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सहकार से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहा है छत्तीसगढ़: केदार कश्यप

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  •  अभा सहकारिता सप्ताह के समापन में शामिल हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप

जगदलपुर बस्तर जिला सहकारिता संघ मर्यादित जगदलपुर द्वारा अयोजित 71वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के समापन समारोह में वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सम्मिलित हुए। उन्होंने इस अवसर पर किसानों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारी समितियों के सशक्तिकरण से किसानों सहित गांव, प्रदेश और देश की समृद्धि जु़ड़ी हुई है। सबकी सहभागिता से सबका विकास ही सहकारिता का मूल उद्देश्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गांव, गरीब और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ को साकार करने का आव्हान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार का ध्येय वाक्य भी ‘सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास‘‘ है और इसी ध्येय वाक्य को लेकर हमारी सरकार लोगों के हित में काम कर रही है। उन्होंने सहकारी समितियों से जुड़े लोगों से कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में  हमारा काम जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। सबकी सहभागिता और सहयोग से ही हम आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धरती मां को हम वसुंधरा के नाम से भी जानते हैं। इस वसुंधरा की हम पूजा करने वाले लोग हैं। जहां भी हल चलाकर हम बीज बो देते हैं। वसुंधरा हमें जीवकोपार्जन के लिए कई गुना अनाज देती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति केवल धान, बीज खरीदी और बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि इसे मल्टी एक्टिविटिज तथा कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रदेश के किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने का वादा किया था। हमारी सरकार वादे के मुताबिक 3100 सौ रूपए प्रति क्विंटल के मान से आज प्रदेश के सभी केंद्रों में धान खरीदी करा रही है। वहीं इस धान खरीदी से कांग्रेसियों को पीड़ा भी है जिसके कारण धान खरीदी को लेकर वे तरह – तरह की अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति हमारी प्राथमिकता में है। किसानों की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक साढ़े 5 हजार करोड़ रूपए ऋण वितरण किए जा चुके हैं।

सहकारिता को बढ़ावा दे रही सरकार

मंत्री केदार कश्यप ने किसानों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि भाजपा सरकार ने ही सहकारिता के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति और श्वेत क्रांति की सफलता में सहकारिता का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन सहकारिता कभी भी हमारी नियोजित विकास प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रही है और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने नीतिगत योजनाओं में भी इसे कभी विशेष महत्व नहीं दिया। जिसके चलते इसकी संभाव्य क्षमता का भरपूर उपयोग नहीं हो पाया है। लेकिन मोदी सरकार के विकास मॉडल में सहकारिता को ‘सहकार से समृद्धि’ का आधार माना गया है, जिसके चलते हाल के वर्षों में सहकारिता के विकास पर अधिक समग्रता से प्रयास किए गए हैं। भारत सरकार ने 6 जुलाई 2021 को सहकारिता मंत्रालय नाम से एक नए मंत्रालय का गठन किया है। यह एक ऐतिहासिक कदम है। यह मंत्रालय सहकारिता को असली जनांदोलन के रूप में समाज की जड़ों तक ले जाने में सहायक होगा। यह मंत्रालय सही मायनों में सहकारी संघवाद की भावना स्थापित करने के लिहाज से सहकारिता का एक अग्रदूत साबित होगा।

अपनी घटती संख्या को देख अब दूसरे राज्यों से अपने साथियों को बुला रहे हैं बस्तर में सक्रिय नक्सली

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  •  पड़ोसी राज्यों से कराई जाने लगी है घुसपैठ 
  • उड़ीसा से छग में घुस रहे नक्सलियों के साथ मुठभेड़

