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सुकमा में बड़ी कार्रवाई: नक्सलियों का स्मारक ध्वस्त, सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई

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सुकमा ब्रेकिंग नक्सलियों के खिलाफ सुकमा जिले में जारी है सुरक्षाबलों की कार्यवाही नक्सलियों के आधार स्तम्भ के रूप में मौजूद स्मारक को जवानों ने किया गया ध्वस्तथाना चिंतागुफा क्षेत्रांतर्गत ग्राम कडतीपारा में नक्सलियों ने बना रखा था स्मारकनक्सलियों के एक स्मारकों को सीआरपीएफ की सेकण्ड बटालियन के जवानों ने किया ध्वस्तकमांडेंट कमलेश कुमार के निर्देशन पर की गई कार्यवाही

नक्सली हिड़मा के चिता स्थल पर कर्मकांड

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आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए दर्जनों लोग कर रहे थे कथित दीनकर्म एमएमपुलिस ने पूछताछ करने के बद छोड़ दिया

अर्जुन झा

जगदलपुर कुछ माह पहले मुठभेड़ में मारे गए खूंखार नक्सली हिड़मा की चिता पर कर्मकांड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कर्मकांड करने वाले लोग पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए थे और उनकी संख्या करीब 80 रही होगी। सबसे खतरनाक श्रेणी के नक्सलियों में शुमार रहे हिड़मा को कुछ माह पहले सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस और सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में टॉप पर रहा हिड़मा बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का मूल निवासी था। मुठभेड़ में हिड़मा की पत्नी राजे भी मारी गई थी। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम पूवर्ती में किया गया था।बीती देर शाम पूवर्ती के श्मशान घाट में एकसाथ पहुंचे 70-80 लोगों द्वारा नक्सली कमांडर हिड़मा व उसकी पत्नी राजे की चिता पर कर्मकांड किया जा रहा था।

बताया जाता है कि ये सभी लोग बाहरी थे और तेलंगाना तथा आंध्रप्रदेश से आए थे। ये सभी लोग श्मशान में तथाकथित दीनक्रिया को अंजाम दे रहे थे। जब ग्रामीणों ने इस कर्मकांड का विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत की तब पुलिस ने 70-80 लोगों पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेकर पुलिस सभी लोगों को पूवर्ती से सुकमा ले गई। सुकमा में उनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही।पूछताछ के बाद सभी लोगों को पुलिस ने रिहा कर दिया। तथाकथित दीनकर्म करने वाले लोग किस संगठन से जुड़े हुए हैं और इस कर्मकांड को अंजाम देने के पीछे की उनकी मंशा क्या थी? यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसे लेकर पूरे सुकमा जिले में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या, आरोपी ने लगाई फांसी

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देवरी थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार को सनसनीखेज घटना सामने आई। गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक अज्ञात कारणों से हुए विवाद के दौरान एक युवक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से कार्यकर्ता की मौके पर ही मृत्यु हो गई।घटना के बाद आरोपी ने उसी आंगनबाड़ी केंद्र के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पूर्व में एक आपराधिक प्रकरण में सजा काट चुका था और हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। हालांकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।पुलिस द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य संकलित कर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

नगर पालिका अध्यक्ष की सक्रियता व प्रयासों से लाइट की रोशनी से जगमगाएगा नगर के सभी चौक चौराहे

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दल्लीराजहरा। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू के सक्रियता व प्रयासों से बीएसपी द्वारा सड़कों के जीर्णोद्धार के बाद अब नगर का सभी चौक चौराहा बिजली की रोशनी से जगमगाने वाली है। बीएसपी द्वारा नगर के बीएसपी क्षेत्र के प्रमुख चौक चौराहों पर कुल 60 लाख की लागत से दस हाई मास्क लाइट लगाएगी जिसकी रोशनी से चौक चौराहा दूर-दूर तक रोशन नजर आएगा और जिसकी जगमगाहट आने जाने वाले राहगीरों को दूर से आकर्षित करेगी। इसी तरह नगर के बी एस पी क्रिकेट स्टेडियम में फ्लड लाइट क्रिकेट को ध्यान में रखते हुए कुल 35 लाख की लागत से बड़े-बड़े हाई मास्क लाइट मैदान के चारों कोने पर लगाए जाएंगे। दल्ली राजहरा में होने वाले बी सी सी आई के रणजी ट्रॉफी स्तर के उच्च स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए उक्त शक्तिशाली हाई मास्क लाइट की व्यवस्था की गई है l

