जगदलपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करीतगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जन्म जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर तिलक लगाकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस आध्यात्मिक शुरुआत के बाद छात्राओं ने अपनी मधुर वाणी से वातावरण को संगीतमय बना दिया। छात्रा मोनिका कश्यप, खुशबू कश्यप, रोशनी नाग और नैना कश्यप ने ‘सुस्वागतम’ गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद रूपाली सेठिया, पद्मिनी नाग और भगवती बघेल ने आवाहन गीत गाया, जबकि अजय सेठिया और हेमंत बघेल ने ‘लक्ष्य गीत’ के माध्यम से युवाओं में जोश भरा। बौद्धिक सत्र में विद्यालय के व्याख्याता राजेंद्र कलिहारी ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वामी जी के वेदांत दर्शन और उनके ओजपूर्ण कार्यों के इतिहास को स्वयंसेवकों के साथ साझा किया। व्याख्याता मोहम्मद अकबर खान ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के बीच के अनूठे गुरु-शिष्य संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु की प्रेमपूर्ण शिक्षा और आज्ञा पालन के महत्व को समझाया। कार्यक्रम में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए व्याख्याता लुप्तेश्वर आचार्य ने जीवन में लक्ष्य निर्धारण पर जोर दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विश्वप्रसिद्ध उद्घोष “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको” को उद्धृत करते हुए छात्रों को सफलता के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह ठाकुर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी वाणी हुमने और लोकेश निषाद की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम में व्याख्याता अनिता पाणिग्रही, रीना दास सहित समस्त एनएसएस स्वयंसेवक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बालोद।जिला मुख्यालय बालोद के लोहारा मार्ग पर जूगेरा पेट्रोल पंप के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जंबूरी कार्यक्रम से लौट रहे एक युवक और युवती को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक-युवती ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय जंबूरी कार्यक्रम देखकर लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।हादसे के बाद जब कार की तलाशी ली गई तो उसके अंदर से शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि चालक नशे में था। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार चालक को हिरासत में ले लिया।घायल युवक और युवती को तुरंत जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए इलाज शुरू किया।पुलिस के अनुसार, कार चालक की पहचान ग्राम दुडेरा निवासी गोपाल हिरवानी के रूप में हुई है। मामले की सूचना घायलों के परिजनों को दे दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ, सेजेस दहींकोंगा के समस्त शिक्षकों द्वारा अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नाम एक ज्ञापन विधायक कोंडागांव सुश्री लता उसेंडी के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नियमितीकरण, सेवा-सुरक्षा, वेतन विसंगति, कार्यस्थल की स्थिरता तथा अन्य मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया।यह कार्यक्रम बस्तर संभाग सचिव प्रकाश राव के नेतृत्व में शांतिपूर्ण, संगठित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। संघ के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार संविदा शिक्षकों की 12 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें न्याय प्रदान करेगी। इस अवसर पर संघ ने एकजुटता के साथ संघर्ष को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
बस्तर संभाग की राशन दुकानों में घटिया चावल का हो रहा है वितरण
अर्जुन झा
