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भ्रष्टाचार की ‘डबरी’ में जमकर गोते लगा रहे हैं अधिकारी, सरपंच और पंचायत सचिव

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  • ग्राम पंचायत टलनार में डबरी निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार का खुला खेल
  • मनरेगा अधिकारी की भी भूमिका संदेह के दायरे में

अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड बकावंड में अधिकारियों, सरपंचों और पंचायत सचिवों ने सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों को कमाई का जरिया बना लिया है। ऐसा कोई भी कार्य या योजना नहीं बची है, जिसमें भ्रष्टाचार न किया गया हो। भ्रष्ट तंत्र सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंचने दे रहा है। योजनाओं की पूरी राशि फर्जी मस्टर रोल भरकर और फर्जी बिल व्हाचर पेश कर हजम कर ली जाती है। ऐसे कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। अब टलनार में एक बड़ा मामला उजागर हुआ है जहां कई किसानों के नाम पर डबरी निर्माण के प्रकरण तैयार कर शासन के लाखों रुपए मनरेगा अधिकारी, सरपंच और सचिव ने गटक लिए हैं। इस तिकड़ी ने भ्रष्टाचार की डबरी में जमकर गोते लगाए हैं।

बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत टलनार में रोजगार गारंटी योजना के तहत गांव का भूजल स्तर बढ़ाने तथा वक्त पड़ने पर फसलों की सिंचाई के लिए कई किसानों के खेतों में डबरी का निर्माण कराया जाता है। टलनार ग्राम पंचायत में कई किसानों के नाम पर डबरी निर्माण के बोगस प्रकरण तैयार कर पूरी रकम आहरित कर ली गई है। इसके लिए फर्जी मस्टररोल तैयार किया गया है और नाम भी फर्जी मजदूरों के डाले गए हैं। जिन किसानों के नाम पर डबरी निर्माण के प्रकरण तैयार किए गए हैं, उनके खेतों या बाड़ी में डबरी निर्माण कराया ही नहीं गया है। तथाकथित फर्जी डबरी निर्माण कार्य को ग्राम पंचायत टलनार के सहायक सचिव लखबंधु, सरपंच और मनरेगा के परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा की सांठगांठ से अंजाम दिया गया है। जिन हितग्राहियों के नाम से डबरी निर्माण कार्य स्वीकृति हुआ था, उन हितग्राहियों की जानकारी के बगैर फर्जी तरीके से मस्टर रोल भरकर पुरानी डबरियों और छोटे तालाब को नई खोदी गई डबरी बताकर राशि गलत तरीके से राशि का भुगतान प्राप्त कर लिया गया है। डबरी निर्माण संजय कुमार के नाम स्वीकृत हुआ था। इस हितग्राही के बिना जानकरी डबरी निर्माण को अंजाम को दिया गया है।

सहायक सचिव लखबंधु ने जिन हितग्राहियों के नाम से डबरी निर्माण की स्वकृति कराई है और राशि निकाल ली है, उन हितग्राहियों को आन लाईन से जानकारी मिली तो वे आश्चर्य में पड़ गए।

मनरेगा पीओ की भूमिका संदिग्ध

डबरी के नाम पर की गई घपलेबाजी में बकावंड विकासखंड के मनरेगा परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा की भी भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है। क्योंकि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए जाने वाले हर कार्य को परियोजना अधिकारी की सहमति से और निगरानी में ही अंजाम दिया जाता है। कार्य का मूल्यांकन भी परियोजना अधिकारी को ही करना होता है। इसके बाद ही स्वीकृत राशि आहरित की जा सकती है। इसका मतलब यही हुआ कि टलनार ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए डबरी निर्माण में जो धांधली हुई है, उसमें परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा भी हिस्सेदार हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ डबरियां खेतों से दूर मैदान पऱ बनाई गई हैं और वह भी काम चलाऊ। ऎसी डबरियों की कोई उपयोगिता ही नहीं है।

कलेक्टर ने दिव्यांगों को बायोनिक हैण्ड का वितरण कर  उन्हें दी शुभकामनाएं

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  • समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में आयोजित समारोह मंे प्रदेश के दिव्यांगों को पहली बार वितरण किया गया बायोनिक हैण्ड