जल्द ही जिसे मैदान पर लगाया जाएगा। कुछ दिनों पूर्व नगर के बी एस पी टाउनशिप क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की गई।लगभग एक करोड़ के लागत से बनने वाले इस 13 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत करने का भूमि पूजन करने वाले नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने मजबूत व टिकाऊ सड़क बनने की उम्मीद जताई है।भाजपा के ट्रिपल इंजन की सरकार का असर अब दल्ली राजहरा में दिखने लगा है। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू के सक्रियता से जहां बी एस पी टाउनशिप की 13 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प हो रहा है। वहीं लगभग 95 लाख की लागत से बीएसपी के क्षेत्र में हाई मास्क लाइट लगाया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्र में ट्यूबलर लाइट के माध्यम से पूरे शहर को जगमगाया जाएगा।भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा दल्ली राजहरा खदान क्षेत्र के कुल 27 किलोमीटर सड़क में से अब प्रमुख रूप से अधिकतर उपयोग में आने वाले 13 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है।नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू के प्रयास से 15 साल बाद बनने वाले इन सड़कों को तीन से पांच फीट तक चौड़ीकरण किया जा रहा है। बी एस पी द्वारा विगत कई वर्षों से टाउनशिप सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए प्रयासरत था। हमेशा की तरह प्रथम प्राथमिकता में भिलाई व माइंस में नए खुलने वाले रावघाट लौह अयस्क खान क्षेत्र में विकास को प्रथम प्राथमिकता देने की वजह से दल्ली राजहरा खदान समूह क्षेत्र के टाउनशिप क्षेत्रों में व अन्य प्रभावित क्षेत्रों में विगत कुछ वर्षों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा था। लेकिन इस बार केंद्र, राज्य और नगरपालिका में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार बनने के बाद विकास कार्य अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। जिसके तहत बी एस पी द्वारा अपनी टाउनशिप क्षेत्र की सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। बीएसपी द्वारा जिन टाउनशिप क्षेत्र में तीन मीटर सड़क बनी हुई है वहां डेढ डेढ़ फीट दोनों तरफ चौड़ीकरण किया जा रहा है वही निर्मला स्कूल क्षेत्र के मुख्य मार्ग को 3 मीटर से 5 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है । इसी तरह बीएसपी के टाउनशिप में आवाजाही करने वाले निवासियों को ध्यान में रखकर सभी मुख्य मार्गों का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। बीएसपी द्वारा लगभग एक करोड़ की लागत से बनने वाले इस 13 किलोमीटर सड़क में सभी प्रकार के उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है।किसी भी प्रकार की लापरवाही इन सड़कों पर नहीं बर्दाश्त की जाएगी ऐसा भरोसा बीएसपी द्वारा नगर वासियों को दिलाया गया है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने बताया कि बीएसपी की टाउनशिप की सड़क लगातार बद से बदतर हो रही थी। टाउनशिप में निवासरत बीएसपी कर्मचारियों की लगातार मांगे थी कि बीएसपी के टाउनशिप की सड़कों का पूर्ण निर्माण कराया जाए जिसे ध्यान में रखकर बीएसपी की सड़कों का नवनिर्माण कराया जाने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे और जिसका परिणाम अब हमें देखने को मिल रहा है इन सड़कों के निर्माण से अब बीएसपी टाउनशिप निवासियों को आवाजाही में सुगमता का एहसास होगा और किसी भी प्रकार के गढ्ढों से हिचकोले खाने का टेंशन खत्म होगा और चकाचक जगमगाती रोशनी से रहागीरों और नगर वासियों को आने-जाने में सुविधा होगी वही असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त होंगे।

नक्सली भी करने लगे सोलर एनर्जी का इस्तेमाल

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पेट्रोमैक्स की जगह अब सौर ऊर्जा का उपयोग

