छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल द्वारा इंद्रावती भवन में कर्मचारियो के मंच पर जाकर डी ए की घोषणा नही करने पर प्रदेश के साढ़े तीन लाख कर्मचारी एवं एक लाख पेंशनर हुए है महँगाई भत्ता के लिये दिए गए आश्वासन पर महँगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के कर्मचारी नेताओ ने कहा कि जब पंचायती राज सम्मेलन में सरपंच से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष के मानदेय में वृद्धि की गई तथा विगत दिनों नगरीय निकाय के पार्षद से लेकर महापौर तक के मानदेय एवं पार्षद निधि को बढ़ाया गया उसमें कोई वित्तीय भर नही आया और ना ही अधिकारियों से चर्चा की गई जब कर्मचारियो को देने की बारी आती है तो अधिकारियों से*चर्चा एवं वित्तीय भार का हवाला दिया जाता है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के जिला संयोजक अजय प्रताप सिंह परिहार , शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रमाकांत द्विवेदी evm सतपाल शर्मा संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति द्वारा बताया गया कि लंबित सत्रह प्रतिशत महंगाई भत्ता के लिये आगामी 11 से 13अप्रैल तक तीन दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर प्रदेश व्यापी हड़ताल करेंगे ।
छग राज्य कृषि विपणंन मंडी बोर्ड का मंडी समिति का बंटाधार करने एक और तुगलकी फरमान
छत्तीसगढ़ मे कुप्रबंधन के चलते अधिकांश कृषि उपज मंडी समितियों को लगातार घाटा झेलना पड रहा है। कृषि उपज मंडी समितियों की आय बढाने के लिये और मितव्ययिता बरत घाटे की विषम परिस्थिति से उबरने के विए बोर्ड के रहुनमा गंभीरता से कदम उठाने की बजाय अनाप शनाप अव्यवहारिक और आर्थिक अधिभार बढाने वाला फरमान जारी उठाया जा रहा है। जैसे कि-कृषि उपज मंडी समिति- केशकाल के सचिव का अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर कृषि उपज समिति-केशकाल के सचिव का काम चलाने के लिये सचिव पद का प्रभार स्थानिय उपनिरीक्षक को अथवा कोंडागाँव जिला के या समीपस्थ स्थान के किसी अधिकारी /कर्मचारी सौपने की बजाय केशकाल से लगभग 150-160 किलोमीटर दूर पखान्जूर समिति के सचिव को प्रभारी सचिव का पदभार निर्वाह करने फरमान आदेश जारी कर दिया गया। यह फरमान जारी करने के पूर्व शायद यह विचार नही किया गया कि इतने घुमावदार दूरी तक जा आकर उक्त ब्यक्ति कैसे अपने दायित्व का निर्वाह कर पायेगा-? इससे मंडी समिति की प्रबंधन /व्यवस्था पर क्या दुष्प्रभाव पडेगा -? और प्रभारी सचिव महोदय को इसके एवज मे कितना अधिक यात्रा भत्ता (टी ए – डी ए )देना पडेगा –??? राजधानी और संभाग मुख्यालय में सर्वसुविधा युक्त कार्यालय मे बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को इस तरह के आत्मघाती फरमानो से कोई फर्क नही पड रहा है पर इसी तरह के छोटे छोटे अव्यवहारीक – आय घटाने और खर्च बढाने वाले फैसलों के चलते ही प्रदेश के कृषि उपज मंडियों का हाल बेहाल होते जा रहा है तथा दिवालिया होने की कगार पर पंहुचने जा रही है मंडी समितियां ।
चैत्र नवरात्रि पर्व पर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा हैं।
भानपरी..। इस साल चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल से प्रारंभ हो गई है। और समापन 11 अप्रैल को होगा। नवरात्रि की नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा की जाती है, कंरनदोला,मुरकुची,केसरपाल,फरसागुडा, आसपास के देवी मंदिरों में भव्य सजावट करते हुए रंगीन झालरों से मंदिर स्थलों को सजाया गया है साथ ही इन मंदिरों में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ज्योति कलश प्रज्वलित की गई है नवरात्र में ग्रामीण क्षेत्र में अनेक श्रद्धालुओं द्वारा 9 दिनों तक पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है क्षेत्र भानपुरी क्षेत्र के मंदिरों में भक्ति मय वातावरण बना हुआ है। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पूजा- अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं ।