बालोद, 19 जून 2024 कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने मंगलवार 18 जून को उप संचालक समाज कल्याण विभाग कार्यालय सिवनी में आयोजित कार्यक्रम में जिले के चार दिव्यांगों को बायोनिक हैण्ड का वितरण कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हेें शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे प्रदेश एवं जिले के दिव्यांगों को पहली बार अत्याधुनिक बायोनिक हैण्ड का वितरण किया गया है।

इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम जेवरतला निवासी श्री मोहित कुमार एवं ग्राम सतमरा निवासी षटानंद ठाकुर, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम घोघोपुरी निवासी  तीजूराम साहू तथा बालोद विकासखण्ड के ग्राम परसोदा निवासी श्री उधोराम साहू को बायोनिक हैण्ड प्रदान किया। इसके अलावा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम फदरफोड़ के दिव्यांग योगेश कुमार खरे को भी बायोनिक हैण्ड प्रदान किया जाएगा। वे उस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित नही हो पाए थे। इन सभी दिव्यांगों का हाथ दुर्घटना, बीमारी या किसी कारणों से खराब हो गया था। इस अवसर पर कलेक्टर चन्द्रवाल ने इन सभी दिव्यांगों को शाॅल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित भी किया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि रोबोटिक बायोनिक हैण्ड सामान्य हाथ की भाँति सभी कार्यों को भली-भाँति कर सकता है। उन्होंने बताया कि बायोनिक हैण्ड कंधे के पास से मांसपेशियों में पैदा होने वाली इलेक्ट्रिकल तरंगों के आधार पर संचालित होता है। इससे हाथ वही काम करता है, जो आप मन में सोच रहे होते हैं। इस दौरान सभी चारों दिव्यांगों को गिलास पकड़ा कर एवं अन्य कार्य कराकर इस बायोनिक हैण्ड के क्रियाकलापों की जानकारी ली गई। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

सुकमा जिले में फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, हथियार, सामान छोड़कर भाग खड़े हुए नक्सली

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  • चिंतलनार के करकनगुड़ा जंगल में चली मुठभेड़
  • घटना स्थल से हथियार व नक्सली सामग्री बरामद

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिला अंतर्गत चिंतलनार थाना क्षेत्र के करकनगुड़ा के पास आज 18 जून को सुबह 8 बजे सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। करीब आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जब फोर्स भारी पड़ने लगी, तो नक्सली अपना हथियार और अन्य सामान छोड़कर भाग खड़े हुए।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले में पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., उप पुलिस महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ सुकमा रेंज के उप महानिरीक्षक रेंज परिचालन अरविंद राय के मार्गदर्शन एवं सुकमा के एसपी किरण चव्हाण, पुष्पेन्द्र कुमार कमांडेंट 206 कोबरा वाहिनी के निर्देशन तथा निखिल अशोक कुमार राखेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, आकाश राव गिरेपुंजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में नक्सलियों के लगातार उपस्थिति की सूचना पर 17 जून को डीआरजी, बस्तर फाईटर सुकमा एवं 206 वाहिनी कोबरा की संयुक्त पार्टी विशेष नक्सल विरोधी अभियान हेतु थाना चिंतलनार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम करकनगुड़ा, मोरपल्ली, ताड़मेटला, गोलागुड़ा, कोत्त्तागुड़ा व आसपास जंगल क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान सुरक्षा बल जंगल झाड़ियों की सर्चिंग करते हुए आगे बढ़ रहे थे कि 18 जून को प्रातः 8 बजे ग्राम करनगुड़ा के जंगल पहाड़ी के पास नक्सलियों द्वारा घात लगाकर सुरक्षाबलों पर जान से मारने व हथियार लूटने की नीयत से अंधाधुंध बीजीएल हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी गई। सुरक्षा बलों बलों ने भीमोर्चा सम्हालते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव व अपने आप को घिरता हुआ देखकर नक्सली जंगल, पहाड़ी की आड लेकर भाग गए। मुठभेड़ लगभग 20-25 मिनट तक चली। तद्पश्चात घटना स्थल की गहन सर्चिंग करने पर एक नग भरमार बंदूक, दो नग घड़ी, एक नग कम्बैट बैरल कैप, नक्सल साहित्य, एक थैला, जूते का लेस, दवाईयां, साबुन, एवं नक्सलियों के दैनिक उपयोगी कपड़े आदि बरामद किए गए। नक्सलियों के बरामद सामग्री को लेकर सुरक्षा पार्टी टैक्टिकल मूव्हमेंट करते हुए सुरक्षित कैंप वापस आ गई।