सुरक्षा बलों को ताड़पाला हिल्स में मिला विस्फोटक व राशन का डंप

बीयर की बोतलें और सोलर प्लेटें भी मिलीं

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सली अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग तो कर ही रहे हैं, अब वे ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए आधुनिक तकनीक भी अपनाने लगे हैं। वे जंगलों में अपने आश्रय स्थलों को सोलर एनर्जी से रौशन करते हैं, मोबाइल फोन और संचार उकरणों की चार्जिंग भी सौर ऊर्जा से ही करते हैं। नक्सलियों के डंप से कई दफे सोलर प्लेटें बरामद की जा चुकी हैं, जो नक्सलियों की जीवनशैली में बदलाव की कहानी बयां करती है।

दरअसल बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सीआरपीएफ 196वीं वाहिनी और कोबरा बटालियन 204वीं वाहिनी की टीम ने एकबार फिर नक्सल विरोधी अभियान के तहत शुक्रवार को उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला हिल्स एरिया में सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा दो जगहों पर जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम एवं पॉलिथिन में छुपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री, राशन एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की है। नक्सली डंप से 13 नग डेटोनेटर, 11 किलोग्राम गन पावडर 4 नग प्लास्टिक ड्रम, दो नग स्टील ड्रम, दो नग लोहे के ड्रम, नक्सली वर्दी, जूते, कैप, डोरी, यूएसबी केबल, सोलर प्लेट एवं माओवादी साहित्य बरामद किए गए हैं।नक्सलियों द्वारा जमीन में बीयर की 13 बोतलों में प्रेशर स्विच सिस्टम से लगाए गये आइईडी तथा लोहे के पाईप में बने नग डायरेक्शन आइईडी भी मौके से बरामद किए गए। बरामद सभी आइईडी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा टेकमेटला कुंजामपारा क्षेत्र में निर्मित नक्सली स्मारक को भी ध्वस्त किया गया। नक्सली पहले जंगलों में स्थित अपनी पनाहगाहों और प्रशिक्षण शिविरों में लालटेन, ढीबरी और पेट्रोमैक्स से रौशनी किया करते थे। उनके पास पहले भरमार बंदूकें, सिंगल शॉट गन साधारण रायफल्स हुआ करती थीं। अब वे रौशनी के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने लगे हैं। इसी से नक्सली अपने मोबइल फोन, वॉकी टॉकी तथा अन्य संचार उपकरणों को चार्ज करते हैं। भरमार बंदूकों सिंगल शॉट गन और साधारण रायफलों की जगह नक्सली अब माउजर गन, एसएलआर, इंसास जैसे अत्याधुनिक हथियार से लैस हो चुके हैं।

जंगल में मंगल भी

सुरक्षा बलों के एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान नक्सली डंप से अक्सर महंगी शराब और बीयर की खाली बोतलें भी बरामद होती आई हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सली जंगल में मंगल मनाते हैं, जमकर मौज मस्ती करते हैं। जमकर शराब और बीयर का दौर चलता है। रही मुर्गा मटन की बात, तो उसकी जरूरत जंगल से ही पूरी हो जाती है। जंगलों में मिलने वाले जंगली मुर्गों, तीतर, बटेर, चीतल, हिरण का शिकार कर वे मांस का इंतजाम कर लेते हैं। चावल, दाल, आटा, नमक, मिर्च मसाले वे शहरों से खरीद ले जाते हैं।

मनाई वीर योद्धा जकरकन भतरा की जयंती

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बकावंड भूमकाल योद्धा एवं वीर क्रांतिकारी गुंडाधुर के साहसी साथी जकरकन भतरा की जयंती छोटे देवड़ा में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जकरकन भतरा कॉलेज बकावंड में समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि, आदिवासी युवा छात्र संगठन के सदस्य, कॉलेज के प्रिंसिपल एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम में वीर क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग और आदिवासी अस्मिता की रक्षा में उनके योगदान को याद करते हुए युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और पहचान को संजोकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। सभी ने मिलकर महान योद्धाओं के आदर्शों पर चलने और समाज की एकता व जागरूकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय ढोढरेपाल में 10वी 12वी के छात्र छात्राओं को परीक्षा की शुभकामनाओ के साथ विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन पानीग्राही ने प्रवेश पत्र किया वितरण किया

