City Media - Page 850 of 1866 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 850

वनोपज खरीदी में गड़बड़ी, 6 समितियों के प्रबंधक बर्खास्त

0
  • महुआ फूल, साल बीज और काजू खरीदी में एक करोड़ की गड़बड़ी

बीजापुर बीजापुर वन मंडल में महुआ फूल खरीदी मामले में प्राथमिक वनोपज समितियों के पांच प्रबंधकों को एवं बस्तर वन मंडल के भानपुरी परिक्षेत्र की बनियागांव वनोपज समिति प्रबंधक को काजू एवं साल बीज खरीदी में अनियमितता बरतने पर बर्खास्त कर दिया गया है। प्रबंधकों की बर्खास्तगी के बाद संबंधित क्षेत्रों के पोषक अधिकारियों पर भी निलबंन की तलवार लटक गईं है। बनियागांव समिति के दो पोषक अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। बीजापुर वन मंडल की प्राथमिक लघु वन उपज सहकारी समिति के पांच प्रबंधकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें कोरसागुड़ा समिति के डीकेश तिलमुल, चेरामंगी समिति के जीवी सड़वली, हीरापुर समिति के हेमंत यदु, पुजारी लंका समिति के तिलक यादव, उसूर समिति के अनिल कट्टम को बर्खास्त किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके बीजापुर प्रवास के दौरान आवापल्ली में लगाई गईं जन चौपाल में महिला स्व सहायता समूह ने महुआ फूल नहीं खरीदने की शिकायत की थी। मामले की जांच में मानक स्तर के महुआ फूल खरीदी मामले में एक करोड़ से अधिक की अनियमितता पाई गईं। इसी मामले में प्रबंधकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। वहीं बस्तर वन मंडल के भानपुरी रेंज की प्राथमिक वनोपज समिति प्रबंधक द्वारा साल बीज, काजू एवं अन्य वनोपज खरीदी मामले में अनियमितता बरते जाने पर बर्खास्त किया गया है।

  • पोषक अधिकारी भी आएंगे लपेटे में

बनियागांव वनोपज खरीदी मामले में दो पोषक अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, लेकिन उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पोषक अधिकारी को जवाब देने का एक और मौका दिया गया है। जवाब नहीं आने पर विभाग द्वारा कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है। उधर समिति में चर्चा है कि इस गड़बड़ी के लिए समिति प्रबंधक जितने जिम्मेदार हैं, उतनी ही जिम्मेदारी पोषक अधिकारियों (डिप्टी रेंजर) की भी बनती है। समितियों को वनोपज खरीदी के एवज में जारी राशि के आहरण में समिति प्रबंधक एवं पोषक अधिकारी बराबर के जिम्मेदार होते हैं। इन दोनों के हस्ताक्षर से ही राशि का आहरण किया जाता है। उधर बीजापुर वन मंडल में भी जिन प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है वहां के पोषक अधिकारियों पर भी निलंबन की तलवार लटकी हुई है।

होगी कड़ी कार्रवाई

वनोपज खरीदी में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ मिले यह हमारा प्रयास हमेशा रहता है।

संजीव मानकर के नेतृत्व मे भाजयुमो डौंडी ने पुतला दहन किया

0
  • प्रदेश की मुखिया को प्रदेश की जनता से कोई मतलब नहीं:– संजीव मानकर

डौंडी भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत के आदेशानुसार व जिलाध्यक्ष भाजयुमो बालोद आदित्य पीपरे के निर्देशानुसार, भाजयुमो डौंडी मंडल अध्यक्ष संजीव मानकर के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला दहन डौंडी के बाजार चौक में किया गया ।संजीव मानकर ने छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की कड़ी शब्दों में निंदा की और छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था सुधारने की मांग की। संजीव मानकर ने कहा जिला सूरजपुर के भैयाथान मंडल अध्यक्ष अमन प्रताप सिंह के ऊपर रेत माफियाओं के द्वारा प्राणघातक हमला किया गया है

