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शादाब अहमद को कांग्रेस में मिली अहम जिम्मेदारी

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  •  बनाए गए शहर जिला कांग्रेस के सोशल मीडिया कमेटी संयोजक

जगदलपुर सोशल मीडिया के मामले में माहिर युवा नेता शादाब अहमद को शहर जिला कांग्रेस कमेटी में सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज की अनुशंसा पर व जिला प्रभारी शकील रिजवी व विधानसभा क्षेत्र प्रभारी फतेह सिंह परिहार की सहमति से बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने शहर जिला कांग्रेस कमेटी में शादाब अहमद को सोशल मीडिया संचार कमेटी का संयोजक नियुक्त किया है। शादाब अहमद को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री अहमद की सोशल मीडिया में अच्छी पकड़ है और वे मुद्दों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुख्ता ढंग से रखने में एक्सपर्ट माने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में है। सोशल मीडिया उनकी पोस्ट को देखने – पढ़ने के लिए लोग इंतजार करते रहते हैं। यही वजह है कि बस्तर के सांसद दीपक बैज ने भी शादाब अहमद को अपना जिला सोशल मीडिया प्रतिनिधि नियुक्त कर रखा है।

नवनियुक्त सोशल मीडिया कमेटी संयोजक शादाब अहमद ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है उसे वे पूरी लगन, निष्ठा व ईमानदारी के साथ निभाएंगे। श्री अहमद ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं और कांग्रेस की गतिविधियों का सोशल मीडिया पर पुरजोर ढंग से प्रचार करेंगे और भाजपा की करगुजारियों को जन जन तक पहुंचाते रहेंगे।

कांग्रेस में शामिल हुईं डेढ़ दर्जन से अधिक महिलाएं

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  • शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य व विधायक रेखचंद के समक्ष किया कांग्रेस प्रवेश

जगदलपुर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य और संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन के समक्ष अटल आवास की डेढ़ दर्जन से अधिक महिलाओं ने कांग्रेस की रीति नीति, विचारधारा व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मौर्य व विधायक जैन ने कांग्रेस प्रवेश करने वाली महिलाओं को आत्मीयता के साथ फूलमाला व कांग्रेसी गमछा पहनाकर उनका स्वागत अभिनंदन किया।

 

कांग्रेस प्रवेश करने वाली महिलाओं में शोभमनी दास, शारदा बघेल, कमला बघेल, सुनीता सागर, शिप्रा सरकार, सुनीता दक्ष, रेशमा शहजीत, सुनीता जात्री, तारा दास, तमीमा खान, कविता जात्री, कुनी बघेल, सकुरा परवीन, नाजिया, बैदल बघेल, गुड़ी बेसरा, मंजू पुजारी आदि शामिल हैं। जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य व विधायक रेखचंद जैन ने उन्हें विधिवत कांग्रेस प्रवेश कराया। कांग्रेस में नवागत महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन और सुशील मौर्य जिंदाबाद के नारे लगाए। इस अवसर पर शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भूपेश है तो भरोसा है का नारा चारों ओर गूंज रहा है। इससे लोग प्रभावित होकर लोग नित्य बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं।संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल उत्कृष्ट जन हितैषी कार्यों व कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित होकर लोग लगातार कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। यह पार्टी के लिए शुभ संकेत है। श्री जैन ने कांग्रेस प्रवेश करने वाली महिलाओं को बधाई दी। श्री जैन ने आगामी विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर काम करने की बात कही साथ ही पार्टी के लिए काम करने की नसीहत देते हुए कांग्रेस पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिताने की अपील भी की। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अवधेश झा, मीडिया प्रभारी सूर्या पानी, महामंत्री विजय सिंह, जाहिद हुसैन, ललित नाहटा, गौरनाथ नाग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतपाल शर्मा, शादाब अहमद आदि उपस्थित थे।

जनपद सदस्य संजय बैंस ने लाखो रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