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में लगातार बड़ी संख्या में अपने साथियों के मारे जाने से परेशान नक्सली अब पड़ोसी राज्यों से अपने साथियों को बुलाने लगे हैं।बस्तर में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे नक्सली येन केन प्रकारेण अपना वजूद बचाए रखना चाहते हैं। आज उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में दाखिल होने की कोशिश कर रहे नक्सलियों के एक ग्रुप के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले की सीमा के पास नदी पार कर छत्तीसगढ़ में दाखिल हो रहे नक्सलियों से उड़ीसा पुलिस के जवानों की मुठभेड़ की खबर है। गुरुवार तड़के यह मुठभेड़ हुई।उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर नदी पार कर नक्सलियों के आने की सूचना मिलने के बाद जवानों ने सीमाई इलाके में मोर्चा सम्हाल लिया। सुकमा जिले के एर्राबोर की सीमा पर उड़ीसा में मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में उड़ीसा पुलिस का एक जवान घायल हुआ है। यह मुठभेड़ सुकमा जिले की सीमा से सटे उड़ीसा के मल्कानगिरी जिले के जिनेलगुड़ा गांव में शबरी नदी के पास हुई है। बस्तर संभाग में छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों का सफाया करते जा रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारों ने सन 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए डेड लाइन जारी कर दी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा अपने पिछले छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान की गई इस घोषणा के बाद राज्य सरकार, पुलिस और सेंट्रल फोर्सेस बेहद ही आक्रामक मुद्रा में आ गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंच कर जहां ग्रामीणों का विश्वास जीतने में सफल हो रहे हैं, वहीं नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का हौसला भी लगातार बढ़ा रहे हैं। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के दुश्मनों के खिलाफ भारतीय सेना को खुली छूट दे रखी है, वैसी ही छूट एंटी नक्सल ऑपरेशन में तैनात फोर्सेस को भी मिली हुई है। इन प्रयासों के बेहतरीन नतीजे भी सामने आने लगे हैं। बस्तर के विभिन्न जिलों में आए दिन फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो रही है और हर मुठभेड़ में अनेक नक्सली मारे जा रहे हैं। इस साल अब तक जितने नक्सली मारे गए हैं, उतने छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले कभी नहीं मारे गए थे। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री भी इस उपलब्धि से खुश हैं और राज्य सरकार एवं सुरक्षा बलों की तारीफ करने लगे हैं। इस बात का जिक्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीआरपीएफ कैंप सेवड़ा में जवानों से मुलाकात के दौरान किया था।

आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी भी

राज्य सरकार ने संभाग के सातों जिलों के नक्सल प्रभावित गांवों के समग्र विकास के लिए नियद नेल्ला नार चला रखी है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रभावित गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल कनेक्टीविटी आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके सहयोगियों के पुनर्वास के लिए भी शानदार नीति बनाई है। दूसरी ओर आज अति संवेदनशील बीहड़ के गांवों में सीआरपीएफ द्वारा कैंप स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों के जरिए जहां नक्सल समस्या से निपटने में तेजी लाई जा रही है, वहीं फोर्स की मेडिकल यूनिट द्वारा ग्रामीणों का बेहतर इलाज भी किया जा रहा है। कई कैंपों में जवान ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग क्लास भी चला रहे हैं। बीमार ग्रामीणों और गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने में भी ये जवान महति भूमिका निभा रहे हैं। इन सारे प्रयासों के सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। ग्रामीण नक्सलियों के विरोध में सामने आने लगे हैं, नक्सलियों का भी ह्रदय परिवर्तन होने लगा है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्म समर्पण कर समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कांकेर जिलों में अब तक सैकड़ों नक्सली आत्मसमर्पण कर चके हैं। बड़ी संख्या में नक्सली गिरफ्तार भी किए गए हैं। इसके चलते बस्तर में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। हार्डकोर के नक्सली असहाय हो चले हैं और अब पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में सक्रिय नक्सलियों की बस्तर में घुसपैठ कराने लगे हैं, मगर फोर्स हर तरफ मोर्चाबंदी किए बैठी है।

बस्तर अब उड़ान भरना चाहता है, बस्तर के युवा देश दुनिया में अपना पहचान बनाना चाहता है: विजय शर्मा

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  •  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और खेल मंत्री टंकराम वर्मा पहुंचे बीजापुर 

जगदलपुर उप मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री विजय शर्मा एवं राजस्व तथा खेल मंत्री टंकराम वर्मा एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचकर बस्तर ओलंपिक के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुए। मंत्रियों का पारंपरिक गौर नृत्य और बीजापुर के सुप्रसिद्ध मद्देड़ बाजा से भव्य स्वागत किया।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा गौर मुकुट पहनकर बीजापुर के पारंपरिक नृत्य पर जमकर थिरके।

मंत्री द्वय ने जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिला पंचायत के स्टॉल में आवास दिवस की थीम पर आधारित केक हितग्राहियों के हाथों कटवाया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को उनके नए घर की प्रतीकात्मक चाबी भेंट की गई।