और उनके दोनों पैरों को कुचल दिया गया है जिससे यह प्रतीत होता है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इन रेत माफियाओं को संरक्षण दे रखा है। जिसके विरोध में युवा मोर्चा मंडल डौंडी के साथियों द्वारा बाजार चौक नगर पंचायत डौंडी मे पुतला दहन किए। संजीव मानकर ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन व्यवस्था ना चलकर गुंडा और माफियाओं का व्यवस्था चल रहा है। इस दौरान अजय चौहान मंडल महामंत्री भाजपा , आशीष गुप्ता उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, बृज मनी यादव, निखिल अग्रवाल महामंत्री युवा मोर्चा, अभिषेक भारद्वाज मंत्री युवा मोर्चा, अतुल ताराम , निखिल गेडम , खिलेंद्र साहू, निलेश वैष्णव, जितेंद्र वैष्णव, योगेश विश्वकर्मा, राहुल मरकाम, दुष्यंत साहू, ऋषभ सभरवाल,शिवम दुबे वा बड़ी संख्या ने युवा मोर्चा के साथी उपस्थित रहे।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

जन मुक्ति मोर्चा द्वारा अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल आज से BEML कम्पनी व स्थानिय BSP प्रबन्धन के खिलाप

0

आज दिनाँक 01/03/2023 दिन बुधवार से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल कर BEML कम्पनी व स्थानिय BSP प्रबन्धन के खिलाप विरोध कर शासन प्रशासन का ध्यान अपने हक अधिकार की ओर आकर्षित कर रहे है दिनाँक 06/02/2023 से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन कर रहे है जो कि BEML व स्थानीय BSP प्रबन्धन के द्वारा केन्द्रीय उप श्रमायुक्त के आदेश दिनाँक 04/08/2022 के उलंघन करने के विरोध में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा जारी था लेकिन इस शान्ति पूर्ण आंदोलन (अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन) पर 23 दिन बीत जाने पर भी BSP प्रबन्धन व BEML कम्पनी के द्वारा कोई भी वार्ता (बैठक) आंदोलनकारियो के साथ नही किया गया और न ही कोई सार्थक पहल किया गया जिसके कारण आज दिनाँक 01/03/23 को आंदोलन के 24वे दिन चल रहे आंदोलन को नया रूप देते हुए अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन को अनिश्चित कालीन भूख का रूप जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया जिसमें जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के साथी कॉ. गुमान सिंग, कॉ.मिलाप सिंह और कॉ.सतीश सोरी द्वारा भूख हड़ताल पर बैठ कर इस आंदोलन को ऊर्जा प्रदान कर रहे है इस भूख हड़ताल में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रमुख रूप से तीन मांगे है। जिसमे1.उपमुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर, दिनाँक 04/08/22 के आदेश को लागू किया जाए। 2. BEML के सभी ठेका श्रमिको को कार्य के अनुसार वर्गीकरण कर वेतन भुगतान किया जाय।**3. श्रम मंत्रालय के आदेशानुसार दिनाँक 01/04/2021 से IOC राजहरा (राजहरा के खदान में कर्यरत) सभी ठेका श्रमिको को एरियर्स का भुगतान किया जाय। यही तीनों मांगो को लेकर आज सुबह 11 बजे सेब जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा माइंस ऑफिस गेट के पास भूख हड़ताल कर अपनी जायज मांगो की ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयाश कर रहे है।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

भूपेश बघेल के नेतृत्व में बह रही है विकास की बयार : दीपक बैज

0
  • बस्तर सांसद ने धुरागांव को दी लाखों के विकास कार्यों की सौगात
  • रंगमंच निर्माण और सड़क उन्नयन कार्य का सांसद ने किया भूमिपूजन

बस्तर बस्तर के सांसद दीपक बैज ने लोहंडीगुड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धुरागांव को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद और सांसद स्थानीय क्षेत्र योजना मद से लाखों रुपयों के विकास कार्यों की सौगात दी। सांसद ने इस दौरान धुरागांव के ड़ेंगापारा में दो लाख की लागत से प्रस्तावित रंगमंच निर्माण कार्य व सांसद स्थानीय क्षेत्र योजना मद से सिरहा ढाबा से हुंगाछेपड़ी पारा तक 9.72 लाख रु. की लागत से सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया। रंगमंच के लिए राशि की स्वीकृति बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से मिली है। इस अवसर पर सांसद बैज ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार समूचे प्रदेश में विकास की गंगा बहा रही है। जनता की आवश्यक और जायज मांगों को पूरा करने हेतु सरकार कटिबद्ध है। सड़क का उन्नयन हो जाने से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। श्री बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश सरकार की सरकार में गांव के अंतिम घर तक एंबुलेंस पहुंच सके, इसके लिए कटिबद्ध है। हम सभी जनप्रतिनिधियों की यही मंशा है कि ग्रामीणों को हर तरह की बुनियादी सुविधा मिले, लोगों को किसी तरह की कठिनाई न हो। सांसद बैज ने कहा कि रंगमंच बन जाने से गांव में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों तथा बैठकों के लिए भी इस मंच का उपयोग हो सकेगा।

