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कांग्रेस ने निकाली छत्तीसगढ़ न्याय पदयात्रा

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  • सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, प्लांट निजीकरण को लेकर न्याय यात्रा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा खूंटपदर से जगदलपुर तक आयोजित छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा बड़े विशाल रूप में निकली है। न्याय यात्रा के मुख्य यात्री पीसीसी चीफ दीपक बैज का जगह जगह स्वागत किया जा रहा है।

प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा षड्यंत्रपूर्वक निरस्त की गई सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना की मांग, एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट विनिवेशीकरण के विरोध, स्थानीय बेरोजगारों को एनएमडीसी में नौकरी देने, प्लांट से प्रभावित गांवों को सीएसआर राशि देने व एनएमडीसी का मुख्यालय जगदलपुर में लाने की मांग को लेकर कांग्रेस की नगरनार खूंटपदर से जगदलपुर तक विशाल छत्तीसगढ़ न्याय पदयात्रा निकाली गई है। रास्ते में जगह जगह दीपक बैज और अन्य कांग्रेस नेताओं का स्वागत किया गया। मंडिन चौक पर वार्ड पार्षद के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य भी उपस्थित थे।

नवविवाहित महिला ने की आत्महत्या

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दल्लीराजहरा नवविवाहित महिला ने की आत्महत्या सूत्रों से जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 23 की रहने वाली महिला माया हरपाल जिसकी उम्र लगभग 22 वर्ष बतायी जा रही हैं कल रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पति पत्नी का आपस में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने घर के छत में लगे पाइप में चुन्नी से लटक कर झूल गई परिवार द्वारा उतारकर हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया मृतक महिला वार्ड नंबर 23 में रहती थी लगभग 1 साल पहले सूरज हरपाल के साथ उसका विवाह हुआ था लड़की का मायका सुपेला है मृतका के परिजनों का कहना है कि ये आत्महत्या नही है हमारी बेटी की हत्या की गयी हैं मौके पर तहसीलदार व पुलिस की टीम पहुंच कर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के भेज दिया गया है। राजहरा पुलिस द्वारा हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। एवं मृतका के परिजनों को भी आशुतोष किया गया है कि जांच पूरी ईमानदारी से की जाएगी ।

पति अपने ही पत्नी को उतारा मौत का घाट, कुल्हाड़ी से ली जान

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दिनांक 03.01.2025 को प्रातः 05.30 बजे ग्राम सांगली थाना गुरूर निवासी केवलचंद साहू उम्र 38 वर्ष एवं उसकी पत्नि ईश्वरी बाई साहू उम्र 35 वर्ष के बीच घरेलू विवाद को लेकर वाद विवाद होने पर आरोपी पति केवलचंद साहू द्वारा अपनी पत्नि को घर में रखे कुल्हाड़ी से सिर जांग व पैरो में चोट पहुंचाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिसे धमतरी अस्पताल मे ईलाज हेतु भर्ती कराया गया था जो ईलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतिका ईश्वरी बाई साहू का पोस्ट मार्टम धमतरी अस्पताल में होने के उपरांत मामले की डायरी पुलिस चौकी कंवर आने पर अग्रिम कार्यवाही करते हुए थाना गुरूर में मर्ग क्रमांक 01/2025 धारा 194 बीएनएसएस एवं अप.क. 07/2025 धारा 103 बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया था। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारीयो को दिये जाने पर पुलिस अधीक्षक एस.आर. भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के निर्देश पर तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बोनीफॉस एक्का के मार्गदर्शन में आज दिनांक 04. 01.2025 को आरोपी केवलचंद साहू पिता जयराम साहू उम्र 38 वर्ष निवासी सांगली को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर उसके द्वारा अपराध कबूल करते हुए घटना में प्रयुक्त अलाजरब कुल्हाड़ी को जप्त कर अपराध सिद्ध पाये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्ययिक अभिरक्षा पर भेजा जा रहा है।

भाजपा पहले अपने दामन के दाग देखे: दीपक बैज

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जगदलपुर बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपों से घिरे सुरेश चंद्राकर के साथ अपना नाम घसीटे जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा को आड़ेहाथ लिया है। श्री बैज ने कहा है कि एक जिम्मेदार पत्रकार की हत्या पर यह भाजपा की ओछी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा है कि भाजपा पहले अपने दामन के दाग देखे।

