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शिवजी के साथ विराजे नंदी, नागदेव और हनुमान जी

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  • भंगाराम शिव मंदिर में पूजन के बीच हुई प्राण प्रतिष्ठा
  • 51 फीट ऊंचे शिवालय में कलश स्थापना के लिए क्रेन का लिया गया सहारा
    जगदलपुर भंगाराम शिव शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान के साथ संपन्न हुई। श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य पं. अनिरुद्ध शास्त्री नेप्राण प्रतिष्ठा विधि पूर्ण कराई। 51 फीट ऊंचे इस शिव मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा।


आचार्य पं. अनिरुद्ध शास्त्री ने बताया कि इस शिवलोक में शिवजी के साथ नंदी महाराज, नाग देवता और हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठा समारोह तृतीय दिवस सम्पन्न हुआ। आज हवन पूजन के पश्चात कलश पूजन, आरती, पूर्णाहूति, महारुद्राभिषेक, शिव प्राण प्रतिष्ठा, नंदी पूजा, नाग पूजा, हनुमान जी की पुजा के पश्चात शिखर पर कलश स्थापना के बाद प्राण प्रतिष्ठा समारोह पुर्ण हुआ। शाम तक भक्तों का तांता लागा रहा।

आज होगा महाभंडारा
23 जनवरी को सुबह 11.30 बजे से महाभंडारा का अयोजन भंगाराम शिव मंदिर निर्माण समिति द्वारा किया जाएगा। पंडित आचार्य अनिरुद्ध शास्त्री ज्योतिषाचार्य भी हैं। वे लोगों की समस्याओं का समाधान ज्योतिष विधा से करते हैं। समस्याओं के समाधान हेतु आचार्य पं. अनिरुद्ध शास्त्री से मो. नं. 7906741235 पर संपर्क किया जा सकता है।

गड़बड़ी छुपाने बाजार शेड का प्लेटफार्म उखड़वा दिया सरपंच -सचिव ने

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  •  डीएमएफटी की राशि की बकावंड में हुई बंदरबांट
  •  निर्माण में बरती जा रही है जमकर अनियमितता
    -अर्जुन झा-
    बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड में बाजार शेड निर्माण के लिए स्वीकृत राशि में जमकर बंदरबांट चल रही है। निर्माण कार्य में अनियमितता बरतते हुए शासन को चूना लगाया जा रहा है। गड़बड़ी की बात उजागर होने पर शेड के प्लेटफार्म को उखड़वा दिया गया और उसकी फ्लोरिंग नहीं कराई जा रही है।
    ग्राम पंचायत बकावंड के बाजार स्थल पर शेड निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफटी) द्वारा पहली किस्त में 18 .55 लाख रू. और दूसरी किस्त में 18 .55 लाख रुपए की मंजूरी दी गई थी। कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत बकावंड को बनाया गया था। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने निर्माण का काम एक ठेकेदार को सौंप दिया और ठेकेदार से सांठगांठ कर सरपंच व सचिव ने गुणवत्ता विहीन काम कराना शुरू कर दिया। प्लेटफार्म निहायत ही घटिया स्तर का बनाया गया। प्लेटफार्म निर्माण में कम मात्रा में और हल्के दर्जे की सीमेंट का उपयोग किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ ही दिनों बाद प्लेटफार्म उखड़ने लगा। इसी तरह शेड निर्माण में घटिया लोहे और शेड का उपयोग किया गया।

जब यह गड़बड़ी आम होने लगी, तब सरपंच, सचिव और ठेकेदार ने प्लेटफार्म को उखड़वा दिया। उसके बाद उसकी दोबारा कांक्रिटिंग और फ्लोरिंग कराई ही नहीं गई। उखड़ा हुआ प्लेटफार्म आज भ्रष्टाचार की चुगली कर रहा है। शासन के लाखों रुपयों की बंदरबांट कर ली गई, मगर शेड का उपयोग आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह जरा सी भी हवा चलने पर शेड थर थर कांपने लग जाता है और अब लगता है कि शेड अब गिर जाएगा, तब गिर जाएगा। शेड के कभी भी क्षतिग्रस्त होकर धराशायी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सरपंच सचिव ने प्लेटफार्म और शेड निर्माण में स्थानीय मजदूरों को काम देने के बजाय ठेकेदार के जरिए काम कराया गया है।ग्रामीणों ने कहा है कि घटिया सामग्री का उपयोग कर ठेकेदार द्वारा बनाया गया प्लेटफार्म और शेड दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है। इससे यह साबित होता है। स्थानीय राजमिस्त्री और मजदूरों को काम देना छोड़कर बकावंड सरपंच और सचिव ने कमीशन के फेर में ठेकेदार के माध्यम से घटिया शेड व प्लेटफार्म बनवाया है। सन 2020 से 2023 तक ग्राम पंचायत बकावंड में जितने भी कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से कराया गया है, उन सभी कार्यों में जमकर कमीशनखोरी की गई है। 15वे वित्त आयोग व मूलभूत की राशि की भी खूब बंदरबांट हुई है। ग्रामीणों ने अब तक के सारे कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विभागीय अधिकारी से शिकायत करने के बाद भी अधिकारी जांच के लिए आनाकानी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि अधिकारी तत्काल जांच और सरपंच, सचिव एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