सांसद बैज ने इन स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारम्भ करने के लिए सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया। इस मौके पर लोहंडीगुड़ा के जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप, जनपद उपाध्यक्ष योगेश बैज, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण कश्यप, धुरागांव सरपंच दीप्ति बघेल, उप सरपंच सुरेश नायक, कैलाश, पतिलाल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

आदिवासी ठेका श्रमिकों को मिला उनका अधिकार, मुश्ताक अहमद

0

भिलाई इस्पात संयंत्र के राजहरा खदान समूह के अंतर्गत संचालित महामाया खदान में कार्यरत ठेका श्रमिकों द्वारा भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में दिनांक 26.02.2023 से शुरू किया गया काम बंद आंदोलन आज समाप्त हुआ। इसकी जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के बालोद जिला मंत्री श्री मुस्ताक अहमद एवं भा.म.सं. से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष (केंद्रीय) एम पी सिंग ने बताया कि दिनांक 28.02.2023 को स्थानीय खदान प्रबंधन के मुखिया आर.बी.गहरवार, मुख्य महाप्रबंधक खदान (आईओसी) राजहरा के अगुवाई में संघ के प्रतिनिधियों एवं खदान प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ लम्बी चर्चा हुई। उक्त चर्चा में संघ द्वारा श्रमिकों के हितार्थ की गयी बारह सूत्रीय मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। उक्त चर्चा का मुख्य बिंदु महामाया खदान के ठेकों में कार्यरत टिप्पर/शॉवेल ऑपरेटर्स एवं सुपरवाइजर, जिन्हे कुशल श्रेणी के कामगारों हेतु केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतनमान दिया जा रहा था उन्हें राजहरा खदान समूह के अन्य खदानों में कार्यरत टिप्पर/शॉवेल ऑपरेटर्स एवं सुपरवाइजर के समकक्ष अतिकुशल श्रेणी के कामगारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन देने की मांग थी।

चर्चा के दौरान श्रमिकों का पक्ष रखते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि महामाया के श्रमिकों की मांग जायज है क्योंकि राजहरा खदान समूह के अन्य खदानों में कार्यरत टिप्पर/शॉवेल ऑपरेटर्स और सुपरवाइजरों को शुरुवात से ही अति कुशल श्रेणी का भुगतान किया जा रहा है, किन्तु महामाया में केंद्र सरकार के नियम कानून और वर्ष 2014 में खदान प्रबंधन और श्रम संगठनों के बीच हुए एक समझौते का हवाला देते हुए महामाया क्षेत्र के स्थानीय श्रमिकों को कुशल श्रेणी का भुगतान किया जा रहा है। प्रबंधन के इस दोहरे नीति का संघ विरोध करता है और श्रमिकों के मांग को वाजिब मानते हुए उनका समर्थन करता है। जहाँ तक काम बंद करने की बात है तो भा.म.सं. की निति देश हित, उद्योग हित, श्रमिक हित है, किन्तु संघ भेद भाव की नीति का स्पष्ट विरोधी है और वर्तमान प्रकरण में खदान प्रबंधन के कार्मिक विभाग के इस दलील से सहमत नहीं है कि अन्य खदानों में अति कुशल श्रेणी का भुगतान ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है और वे इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। संघ कार्मिक विभाग के इस दलील को भेदभाव भरा कदम मानता है और इसे प्रबंधन के कुछ अधिकारीयों द्वारा जान-बूझकर महामाया के ग्रामीण श्रमिकों का खुला शोषण करार देता है। इसपर प्रबंधन का पक्ष रखते हुए मुख्य महाप्रबंधक खदान ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से प्रबंधन इस बात से सहमत है कि अगर राजहरा खदान समूह के अन्य खदानों में टिप्पर/शॉवेल ऑपरेटर्स और सुपरवाइजरों को पहले ही दिन से अतिकुशल श्रेणी का भुगतान किया गया है अथवा किया जा रहा है तो ऐसे में महामाया खदान में वही कार्य करने वाले श्रमिकों को भी अति कुशल श्रेणी के कामगारों का भुगतान किया जाना चाहिए। किन्तु वर्तमान प्रकरण में कुछ श्रम संगठनों ने प्रबंधन को यह पत्र लिखकर कहा है कि अगर महामाया खदान के आंदोलनकारी श्रमिकों की मांग प्रबंधन द्वारा मान ली जाती है तो यह वर्ष 2014 में हुए समझौते का उल्लंघन होगा और ऐसे परिस्थिति में सभी ठेका श्रमिकों को S-1 ग्रेड का वेतनमान देने हेतु वे आंदोलन करेंगे। अतः प्रबंधन इस मामले के निपटारे हेतु कुछ और समय चाहता है ताकि अन्य संगठनों के साथ चर्चा कर समाधान निकाला जा सके। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि बीच ठेके में अतिरिक्त पैसे की व्यवस्था करना भी प्रबंधन के लिए एक बड़ी समस्या है अतः प्रबंधन को थोड़ा समय दिया जावे।