किसी पवन सिंह ठाकुर, सुधीर तंबोली आदि ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें सुरेश चंद्राकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को गुलदस्ता भेंट कर रहे हैं और दोनों प्रसन्न मुद्रा में नजर आ रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि कंट्रेक्टर सुरेश चंद्राकर कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश सचिव और पूर्व सांसद व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के कट्टर समर्थक हैं। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा की तासीर ही ऎसी है। वह एक कर्मठ पत्रकार की हत्या के मामले पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आती। पूरे राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। प्रायः रोज हत्या, बलात्कार, लूट जैसी जघन्य वारदातें हो रही हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा तक, मानपुर मोहला से लेकर कवर्धा तक और रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक अपराधों एवं अपराधियों की बहार है। सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम है। भाजपा नेताओं के संरक्षण में अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं। श्री बैज ने कहा कि भाजपाई अपनी सरकार की नाकामी छुपाने अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। सुरेश चंद्राकर पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, न ही अभी उनका नाम आया है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस वो पार्टी है, जो अपराधियों को भाजपा की तरह अपराधियों को बचाती नहीं, जैसा कि महिला पहलवानों के मामले में भाजपा ने किया था। अगर सुरेश चंद्राकर आरोपी हैं और उन पर आरोप सिद्ध हो जाती है, तो कांग्रेस अपने पार्टी संविधान के मुताबिक जरूर कार्रवाई करेगी।

विशाल निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर07/01/25 दिन मंगलवार को

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दल्लीराजहरा विगत वर्षों से दल्ली राजहरा कि जनता के मांगों को देखते हुए निशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन दिनांक 07/01/2025 दिन मंगलवार को स्व.  कमल चंद जी जैन के स्मृति में एवं   सुधर्म नवयुवक मण्डल दल्ली राजहरा के तत्वाधान मे जैन भवन मे किया जा रहा है जिसमें अहमदाबाद निवासी प्रख्यात आयुर्वेदिक दंत वैद्य श्रीमति सरोजबेन जोशी एवं दंत वैद्य हर्षद भाई जोशी द्वारा सड़े गले दांत बिना इंजेक्शन बिना दर्द के जालंधर बंध योग प्रक्रिया से आसानी से निकाले जाएंगे ।विशेष:- शुगर पेशेंट, ब्लड प्रेशर और हार्ट पेशेन्ट के टेस्ट कर दांत तुरंत निकाले जाएंगे । नगर वाशियों से निवेदन है की अग्रिम पंजीयन् कराकर शिविर का लाभ अवश्य लेवें..

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर रहस्यमय ढंग से लापता; ठेकेदार- नक्सली गठजोड़ पर शक

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  •  पत्रकार के भाई को है ठेकेदारों का हाथ होने का शक 
  • बस्तर के वरिष्ठ पत्रकारों ने आईजी से की अपील 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बीजापुरके कार्यरत एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी से लापता है। नक्सल इलाके में एक पत्रकार के इस तरह लापता होना सरकार और पत्रकार जगत के लिए चिंता का विषय है।

मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने भाई की गुमशुदगी के लिए कुछ ठेकेदारों पर शक जाहिर किया है। युकेश चंद्राकर का कहना है कि कुछ दिनों पहले मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर से मीरतूर तक 120 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही 45 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में घोटाले की खबर अपने चैनल पर चलाई थी। युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में भी विकास के कार्य राज्य सरकार कृत संकल्पित होकर करा रही है। इलाके में अरबों रुपए के विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन काम के नाम पर अधिकारी ओर ठेकेदार जब मिलीभगत करके लीपापोती करते हैं, तब पत्रकार उसे उजागर करते हैं। इससे परेशान होकर कुछ ठेकेदारों ने पत्रकार को सबक सिखाने के इरादे से शायद उसका किडनैप किया है। चर्चा यह भी है कि इसमें नक्सलियों का हाथ हो सकता है और संभवतः ठेकेदारों ने भी नक्सलियों का सहारा लिया होगा। बड़े ठेकेदारों की नक्सलियों से सांठगांठ जग जाहिर है।