खरीदी को टोकन जारी करना बंद

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बकावड धान खरीदी केंद्र बकावंड के खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर नेखरीदी के आखिरी दिन बचे किसानों को टोकन जारी करने की बात कहकर उन्हें चिंता में डाल दिया है। टोकन कटाने पहुंचे किसानों को कहा गया कि आप लोगों का टोकन आज नहीं कटेगा, 29 तारीख को टोकन जारी होगा। किसानों का कहना है कि 29 तारीख तक धान लेने का आदेश है। उसी दिन टोकन जारी होगा, तो हमारा धान कब लिया जाएगा? नाराज किसान टोकन नहीं काटे जाने से नाराज होकर घर लौट गए।

राम -रंग और राम -रस से सराबोर हो उठी माई दंतेश्वरी की पावन नगरी

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  • जगदलपुर में बिखरी प्रभु श्रीराम भक्ति की न्यारी छटा
  • विहिप की मातृशक्ति ने शहर में निकाली भव्य शोभायात्रा
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर भगवान राम लला के अपने जन्म स्थान में विराजमान होने के सप्ताह भर पहले से ही माई दंतेश्वरी की नगरी जगदलपुर अयोध्या धाम में तब्दील हो चुकी है। राम – रस और राम – रंग से यह पावन धरा सराबोर हो चुकी है। प्रभु श्री रामचंद्र की भक्ति में जन जन लीन हो गया है। ऐसी न्यारी छटा और धर्म प्रभावना पहली बार देखने को मिला है।

अयोध्या के दिव्य, भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला प्रतिमा की स्थापना को लेकर जगदलपुर शहर में अभूतपूर्व उत्साह का वातावरण सप्ताह भर पहले से देखने को मिल रहा है। आध्यात्म के प्रति दिव्य, भव्य एवं अलौकिक चेतना के पुर्नजागरण की अनुभूति इस ऐतिहासिक नगरी के कण कण में हो रही है। अयोध्या से पूजित अक्षत कलश और निमंत्रण पत्रिका जगदलपुर पहुंचने के बाद से ही नगर राममय होने लगा था और आज 22 जनवरी को पूरे शहर के लोग मर्यादा पुरुषोत्तम की भक्ति आराधना में पूरी तरह लीन हो गए। इससे पहले नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय तथा उनकी टीम ने घर घर जाकर रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण दिया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह, सुरेश गुप्ता, संजय पाण्डेय, भाजपा, भाजयुमो, महिला मोर्चा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंदिरों की साफ सफाई की थी। जागरण समिति के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने दंतेश्वरी मंदिर परिसर से भव्य कलश शोभायात्रा निकाल कर शहर भ्रमण किया था। तब से अब तक शहर के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाकर पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिरों में भजन कीर्तन चल रहा है, हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 22 जनवरी को तड़के विश्व हिंदू परिषद की महिलाओं ने भजन कीर्तन और जयकारे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में शामिल महिलाएं भगवा साड़ियां व पगड़ी पहनी हुई थीं। वहीं पुरुष भी भगवा परिधान में नजर आ रहे थे। श्रीराम के जयघोष, शंखनाद और बाजे गाजे के साथ सभी महिलाओं और रामभक्तों ने शहर भ्रमण किया। शोभायात्रा में हजारों लोग शामिल थे। ओर छोर का पता ही नहीं चल पा रहा था। बड़ा ही विहंगम दृश्य था। शोभायात्रा ने शहर के वातावरण को पूरी तरह धर्ममय बना दिया, इस अदभूत अलौकिक दृश्य को देख हर किसी का तन मन पावन और प्रफुल्लित हो उठा। सुबह से लोगों की भीड़ मंदिरों में उमड़ने लगी थी। मंदिरों में आज विशेष पूजा अनुष्ठान का क्रम पूरे दिन चलता रहा। कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया गया था।

