City Media - Page 529 of 1854 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 529

बुथ विजय अभियान के तहत 30मार्च को सभी घरों कमल का झंडा लगाऐ विधानसभा प्रभारी – राजेश ताम्रकार

0

भारतीय जनता पार्टी डौडी लोहारा विधानसभा प्रभारी राजेश ताम्रकार ने डौडी लोहारा मंडल दल्ली राजहरा मंडल डौंडी मंडल का दौरा कर अलग अलग बैठक लेकर कार्यकर्ताओं को कांकेर लोकसभा के प्रत्याशी भोजराज नाग को विजयश्री दिलाने आवश्यक बैठक लिया

डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि 30 मार्च के दिन बुथ विजय संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने घरों मे कमल का झंडा फहराना है तथा आसपास के घरों में 10 घरों में कमल का झंडा फहराना है-यह चुनाव का महाभियान चल रहा है प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को 200 लाभार्थी परिवार में सम्पर्क करना इस लाभार्थी सम्पर्क अभियान में बहुत अध्यक्ष संयोजक सहसंयोजक आदि कार्यकर्ता को जबरदस्त अभियान छेडकर लाभार्थी सम्पर्क अभियान को सफल बनाना है श्री ताम्रकार ने कहा कि एक दिन परिवार के सदस्यों को जैसे भाई बहन भतीजा को सदस्य बनाने के लिये मिस्ड कॉल करें तथा उनसे मान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के किए गये कार्यों की चर्चा भी करना चाहिए बहुत विजय अभियान के तहत कार्यकर्ताओ को दिवाल लेखन अब की बार400 पार इस बार मोदी सरकार सहित पार्टी प्रत्याशी को विजयश्री दिलाने का नारा लेखन करें

ताम्रकार ने कहा कि पॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370का विरोध करते हुए अपना बलिदान कर दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने धारा 370 समाप्त कर दिया और अब सभी कार्यकर्ताओ को चाहिए कि अपने अपने सुरों में जाकर 370वोटो की बढ़ोतरी करके भाजपा के पक्ष में वोट कराकर हमारे प्रणेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दे श्री राजेश ताम्रकार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कमजोर बहुत में कार्य प्रारंभ कर प्रभारी संयोजक सहसंयोजक बुथो का दौरा कर सामाजिक सांस्कृतिक धार्मिक लोगों से सम्पर्क कर बैठक करके जाति पंथ संप्रदाय से ऊपर उठकर कार्य करें और कमजोर बुथो को मजबूत करें  ताम्रकार ने कहा कि भा जा पा को विजयश्री दिलाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मजबूत करें ताकि मजबूत राष्ट्र विकसित भारत का सपना साकार कर सके बैठक में छाया विधायक देवलाल ठाकुर मंडल अध्यक्ष रुपेश कुमार सिन्हा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी मंडल अध्यक्ष मनीष झा देवेंद्र जायसवाल होरी लाल रावते जयेश ठाकुर दिलीप शर्मा मदन मायती संतोष देवांगन महेंद्र पिपरे सुरेश जायसवाल स्वाधीन जैन मनजीत कौर अंजु साहु गीता मरकाम कुमारी रावते टी ज्योती सुखवतीन ठाकुर उषा साहु रानी ठाकुर डौडी मडल से दिनेश अग्रवाल संजीव मानकर अजय चौहान माध्यम क्षेत्र सोमेश सोरी छगन यदु छगन साहु हिन्छाराम साहु रुपेश नायक सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे l राजेश ताम्रकार

 

चंद कदम दूर बड़ा खेला हो गया और बेखबर कैसे रह गए भूपेश बघेल

0
  •  अपने विश्वस्त सहयोगी के पलायन की भनक तक नहीं लग पाई पूर्व सीएम को

अर्जुन झा

जगदलपुर बुधवार को जिस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चंद कदम दूर एक मंच पर मौजूद थे, ठीक उसी वक्त उनकी सबसे विश्वस्त रही जगदलपुर की महापौर सफीरा साहू भाजपा का दामन थाम रही थीं। जगदलपुर में इतना बड़ा खेला हो गया और भूपेश बघेल को अपने विश्वस्त सहयोगी के पलायन की कानों कान भनक तक नहीं लग पाई? आखिर यह कैसे मुमकिन है। इस बात की यहां बड़ी चर्चा हो रही है।