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कुसुमकसा ग्राम पंचायत कुसुमकसा में लाखो रुपए का भूमिपूजन विकास कार्यों का भूमिपूजन हुवा भूमिपूजन में सरपंच शिव राम सिंदरामे उप सरपंच दीपक यादव जी भी उपस्थित रहे सर्व प्रथम पूजा अर्चना कर आंगन बाड़ी भवन लगभग 8 लाख रुपए की लागत का भूमिपूजन हुवा ये आंगन बाड़ी बहुत ही जर्जर हो गया आंगन बाड़ी किराए के भवन में चलता है अब नया आंगन बाड़ी भवन बनने से बच्चे अब अपने नए भवन में पड़ेंगे दूसरा भूमिपूजन समरसता भवन में अहाता निर्माण दो लाख रुपए का भूमिपूजन किए समरसता भवन में अहाता नही होने के साथ समतलीकरण नही होने से वार्डवासियों को आयोजन करने में दिक्कत होता था मोहल्ले के लोगो ने अपनी समस्या जनपद सदस्य संजय बैंस के पास रखी थी और उस समस्या के समाधान के लिए जनपद सदस्य संजय बैंस ने अपनी निधि से दो लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान कर गांव को एक कदम विकास की ओर और ले गए तीसरा भूमिपूजन वार्ड 15 में सामुदायिक शौचालय लगभग 4 लाख रुपए का भूमिपूजन हुवा वार्ड 15 में साहू समाज भवन और यादव समाज भवन के साथ गौठान भी है।

और इन भवनों में भी शौचालय भी नही है इनको सामाजिक आयोजन में शौचालय की परेशानी होती थी इस समस्या को समझते हुए अपनी निधि से जनपद सदस्य संजय बैंस ने राशि स्वीकृति कराई और साहू समाज और यादव समाज ने अपना आभार माना चौथे भूमिपूजन बजार क्षेत्र में पिंक शौचालय का भूमिपूजन किए कुसुम बजार के साथ महिलाओ को मुख्य मार्ग पर शौचालय और प्रशाधन जाने में दिक्कत होता था पिंक शौचालय सिर्फ महिलाओ के लिए बन रहा है भूमिपूजन में सरपंच शिव राम सिंदरामे जी ने कहा की हम गांव के विकास के लिए संकल्पित है और विकास हो भी रहा है जिसका परिणाम हमारे जनपद सदस्य संजय बैंस आज भूमिपूजन किए है उप सरपंच दीपक यादव ने कहा की आज ये बात सिद्ध हो गया की संजय है तो संभव है गांव में लाखो रुपए देकर कुसुम की विकास की गौरव गाथा लिख रहे है भूमिपूजन में सचिव नेम सिंग अलेंद्र गौतम साहू रवि यादव लोकेश सिन्हा पिंटू जगनायक सुरेंद्र मंडावी के साथ गांव के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

अमृत सरोवर का काम विष बन गया मजदूरों के लिए

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  •  नौ माह बीत जाने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं
  • नरेगा अधिकारी का बेतुका जवाब – मजदूरों को भेज दो, कर दूंगा भुगतान

अर्जुन झा-

बकावंड ग्राम पंचायत उलनार के 70 मजदूरों के लिए अमृत सरोवर का काम करना विष निगलने जैसा साबित हो रहा है। काम किए 8 माह से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन मजदूरों को अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।

बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत उलनार के भेढ़कापारा के 70 मजदूरों से अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कराया गया था। इन मजदूरों को उनकी मेहनताना राशि 8 -9 माह गुजर जाने के बाद भी नहीं दी गई है। मजदूर अपने पसीने की कमाई के लिए दर दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। मजदूर दवदास, रपधुराम, पेदा, देवदास, सुकराम, बगतू, मोतीराम, मंगलराम, मगल, सगराम, कोडीराम, मनमती, दयमती, सुबती, दनमती, सुबती, अनादी, कला, सिहेवती, सोनवारी, बयदी, शांति, सुवरनो, फुलो, मया, केशबो, सदाशी, लाखीरा समेत सभी सत्तर मजदूर पाई पाई के लिए तरस रहे हैं। उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। इस मामले में मनरेगा अधिकारी ने बड़ा ही बेतुका और गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया। जब इस संवाददाता ने मनरेगा अधिकारी कौस्तुभ वर्मा से मजदूरी भुगतान न होने के विषय में पूछा तो उन्होंने रुखा जवाब देते हुए कहा कि जितने मजदूरों का आप नाम ले रहे हैं, उन सभी को मेरे पास भेज दीजिए, मैं पेमेंट कर दूंगा। इसका मतलब यही हुआ कि मनरेगा अधिकारी कौस्तुभ वर्मा ने ही मजदूरी राशि रोक रखी है। इसके पीछे उनका इरादा क्या है, इसे आसानी से समझा जा सकता है।