प्रबंधन पक्ष की बात सुनने के उपरांत संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि जहाँ तक ठेका श्रमिकों को S-1 ग्रेड का वेतनमान दिए जाने की बात है तो उक्त मुद्दा सेल प्रबंधन के समक्ष NJCS सब-कमिटी के माध्यम से पहले से ही लंबित है। ठेका श्रमिकों के लिए गठित की गयी NJCS सब-कमिटी में शामिल पाँचों श्रम संगठनों ने इस मुद्दे को रखा है जिसपर सेल प्रबंधन द्वारा विचार किया जा रहा है। इसके अलावा यह बात भी सभी पक्ष अच्छी तरह से जानते हैं कि अकेले राजहरा खदान समूह में अथवा सेल के किसी भी इकाई में ठेका श्रमिकों को S-1 ग्रेड का भुगतान करने हेतु समझौता करने के लिए कोई भी स्थानीय प्रबंधन सक्षम नहीं है। ऐसे में जिन श्रमिक नेताओं ने इस तरह की मांग की है वे श्रमिक हितैषी नहीं है बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य महामाया खदान के आंदोलनरत श्रमिकों को उनके वाजिब हक से वंचित करना है और ऐसे श्रमिक नेता श्रमिक हितैषी हो ही नहीं सकते हैं। जहाँ तक वर्ष 2014 में किये गए समझौते की बात है तो स्वयं राजहरा खदान समूह के उप-महाप्रबंधक (कार्मिक) विकास चंद्र जी ने उप मुख्य श्रमायुक्त के समक्ष यह कहा है कि वर्ष 2014 में किया गया समझौता एक बार के लिए था जिसके तहत श्रमिकों को उसका लाभ दिया जा चुका है। ऐसे में अब उस समझौते की बात करना औचित्यहीन है। जहाँ तक बीच ठेके में अतिरिक्त पैसे की व्यवस्था करने की बात है तो संघ मुख्य महाप्रबंधक के इस बात से सहमत है और संघ ने पहले भी चर्चा के दौरान उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) के समक्ष भी स्पष्ट कहा था कि अगर प्रबंधन इस बात का लिखित समझौता करता है कि आने वाले नए ठेके से पीड़ित श्रमिकों को अति कुशल श्रेणी का भुगतान सुनिश्चित कर दिया जावेगा तो संघ इसके लिए भी तैयार है।चर्चा के दौरान एटक के स्थानीय महामंत्री कवलजीत सिंह मान और इंटुक के स्थानीय अध्यक्ष अभय सिंह भी उपस्थित थे जिन्होंने संघ के मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जो मुद्दा पहले से ही NJCS सब-कमिटी के माध्यम से सेल प्रबंधन के समक्ष लंबित है उस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर जो भी नेता उठा रहे हैं वे श्रमिक हितैषी नहीं हो सकते हैं। जहाँ तक वर्ष 2014 में किये गए समझौते की बात है तो स्थानीय कार्मिक विभाग के अधिकारीयों द्वारा उन्हें भी कई बार यही कहा गया है कि उक्त समझौता एक बार के लिए था और इसलिए अब किसी भी ठेके में इस समझौते का लाभ श्रमिकों को नहीं दिया जा रहा है। किन्तु इस सम्बन्ध में आजतक कई बार मांगने के बावजूद कार्मिक विभाग ने कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया है। अतः वे मुख्य महाप्रबंधक खदान से निवेदन करते हैं कि अगर ऐसा कोई आदेश है तो कार्मिक