हालांकि सफीरा साहू के भाजपा प्रवेश पर भूपेश बघेल ने शायराना अंदाज में यह जरूर कहा है कि ‘यूं ही कोई बेवफा नहीं हो जाता, कुछ तो मजबूरियां रही होंगी।’ भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि दवाब की राजनीति से लोगों को भाजपा में ले जाया जा रहा है। इस बयान से भूपेश की भी मजबूरी झलकती है। क्योंकि उन्ही के खेमे के विश्वस्त सलाहकारों के बीच की महापौर का पलायन बीजेपी में हुआ है।अब भूपेश बघेल अपनी मजबूरी और अपने दर्द को ही बयान कर रहे हैं। मान भी लें कि भाजपा दबाव की राजनीति के तहत मेयर को अपने पाले में ले गई है, तो जो कुछ भी हुआ होगा, वह कांग्रेस के ही शासन काल में हुआ होगा। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने नगर निगम में काला पीला करने की खुली छूट महापौर को दे रखी थी? क्या कांग्रेस के लोग सत्ता को सिर्फ कमाई का ही जरिया मानते हैं? सवाल सिर्फ कांग्रेस से ही नहीं, बल्कि भाजपा से भी है कि बुधवार से पहले तक जो दाग भाजपा नेताओं को बुरे लगते थे वे दाग क्या अब अच्छे हो गए हैं? क्या भाजपा की वाशिंग मशीन में वो दाग धुल गए हैं? जनता जनार्दन सब देख और समझ रही है, वह जब फैसला सुनाएगी, तो उसका दर्द पांच साल तक राजनेताओं को चैन से सोने नहीं देगा। कहते हैं वक्त की मार बड़ी बुरी होती है और इतिहास खुद को दोहराता है। एक आदिवासी नेता दीपक बैज के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए बीते विधानसभा चुनाव में जो हठकंडे कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेताओं के इशारे पर बस्तर संभाग के पूर्व मंत्री, दो विधायकों, एक पूर्व विधायक और निगम, प्राधिकरण के दो पदाधिकारियों ने अपनाए थे, उनके बारे में बस्तर की जनता अब अच्छे से जान चुकी है। और तो और दीपक बैज को दोबारा कांग्रेस से लोकसभा का टिकट न मिल पाए इसके लिए विरोधी गुट ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इस लॉबी के झूठ फरेब के आगे कांग्रेस नेतृत्व नत मस्तक हो गया। अब उसी पुराने घटनाक्रम की पुनरावृति लोकसभा चुनाव में होने वाली है। फर्क इतना है कि इस घटनाक्रम का किरदार कोई कांग्रेस नेता नहीं, बल्कि आम मतदाता है। दीपक बैज के बारे में तो कहावत चल पड़ी है कि वे बुरा करने वालों को भी माफ करते हुए आगे बढ़ने और पार्टी की भलाई के लिए काम करने में विश्वास रखते हैं। आज वे पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए तन मन से काम कर रहे हैं।

सफीरा गईं या भेजी गईं भाजपा में

महापौर सफीरा साहू के अचानक भाजपा प्रवेश से एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि सफीरा साहू अपनी मर्जी से भाजपा में गई हैं, या फिर किसी बड़े कांग्रेस नेता के कहने पर? जगदलपुर के कांग्रेस नेताओं के बीच चर्चा है कि सफीरा साहू जब चारों ओर से घिर गईं, तब उन्होंने अपने बचाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री तथा कुछ अन्य बड़े कांग्रेस नेताओं से मदद मांगी, लेकिन सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए। उन्हें सुझाव दिया गया कि भाजपा की वाशिंग मशीन में जाकर ही आपके दामन के दाग धुल सकते हैं। इस तरह उन्हें भाजपा में जाने के लिए प्रेरित किया गया। इसका मतलब तो यही निकलता है कि खुद कांग्रेसियों ने ही सफीरा साहू को भाजपा में शामिल होने के लिए उकसाया था। पूरे पांच साल तक काला पीला करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहा, कांग्रेस सरकार की बदनामी का ध्यान नहीं रखा गया और ऐन लोकसभा चुनाव के बीच महापौर समेत पांच बड़े कांग्रेस नेताओं को भाजपा ज्वाइन करने की खुली छूट दे दी गई