जगदलपुर बस्तर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का बंठाधार हो गया है। गरीबों को उनके हक का राशन नहीं मिल रहा है। पीडीएस दुकान संचालक राशन की कालाबाजारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आपूर्ति विभाग एवं खाद्य विभाग की घोर लापरवाही के चलते कहीं लाखों का राशन सड़ गया है, तो कहीं करोड़ों का चावल खराब हो गया है। संभाग के सुकमा जिले में 35 लाख का राशन सड़ गया है। दंतेवाड़ा जिले में 18 करोड़ का चावल खराब हो गया है। बस्तर जिले में भी कुछ ऐसा ही हाल है।
सरकार दावा करते नहीं थक रही है कि पीडीएस में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह दावा सिर्फ बयानबाजी और मंचों तक ही सिमट कर रह गया है। सुकमा जिले की दो पंचायतों के सैकड़ों परिवारों के हिस्से का राशन जिले के चिंतलनार के गोदाम में रखे रखे सड़ गया है। यह राशन 35 लाख से अधिक का था। इस राशन में चावल, शक्कर, गुड़, चना शामिल हैं। लेकिन जिला प्रशासन दो वर्षों में यह जिम्मेदारी तय नहीं कर पाया है कि विभाग के किस अधिकारी के लापरवाही से लाखों का चावल और राशन सड़ा है। सड़े चावल की गुणवत्ता जांच रायपुर के लैब में कराई गई थी। जांच में यह चावल मानव उपयोग के लायक नहीं पाया गया है। अब विभाग इस चावल को नीलाम कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खरीदार नहीं मिलने से चावल गोदाम में पड़ा हुआ है। सुकमा में दो कलेक्टर बदले जा चुके हैं फिर भी इस बड़े मामले की जांच तक नहीं हो पाई है। उधर दंतेवाड़ा जिले के गीदम के वेयर हाउस में 18 करोड़ का चावल रख रखाव के अभाव में खराब हो चुका है। वहीं बस्तर जिले में पीडीएस दुकानों में घटिया चावल का वितरण किया जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि चिंतलनार गोदाम में राशन सड़ने के मामले को जिला प्रशासन, खाद्य सचिव, प्रभारी मंत्री, विभागीय मंत्री के संज्ञान में भी लाया जा चुका है। इन दो वर्षों में 90 से अधिक बार जिला प्रशासन की समय सीमा साप्ताहिक बैठकें एवं मंत्रियों की समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं। किसी ने गरीबों के राशन पर गंभीरता पूर्वक चर्चा नहीं की। जिसका यह परिणाम है कि खाद्य विभाग के अफसरों के हौसले बुलंद हो चले हैं। ये अफसर बड़े अफसरों को गुमराह करने से बाज नहीं आते।
नहीं मिल रहे खरीददार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में लगभग 9 लाख से अधिक का चावल चिंतलनार में नष्ट किया जा चुका है। अब 35 लाख के चावल को नष्ट करने की तैयारी है। यह चावल सड़ चुका है जो मानव उपयोग के लायक नहीं है। ऐसे में सड़े चावल को नीलाम करने दो बार टेंडर की प्रक्रिया अपनाई गई लेकिन इस चावल का कोई खरीददार नहीं मिला अब उसे नष्ट करना ही एकमात्र विकल्प है।सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मामले की जांच के संबंध में सम्बधित विभाग को निर्देशित कर शीघ्र मामला का निराकरण करने की बात कही।दो कलेक्टर बदले अब तीसरी की …?चावल मामले में दो कलेक्टर को संज्ञान में लाया था लेकिन किसी ने गरीबों का चावल कैसे सड़ गया उस पर गंभीरता नहीं दिखाई। जिम्मेदार अधिकारी को बचाने रिश्तेदारी निभाई गई और लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उसे ही जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब जिले के नए तेज तर्रार आईएएस अफसर के भी संज्ञान में मामला लाया जा चुका है।
गीदम में 18 करोड़ का चावल नष्ट*बस्तर संभाग के ही दंतेवाड़ा जिले के गीदम वेयर हाउस से चावल पीडीएस दुकानों के लिए सुकमा, बीजापुर भी भेजा जाता है। विभाग की लापरवाही के कारण इस गोदाम में रखा 18 करोड़ से अधिक का चावल खराब हो चुका है। दवा के छिड़काव के कारण 30 हजार क्विंटल चावल को कैप कवर कर दिया गया है। यहां पर 50 से 60 हजार क्विंटल चावल रखा हुआ है। यह चावल दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। सुकमा से भी चावल मामले को सुलझा नहीं पाए अब यह दंतेवाड़ा में आकर चावल मामले में उलझ गए हैं। वहीं कांग्रेसी नेता भी मामले की पड़ताल करने वेयर हाउस पहुंचे और उन्होंने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। गीदम वेयर हाउस में 30 हजार क्विंटल से अधिक चावल खराब होने के मामले में कलेक्टर से संपर्क कर जांच में क्या कार्रवाई की गई को लेकर प्रतिक्रिया जाने का प्रयास किय तो उनका मोबइल लगातार व्यस्त रहा।
