगे या फिर पिछले लोकसभा चुनाव की तरह आंकड़ों में इस बार उलट फेर होगा?केंद्रीय चुनाव आयोग की वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार विधानसभा चुनाव में मिले आंकड़ों पर गौर करें तो कांग्रेस को सिहावा में 13 हजार 166 ,संजारी बालोद में 17 हजार 406, डौंडीलोहारा में 35 हजार 579, गुंडरदेही में 14 हजार 863 व भानुप्रतापपुर में 30 हजार 932 समेत कुल 1 लाख 11 हजार 946 वोट मिले थे। वहीं भाजपा को अंतागढ़ में 23 हजार 710, कांकेर में 16 हजार, केशकाल में 5 हजार 556 समेत कुल 29 हजार 282 वोट मिले थे।विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार लीड पर गौर किया जाए तो कांग्रेस पार्टी के पास 82 हजार 664 वोटों की लीड है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि कांग्रेस न्याय के आधार पर लीड बरकरार रख पाएगी या भाजपा मोदी मैजिक में चुनाव जीत जाएगी।

एक सड़क ने भद्द पिटवा दी लोक निर्माण विभाग की, हो रही है जमकर थू -थू

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  •  एसडीओ ने करा दी विभाग के ईई की बड़ी बदनामी

अर्जुन झा

जगदलपुर तथाकथित जांच के नाम पर पूरी सड़क को उखड़वा देने के मामले में लोक निर्माण विभाग की भद्द पिट गई है, चारों तरफ थू थू हो रही है। आंच अब विभाग के ईई के दामन तक भी पहुंच रही है। विभाग के सब डिवीजन भानुप्रतापपुर में पदस्थ एसडीओ गणवीर एसके के चक्कर में ईई भी बदनाम हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि एसडीओ अपने ईई के नाम पर ही वसूली करते रहे हैं और एसडीओ को बचाने के फेर में ईई पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। एसडीओ की कारगुजारी परत दर परत खुलकर सामने आती जा रही हैं। वहीं एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सड़क निर्माण निर्माण ढंग से नहीं हुआ था, तब सड़क बनने के शुरूआती दौर में एसडीओ और सब इंजीनियर क्या कर रहे थे, उस समय उन्होंने निर्माण कार्य क्यों नहीं रुकवाया? अगर ठेकेदार ने लापरवाही बरती है, तो उससे कहीं ज्यादा लापरवाही अपने कर्तव्य के प्रति एसडीओ और सब इंजीनियर ने बरती है। इसलिए इन दोनों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

बस्तर संभाग के भानुप्रतापपुर में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के एसडीओ गणवीर एसके ने कुछ दिनों पहले कच्चे से साल्हे तक बनी लगभग तीन किमी लंबी सीसी रोड को कथित जांच के नाम पर जेसीबी से उखड़वा दिया था। यह सड़क एक ठेकेदार के माध्यम से बनवाई जा रही थी। जबकि जांच का पैमाना कुछ और ही कहता है। नियमानुसार सड़क के 5-6 मीटर के अंतराल में खोदाई करवाकर प्रयुक्त निर्माण सामग्री का सेंपल लिया जाना चाहिए और मोटाई नापी जानी चाहिए, मगर एसडीओ गणवीर ने कच्चे – साल्हे के बीच बन रही सड़क के मामले में जो बुलडोजर एक्शन लिया है, वह एसडीओ की ठेकेदार के प्रति दुर्भावना को ही प्रदर्शित करता है। कहा जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा डिमांड पूरी न की जाने पर ही एसडीओ ने सड़क पर अपनी भड़ास निकाल दी है। अगर ऐसा नहीं है, तो फिर एसडीओ और उनके मातहत सब इंजीनियर उस समय कहां थे, जब सड़क निर्माण का काम शुरूआती दौर में था। जाहिर है उन्होंने सड़क निर्माण में अपने सुपरविजन की जरूरत ही नहीं समझी। साल्हे चौक के लोगों का तो यहां तक कहना है कि एसडीओ और सब इंजीनियर कभी भी सड़क निर्माण का जायजा लेने नहीं पहुंचे। उक्त सीसी रोड में मापदंड के अनुसार अगर कांक्रिट नहीं डाली गई थी, तब विभाग के सब इंजीनियर ने सुपरविजन करते हुए उसे तुरंत ही क्यों नहीं हटवाया? इसका आशय तो यही है कि सुपरविजन के बिना 30 मीटर सड़क बना दी गई, या फिर जानबूझकर ऐसा होने दिया गया। सूत्र बताते है कि ठेकेदार, एसडीओ, और ईई के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इसमें मुख्य किरदार एसडीओ गणवीर एसके थे।जिसमे समझौता उसी ग्रेड की कांक्रिट से पूरी सीसी रोड बनाना थी। उसी आधार पर लेनदेन का सौदा तय हुआ था। मगर बात नहीं बनी तब एसडीओ ने जेसीबी से पूरी सड़क को तहस नहस करवा दिया। पूरे घटनाक्रम को ईई और सब इंजीनियर देखते रहे। आश्चर्य की बात तो यह है कि और ठेकेदार को नोटिस जारी किए बिना ही पूरी सड़क उखाड़ दी गई। साल्हे चौक के लोगों का कहना है कि जब तक काम चला, पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर एसडीओ कार्यस्थल पर कभी नहीं पहुंचे, लेकिन जब रोड उखड़ना शुरू हुआ तो सब मौके पर पहुंच गए, भ्रष्टाचार गिनाने लगे। जानकारी तो यह भी मिली है कि कच्चे से साल्हे तक सीसी रोड नहीं बल्कि आरसीसी रोड बनानी थी। बहरहाल इस समूचे घटनाक्रम ने लोक निर्माण विभाग की बड़ी फ़जीहत करा दी है। एसडीओ तो अपनी करतूत को लेकर पहले से ही चर्चित हैं ही, अब उनके सीनियर ईई की भी किरकिरी होने लगी है।