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कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा के प्रवेश पत्र वितरित किए गए इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को परीक्षा हेतु शुभकामनाएँ देते हुए प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्रदान किया।प्राचार्य श्री गोवर्धन पानीग्राही द्वारा घोषणा की गई कि जो भी छात्र-छात्रा बोर्ड परीक्षा मे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा उसे उनके पिता स्व. दिनमणि पानीग्राही जी की स्मृति में ₹11,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियाँ एवं अध्ययन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देकर उनका मार्गदर्शन किया तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया।इसी क्रम में IDBI बैंक के सहयोग से विद्यालय परिसर में “एक अच्छा नागरिक” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को कलर एवं पेन उपलब्ध कराए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।बैंक प्रतिनिधियों ने विद्यालय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय को दो वॉटर कूलर भी प्रदान किए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

सड़क पर पसरा रहा सन्नाटा, कार में मिला युवक का शव

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बालोद का निवासी था मृतक शोभाराम देहारी

जगदलपुर नगर के इंदिरा स्टेडियम के पीछे स्थित सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा और फिर अचानक ब्रेंजा कार में युवक का शव नजर आया। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बालोद निवासी शोभाराम देहारी के रूप में हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मृत्यु संभवतः देर रात हृदयाघात से हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों का खुलासा चिकित्सकीय परीक्षण और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक मृतक मूलतः बालोद का निवासी था और वर्तमान में वृंदावन कॉलोनी में रह रहा था। वह नियानार स्थित छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कारपोरेशन के कार्यालय में एसडीओ के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। मृतक की पहचान शोभाराम देहारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन स्थल पर पहुंच गए, जिससे वातावरण भावुक हो उठा।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देर रात युवक को किसी से ऊंचे स्वर में मोबाइल पर बातचीत करते सुना गया था। इसके बाद क्या हुआ, इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बहरहाल बोधघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

जम्ही टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसातीन युवकों की मौके पर मौत, टक्कर किस वाहन से हुई स्पष्ट नहीं

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बालोद। जिले के जम्ही टोल प्लाजा, ग्राम गुजरा के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल क्रमांक CG 24 R 1255 पर सवार ग्राम गुजरा निवासी विनोद पिता गुहराम, प्रशांत पिता गंगाराम एवं हरीश पिता हेमंत तेज रफ्तार से जा रहे थे।

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इसी दौरान सामने चल रहे ट्रक के पीछे अनियंत्रित होकर मोटरसाइकिल घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की सहायता से तीनों को जिला अस्पताल बालोद भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

चार नये श्रम कानूनों के खिलाफ लौह अयस्क खदानों में हुई जबरदस्त हडताल

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केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जा रहे चार श्रम कानूनों के विरोध में पूरे देश हुई राष्ट्रव्यापी हडताल के साथ दल्लीराजहरा की लौह अयस्क खदानों में भी कल 12 फरवरी को सीटू के नेतृत्व में जबरदस्त हडताल हुई । दल्ली राजहरा में सात यूनियन होने के बावजूद सिर्फ सीटू ने ही इस हडताल का बीडा उठाया। अन्य सभी यूनियनों ने हडताल से किनारा कर लिया। यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर हडताल में शामिल इंटक, व एटक यूनियन ने भी हडताल का समर्थन नहीं किया । फिर भी सीटू ने अकेले ही खदान के सभी श्रमिकों के बीच जाकर इस हडताल के महत्व का जमकर प्रचार किया । नये श्रम कानूनों के मजदूर विरोधी प्रावधानों से सबको अवगत कराते हुए हडताल पर रहने की अपील की, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला, और खदान के बहुत से मजदूर कामबंद हडताल में शामिल रहे।जिससे खदानों मे उत्पादन प्रभावित हुआ।

सुबह 5 बजे से ही सीटू के साथियों ने मोर्चा संभालते हुए सभी खदानों में नाका बंदी कर दी। हर खदान का गेट एक धरना स्थल बना दिया गया था। इस माहौल से प्रभावित श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकांश श्रमिक ड्यूटी पर नहीं गये। लौह अयस्क समूह की राजहरा खदान में लगभग 60% उत्खनन कार्य नहीं हो सका।महामाया, डुलकी, और कलवर नागुर खदानों में 7 घंटे तक बिल्कुल उत्पादन नहीं हुआ। इसी तरह दल्ली खदान के उत्पादन में भी कमी रिकार्ड की गई। इसके साथ ही उत्पादन में सहायक मेंटेनेंस, केंटीन, सुरक्षा गार्ड, इत्यादि सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी दौरान सुबह 11बजे हडताली साथियों ने पूरे शहर में बाइक रैली निकाली। इस रैली मे नये श्रम कानूनों रद्द करने के नारों से शहर गूंज उठा।