बस्तर में बंट रहा घटिया चावल
इधर बस्तर जिले की कई राशन दुकानों में घटिया चावल का वितरण किया जा रहा है। बकावंड ब्लॉक की कई राशन दुकानों के चावल में फफूंद लगे नजर आए। यही अमानक स्तर का चावल गरीबों को वितरण किया जा रहा था जिसको लेकर कई कार्ड धारकों ने आपत्ति भी की, लेकिन उनका सुनने वाला कोई नहीं है। खासतौर से जैन राईस मिल धमतरी के लाट नम्बर 32421 मिल आईडी एमए591708, विमल राईस मिल धमतरी के लाट नं. 18153 मिल आईडी 597451 का चावल अमानक स्तर का पाया गया है। वहीं नमक के पैकेट में पैकिंग तिथि भी गायब है। बस्तर अंचल में पीडीएस प्रणाली विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा दे गया है।
जगदलपुर शहर का ये हाल
बस्तर में धान संग्रहण में काफी अनियमितताएं सामने आने के बाद भी अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने सामने आकर इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल जवाब नहीं किया है। अब यहां पीडीएस की दुकानों से जो राशन आम गरीब लोगों को दिए जाते है उसमें भी काफी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जगदलपुर की दर्जनों पीडीएस दुकानों से मिलने वाले राशन आम लोगों तक पहुंचने से पहले ही व्यपारियों के गोदामों में पहुंच रहा है। जानकारी के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को ये पीडीएस दुकान संचालक राशन देने के नाम पर चक्कर लगवाते हैं। इससे जिससे परेशान होकर गरीब वहां जाना ही छोड़ देते हैं। उनके हिस्से के राशन की दुकानदार कालाबाजारी करते हैं। एक बड़ी बात यह भी सामने आई है कि ये पीडीएस दुकान संचालक कार्ड धारकों से उनके राशन 10 से 12 रुपए के भाव में लेकर वे बाहर 20 से 25 रुपए की दर पर बेच देते हैं। सीधे दुगने दामों में बेच कर वे गरीबों के पेट पर डाका डाल रहे हैं।
शिकायत कर चुके हैं गुप्ता
इस मामले में दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के पार्षद और वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश गुप्ता ने राशन की कालाबाजारी के मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि ऎसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नगर निगम जगदलपुर कई मेयर इन काउंसिल में जल विभाग के सभापति सुरेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने राशन वितरण में गड़बड़ी और लापरवाही की शिकायत कई बार विभाग में दर्ज कराई है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जगदलपुर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पंचायत से पंचायत तक जनसंपर्क यात्रा प्रारंभ की है। यात्रा के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने उनका स्वागत कर अपनी समस्या से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में आज मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पंचायत जनसंपर्क पदयात्रा की शुरुआत टांडपाल पंचायत से हुई। दीपक बैज ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए इस जनआंदोलन का शुभारंभ किया। गांव गांव में दीपक बैज का भव्य स्वागत किया जा रहा है।