घर आ जा परदेसी तेरा देस बुलाये रे…
सलवा जुडूम के दौरान तेलंगाना- आंध्र गए लोग यदि वापस लौटना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है – बघेल
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा से विस्थापित कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश गए छत्तीसगढ़ के लोग यदि वापस आना चाहते हैं, तो राज्य सरकार उनका दिल से स्वागत करने को तैयार है। कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में तेलंगाना से आए छत्तीसगढ़ के लोगों के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। इस प्रातिनिधि मंडल में शामिल लोग सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले से विस्थापित हो कर तेलंगाना चले गए थे। उद्योग मंत्री कवासी लखमा, छत्तीसगढ़ राज्य अनसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने उनसे किसी उपयुक्त स्थान में बसने और कृषि के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर कहा कि छत्तीसगढ़ वापस आने के इच्छुक लोगों को जमीन देने के साथ उन्हें राशन दुकान, स्कूल, रोजगार सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे।
गर्मी के दिनों मे पेयजल समस्या से निपटने हेतु विधायक चंदन कश्यप ने किया पानी टेंकर प्रदान
मेरे क्षेत्र की जनता को न हो किसी प्रकार की समस्या, क्षेत्र की विकास ही मेरी पहली प्राथमिकता – चंदन कश्यप
भानपुरी। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने आज नारायणपुर अंतर्गत बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत फाफनी और ग्राम पंचायत खण्डसरा के ग्रामीणों की मांग पर पानी टेंकर वितरण किया। विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि ग्रामों मे होने वाले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रमों मे पानी की समस्या होती है। साथ ही कहीं पंचायतों मे ऐसे क्षेत्र भी है जंहा पेयजल की व्यवस्था नहीं है इसी को ध्यान में रखते हुए हुए ग्रामीणों की मांग पर विधायक निधि मद से आज दो ग्राम पंचायतों को पानी टेंकर वितरण किया।
इस दौरान ग्राम पंचायत खंडसरा से उप सरपंच जगत कश्यप,पंच सुरेंद्र कश्यप गोकुल नेताम,भावनाथ यादव, गणेश पटेल, मिटालु पटेल, रवीन्द्र बघेल और ग्राम पंचायत फाफनी से सरपंच नवल किशोर कश्यप, उप सरपंच प्रेमनाथ बघेल,पंच गोपाल वैध, कुपलेश सेठिया,धनसाय बघेल,पुजारी सोनसाय आदि उपस्थित थे।
बघेल पर क्यों भरोसा करे खैरागढ़ की जनता-डॉ. रमन
रायपुर, 04 अप्रैल । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने खैरागढ़ उपचुनाव के लिए बकरकट्टा में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कही गई बातों पर पलटवार करते हुए कहा है कि खैरागढ़ की जनता उन पर क्यों भरोसा करे। उन्होंने तीन साल में खैरागढ़ के लिए किया क्या है? जब भूपेश बघेल ने जनघोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं किये और कांग्रेस शराबबंदी और बेरोजगारी भत्ता जैसे अहम वादों से टालमटोल करते हुए मुकर रही है तब खैरागढ़ की जनता उन पर विश्वास कैसे कर सकती है। हमने विकास की जो फसल उगाई है उसे भूपेश बघेल काटने निकले हैं। समूचे छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा खो चुके बघेल नए झांसे देकर खैरागढ़ का भरोसा नहीं जीत सकते। खैरागढ़ में जो भी काम हुआ है वह भाजपा की सरकार ने किया है। भूपेश बघेल ने तो खैरागढ़ के साथ अन्याय ही किया है। खैरागढ़ की जनता जानती है कि यह भूपेश बघेल की सौदेबाजी ही है। वे सौदागर बनकर खैरागढ़ आये हैं लेकिन खैरागढ़ की स्वाभिमानी जनता वोट नहीं बेचती। खैरागढ़ की जनता पहले भी भूपेश बघेल के जनघोषणा पत्र को ठोकर मार चुकी है। एक बार फिर वह कांग्रेस के सौदे को ठुकराने तैयार है।