पुलिस के दस्तावेजी कार्यों में अब उर्दू, फारसी की जगह सरल हिंदी शब्दों का होगा उपयोग

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  •  गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपर मुख्य सचिव को लिखा पत्र

*जगदलपुर।* उप-मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्य प्रणाली में उर्दू, फारसी के शब्दों को हटाकर इनकी जगह सरल हिंदी शब्द जोड़ने के लिए राज्य के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

पत्र में उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपनी लिखा-पढ़ी और बोलचाल में उर्दू, फारसी के शब्दों की जगह सरल हिंदी शब्दों का प्रयोग करें ताकि आम जनता या पीड़ित को पुलिस की कार्यप्रणाली समझ आए। गृहमंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि 1896 से पुलिस विभाग में प्रयोग में लाए जा रहे कई शब्द आम लोगों की समझ में नहीं आते, इसलिए इन्हें बदलना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 24 साल बाद व्यापक जनहित में यह अच्छी पहल होगी। श्री शर्मा ने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की पुलिस ने अब अपनी कार्यप्रणाली में उर्दू के शब्दों का प्रयोग नहीं करने का निर्णय लिया है। वहां पुलिस की लिखा-पढ़ी और बोलचाल की भाषा में उर्दू, फारसी और अन्य भाषाओं के 69 शब्दों का प्रयोग बंद करके इनकी जगह हिंदी के शब्दों का उपयोग किया जाने लगा है। यह अच्छा उदाहरण है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने जंगल सफारी से 42 हिरण रवाना किए अचानकमार टाइगर रिजर्व के लिए

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  •  कुल 150 हिरण और चीतल अचानकमार भेजे जाएंगे नंदनवन से

रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं सफारी का दौरा किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने नंदनवन जू एवं सफारी से चीतल को अचानकमार टायगर रिजर्व, लोरमी, बिलासपुर ट्रांसलोकेट किए जाने हेतु रेस्क्यू वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जंगल सफारी से कुल 150 हिरणों को अचानकमार टाइगर रिज़र्व में छोड़ने की अनुमति मिली है। इसी क्रम में आज पहली बारी कुल 42 हिरणों को रवाना किया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने भ्रमण के दौरान नंदनवन जू एवं सफारी के प्रयासों की सराहना की और अचानकमार में प्रे बेस बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। चीतलों के स्थानांतरण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और उनके संरक्षण के लिए इस प्रकार की ट्रांसलोकेशन गतिविधियां आवश्यक हैं।

अचानकमार टायगर रिजर्व अपने समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक आवास के लिए जाना जाता है। टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या में वृद्धि के लिए प्रे बेस बढ़ाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह प्रयास किया जा रहा है। वनमंत्री केदार कश्यप ने जंगल सफारी भ्रमण पश्चात वन विभाग के अधिकारियों के साथ जंगल सफारी की आगामी कार्ययोजना के बारे में चर्चा की। जिसमें जंगल सफारी में नई गतिविधि और सुविधाएं जोड़ने पर बल दिया। इस अवसर पर इंद्र कुमार साहू विधायक अभनपुर, व्ही. श्रीनिवास राव प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख सुधीर अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (व.प्रा.), नवा रायपुर, छत्तीसगढ़, राजू आगसिमनी, मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त, नंदनवन जू एवं सफारी के संचालक सह वन मंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर, वन मंडलाधिकारी रायपुर लोकनाथ पटेल, सहायक संचालक वायके डहरिया, अधीक्षक नंदनवन जू, रायपुर श्री अभय पाण्डेय, उप वनमंडलाधिकारी, रायपुर विश्वनाथ मुखर्जी एवं नंदनवन जू एवं सफारी अंतर्गत कार्यरत समस्त परिक्षेत्र अधिकारी, वन्यप्राणी चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

बलौदाबाजार आगजनी की घटना प्रदेश सरकार की नाकामी और लचर कानून व्यवस्था नतीजा: कांग्रेस

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  • धरना प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ बोला हल्ला

कांकेर प्रदेश की भाजपा सरकार के नाकामियों एवं लचर कानून व्यवस्था के कारण बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तोड़फोड़ व आगजनी की घटना हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप जिले की आम जनता एवं निर्दोषज लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