मेयर ने मौर्य पर फोड़ा ठीकरा

महापौर ने अपने भाजपा प्रवेश का ठीकरा शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य पर फोड़ा है। अपने भाजपा प्रवेश के बाद पत्रकारों से चर्चा में सफीरा साहू ने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है। जिला कांग्रेस कार्यालय में महिला कार्यकर्ताओं को सरेआम बेइज्जत किया जाता है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का व्यवहार जरा भी शालीन नहीं है। सफीरा साहू ने कहा कि जब दो महिला नेत्रियों ने त्यागपत्र दिया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें समझाने की भी जरूरत नहीं समझी। साथ ही सफीरा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के कामकाज की जमकर सराहना भी की और कहा कि इन नेताओं ने बिना भेदभाव किए शहर के विकास के लिए पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराई है। उन्होंने बताया कि विकसित भारत संकल्प के कार्यक्रमों में भाग लेने के दौरान ही मैंने भाजपा में जाने का मन बना लिया था।

चंद कदम दूर बड़ा खेला हो गया और बेखबर कैसे रह गए भूपेश बघेल

0
  •  अपने विश्वस्त सहयोगी के पलायन की भनक तक नहीं लग पाई पूर्व सीएम को

अर्जुन झा

जगदलपुर बुधवार को जिस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चंद कदम दूर एक मंच पर मौजूद थे, ठीक उसी वक्त उनकी सबसे विश्वस्त रही जगदलपुर की महापौर सफीरा साहू भाजपा का दामन थाम रही थीं। जगदलपुर में इतना बड़ा खेला हो गया और भूपेश बघेल को अपने विश्वस्त सहयोगी के पलायन की कानों कान भनक तक नहीं लग पाई? आखिर यह कैसे मुमकिन है। इस बात की यहां बड़ी चर्चा हो रही है।

हालांकि सफीरा साहू के भाजपा प्रवेश पर भूपेश बघेल ने शायराना अंदाज में यह जरूर कहा है कि ‘यूं ही कोई बेवफा नहीं हो जाता, कुछ तो मजबूरियां रही होंगी।’ भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि दवाब की राजनीति से लोगों को भाजपा में ले जाया जा रहा है। इस बयान से भूपेश की भी मजबूरी झलकती है। क्योंकि उन्ही के खेमे के विश्वस्त सलाहकारों के बीच की महापौर का पलायन बीजेपी में हुआ है।अब भूपेश बघेल अपनी मजबूरी और अपने दर्द को ही बयान कर रहे हैं। मान भी लें कि भाजपा दबाव की राजनीति के तहत मेयर को अपने पाले में ले गई है, तो जो कुछ भी हुआ होगा, वह कांग्रेस के ही शासन काल में हुआ होगा। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने नगर निगम में काला पीला करने की खुली छूट महापौर को दे रखी थी? क्या कांग्रेस के लोग सत्ता को सिर्फ कमाई का ही जरिया मानते हैं? सवाल सिर्फ कांग्रेस से ही नहीं, बल्कि भाजपा से भी है कि बुधवार से पहले तक जो दाग भाजपा नेताओं को बुरे लगते थे वे दाग क्या अब अच्छे हो गए हैं? क्या भाजपा की वाशिंग मशीन में वो दाग धुल गए हैं? जनता जनार्दन सब देख और समझ रही है, वह जब फैसला सुनाएगी, तो उसका दर्द पांच साल तक राजनेताओं को चैन से सोने नहीं देगा। कहते हैं वक्त की मार बड़ी बुरी होती है और इतिहास खुद को दोहराता है। एक आदिवासी नेता दीपक बैज के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए बीते विधानसभा चुनाव में जो हठकंडे कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेताओं के इशारे पर बस्तर संभाग के पूर्व मंत्री, दो विधायकों, एक पूर्व विधायक और निगम, प्राधिकरण के दो पदाधिकारियों ने अपनाए थे, उनके बारे में बस्तर की जनता अब अच्छे से जान चुकी है। और तो और दीपक बैज को दोबारा कांग्रेस से लोकसभा का टिकट न मिल पाए इसके लिए विरोधी गुट ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इस लॉबी के झूठ फरेब के आगे कांग्रेस नेतृत्व नत मस्तक हो गया। अब उसी पुराने घटनाक्रम की पुनरावृति लोकसभा चुनाव में होने वाली है। फर्क इतना है कि इस घटनाक्रम का किरदार कोई कांग्रेस नेता नहीं, बल्कि आम मतदाता है। दीपक बैज के बारे में तो कहावत चल पड़ी है कि वे बुरा करने वालों को भी माफ करते हुए आगे बढ़ने और पार्टी की भलाई के लिए काम करने में विश्वास रखते हैं। आज वे पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए तन मन से काम कर रहे हैं।