इतिहास रच गई यह दीपावली
रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या यानि रविवार की शाम जगदलपुर के दलपत सागर में जो दीपावली मनाई गई वह इतिहास रच गई। तीन लाख दीयों की रोशनी से जगमगा उठा था विशाल जलाशय। दीप मालाओं के प्रकाश पुंज से जल, थल, नभ आलोकित हो उठे थे। नगर निगम व जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल ने नगरवासियों के दिलों को भी आलोकित कर दिया।जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम दीपोत्सव के इस कार्यक्रम को लेकर शहर के सभी वर्गों में जबरदस्त उत्साह दिखा। इस दीपोत्सव के अवसर पर जमकर आतिशबाजी भी की गई। रंगीन पटाखों की छटा आसमान तक बिखरती रही। पूरा माहौल उल्लास से भर उठा था। रामायण मंडली के संगीतमय रामचरित मानस गायन से आध्यात्म की अलौकिक आभा बिखर उठी थी। बंगाली समाज के महिला पुरुषों द्वारा किए गए शंखनाद ने सोने पे सुहागा का काम किया।

धू धू जल उठी बस

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बालोद बालोद जिले के गुरुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक यात्री बस धू धू कर जल उठी। सारे यात्री सुरक्षित हैं। जगतरा टोल प्लाजा के पास की है। अंबे ट्रेवल्स की बस यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान उसमें आग लग गई और कुछ ही देर में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बस में धुंआ भरने से यात्रियों में अफरा तफरी मच गई और वे तेजी से नीचे उतर आए। किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है।

अभाविप कार्यकर्ताओं ने मंदिर में चलाया स्वच्छता अभियान

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  • गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय की नई कार्यकारिणी घोषित
    जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर के कार्यकर्ताओं ने आज दलपत सागर के किनारे स्थित महादेव मंदिर में स्वच्छता अभियान चलाकर समूचे मंदिर परिसर की साफ सफाई की।
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत एसएफएस सह संयोजक ईश्वर आचार्य ने बताया कि हमें हमारे आसपास के मंदिरों स्कूलों, महाविद्यालयों की साफ सफाई समय- समय पर करते रहना चाहिए। अपने आसपास साफ सफाई होने से स्वच्छ वातावरण बनता है और हमें एक अद्भुत सक्रिय ऊर्जा की अनुभूति प्राप्त होती है।अभाविप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं नगर एग्रीविजन प्रमुख विवेक मंडल ने बताया कि सफाई अभियान के बाद बैठक भी हुई। बैठक में विद्यार्थी परिषद के इतिहास विकास, सैद्धांतिक, कार्य पद्धति व सक्षम इकाई जैसे विषयों पर चर्चा की गई। परिषद के आयाम कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र का अधिकार है कि वह अपने व्यक्तित्व का विकास कर बेहतर रोजगार प्राप्त करने के लिए सरकार के सभी शैक्षणिक संसाधनों का उपभोग करे।

विद्यार्थी परिषद में नेताओं को नहीं महापुरुषों को आदर्श माना जाता है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परिसरों में विभिन्न मुद्दों पर लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन कर अपनी समस्याओं को उचित मंच अथवा स्थान तक पहुंचाते हैं। गौरव भवानी अध्यक्ष, विद्याचरण यादव मंत्री, आदित्य वर्मा उपाध्यक्ष, कार्तिक कुमार सहमंत्री, अवजित बाला विश्वविद्यालय प्रमुख, प्रियम गुर्जर उपाध्यक्ष, शिवम् गुप्ता सह मंत्री, शिव सागर एसएफडी प्रमुख, दिनकर रजक एसएफडी सह प्रमुख, चंदन यादव एसएफएस प्रमुख, उत्पल कांत महाविद्यालय सह प्रमुख, निशा कुर्रे खेलो भारत प्रमुख, अनुसुइया सह प्रमुख, डिगेश्वरी कक्षा प्रमुख मनोनीत किए गए।

