City Media - Page 430 of 1853 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 430

गाय को सड़क दुर्घटना से बचाने संजय बैस ने शुरू की अनूठी पहल

0
  • 70 गाय को बांधा गया रेडियम बैंड
  • सड़क दुर्घटना में आएगी कमी

दल्लीराजहरा – ग्राम पंचायत कुसुमकसा के मुख्य मार्ग पर सड़क पर बैठी आवारा गायें रात के समय बस, ट्रक चालकों को नहीं दिखती हैं। जिससे अक्सर गाय दुर्घटना का शिकार हो रही हैं। इस तरह की दुर्घटना रोकने के लिए गायों के गले में रेडियम बैंड लगाने का कार्य जनपद पंचायत सदस्य संजय बैस के एक दल द्वारा किया गया।सड़क पर गायों की संख्या बढऩे से दुर्घटना के मामले भी ज्यादा हो गए हैं। आवारा गायों के पुनर्वास के सभी प्रयास विफल नजर आ रहे हैं। सड़क पर मौजूद गायों के साथ अक्सर रात को दुर्घटना हो रही है। ऐसे में गायों की सुरक्षा के लिये जनपद सदस्य संजय बैस के दल का अनूठा प्रयास कर रहा है। संजय बैस ने बताया कि उनके एवम उनके दल के द्वारा रेडियम की पट्टी को 70 गायों के गले में बांधा गया। जिसका असर यह है कि रात के समय गाय के गले में रेडियम पट्टी दूर से ही चमकने लगती है।ट्रक व अन्य बड़े वाहन चला रहे चालक गाय, बछड़े आदि को देखकर सावधान हो जाएंगे। जिससे गायों की दुर्घटना में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। मालिकों द्वारा अपने गायों को लोग खुला सड़क पर छोड़ दे रहे हैं। ऐसे में रेडियम बैंड लगने से रात के समय भी गाय की दृश्यता बनी रहेगी। जिससे दुर्घटना के मामले कम हो जाएंगे। इस कार्य में देवराज जैन, विनोद सोनी, मनीष जेठवानी, संतोष जैन, इमरान खान, जगत सिन्हा, गौरी शंकर साहू, नितिन जैन, मोनू गुप्ता, मोती कुचेरियां, गोविंद सिन्हा, पूनम सिन्हा, आशीष जैन, दीपक यादव, रवि यादव, पुष्पजित बैंस आदि कार्य कर रहे है।

बिल्ली के गले में घंटी बांधने जैसा कार्य

गायों के गले में रेडियम बैंड लगाना बिल्ली के गले में घंटी बांधने जैसा है। छोटे बछड़ों के गले में बैंड बांधना आसान है, लेकिन बड़ी गाय व सांड़ के गले में बैंड बांधना काफी खतरे से भरा कार्य है। कई बार बैंड बांधते समय गाय व बैल घसीटने लगते हैं। हमला करने की भी संभावना रहती है। इसके बाद भी गायों की सुरक्षा के लिए संजय बैस एवम उनके दल के सदस्य अपने कार्य से समय निकालकर लगे हुए थे।

बलिदानी परंपरा पर चलने वाले और प्रकृति के उपासक होते हैं हम आदिवासी : सांसद महेश कश्यप

0
  •  सामाजिक आर्थिक चुनौतियां आज भी हैं हमारे सामने : डॉ. मरकाम
  • बकावंड में धूमधाम से मनाया आदिवासी दिवस

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में 9 अगस्त को अनुसूचित जनजाति परिवार के तत्वाधान में सर्व आदिवासी समुदाय के लोगों ने विश्व आदिवासी दिवस बड़े हर्ष उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के लोग बढ़ चढ़कर बड़ी संख्या में शामिल हुए। विशाल रैली निकाली गई।