मनरेगा में जेसीबी का क्या काम ?

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को अधिक से अधिक दिनों तक रोजगारमूलक कार्य उपलब्ध कराना है। ग्राम पंचायत उलनार में अमृत सरोवर का काम भी मनरेगा के तहत कराया गया था। मनरेगा में मशीनी उपकरणों का उपयोग यथा संभव नहीं कराने का प्रावधान है, मगर मनरेगा अधिकारी कौस्तुभ वर्मा ने उलनार ग्राम पंचायत में तालाब गहरीकरण में कई दिनों तक जेसीबी लगवाकर काम कराया, फिर मजदूरों की मदद ली गई। इस तरह मजदूरों का हक छीना गया। वहीं बताया जाता है कि जेसीबी का किराया कम था, लेकिन भुगतान ज्यादा दर्शा कर राशि हजम कर ली गई है। मजदूरों ने जितने दिन काम किए हैं, उससे कहीं ज्यादा दिनों की हाजिरी बताकर तथा फर्जी नामों से भी मजदूरी राशि आहरित की गई है। मजदूरों और ग्रामीणों ने रुके पारिश्रमिक का जल्द भुगतान कराने तथा अमृत सरोवर के कार्य की जांच की मांग की है।

तारापुर में जांच -उपचार शिविर एवं स्वस्थ मेला

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बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत तारापुर में स्वास्थ्य मेला एवं जांच उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 87 लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। टीकाकरण भी किया गया। लोगों को परिवार नियोजन, एएनसीपीएनसी, एनसीडी जांच के बारे में बताया गया। इसके साथ साथ संपूर्ण टीकाकरण की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एलएचव्ही गौरी साहू, सीएचओ खेमानंद पांडे, आरएचओ हेमकी पटेल, साजन सिन्हा, अनिल कुमार, ग्राम की सभी स्वास्थ्य मितानिन और युवोदय के वालंटियर उपस्थित थे।

इंदिरा -राजीव गांधी के सपने साकार कर रहे हैं बघेल : प्रियंका गांधी

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  • भगवान श्रीराम का वनगमन पथ का भूपेश बघेल सरकार विकास महत्वपूर्ण कार्य

कांकेर यहां आयोजित पंचायत राज सम्मलेन में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संबोधन से लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब जनप्रतिनिधियों की संख्या बहुत कम थी उससे यह होता था कि जितने निर्णय लेने थे वह सभी एक जगह केंद्रित हो जाते थे। कई ऐसे कार्य होते थे, जिन्हें होने में बहुत समय लगता था। कई ऐसे कार्य होते थे, जिनकी जरूरत ही नहीं थी, लेकिन इन सब में बहुत समय लगता था। दिल्ली जाना पड़ता था, भोपाल जाना पड़ता था। जब पंचायती राज की बात हुई तब मंशा ये थी कि लोकतंत्र को गांवों तक पहुंचाया जाए। इसका मतलब है कि जो गांव के विकास का निर्णय गांव लोग और गांव के ही प्रतिनिधि करें।
प्रियंका गांधी ने कहा कि ग्राम पंचायत में किस तरह के काम होने हैं और किस तरह के कामों को होना चाहिए। आप अपने लोगों के हित में निर्णय ले सकें यही मूल बात है।लोकतंत्र की नींव पंचायत में, गांव में, नगर पालिकाओं में है। आप सब की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी हैं। अपनी जिम्मेदारियां को आप बहुत परिश्रम के साथ पूरा करते हैं।