दंतेश्वरी मंदिर से निकली कलशयात्रा, शहर हुआ राममय

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जगदलपुर अयोध्या में रामलला प्रतिमा की स्थापना को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। आज संभाग मुख्यालय जगदलपुर में जागरण समिति के बैनर तले दंतेश्वरी मंदिर परिसर से भव्य कलश शोभायात्रा निकली गई। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो का भ्रमण करती हुई दलपत सागर के समीप श्रीराम मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। शहर के अधिकांश मंदिरों को विशेष आकर्षण ढंग से सुसज्जित कर पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिरों भजन कीर्तन के साथ हनुमान चालिसा पाठ किया जा रहा है। अयोध्या के मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहर ही नहीं, बल्कि पूरा बस्तर संभाग भी राममय हो गया है। राम भक्तों में भारी उत्साह है।

तीन लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठा दलपत सागर

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  •  एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम दीपोत्सव में शामिल हुए जगदलपुरवासी

जगदलपुर रविवार की शाम जगदलपुर का दलपत सागर लगभग तीन लाख दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। नगर निगम व जिला प्रशासन की पहल पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या “एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम” दीपोत्सव के इस कार्यक्रम को लेकर शहर के सभी वर्गों में गजब का उत्साह देखने को मिला। वहीं रानी घाट में पूजा अर्चना के बाद एक साथ तीन लाख दीयों की रोशनी में दलपत सागर की सुंदरता भी कई गुना बढ़ गई। इस दौरान दलपत सागर के किनारों में जलते दीपक और जगमग रोशनी ने जल, थल और नभ में अनूठी छटा बिखेर दी। दलपत सागर के आसपास दीप उत्सव पर जमकर आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरा माहौल उल्लास से भर उठा। सभी लोगों ने सात बजे भव्य आतिशबाजी के साथ दीपक जलाए।

कार्यक्रम के फ्लोटिंग मंच पर रामायण मंडली द्वारा रामचरित मानस का गायन किया गया। पद्मश्री धर्मपाल सैनी, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डे, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप, वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी और सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, डीएफओ उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी व जनप्रतिनिधियों ने पूजा अर्चना कर दीपोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान बंगाली समाज के सदस्यों द्वारा शंखनाद किया गया।

कोंडागांव में सामग्री खरीदी के नाम पर पचास लाख का फर्जीवाड़ा

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  • पूर्व जिला पंचायत सीईओ पर अनियमितता का आरोप
  • डेढ़ साल पहले कलेक्टर ने की थी कार्रवाई की अनुशंसा

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के कोंडागांव जिला पंचायत में पचास लाख रुपए के फर्जीवाड़ा का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पूर्व जिला पंचायत सीईओ पर बीआरजीएफ योजना मद के 50 लाख रू. से अधिक की राशि की गड़बड़ी का खुलासा जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोंडागांव के पूर्व कलेक्टन द्वारा सीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य शासन को डेढ़ वर्ष पूर्व प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते मामला अब तक मंत्रालय में लटका हुआ है। खबर है कि उक्त दागी अधिकारी अब सत्ताधारी दल के नेताओं के शरणागत होकर अपनी खाल बजाने की जुगत में लग गए हैं, लेकिन विधायक लता उसेंडी ने अधिकारी को किसी भी हाल में न बख्शने का फैसला किया है।

वर्तमान में उक्त दागी अधिकारी सुकमा जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ के पद पर पदस्थ हैं। बस्तर के एक पूर्व मंत्री के दबाव में कार्रवाई की फाईल मंत्रालय में डेढ़ वर्षों से अटकी है। खबर है कि सत्ता परिवर्तन के बादbकार्रवाई से बचने अधिकारी अपने पुराने आका से संपर्क कर मामले को रफादफा कराने में जुट गए हैं।कोंडागांव जिले में वर्ष 2019- 20 में पूर्व जिला पंचायत सीईओ के संरक्षण में बीआरजीएफ मद की राशि की जमकर बंदरबांट होने का मामला उजागर हुआ है। जांच में हुए खुलासे के मुताबिक सामग्री की खरीदी की ही नहीं गई और दस्तावेजों में सामग्री खरीदी दर्शाकर लाखों रूपयों की घपलेबाजी कर ली गई। जबकि योजना बंद होने पर राशि को शासन को वापस की जानी थी। उक्त राशि का उपयोग करने को लेकर शासन से अनुमति लेना जरूरी था। लेकिन तत्कालीन सीईओ ने ऐसा न करते हुए शासन के आदेशों को दरकिनार कर शासकीय राशि की बंदरबांट कर ली। उक्त जिला पंचायत सीईओ वर्तमान में सुकमा में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ के पद पर पदस्थ हैं। सुकमा में भी कुछ ऐसा ही खेल राजनीतिक संरक्षण में खेले जाने का आरोप भाजपा नेताओं ने लगा रहे हैं।