रैली में आदिवासी समाज के महिला पुरुष अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डीजे के साथ नाचते गाते झूमते थिरकते प्रमुख मार्गों से निकले। इस दौरान प्रमुख चौराहों पर सामाजिक संगठनों ने रैली का स्वागत फूल माला और पुष्प वर्षा से किया। इस दौरान आदिवासी समाज द्वारा अपनी एकता प्रदर्शित करते हुए सरकार और जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक रहने आगाह किया। वहीं उपस्थित बस्तर सांसद महेश कश्यप को भी आदिवासी अनुसूचित जनजाति परिवार के प्रमुखों द्वारा पगड़ी बांधकर उनका स्वागत किया गया। सांसद महेश कश्यप ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम आदिवासी बलिदानी परंपरा पर चलने वाले और प्रकृति के उपासक होते हैं। हमारे पुरखे वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गैंदसिंह आदि ने अंग्रेजों और मुगलों से लड़ते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए लड़ाई हम पीढ़ी दर पीढ़ी लड़ते आ रहे हैं। प्रकृति हमारे रोम रोम में बसी हुई है, हम प्रकृति के पुजारी हैं। ऐसे बलिदानी और प्रकृति प्रेमी आदिवासी समाज की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदिवासियों के कल्याण में ही देश प्रदेश का कल्याण निहित है। विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश मरकाम ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस की शुरुआत 1982 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आदिवासियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और अधिकारों की रक्षा के लिए 9 अगस्त को आदिवासी दिवस घोषित कर की गई थी। आदिवासी समुदाय सदियों से सामाजिक आर्थिक और पर्यावरण चुनौतियों का सामना कर रहा है। आदिवासी समाज अपने मूल अधिकारों जल जंगल और जमीन के लिए आज भी संघर्षरत है। इस अवसर पर उपस्थित समाज प्रमुख आयतुराम कश्यप, शम्भूनाथ कश्यप, परीश बेसरा, महेंद्र कश्यप, बंशीधर कश्यप, अंनतराम कश्यप, नरसिंह नाईक, गोपाल कश्यप, लीलाधर कश्यप, मधु कश्यप, दिवाकर कश्यप, डॉ. हरीश मरकाम, दुलभ सूर्यवंशी, सोनधर कश्यप, खगेश्वर कश्यप, ओंकार गागड़ा, महेश्वर कश्यप, कमल मौर्य आदि सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

अनुसूचित जनजाति परिवार बकावंड में बड़े धूम धाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,बस्तर सांसद महेश कश्यप भी हुये शामिल

0

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में 09 अगस्त को अनुसूचित जनजाति परिवार द्वारा सर्व आदिवासी समुदाय के लोगों ने विश्व आदिवासी दिवस बड़े हर्ष उल्लास के साथ धूम धाम से मनाया गया…इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़कर बड़ी संख्याओं में शामिल रहे। विशाल रैली निकाली गई,, जिसमें आदिवासी समाज के महिलाएं पुरुष अपनी पारंपरिक वेशभूषा के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डीजे के साथ नाचते गाते झूमते थिरकते प्रमुख मार्गों से निकली।

इस दौरान प्रमुख चौराहों पर सामाजिक संगठनों ने रैली का स्वागत फूलमाला और पुष्प वर्षा से किया इस दौरान आदिवासी समाज द्वारा अपनी एकता प्रदर्शित करते हुए..सरकार और जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक रहने आगाह और सचेत किया। वंही उपस्थित बस्तर सांसद महेश कश्यप को भी आदिवासी अनुसूचित जनजाति परिवार के प्रमुखों द्वारा पगड़ी बांधकर स्वागत किया..श्री कश्यप ने कहा आदिवासी समाज की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं होगी.. विश्व आदिवासी दिवस की शुरुआत 1982 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा आदिवासियों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए 9 अगस्त को आदिवासी दिवस घोषित किया था..आदिवासी समुदाय सदियों से सामाजिक आर्थिक और पर्यावरण चुनौतियों का सामना कर रहा है..आदिवासी समाज अपने मूल अधिकारों जल जंगल और जमीन के लिए आज भी संघर्षरत है। इस अवसर में उपस्थित समाज प्रमुख आयतुराम कश्यप, शम्भूनाथ कश्यप,परीस बेसरा,महेंद्र कश्यप,बंशीधर कश्यप,अंनत राम कश्यप,नरसिंह नाईक, गोपाल कश्यप,लीलाधर कश्यप,मधुकश्यप,दिवाकर कश्यप,डॉ. हरीश मरकाम,दुलभ सूर्यवंशी, सोनधर कश्यप,खगेश्वर कश्यप,ओंकार गागड़ा,महेश्वर कश्यप,कमल मौर्य,आदि बड़ी संख्याओं में अनुसूचित जनजाति परिवार मौजूद रहे।