सफीरा गईं या भेजी गईं भाजपा में

महापौर सफीरा साहू के अचानक भाजपा प्रवेश से एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि सफीरा साहू अपनी मर्जी से भाजपा में गई हैं, या फिर किसी बड़े कांग्रेस नेता के कहने पर? जगदलपुर के कांग्रेस नेताओं के बीच चर्चा है कि सफीरा साहू जब चारों ओर से घिर गईं, तब उन्होंने अपने बचाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री तथा कुछ अन्य बड़े कांग्रेस नेताओं से मदद मांगी, लेकिन सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए। उन्हें सुझाव दिया गया कि भाजपा की वाशिंग मशीन में जाकर ही आपके दामन के दाग धुल सकते हैं। इस तरह उन्हें भाजपा में जाने के लिए प्रेरित किया गया। इसका मतलब तो यही निकलता है कि खुद कांग्रेसियों ने ही सफीरा साहू को भाजपा में शामिल होने के लिए उकसाया था। पूरे पांच साल तक काला पीला करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहा, कांग्रेस सरकार की बदनामी का ध्यान नहीं रखा गया और ऐन लोकसभा चुनाव के बीच महापौर समेत पांच बड़े कांग्रेस नेताओं को भाजपा ज्वाइन करने की खुली छूट दे दी गई।

मेयर ने मौर्य पर फोड़ा ठीकरा

महापौर ने अपने भाजपा प्रवेश का ठीकरा शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य पर फोड़ा है। अपने भाजपा प्रवेश के बाद पत्रकारों से चर्चा में सफीरा साहू ने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है। जिला कांग्रेस कार्यालय में महिला कार्यकर्ताओं को सरेआम बेइज्जत किया जाता है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का व्यवहार जरा भी शालीन नहीं है। सफीरा साहू ने कहा कि जब दो महिला नेत्रियों ने त्यागपत्र दिया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें समझाने की भी जरूरत नहीं समझी। साथ ही सफीरा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के कामकाज की जमकर सराहना भी की और कहा कि इन नेताओं ने बिना भेदभाव किए शहर के विकास के लिए पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराई है। उन्होंने बताया कि विकसित भारत संकल्प के कार्यक्रमों में भाग लेने के दौरान ही मैंने भाजपा में जाने का मन बना लिया था।

बस्तर से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने भरा अपना नामांकन

0

 

  • कहा – नामांकन कांग्रेस प्रत्याशी का नहीं, बस्तर की जनता का नामांकन है

जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने रैली निकालकर नामांकन दाखिल किया। रैली के दौरान बड़ी संख्या में बस्तर की जनता उपस्थित थी।

कवासी लखमा की नामांकन रैली को लोगों से मिले अपार जनसमर्थन ने आज इस बात का अहसास दिला दिया की जनता ने केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनाने का मन बना लिया है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सह प्रभारी सप्तगिरी शंकर उल्का समेत अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कवासी लखमा जैसे दोमुंहे नेताओं के कारण आदिवासी समाज में द्वंद : केदार कश्यप