हडताल के साथ ही शाम 4 बजे माइंस आफिस के सामने विशाल आमसभा का आयोजन भी किया गया। इस आम सभा को सबोधित करते हुए सीटू अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि- आज की हडताल पिछली सभी हडतालों से बिल्कुल अलग है।आज की हडताल में हम वेतन भत्ता बढाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्षों पहले अपने संघर्षों से हासिल किए श्रमिक अधिकारों, को नये लेबर कोड के जरिये समाप्त किये जाने के खिलाफ हम आज सडकों पर हैं। मजदूरों के पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 21 नवम्बर 2025 को अधिसूचित किए गए चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इन कानूनों को बनाते समय , मजदूर प्रतिनिधियों से कोई चर्चा व विमर्श नहीं किया गया। केवल मालिक वर्ग के मुनाफे को बढाने के लिए मजदूरों के शोषण की खुली छूट इस कानून में दे दी गई है। जिसे एक लोकतांत्रिक व सभ्य समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा की मजदूर हितों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून को न केवल कमजोर किया गया है, बल्कि हित रक्षक श्रमिक संगठनों को सीमित और समाप्त किए जाने का षड्यंत्र भी इस कानून में छुपा हुआ है। इसी तरह अपनी मांगों पर हड़ताल जैसे हथियार के इस्तेमाल पर भी लगभग पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है । मजदूरों के शोषण के लिए काम के घंटे को बढ़कर 12 घंटे तक कर दिया गया है। 300 तक मजदूर वाले खदानों कारखानों व संस्थानों में छटनी व तालाबंदी की खुली छूट मालिकों को दे दी गई है। इसी तरह से रात्रि पाली में महिलाओं की ड्यूटी लगाने की स्वतंत्रता मालिकों के हाथ में होगी , जिससे महिलाओं के जीवन के लिए खतरा और बढ़ जाएगा । सरकार इन कानूनों का अपनी भोंपू मीडिया से बेहद जोर-जोर से प्रचार कर यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि ये श्रमिक जगत में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है और श्रमिकों के लाभकारी है। जबकि इन कानूनों का गहराई से अध्ययन करने पर पता चलता है, कि वास्तव में ये लेबर कोड मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज है । जिसे लागू कर देने के बाद देश का मजदूर वर्ग सरकार, प्रबंधन, ठेकेदार,और कारखाना मालिकों का गुलाम बनकर रह जाएगा। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कोई आवाज नहीं उठा पाएगा । ये कानून बिलकुल वैसे ही हैं, जैसे देश के किसानों के लिए सरकार तीन काले कानून लेकर आई थी ,जिन्हें किसानों ने कभी नहीं मांगा था ।