भाजपा के लिए जनजातीय विकास अंत्योदय का मार्ग: केदार कश्यप

0
  • जनजातीय समाज से दुनिया सदभाव व पर्यावरण संरक्षण सीखे : कश्यप

जगदलपुर बोधघाट जगदलपुर में सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आदिवासियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है।

कश्यप ने कहा जनजातीय समाज से आज पूरी दुनिया विश्व बन्धुत्व, जलवायु एवं प्रकृति संरक्षण और समरसता सीख सकती है। हमारे देश में जनजातीय समाज राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रहा है। वैदिक काल से जनजातीय समाज की श्रेष्ठता के प्रमाण मिलते हैं। हमारे यहां राष्ट्रप्रेम, ज्ञान का उद्भव जनजातीय संस्कृति में है। वनों में रहने वाले जनजातीय समाज के बीच रहकर वैदिक ग्रंथ की रचना हुई। स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज के योद्धाओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमें जनजातीय समाज को भ्रमित करने वाली ताकतों को भी पहचानना होगा। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश होने के कारण अपनी ख़ास प्राचीन कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार आदिवासियों की प्राचीनतम विरासत और संस्कृति को सहेजते हुए उन्हें तरक्की की मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने नियद नेल्लानार जैसी अभिनव योजना लागू की है। इससे जनजातीय क्षेत्र के विकास को गति मिली है। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने आदिवासियों के कल्याण हेतु नया मंत्रालय बनाया। प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार ने केंद्रीय बजट 2024-25 में जनजातीय उन्नत ग्राम योजना शुरू की है। यह योजनाएं जनजातीय विकास के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

विजय शर्मा बनाए गए बस्तर जिला प्रभारी मंत्री

0

जगदलपुर राज्य सरकार ने मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद मंत्रियों के जिला प्रभार में संशोधन किया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को बस्तर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री बनाए गए हैं। मंत्री लखन लाल देवांगन को कोंडागांव जिले का और टंकराम वर्मा को नारायणपुर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।

बस्तर जिला युवा कांग्रेस ने राजीव भवन में ध्वजारोहण कर मनाया 64वां स्थापना दिवस

0
  • हसदेव अरण्य के सम्मान में किया गया पौधरोपण

जगदलपुर भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर बस्तर जिला युवा कांग्रेस द्वारा राजीव भवन जगदलपुर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व पूर्व विधायक रेखचंद जैन तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय बिसाई, कार्यकारी अध्यक्ष ग्रामीण अभिषेक डेविड के नेतृत्व युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने ध्वजारोहण कर 64वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान युकां पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने ध्वज को सलामी दी व महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और शपथ पत्र का वाचन किया किया गया। सत्य निष्ठा एवं देशसेवा, देशहित, जनकल्याण कार्यों की व युवा कांग्रेस को और मजबूत बनाने की शपथ ली गई। स्थापना दिवस के अवसर पर हसदेव अरण्य के सम्मान में कार्यक्रम के तहत बस्तर जिला युवा कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा धरमपुरा महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि युवा कांग्रेस सदैव पिछड़े लोगों की सहायता करने में तत्पर रहता है, यह सीख उन्हें संगठन से मिली है। युवा कांग्रेस का स्थापना दिवस हर उस लम्हे का गवाह है, जब युवा देश की रक्षा के लिए सड़क से सदन और पिछड़ों की सहायता के लिए घरों तक पहुंचे हैं।