विभाग के अधिकारीयों को निर्देशित किया जावे कि वे इसे सार्वजानिक करें। इन दोनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट कहा कि महामाया के पीड़ित श्रमिकों की मांग को वे जायज मानते हैं और संघ द्वारा इस सम्बन्ध में की गयी पहल का समर्थन करते हुए वे खदान प्रबंधन से यही अपेक्षा करते हैं कि वह जल्द से जल्द श्रमिकों के इस जायज मांग को मानते हुए समझौता करे।लम्बी चर्चा के उपरान्त प्रबंधन पक्ष एवं संघ के प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर लिखित सहमति बनी कि महामाया में आगे से होने वाले ठेके में टिप्पर/शॉवेल ऑपरेटर्स और सुपरवाइजरों को अन्य खदानों के तर्ज पर अति कुशल श्रेणी के कामगारों हेतु केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन दिया जावेगा। जहाँ तक अन्य मांगों की बात है तो इसके लिए मुख्य महा प्रबंधक खदान ने संघ से कुछ समय माँगा ताकि वे इस सम्बन्ध में समुचित जानकारी जुटा सकें जिसे संघ के प्रतिनिधियों ने मान लिया। साथ ही चर्चा में उपस्थित सभी श्रमिक नेताओं ने यह भी कहा कि राजहरा खदान समूह के सभी खदानों में चल रहे ठेकों में वेतन पद्धति में एक रूपता होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद न हो जिसपर प्रबंधन पक्ष ने कहा कि शीघ्र ही इसपर सकारात्मक पहल करते हुए सकारत्मक निर्णय लिया जावेगा और यह सुनिश्चित किया जावेगा कि इस तरह के विवाद भविष्य में न हो ।चर्चा में प्रबंधन पक्ष की तरफ से राजहरा खदान समूह के मुख्य महाप्रबंधक खदान, सभी खदानों के महाप्रबंधक/एजेंट, सभी खदानों के खदान प्रबंधक, कार्मिक अधिकारी श्री जोत कुमार, डॉ बघेल, एवं सभी अतिरिक्त श्रम कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।संघ की तरफ से भा.म.सं. के बालोद जिला मंत्री मुस्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई के केंद्रीय अध्यक्ष एम.पी.सिंह, उप-महा सचिव केंद्रीय लखन लाल चैधरी उपस्थित थे ।अंत में नेताद्वयों ने मुख्य महाप्रबंधक खदान आर.बी.गहरवार को तत्परता के साथ श्रमिक हित में निर्णय लेने और वर्षों से लंबित समस्या के निवारण करने हेतु धन्यवाद दिया। साथ ही चर्चा में उपस्थित सभी खदानों के अधिकारीयों को उनके सहयोगात्मक रुख के लिए धन्यवाद दिया। नेताद्वय मुस्ताक अहमद और एम.पी.सिंह ने एटक के महामंत्री कवलजीत सिंह मान और इंटुक के अध्यक्ष अभय सिंह को भी श्रमिक हितार्थ उनके द्वारा उठाये गए कदम और दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद और बधाई के पात्र कहते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी श्रमिक/कर्मी हितार्थ इसी तरह का सामंजस्य बना रहेगा जिससे कि श्रमिक/कर्मी हितों के लिए सभी श्रम संगठन एकजुट होकर कार्य करेंगे।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