0
  •  लखमा के वायरल वीडियो पर मंत्री कश्यप का वार

जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के बयान पर पलटवार किया है। वन मंत्री ने कहा कि कवासी लखमा चुनाव के समय जनता जनार्दन को भगवान बता रहे हैं, चुनाव के बाद मिशनरियों का गुणगान करते हैं और उन्हीं के आशीर्वाद से जीत मिलने का दंभ भरते हैं।

केदार कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस के नेताओं को चुनाव के समय जनता याद आती है। अभी कवासी लखमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बस्तर की संस्कृति को बर्बाद करने का काम कांग्रेस के इन्हीं नेताओं ने किया है। श्री कश्यप ने कहा है कि हमें किसी जाति धर्म संस्कृति से कोई बैर नहीं है, लेकिन ओछी राजनीति और वोट के लिए बस्तर की जनता के साथ इस तरह का छल करने के कारण ही बस्तर की संस्कृति प्रभावित हो रही है। ऐसे दोमुंहे नेताओं के कारण बस्तर के भोले भाले आदिवासियों के माध्यम द्वंद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

पांच साल जनता को ठगा

मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि कवासी लखमा पांच साल मंत्री रहे। उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। जनता से किए वादे पूरे नहीं किए। पांच साल तक जनता विकास कार्यों के लिए तरसती रही। गरीबों के पीएम आवास नहीं बने। घरों में पेयजल नहीं पहुंचा। पांच साल एटीएम बनकर बैठे रहे। जनता अब ठग को पहचान चुकी है। अब हर मतदाता कवासी लखमा को सबक सिखाने के लिए तैयार है। एक मैदान छोड़कर भाग चुका है। दूसरे को भी भगाने का मन बना चुकी है।

बोया पेड़ बबूल का, तो नसीब में कांटे ही आएंगे न जनाब

0
  • ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर में कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका
  • महापौर सफीरा साहू, यशवर्धन राव और अजय सिंह भाजपा में शामिल =

अर्जुन झा

जगदलपुर कहते हैं कर्म का फल यहीं मिल जाता है, जैसा बीज बोओगे, फल वैसा ही पाओगे। कुछ ऐसी ही कहानी आज बस्तर में कांग्रेस की हो गई है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कब्र खोदने का काम खुद कांग्रेसियों ने ही किया था। अब लोकसभा चुनाव में वही कब्र उन्हीं कांग्रेसियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बस्तर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली में शामिल होने जगदलपुर आए थे। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के समक्ष बस्तर के कांग्रेसी इतिहास की बड़ी घटना हो गई। महापौर सफीरा साहू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के महासचिव एवं प्रताप देव वार्ड के पार्षद यशवर्धन राव, राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह, महारानी वार्ड के पार्षद मानिक राम नाग एवं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद यशवंत ध्रुव ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। सफीरा साहू और अन्य नेताओं ने आज ही कांग्रेस से सामूहिक त्याग पत्र दिया है। अपने इस्तीफे की चिट्ठी उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य को भेज दी थी। वैसे महापौर सफीरा साहू तथा कुछ पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा कल शाम से ही चल पड़ी थी। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली के पहले एक संक्षिप्त समारोह में मेयर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव, अजय सिंह, मानिक राम नाग और यशवंत ध्रुव ने भाजपा प्रवेश किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और अजय चंद्राकर ने पांचो नेताओं को भगवा दुपट्टा पहनाकर उनका भाजपा प्रवेश कराया। बस्तर के इन बड़े कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल हो जाने से कांग्रेस पार्टी और बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में कांग्रेस विरोधी माहौल बनेगा तथा इसकी अनुगूंज निश्चित रूप से पड़ोसी कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी सुनाई देगी।