बीजादूतीर कार्नर में स्वयंसेवकों से मंत्री शर्मा ने चर्चा की और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भागीदारी निभाने पर उनका उत्साहवर्धन किया। महिला बाल विकास विभाग के स्टॉल में मंत्रियों एवं अतिथियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का बैच लगाकर स्वागत किया गया एवं मंत्री द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ हस्ताक्षर अभियान में हस्ताक्षर किया गया। वहीं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने वाले खिलाड़ियों को सफलता की कहानी का प्रदर्शन बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी के स्टॉल पर किया गया जिनका अवलोकन मंत्रियों ने किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा खिलाड़ियों के उत्साह को देख प्रफुल्लित नजर आए और भव्य आयोजन को देख युवाओं में नया जोश भरा उनके साथ सेल्फी एवं फोटो सेशन कराया। बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय, बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी एवं कन्या शिक्षा परिसर की मनमोहक प्रस्तुति की उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जमकर तारीफ की। वहीं रायपुर की टीम द्वारा बीजापुर एवं बस्तर में नक्सलियों की कायराना हरकत से किस प्रकार निर्दाेष ग्रामीणों को पीड़ा और तकलीफ उठानी पड़ रही है उसका जीवंत चित्रण किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल मंत्री शटंकराम वर्मा द्वारा ध्वजारोहरण कर खेल का शुभारंभ किया गया, खेल भावना से खेलने के शपथ दिलाई गई एवं कबड्डी, व्हालीबाल खेलों का टॉस करके खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल का शुभारंभ किया गया। गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच रस्साकसी का मुकाबला हुआ, जिसमें पुलिस विभाग विजेता बना।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर गोंडी बोली में बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीजापुर के खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रतिभा है आज बीजापुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य और भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम ऐसा अवसर प्रदान करेंगे कि राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और भी सफलता हासिल करें। बस्तर अब उड़ान भरना चाहता है, यहां के युवा देश दुनिया में पहचान बनाना चाहते हैं। अब बीजापुर और बस्तर के युवा विकास का सपना देख रहे हैं, चहुमुखी विकास चाहते हैं जिसे पूरा करना हमारा दायित्व है। भटके हुए लोगों से हम अभी भी अपील करते हैं मुख्य धारा में लौटें और विकास में अपना योगदान दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मार्च 2026 तक बस्तर माओवाद से मुक्त होगा। यह बस्तर के लिए आजादी का दिन होगा माओवाद मुक्त बस्तर में युवाओं की नई ऊर्जा और ताकत सकारात्मक बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार से बस्तर में बदलाव की शुरुआत हो गई है। बिजली, पानी, राशन, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी जैसी तमाम सुविधाएं अब उन क्षेत्रों में मिलने लगी है और उन गावों के युवा खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भयमुक्त होकर अपनी खेल प्रतिभा दिखा रहे हैं। बस्तर में खेल के माध्यम से सुखद बदलाव आया है। मंत्री श्री शर्मा ने बस्तर की खुशहाली और आतंकमुक्त बस्तर के लिए दंतेश्वरी माई से प्रार्थना की। राजस्व एवं खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर बस्तर के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कमी नही है। बीजापुर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सर्वश्रेष्ठ पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है जिससे युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेल प्रतियोगिता को बढ़ाने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़, सिल्वर मेडल को 2 करोड़ एवं ब्रांज मेडल वाले खिलाड़ियों को 1 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। वहीं चार साल से रूके अलंकरण समारोह को आयोजित कर खिलाड़ियों को 4 करोड़ की राशि हस्तांतरित किया है। खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना से खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बस्तर ओलंपिक की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया।

कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा बस्तर ओलंपिक में 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जिसमें नियद नेल्लानार योजना के तहत अंदरूनी गावों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों को रहने, खाने सहित सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है जिससे खिलाड़ी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन पर बल

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  •  जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक आयोजित

जगदलपुर जिला पंचायत बस्तर के सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक के दौरान जिले में शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन पर बल देते हुए आम जनता को लाभान्वित करने कहा गया। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं से पात्र ग्रामीणों को लाभान्वित करने जोर दिया गया।