महिलाएं आरती उतारकर और तिलक लगाकर दीपक बैज के संघर्ष को नमन करती नजर आईं। इस दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश के गरीब ग्रामीणों से काम का अधिकार छीन रही है। कांग्रेस की सरकार ने हर गरीब मजदूर को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना लाकर काम का जो अधिकार दिया था, उसे मोदी सरकार ने बंद कर दिया है। आप लोगों को काम के अवसर से वंचित कर दिया है। मनरेगा की जगह जो दूसरी योजना लाई गई है, उसमें मजदूरों के साथ ही ग्राम पंचायतों को भी अधिकार से वंचित कर दिया गया है। श्री बैज ने कहा कि भाजपा शुरू से आदिवासी, मजदूर, किसान और महिला विरोधी रही है। जिस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पूरी दुनिया देवतुल्य मानती है, उस महान आत्मा के नाम से भी भाजपा और उसके नेताओं को बड़ी चिढ़ है। महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के समर्थक भाजपा देश से गांधी नेहरू का नामों निशान मिटाने पर आमादा हो गई है। गांधी और नेहरू खानदान से नफ़रत के चलते ही महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को बंद कर वी बी जी राम जी योजना लाई गई है। यह नई योजना पूरी तरह मजदूर विरोधी है और पंचायती राज व्यवस्था के विपरीत है। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने ग्रामीणों को आगाह किया कि भाजपा सरकार के इस मजदूर विरोधी नफरती कदम का अभी से विरोध नहीं करेंगे तो भविष्य अंधकार मय हो जाएगा।
सरकारी रिकॉर्ड से गायब करवा दी डेढ़ एकड़ से ज्यादा जमीन
जगदलपुर बस्तर जिले की भानपुरी तहसील अंतर्गत ग्राम करंदोला में पैतृक भूमि को लेकर सामने आया मामला केवल आपसी विवाद नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की मिलीभगत से रचा गया एक सुनियोजित भूमि घोटाला है। इस पूरे प्रकरण में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, कूटरचना, धोखाधड़ी, न्यायालयीन आदेश की अवहेलना और राजस्व रिकॉर्ड में खुली हेरफेर कर करोड़ों की जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि तत्कालीन पटवारी रामू कश्यप, मुख्य खातेदार का पुत्र जाहिद खान और कोंडागांव निवासी भूमि दलाल नेमीचंद सोनी ने मिलकर ऐसा संगठित खेल खेला, जिससे वैधानिक वारिसों को उनके हक से वंचित कर जमीन को कई टुकड़ों में बेच दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम करंदोला स्थित खसरा नंबर 153/1 सहित कुल पैतृक भूमि स्वर्गीय अब्दुल हसीम खान पिता अब्दुल रऊफ खान के नाम दर्ज थी। इस भूमि का कुल रकबा 2.570 हेक्टेयर था। मुस्लिम पर्सनल लॉ और राजस्व नियमों के अनुसार इस भूमि पर उनकी बहनों और भांजों सहित सभी वारिसों का समान अधिकार था। भूमि के विधिवत बंटवारे को लेकर तहसील और कमिश्नर कोर्ट में आवेदन भी लगाया गया था, लेकिन इसी बीच जाहिद खान ने अपने बुआओं और अन्य परिजनों को हिस्सा न देने की नीयत से पूरे प्रशासनिक तंत्र को अपने पक्ष में मोड़ने की साजिश रच डाली। सबसे गंभीर और चौंकाने वाला पहलू यह है कि 50 रूपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार किया गया। जबकि कानूनन पावर ऑफ अटॉर्नी का विधिवत पंजीकरण अनिवार्य होता है। आरोप है कि यह दस्तावेज 22 अक्टूबर 2021 की तारीख दर्शाकर बनाया गया और इसमें मृतक की बहन स्व. हबीबुल बेगम के फर्जी हस्ताक्षर तक कर दिए गए, जबकि उनका निधन बंटवारा प्रकरण जारी रहने के दौरान 9 दिसंबर 20223 को हो गया था। इससे भी गंभीर तथ्य यह है कि मुख्य खातेदार अब्दुल हसीम खान का निधन 12 अप्रैल 2022 को हो चुका था और उनकी मृत्यु के बाद ही इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन की खरीदी–बिक्री को तेज़ी से अंजाम दिया गया, ताकि वारिसों को कानूनी लड़ाई लड़ने का मौका ही न मिल सके।