जैसी करनी, वैसी भरनी

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जो तथाकथित कांग्रेस नेता अपनी मातृ संस्था कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गए थे, उन्हें उनकी करनी की सजा मिलनी शुरू हो गई है। इन कांग्रेस नेताओं ने रायपुर में बैठे अपने एक बड़े आका के इशारे पर बस्तर संभाग की जगदलपुर, चित्रकोट, नारायणपुर, दंतेवाड़ा सीटों पर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ये सभी सीटें कांग्रेस के हाथ से निकल गईं। कांग्रेस की कब्र खोदने में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस नेतृत्व जहां उपकृत करने में लगा हुआ है, वहीं जनता इन नेताओं को जवाब देने आतुर लग रही है। इन नेताओं ने बीजेपी से सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और बस्तर को कांग्रेस मुक्त बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। कांग्रेस के खात्मे के लिए भाजपा से सुपारी लेने की बात अब सही साबित होती नजर आ रही है। आज कांग्रेस के लिए बड़ा दुखद दिन रहा कि भूपेश बघेल कि आमसभा के बीच ही कुछ दूरी पर सीएम की सभा में महापौर, यशवर्धन राव समेत करीब पांच अन्य पार्षदों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया। इससे साबित हो रहा है कि वास्तव में कांग्रेस डूबती नाव बन चुकी है और बड़े बड़े कांग्रेसी कुछ व्यक्तिगत कारणों से भाजपा में जा रहे हैं।

सबका दामन है दागदार

जिन कांग्रेसियों ने अपनी पुरानी नैया छोड़कर दूसरी नैया में सवारी कर ली है वास्तव में उसके पीछे बड़ी कहानी भी है। महापौर पर नगर निगम में बड़े बड़े घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय तो महापौर के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए थे। पाण्डेय मेयर पर गंभीर आरोप लगाते नहीं थक रहे थे। चर्चा है कि मेयर सफीरा साहू ने अपनी गर्दन बचाने के लिए भाजपा ज्वाइन की है। वहीं यशवर्धन राव और भाजपा में गए दोनों पार्षद मानिक राम नाग एवं यशवंत ध्रुव को महापौर का बेहद करीबी माना जाता है और इसी वजह से उन्होंने भाजपा में जाना बेहतर समझा है। अब बात बीजापुर के तेज तर्रार कांग्रेस नेता रहे अजय सिंह की करें, तो अजय सिंह की बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के साथ शुरू से अनबन रही है। सार्वजनिक मंचों पर भी अजय सिंह और विक्रम मंडावी तलवार भांजते नजर आते थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अजय सिंह को पसंद नहीं करते थे।

बोया पेड़ बबूल का, तो नसीब में कांटे ही आएंगे न जनाब

0
  •  ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर में कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका
  • महापौर सफीरा साहू, यशवर्धन राव और अजय सिंह भाजपा में शामिल =

अर्जुन झा

जगदलपुर कहते हैं कर्म का फल यहीं मिल जाता है, जैसा बीज बोओगे, फल वैसा ही पाओगे। कुछ ऐसी ही कहानी आज बस्तर में कांग्रेस की हो गई है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कब्र खोदने का काम खुद कांग्रेसियों ने ही किया था। अब लोकसभा चुनाव में वही कब्र उन्हीं कांग्रेसियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बस्तर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली में शामिल होने जगदलपुर आए थे। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के समक्ष बस्तर के कांग्रेसी इतिहास की बड़ी घटना हो गई। महापौर सफीरा साहू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के महासचिव एवं प्रताप देव वार्ड के पार्षद यशवर्धन राव, राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह, महारानी वार्ड के पार्षद मानिक राम नाग एवं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद यशवंत ध्रुव ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। सफीरा साहू और अन्य नेताओं ने आज ही कांग्रेस से सामूहिक त्याग पत्र दिया है। अपने इस्तीफे की चिट्ठी उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य को भेज दी थी। वैसे महापौर सफीरा साहू तथा कुछ पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा कल शाम से ही चल पड़ी थी। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली के पहले एक संक्षिप्त समारोह में मेयर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव, अजय सिंह, मानिक राम नाग और यशवंत ध्रुव ने भाजपा प्रवेश किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और अजय चंद्राकर ने पांचो नेताओं को भगवा दुपट्टा पहनाकर उनका भाजपा प्रवेश कराया। बस्तर के इन बड़े कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल हो जाने से कांग्रेस पार्टी और बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में कांग्रेस विरोधी माहौल बनेगा तथा इसकी अनुगूंज निश्चित रूप से पड़ोसी कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी सुनाई देगी।