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल का रिपोर्टकार्ड सोनिया, राहुल और एक प्रियंका को अच्छा लग सकता है क्योंकि वे छत्तीसगढ़ के रंग से इस कम्पनी को फाग खिलवा रहे हैं। उनके ही स्वास्थ्य मंत्री खुलकर बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए पैसा नहीं मिल रहा। जो सरकार स्वास्थ्य के नाम पर शराब से वसूली करके जनता का धन दूसरी जगह उलीच रही है वह नया जिला बनाकर जनता को क्या दे सकती है। जनता को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए, किसान को अपना एक एक दाने का समर्थन मूल्य पर खरीदी चाहिए, बर्बाद फसल का उचित मुआवजा चाहिए। क्या भूपेश बघेल ने यह दिया है? उत्तर प्रदेश के लिए दानवीर बनने वाले भूपेश बघेल खैरागढ़ के किसानों का दर्द नहीं समझ सकते।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार ने क्या किया है, यह भूपेश बघेल को दिखाई नहीं देता क्योंकि उन्होंने अपनी आंखों पर झूठ की काली पट्टी बांधकर रखी है लेकिन खैरागढ़ की जनता को सब दिखाई देता है। भाजपा की सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दी। कमजोर तबके को एक रुपये किलो में अनाज दिया। कुपोषण से मुक्ति दिलाने पौष्टिक अनाज दिया। जिन किसानों से कांग्रेस की सरकार 16 फीसदी ब्याज लेती थी, भाजपा की सरकार ने उसे जीरो पर ला दिया। भाजपा की सरकार ने किसानों का सारा धान खरीदा और अब हर साल भूपेश बघेल धान खरीदी से बचने के लिए बहानेबाजी करते हैं। भाजपा ने जो विकास किया है, वह कांग्रेस ने पचास साल में नहीं किया। अब तीन साल से तो छत्तीसगढ़ का विकास रुक गया है तो खैरागढ़ कांग्रेस से क्या उम्मीद कर सकता है।
आदिवासी समाज पर भूपेश सरकार का लाठी भांजना, गोली चलाना आदिवासियों से घृणा का परिचय, जायज मांगों को लेकर आदिवासी समाज धरना प्रदर्शन व पदयात्रा करने विवश – केदार कश्यप
सीएम भूपेश पिछड़ा वर्ग समाज से घोषणा पत्र में किया वादा करें पूरा, पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में मुख्यमंत्री का बहिष्कार, जनता के आक्रोश से पता चलता है कैसे छले गए है लोग
आदिवासी समाज बहुल जिलो के अधिकारी आदिवासियों प्रमुखों से मिलने तक नहीं तैयार, प्रदेश की कानून व्यवस्था कटघरे में
जगदलपुर – जगदलपुर के लालबाग मैदान में हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल के बहिष्कार पर निशाना साधते हुए पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर झूठ के सहारे प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता श्री कश्यप द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य में कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश की आम जनता अब भली भांति समझ चुकी है उनके साथ छलावा हुआ है, चुनाव के पूर्व जारी कांग्रेस द्वारा जारी जनघोषणा पत्र में केवल झूठ और झूठ बोला गया था जिसको पूरा करने अब कांग्रेस के पास कोई जवाब नही है। सीएम की झूठ-फरेब की राजनीति लोग समझ चुके हैं।पहले इन्होंने 27% आरक्षण के लिये अध्यादेश लाया,उसमें जान बूझ कर कानूनी कमियाँ छोड़ दी गयी। बाद में इसमें याचिका लगवाकर स्टे लगवा दिया गया। बाद में भूपेश बघेल की सरकार ने याचिका लगाने वाले को कबीर शोध पीठ का अध्यक्ष बनाकर लाभ का पद से सुशोभित किया प्रदेश की जनता सब भलीभाती समझती हैं।
पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कश्यप ने आगे कहा जनता अब खुलकर सामने आ रही है जिसका परिणाम मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास पर खुलकर नजर आया लालबाग में आयोजित पिछड़ा वर्ग महासम्मलेन में आम जनता के द्वारा खुलेआम बहिष्कार से साबित करता है किस कदर सभी वर्गों में नाराजगी है।
आदिवासी समाज पर भूपेश की लाठी और गोली
पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कश्यप जी ने कहा की सुकमा, बीजापुर, कट्टे कल्याण(दंतेवाड़ा) और नारायणपुर में आदिवासी समाज शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांगों को लेकर हजारों की संख्या में जिला कार्यालय में पहुंचे आदिवासी समाज पर भूपेश बघेल की सरकार ने समाज प्रमुखों, महिलाओं पर बर्बरतापूर्वक लाठी भाजना दुर्भाग्यपूर्ण है यह सरकार की कार्यपद्धति पर प्रश्न चिन्ह है, भूपेश बघेल को आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए। हाल के दिनों में नारायणपुर के भरणाडा में कथित पुलिस ने युवा होनहार आदिवासी पर गोली चला कर नक्सली घोषित करने की सरकार ने भरसक कोशिश की परंतु विरोध के पश्चात पुलिस ने स्वीकार किया की मानुराम नूरेटी नक्सली नहीं आदिवासी था, हत्या के लगभग 2 महीने बीतने के बाद भी पीड़ित परिवार को ना मुआवजा मिला और ना ही सरकारी नौकरी और भूपेश बघेल up में 50 लाख बांट के आ रहे हैं,इससे आदिवासियों के प्रति कॉग्रेस सरकार संवेदना शून्य प्रतीत होती हैं।
भूपेश बघेल कहते है की प्रशासन को टाइट किया है ताकि आदिवासियो को गोली मारा जाए लाठी बरसाया जाय, हाल में ही नारायणपुर के आदिवासियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया जो कि निंदनीय है यँहा सरकार अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति निर्मित कर रही है।और इतना सब होने के बाद भी सरकार मे बैठे लोग चुप्पी साधे बैठे हैं ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बस्तर क्षेत्र के प्रवासी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए बड़ी पहल
पुनर्वास एवं समन्वय हेतु आयुक्त बस्तर संभाग, जगदलपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया
पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
जगदलपुर, 04 अप्रैल 2022 – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बस्तर क्षेत्र के प्रवासी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न राज्यों से समन्वय हेतु आयुक्त बस्तर संभाग, जगदलपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी बस्तर संभाग के सीमावर्ती राज्य तेलंगाना एवं अन्य प्रान्तों में प्रवासित नागरिकों को अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 तथा अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) संशोधन नियम 2012 के प्रावधान अनुसार अनुसूचित जनजाति समुदाय के पुनर्वास की कार्यवाही हेतु समन्वय स्थापित करेंगे। पुनर्वास की कार्यवाही के लिए आयुक्त, बस्तर संभाग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श कर समन्वय स्थापित करने हेतु निर्देशित किया गया है साथ ही प्रवासियों से सुलभ सम्पर्क के लिए पृथक दूरभाष नम्बर अथवा मोबाइल नम्बर जारी करने कहा गया है। सम्पर्क हेतु मोबाईल नम्बर शासकीय वेबसाईट मे भी अपलोड किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सोमवार को यहां उनके निवास कार्यालय में तेलंगाना से आए छत्तीसगढ़ के लोगों के प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा की थी। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से किसी उपयुक्त स्थान में बसने और कृषि के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर कहा कि छत्तीसगढ़ वापस आने के इच्छुक लोगों को जमीन देने के साथ उन्हें राशन दुकान, स्कूल, रोजगार सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा से विस्थापित कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश गए छत्तीसगढ़ के लोग यदि वापस आना चाहते हैं, तो राज्य सरकार उनका दिल से स्वागत करने को तैयार है। कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा।
देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ अव्वल
विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल ने पूरे देश में फिर लहराया परचम