जिस इलाके में सैन्य बल की सड़क निर्माण करने वाली संस्था सीमा सड़क संगठन बीआरओ यानि बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन के भी हाथ खड़े करने की नौबत आ जाती है, उस इलाके में निजी ठेकेदार आसानी से सड़कें कैसे बनवा लेते हैं, इसी बात से नक्सलियों और ठेजेदारों में गठजोड़ की पुष्टि हो जाती है। बहरहाल एक पत्रकार का इस तरह रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती और चिंता का विषय है। इस घटनाक्रम से बस्तर के पत्रकार हतप्रभ और चिंतित हैं। बस्तर संभाग के वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन झा, महेंद्र महापात्र, नवीन गुप्ता, स्वरूप राज, एफआर साहू, रवि पटनायक, योगेश पाणिग्रही समेत अन्य पत्रकारों ने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी से पत्रकार मुकेश चंद्राकर की जल्द से जल्द सकुशल रिहाई सुनिश्चित कराने की अपील की है।

संपर्क में रहने वालों से पूछताछ

इस बीच पुलिस ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है कि बीजापुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है, जो अपने मिशन में लग भी गई है। 1 जनवरी की रात के पूर्व में मुकेश चंद्राकर के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक युगलैंडन यार्क के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गेश शर्मा समेत अन्य अधिकारियों की टीम गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि मुकेश चंद्राकर की पतासाजी के लिए बीजापुर पुलिस द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

सेप्टिक टैंक में मिली लाश

इधर देर शाम खबर आई कि दो दिन से लापता पत्रकार मुकेश चंद्राकर की लाश चंद्राकर ब्रदर्स के घर के पीछे सेप्टिक टैंक में मिली है। शव क्षतिग्रस्त हालत में पाई गई है। ठेकेदारों पर मुकेश के अपहरण और हत्या का आरोप मुकेश चंद्राकर के भाई यूकेश चंद्राकर ने लगाया है, लेकिन पुलिस अभी केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है। देर रात तक मामले में पुलिस कुछ खुलासा कर सकती है। चंद्राकर ब्रदर्स फर्म भी ठेकेदारी के काम से जुड़ी हुई है। सूत्र बताते हैं कि लाश को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले एक राजमिस्त्री को पुलिस ने पकड़ा है, जिससे सघन पूछताछ चल रही है। इसी मिस्त्री से सेप्टिक टैंक जैसा गड्ढा बनवाकर उसमें पत्रकार के लाश को डाल दिया गया और ऊपर सीमेंट कांक्रिट से गड्ढे को कवर कर दिया गया था। पकड़ा गया राजमिस्त्री ही इस हत्याकांड का असली राजदार है और वही असली आरोपियों तक पुलिस को पहुंचा सकता है। कहा जा रहा है कि मुकेश चंद्राकर की आखिरी कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस इस राजमिस्त्री तक पहुंच पाई है।

नया पर्यटन स्थल तिरिया बना आकर्षण का केंद्र, सैर-सपाटे के साथ पिकनिक का नया डेस्टिनेशन है यह

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  •  वन विभाग पर्यटन समिति के जरिए कर रहा पर्यटक सुविधाओं का विकास 

जगदलपुर नव वर्ष के आगमन के साथ ही बस्तर जिले का नया पर्यटन स्थल तिरिया पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। हरे-भरे जंगल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थान लोगों को शहरी जीवन की भाग-दौड़ से दूर शांति और सुकून का अनुभव करा रहा है। तिरिया अपनी प्राकृतिक झरनों, घने जंगलों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सैर सपाटे और पिकनिक के लिए एक नया डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो रहा है।

नव वर्ष की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों के साथ प्रकृति का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा स्थानीय पर्यटन समिति के माध्यम से इस पर्यटन स्थल की विशेष रूप से साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक पहल की गई है, जिससे पर्यटकों को सहूलियत हो सके। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर वनांचल में स्थित तिरिया तक दुपहिया या टैक्सी के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्थानीय पर्यटन समिति के सदस्य लोकूराम बताते हैं कि शासन द्वारा ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन पत्र प्रदान किया गया है। जिससे उनकी समिति के युवा यहां पर्यटकों को बम्बू राफ्टिंग और नौका विहार करवा रहे हैं। साथ ही पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन परोस कर उन्हें पारम्परिक बस्तरिया स्वाद से वाकिफ करवा रहे हैं। इसके जरिए समिति के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है और अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि तिरिया पर्यटन स्थल का प्राकृतिक सौंदर्य सालभर पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन सर्दियों के मौसम में इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। झरनों से झर झर झरता पानी और हरियाली का दृश्य एक अद्भुत अनुभव कराता है। वन विभाग ने पर्यटन समिति के युवाओं के जरिए इस बार तिरिया में कई नई सुविधाएं भी जोड़ी हैं, जिनमें बेहतर पार्किंग सुविधा, बम्बू राफ्टिंग, नौका विहार और गाइड सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय व्यंजन और स्थानीय संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। पर्यटन समिति आगामी दिनों में ट्रैकिंग और कैम्पिंग की सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रही है।