आवास के नाम पर भाजपा कर रही है सियासी नौटंकी : यदु

0

बस्तर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव दिनेश यदु ने कहा है कि पीएम आवास के नाम पर भाजपा सियासी नौटंकी कर रही है। यहां 800 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ राज्य से लेने के बावजूद केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना का लाभ छ्ग को नहीं दिया। केंद्र सरकार के इस पक्षपात के विरोध में भाजपाई पीएम निवास के सामने प्रदर्शन करें। 16 लाख आवासों का आवंटन रद्द करने के लिए पीएम दोषी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को मकान नहीं देने के भाजपाई आरोपों और प्रदर्शन को प्रदेश सचिव श्री दिनेश यदु ने सियासी नौटंकी करार दिया है। दिनेश यदु ने कहा है कि झूठे आरोपों के साथ राजनीति कर रहे भाजपा नेता दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन करें छत्तीसगढ़ सरकार से 800 करोड रुपए लेने के बावजूद मोदी सरकार गरीबों को पीएम आवास का लाभ नहीं दे रही है। उन्होंने मोदी सरकार को गरीब विरोधी निरुपित करते कहा है कि मोदी सरकार ने गरीबों का मकान देने में जानबूझकर अड़ंगा डाला है। केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं और मजदूरों को रोजगार देने में तथा आम जनता को महंगाई से राहत देने में पूरी तरह नाकाम रही है। यहां भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता राजनीतिक नौटंकी कर मोदी सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने में लगे हैं। छत्तीसगढ़ को आवास देने के मामले में भाजपा के सांसद सड़क पर झूठ बोलते हुए राजनीति कर रहे हैं। दरअसल भाजपा सांसदों और उनके नेताओं में पीएम के खिलाफ कुछ बोलने का साहस ही नहीं है

छ्ग में नहीं बची भाजपा के लिए जमीन

कांग्रेस के प्रदेश सचिव यदु ने कहा है कि विगत चार साल से बेरोजगार हो चुकी भाजपा गांव गांव जाकर जन भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है। जनता सच्चाई से वाकिफ हो चुकी है और वह भाजपा के प्रपंच में फंसने वाली नहीं है। यदु ने कहा कि महज चार साल में छत्तीसगढ़ के कर्मवीर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को विकास का नया आयाम दिया है, गरीबों, वंचितों और अनुसूचित जाति – जनजाति के लोगों के कल्याण के लिए जो महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रखी हैं, उनके दम पर राज्य की अवाम खुशहाल जिंदगी गुजार रही है। मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस की लोकप्रियता शिखर पर पहुंच चुकी है। अब छत्तीसगढ़ की धरती पर भाजपा के लिए इंच भर भी जगह नहीं बची है और भाजपा दोबारा सत्ता में आने वाली नहीं है। क्योंकि यहां की जनता उसे पूरी तरह नकार चुकी है।

नक्सलवाद का विरोध जताते हुये अभविप ने फूंका पुतला

0

प्रदेश भर में नक्सलवादियों के द्वारा पिछले सात दिनों के भीतर आठ हत्या पर अभाविप बस्तर ने आक्रोश जताते हुए शहर के गोल बाजार चौक में नक्सलवादियों का पुतला फूंका। नक्सलियों के इस तरह के कायराना करतूत पर आम नागरिक से लेकर विद्यार्थी वर्ग में भी भारी आक्रोश है । अभाविप बस्तर के जिला संयोजक वरुण साहनी ने लगातार हो रहे हत्याओं के प्रति दुख जताते हुए बताया कि क्षेत्र की जनता चाहे विद्यार्थी हो या आम नागरिक सभी नक्सलियों के मंसूबे को अच्छी तरह से समझ चुके हैं और प्रत्येक क्षेत्र में उनका विरोध हो रहा है ,इस बौखलाहट में माओवादी कभी अपने ही संगठन के सदस्य को मुखबिर बता कर हत्या कर देते हैं या कभी तो निर्दोष आम नागरिक के ऊपर अत्याचार ,हत्या एवं जनता की सुरक्षा में लगे जवानों को लगातार निशाना बना रहे हैं जो कि निंदनीय है । वरुण साहनी ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज प्रदेश भर में बहन – बेटियां सुरक्षित नही है ,प्रदेश की राजधानी में बेखौफ होकर अपराधी सरेराह एक युवती की गला काटकर घसीटते हुए घूमता है ,वही प्रदेश भर में जनता मादक पदार्थो के बिक्री एवं सेवन कर अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों, चोरी ,लूट ,मर्डर , नशीले पदार्थों के तस्करी जैसे घटनाओं के मध्य जनता डर के माहौल मे भयभीत होकर आये दिन किसी अनहोनी की अंदेशा में रहती है ,जबकि महिला सुरक्षा , सशक्तिकरण ,शांति अमन की झूठी ढिंढोरा पीटने वाली सरकार मदमस्त है । पुतला फूंकने के दौरान प्रदेश सह मंत्री एवम जिला विद्यार्थी विस्तारक निखिल मरावी ,जगदलपुर नगर सहमंत्री शैलेश ध्रुव ,संजय मुखर्जी,गजेंद्र बघेल , शुभम बघेल ,परिवेद दुबे , कोमलदेव सरोज ,कमला मौर्य , जसमनी नाग ,दीप्ति कश्यप ,भारत कश्यप ,उमेश मरकाम ,विनायक भोयर ,भोलाराम नाग ,श्रीराम ,कुणाल ठाकुर ,वासु नाग एवम अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