बैठक में आश्रम, छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों में सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया। वहीं स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों का रखरखाव करने सहित मरम्मत योग्य पुल-पुलियों का मरम्मत कार्य किये जाने और ग्रीष्मकाल के पूर्व हैंडपंप संधारण सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुरूप नवीन हैंडपंप स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिले में निःशक्तजनों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान करने कहा गया। वहीं क्रेडा द्वारा लगाए गए हाईमास्ट लाईट का समुचित संधारण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत सभी ग्रामों में ग्रामीण पेयजल योजना की स्वीकृति दी गई है और वर्तमान में इन कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किया जा रहा है। जिले में ग्रामीण पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने के लिए तेजी के साथ कार्य संचालित हैं। ग्रामीण इलाकों में आश्रम- छात्रावासों, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा पंचायत भवन, सामुदायिक भवन इत्यादि सार्वजनिक स्थलों में अनिवार्य रूप से नल कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय जरूरत के अनुरूप आश्रम-छात्रावास, स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसर और अंदरूनी गांवों के पारे-टोले में हैंडपंप स्थापित किये जा रहे हैं। जिले में समाजकल्याण विभाग द्वारा सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत पेंशन योजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को नियमित पेंशन प्रदाय, चिकित्सा परीक्षण उपरांत चिन्हित दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण की सुलभता और वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्रम का संचालन किया जा रहा है। बैठक में कृषि, खाद्य, वन विभागों के योजनाओं पर चर्चा की गयी। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप सहित जिला पंचायत सदस्यगण, जनपद पंचायत अध्यक्षगण और सीईओ जिला पंचायत प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ उत्तम गुप्ता तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

स्कूल स्टूडेंट्स को दिए गए करियर चुनने के टिप्स

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  •  करियर काउंसलिंग का हुआ विशेष आयोजन 

जगदलपुर स्कूली छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग का कार्यक्रम निजी स्कूल प्रबंधकीय संगठन बस्तर द्वारा मैत्री संघ विद्यालय में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर मनोज कुमार श्रीवास्तव थे। उन्होंने सभागार में उपस्थित करीब 500 छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जी का उदाहरण देते हुए कोई एक लक्ष्य निर्धारित करने को कहा तथा उसे हासिल करने के लिए तन मन धन से जुट जाने की सलाह दी।इस कार्यक्रम के काउंसलर डॉ. अजीत वरवंडकर थे। उन्होंने छात्रों को करियर चुनने तथा उनके पास 10वीं 12वीं के बाद कौन-कौन से विकल्प हैं, इसकी जानकारी दी।उन्होंने 12वीं परीक्षा को प्राप्त होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं, किस कॉलेज में कितना कटऑफ मार्क जाता है इसकी भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले 5-10 साल में करियर के नए-नए मार्ग खुलेंगे। जिसमें डाटा संकलन, एआई आदि महत्वपूर्ण होंगे।छात्रों को अभी से उसी अनुरूप अपनी मानसिकता को सेट करना होगा। उन्होंने कहा कि करियर दो तरह का होता है ।एक एकेडमिक करियर तथा दूसरा नैसर्गिक प्रतिभा से प्राप्त करियर। बच्चों को अपनी विशिष्टता को पहचानना होगा तथा उसी अनुरूप रूपरेखा तैयार कर आगे बढ़ना होगा। सभी छात्र-छात्राएं उनके इस कार्यक्रम को ध्यान पूर्वक सुना तथा उनसे प्रति प्रश्न भी किया। जिससे इस करियर काउंसलिंग का पूरा उद्देश्य सफल होता हुआ नजर आया। कार्यक्रम के अंत में निजी स्कूल प्रबंधन संगठन के सचिव नीलोत्पल दत्त ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।उन्होंने मैत्री संघ विद्यालय के अध्यक्ष दीपक घोष को अपनी सभा का उपलब्ध कराने के लिए विशेष धन्यवाद दिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

पुलिस और पब्लिक में तालमेल की अच्छी पहल

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  • परपा थाना में पुलिस और जनता के बीच समन्वय के लिए हुई बैठक