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक युवा राजनीतिक संगठन का हिस्सा है, जो महात्मा गांधी के विचार और राजनीतिक शक्ति की विरासत है। युवा कांग्रेस समाज में सद्भावना, समानता और न्याय और युवाओं के आत्मिक विकास और लोगों के हक की लड़ाई हमेशा लड़ती आई है। बस्तर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय बिसाई ने कहा हमें गर्व है कि हम युवा कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। जिस प्रकार से राहुल गांधी देश के शोषित वर्ग की आवाज हमेशा उठाते हैं, चाहे वह महिला हो, किसान हो या मजदूर हो। उनसे ही प्रेरणा लेकर युवा कांग्रेस भी देश के प्रत्येक नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और खड़ी रहेगी। युवा कांग्रेस की नींव पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। एक कार्यकर्ता के तौर पर मुझे गर्व महसूस होता है कि जिस सेवा और समर्पण के उद्देश्य के साथ युवा कांग्रेस संगठन की स्थापना हुई थी, आज युवा कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता पूरी निष्ठां के साथ उस संकल्प को पूरा कर रहा है। युंका के कार्यकारी अध्यक्ष ग्रामीण अभिषेक डेविड ने कहा कि जिस प्रकार से राहुल गांधी से ही प्रेरणा लेकर युवा कांग्रेस भी देश के प्रत्येक नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और खड़ी रहेगी। वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने बताया युवा कांग्रेस के 64वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रिनिवासन बीवी के नेतृत्व में आज पूरे देश में एक पेड़ भारत के भविष्य के लिए राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान चला रहा है जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी पलक वर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के आदेश पर जगदलपुर के शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया एवं हसदेव के सम्मान में युवा कांग्रेस मैदान में के नारे लगाए गए। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी अंगद प्रसाद त्रिपाठी, हनुमान द्विवेदी, सतपाल शर्मा, अमजद खान, जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, कविता साहू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, जीशान कुरैशी, जावेद खान, सूरज कश्यप, पार्षद कमलेश पाठक, गौरनाथ नाग अंजना नाग, सुखराम नाग, ललिता राव, जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, कार्यकारी अध्यक्ष ग्रामीण अभिषेक डेविड, संदीप दास, आदर्श नायक, पापिया गाइन, एस नीला, ज्ञानेश्वरी जाधव, हेमू ठाकुर, विक्रांत सिंह, महेश सिंह ठाकुर, हेमंत कश्यप, तरनजीत सिंह, रियाज खान, अंकित सिंह, संतोष सेठिया, सोमारु नाग, विक्की राव, विजय ध्रुव, संजय नाग, लव मिश्रा, नीलम कश्यप, एडविन मार्क आदि मौजूद रहे।

विश्व आदिवासी दिवस पर दिखी आदिम संस्कृति की झलक

0
  •  बकावंड में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

बकावंड ब्लॉक मुख्यालय बकावंड में विश्व आदिवासी दिवस पर आदिम संस्कृति की अनूठी छटा बिखरी।

सर्व आदिवासी समाज द्वारा विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बकावंड ब्लॉक की सभी पंचायतों से आदिवासी समुदाय के लोग भारी संख्या में शामिल हुए। विशाल रैली निकाली गई। कार्यक्रम में आदिवासी मूल निवासी के बारे में जान जागरूक करते हुए समुदाय के लोगों को बताया गया।

आदिवासी वेशभूषा, संस्कृति आदिकाल से निवास करते हुए नाच गान के साथ धूमधाम से विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। समुदाय के लोगों की भाषा, संस्‍कृति, तीज त्‍योहार, रीति-रिवाज और पहनावा सबकुछ अन्य समाजों के लोगों से अलग होता है। यही वजह है कि यही वजह है कि हम लोग समाज की मुख्‍यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं। आज भी आदिवासी समाज के लोगों को अपना अस्तित्व, संस्कृति और सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसकी एक मुख्य वजह ये है कि ये लोग प्रकृति से समीप रहना ज्यादा पसंद करते हैं।