सराहा पर्यटकों ने

पर्यटकों ने इस स्थल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जगह न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि पिकनिक मनाने वाले लोगों का भी पंसदीदा स्थल बन चुका है। ट्रैकिंग और कैम्पिंग जैसी गतिविधियों शुरू होने से अधिकाधिक युवा वर्ग तिरिया में ज्यादा आकर्षित होंगे।

स्वच्छता पर विशेष ध्यान

पर्यटन समिति के युवा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए तिरिया को विकसित करने की योजना बनाई है। इस पहल से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिति द्वारा यहां पर स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने के लिए पर्यटकों से अपील करते हुए प्रकृति के इस अनुपम धरोहर के संरक्षण में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। वास्तव में नव वर्ष पर तिरिया की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि बस्तर के पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जो आने वाले समय में राज्य के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा दे सकती हैं।

आदिवासियों की आवाज उठाने पर फंसाया गया है मुझे; मैं अनपढ़, ईमानदार गरीब आदमी: कवासी लखमा

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  •  ईडी दफ्तर जाने से पहले मीडिया से बोले लखमा
  • खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया लखमा दादी ने
  • कवासी लखमा ने खेला अब आदिवासी कार्ड

अर्जुन झा

जगदलपुर शराब घोटाला मामले में ईडी के चंगुल में फंस चुके पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने खुद को बेकसूर, ईमानदार और गरीब इंसान बताते हुए ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। इस दौरान उन्होंने आदिवासी कार्ड भी खेला और रामायण के एक प्रसंग से भी खुद को जोड़ा।
कांग्रेस शासनकाल में हुए शराब घोटाले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज शुक्रवार को रायपुर स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। ईडी ने उन्हें और उनके सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष पुत्र हरीश कवासी को पूछताछ लिए बुलाया था। कवासी परिवार के ठिकानों पर आठ घंटे तक चली छापेमारी के बाद उन्हें तलब किया गया है। ईडी दफ्तर जाने से पहले मीडिया कर्मियों ने कवासी लखमा को घेर लिया। लखमा 4 मिनट 24 सेकंड तक अपनी बात मीडिया के सामने अपनी बात रखते रहे। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को अपने द्वारा विधानसभा में उठाए भ्रष्टाचार, आदिम जाति कल्याण विभाग के आश्रम छात्रावासों में विद्यार्थियों की मौत, उनके साथ हो रही घटनाएं उठाए जाने तथा होने जा रहे पंचायत एवं नगरीय निकायों से जोड़ा। कवासी लखमा ने कहा कि आदिवासी हित की बात उठाने और स्थानीय निकायों के चुनावों को प्रभावित करने के इरादे से भाजपा के इशारे पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मैं डरने, झुकने वाला नहीं हूं, मुझे कानून और ईडी पर भरोसा है। इसके साथ ही कवासी लखमा ने कहा- मैं अनपढ़, ईमानदार, गरीब आदिवासी हूं। मेरे पास मात्र छह एकड़ जमीन है, चार एकड़ गांव में और दो एकड़ जगदलपुर में। लखमा ने कहा कि मैं रामायण सीरियल कभी देखता नहीं था, कोरोना के दौरान देखा। रामायण में जिस तरह राजा दशरथ ने एक गरीब व्यक्ति पर बाण चलाया था और उस गरीब का श्राप राजा दशरथ को भोगना पड़ा था, आज वैसा ही मेरे साथ भी हो रहा है। कवासी लखमा ने यह भी कहा कि मैं ईडी के हर सवाल का जवाब दूंगा और मरते दम तक गरीबों की सेवा करता रहूंगा।