जांच में साबित हुआ था फर्जीवाड़ा

कोंडागांव के तत्कालीन कलेक्टर दीपक सोनी को उक्त मामले की शिकायत मिली थी। तब उन्होंने शिकायत के आधार पर कोंडागांव जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा को जांच के आदेश 15 दिसंबर 2021 को दिए थे। कलेक्टर से मिले आदेश पत्र क्र. 8204, 15 दिसंबर 2021 के परिपालन में जिला पंचायत सीईओ श्री शर्मा ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई। उप संचालक बीआर मौर्य की अध्यक्षता में कोषालय अधिकारी संजय सोनवानी, डीपीएम केजलाल सिन्हा द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में 50 लाख रू. से अधिक की अनियमितता पाई गई थी। जांच कमेटी ने 17 फरवरी 2022 को जिला पंचायत सीईओ को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। जांच रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ श्री शर्मा ने 18 फरवरी 2022 को कोंडागांव तत्कालीन कलेक्टर को सौंप दी थी। मामले में कार्रवाई के लिए कलेक्टर द्वारा राज्य शासन को डेढ़ वर्ष पूर्व प्रतिवेदन भेजा गया था। मगर मामला मंत्रालय की फाईलों में ही दबा रह गया है। बताते हैं कि बस्तर संभाग के ही एक केबिनेट मंत्री ने मामले को दबाने में अहम भूमिका निभाई थी। लाखों रू. की अनियमितता के मामले में कोंडागांव के पूर्व जिला पंचायत सीईओ एवं वर्तमान में सुकमा में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल फोन पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कोंडागांव जिला पंचायत के सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पूर्व कलेक्टर के आदेशानुसार मामले की जांच कराई गई थी। जांच में तत्कालीन सीईओ द्वारा पचास लाख से अधिक की राशि की अनियमितता पाई गई थी। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपा गया था। कलेक्टर द्वारा कार्यवाही के लिए राज्य शासन को प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।

वर्सन

शासन को लिखेंगे पत्र

कोंडागांव जिला पंचायत के पूर्व सीईओ द्वारा लाखों रुपयों की अनियमितता की जाने संबंधी मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही, पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

-लता उसेंडी,  विधायक, कोंडागांव

आरईएस विभाग सुकमा में चोरी -चोरी, चुपके -चुपके वाला खेल

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  •  गुपचुप ढंग से चहेते ठेकेदार को दे दिया आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का ठेका

कोंटा भ्रष्टाचार को लेकर सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन सुकमा जिले के कुछ सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण धरातल पर यह दावा खोखला साबित हो रहा है। कुछ कर्मचारियों के कारण आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सरकार की कोशिश नाकाम साबित होती नजर आ रही है। सुकमा जिले के अंतिम छोर में स्थित कोंटा नगर में कई आंगनबाड़ी भवन काफी जर्जर हो चुके थे। इन जर्जर भवनों में बिठाकर उनकी देखरेख और शिक्षा की व्यवस्था की जाती रही है। ऐसा करके मासूम बच्चों की जान को मुसीबत में डाल दिया गया था। इस मसले को लेकर समय- समय कई पत्रकारों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए अखबारों प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसमें रूचि लेकर तत्काल आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग सुकमा को एजेंसी बनाकर कोंटा नगर पंचायत में पांच आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य हेतु आदेशित किया। आरईएस विभाग के अधिकारियों द्वारा निविदा प्रक्रिया के सभी नियमों को दरकिनार करते हुए अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने एवं अपनी जेब भरने के उद्देश्य से गुप्त तरीके से टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया। टेंडर की जानकारी ज्यादातर ठेकेदारों को नही होने के कारण वे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह गए। इससे 5 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का ठेका एक प्रतिशत ज्यादा पर एक ही ठेकेदार दीपक सिंह चौहान को दे दिया गया। इस निविदा प्रक्रिया को सूचना पटल में प्रकाशित नहीं किया गया और नगर पंचायत कोंटा से एनओसी लिए बिना निविदा प्रक्रिया को पूरा किया गया। इससे न सिर्फ शासन को लाखों रुपए की हानि हुई, बल्कि इस गुप्त टेंडर एवं कमीशनखोरी के कारण गुणवत्ताहीन भवन निर्माण होना तय है। गुप्त तरीके से लाखों का टेंडर जारी कर शासन को चूना लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं आरईएस के अधिकारी।

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