जगदलपुर बस्तर जिले के परपा थाना में आज 20 नवंबर को पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा की मंशा के अनुरूप एवं उनके निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं उप पुलिस अधीक्षक नसीर बाठी के मार्गदर्शन में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत की अध्यक्षता में ग्राम सरपंचों एवं ग्रामीण नागरिकों की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवादहीनता को समाप्त कर परस्पर विश्वास एवं सहयोग को बढ़ावा देना था। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित होने से न केवल अपराधों में कमी लाई जा सकती है, बल्कि असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। ग्रामीणों को बताया गया कि कई बार उनके पास अपराध या संदिग्ध गतिविधियों की महत्वपूर्ण सूचना होती है, लेकिन थाना आने में झिझक या डर के कारण वे यह जानकारी साझा नहीं कर पाते। इसका सीधा लाभ असामाजिक तत्वों को मिलता है, जिससे अपराधों में बढ़ोत्तरी होती है। बैठक में पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि थाना जनता की सुरक्षा के लिए है, और उनका सहयोग पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे गांव स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करें और यदि कोई महत्वपूर्ण जानकारी हो तो उसे सरपंच, कोटवार या अन्य माध्यम से पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस और जनता के बीच इस संवाद और सहयोग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करना भी है। बस्तर पुलिस इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

सीआरपीएफ जवान प्रमिका दुग्गा की मां से मुख्यमंत्री ने की चापड़ा चटनी की फरमाईश

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  •  सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में है नारायणपुर की बेटी प्रमिका दुग्गा
  • प्रमिका की माताजी से फोन पर की साय ने बात

अर्जुन झा-

जगदलपुर हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी अंदाज बड़ा निराला है।नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने में दोनों ने ही एक बड़ी मिसाल कायम कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के सेड़वा में स्थित सीआरपीएफ की 241वीं बटालियन में 18 नवंबर की रात बिताने के बाद दूसरे दिन सुबह जवानों से मुलाकात की। सीएम ने बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा की माताजी मोतीबाई से मोबाईल पर बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रमिका की माता को बताया कि हम इस बटालियन में जवानों और अधिकारियों के साथ रात रुके रहे। ये जवान देश- प्रदेश की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। इसके साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने माताजी की तबियत और हालचाल की जानकारी ली। साथ ही धान कटाई और खेती बाड़ी की स्थिति के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने पूछा कि नारायणपुर आने पर आपके घर आएंगे तो चापड़ा चटनी खिलाएंगी? जिससे माताजी सहर्ष स्वीकार किया।

नक्सल मोर्चे पर डटी हैं प्रमिका

प्रमिका दुग्गा ने बताया कि बस्तरिया बटालियन में 2017 में उनका चयन हुआ था। प्रमिका मूलतः नारायणपुर जिले के ग्राम पाल की है। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की है। इससे पहले सुकमा जिले के इंजराम 219 बटालियन, कोंटा 217 बटालियन, अंदरूनी क्षेत्रों में सेवा देने के उपरांत अभी सेडवा 241 बटालियन में पदस्थ हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिला जवानों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री साय ने वस्त्र भेंट किए।

धान खरीदी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन

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  • उत्कृष्ट व्यवस्था से बहुत खुश हैं आदिवासी किसान 

डौंडी बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसान हित में दी जा रही बेहतर सुविधाओं से जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों द्वारा उत्साह पूर्वक समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 3100 की दर से धान विक्रय कर रहे हैं।

वर्तमान में मोटा धान 2300 रुपए, सरना 2300 रुपए व पतला 2320 रुपया प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। अंतर की राशि बहुत ही जल्दी खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।आदिवासी डौंडी ब्लाक कुसुमकसा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन को किसानों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान की खरीदी की जा रही है जिसके चलते किसान शीघ्रता के साथ धान बिक्री कर रहे हैं तथा नई व्यवस्था तहत खरीदी केंद्र में किसानों को जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। दस हजार रुपए तक नगद राशि माइक्रो एटीएम से मिलने पर किसान धान मिजाई बाद मजदूरों की मजदूरी एवं उपार्जन केंद्र तक परिवहन खर्च भुगतान हाथों हाथ दे रहे हैं। जिससे सभी किसान भाई प्रसन्नचित हैं। किसानों ने प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ प्रति एकड़ दो क्विंटल धान खरीदी की भी सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। स्वाधीन जैन द्वारा धान खरीदी केंद्र आए अन्य किसानों से पूछे जाने पर उपस्थित सभी किसानों ने समवेत स्वर में प्रदेश सरकार की उत्कृष्ट खरीदी व्यवस्था, दी जा रही सुविधाओं और प्रति एकड़ दो क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की प्रशंसा की। स्वाधीन जैन को फड़ प्रभारी वाहिद अली खान ने बताया कि अभी तक कुल 190 किसान अपना धान विक्रय कर चुके हैं और 7314.80 क्विंटल धान खरीदा गया है जिसकी राशि किसानों के खाते में जल्द ही भेज दी जाएगी।