आदिवासियों और ओबीसी का आरक्षण छीनकर वर्ग विशेष को देने की साजिश कर रही है कांग्रेस: केदार

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  • कांग्रेस के सामाजिक न्याय का यही है असली पहलू
  • 60 साल से गरीबी पर भाषण दे रही है कांग्रेस

जगदलपुर छत्तीसगढ़ सरकार में वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस की प्रेस वार्ता पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल गरीबों पर झूठा भाषण देते हैं। एक तरफ तो 60 साल सत्ता में रहते गरीबों का भला नहीं कर पाए, दूसरी तरफ गरीबों को राशन, आवास, नल, गैस, बिजली, शौचालय मिलने पर विरोध करते हैं।

कश्यप ने कहा जब 2014 में मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब भारत के करोड़ों लोगों के पास न घर था, न गैस कनेक्शन, न शौचालय, भूख से देश में मौतें होती थीं, पानी के लिए महिलाओं को घंटों पैदल चलना पड़ता था। अटल सरकार के देशहित के कई कार्यों के बाद मोदी सरकार ने 10 वर्षो में 60 साल के ये हालात बदल दिए।गरीबों के लिए अपना पल पल खपा दिया। गरीब अब स्वाभिमान से जीने लगा है, तो कांग्रेस को पीड़ा हो रही है।  कश्यप ने कहा कि आजकल कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के और राष्ट्रीय नेता सामाजिक न्याय की बातें करने लगे हैं। कांग्रेस ओबीसी और आदिवासियों का आरक्षण छीनने का षड्यंत्र रच रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है ऐसा किया भी गया है कि देश के आदिवासियों, ओबीसी, अनुसूचित जाति का आरक्षण छीनकर अल्पसंख्यकों को देना यही कांग्रेस का सामाजिक न्याय है? कांग्रेस देश के लोगों के अधिकार और संस्कृति दोनों छीनने की पूरी प्लानिंग कर चुकी है। एक तरफ आरक्षण छीनना, दूसरी तरफ धर्मांतरण कराने वालों को संरक्षण देकर आदिवासियों और ओबीसी को उनकी संस्कृति से दूर करने का षडयंत्र करना। जनता कांग्रेस के हर षडयंत्र का करारा जवाब देगी।

फिल्म अभिनेता साहिल खान को मुंबई क्राइम ब्रांच ने किया बस्तर जिले से गिरफ्तार

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  • सीमावर्ती जिले से होकर पहुंचे थे बस्तर जिले में
  • साहिल खान पर मुंबई में दर्ज है आपराधिक मामला

जगदलपुर बॉलीवुड अभिनेता साहिल खान को मुंबई पुलिस द्वारा बस्तर जिले से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है।अभिनेता साहिल खान पर मुंबई में कोई आपराधिक मामला दर्ज है। इसी सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है।