 

जिला पंचायत सीईओ के आदेश की बकावंड जनपद में सरेआम अवहेलना

0
  •  बकावंड में अभी भी लागू है चुनाव आचार संहिता ?
  • दबा दी गई पंचायत सचिवों के तबादले की फाइल

अर्जुन झा-

बकावंड विधानसभा और लोकसभा चुनाव निपटे कई माह गुजर चुके हैं। आचार संहिता कब की हट चुकी है और सांसद एवं विधायक सक्रिय होकर काम करने लगे हैं। मगर लगता है बकावंड जनपद पंचायत के अधिकारियों के लिए आज भी आचार संहिता लागू है। यह भी हो सकता है कि जनपद के अधिकारी आचार संहिता की खुमारी से उबर नहीं पाए हैं या ऊपरी कमाई के चक्कर में स्थानांतरित सचिवों को नई जगह नहीं भेज रहे हैं।

दरअसल पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान बकावंड जनपद की ग्राम पंचायतों में कार्यरत करीब 17 सचिवों का तबादला जिला पंचायत के सीईओ द्वारा किया गया था। तबादले की सूची जारी भी कर दी गई थी। संयोगवश इसी बीच चुनाव आचार संहिता लागू हो गई और तबादले की फाइल जनपद पंचायत कार्यालय में ही दबी रह गई। चुनाव निपटने और आदर्श आचार संहिता हट जाने के बाद भी तबादले की यह फाइल न जाने जनपद पंचायत कार्यालय के किस कोने में खो गई है? आचार संहिता हटे कई माह गुजर जाने के बाद भी जनपद पंचायत के सीईओ स्थानांतरित पंचायत सचिवों को नई पदस्थापना वाली ग्राम पंचायतों में भेजने के लिए क्यों दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, यह आश्चर्य और चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि स्थानंतरित पंचायत सचिवों को उनकी पसंद वाली ग्राम पंचायतों में पोस्टिंग देने, कुछ सचिवों का तबादला रद्द करने के लिए डिमांड का खेल चल रहा है। इसी वजह से तबादले की फाइल को अब तक दबाकर रखा गया है। ट्रांसफर को लेकर अब आवाज भी उठने लगी है। क्योंकि सचिवों के ट्रांसफर आदेश पर अब तक जनपद सीईओ द्वारा अमल नहीं किया गया है। बल्कि किसी दवाब में अभी भी यथावत रखा गया है। कुछ लोगों के अनुसार जिला पंचायत सीईओ द्वारा स्थांतरित इन 17 सचिवों को अब तक रोके रखा रखना उच्च अधिकारी के आदेश की सरासर अवहेलना है। कुल मिलाकर जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के आदेश को नजर अंदाज किया जा रहा है। इसकी जड़ में सिर्फ लेनदेन की ही बात सामने आ रही है।

राज्य पुरस्कार जांच शिविर झांकी अभनपुर के लिए चयनित हुए लिटिल बर्ड्स एकेडमी इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल,दल्ली राजहरा के बच्चे

0

भारत स्काउट गाइड, राज्यपाल पुरस्कार जांच परीक्षा में शामिल होने के लिए 19 गाइड एवम् 5 प्रभारी गाइडर राज्य प्रशिक्षण केंद्र झांकी (अभनपुर) के लिए आज दिनाक 8/8/2024 को रवाना हुए।जिसमे लिटिल बर्ड्स ऐकेडमी स्कूल के 4 गाइड पूर्वी कटेन्द्र,सृष्टि गुप्ता ,लिशा नायक और वंशिका निर्मलकर सम्मलित हुए हैं जिससे लिटिल बर्ड्स ऐकेडमी के समस्त स्टाफ एवं सभी पालकगण इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

नारायणपुर में संचालित पीएम जनमन एवं नियद नेल्लानार योजना के कार्यों को गंभीरता से पूर्ण करने के निर्देश दिए कमिश्नर ने