आदिवासीयो को और कितना दबायेगी कांग्रेस- विक्रम धुर्वे

0

दल्लीराजहरा विक्रम धुर्वे (जिलाध्यक्ष,भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा बालोद व सांसद प्रतिनिधि)ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वागत के लिए तत्पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को सोनिया के सुरक्षा गार्ड द्वारा बदसलूकी से रोक दिए जाने के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय अधिवेशन में कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया। विक्रम धुर्वे ने कहा कि पहले एक आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष के फोटो बैनर, होर्डिंग्स, फ्लेक्स से सुनियोजित साजिश के तहत गायब किए गए, फिर बाद में उन्हें चिपकाया गया और हद तो तब हो गई जब सोनिया गांधी का स्वागत करने जा रहे प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सोनिया गांधी के गार्ड ने रोक दिया। जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं वहां खड़े थे। क्या एक आदिवासी नेता, जो प्रदेश कांग्रेस संगठन का मुखिया है, उसकी इतनी भी हैसियत नहीं है कि वह अपने नेताओं का स्वागत कर सके। विक्रम धुर्वे नेसवाल किया कि आदिवासी नेता मोहन मरकाम से सोनिया गांधी को कैसा खतरा था? मुख्यमंत्री स्वयं वहां खड़े होकर आदिवासी का अपमान देखते रहे। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस आदिवासियों को हमेशा दबा कुचला ही देखना चाहती है और कभी भी उन्हें नेतृत्व नहीं देगी।विक्रम धुर्वे ने कहा कि आदिवासी कांग्रेस की सिर्फ जुबान पर है दिल में नहीं। आदिवासी को वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस मतलब निकल जाने के बाद पहचानती नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम के साथ लगातार हो रहा दुर्व्यवहार इसका प्रमाण है।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

महिलाएंअपने आधिकार के लिए सिर मुंडवा रही हैं कुछ तो शर्म करे भूपेश सरकार- तोमन साहु

0

बालोद भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की ज़िला अध्यक्ष तोमन साहु ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आंदोलनरत महिलाएं आपने अधिकार अनुकंपा नियुक्ति के लिए अपना सिर, मुड़वा रही है वही एक ओर प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रियंका गांधी को खुश करने के लिए उनके स्वागत में फूलों का कारपेट बिछा रही है। वही दूसरी छत्तीसगढ महतारी की बेटीया अपने आधिकार के लिए सिर मडवा रही जो की कांग्रेस सरकार के लिए शर्म की बात है साहु ने आगे कहा कि प्रदेश कि कांग्रेस ने शासकीय सेवा के दौरान जान गवाने वाले लोगों के परिवार को शासकीय नौकरी देने की घोषणा की थी लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने किए वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है। प्रदेश के लिए यह शर्म की बात है कि प्रदेश की बागडोर ऐसे हाथों में गया है जो केवल एक परिवार तक ही सीमित है उसके लिए प्रदेश की जनता कोई महत्व नहीं रखती है। अनुकंपा नियुक्ति की मांग करने वाले अपने परिवार लगभग 132 दिनो से लगातार आंदोलनरत है और अपनी जान तक देने को तैयार है। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नजर आज तक इनकी तरफ नहीं गई है। आज प्रदेश की एक बेटी अपने पति के अधिकार को मांगते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ रो-रो कर कह रही है कि हमारा एवं हमारे परिवार का क्या कसूर है जो प्रदेश की कांग्रेस सरकार हमारे साथ इस तरह का बर्ताव कर रही है। हमारे साथ अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल शिवरीनारायण में जाकर वादा करते हैं लेकिन आज तक उन वादों को पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटी-बहू अपने पिता व पति का अधिकार मांग रही है लेकिन प्रदेश की दमनकारी कांग्रेस सरकार अपने किए वादों से बचने के लिए अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे महिलाओं के ऊपर अपने सिर मुड़वाने जैसे अकृत्य कार्य कराने के लिए बाध्य करें रहे है कांग्रेस का चरित्र ही रहा है