जानकारी मिली है कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा मुंबई में पंजीबद्ध एक आपराधिक मामले में फिल्म अभिनेता साहिल खान की तलाश की जा रही थी। बताया गया है कि नामजद आरोपी साहिल खान ने कानूनी कार्रवाई और पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए लगातार अपना लोकेशन बदलते हुए महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों से होकर छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। संभावना जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली होते हुए साहिल खान बस्तर जिले में पहुंचे होंगे। मुंबई पुलिस उन्हें लोकेट करते हुए बस्तर पहुंच गई और यहां से उन्हें मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। बताया गया है कि मुंबई पुलिस मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द साझा करेगी। जैसे ही एक्टर साहिल खान को बस्तर जिले से गिरफ्तार किए जाने की खबर बाहर आई, जगदलपुर में तरह तरह की चर्चाएं चल पड़ी हैं। कोई ड्रग की बात कह रहा है, कोई रेप की, तो कोई मारपीट के मामले में साहिल खान की गिरफ्तारी का दावा कर रहा है। मामला चाहे जो भी हो, रहस्य से पर्दा मुंबई पुलिस के खुलासे के बाद ही उठ पाएगा।

अब ढीले पड़ते जा रहे हैं बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के हाथ -पांव

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  • सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और शासन की नीतियों का सकारात्मक असर
  • दो ईनामी समेत पांच नक्सलियों का समर्पण

अर्जुन झा

जगदलपुर पुलिस और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव से जहां बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के हाथ पांव ढीले पड़ते जा रहे हैं, वहीं राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का भी सकारात्मक असर दिखने लगा है। शासन की नीति से प्रभावित हो नक्सली आत्म समर्पण कर समाज की मुख्यधारा से फिर से जुड़ने लगे हैं। बस्तर संभाग के सुकमा जिले में तो नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला ही चल पड़ा है। सुकमा जिले में फिर एक एक लाख रुपए की ईनामी दो महिला नक्सलियों समेत पांच नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे पूना नर्कोम अभियान (नई सुबह-नई शुरुआत) से प्रभावित होकर एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने के चलते इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

.आत्मसमर्पित नक्सली थाना भेजी, किस्टाराम एवं पोलमपल्ली क्षेत्र के निवासी हैं। इन नक्सलियों को आत्म समर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में सुकमा डीआरजी टीम गोल्फ, विशेष आसूचना शाखा जिला सुकमा, रेंज फिल्ड टीम सीआरपीएफ सुकमा एवं 212वीं व 217वीं वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., दंतेवाड़ा के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, कोंटा सीआरपीएफ परिचालन के उप महानिरीक्षक सुनीत कुमार राय, उप पुलिस महानिरीक्षक (परिचालन) सीआरपीएफ रेंज सुकमा अरविंद राय के मार्गदर्शन एवं सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, सीआरपीएफ 212वीं वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव, सीआरपीएफ 217वीं वाहिनी के कमांडेंट सतीश कुमार दुबे व सुरेश सिंह द्वितीय कमान अधिकारी डीआईजी ऑफिस सुकमा रेंज, गजेंद्र बहादुर सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी 212वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं श्री निखिल अशोक कुमार राखेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के पर्यवेक्षण में यह कामयाबी मिली है। इन अफसरों के सुपरविजन में छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन नीति एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान नई सुबह, नई शुरूआत तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापना से प्रभावित होकर नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन, खोखली विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा किए जा रहे भेदभाव व स्थानीय आदिवासियों के साथ की जा रही निर्मम हिंसा से त्रस्त होकर प्रतिबंधित नक्सल संगठन में सक्रिय 5 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। इनमें एक लाख की ईनामी नक्सली 24 वर्षीय माड़वी आयते पिता सुक्का मुरिया आरपीसी अंतर्गत सीएनएम अध्यक्ष निवासी सिंघनमड़गू थाना किस्टाराम जिला सुकमा, एक लाख की ईनामी 19 वर्षीय वेट्टी लाली पिता गंगा मुरिया अरलमपल्ली पंचायत सीएनएम अध्यक्षा निवासी अरलमपल्ली थाना पोलमपल्ली जिला सुकमा, 35 वर्षीय मड़कम भीमा पिता देवा मुरिया पालाचलमा आरपीसी अंतर्गत मिलिशिया सदस्य निवासी तुमीरपाड़ थाना किस्टाराम जिला सुकमा, 27 वर्षीय पदाम कमलेश पिता स्व. पोज्जा मुरिया कोंटा एरिया कमेटी अंतर्गत जनताना सरकार स्कूल अध्यक्ष निवासी बोधराजपदर थाना भेजी जिला सुकमा और 48 वर्षीय सोड़ी मासा पिता बंडी मुरिया साकलेर आरपीसी मेडिकल टीम निवासी साकलेर थाना किस्टाराम जिला सुकमा ने 27 अप्रैल को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक सुकमा एवं सूबेदार मेजर कुंभाराम यादव 212वीं वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। वेट्टी लाली को समर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में रेंज फील्ड टीम सीआरपीएफ सुकमा, माड़वी आयते को समर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में विशेष आसूचना शाखा सुकमा, पदाम कमलेश को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में सुकमा डीआरजी टीम ‘गोल्फ’ का एवं सोड़ी मासा एवं मड़कम भीमा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में 212वीं वाहिनी सीआरपीएफ की गुप्तचर शाखा का विशेष योगदान रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कांकेर में भी 3 ने किया था समर्पण