इस सम्बंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम के प्रभारी भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव की उपस्थिति में 18 जून को कांकेर जिला मुख्यालय में दोपहर 12 बजे से जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर द्वारा प्रदेश की भाजपा सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश तिवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बलौदाबाजार में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना बहुत ही दुर्भाग्य है। इस घटना ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता पर हमला कर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम किया है।भाजपा सरकार की नाकामी और निरकुंश प्रशासन के कारण जिला मुख्यालय में इतनी बड़ी घटना हुई है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तबसे अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यक्रम के प्रभारी एवं विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। बलौदाबाजार की घटना भाजपा शासन की विफलता को काले अक्षर में लिखा जाएगा। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस पर विचार करने के बजाय भाजपा के नेता और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री इस पर उल जुलूल बयान बाजी कर रहे हैं और अपनी नाकामी को छुपाने के लिए वास्तविक आरोपियों के बजाय समाज से जुड़े पदाधिकारी व सामाजिक लोगों को इस मामले में फंसा कर जेल भेज रहे हैं। जिसकी हम कांग्रेस जन निंदा करते हुए निर्दोषों की तत्काल रिहाई की मांग और जैतखाम तोड़ने की घटना का सतनामी समाज की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने आगजनी की घटना के लिए पूरी तरह से भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार आम जनता के सुरक्षा को लेकर गम्भीर नही है। जनता का विश्वास कुछ दिनों में ही खो बैठी है। भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि बलौदाबाजार की हिंसक घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, सरकार का दायित्व है कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले वास्तविक आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करे और निर्दोषों को तत्काल जेल से रिहा कर बलौदाबाजार की शांति व्यवस्था बहाल करे। पूर्व विधायक शंकर ध्रुवा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तरह का माहौल पहली बार निर्मित हुआ है कि कलेक्टर और एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार प्रशासन चलाने में पूरी तरह से फेल हो चुकी है। सभा में कांग्रेस के नेताओं ने बलौदाबाजार की घटना पर भाजपा की प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

धरना प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन के प्रतिनिधि कांकेर तहसीलदार सुरेश कुमार राय को ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभद्रा सलाम, प्रदेश महामंत्री नरेश ठाकुर, प्रदेश सचिव जनकनंदन कश्यप, जितेंद्र सिंह ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, नरेंद्र यादव, तरेंद्र भंडारी, गोमती सलाम, नरोत्तम पटौदी, सुनील बबला पाढ़ी, रूपसिंह पोटाई, जिला कांग्रेस महामंत्री सुनील गोस्वामी, याशीन करानी, मनोज जैन, रोहिदास शोरी, इंद्रजीत विश्वास, बीरेन्द्र सिंह ठाकुर, पुरषोत्तम पाटिल, रोमनाथ जैन, दिनेश पटेल, पंकज वाधवानी, नरेश बिछिया, खोमेंद्र उइके, लोमेंद्र यादव, अजय रेणु, विजय यादव, सत्यार्थ करायत, राजू दुबे, आकाश यदु, महेंद्र नायक, सरजू शोरी, दिलीप विश्वास, लतीफ मेमन, शिवभान सिंह, अमित साहू, सौरभ तारम, संतराम मरकाम, महेश वट्टी, खम्हन मरकाम, सैय्यद एजाज अली, सुमति नेताम बड़ी संख्या में जिला व ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, सदस्य, महिला कांग्रेस, सेवादल, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी, सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री सुनील गोस्वामी ने तथा आभार प्रदर्शन भानुप्रतापपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह ठाकुर ने किया।

प्रदेश में है अराजकता का माहौल, नैतिकता के नाते इस्तीफा दें मुख्यमंत्री : दीपक बैज

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  •  कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में जमकर बरसे पीसीसी चीफ