जो अपना घर नहीं सम्हाल पर रहे, वो कैसे सम्हाल पाएंगे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को: बाफना 

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  • बीमार मेडिकल कॉलेज और अपाहिज एनएमडीसी से उम्मीद करना बेमानी
  • पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

अर्जुन झा-

जगदलपुर केंद्र व राज्य शासन की सहायता से जगदलपुर में निर्मित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालन व रखरखाव का जिम्मा अपना ही घर नहीं सम्हाल पा रहे डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और एनएमडीसी को देना बस्तर के लोगों के साथ अन्याय होगा। इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना की चिंता जायज है।

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा है कि जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालन एवं रख रखाव का जिम्मा किसी विश्वस्तरीय चिकित्सकीय संस्थान को दिया जाना चाहिए और एनएमडीसी का अपना अलग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होना चाहिए। इस मसले को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि जगदलपुर के समीप डिमरापाल में केंद्र व राज्य सरकार की सहायता से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार है। इससे बस्तर में नक्सल मोर्चे पर तैनात घायल जवानों को बचाने एवं यहां की जनता को दिल, मस्तिष्क और किडनी, लिवर के साथ प्लास्टिक सर्जरी जैसी तमाम सुविधाएं विश्वस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों व अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से दी जानी है। दरअसल पूर्व विधायक श्री बाफना का मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को इस विषय पर पत्र लिखने की वजह अभी हाल ही में चित्रकोट में हुई बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक है। जिसमें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन मेडिकल कॉलेज या एनएमडीसी के माध्यम से कराए जाने की बाते सामने निकलकर आई है। इसके पश्चात ही बस्तर के मौजूदा हेल्थ सर्विस स्ट्रक्चर चिकित्सकीय सुविधाओं की वस्तुस्थिति पर पूर्व विधायक संतोष बाफना ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने सीएम और हेल्थ मिनिस्टर को लिखे पत्र में कहा है कि जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा तो उपलब्ध है किंतु जिले के सबसे बड़े अस्पताल में आज तक विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो सके हैं। तो वहीं सीटी स्कैन, अल्ट्रासाऊंड, एक्स-रे, सोनोग्राफी, डायलिसिस मशीनें या तो खराब हो जाती हैं, या फिर उनका मेंटनेंस नहीं हो पा रहा है। जिले के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि बस्तर के मौजूदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सभी रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और रोगों के ईलाज के लिए समुचित उपकरणों की व्यवस्था नहीं होने से यहां के लोगों को विशाखापट्टनम, हैदराबाद, बैंगलोर, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज जो स्वयं चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी से जूझ रहा हो उसके ही सहारे नवनिर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी संचालित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं होगा। और अगर एनएमडीसी जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन करना चाहता है तो इस बात से कतई गुरेज नहीं है, मगर जबस्वयं एनएमडीसी अपने वादे पर खरा नहीं उतर पाया है, तो उससे हमारे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बेहतर संचालन की उम्मीद करना बेमानी है।इसके पीछे पूर्व विधायक संतोष बाफना का तर्क है कि एनएमडीसी अपने वादे के मुताबिक नगरनार में अपना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल 15 साल बाद भी स्थापित नहीं कर सका है। श्री बाफना ने कहा है कि नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना से पूर्व क्षेत्र की जनता से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जो वादा एनएमडीसी ने किया था और जिस उद्देश्य को लेकर लगभग 22 एकड़ जमीन ग्राम कोपागुड़ा में 15 वर्ष पूर्व जनता ने दी है, उस जमीन पर अस्पताल बनाकर अपने वादे को एनएमडी सी भी पूरा करे।

बाफना उतर गए थे सड़क पर

बता दें कि एनएमडीसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए बाफना ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया था।और क्षेत्र की जनता एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने 26 दिसंबर 2022 को जन आक्रोश पदयात्रा भी निकाली थी। श्री बाफना एनएमडीसी प्रबंधन को इस संबंध में कई बार चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन हर बार की तरह बस्तर के लोगों को एनएमडीसी से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है