इंदिरा जी 1972 में बस्तर में आई थीं, शायद आपने वो फ़ोटो देखी होगी जिसमें वह बस्तर की महिलाओं के साथ नाच रही थीं। बस्तर से मेरा बहुत पुराना नाता है। इंदिरा जी ने उस समय जो कहा था, भूपेश बघेल आज उसे पूरा कर रहे हैं। स्वामी आत्मानंद जी के नाम से आज प्रदेशभर में विद्यालय, महाविद्यालय खोले गए हैं। आज बस्तर एक अंतरराष्ट्रीय नाम बन गया है, मॉडल बन गया है। छत्तीसगढ़ में आज देश का सबसे बड़ा मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि आपका भरोसा हमारे साथ बना है। जब इंदिरा जी छत्तीसगढ़ आईं थीं तब उन्होंने स्वामी आत्मानंद से कहा कि शिक्षा का विकास करना है, आज भूपेश बघेल की सरकार यह कार्य कर रही है। आज आपकी सरकार आपको आगे बढाने का काम कर रही है। यहां का मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट एशिया का सबसे बड़ा प्लांट है। बस्तर आज प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है, बहुत सारे लोगों को रोजगार मिल रहा है। 60 से ज्यादा वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। इतना सारा काम आपके क्षेत्र में हो रहा है, लोग पहले यहां आने से डरते थे, हर तरफ हिंसा भय और उत्पीड़न था, आज सरकार ने इस रास्ते से आपको निकाला है। उन्होंने कहा कि जनता की भलाई के लिए नियत की जरूरत है। इंदिरा जी की नीयत सही थी, इसलिए आज भी उन पर भरोसा है, भूपेश बघेल पर भी भरोसा है। क्योंकि हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता का दाम 4 हजार रुपए किया। 5 लाख तक मुफ्त इलाज और सरकारी कॉलेजों में छात्राओं के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं का करोड़ों रुपए का कर्ज माफ किया गया। इस तरह की योजनाएं आपके लिए बनाई गई ताकि आपको सीधा लाभ मिले। आज छत्तीसगढ़ की पूरे देश मे पहचान है, सम्मान है। छत्तीसगढ़ आज सामाजिक और सांस्कृतिक तौर पर विकसित हो रहा, यहां भगवान रामजी ने 14 वर्ष बिताए, जहां समय बिताए, उसका रामवनगमन पथ के रूप में विकास कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने सभी वर्ग के लिए काम किया है। मनरेगा योजना भी हमारी सरकार ने लाई है।

परियोजना अधिकारी बास्तानार को हटाने संघ ने सौंपा ज्ञापन 

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  •  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशान करने का लगाया आरोप
  • दो विकासखंड का प्रभार होने के चलते कार्य प्रभावित होने की कही बात

जगदलपुर : बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला खोबरागड़े के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ब्लॉक के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठन की महिलाओं ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बास्तानार को ज्ञापन सौंपा है

दिए गए ज्ञापन में महिलाओं ने परियोजना अधिकारी खोबरागड़े पर आरोप लगाते हुए कहा है कि परियोजना अधिकारी के द्वारा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में अचानक कभी भी एकाएक दस्तक देते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कराकर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बिना किसी ठोस कारण के कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और अनावश्यक परेशान किया जाता है तथा समूहों की देय राशि को भी रोके जाने की बात कही है साथ ही कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय को भी बिना किसी कारण के रोकने का आरोप परियोजना अधिकारी पर लगाया है इसके अलावा ज्ञापन में संघ ने परियोजना अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके द्वारा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर मनगढ़ंत शिकायत करवाते हुए बर्खास्त करने की धमकी देने की बात कही है परियोजना अधिकारी उर्मिला खोबरागड़े को ब्लॉक से हटाए जाने तथा बर्खास्त किए गए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुकमणी सज्जन की पुनः बहाली जब तक नही होगी तब तक संघ के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना देने की बात भी संगठन ने कही है