कुछ ही दिनों पहले बस्तर संभाग के कांकेर जिले में भी तीन सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। सीपीआई माओवादी उत्तर बस्तर डिवीजन अंतर्गत प्रतिबंधित माओवादी संगठन काकनार एलओएस सदस्य धन्नू पद्दा गोंड़ पिता करवे पद्दा 22 वर्ष निवासी मुरसुलनापा नारायणपुर ने आत्मसमर्पण किया था। धन्नू नक्सली संगठन में वर्ष 2019 से सक्रिय था। उस पर 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित था।आत्मसमर्पित हिदुर जनताना सरकार उपाध्यक्ष रैसूराम नुरूटी गोंड़ उर्फ जोयो पिता स्व. झलकार नुरूटी 42 वर्ष निवासी ब्रेहबेड़ा थाना छोटे बेठिया कांकेर नक्सली संगठन में 2002 से सक्रिय था। तीसरा आत्मसमर्पित हिदुर जनताना सरकार सदस्य टुब्बा कोरेटी गोंड़ पिता स्व. मंगलू राम कोरेटी 30 वर्ष निवासी जुरहानमेहरा थाना छोटे बेठिया जिला कांकेर, नक्सली संगठन में 2009 से सक्रिय था। इन तीनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण एलिसेला के समक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांकेर में आत्मसमर्पण किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि 25-25 हजार रुपए प्रदान किए गए थे। इस अवसर पर मनीषा ठाकुर रावटे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर, गिरिजा शंकर साव उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) कांकेर एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। नक्सली धन्नू पद्दा को वर्ष 2019 परतापुर एरिया कमेटी कमांडर दर्शन पद्दा द्वारा नक्सल संगठन में भर्ती किया गया था। वर्ष 2020 से उसने मेढ़की एलओएस में सीएनएम सदस्य के रुप में काम किया। वर्ष 2023 से काकनार एलओएस सदस्य के रुप में कार्यरत रहा। धन्नू पद्दा वर्ष 2023 में ग्राम कलपर पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल रहा। वर्ष 2023 में ग्राम बीनागुंडा पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल रहा। रैसूराम नुरुटी को वर्ष 2002 में नक्सली कमांडर गैंदसिंह द्वारा नक्सल संगठन में भर्ती किया गय था। उसे वर्ष 2005 में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 2008 में जेल से वापस आने के बाद घर में रहकर नक्सल संगठन के लिए कार्य करता रहा। उसे

वर्ष 2022-23 में हिदूर जनताना सरकार उपाध्यक्ष बनाया गया। आत्मसमर्पित नक्सली रैसुराम नुरुटी वर्ष 2023 में मेहरा व भुरका के मध्य सड़क काटने की घटना में शामिल था। वर्ष 2023 में ग्राम भुरका के मोबाईल टावर में आगजनी की घटना में शामिल रहा। वर्ष 2023 में पीवी 94 के मोबाईल टावर में आगजनी की घटना में शामिल रहा। इसी तरह आत्मसमर्पित नक्सली टुब्बा कोरेटी को वर्ष 2009 में नक्सल संगठन में भर्ती किया गया। वर्ष 2009 से हिदुर जनताना सरकार सदस्य के रुप में काम कर रहा था। टुब्बा कोरेटी वर्ष 2009 में भुरभुसी जंगल मुठभेड़ में शामिल था। वर्ष 2018 में बेचाघाट आईईडी ब्लास्ट की घटना में शामिल रहा।