आरोप है कि तत्कालीन पटवारी रामू कश्यप ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी वैधानिक आदेश, बिना नामांतरण और बिना तहसील रिकॉर्ड में विधिवत प्रविष्टि किए मूल खसरा नंबर 153/1 को मनमाने ढंग से 153/1 से 153/16 खसरा नंबर बनाते हुए विभाजित कर दिया। इस प्रक्रिया में करीब 62,340 वर्गफुट यानि लगभग डेढ़ एकड़ भूमि मूल खाते से गायब कर दी गई। इसके बाद भूमि दलाल कोंडागाव निवासी नेमीचंद सोनी ने इस जमीन को अपनी दुकान में काम करने वाले शिवलाल बैद के पुत्र मनचीत बैद के नाम फर्जी तरीके से बिना पंजीयन के नामांतरण करा दिया और जमीन को 12 से 15 हिस्सों में अलग-अलग लोगों को बेच डाला। फर्जी दस्तावेजों से जमीन के टुकड़े कर भूखंड नेमीचंद, बलराज सिंह भारद्वाज, करण सिंह नेताम, गोविंद कुमार साहू, चंद्रशेखर यादव, विजय दीवान, सोनमती ठाकुर, सविता बैद, कुंती सेठिया, हरिश्चंद्र सेठिया, डाकेश्वरी वर्मा सहित अन्य लोगों को बेचे गए और चौंकाने वाली बात यह है कि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी खरीददारों से इलाज के नाम पर उधारी में राशि लेना बताया गया। मामला उस समय उजागर हुआ जब इन जमीनों पर निर्माण कार्य शुरू हुआ और पीड़ित वारिसों ने देखा कि उनके खातों से जमीन गायब हो चुकी है। इस बीच कमिश्नर कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि खसरा नंबर 153/1 की भूमि का बंटवारा जाहिद खान सहित सभी वैधानिक वारिसों सहेदुन बेगम, खतीजा बेगम, शाहिदा बेगम, मोहम्मद रमजान खान और खातून उर्फ साधना के बीच समान रूप से किया जाए, लेकिन आरोप है कि कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ही पटवारी ने रिकॉर्ड से जमीन का बड़ा हिस्सा गायब कर दिया। जब इस हेरफेर का खुलासा हुआ तो पीड़ित वारिसों ने भानपुरी थाना और कलेक्टर बस्तर को लिखित शिकायत दी। कलेक्टर द्वारा जांच हेतु तहसील भानपुरी को पत्र भी लिखा है बावजूद आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, न ही एफआईआर दर्ज की गई और न ही फर्जी रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई गई। मामला सामने आने के बाद पटवारी रामू कश्यप ने आनन-फानन में अपना तबादला लौंहडीगुड़ा तहसील में करवा लिया, जबकि इस प्रकरण से जुड़ा एक अन्य आरोपी मानचित्र वेद गायब है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस और राजस्व विभाग ने केवल औपचारिकता निभाई और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया।फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, कूटरचना, धोखाधड़ी और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या दोषियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? क्या राजस्व विभाग के भीतर और अधिकारी भी इस संगठित खेल में शामिल हैं? और आखिर कब फर्जी दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? पीड़ित वारिस आज भी अपनी पैतृक जमीन के लिए न्याय की आस लगाए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि आरोपियों की आर्थिक हैसियत में अचानक आई बढ़ोत्तरी कई संदेहों को जन्म दे रही है।
दल्लीराजहरा वार्ड क्रमांक 10, मेन रोड गाड़रपुल के पास क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान हेतु वार्ड पार्षद श्रीमती मालती निषाद जी के अथक प्रयासों एवं वार्डवासियों की निरंतर मांग पर बोर खनन कार्य संपन्न कराया गया।आज विधिवत पूजन-अर्चन कर बोर मशीन का शुभारंभ किया गया। इस बोर खनन के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों को शीघ्र ही स्थायी रूप से पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है।इस अवसर पर वार्ड क्रमांक 10 की पार्षद श्रीमती मालती निषाद जी,भाजपा मंडल मंत्री समर्थ लखानी,तथा बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी जनहित के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे।