विकासखंड में धरना प्रदर्शन के चलते

आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है जिसके चलते शासन द्वारा ननिहालों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है

भानुप्रतापपुर की सुधा खापर्डे पीएचडी उपाधि से हुई सम्मानित

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कांकेर – शहीद महेन्द्र कर्मा विश्व विद्यालय बस्तर से ”हल्‍बा जनजाति का सामाजिक सांस्‍कृतिक एवं एैतिहासिक अध्‍ययन- विशेष रियासत कालीन गैंदसिंह के संदर्भ में 1818 से 1948 तक” विषय में भानुप्रतापपुर की सुधा प्रीतम खापर्डे ने डॉक्‍टरेट (PhD) उपाधि हासिल की है । इस अद्वितीय यात्रा के दौरान हल्‍बा जाति की सांस्‍कृतिक विरासत का अध्‍ययन, ब्रिटिश और मराठा सैन्‍य शक्ति का कांकेर और बस्‍तर रियासत में हसतक्षेप का अध्‍ययन करना, वीर शहीद गैंद सिंह जी की परलकोट संघर्ष में भूमिका और बस्‍तर क्षेत्र के स्‍वतंत्रता संग्राम में योगदान का अध्‍ययन करना, कांकेर और बस्‍तर रियासत के मध्‍यकालीन एवं बीसवी सदी के संघर्षों का अध्‍ययन करना, बीसवी सदी के पूर्वार्ध में बस्‍तर की आर्थिक- सांस्‍कृतिक दशा, बस्‍तर रियासत में परलकोट जमींदारी एवं जन विप्‍लव आदि के विषय में शोध किया और प्राप्‍त ज्ञान को विभिन्‍न साक्षरता स्‍तरों और समुदायों में बांटने का समर्थन किया है। वर्तमान में श्रीमती सुधा खापर्डे भानुप्रतापपुर विकासखण्‍ड के शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय भीरागांव जिला कांकेर में व्‍याख्‍याता के पद पर कार्यरत हैं, जो कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी उत्‍तर बस्‍तर कांकेर में पदस्‍थ श्री प्रीतम खापर्डे, सहायक ग्रेड-02 की धर्मपत्‍नी हैं । उन्‍होने अपना शोध कार्य शोध निर्देशक स्‍वर्गीय डॉ. विजय कुमार बघेल, डॉ. चेतन राम पटेल, प्राचार्य शहीद गोण्‍डाधूर शास. महाविद्यालय कोण्‍डागांव के मार्गदर्शन में पूर्ण किया । श्रीमती सुधा खापर्डे ने डॉक्‍टरेड उपाधि हासिल कर परिवार, विद्यालय, जिले का नाम रोशन किया है। उनकी एैतिहासिक उपलब्धि के लिए श्री प्रीतम खापर्डे, वैभव खापर्डे, विदित खापर्डे, टी.आर. नोन्‍हारे, सविता नोन्‍हारे, आशीष रामटेके, हेमलता रामटेके, लावन्‍या बोरकर, गुंजन बोरकर, शाला परिवार एवं मित्रमंडल ने बधाई दी है ।

आरक्षण विरोधी है भाजपा और मोदी सरकार

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  •  कांग्रेस के बड़े अजा – अजजा नेताओं ने प्रधानमंत्री पर जमकर बोला हमला

जगदलपुर अभा कांग्रेस वर्किंग कमेटी मेंबर के. राजू कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोटिया, अनुसूचित जनजाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी राव मोघे ने जगदलपुर के राजीव भवन में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री आरक्षण बिल पर क्यों चुप हैं? भाजपा के दबाव में आरक्षण विधेयक रूका हुआ है। आरक्षण बिल पर भाजपा के रवैए को कांग्रेस जनता तक ले जाएगी। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने सर्वसमाज के हित में राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के गरीबों के हित में आरक्षण संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित करवा कर राजभवन भेजा है। दुर्भाग्यजनक है आरक्षण विधेयक कानून का रूप नहीं ले पा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक हक भाजपा के षड़यंत्रों के कारण नहीं मिल पा रहा है। आरक्षण संशोधन विधेयक राजभवन में 9 महिने से अटका हुआ है। अभी तक