बाफना के उत्कृष्ट सुझाव

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह करते हुए कहा है कि बस्तर की जनता को सिर्फ अस्पताल के ढांचे की नहीं, बल्कि मौजूदा अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सक, अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण व उन्हे ऑपरेट करने वाले टैक्निशियन की भी आवश्यकता है। इसकी पूर्ति तभी संभव होगी, जब जगदलपुर के इस सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को सरकार अपने नियंत्रण में रखकर किसी विश्वस्तरीय चिकित्सकीय संस्थान जैसे अपोलो, फोर्टिस, मैक्स, वॉकहार्ट, नारायणा हेल्थ, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, हिंदूजा, किम्स आइकॉन, एस्टर डीएम हेल्थ केयर जैसे विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के माध्यम से संचालित करे। एवं आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा, केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा जैसी तमाम सरकारी योजनाओं के माध्यम से इस अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क ईलाज मिले व मरीज पर होने वाले सभी खर्च सरकार वहन करे। एनएमडीसी द्वारा बस्तर की जनता से जो वादा किया था उस वादे के अनुसार नगरनार इस्पात संयंत्र के समीप अपने अलग सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परियोजना की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू कराने राज्य सरकार अपने स्तर पर एनएमडीसी पर उचित दबाव बनाने का प्रयास करे। ताकि बस्तर में उत्कृष्ट चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार हो।

राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर 20 नवंबर करेंगे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

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दल्लीराजहरा __ राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर 20 नवंबर बुधवार सुबह 11 बजे से माइंस आफिस दल्लीराजहरा के पास अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए धरना में बैठने से पहले छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र का पूजा अर्चना कर किया गया ,पांच सूत्री मांगों में दल्लीराजहरा नगर स्थित बी एस पी अधिनस्थ आई ओ सी की खानों से निकलने वाली लौह अयस्क का 100 प्रतिशत परिवहन कार्य रेल मार्ग से किया जा रहा है जिसमे से 25__40 प्रतिशत परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ के मालवाहको को दिए जाने साथ ही हितकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित पायलेट का आनुपातिक परिवहन कार्य दिए जाने की मांग , बी एस पी प्रबंधन द्वारा निजी छेत्रो को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य,छेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया उपलब्ध कराकर हो रहे पलायन को रोका जाए ,जिला खनिज न्यास निधि से मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग शहर के विकास में किया जाए

मालवाहक वाहन से परिवहन कार्य चालू होने से इस व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिक ,आटो पार्ट्स विक्रेता,टायर विक्रेता ,मेकेनिक,वाहन चालक , हेल्फर ,टायर रिपेयरिंग सहित वाहन से जुड़े अन्य कार्य करने वालो उन सभी के परिवार के लोगो को प्रत्यक्ष अथवा परोछ रूप से लाभ मिलेगा , रोजगार के द्वार खुलेंगे , शहर से पलायन रुकेगा और शहर का विकास होगा ,

नरेंद्र सिंह तुली अध्यक्ष राजहरा परिवहन संघ ने बताया की इतने बड़े माइंस छेत्र में निवास करने के बावजूद राजहरा परिवहन संघ विगत 15 वर्षो से दल्लीराजहरा माइंस से लौह अयस्क परिवहन कार्य दिए जाने की मांग की जा रही है ,किंतु बी एस पी प्रबंधन एवं शासन प्रशासन द्वारा समुचित पहल ना करने के राजहरा उजड़ने लगा है ,इस अवसर पर राजहरा परिवहन संघ के सरंछक अतिंदरसिंह संधू ,परमजीत सिंह ,संदीप शाह ,जगजीत सिंह मरवाहा, अनिल सुथार ,संतोष देवांगन , राजकुमार कुकरेजा ,लखनलाल भुआर्य ,विजयकुमार डडसेना ,दिलीप कुमार सिन्हा सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे

धरना स्थल पर समर्थन देने अनाज किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष कैलाश छाजेड़ दल्लीराजहरा ने राजहरा परिवहन संघ की मांगों जायज बताते हुए उनके आंदोलन में कंधा से कंधा मिलाकर समर्थन देने की घोषणा की

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