दल्लीराजहरा 12 जनवरी/जन्म-दिवस विश्वविजेता स्वामी विवेकानंद यदि कोई यह पूछे कि वह कौन युवा संन्यासी था, जिसने विश्व पटल पर भारत और हिन्दू धर्म की कीर्ति पताका फहराई, तो सबके मुख से निःसंदेह स्वामी विवेकानन्द का नाम ही निकलेगा। विवेकानन्द का बचपन का नाम नरेन्द्र था। उनका जन्म कोलकाता में 12 जनवरी, 1863 को हुआ था।इसीक्रम मे हर वर्ष के भांती इस वर्ष भी बंगसामाज द्वारा स्वामी जी कि 164वॉ जयंती 12 जनवरी 2026 को बंगाली क्लब के प्रांगण मे बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम के अध्यक्षता सुकांतो मण्डल जी एवं मुख्यातिथि चन्द्रभूषण जी थे**इस कार्यक्रम मे स्वामी जी के उपदेशों के बारे मे कुछ बाते समाज के वरिष्ठ गगन पड़्या जी ने बताई एवं महिला मण्डल से मिठू करफा जी उनकी कुछ कविताओं का पाठ किया इसी प्रकार कार्यक्रम मे शामिल सचिव कनक बैनर्जी, गौतम बैरा जी, अशोक गोराई,गौतम मायती, मदन मायती, पिंकू डे, एस सी सरकार, अशोक आईच, गौतम बोस,जयंतो चक्रवर्ती, उत्तम नायक,मिंटू सिन्हा एवं महिला मण्डल से रीना पड़्या, मिठू करफा, जयंती बोस,रीता बैनर्जी, नीतू सरकार और भी सामाजिक बंधुगण शामिल हुए
जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई।मामला सुकमा के कांकेर लंका का है, जहां निर्माण कार्य करते समय 48 वर्षीय मजदूर पंडो रामा पिता पंडो जोगा की करंट लगने से मौत हुई है। पंडो रामा चिंतागुफा थाना क्षेत्र के ग्राम भटपाड़ पेंटापाड का निवासी था। वह सरपंच और सचिव के माध्यम से कराए जा रहे कॉमन सर्विस सेंटर निर्माण कार्य में कर रहा मजदूरी कर रहा था। करंट लगने से मौके पर ही रामा की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।मामले की जांच की जा रही है। इस घटना से ग्राम पंचायत की सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
चित्रकोट के भाजपा विधायक विनायक गोयल ने जताई नाराजगी
मप्र के ठेकेदारों और छग के कुछ अधिकारियों की लॉबी बिकवा रही शराब
अर्जुन झा-
जगदलपुर छत्तीसगढ़ में वैध अवैध शराब की नदियां बहने को लेकर अब तक प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही सवाल खड़े करती रही है। शराब से माता बहनें परेशान हैं, मगर अब सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक भी इससे त्रस्त नजर आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है।
चित्रकोट से भाजपा विधायक विनायक गोयल अपने विधानसभा क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर खासे परेशान और आक्रोशित हैं। उनके अनुसार पूरे विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही है। इस अवैध कृत्य को आबकारी, अधिकारी और क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। विधायक गोयल के अनुसार चित्रकोट क्षेत्र में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई जा रही शराब खुलेआम बेची जा रही है। गोयल अपनी ही सरकार के अधिकारियों से बहुत नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि अकेले चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर जिले में धड़ल्ले से दूसरे राज्यों की शराब बिक रही है। खासकर ओडिशा और मध्यप्रदेश की शराब की खपत यहां हो रही है। ओड़िशा की सीमा से लगे बकावंड, नगरनार, करपावंड आदि थाना क्षेत्रों में ओड़िशा की शराब खूब बिक रही है। शराब प्रेमियों के मुताबिक ओड़िशा की शराब छत्तीसगढ़ की शराब की अपेक्षा काफी सस्ती और ज्यादा असरकारी होती है। इसीलिए यहां के लोग ओड़िशा की शराब को खूब पसंद करते हैं। वहीं बस्तर, भानपुरी, चित्रकोट, तोकापाल, बास्तानार आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की शराब की अच्छी डिमांड है। सूत्र बताते हैं कि मध्यप्रदेश के शराब ठेकेदारों ने छत्तीसगढ़ के कतिपय आबकारी अधिकारियों से सांठगांठ कर रखी है। इन्हीं अधिकारियों के संरक्षण में मध्यप्रदेश के ठेकेदारों ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कवर्धा आदि जिलों में अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं। इन एजेंटों के जरिए छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश से शराब की सप्लाई हो रही है और कोचियों के माध्यम से बेची जा रही है। अब देखने वाली बात है कि चित्रकोट के भाजपा विधायक विनायक गोयल की नाराजगी के बाद साय सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है?