राजभवन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है। प्रदेश में चुनावी दौरे पर भाजपा के बड़े नेता आ रहे हैं। प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक आ रहे हैं, लेकिन राजभवन में रूके आरक्षण बिल पर सब मौन हैं। भाजपा के आरक्षण विरोधी रवैए को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जाएगी। भाजपा आरक्षित वर्ग के गरीबों के हितों में बाधक बनी हुई है। आरक्षण संशोधन विधेयक में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आरक्षण विधेयक रुकने का खामियाजा आदिवासी समाज को सबसे ज्यादा भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने सर्व समाज को आरक्षण देने अपना काम पूरी ईमानदारी से करके सभी वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति को उनकी जनगणना के आधार पर तथा पिछड़ा वर्ग को क्वांटी फायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गों की आबादी के अनुसार निर्णय लिया गया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है। इस विधेयक को विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया है इसको रोकना जनमत का अपमान है।

 

नगरनार संयंत्र पर मोदी ने झूठ बोला

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार नगरनार को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने नगरनार को लेकर सफेद झूठ बोला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में एक बार फिर झूठ बोला कि नगरनार संयंत्र का उनकी सरकार निजीकरण नहीं कर रही है। मोदी सरकार ने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने राजनैतिक बयानबाजी में झूठ बोलकर अपने पद की गरिमा को गिराया है। मोदी सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचना चाहती है तथा इस संयंत्र को खरीदने के लिए उद्योगपतियों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। उद्योगपतियों को बोली लगाने के लिए नियम शर्ते भी मोदी सरकार ने बना दी है। प्रधानमंत्री बस्तर और प्रदेश की जनता को जवाब दें कि वे झूठ क्यों बोल रहे हैं? 14 अक्टूबर 2020 में भारत सरकार ने एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। इसके लिए भारत सरकार के वित्त विभाग के अधीन निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग को काम सौंपा गया। यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिया गया। नगरनार स्टील प्लांट में विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। पीआईबी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु डीआईपीएएम ने 2 दिसंबर 2022 को नगरनार की रणनीतिक बिक्री हेतु प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की गईं। इस निविदा के संबंध में निजी निवेशकों को अन्य जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रश्न जमा करने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर 2022 तथा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 रखी गई थी। समाचार पत्रों की खबरों से पता चला है कि नगरनार स्टील प्लांट को खरीदने के लिए पांच निजी कंपनियों ने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उनमें से प्रमुख हैं जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू एस्सार तथा अडानी समूह। एनएमडीसी के चेयरमैन अमिताभ मुखर्जी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया था कि एनएमडीसी स्टील प्लांट में विनिवेश की प्रक्रिया में प्लांट की कमिशनिंग के बाद तेजी आएगी। इस बात की संभावना है कि राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद दिसंबर में उन कंपनियों से फाइनेंसियल बिड आमंत्रित किए जाएं।

अन्य उपक्रमों को भी बेचने की तैयारी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इसी वित्तीय वर्ष अर्थात् 31 मार्च 2024 के पूर्व नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। एनएमडीसी स्टील प्लांट नगरनार के अलावा भारत सरकार इसी वित्तीय वर्ष में शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, बीईएमएल, एचएलएल लाइफकेयर, कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, विजाग स्टील तथा आईडीबीआई के विनिवेश से कुल 51,000 करोड़ रू.

अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का निर्णय लिया है बल्कि इसके निजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण तक पहुंचा चुकी है। प्रधानमंत्री से इतने बड़े झूठ की उम्मीद नहीं थी।

धान खरीदी पर भी झूठ

धान खरीदी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता छत्तीसगढ़ में आकर लगातार झूठ बोल जाते हैं कि छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी केंद्र सरकार करती है। छत्तीसगढ़ में धान कांग्रेस सरकार अपने खुद के दम पर खरीदती है। धान खरीदने में केंद्र सरकार का एक पैसे का भी योगदान नहीं है। राज्य सरकार धान खरीदी मार्कफेड के माध्यम से करती है। इसके लिए मार्कफेड विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेती है तथा इस ऋण के लिए बैक गारंटी राज्य सरकार देती है और धान खरीदी में जो घाटा होता है, उसे भी राज्य सरकार वहन करती है। पिछले वर्ष मार्कफेड ने लगभग 35000 करोड़ का ऋण धान खरीदी के लिए लिया था। मोदी सरकार तो घोषित समर्थन मूल्य से 1 रूपया भी ज्यादा कीमत देने पर राज्य सरकार को धमकाती है कि वह राज्य से केंद्रीय योजनओं के लिए लगने वाला चावल नही खरीदेगी।अकेली छत्तीसगढ़ सरकार है, जो अपने धान उत्पादक किसानों को देश में सबसे ज्यादा कीमत देती है। छत्तीसगढ़ के किसानों को पिछले वर्ष धान की कीमत 2640 रु. मिली। उत्तरप्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में तो किसानों को धान का मूल्य 1100 रूपए मिलता है।

छत्तीसगढ़ देश का अकेला ऐसा राज्य है जहां किसानों को प्रति एकड़ धान पर 9 हजार रूपये तथा अन्य फसल पर 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी मिलती है। छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 7 हजार रूपए मिलते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के खाते में 1.50 लाख करोड़ रूपये सीधे डाले हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति केंद्र सरकार की दुर्भावना इतनी ज्यादा है कि केंद्र के पास राज्यों को देने चावल का स्टॉक नहीं है। कर्नाटक सरकार ने केंद्र से 35 लाख मीट्रिक टन चावल

मांगा। उसके लिए कर्नाटक सरकार भुगतान भी करती, लेकिन केंद्र ने स्टॉक नहीं होने की बात कहकर कर्नाटक को चावल देने से मना कर दिया। वहीं केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से इस वर्ष 86 लाख टन चावल लेने का एमओयू करती है, लेकिन बाद में केंद्र इस एमओयू से चावल लेने की मात्रा घटाकर 61 लाख मीट्रिक टन कर देता है। यह छत्तीसगढ़ के साथ दुर्भावना

नहीं है तो और क्या है? आपको विभिन्न योजनाओं में देने के लिए चावल चाहिए।आपके पास स्टॉक भी नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में किसान भरपूर धान पैदा कर रहे हैं।यहां पर इस वर्ष कांग्रेस की सरकार ने 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में चुनाव है। छत्तीसगढ़ सरकार को असहयोग करना है इसलिए वहां की सरकार से चावल नहीं लेना है यह केंद्र की दुर्भावना है। केंद्र भले एक दाना चावल मत ले कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों का दाना- दाना धान खरीदेगी। इस वर्ष कांग्रेस सरकार ने 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का लक्ष्य रखा है तथा इस वर्ष राज्य के किसानों से कांग्रेस सरकार 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदेगी।

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, एलडीएम नेशनल कन्वीनर नसीर अहमद, एलडीएम लोकसभा क्षेत्र कोआर्डिनेटर जावेद खान, विधायक रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर लूनिया, पूर्व महापौर जतिन जयसवाल, जिला प्रवक्ता अवधेश झा, सादाब खान, असीम सूता आदि मौजूद थे।

छात्रवृत्ति के लिए विभाग ने जारी किया पोर्टल

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गदलपुर छग शासन द्वारा शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त हाई स्कूलों व हायर सेकंडरी स्कूलों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को राज्य व केंद्रीय छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने बताया कि इस पोर्टल में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने हेतु पहले अपना पंजीयन कराकर अपनी पूरी जानकारी संबंधित शाला को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से भेजनी होगी। विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी स्कॉलरशिप पोर्टल https://schoolscholarship.cg.nic.in/ पर प्राप्त कर सकते हैं।

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