 

जैसी करनी, वैसी भरनी

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जो तथाकथित कांग्रेस नेता अपनी मातृ संस्था कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गए थे, उन्हें उनकी करनी की सजा मिलनी शुरू हो गई है। इन कांग्रेस नेताओं ने रायपुर में बैठे अपने एक बड़े आका के इशारे पर बस्तर संभाग की जगदलपुर, चित्रकोट, नारायणपुर, दंतेवाड़ा सीटों पर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ये सभी सीटें कांग्रेस के हाथ से निकल गईं। कांग्रेस की कब्र खोदने में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस नेतृत्व जहां उपकृत करने में लगा हुआ है, वहीं जनता इन नेताओं को जवाब देने आतुर लग रही है। इन नेताओं ने बीजेपी से सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और बस्तर को कांग्रेस मुक्त बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। कांग्रेस के खात्मे के लिए भाजपा से सुपारी लेने की बात अब सही साबित होती नजर आ रही है। आज कांग्रेस के लिए बड़ा दुखद दिन रहा कि भूपेश बघेल कि आमसभा के बीच ही कुछ दूरी पर सीएम की सभा में महापौर, यशवर्धन राव समेत करीब पांच अन्य पार्षदों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया। इससे साबित हो रहा है कि वास्तव में कांग्रेस डूबती नाव बन चुकी है और बड़े बड़े कांग्रेसी कुछ व्यक्तिगत कारणों से भाजपा में जा रहे हैं।

सबका दामन है दागदार

जिन कांग्रेसियों ने अपनी पुरानी नैया छोड़कर दूसरी नैया में सवारी कर ली है वास्तव में उसके पीछे बड़ी कहानी भी है। महापौर पर नगर निगम में बड़े बड़े घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय तो महापौर के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए थे। पाण्डेय मेयर पर गंभीर आरोप लगाते नहीं थक रहे थे। चर्चा है कि मेयर सफीरा साहू ने अपनी गर्दन बचाने के लिए भाजपा ज्वाइन की है। वहीं यशवर्धन राव और भाजपा में गए दोनों पार्षद मानिक राम नाग एवं यशवंत ध्रुव को महापौर का बेहद करीबी माना जाता है और इसी वजह से उन्होंने भाजपा में जाना बेहतर समझा है। अब बात बीजापुर के तेज तर्रार कांग्रेस नेता रहे अजय सिंह की करें, तो अजय सिंह की बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के साथ शुरू से अनबन रही है। सार्वजनिक मंचों पर भी अजय सिंह और विक्रम मंडावी तलवार भांजते नजर आते थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अजय सिंह को पसंद नहीं करते थे।

बीजापुर में छह नक्सली ढेर

0

बीजापुर  जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के पोलमपल्ली में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली मारे गये हैं। क्षेत्र में पुलिस सघन सर्चिंग अभियान जारी है। प्राथमिक सूचना के अनुसार मुठभेड़ बुधवार को सुबह सात से आठ बजे के बीच हुई।

नक्सलियों के क्षेत्र में होने की सूचना पर बासागुड़ा से सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा पुलिस बल वहां पहुंचा था। मुठभेड़ खत्म होने के बाद का क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान अबतक छह नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।

नक्सलियों ने होली के दिन की थी तीन ग्रामीणों की हत्या

सोमवार को होली के दिन नक्सलियों ने राहत शिविर में रहने वाले तीन ग्रामीणों की बासागुड़ा के कलार पारा में धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। तीनों पोलमपल्ली के रहने वाले थे। यह ग्रामीण कभी नदी के दूसरी तरफ नहीं जाते थे लेकिन साजिश के तहत होली खेलने के बहाने इनको बुलाया गया।

बीजापुर जिले के बासागुड़ा में फिर खेली गई खून की होली, तीन युवकों की हत्या

0
  • अज्ञात हमलावरों ने होली खेलने के दौरान की हत्या

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सोमवार को दिनदहाड़े बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में अज्ञात लोगों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया।