जगदलपुर जैतखाम तोड़े जाने और उसके बाद बलौदा बाजार जिला मुख्यालय में हुई आगजनी तथा हिंसक घटनाओं को लेकर आज यहां सिरहासार चौक पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज प्रदेश की साय सरका पर जमकर बरसे। उन्होंने सरकार को पूरी तरह फेल बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था के प्रतीक का अपमान अक्षम्य है। सरकार ने वास्तविक आरोपियों को नहीं पकड़ा, इसलिए समाज उद्वेलित हो उठा। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी की गई है। शांत छत्तीसगढ़ के माथे पर यह बड़ा धब्बा है और यह धब्बा प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी की वजह से लगा है। बैज ने कहा कि साय सरकार के अब तक के छह माह का कार्यकाल घोर निराशा भरा रहा है। साय सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदेश में भाजपा सरकार के आने के बाद आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं, चोरी, लूट, हत्याओं, बलात्कार का सिलसिला थम नहीं रहा है। सरकार का इंटेलिजेंस विभाग पूरी तरह फेल्योर साबित हुआ है। राज्य में और सामाजिक सौहार्द का जो वातावरण पिछली कांग्रेस ने बनाया था, उसे इस भाजपा सरकार ने तहस नहस कर दिया है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के खेल में माहिर है। बलौदा बाजार में जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है और अब राज्य की जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। श्री बैज ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और इसके खिलाफ कांग्रेस हर स्तर पर आवाज बुलंद करती रहेगी। सभा को पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और भाजपा सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने भी अपनी बात रखी। सभा के बाद राजयपाल के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने सौंपा।

बरसात का मौसम आ गया, जाम नालियां फिर मचाएंगी कोहराम, पर नहीं टूटी सरपंच और सचिव की नींद

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  •  बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में अव्यवस्था का आलम
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

अर्जुन झा-

बकावंड कहने को तो बकावंड ब्लाक मुख्यालय, इस गांव की तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्थानीय ग्राम पंचायत पर है और ग्राम पंचायत को उसके कर्तव्य का अहसास

कराने की जवाबदेही जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की है। अगर ये सभी जिम्मेदार सोते रह जाएं, तो बकावंड के ग्रामीणों का भगवान ही मालिक है। बकावंड ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की लापरवाही का खामियाजा लगता है यहां के ग्रामीणों को इस साल के मानसून के दौरान भी भुगतना पड़ेगा। मगर इस बार यहां के ग्रामीण जाग उठे हैं और उन्होंने सरपंच, सचिव की लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी भी कर ली है।

बकावंड कस्बे में ग्रामीणों की सुविधा के लिए जो निकास नालियां बनवाई गई हैं, वे यहां के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। नालियों का निर्माण बेतरतीब ढंग से कराया गया है। नतीजतन पानी का बहाव नहीं हो पाता। वहीं कचरा कूड़े ने नालियों को जाम कर रखा है। ग्राम पंचायत नालियों की सफाई नहीं कराती। थोड़ी सी बारिश होने पर नालियों का दम निकल जाता है और सारी गंदगी तथा गंदा पानी आसपास के घरों में घुस जाता है। बरसात के मौसम में तो हालत और भी बदतर हो जाती है। पूरी सड़कें नदी का रूप ले लेती हैं और घर झील में तब्दील हो जाते हैं। घरों में इस कदर पानी भर जाता है कि अंदर रखे कपड़े लत्ते, राशन, बच्चों की कॉपी पुस्तकें, स्कूल यूनिफार्म तक भीग जाते हैं। ग्रामीण नालियों की सफाई कराने की मांग करते करते थक चुके हैं, मगर सरपंच सचिव हैं कि ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। मानसून बस्तर में दस्तक दे चुका है, छिटपुट बारिश का दौर जारी है और अब तेज बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में यहां ग्रामीण अभी से चिंतित हो चले हैं कि पूरे बरसात के मौसम में उनका क्या हाल होगा?

जनवरी से चेताते आ रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया जनवरी फरवरी 2024 की ग्रामसभा बैठक के माध्यम से ग्राम पंचायत को समस्त जाम नालियों के विषय में अवगत कराया गया था, लेकिन अब मानसून आ गया है और नालियों की साफ सफाई अभी तक नही कराई गई है। बंद नालियों के कारण घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है लेकिन यहां की सरपंच कलावती की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को हानि हो रही है। समय से पहले नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो ग्रामीण जन आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। आंदोलन की चेतावनी देने वालों में मानसिंह, देवराज, राजू, कंचन, शंकर, मोनू, सुरीज, बलिहार, नीलम बद्रे , माहिपाल, महेंद्र, पदमा, शामनाथ, रघुनाथ, पुरुषोत्तम, विवेक व अन्य ग्रामीण शामिल हैं।