अब सरकार मजदूरों के लिए भी उसी तरह लेबर कोड लेकर आयी है। जिसे मजदूरों ने कभी नहीं मांगा है। ये कानून मालिकों की मांग पर बनाए गए हैं और मालिकों के हित साधने के लिए ही बनाए गए हैं । इसलिए ऐसे कानून का मजदूर वर्ग पुरजोर विरोध कर रहा है, और आज देश के 30 करोड़ मजदूर, किसान मोर्चा के समर्थन से हड़ताल में है। हम हर हाल में सरकार को पीछे ढकेलेगें और वर्षों पहले कुर्बानियों से हासिल किए गए अधिकारों में कटौती नहीं करने देंगे। उन्होंने बताया कि दुनिया के पूँजीवादी संकट में उलझे हमारे देश के उद्योगपतियों, कारखाना मालिको का मुनाफा कम हो रहा है। जिसकी भरपाई सरकार मजदूरों के पसीने को बंधक बनाकर करना चाहती है। जो हम कभी नहीं होने देंगे।जरूरत पडी तो आगे और बडे व लंबे संघर्ष के लिए देश का मेहनतकश वर्ग तैयार है। यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा किआज की हडताल किसी एक यूनियन की हडताल नहीं है बल्कि हर मजदूर के लिए स्वयं को और मजदूरों की अगली पीढ़ी को बचाने की लडाई है। पूंजीपति लोग करोड़ों रुपए इन्हें चुनाव में जीतने के लिए चंदा देते हैं । इसलिए सरकारें पूजीपतियों के फायदे के लिए ऐसे कानून ला रही है कि मजदूर, मालिकों के सामने खडा ही न हो पाए। इसीलिए इस कानून में हडताल करने वाले यूनियन नेताओं को जेल भेजने और उन पर जुर्माना लगाने का कडा प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि पिछले 10 -12 सालों में देश के पूजीपतियों का मुनाफा 100 गुना तक बढ गया है।लेकिन मजदूर वर्ग अपनी पूरी मजदूरी पाने के लिए अब भी संघर्ष कर रहा है। वर्तमान केंद्र सरकार आम जनता की सरकार नहीं है, ये पूंजीपतियों की सरकार है। इसलिए अपने पूजीपति मित्रों को देश की खनिज संपदा, जल जंगल, जमीन,और सभी संसाधन लुटा रही है। छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल की कटाई और अब बस्तर को अडानी के हवाले करने की तैयारी इस बात का सबूत हैं। हम वर्षों से ऐसी ताकतों से लडते आये हैं , आज भी लड रहे हैं,और कल भी लडेंगे, लेकिन मजदूरों पर गुलामी नहीं थोपने देंगे।यूनियन के सचिव कामरेड पुरुषोत्तम सिमैंया ने कहा कि आज की हड़ताल कितनी सफल हुई है यह हमारे अन्य मजदूर साथी देख रहे हैं । सीटू के साथी कितनी ईमानदारी के साथ हमारा रोजगार और हमारे अधिकार बचाने के लिए लड़ रहे हैं, । आज उन्होंने अपना एक दिन की वेतन भी हमारे अधिकार की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया । देश के 30 करोड़ मजदूर सरकार से लेबर कोड को रद्द करने की गुहार लगा रहे हैं । दल्ली राजहरा के तमाम श्रमिक वर्ग ने सहयोग दिया और इस हड़ताल में अभूतपूर्व सफलता मिली है जिसके लिए मै सबको धन्यवाद देता हूँ। यदि दल्लीराजहरा की अन्य यूनियनें भी देश के 30 करोड़ मजदूरों के साथ अपने हिस्से की लड़ाई लड़ते, तो दल्ली राजहरा में फिर एक बार इतिहास बन जाता, जिसके लिए दल्लीराजहरा जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीटू के साथियों ने बेहद गंभीरता और बहादुरी के साथ यहां के मजदूरों की लड़ाई लडी है।आगे स्थानीय मांगों पर भी हमें इसी जज्बे के साथ संघर्ष में उतरना है।ज्ञानेन्द्र सिंह अध्यक्षसीटू राजहरा।आज केंद्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे चार श्रम कानून के विरोध में दल्ली राजहरा के मजदूर संगठनो में सिर्फ सीटू द्वारा की गई एक दिवसीय हड़ताल ने कई मायने में यह साबित कर दिया है कि वास्तव में मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लड़ने वाला कौन संगठन है। आज मजदूर वर्ग को इस विषय पर विचार करना होगा । श्रम कानून यदि केंद्र सरकार लागू करने में सफल हो जाता है तो मजदूर वर्ग फिर से गुलाम जैसे काम करने पर मजबूर हो जाएंग। साथियों लड़ाई से यह कहकर पीछे हट जाना की यह केन्द्र का मुद्दा है सही नहीं है क्योंकि इन तमाम मुद्दों का असर सीधा श्रमिक वर्ग पर ही पड़ता है। इसलिए आज की हड़ताल अपने अधिकारों को बचाने की लड़ाई है जो श्रमिकों ने अनेकों संघर्षो और कुर्बानियों के बाद पाये है। हर एक अधिकार के लिये श्रमिक वर्ग को लड़ना पड़ा है। अतः आज इस हड़ताल के माध्यम से हम अपना विरोध दर्ज कर सरकार से यह मांग करते हैं कि चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए और 29 श्रम कानूनों को बहाल करें।

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