वादाखिलाफी करना। प्रदेश आज शर्मसार है क्योंकि प्रदेश की बागडोर एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में हैं जो अपने आकाओं को खुश करने के लिए प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी दांव पर लगा देती है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने राष्ट्रीय अधिवेशन करने के लिए प्रदेश का खजाना गांधी परिवार और अपने चहेते नेताओं के लिए खोल देते हैं। लेकिन अनुकंपा नियुक्ति की मांग करने वाले की मांगों को पूरा करने के लिए उनके पास ना तो नौकरी और ना ही संवेदना है निश्चित ही अनुकंपा नियुक्ति के लिए जो विधावा महिलाएं आंदोलन रथ है अपने मांगों के लिए अलाप करते अपना सिर मुड़वा रही हैं उनकी हाय भूपेश सरकार को लगेगी जिसका जवाब छत्तीसगढ की जानता आगामी विधानसभा चुनाव जरुर देगी।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

कोचवाही में 36वा महा अधिवेशन मनाया गया

0

कोचवाही में ध्रुव गोंड़ समाज की 36 वॉ महा अधिवेशन सम्पन्न एक जोड़ा शादी का आयोजन किया गया अथितियों ने उनकी शुखद जीवन के लिए शुभकामनाएं दी अथितियों के द्वारा शादी हो या मरनी में कपड़ा देना लेना पूर्णत:प्रति बंधित

कांकेर – आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज के द्वारा ग्राम कोचवाही में 36वा महा अधिवेशन मनाया गया कार्यक्रम का शुभारंभ आदि शक्ति बुढ़ा देव की पूजा अर्चना अतिथियो के द्वारा किया गया अधिवेशन के मुख्य अतिथियो को पुष्प गुच्छ बेच लगाकर सम्मान किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तिरुमाल एम. डी. ठाकुर रास्ट्रीय प्रवक्ता आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज एवं अध्यक्ष धमधा गढ़,तिरुमाल बिष्णु देव पटौदी, फ़िल्म निर्माता एवं साहित्य कार धमधा, जिला अध्यक्ष राजनांदगांव ध्रुव समाज तिरुमाल नीलकंठ गड़े जी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष टाहकापार तिरुमाल राजेंद्र ध्रुव 18 परिक्षेत्र से पधारे क्षेत्र के मुड़ा दार उपस्थित थे।

समाज के द्वारा शादी व्याह में समाज के द्वारा कपड़ा देना कपड़ा बाटना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है इसी तरह मरनी कार्यक्रम में कफन कपड़ा डालने पूर्णतःरोक लगाई गई है शादी में भी गिप्ट देना प्रतिबंधित किया गया है समाज मे पैठू लाना भी मनाही यदि किसी व्यक्ति के द्वारा लाया हुआ जानकारी मिलती है तो उन्हें समाज से 12 वर्ष के लिए समाज से बाहर कर दिया जाएगा इस अवसर पर संभाग मुख्यालय बस्तर ,सुकमा, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मानपुर मोहला आदि क्षेत्रों के जिला प्रमुख परिक्षेत्र मुड़ादारो के द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यो को सम्मेलन में प्रस्तुत किये वही कार्यक्रम को सफल बनाने बड़ी संख्या में ध्रुव समाज के युवा युवती सहित समाज के भाई बहनो ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कोचवाही के मुड़ादार ने सभी आगंतुकों का प्रशस्ती पत्र देकर धन्यवाद प्रेषित किया।

MOST POPULAR

HOT NEWS