वर्सन

कह देता हूं सरपंच से

सरपंच सचिव को बारिश शुरू होने से पहले नालियों की साफ सफाई कराने के लिए बोलू दूंगा। अब नहीं होगी परेशानी।

एसएस मंडावी,

सीईओ, जनपद पंचायत बकावंड

श्रीराम फाइनेंस के जॉइंट एमडी, नेशनल एचआर हेड और छग जोनल बिजनेस हेड समेत छह के खिलाफ एफआईआर

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  • धोखाधड़ी के केस में फंस गए छह बड़े अधिकारी

जगदलपुर श्रीराम फाइनेंस के जॉइंट एमडी सुदर्शन हुल्ला एचआर हेड ए गणेश , ज़ोनल बिज़नेस हेड सीजी संजय रूपचंदानी, रीजनल हेड जगदलपुर तुमन साहू, पूर्व स्टेट हेड सूरज सरोगी, जगदलपुर ब्रांच मैनेजर दिनेश चौहान के विरुद्ध थाना बोधघाट जगदलपुर में एक आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के मुताबिक इन सबके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 468, 471, 193 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि इन सभी ने 2021 में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रार्थी नीलेश पांडेय और रिंकू साहू के विरुद्ध सुकमा थाने में झूठी रिपोर्ट लिखाकर उन्हें फंसा दिया था। तब श्रीराम फायनेन्स कंपनी ने भी बिना किसी जांच पड़ताल के नीलेश पाण्डेय और रिंकू साहू को नौकरी से बर्ख़ास्त भी कर दिया था। इस मामले में लोअर कोर्ट ने रिंकू साहू और नीलेश पांडेय को बाइज्जत बरी कर दिया। उसके पश्चात रिंकू साहू और नीलेश पाण्डेय को कुछ सबूत हाथ लग गए। उसके बाद उन्होंने उक्त सभी छह अधिकारियों के खिलाफ थाना बोधघाट जगदलपुर में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।कहते हैं भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। और वही हुआ। आज सत्य की जीत का पहला कदम पार हुआ।

बस्तर को समझें और यहां के लोगों के हितों के लिए सकारात्मक सोच के साथ श्रेष्ठतम सेवा दें: कमिश्नर धावड़े

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  • राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े ने कहा है कि बस्तर अंचल के लोग सीधे-सरल और सहज प्रवृत्ति के हैं। इन लोगों के हितों के लिए राजस्व अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ अपनी श्रेष्ठतम सेवा प्रदान करें। प्रशासन में राजस्व अधिकारी की बड़ी जिम्मेदारी है और उसकी भूमिका राजस्व अधिकारी के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी की भी होती है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर में पद स्थापना को चुनौती के रूप में स्वीकार कर बस्तर को समझें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आम जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें।

आयुक्त श्री धावड़े ने कहा कि सतत सम्पर्क रखकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए प्रयास करेंगे तो जनता का अभूतपूर्व सम्मान मिलेगा। कमिश्नर बस्तर श्याम धावड़े शनिवार को कलेक्टोरेट बस्तर के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित प्रशासन के सुदृढ़ीकरण हेतु राजस्व अधिकारियों की संभाग स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उक्त निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि भूमि प्रबंधन का कार्य राजस्व विभाग का है, इसलिए भू-अभिलेखों का नियमित तौर पर दुरुस्तीकरण करने सहित समुचित संधारण करें। वहीं आम जनता से संवेदनशीलता बरतें तथा राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करें। राजस्व अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में रहकर दायित्व निर्वहन करें, जिससे अधीनस्थ राजस्व अमले का उत्तरदायित्व बढ़ेगा और कार्यों में गतिशीलता आएगी। इससे आम जनता में राजस्व प्रशासन के प्रति विश्वास में वृद्धि होने के साथ ही अपने कार्यों को पूरा होने की उम्मीद बढ़ती है।