नहीं पहुंचा कोई समर्थक
आम तौर पर जब किसी नेता को ईडी या सीबीआई जैसी जांच एजेंसियां बुलाती हैं, तब इन जांच एजेंसियों के दफ्तर के सामने संबधित नेता के समर्थकों और उसके दल के नेता कार्यकर्ताओं का हुजूम लग जाता है, मगर कवासी लखमा के मामले में ऎसी कोई बात नजर नहीं आई। कवासी लखमा निपट अकेले नजर आए। उनके पीछे न कोई समर्थक था, न ही कांग्रेस के लोग पहुंचे थे।ईडी दफ्तर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। कोई नहीं था बाहर और कोई प्रदर्शन हुआ कांग्रेस का कोई नेता भी नहीं पहुंचा। इससे लगता है कि ईडी के शिकंजे में आने के बाद अब कांग्रेस ने अपने ही नेता कवासी लखमा को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बड़ी बात तो यह कि कवासी लखमा अपने जिस आका के इशारे पर नाचते, गरजते रहे हैं, उस आका के खेमे से भी कोई कांग्रेसी लखमा के जख्म पर मलहम लगाने नहीं पहुंचा।

निर्दोष हैं लखमा: शिव
पूर्व मंत्री कवासी लखमा से ईडी की पूछताछ को लेकर पूर्व मंत्री शिव डहरिया का बयान जरूर सामने आए हैं। डहरिया ने कहा है कि बस्तर में लखमा कांग्रेस की मजबूत कड़ी हैं, निकाय और पंचायत चुनाव है, इसलिए
मजबूत कड़ी को तोड़ने का प्रयास हो रहा है। शिव डहरिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बस्तर में कमजोर हो जाए यही प्रयास है।लखमा हमारी पार्टी के आदिवासी नेता हैं ईमानदार व्यक्ति हैं। वे
ईडी की जांच में खरे उतरेंगे, निराअपराध घोषित होंगे।
कांग्रेस को तोड़ने की साजिश है। उन्होंने कहा कि
बिना जांच के कोई एजेंसी दोषी नहीं बता सकती है।

निर्दोष हैं, तो साबित करें: साव
उधर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ईडी की जांच के दायरे में आए कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ईडी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है, जो भी स्थिति है, वह ईडी को बताना चाहिए, जो जानकारी है वो जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। साव ने कहा कि चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है। उनके भावनात्मक बातें करने से विषय नहीं बनेगा। जांच के जो तथ्य हैं, उन्हे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। साव ने कहा कि आपको ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है तो जांच में सहयोग करें। अगर आप निर्दोष है तो उस तरह की बात कीजिए। ईडी सभी बातों पर विचार करेगा। साव ने भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ का एक-एक व्यक्ति इस बात को जानता है कि प्रदेश में शराब घोटाला हो रहा था। कैसे शराब दुकानों में दो-दो काउंटर बने थे, नकली होलोग्राम का उपयोग किया गया था। कांग्रेस सरकार में एक आर्गनाइज क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर शराब घोटाले को अंजाम दिया गया। ये छत्तीसगढ़ के आम लोग जानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ये जांच कांग्रेस सरकार के रहते हुए शुरू हुई थी, जांच एक सतत प्रकिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रकिया पर सभी को भरोसा करना चाहिए और जो तथ्य हैं वह ईडी को बताना चाहिए।

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर रहस्यमय ढंग से लापता; ठेकेदार- नक्सली गठजोड़ पर शक

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  • पत्रकार के भाई को है ठेकेदारों का हाथ होने का शक
  •  बस्तर के वरिष्ठ पत्रकारों ने आईजी से की अपील 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बीजापुरके कार्यरत एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी से लापता है। नक्सल इलाके में एक पत्रकार के इस तरह लापता होना सरकार और पत्रकार जगत के लिए चिंता का विषय है।

मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने भाई की गुमशुदगी के लिए कुछ ठेकेदारों पर शक जाहिर किया है। युकेश चंद्राकर का कहना है कि कुछ दिनों पहले मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर से मीरतूर तक 120 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही 45 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में घोटाले की खबर अपने चैनल पर चलाई थी। युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में भी विकास के कार्य राज्य सरकार कृत संकल्पित होकर करा रही है। इलाके में अरबों रुपए के विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन काम के नाम पर अधिकारी ओर ठेकेदार जब मिलीभगत करके लीपापोती करते हैं, तब पत्रकार उसे उजागर करते हैं। इससे परेशान होकर कुछ ठेकेदारों ने पत्रकार को सबक सिखाने के इरादे से शायद उसका किडनैप किया है। चर्चा यह भी है कि इसमें नक्सलियों का हाथ हो सकता है और संभवतः ठेकेदारों ने भी नक्सलियों का सहारा लिया होगा। बड़े ठेकेदारों की नक्सलियों से सांठगांठ जग जाहिर है। जिस इलाके में सैन्य बल की सड़क निर्माण करने वाली संस्था सीमा सड़क संगठन बीआरओ यानि बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन के भी हाथ खड़े करने की नौबत आ जाती है, उस इलाके में निजी ठेकेदार आसानी से सड़कें कैसे बनवा लेते हैं, इसी बात से नक्सलियों और ठेजेदारों में गठजोड़ की पुष्टि हो जाती है। बहरहाल एक पत्रकार का इस तरह रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती और चिंता का विषय है। इस घटनाक्रम से बस्तर के पत्रकार हतप्रभ और चिंतित हैं। बस्तर संभाग के वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन झा, महेंद्र महापात्र, नवीन गुप्ता, स्वरूप राज, एफआर साहू, रवि पटनायक, योगेश पाणिग्रही समेत अन्य पत्रकारों ने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी से पत्रकार मुकेश चंद्राकर की जल्द से जल्द सकुशल रिहाई सुनिश्चित कराने की अपील की है

संपर्क में रहने वालों से पूछताछ

इस बीच पुलिस ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है कि बीजापुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है, जो अपने मिशन में लग भी गई है। 1 जनवरी की रात के पूर्व में मुकेश चंद्राकर के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक युगलैंडन यार्क के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गेश शर्मा समेत अन्य अधिकारियों की टीम गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि मुकेश चंद्राकर की पतासाजी के लिए बीजापुर पुलिस द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

प्रसिद्ध गोविंदपुर कांकेर मेले की इस बार भी रहेगी धूम, तैयारियां जोरों पर

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  •  मेला आयोजन को लेकर शांति समिति की बैठक
  •  विभिन्न विभागों को सौंपी आयोजन की जिम्मेदारी 

जगदलपुर बस्तर संभाग के उत्तर बस्तर कांकेर क्षेत्र के विख्यात कांकेर एवं गोविंदपुर वार्षिक मेले की तैयारियां जोरों पर है। यह मेला उत्तर बस्तर का सबसे बड़ा मेला है।

आयोजन के संबंध में अपर कलेक्टर जितेंद्र कुर्रे की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में मेला के दौरान कानून व्यवस्था, यातायात, विद्युत, पानी, पार्किंग, साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य सहित मेला स्थलों में नागरिकों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष तथा स्वास्थ्य परीक्षण जांच कक्ष स्थापित करने पर चर्चा हुई। पुलिस विभाग को मेला स्थल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की ड्यूटी लगाने तथा यातायात व्यवस्था के लिए रूट चार्ट बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि कांकेर एवं गोविंदपुर मेला स्थल में संपूर्ण अवधि के लिए कानून एवं शांति व्यवस्था हेतु एसडीएम कांकेर द्वारा मजिस्ट्रियल ड्यूटी लगाई जाएगी। इसी तरह मेला के दौरान विद्युत व्यवस्था के निर्विघ्न एवं सुचारू रूप से आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग को जवाबदेही दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दोनों मेला स्थल में कैम्प लगाकर पर्याप्त चिकित्सकों के दल आवश्यक दवाईयों के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बैठक में फायर बिग्रेड एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, खाद्य सामग्रियों की जांच, देव स्थलों के आसपास सफाई करने तथा पूजा व्यवस्था, मेला भाठा की साफ-सफाई, दुकान आबंटन, शौचालय, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण पर कार्यवाही सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में समिति के सदस्यों ने भी अहम सुझाव दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर अशोक मारबल, नायब तहसीलदार अभिषेक देवांगन, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष नागर, कांकेर पार्षदगण, सरपंच गोविंदपुर सतरूपा कांगे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मेला आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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