जिन ग्रामीणों मौत हुई है, उनके नाम चंद्रिया मोडियम (25), अशोक भंडारी (24) और कारम रमेश (25) हैं। सभी ग्रामीण युवक बासागुड़ा के कलार पारा के रहने वाले थे। दो युवकों की घटना स्थल पर मौत होने की जानकारी मिली है। वहीं एक युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। तीनों ग्रामीणों के शव बासागुड़ा थाना लाए गए। जानकारी अनुसार इन ग्रामीणों का पोस्टमार्टम आवापल्ली में किया गया। घटना 5-6 बजे के बीच की बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि बाजार पारा के समीप होली खेलने के समय अज्ञात लोगों ने हमला किया। बासागुड़ा थानाक्षेत्र की घटना है। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के अनुसार बासागुड़ा के पुसबाका रास्ते में तीन ग्रामीण की हत्या हुई है। इस घटना के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा नक्सली घटना पर पुष्टि नहीं की गई।रविवार रात में डीआरजी जवान पर नक्सलियों ने हमला किया था। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर रेफर किया गया। बीजापुर शहर में हुई घटना से एक बार फिर दहशत का माहौल बना हुआ है। होली के दिन 24 घंटे के अंदर दूसरी घटना बासागुड़ा क्षेत्र में हुई है। जहां 3 ग्रामीणों की हत्या धारदार हथियार से की गई। इस तरह की घटनाओं से बासागुड़ा के साथ क्षेत्र भी दहल गया है। एसपी जितेंद्र यादव ने जिले थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना होने से सुरक्षा बलों को सर्चिंग अभियान तेज करने का निर्देश दिया है।

अहमदाबाद के संत साईं संजयदेव मसंद एवं माता अनुपमा देवी का रायपुर में सम्मान कल

0

रायपुर अहमदाबाद स्थित सिंधी समुदाय के प्रसिद्ध धार्मिक आस्था केंद्र निज बैकुंठधाम के पीठाधीश साईं संजयदेव मसंद एवं उनकी धर्मपत्नी विख्यात प्रवचनकार माता अनुपमा देवी मसंद का रायपुर आगमन पर 29 मार्च को शाम 5 बजे शंकरनगर स्थित सिंधु पैलेस में हो रहा है।सिंधी समुदाय की समस्त पंचायतों एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा उनका सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय मसंद सेवाश्रम के तत्वावधान में किया गया है। सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसंद साहिब ने बताया कि गुजरात, सौराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड व मध्यप्रदेश के 24 नगरों में निज बैकुंठधाम की शाखाएं स्थापित हैं। साईं संजयदेव मसंद साहिब पूर्व में भारतीय जल सेना में कैप्टन थे तथा उनकी धर्मपत्नी अनुपमा देवी दिल्ली दूरदर्शन की विख्यात अभिनेत्री रही हैं। पूज्य शदाणी दरबार के पीठाधीश साईं युधिष्ठिर लाल साहिब, पूज्य गोधरीधाम की महंत अम्मा मीरादेवी एवं श्रीदुर्गा मंदिर, लिली चौक के महंत अनंतपुरी गोस्वामी साहिब इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि रहेंगे।कार्यक्रम में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत एवं उसकी युवा शाखा के नवनिर्वाचित सभी पदाधिकारियों का भी सम्मान किया जाएगा। पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदराणी कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष रहेंगे। नगर के दो विख्यात समाजसेवी संगठन सेवा पथ तथा एक पहल और के स्वयंसेवक कार्यक्रम की व्यवस्था संभालेंगे।उल्लेखनीय है कि साईं संजय देव मसंद साहिब अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान हर बार बड़ी संख्या में अपने शिष्यों के साथ मसंद सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसंद साहिब से भेंट करने शांतिनगर स्थित उनके सेवाश्रम अवश्य आते हैं। यह जानकारी मसंद सेवा आश्रम रायपुर के प्रवक्ता मयंक मसंद ने दी।

MOST POPULAR

HOT NEWS