पारंपरिक नेतृत्व को समझें

कमिश्नर ने बस्तर के लोगों के लिए जल-जंगल और जमीन को सर्वाधिक महत्वपूर्ण निरूपित करते हुए कहा कि बस्तर के इतिहास में इसी को लेकर मुरिया विद्रोह, भूमकाल जैसे विद्रोह हुए हैं। यहां सदियों से शासन- प्रशासन में सेतु के रूप में भूमिका यहां के मांझी, पुजारी, बैगा- गुनिया, सिरहा, पेरमा,पटेल इत्यादि पारम्परिक सामाजिक नेतृत्व की रही है। इन पारम्परिक नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श कर समस्याओं एवं जन शिकायतों को निराकृत करने पहल करेंगे तो समाज में अच्छी छवि बनेगी और दायित्वों के निर्वहन में सहूलियत होगी। कमिश्नर ने बस्तर संभाग में वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय के लिए बेहतर प्रदर्शन को सराहनीय प्रयास बताते हुए कहा कि आदिम जाति एवं गैर परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे प्रदान करने सहित सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र एवं सामुदायिक वन संसाधन मान्यता पत्र प्रदाय किया गया है। साथ ही वनाधिकार पट्टेधारी हितगग्राहियों को ऋण पुस्तिका, किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने सहित मनरेगा से लाभान्वित किया जा रहा है। यह इन हितगग्राहियों के आजीविका संवर्द्धन की दिशा में सहायक साबित हो रहा है। अब बस्तर संभाग के दूरस्थ अंदरूनी 692 ग्रामों के वन भूमि में काबिज पात्र लोगों को वनाधिकार मान्यता पत्र से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी राजस्व अधिकारी समन्वय स्थापित कर दायित्व निर्वहन करें।

प्रमाण पत्र पर निर्देश

सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र के लिए सरलीकृत नियमों का पालन करने के निर्देश

कमिश्नर ने बस्तर संभाग में सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य शासन के सरलीकृत नियमों का परिपालन किए जाने के निर्देश दिए। इस दिशा में अधिकार अभिलेख के अभाव में सामाजिक तानाबाना, स्थानीय रीति-रिवाज, सामाजिक परंपराओं, वंशावली इत्यादि के आधार पर ग्रामसभा के प्रस्ताव के माध्यम से सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र प्रदाय करें। शैक्षणिक सत्र के शुरुआत को देखते हुए स्कूली बच्चों को जाति,निवास और आय प्रमाण पत्र प्रदाय कार्य में अद्यतन प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य के लिए बीईओ,बीआरसी और संकुल समन्वयकों के माध्यम से लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार करने कहा। वहीं युवाओं को भी प्राथमिकता के साथ उक्त सभी प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने वर्षाकाल के दौरान बाढ़ आपदा प्रबंधन सहित मौसमी बीमारियों के रोकथाम एवं उपचार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आवश्यक पहल किये जाने के निर्देश दिए।

अफसरों ने दिया प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा भू-राजस्व सहिंता 1959 (धारा 109, 110, 178, 248, 250), राजस्व पुस्तक परिपत्र, भू-अभिलेख नियमावली सहित अन्य राजस्व संबंधी अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गई। जिसके तहत नामांतरण, बटवारा, सीमांकन एवं अतिक्रमण विषय पर बीजापुर के संयुक्त कलेक्टर कैलाश वर्मा द्वारा, मसाहती सर्वे पर डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना द्वारा, भू-अर्जन अधिनियम 2013 पर नारायणपुर के अपर कलेक्टर विरेन्द्र कुमार पंचभाई, भू-व्यपर्वतन धारा 172 पर बस्तर के डिप्टी कलेक्टर गगन शर्मा द्वारा, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र पर अपर कलेक्टर विरेन्द्र कुमार पंचभाई और आरबीसी 6-4 एवं भूमि आबंटन के विषय पर बीजापुर डिप्टी कलेक्टर जोगेश्वर कौशल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के नियमों व प्रावधानों पर बस्तर के डिप्टी कलेक्टर सुब्रत प्रधान और दंतेवाड़ा के सहायक आयुक्त आनंद सिंह ने न्यायालयीन प्रक्रिया एवं आदेश लेखन विषय पर, बस्तर अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने प्रस्तुतिकरण दिया।साथ ही अन्य राजस्व अधिकारियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, नियद नेल्लानार योजना सहित राजस्व अधिकारियों के कर्तव्य एवं अधिकार विषय पर विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस कार्यशाला में संभाग के सभी जिले में पदस्थ समस्त अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, सहायक कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं राजस्व निरीक्षक शामिल हुए।कार्यशाला के समापन पर आभार प्रदर्शन बस्तर उपायुक्त कमिश्नर माधुरी सोम ने किया।

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