कांकेर क्षेत्र के मतदान केंद्रों का कमिश्नर और आईजी ने लिया जायजा

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जगदलपुर लोकसभा निर्वाचन 2024 के तहत कांकेर लोकसभा क्षेत्र के मतदान दिवस पर मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का कमिश्नर श्याम धावड़े और आईजी सुंदरराज पी. ने निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने कांकेर लोकसभा क्षेत्र के केशकाल विधानसभा क्षेत्र के युवा मतदान केंद्र जैतपुरी, आदर्श संगवारी मतदान केंद्र गुलबापारा, चिखलाडीह मतदान केंद्र और खालेमुरवेंड मतदान केंद्र का निरीक्षण किया।

      उन्होंने युवा और आदर्श मतदान केंद्रों को बस्तर की संस्कृति के थीम पर सजावट करने के लिए सराहना की। साथ ही मतदान केंद्रों में मतदान दलों से मतदान प्रतिशत का संज्ञान लेकर मतदाताओं की आवश्यक सुविधा एवं अन्य व्यवस्था का भी निरीक्षण किए। इस अवसर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, कमिश्नर के निज सहायक श्री हरेंद्र जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मतांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद

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  •  मृतक के शरीर को दफनाने पर ग्रामीणों ने लगाई रोक
  • विहिप बजरंगदल की टीम ने ली ग्रामीणों की बैठक

जगदलपुर।बस्तर में मतांतरण धर्मान्तरण से जुड़े मामले लगातार आ रहे हैं।साथ ही लगातार विरोध की स्थिति भी बनती रहती है। धर्मान्तरित लोगों के शवों के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद बस्तर संभाग में आम है। ऐसे मामले को लेकर बस्तर जिले के कोड़ेनार थाना क्षेत्र में दो दिनों से खींचतान की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को किसी बीमारी के चलते ईश्वर पिता अर्जुन निवासी छिंदबहार को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया। जहां उसकी मौत हो गई। ईश्वर की मौत के बाद उके परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे लोग अपने मूल धर्म को छोड़कर मतांतरित हो गए हैं। ईश्वर के शव को ग्राम में दफनाने को लेकर खींचतान बनी हुई है। खींचतान की खबर मिलने पर बाद विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल के पदाधिकारियों ने गांव के लोगों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामवासियों ने एक सुर मे कह दिया कि हमारी संस्कृति परंपरा के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि करने नहीं दी जाएगी। बैठक में विहिप जिला मंत्री अमन शर्मा, नगर अध्यक्ष पवन राजपूत, बजरंगदल जिला सह संयोजक खिरेंद्र दास वैष्णव, जिला सह संयोजक मुन्ना कोरी, नगर सहमंत्री गौरव ठाकुर व अन्य कार्यकर्ता सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी उपस्तिथ थे।

कमीशन को लेकर ठेकेदार से सौदा नहीं जमा तो एसडीओ ने उखड़वा दी करोड़ों की नई सड़क

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  • पीडब्ल्यूडी के चर्चित एसडीओ का कारनामा
  • सड़क के ठेकेदार को हो गया लाखों का नुकसान

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर में पदस्थ चर्चित एसडीओ गणवीर एसके का एक और नया कारनामा सामने आया है। एसडीओ ने ठेकेदार से लेनदेन का सौदा नहीं जमने पर करोड़ों रुपयों की लागत से बनी नई सड़क को जेसीबी से तहस नहस करवा दिया। ठेकेदार की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने एसडीओ की डिमांड पूरी नहीं की।

लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन के एसडीओ गणवीर एसके की निगरानी में भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ कच्चे तक करीब 40 किमी लंबी सड़क लगभग 168 करोड़ की लागत से बनवाई जा रही है। इस सड़क के साल्हे और कच्चे के बीच के हिस्से पर करीब 3 किमी लंबी सीसी सड़क ठेकेदार कन्हैया अग्रवाल के माध्यम से हाल ही में बनवाई गई है। बताते हैं कि लेनदेन की बात नहीं जमने के कारण जेसीबी से सड़क को पूरी तरह तहस नहस करवा दिया गया। इससे ठेकेदार कन्हैया अग्रवाल को करीब 50 लाख रूपए का नुकसान हुआ है। गुरुवार को दोपहर के वक्त लोक निर्माण विभाग के ईई महेंद्र कश्यप की उपस्थिति में एसडीओ गणवीर ने यह हरकत की है।इस घटनाक्रम से साल्हे, कच्चे समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण और विभाग के अमूमन सभी ठेकेदार हतप्रभ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने कमीशन के लेनदेन को लेकर बात नहीं बनने पर ईई के समक्ष गलत जानकारी रखकऱ इस कृत्य को अंजाम दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता के साथ बनवाई गई सड़क को पूरी तरह उखड़वा कर एसडीओ ने इलाके के ग्रामीणों के साथ अन्याय किया है। लोगों को अब आवागमन में परेशानी होगी। यदि जांच करनी ही थी तो एकाध मीटर सड़क की खोदाई करवा लेते। पूरी सड़क को खोद देना अधिकारी की हिटलरशाही को दर्शाता है। वहीं इस मामले में एसडीओ गणवीर का कहना है की 3 किमी सड़क नहीं खोदी गई है, बल्कि मात्र 30 मीटर उखाड़ी गई है। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य कराया गया है। इस कारण उक्त कार्यवाही की गई। लेकिन मामले के जानकार लोगों का कहना है कि सारा हथकंडा उक्त एसडीओ द्वारा ही अपनाया

गया है। क्योंकि कमीशन के लिए ये एसडीओ किसी भी हद तक चले जाते हैं।

एसडीओ की नजर हमेशा सरकारी दौलत पर गड़ी रहती है। अब उन्हें 300 करोड़ के कार्य कराने की जिम्मेदारी मिल गई है, तो कमाई के चक्कर में वे बावले हो गए हैं और कमीशन के लिए विभागीय मापदंडों की सीमा रेखा को भी लांघ रहे हैं। बीस साल तक लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियर के तौर पर पदस्थ रहे यह एसडीओ कई कारगुजारियों को अंजाम दे चुके हैं। इस वजह से वे सस्पेंड भी कर दिए गए थे।

बताते हैं इस एसडीओ ने अकूत संपत्ति बना ली है। वे अपने मित्रों के सामने कई बार कह चुके हैं कि अपने पास अब पैसा बहुत हो गया है, अब मुझे काम से ज्यादा इन पैसों को सम्हालने की जरूरत है। अब 300 करोड़ का काम क्या मिल गया है, एसडीओ साहब की तो बल्ले बल्ले हो गई है। वे खुलकर कहने लगे हैं कि काम कैसा भी कराओ चलेगा, मुझे तो बस कमीशन चाहिए। लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन में पदस्थ इस अनुविभागीय अधिकारी को करीब 300 करोड़ रुपए की लागत वाले सड़क निर्माण व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मिल गई है। वर्षों बाद कमाई का जरिया मिल जाने से उनकी खुशी का कोई पारावार नहीं रह गया है। सरकारी धन लूटने के चक्कर में वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी पूरी तरह नजरअंदाज करने पर तुल गए हैं। इतनी बड़ी रकम से कई सड़क निर्माण कार्य इस एसडीओ के माध्यम से कराए जा रहे हैं।

कमीशन के फेर में गड़बड़ी 

इस एसडीओ को पिछले कई वर्षों से लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारी द्वारा लूप लाइन में डाल दिया गया था। राज्य में सरकार बदलते ही उन्हें लूप लाईन से निकाल कर मेन लाईन में ला दिया गया है। बताते हैं कि एकसाथ इतने सारे काम की जिम्मेदारी मिलते ही कमीशनखोरी के फेर में यह एसडीओ सुर्खियों में हैं। कमीशन के चक्कर में विभागीय ठेकेदारों से उनकी अनबन भी शुरू हो गई है। वे ईमानदारी से काम कराने वालों पर खुलकर दबाव डालने लगे हैं कि मुझे इतना कमीशन चाहिए मतलब चाहिए। कमीशन के अतरिक्त भी पैसों की मांग करने की वगह से ठेकेदारों में भारी आक्रोश पनपने लगा है,ऐसा न हो की कांकेर में हुई अधीक्षण अभियंता श्री पवन अग्रवाल की साथ हुई घटना की पुनर्वति न हो जाए, उनकी इन्ही हरकतों से विभाग छबि धूमिल हो रही है,उच्चाधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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