0
  •  नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने निर्देश

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमनसिंह ने गुरुवार को नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों की कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में बैठक लेकर संभाग आयुक्त ने नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास, सड़क, आंगनबाड़ी एवं स्कूल भवन भवन निर्माण सहित राजस्व नक्शे सुधार कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने निर्देशित किए।

कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के परिपालन में जिले में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं के विषयों के प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि सड़कों में आवारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए तैयार कार्य योजना के अनुसार गौशाला एवं कांजी हाऊस में रखे जाने के साथ ही समुचित कार्यवाही संबंधित विभागों द्वारा समन्वित रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कमिश्नर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वनाधिकार पट्टा, जल जीवन मिशन, राजस्व, परिवहन, पशु चिकित्सा, शिक्षा सहित नक्सल प्रभावित परिवारों एवं समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। कमिश्नर ने आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने के लिए चिन्हित स्थलों, पशुओं की टेगिंग, रेडियम पट्टी लगाने सहित गौशाला एवं कांजी हाऊस संचालन की जानकारी ली और गौशाला एवं कांजी हाउस में पर्याप्त जगह, चारे एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार आवारा मवेशियों को रखे जाने हेतु गौशाला एवं कांजी हाउस का विस्तार भी करने कहा। उन्होंने नक्सली पीड़ित परिवारों के पुनर्वास हेतु शासन की नीति के तहत कार्यवाही कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने सहित शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संवेदनशीलता के साथ पहल करने के निर्देश दिए। कमिश्नर डोमनसिंह ने बारिश के दौरान मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार हेतु सजगता के साथ दायित्व निर्वहन करने निर्देशित किया कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित उप स्वास्थ्य केंद्रों में मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। सभी स्तरों पर जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता को ध्यान रखकर मैदानी क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों सहित अंदरूनी ईलाके के आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों के पास भी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने निर्देशित किए। उन्होंने समीक्षा करते हुए जिले में संचालित नियद नेल्लानार योजनांतर्गत चलाए जा रहे मूलभूत सुविधा के कार्यों सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाने, भवन निर्माण, पोषण ट्रैकर, रैंकिंग वाटर, किचन शेड, पोषण वाटिका सहित सामग्रियों और गैस कनेक्शन की उपलब्धता की जानकारी ली।

कमिश्नर ने खरीफ फसल सीजन हेतु किसानों को पर्याप्त बीज-खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरक की व्यवस्था करने पर बल देते हुए आवश्यकता के आधार पर खाद की नई रैक मंगवाने के निर्देश दिए। बैठक में वनाधिकार मान्यता पत्रों का डिजिटाइजेशन एवं फौती-नामांतरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत नवीन पंजीकृत किसानों का ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग, जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति एवं पूर्ण योजनाओं को आरंभ करने सहित राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार प्रकरणों का निराकरण, भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेखों का दुरुस्तीकरण एवं संबंधित विभागों को संशोधित अभिलेख प्रदाय करने, राजस्व नक्शे में सुधार के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु अभियान इत्यादि की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने जिले में संचालित योजनाएं जैसे अटल पेंशन, जीवन ज्योति, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुषमान कार्ड, जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण के संबंध में पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये। कमिश्नर श्री डोमनसिंह ने कहा कि जिले के नक्सल प्रभावित परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने के पूर्व दस्तावेजोें का सत्यापन गंभीरता पूर्वक करें। उन्होंने जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी की पूर्ति करते हुए वीसी के माध्यम से शिक्षक विहीन स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने निर्देशित किए। बैठक के दौरान कलेक्टर बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सचिका नंदन के., उपायुक्त बीएस सिदार, एसडीएम वासु जैन, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, संयुक्त कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर अभयजीत मंडावी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग बद्रीश सुखदेवे सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

MOST POPULAR

HOT NEWS