रायपुर। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की ओर से जारी बेरोजगारी के नए आंकड़ों के अनुसार मार्च में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर 0.6 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह देश भर में सबसे कम बेरोजगारी दर है। सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल है। जबकि मार्च में ही देश में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत रही।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले थिंक टैंक सीएमआईई ने मार्च की मासिक रिपोर्ट 2 अप्रैल को जारी की है। इसके मुताबिक देश में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत रही है। नया सूचकांक बताता है कि गांवों की अपेक्षा शहरों में बेरोजगारी अधिक है। मार्च महीने में देश की शहरी बेरोजगारी दर 8.5 प्रतिशत रही वहीं ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.1 प्रतिशत आंकी गई। नए आंकड़ों ने छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर को 0.6 प्रतिशत बताया है।
सबसे अधिक बेरोजगारी हरियाणा में 26.7 प्रतिशत है। राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में 25-25 प्रतिशत, झारखंड में 14.5 प्रतिशत, बिहार में 14.4 प्रतिशत, त्रिपुरा में 14.1 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 12.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर बताई जा रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने मार्च के दूसरे सप्ताह में बेरोजगारी के जो अपडेट आंकड़े जारी किए थे, उसमें छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 1.7 प्रतिशत बताया था। यानी प्रदेश के प्रत्येक 100 लोगों में से बमुश्किल दो लोग ही बेरोजगार थे। मार्च माह के अंतिम आंकड़ों में यह दर और भी गिर गई है।
हमारे हर प्रयास में हमारी जनता भागीदार-मुख्यमंत्री
ताजा आंकड़ों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, अब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर सबसे कम है। 0.6 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ छत्तीसगढ़ देश में सबसे कम बेरोजगारी दल वाला राज्य बन गया है। वहीं राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.6 प्रतिशत है। हमारे हर प्रयास में हमारी जनता भागीदार है, सबको बधाई।
छत्तीसगढ़ मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरी
छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के सुराजी ग्राम योजना का नया मॉडल अपनाया था। उसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल से गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरुवा-घुरवा-बाड़ी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रुलर इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपज के संग्रहण एवं वैल्यू एडिशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर निर्मित करने का दावा किया जा रहा है।
अपने ही भंवर जाल में फंसी भाजपा
भारतीय जनता पार्टी विगत विधानसभा चुनाव हारने के बाद से अंतर्कलह से जूझ रही है। कुछ महीनों पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी के जिला पदाधिकारी व कार्यकारणी सदस्य द्वारा पूरे प्रदेश में भाजपा को शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया गया था। अब नगर पंचायत गुंडरदेही के पार्षदों द्वारा अपने ही पार्टी के अध्यक्ष को हटाने की तैयारी की जा रही ।

जिला भाजपा द्वारा समन्वय बैठाने का प्रयास किया गया था परंतु नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा पार्षदों की नाराजगी दूर नहीं की जा सकती है जिसके चलते पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष पति द्वारा नगर पंचायत में लगातार मनमानी की जा रही है ।बताया जाता है कि नगर पंचायत गुंडरदेही में जमीन दलाली से जुड़े व्यवसायियों का नियंत्रण हो चुका है।।व्यक्तिगत हितों के लिए सर्वजनिक हितों की अनदेखी हो रही इसी के चलते भारतीय जनता पार्टी के पार्षद लामबंद हुए हैं और अपने ही पार्टी के अध्यक्ष खिलाफ खड़े हुए हैं।

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